ईरान में महिलाओं के ड्रेस कोड पर विवादित बिल पारित, 10 साल की सज़ा का प्रावधान
ईरान की संसद ने एक ऐसा विवादित बिल पारित किया है जिससे ड्रेस कोड का उल्लंघन करनेवाली लड़कियों और महिलाएं को अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है.
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कीर्ति दुबे and स्नेहा
ईरान में महिलाओं के ड्रेस कोड पर विवादित बिल पारित, 10 साल की सज़ा का प्रावधान

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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर ईरान की संसद ने एक ऐसा विवादित बिल पारित किया है जिससे ड्रेस कोड का उल्लंघन करनेवाली लड़कियों और महिलाएं को अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है.
ये बिल गार्डियन काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद ही कानून बनेगा. पिछले साल 22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था.
महसा को कथित तौर पर हिजाब पहनने के नियम के उल्लंघन के लिए हिरासत में लिया गया था, जिस दौरान ही उनकी मौत हो गई.
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हेडस्कार्फ जलाए थे और उसे हवा में लहराया था.
वहीं, देश में ऐसी महिलाओं और लड़कियों की संख्या बढ़ रही है जो अब हिजाब नहीं पहनती हैं. मौजूदा समय में, अगर लड़कियां या महिलाएं ड्रेस कोड का पालन नहीं करती हैं तो उन्हें 10 दिन से लेकर दो महीने तक की जेल हो सकती है.
बुधवार को सांसदों ने 'हिजाब और चेस्टिटी बिल' विधेयक पारित किया. अगर ये बिल कानून बनता है तो इसका उल्लंघन करने वाली लड़कियों और महिलाओं पांच से 10 साल तक की सजा हो सकती है.
जस्टिन ट्रूडो ने कहा- कनाडा का मक़सद भारत को उकसाना नहीं है
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वीडियो कैप्शन, अगर कोई आपके नाम पर वोट डाल दे तो, आप क्या कर सकते हैं? उदयनिधि स्टालिन ने नई संसद में राष्ट्रपति को नहीं बुलाए जाने पर दिया ये बयान

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तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने केंद्र सरकार से पूछा है कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई संसद में क्यों नहीं आमंत्रित किया.
द्रमुक नेता ने कहा, "कल, कुछ हिंदी कलाकारों ने नई संसद का दौरा किया लेकिन हमारी राष्ट्रपति को नहीं बुलाया गया. क्यों? क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ट्राइबल कम्युनिटी से हैं और विधवा हैं. और इसी को हम 'सनातन धर्म' कहते हैं."
उदयनिधि मदुरै में युवा विंग की एक बैठक में ये बात कह रहे थे.
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन की 'सनातन धर्म' पर टिप्पणी से हाल में विवाद भी हुआ था.
दो सितंबर को तमिलनाडु में आयोजित एक कार्यक्रम में सनातन धर्म को कई 'सामाजिक बुराइयों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इसे समाज से खत्म करने की बात कही थी.'
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'देश के 90 सेक्रेटरी में सिर्फ़ तीन ओबीसी', राहुल गांधी के इस दावे पर क्या बोले अमित शाह

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया.
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि हिंदुस्तान के 90 सेक्रेटरी में से सिर्फ़ तीन अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं.
उनके इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा, "जिन लोगों को यह लगता है कि देश यहाँ के सेक्रेटरी चलाते हैं यह उनकी ‘समझ’ है. हमारे देश की नीतियों का निर्धारण जनता द्वारा चुनी गई सरकार और कैबिनेट करती है."
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "भाजपा के सांसदों में 29% यानी 85 सांसद ओबीसी हैं और सरकार में भी 29 मंत्री ओबीसी हैं. भाजपा के 1358 विधायक में 365 यानी 27% ओबीसी के हैं. वहीं भाजपा के 163 एमएलसी में से 40% ओबीसी हैं."
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राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था, "इस भाषण के लिए रिसर्च के दौरान कई इंस्टीट्यूशन के आंकड़े देखे. लोकसभा, राज्यसभा, ब्यूरोक्रेसी, प्रेस, न्यायपालिका. मैं ये देख रहा था कि इन संस्थानों में ओबीसी की भागीदारी कितनी है. ये सवाल मैं पूछ रहा था. हिंदुस्तान के सेक्रेटरी 90 में से सिर्फ़ तीन ओबीसी से हैं. और सुनिए... घबराइए मत...डरो मत."
उन्होंने कहा, "मैंने एक सवाल पूछा कि जो 90 सेक्रेटरी हैं, जो हिन्दुस्तान की सरकार को चलाते हैं, इनमें से ओबीसी समुदाय से कितने हैं? हिन्दुस्तान के 90 सेक्रेटरी में से सिर्फ तीन ओबीसी समुदाय से हैं. ओबीसी समुदाय के ये सेक्रेटरी देश के सिर्फ 5% बजट को कंट्रोल करते हैं."
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भारत-कनाडा का राजनयिक संकट: क्या है फ़ाइव आइज़ अलायंस जिसकी निज्जर मर्डर केस में हो रही है चर्चा
महिला आरक्षण बिल: अमित शाह ने पूछा किसकी वजह से चार बार ये विधेयक पारित नहीं हुआ?

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केंद्रीय गृह अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि पूरे देश ही नहीं पूरी दुनिया को ये संदेश देने की ज़रूरत है कि पीएम ने महिला नीत विकास की कल्पना की और उसके लिए पूरा सदन एक मत है.
शाह ने कहा, "ये पांचवां प्रयास है. पहली बार महिला आरक्षण बिल नहीं आ रहा है. पहली बार संविधान संशोधन नहीं आया. क्या हुआ उन चार संविधान संशोधनों का? क्यों आज मोदी जी को लेकर लाना पड़ा. देवगौड़ा जी से लेकर मनमोहन सिंह जी तक. बीच में दो बार अटल जी ने, चार बार प्रयास हुए, क्यों नहीं हुआ? किसके कारण पास नहीं हुआ. क्या प्रयास अधूरे थे? क्या मंशा अधूरी थी? क्या कुछ लोगों ने ऐसा किया कि ये पास हो ही नहीं पाए. ये मैं आज जरूर बताऊंगा."
उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक रूप में सबसे पहले ये 12 सितंबर 1996 को आया.
शाह ने कहा, "देवगौड़ा जी लेकर आए. इसका पूरा यश कांग्रेस पार्टी को डालना है, डाल लीजिए! मुझे कोई आपत्ति नहीं है. उस वक्त कांग्रेस पार्टी विपक्ष में बैठा करती थी. ये विधेयक सदन में रखने के बाद एक संयुक्त समिति को दे दिया गया, समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी लेकिन दुर्भाग्यवश वो सदन तक भी नहीं पहुंचा. 11वीं लोकसभा का जब विघटन हो गया तो इस विधेयक को लैप्स माना गया. फिर अटल जी प्रधानमंत्री. फिर ये विधेयक आया और 12वीं लोकसभा के विघटन के बाद समाप्त हो गया क्योंकि इसको सदन में पेश ही नहीं होने दिया."
उन्होंने कहा कि इसके बाद 13वीं लोकसभा में फिर ये विधेयक लाया गया लेकिन चर्चा नहीं हो पाई. फिर ये भी विलोपित हो गया. इसके बाद मनमोहन सिंह संशोधन लेकर आए. उसे राज्यसभा में रखा. राज्यसभा में पारित हुआ और उसे लोकसभा में पारित होने का मौका ही नहीं मिला और वो विलोपित हो गया.
एनआईए का ख़ालिस्तान अलगाववादियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान, वांटेड चरमपंथियों पर रखा इनाम

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नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने ख़ालिस्तानी चरमपंथियों की धरपकड़ के लिए अपना अभियान तेज़ कर दिया है.
बुधवार को जारी किए एक बयान में एजेंसी ने कहा, “एजेंसी सूचीबद्ध आतंकवादियों को पकड़ने में मददगार होने वाली जानकारी की एवज़ में इनाम राशि की घोषणा कर रही है.”
हरविंदर सिंह संधु उर्फ़ रिंदा और लखबीर सिंह संधु उर्फ़ लांडा पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया है.

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एजेंसी ने बयान में कहा, “इन आतंकवादियों के तीन सहयोगियों को पकड़वाने में मदद करने वालों को पांच लाख का इनाम दिया जाएगा. ये सहयोगी हैं - परमिंदर सिंह कैरा उर्फ़ पट्टू, सतनाम सिंह उर्फ़ सत्ता और यादविंदर सिंह उर्फ़ यड्डा.”
इनके बारे एनआईए ने कहा, “रिंदा पाकिस्तान में मौजूद एक आतंकवादी है. वो बब्बर ख़ालसा इंटरनेशनल का सदस्य है. वो मूलत: नांदेड़ महाराष्ट्र का रहने वाला है. उसका स्थाई निवास पंजाब के तरन तारन में है. लांडा तरन तारन के हरिके गांव का रहने वाला है. परमिंदर सिंह खेड़ा फ़िरोज़पुर से है.”
एजेंसी के अनुसार इन सभी के खिलाफ़ एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बीकेआई के लिए फंड इकट्ठा करने का आरोप है. इनपर पंजाब के भीतर लोगों के क़त्ल करवाने का भी आरोप है.
एजेंसी का कहना है कि आरोपी प्रलोभन देकर और लोगों को भी बीकेआई के साथ जोड़ने की फ़िराक में हैं.
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दिनभर: महिला आरक्षण बिल पर श्रेय लेने की होड़ क्यों?
लोकसभा से पारित हुआ महिला आरक्षण बिल, आठ घंटे से अधिक समय तक हुई चर्चा

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित हो गया.
बिल के पक्ष में 454 मत पड़े जबकि दो सांसदों ने इसके विरोध में वोट दिया.
संसद की नई इमारत में कार्यवाही मंगलवार से शुरू हुई. पहले दिन क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पेश किया था.
इस विधेयक में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है.
महिला आरक्षण के लिए पेश किया गया विधेयक 128वां संविधान संशोधन विधेयक है.
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संशोधन क्या कहता है?
विधेयक में कहा गया है कि लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इसका मतलब यह हुआ कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए सीटें आरक्षित हैं. इन आरक्षित सीटों में से एक तिहाई सीटें अब महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
इस समय लोकसभा की 131 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं. महिला आरक्षण विधेयक के क़ानून बन जाने के बाद इनमें से 43 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इन 43 सीटों को सदन में महिलाओं के लिए आरक्षित कुल सीटों के एक हिस्से के रूप में गिना जाएगा.
इसका मतलब यह हुआ कि महिलाओं के लिए आरक्षित 181 सीटों में से 138 ऐसी होंगी जिन पर किसी भी जाति की महिला को उम्मीदवार बनाया जा सकेगा यानी इन सीटों पर उम्मीदवार पुरुष नहीं हो सकते.
क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोले- आज हम महिलाओं को न्याय दे रहे हैं

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महिला आरक्षण बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि आज महिलाओं को न्याय मिल रहा है.
उन्होंने कहा, "आज हम महिलाओं को न्याय दे रहे हैं.बिल पास करके हम महिलाओं को और सशक्त कर रहे हैं."
क़ानून मंत्री मेघवाल ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित होने के लिए ये सही समय है. उन्होंने कहा, 'हम बिल को अटकने नहीं देंगे.'
'भारत लोकतंत्र की जननी है. इस बिल को पास करके हम लोकतंत्र की यात्रा में नया इतिहास रच रहे हैं.'
उन्होंने एक कविता भी सुनाई
'नारी शक्ति तेरा वंदन, वंदन है और अभिनंदन है
नारी शक्ति की मान बढ़ेगा
सपनों को अब पंख मिलेंगे
मिलजुलकर काम करेंगे
देश हमारा विकसित होगा. दुनिया का नेतृत्व करेगा.'
ब्रेकिंग न्यूज़, बीजेपी और मोदी के लिए महिला सशक्तीकरण राजनीतिक मुद्दा नहीं: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि महिला आरक्षण बिल पारित होते ही महिलाओं के अधिकारों के लिए एक लंबी लड़ाई का अंत हो जाएगा.
अमित शाह ने कहा, " कुछ पार्टियों के लिए महिला सशक्तीकरण पॉलिटिकल एजेंडा हो सकता है. राजनीतिक मुद्दा हो सकता है. ये नारा चुनाव जीतने का हथियार हो सकता है. लेकिन मेरी पार्टी और मेरे नेता नरेंद्र मोदी के लिए महिला सशक्तीकरण राजनीतिक मुद्दा नहीं है. मान्यता का सवाल है."
गृह मंत्री ने कहा कि वेदों में महिलाओं को बड़ी जगह दी गई है.
उन्होंने किहा कि इसके साथ महिला अधिकारों की एक लंबी लड़ाई का अंत हुआ है. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री का महिला नीत विकास का सपना साकार हो रहा है.
अमित शाह ने कहा, "कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर भूमिका बनाना शुरू किया कि इस विधेयक को इसलिए समर्थन न करो क्योंकि ये परिसीमन की वजह से अभी लागू नहीं होगा. कुछ ओबीसी और मुस्लिम आरक्षण की बात कर रहे हैं. आप समर्थन नहीं करोगे तो क्या जल्दी आरक्षण आ जाएगा? तो भी 29 के बाद आएगा. एक बार श्रीगणेश तो करो.
अमित शाह अभी लोकसभा में बोल रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दिया."
अमित शाह ने कहा, " महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सहभागिता, जिस दिन मोदी जी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और सरकार बनी, तभी से ये सरकार का श्वास और प्राण दोनों बने हुए हैं."
उन्होंने कहा, " कांग्रेस ने पांच दशक से ज़्यादा शासन किया लेकिन 11 करोड़ घरों में शौचालय नहीं था. मोदी जी ने पहले पांच साल के अंदर ही 11 करोड़ 72 लाख शौचालय बनवाए. माता, बहनों, बेटियों का सम्मान हुआ. सशक्तीकरण हुआ."
"एलपीजी कनेक्शन दिया. तीन करोड़ से ज़्यादा माताओं को घर दिया."
राहुल गांधी ने महिला बिल में ओबीसी कोटे की बात उठाई

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कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि महिला आरक्षण बिल में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का कोटा होना चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा, " ओबीसी रिजर्वेशन इस बिल में शामिल होना चाहिए. भारत की आबादी के बड़े हिस्से को आरक्षण मिलना चाहिए. जो इसमें नहीं है."
उन्होंने कहा, " मेरे अनुसार इस बिल में एक चीज ऐसी है जिससे ये अधूरा है. वो है ओबीसी रिज़र्वेशन. भारत की बड़ी महिला आबादी को इस रिज़र्वेशन में शामिल करना चाहिए था. इसके अलावा दो चीजें ऐसी हैं जो अजीब हैं."
"दो चीजें जो अजीब हैं-एक तो ये कि आपको इसे लागू करने के लिए जनगणना की जरूरत है और दूसरा परिसीमन."
मुझे पता है, " मेरे दोस्त लोगों का अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं. निश्चित तौर पर अदानी मुद्दा. जिससे हमेशा वो ध्यान हटाना चाहते हैं."
राहुल गांधी नई संसद में पहली बार चर्चा में हिस्सा ले रहे थे.
उन्होंने कहा, "ये एक अच्छी इमारत है, लेकिन मैं इस प्रोसेस में भारत की राष्ट्रपति को देखना चाहता था. वो एक महिला हैं और एसटी कम्युनिटी से आती हैं. और ये अच्छा होता कि इस बदलाव में दिखतीं."
वायनाड के सांसद ने कहा, "अदानी मुद्दे के अलावा सरकार जातिगत जनगणना से भी लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है. जैसे ही विपक्ष ये मुद्दा उठाती है, बीजेपी तुरंत नया कुछ ले आती है."
उन्होंने कहा, "इस भाषण के लिए रिसर्च के दौरान कई इंस्टीट्यूशन के आंकड़े देखे. लोकसभा, राज्यसभा, ब्यूरोक्रेसी, प्रेस, न्यायपालिका. मैं ये देख रहा था कि इन संस्थानों में ओबीसी की भागीदारी कितनी है. ये सवाल मैं पूछ रहा था. हिंदुस्तान के सेक्रेटरी 90 में से सिर्फ़ तीन ओबीसी से हैं. और सुनिए... घबराइए मत...डरो मत."
इस पर सदन में काफी शोर हुआ.
राहुल गांधी ने कहा, "ये ओबीसी कम्युनिटी का अपमान है. तो सवाल उठता है कि इस देश में कितने ओबीसी हैं, कितने दलित हैं और कितने आदिवासी हैं और उसका जवाब सिर्फ जातिगत जनगणना से मिल सकता है. मेरा सरकार को एक सुझाव है कि सबसे पहले ये बिल (महिला रिजर्वेशन) आज पास कीजिए. ये लागू कीजिए. परिसीमन और जनगणना की जरूरत नहीं है. 33 प्रतिशत सीधा महिलाओं को दे दीजिए."
इसके पहले कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी आरक्षण बिल का समर्थन किया और इसे पूर्व प्रधानमंत्री 'राजीव गांधी का सपना' बताया.
आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, "मैं सरकार से जानना चाहती हूं कि महिलाओं को इसके लिए कितना लंबा इँतज़ार करना होगा?"
बेंगलुरु के एक पार्क में दो दिन में 10 हिरणों की मौत, क्या है वजह?,

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इमेज कैप्शन, सांकेतिक चित्र बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क (बीबीपी) में पिछले दो दिनों में 10 हिरण की मौत हो गई है. एक शीर्ष अधिकारी ने बताया है कि ये मौतें संक्रमण की वजह से हुई है.
ये हिरण शहर के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हासिल 37 हिरणों में से थे.
बीबीपी के कार्यकारी निदेशक ए वी सूर्या सेन ने बीबीसी हिंदी को बताया, " ये वायरल संक्रमण नहीं है. ये प्रोटोजोअल संक्रमण है जो लंबे समय से एनीमिया, तनाव, आहार और पर्यावरण में अंतर की वजह से होता है."
हिरण के मरने की ख़बरें ऐसे समय में आ रही हैं जब 22 अगस्त से पांच सितंबर के बीच तेंदुए के सात बच्चों की मौत हुई है.
ये मौतें वायरल संक्रमण की वजह से हुई हैं. ये संदेह है कि ये संक्रमण घरेलू बिल्लियों की वजह से हुआ है. इस वायरल संक्रमण को फेलिन पानल्यूकोपेनिया (एफपी) कहा जाता है जो घरेलू बिल्लियों और यहां तक कि कुत्तों को भी हाल के समय में प्रभावित कर रहा है.
कांग्रेस नेता शशि थरूर बोले- कनाडा के पीएम का बर्ताव 'दुर्भाग्यपूर्ण'

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भारत और कनाडा के संबंधों में आई हालिया तल्खी के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बर्ताव पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने कहा, "कनाडा ने इस तरह का बर्ताव किया है, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है."
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शशि थरूर ने कहा, "हम दोंनों तरफ से जैसे को तैसा जैसी स्थिति देख रहे हैं. पहले राजनयिक का निष्कासन और उसके बाद एडवाइज़री जारी किया जाना. पहले कनाडा ने कदम उठाया और फिर भारत की ओर से प्रतिक्रिया हुई."
उन्होंने कहा, " मुझे लगता है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कनाडा ने इसे सार्वजनिक तौर पर उठाया. अगर उन्हें कोई मुद्दा था भी तो ऐसे मामलों पर भारत जैसी मित्र सरकारों से निजी तौर पर बात होनी चाहिए. इस मामले पर बंद दरवाज़े के अंदर बातचीत होनी चाहिए."
थरूर ने कहा, "(कनाडा के) प्रधानमंत्री की ओर से इसे सार्वजनिक कर देना, संसद में बयान देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसा करते हुए उन्होंने बहुत अच्छे रिश्तों को जोखिम में डाल दिया है. ये न सिर्फ़ एक मजबूत रिश्ता था बल्कि लोगों के बीच भी बहुत मजबूत रिश्ते बने हुए थे."
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नागोर्नो-काराबाख में संघर्ष विराम की घोषणा, 32 लोगों की मौत की पुष्टि

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अज़रबैज़ान की सेना के नागोर्नो-काराबाख इलाक़े में आक्रामक अभियान शुरू करने के चौबीस घंटे के अंदर ही आर्मीनियाई नस्ल के लड़ाकों की फोर्स संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गई है. उन्होंने रूस की ओर से तय की गई शर्तों को मान लिया है.
एक दिन पहले ही अज़रबैजान ने यहां हमला किया था, जिसे वो 'आतंकवाद रोधी अभियान' बताते हैं.
नागोर्नो-काराबाख के अधिकारियों का कहना है कि हालिया संघर्ष में 32 लोगों की मौत हुई है. संघर्ष विराम के तहत स्थानीय सेना के पास से पूरी तरह हथियार हटाने और आर्मीनिया के सुरक्षाबलों की वापसी शामिल है.
नागोर्नो-काराबाख इलाके के अधकारियों का कहना है कि उन्हें 'अपने दुश्मन के हाथों' नुकसान का सामना करना पड़ा है क्योंकि संख्याबल और हथियार से वे ज़्यादा बेहतर स्थिति में हैं. इस इलाके में कई महीने से तनाव जारी है.
नागोर्नो-काराबाख की अधिकतर आबादी आर्मीनियाई मूल की है लेकिन अंतरराष्ट्रीय जगत इस इलाके को अज़रबैजान के हिस्से के तौर पर मान्यता देता है. ये दोनों देश दक्षिण कॉकेशस क्षेत्र में स्थित हैं जो कि पूर्वी यूरोप और एशिया का पहाड़ी क्षेत्र है. इसके एक तरफ़ काला सागर है तो दूसरी तरफ़ कैस्पियन सागर है.
अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच तीन साल पहले भी लंबा संघर्ष हुआ था.
मोहम्मद सिराज ने लगाई आठ पायदान की छलांग, बने वनडे के नंबर 1 गेंदबाज़

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एशिया कप के फ़ाइनल में अपनी गेंदबाज़ी से तहलका मचाने वाले भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज़ आईसीसी की ताज़ा वनडे रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंच गए हैं.
वनडे गेंदबाज़ों की रैंकिंग में सिराज ने आठ पायदान की छलांग लगाई है. सिराज ने एशिया कप में लगातार अच्छी गेंदबाज़ी की. सिराज ने टूर्नामेंट में 12.2 की औसत से 10 विकेट हासिल किए.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ फ़ाइनल मैच में उन्होंने सिर्फ़ 21 रन देकर छह विकेट हासिल किए. फ़ाइनल में श्रीलंका की टीम सिर्फ़ 50 रन पर आउट हो गई थी. भारत ने फ़ाइनल मैच 10 विकेट से जीता था.
सिराज ने वनडे रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के जोश हैज़लवुड की जगह ली है. जोश हैज़लवुड मार्च में सिराज को ही हटाकर वनडे रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचे थे. हैज़लवुड अब दूसरे नंबर पर हैं.
बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में पाकिस्तान के बाबर आज़म पहले और भारत के शुभमन गिल दूसरे नंबर पर हैं. टॉप 10 बल्लेबाज़ों में विराट कोहली आठवें और रोहित शर्मा दसवें नंबर पर हैं.
टीएमसी सांसद ने पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा लोकसभा में उठाया

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तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के हालिया प्रदर्शन का मुद्दा उठाया.
पश्चिम बंगाल के बारासात से टीएमसी सांसद ने संविधान संशोधन विधेयक, नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 पर चर्चा के दौरान पहलवानों के हालिया विरोध प्रदर्शन का ज़िक्र किया.
उन्होंने दावा किया, " वो गोल्डन गर्ल्स जिन्होंने भारत को खेलों में मेडल दिलाए वो जंतर मंतर पर कथित यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही थीं जबकि जिन पर आरोप हैं वो संसद में सांसदों के बीच बैठे हुए हैं."
दस्तीदार ने ये भी आरोप लगाया, "आईआईटी खड़गपुर और इसरो की महिला वैज्ञानिकों को समय पर सैलरी नहीं मिल रही है." इस पर ट्रेजरी बेंच से तीखी प्रतिक्रिया हुई और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि ये 'आरोप भ्रामक हैं' क्योंकि इसरो के वैज्ञानिकों को समय पर वेतन और पेंशन मिल रही है.
दस्तीदार ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जहां 33 फ़ीसदी से ज़्यादा सांसद हमेशा महिला रही हैं.


