अनंतनाग हमले की ज़िम्मेदारी रेजिस्टेंस फ़्रंट ने ली, मेजर और कर्नल समेत तीन अधिकारियों की मौत

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कश्मीर में बुधवार को चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक कर्नल, एक मेजर और डीएसपी की मौत हो गई है.
बुधवार को सुबह अनंतनाग के गैरोल इलाक़े में चरमपंथियों के साथ गोलीबारी में 19 राष्ट्रीय राइफ़ल्स के कमांडिंग अफ़सर और एक मेजर और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इलाज के दौरान इन अधिकारियों की मौत हो गई.
हुमायूं भट की दो महीने बेटी है. वो जम्मू कश्मीर के रिटायर्ड आईजी के बेटे हैं. घायल होने पर अत्यधिक खून बह जाने से उनकी मौत हो गई.
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प्रतिबंधित रेजिस्टेंस फ़्रंट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. माना जाता है कि पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा का यह प्रॉक्सी संगठन है.
अधिकारियों का मानना है कि ये वही चरमपंथी हैं जिन्होंने 4 अगस्त को कुलगाम में सेना के जवानों पर हमला कर तीन की हत्या कर दी थी.
सेना ने मंगलवार को चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया था लेकिन रात को इसे स्थगित कर दिया गया था.
अधिकारियों ने बताया कि सुबह जब ये सूचना मिली की वे ऊंची जगहों पर छिपे हुए हैं, अभियान फिर से शुरू किया गया.
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19 राष्ट्रीय राइफ़ल्स के कमांडिंग अफ़सर अपनी टीम की अगुवाई कर रहे थे और चरमपंथियों पर हमला किया. लेकिन जवाबी फ़ायरिंग में वो बुरी तरह घायल हो गए.
मेजर और डीएसपी भट को भी गोली गई और वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए.
सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जीओसी 15 कॉर्प्स के जनरल राजीव घई और डीजीपी दिलबाग सिंह ने हालात का जायजा लेने के लिए घटना स्थल पर पहुंच गए हैं.
कश्मीर के 15वीं कॉर्प्स ने बताया कि चरमपंथियों की मौजूदगी की सटीक ख़ुफ़िया सूचना मिलने के बाद सेना और पुलिस ने अनंतनाग के गैरोल इलाके में 12-13 सितम्बर की रात एक संयुक्त अभियान शुरू किया.


















