लीबिया की विनाशकारी बाढ़ में 2,300 लोगों की मौत, अब तक क्या पता है

उत्तर अफ़्रीकी देश लीबिया में मंगलवार को आए विनाशकारी तूफ़ान और बाढ़ से अब तक दो हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनंत प्रकाश

  1. लीबिया की विनाशकारी बाढ़ में 2300 लोगों की मौत, अब तक जो कुछ पता है

    लीबिया में आई बाढ़

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    उत्तर अफ़्रीकी देश लीबिया में मंगलवार को आए विनाशकारी तूफ़ान और बाढ़ से अब तक दो हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, लीबिया के डेरना शहर में इस बाढ़ से अब तक कम से कम 2,300 लोगों की मौत हुई है.

    लीबिया में आई बाढ़

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    लीबिया में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में अब तक जो कुछ पता है –

    • ये विनाशकारी बाढ़ तूफ़ान डेनियल के साथ हुई बारिश की वजह से आई है. तूफ़ान डेनियल ग्रीस, बुल्गारिया और तुर्की पर असर डालने के बाद बीते रविवार लीबिया से टकराया था.
    • भूमध्यसागर के तट पर स्थित डेरना शहर में इस बाढ़ की वजह से अब तक दो हज़ार से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.
    डेरना शहर की तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ की चपेट में आया डेरना शहर
    • बाढ़ की चपेट में आने वाला डेरना शहर भूमध्यसागर के पूर्वी तट पर स्थित है. पहाड़ों से घिरे हुए इस शहर के बीच से एक मौसमी नदी गुज़रती है.
    • गर्मियों के दिनों में नदी का पाट सूखा पड़ा रहता है. लेकिन इसी नदी के पाट से कुछ घंटों में तेज़ी से पानी आया जो शहर के ज़्यादातर हिस्सों को बहाकर ले गया.
    • डेरना शहर के आसपास स्थित बांध आमतौर पर इस तरह की बाढ़ से शहर को बचाने में भूमिका निभाते हैं.
    • सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी हुए एक वीडियो में शहर से 11.5 किलोमीटर ऊपर दो नदी घाटियों के मिलने की जगह पर बांध का बचा-खुचा ढांचा दिख रहा है.
    • इस जगह के चारों ओर मटमैले रंग का पानी फैला हुआ है. वीडियो में एक शख़्स कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि यहां कभी एक बांध हुआ करता था.
    • रॉयटर्स ने तस्वीरों के आधार पर इस जगह की पुष्टि की है.
    डेरना शहर

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    • सात हज़ार से ज़्यादा लोग जख़्मी बताए जा रहे हैं और दस हज़ार से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. मृतकों के साथ-साथ घायलों और लापता लोगों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है.
    • लीबियाई सरकार में मंत्री हिचेम अबु चिकौत ने बताया है कि "हर जगह लाशें ही लाशें हैं...समंदर में, घाटी में और इमारतों के नीचे...सब जगह सिर्फ़ लाशें हैं.’
    • लीबिया की ओमर अल-मुख़्तार यूनिवर्सिटी के हाइड्रॉलजिस्ट अब्देलवनीनस एआर अशूर ने पिछले साल प्रकाशित अपने शोध पत्र में लिखा है कि नदी के पाट पर बार-बार बाढ़ आना डेरना के लिए ख़तरा है.
    डेरना शहर

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    • उन्होंने 1942 से लेकर अब तक पांच बाढ़ की घटनाओं के उदाहरण दिए थे और बांधों के नियमित रखरखाव के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की मांग की थी.
    डेरना शहर

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    • उन्होंने लिखा था कि अगर एक बड़ी बाढ़ आती है तो नदी के पाट और शहर में रहने वाले लोगों पर बड़ी आफ़त आएगी.
    लीबिया में बाढ़

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    • लीबिया में आई इस विनाशकारी बाढ़ की वजह से मरने वालों के प्रति ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने संवेदना व्यक्त की है.
  2. ब्रेकिंग न्यूज़, रिपब्लिकन पार्टी ने कहा- प्रतिनिधि सभा राष्ट्रपति बाइडन के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने के लिए शुरू करेगी जांच

    राष्ट्रपति जो बाइडन

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    अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि कांग्रेस के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति जो बाइडन के ख़िलाफ़ महाभियोग की अनुमति के लिए एक औपचारिक जांच शुरू की जाएगी.

    ये उस राजनीतिक प्रक्रिया की दिशा पहला कदम होता है जिसके परिणामस्वरूप प्रतिनिधि सभा में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पर वोट डाले जा सकते हैं.

    हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव के स्पीकर केविन मैककार्थी ने कहा कि ये जांच राष्ट्रपति बाइडन के ख़िलाफ़ लगे ‘सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार’ के आरोपों पर केंद्रित रहेगी.

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    रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य जनवरी में प्रतिनिधि सभा में बहुमत में आने के बाद से राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ जांच कर रहे हैं. जो बाइडन डेमोक्रेट पार्टी से है और उनकी विरोधी पार्टी रिपब्लिकन के सदस्य, बाइडन के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप लगाते रहे हैं.

    हालांकि उनकी जांच में राष्ट्रपति बाइडन पर लगाए गए कदाचार के आरोपों के सिलसिले में कोई ठोस सबूत अब तक सामने नहीं आया है.

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    रिपब्लिकंस की तफ़्तीश में राष्ट्रपति बाइडन के एकमात्र जीवित पुत्र हंटर बाइडन के कारोबारी लेन-देन पर ज़रूर रोशनी डाली गई है.

    रिपब्लिकन पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों का कहना है कि इस पर सवाल उठे हैं और राष्ट्रपति बाइडन को बेटे की गतिविधियों के बारे में जानकारी रही है.

  3. बाइडन के वियतनाम दौरे की इतनी चर्चा क्यों?

    वीडियो कैप्शन, बाइडन के वियतनाम दौरे की इतनी चर्चा क्यों?

    भारत में जी-20 समिट में शामिल हेने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन वियतनाम दौरे पर पहुंचे हैं.

    माना जा रहा है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए अमेरिका वियतनाम से रिश्ते बेहतर करने में जुटा है.

    देखिए बीबीसी संवाददाता लौरा बिकर की ये रिपोर्ट.

  4. कांग्रेस बोली, अमेरिकी किसानों को मदद और भारतीय किसानों पर चाबुक चला रही है सरकार

    प्रियंका गांधी

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    कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को सेब के निर्यात में आयात कर घटाए जाने पर केंद्र सरकार को निशाना बनाया है.

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "हिमाचल में सेब के बागानों से लगभग 14% जीडीपी का हिस्सा आता है. आपदा के दौरान सेब का उत्पादन 1/4 हो गया है. ऐसे में केंद्र सरकार से राहत पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने किसानों का दम तोड़ने का काम किया है. आप अमेरिका के किसानों को सहायता दे रहे हैं, आप इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर अपने किसानों पर चाबुक चला रहे हैं."

    सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा है कि इस कदम को सही ठहराया जा सकता है. कांग्रेस की महासचिव प्रिंयका गांधी ने भी सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया है.

    सेब

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    उन्होंने कहा, "इससे अमेरिकी सेबों को आयात करके बेचना आसान हो जाएगा. शिमला में बड़े उद्योगपतियों की ओर से सेबों के दाम कर दिए गए हैं. जब यहां सेब उगाने वाले किसान परेशान हैं तो सरकार को किसकी मदद करनी चाहिए. यहां के किसान या अमेरिकी किसानों की?"

    इस साल जून महीने में अमेरिका और भारत के विश्व व्यापार संगठन में छह विवादों को सुलझाने पर सहमति बनी है.

    भारत कुछ विशेष अमेरिकी उत्पादों पर ड्यूटी कम करने पर राज़ी हुआ है जिसमें मटर, दालें, बादाम, अखरोट, सेब, बोरिक एसिड आदि शामिल हैं.

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    जम्मू-कश्मीर जहां की प्रमुख उपज में सेब और बादाम जैसी चीज़ें शामिल हैं, वहां के नेताओं की ओर से भी सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताई गई है.

    जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इसे पीएम मोदी की ओर से बेहद ख़राब मज़ाक बताया है.

    उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये पीएम मोदी की ओर से एक बड़ा मज़ाक है. वे मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया और आत्म निर्भर इंडिया की बात करते हैं. ये तो उसके ऊपर तमाचा है. इसका जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश की फूड इंडस्ट्री पर बहुत बुरा असर पड़ेगा."

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    इससे पहले जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना की थी.

    उन्होंने कहा, ''जी-20 को देखते हुए जब ये छूट देने का फ़ैसला लिया गया, तो ये नहीं सोचा गया कि अपने लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा. पहले से परेशान लोगों की और परेशानी बढ़ाई जा रही है.''

    उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, “जब जी-20 के दौरान रियायतों की घोषणा की गई तो ये नहीं सोचा गया कि इसका हमारी अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा. इसका असर सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड पर भी पड़ेगा. हम सेब उगाते हैं. सेब और अखरोट हमारी अर्थव्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा है. अमेरिका को खुश करने के लिए अपने उत्पादकों को ख़त्म करना चाहते हैं. ”

  5. मोरक्को में भूकंप के बाद कैसे हैं हालात

    वीडियो कैप्शन, मोरक्को में भूकंप के बाद कैसे हैं हालात

    मोरक्को में शुक्रवार को आए भूकंप के बाद देशी विदेशी राहत बचावकर्मी रेस्क्यु ऑपरेशन में जुटे हैं.

    अब तक क़रीब 2500 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

    देखिए मोरक्को के एक गांव से बीबीसी संवाददाता निक बीक की रिपोर्ट.

  6. 'अफ़ग़ानिस्तान में हो सकता है गृह युद्ध', पूर्व अफ़ग़ान कमांडर ने दी चेतावनी

    तालिबानी लड़ाके

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    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल हैबतुल्लाह अलिज़ई ने कहा है कि तालिबान में जारी अंतर्कलह की वजह से अफ़ग़ानिस्तान में गृह युद्ध हो सकता है.

    साल 2021 में अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा होने से पहले तक अलिज़ई अफ़ग़ान सेना की कमान संभाल रहे थे.

    अलिज़ई इस समय अमेरिका में रह रहे हैं. और उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अपनी ताज़ा चेतावनी समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए जारी की है.

    वीडियो कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के शासन को एक साल होने वाला है.

    अलिज़ई ने कहा है, "मुझे लगता है कि अफ़ग़ानिस्तान के मौजूदा हालात काफ़ी नाजुक हैं. और ये ख़तरनाक होते जा रहे हैं जिसके चलते गृहयुद्ध से लेकर मुल्क के टुकड़े होने जैसी स्थिति आ सकती है."

    उन्होंने दावा किया है कि तालिबान में जारी अंतर्कलह की वजह से अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी संगठनों को फलने-फूलने का मौका मिल रहा है.

    उन्होंने दावा किया है कि तालिबान का पूरे मुल्क पर नियंत्रण नहीं है. अफ़ग़ानिस्तान में अलग-अलग इलाक़ों पर ऐसे गुट पैदा हो रहे हैं जिन्हें तालिबान का शासन स्वीकार नहीं है.

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: तालिबान शासन के दो साल, कितना बदला अफ़ग़ानिस्तान?

    इसके साथ ही तालिबान भी बंटता दिख रहा है. इस समय तालिबान में चार धड़े हैं जिनमें से दो धड़े कंधारी तालिबान और हेलमंडी तालिबान हैं. और शेष दो धड़ों में हक़्क़ानी गुट और दोहा में अमेरिका के साथ वार्ताएं करने वाले नेता हैं.

    उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में इस समय सभी लोग सत्ता हथियाना चाहते हैं. और तालिबान के अंदर ही कई गुट मुल्लाह हिबेतुल्लाह अखुंडज़ादा के फ़ैसलों से सहमत नहीं हैं.

    इसके दूसरी ओर मौलवी मंसूर है जिन्हें हेलमंडी तालिबान कहा जाता है. इसके ज़्यादातर लोग पिछले दो साल में मारे जा चुके हैं.

    वीडियो कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान: तालिबान के खिलाफ़ सड़कों पर क्यों उतरी महिलाएं?

    उन्होंने कहा है कि इस तरह का आंतरिक संघर्ष आतंकी संगठनों को फलने-फूलने का मौका दे रहा है.

    इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अल-शबाब जैसे अफ़्रीकी आतंकी संगठन ने भी अफ़ग़ानिस्तान में अपनी जगह बनाने के साथ अपने आतंकियों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है. अल-क़ायदा सक्रिय है. दाएश भी सक्रिय होता जा रहा है.

  7. जासूसी के आरोप में रिसर्चर गिरफ़्तार

    वीडियो कैप्शन, गिरफ़्तार हुए रिसर्चर का संबंध कई प्रभावशाली कन्ज़र्वेटिव सांसदों के साथ था.

    जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार ब्रिटिश संसद के रिसर्चर के साथ चीन ने किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है.

    खुद को निर्दोष बताने वाले इस रिसर्चर का संबंध कई प्रभावशाली कन्ज़र्वेटिव सांसदों के साथ था.

    लंदन के द टाइम्स न्यूज़पेपर के मुताबिक इनके पास संसद का पास भी था.

    माना जा रहा है कि उनकी पहुंच कई संवेदनशील जानकारियों तक थीं.

    लंदन में चीन के दूतावास ने इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताया है. देखिए निक अर्डली की रिपोर्ट.

  8. हिंदू धर्म पर डीएमके सांसद ए राजा की टिप्पणी, तमिलनाडु बीजेपी ने जताई नाराज़गी

    डीएमके सांसद ए राजा

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    इमेज कैप्शन, डीएमके सांसद ए राजा

    भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने मंगलवार को डीएमके सांसद ए राजा की हिंदू धर्म पर कथित टिप्पणी के मामले में उनकी कड़ी आलोचना की है.

    अन्नामलाई ने सत्तारूढ़ डीएमके पर राज्य में जातीय विभाजन और लोगों में घृणा फैलाने का आरोप लगाया है.

    अन्नामलाई ने कहा कि डीएमके ने जैसे ख़राब हालात पैदा किए हैं, उससे पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा को सनातन धर्म को जिम्मेदार ठहराने का 'दुस्साहस' हुआ

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    अन्नामलाई ने ए राजा का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री कुछ लोगों से चर्चा के दौरान कथित रूप से विवादित टिप्पणी करते हुए सुनाई दे रहे हैं.

    इस चर्चा में ए राजा ये कहते हुए सुने जा सकते हैं कि "भारत आर्थिक और जाति के आधार पर लोगों को बांटने की वैश्विक बीमारी का कारण है. देश से बाहर रहने वाले भारतीय भी हिंदू धर्म के नाम जातिवाद को बढ़ावा दे रहे हैं. इसलिए हिंदू धर्म भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ा ख़तरा है."

    भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई

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  9. किम जोंग-उन जिस ट्रेन से रूस गए उसमें क्या है ख़ास

    वीडियो कैप्शन, किम जोंग उन जिस ट्रेन से रूस गए उसमें क्या है ख़ास

    उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन ख़ास ट्रेन से मंगलवार सुबह रूस पहुंचे हैं.

    जितनी चर्चा किम जोंग की रूस यात्रा की हो रही है उससे ज़्यादा किम जोंग की ये बख्तरबंद ट्रेन सुर्खियों में बनी हुई है.

    वजह है कि किम जोंग संभवत: इकलौते ऐसे नेता है जो किसी दूसरे देश की यात्रा हवाई जहाज की जगह ट्रेन से कर रहे हैं. लेकिन ये ट्रेन आम ट्रेनों से कितनी अलग है और क्यों ख़ास है?

  10. लीबिया में बाढ़ के बाद 10 हज़ार लोग लापता, अब तक 1500 मौतों की पुष्टि

    डेरना शहर की तस्वीर

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    लीबिया में मंगलवार को विनाशकारी तूफ़ान और बाढ़ आने से अब तक 1500 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है. इसके साथ ही कम से कम दस हज़ार लोग लापता बताए जा रहे हैं.

    अब तक 1500 लोगों के शव बरामद हुए हैं.

    पूर्वी लीबिया की सरकार में मंत्री हिशम चिकौत ने बीबीसी को बताया है कि "मैंने जो देखा, वो दंग करने वाला था. ये सुनामी जैसा था."

    लगभग एक लाख लोगों की आबादी वाले लीबिया के डेरना शहर में दो बांधों और चार पुलों के गिरने के बाद पानी से भर गया है.

    बाढ़ की चपेट में आई गाड़ियां

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    इमेज कैप्शन, बाढ़ की चपेट में आई गाड़ियां

    अंतरराष्ट्रीय संस्था रेड क्रेसेंट के मुताबिक़, डेनियल नामक इस तूफ़ान के चलते कम से कम दस हज़ार लोगों को लापता के रूप में दर्ज किया गया है.

    रविवार को आने वाले इस तूफ़ान ने पूर्वी शहरों बेंगाज़ी, सौसा और अल-मर्ज को भी प्रभावित किया है.

    डेरना

    लीबिया के उड्डयन मंत्री एवं इमरजेंसी रिस्पॉन्स समिति से जुड़े चिकौत ने बीबीसी को बताया है कि दक्षिण डेरना में दो बांधों के गिरने से शहर का बड़ा हिस्सा समंदर में खिंचा चला गया.

    उन्होंने कहा है कि "एक बड़ा रिहाइशी इलाका तबाह हो गया है. पीड़ितों की संख्या बहुत ज़्यादा है जो हर घंटे बढ़ती ही जा रही है. फिलहाल 1500 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है. दो हज़ार अन्य लोग लापता हैं. हमारे पास सटीक आंकड़े नहीं हैं. लेकिन ये विनाशकारी आपदा है."

  11. एशिया कप 2023 के फ़ाइनल में पहुंचा भारत, श्रीलंका को 41 रन से हराया

  12. 'बिलकुल हीरे जैसा...', नासा ने शेयर की सौरमंडल के सबसे छोटे ग्रह की तस्वीर

    मरकरी की तस्वीर

    इमेज स्रोत, NASA/Johns Hopkins University Applied Physics Laboratory/Carnegie Institution of Washington⁣

    इमेज कैप्शन, बुध ग्रह

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सौर मंडल के ग्रह बुध की एक बेहद दिलचस्प तस्वीर शेयर की है.

    पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा से आकार में थोड़ा बड़ा ग्रह बुध सौर मंडल का सबसे छोटा ग्रह है.

    नासा ने बताया है कि 'ये भले ही सबसे छोटा ग्रह हो लेकिन ये सबसे तेज है. यह अपनी कक्षा में प्रति सेकेंड 47 किलोमीटर की गति से चक्कर लगाता है. इस लिहाज़ से बुध (मरकरी) का एक साल पृथ्वी के 88 दिनों लंबा होता है. मरकरी की ये तस्वीर मैसेज़र ने भेजी है जो प्लेनेट का चक्कर लगाने वाला पहला अंतरिक्ष यान है.'

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  13. कार्टून: एंकरों का बहिष्कार

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, नवाज़ शरीफ़ 21 अक्टूबर को पाकिस्तान वापस लौटेंगे: शहबाज़ शरीफ़

    नवाज़ शरीफ़

    इमेज स्रोत, Reuters

    पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ 21 अक्टूबर को ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटेंगे.

    उनके छोटे भाई और देश के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मंगलवार को बताया कि नवाज़ शरीफ़ आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की राजनीतिक मुहिम की अगुआई करने के लिए वतन वापस लौट रहे हैं.

    नवाज़ शरीफ़ साल 2019 के नवंबर से लंदन में स्वघोषित निर्वासन में रह रहे हैं.

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    पीएमएल (नवाज़) के वरिष्ठ नेताओं के साथ लंदन में एक मुलाकात के बाद शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान में कहा, "नवाज़ शरीफ़ 21 अक्टूबर को पाकिस्तान वापस लौटेंगे."

    शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि पीएमएल (नवाज़) के संस्थापक की वतन वापसी पर भव्य स्वागत किया जाएगा.

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    अल-अज़ीज़िया मिल्स और एवेनफील्ड करप्शन केस में नवाज़ शरीफ़ को साल 2018 में कसूरवार ठहराया गया था.

    नवाज़ शरीफ़ अल-अज़ीज़िया मिल्स केस में लाहौर की कोट लखपत जेल में सात साल की क़ैद की सज़ा काट रहे थे तभी उन्हें मेडिकल आधार पर लंदन जाने की इजाजत दे दी गई थी.

  15. रूस क्यों पहुंचे किम जोंग उन, 'दिन भर' सुनिए प्रेरणा और सुमिरन से

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  16. ब्रेकिंग न्यूज़, मोनू मानेसर को 26 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    मोनू मानेसर

    राजस्थान में नासिर और जुनैद की हत्या के मामले में अभियुक्त मोनू मानेसर को गिरफ़्तार करके 26 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

    मोनू मानेसर के वकील सोमदत्त ने बताया है, 'मोनू मानेसर को 26 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उसे 26 सितंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा.'

    सोमदत्त ने कहा है कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक साजिशों में फंसाया जा रहा है.

    उन्होंने कहा, "राजस्थान के डीजीपी ने कहा था कि हमने जुनैद वाले केस में उसे निर्दोष साबित कर दिया है. इसके बाद भी राजनीतिक षड्यंत्रों के चलते उन्हें इस मुकदमे में लपेटा गया है."

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    बीते महीने हरियाणा के नूंह में हिंसा भड़कने के बाद मोनू मानेसर का नाम ख़बरों में आया था.

    31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद ने नूंह में जलाभिषेक यात्रा निकालने का एलान किया था. इस यात्रा से पहले मोनू ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके लोगों से यात्रा में शामिल होने के लिए कहा था.

    कहा गया था कि मोनू मानेसर के इस यात्रा में शामिल होने की बात से नूंह के स्थानीय लोगों में गुस्सा था और हिंसा भड़कने की एक वजह ये भी था.

    हालांकि मोनू मानेसर ने हिंसा भड़कने के बाद कहा था कि वो वीएचपी के कहने के बाद यात्रा में शामिल नहीं हुए थे.

    मोनू मानेसर पर जिन नासिर और जुनैद की हत्या का आरोप है, वो दोनों मेवात के रहने वाले थे.

    जुनैद और नासिर के शव 16 फरवरी 2023 को मिले थे. मोनू मानेसर खुद को बजरंग दल का गौरक्षक प्रांत प्रमुख बताते हैं.

  17. गोवा सीएम प्रमोद सावंत 'इंडिया' गठबंधन पर बोले- 'हिंदुओं जाग जाओ...'

    प्रमोद सावंत

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    गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को ग्वालियर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 'इंडिया' गठबंधन को घेरने की कोशिश की.

    सावंत ने कहा है, "यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस (यूपीए) ने अपना नाम बदलकर 'इंडिया' एलायंस रख लिया है जो पुरानी बोतल में नयी शराब जैसा है. नाम बदलने से राजनीति और इरादे नहीं बदल जाते. उनका मकसद सनातन हिंदू धर्म को ख़त्म करना है."

    उन्होंने कहा, 'ऐसे में ज़रूरी है कि सभी हिंदू इस गठबंधन का विरोध करें.'

    इसके साथ ही उन्होंने कहा, "मैं उन शब्दों को दोहराना भी नहीं चाहता जो उन्होंने सनातन धर्म के लिए इस्तेमाल किए थे. सभी हिंदुओं को जागकर उन्हें उनकी जगह याद दिलानी चाहिए. ये एक सुनियोजित बयान है जो 'इंडिया' गठबंधन की मुंबई बैठक के दौरान आया. वह अपना बयान लिखकर लाए थे."

    उन्होंने ये भी कहा कि 'मुग़ल, ब्रितानी, डच, और पुर्तगाली भी सनातन धर्म मिटाने में कामयाब नहीं हुए. अब इंडिया गठबंधन और कांग्रेस इस बारे में बात कर रही है. उनका ख़ात्मा ज़रूरी है."

    सनातन विवाद की शुरुआत डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के उस बयान से हुई थी जिसमें उन्होंने सनातन धर्म को बीमारी जैसा बताया था.

    इसके बाद बीजेपी, विहिप और संघ के साथ-साथ 'इंडिया' एलायंस के कुछ नेताओं की ओर से भी इस बयान पर आपत्ति जताई गई.

    बीजेपी के नेता इस मुद्दे पर इंडिया एलायंस को लेकर हमलावर हैं.

    केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने कहा है, 'कांग्रेस पार्टी भगवान राम को काल्पनिक बताती है. वहीं, कांग्रेस पार्टी और उनके सहयोगी कहते हैं कि सनातन धर्म को जड़ से मिटाना है. वो हिंदुओं पर सवाल उठाते हैं.'

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  18. श्रीलंका बनाम भारत: बारिश के कारण मैच रुका

    श्रीलंका

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    एशिया कप में श्रीलंका के ख़िलाफ़ बल्लेबाज़ी करते हुए भारत की टीम ने 47 ओवर में 197 रन बनाए हैं.

    मगर बारिश के कारण मैच रुक गया है.

    भारत के नौ विकेट गिर चुके हैं. भारत की तरफ से सबसे ज़्यादा 53 रन रोहित शर्मा ने बनाए.

    श्रीलंकाई गेंदबाज़ दुनिथ वेल्लालागे ने सबसे ज़्यादा पांच विकेट लिए. वहीं असालंका ने भी चार विकेट लिए.

    मैच में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया था.

    भारतीय बल्लबाजों ने कितने रन बनाए?

    रोहित शर्मा- 53

    शुभमन गिल- 19

    विराट कोहली- 3

    ईशान किशन- 33

    केएल राहुल- 39

    हार्दिक पांड्या- 5

    रवींद्र जडेजा- 4

    कुलदीय यादव- 0

    जसप्रीत बुमराह- 5

    अक्षर पटेल- 15*

    मोहम्मद सिराज- 2*

  19. निपाह वायरस के कारण दो लोगों की मौत: स्वास्थ्य मंत्री

    निपाह

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    निपाह वायरस के कारण केरल में दो लोगों की मौत हो गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बारे में जानकारी दी है.

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    मांडविया ने कहा- केरल के कोझीकोड में निपाह वायरस से दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

    इससे पहले निपाह वायरस के सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए थे.

    केरल सरकार ने मंगलवार को कंट्रोल रूम भी बनाया है और लोगों से मास्क पहनने के लिए कहा है.

    निपाह वायरस के ख़तरे को देखते हुए केरल सरकार ने कोझीकोड में अलर्ट जारी किया है.

    निपाह वायरस से होने वाले इंफ़ेक्शन के शुरुआती दौर में सांस लेने में समस्या होती है जबकि आधे मरीज़ों में न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी होती हैं.

    मई 2018 में केरल में सबसे पहले निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उस वक़्त इसकी वजह से 17 लोगों की जान गई थी.

    कैसे फैलता है निपाह वायरस?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ निपाह वायरस (NiV) तेज़ी से उभरता वायरस है, जो जानवरों और इंसानों में गंभीर बीमारी को जन्म देता है.

    NiV के बारे में सबसे पहले 1998 में मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह से पता चला था.

    वहीं से इस वायरस को ये नाम मिला. उस वक़्त इस बीमारी के वाहक सूअर बनते थे. लेकिन इसके बाद जहां-जहां NiV के बारे में पता चला, इस वायरस को लाने-ले जाने वाले कोई माध्यम नहीं थे.

    साल 2004 में बांग्लादेश में कुछ लोग इस वायरस की चपेट में आए.

    इन लोगों ने खजूर के पेड़ से निकलने वाले तरल को चखा था और इस तरल तक वायरस को लेने जानी वाली चमगादड़ थीं, जिन्हें फ्रूट बैट कहा जाता है.

    आम तौर पर ये वायरस इंसानों में इंफेक्शन की चपेट में आने वाली चमगादड़ों, सूअरों या फिर दूसरे इंसानों से फैलता है.

    मलेशिया और सिंगापुर में इसके सूअरों के ज़रिए फैलने की जानकारी मिली थी जबकि भारत और बांग्लादेश में इंसान से इंसान का संपर्क होने पर इसकी चपेट में आने का ख़तरा ज़्यादा रहता है.

  20. बिहार में छात्राओं ने सरकारी गाड़ी पर चलाए पत्थर, वजह?,

    बिहार के वैशाली ज़िले में कुछ स्कूली छात्राओं ने एक प्रशासनिक गाड़ी पर पत्थरों और लाठी-डंडों से हमला करके विरोध प्रदर्शन किया है.

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    बिहार के वैशाली ज़िले में कुछ स्कूली छात्राओं ने एक प्रशासनिक गाड़ी पर पत्थरों और लाठी-डंडों से हमला करके विरोध प्रदर्शन किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने इस घटना का एक वीडियो जारी किया है जिसमें छात्राएं एक सरकारी वाहन पर पत्थर फेंकती दिख रही हैं. ये गाड़ी वैशाली ज़िले के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की बताई जा रही है.

    इसके साथ ही कुछ लड़कियां ''ज़िला प्रशासन मुर्दाबाद'' के नारे लगाती दिख रही हैं.

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    वैशाली के एसडीओ नीरज कुमार ने इस घटना के बारे में जानकारी दी है.

    उन्होंने कहा, “यहां क्लासरूम में बैठने की जगह कम होना मूल समस्या है. यहां जितने बच्चों के लिए बैठने की जगह है, उससे ज़्यादा बच्चों को दाखिला मिला हुआ है. ऐसे में वे छात्राएं जो बाहर बैठी थीं या जिन्हें बैठने की जगह नहीं मिली, वे एकजुट हुईं. उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिला जिसकी वजह से उन्होंने सड़क जाम किया.''

    नीरज कुमार ने बताया, ''ऐसे में सीओ साहब आए और थाने से एक टीम मौके पर पहुंची. फिलहाल स्थिति सामान्य है. हम स्कूल को दो शिफ़्ट में चलाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं. शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि वैशाली ज़िले में कुछ दूसरे स्कूलों को भी इसी तरह संचालित किया जा रहा है. अगर हम इसे अमल में लाते हैं तो 11वीं, 12वीं की क्लास हम थोड़ी देर से शुरू करेंगे ताकि हम मौजूदा संसाधनों का अच्छी तरह इस्तेमाल कर सकें."

    वैशाली ज़िले के महनार में स्थित गर्ल्स हाई स्कूल में कुल इक्कीस सौ (2,100) छात्राओं का नामांकन है, लेकिन वहाँ सिर्फ़ छह सौ (600) छात्राओं के ही बैठने का समुचित इंतज़ाम है.

    पहले स्कूल में आने वाली छात्राओं की संख्या भी कम ही होती थी, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से पचहत्तर फ़ीसदी (75%) उपस्थिति के हालिया फ़रमान और निरीक्षण के मद्देनज़र स्कूल में उनकी संख्या अचानक से बढ़ गई है.

    इस वजह से उन्हें कक्षाओं में बैठने के लिए बेंच नहीं मिल पा रही है. शिकायत के बावजूद कहीं सुनवाई न होने पर छात्राएँ सड़कों पर उतर गईं.

    इसकी जानकारी मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) स्कूल पहुँची थीं, और इसी दौरान स्कूल के बाहर खड़ी उनकी गाड़ी छात्राओं के निशाने पर आ गई.

    इसके बाद एसडीओ नीरज कुमार ने मौक़े पर पहुँचकर छात्राओं को समझाकर मामले को शांत कराया.

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    इस पूरे मामले को समझने के लिए बीबीसी ने महनार के थानाध्यक्ष संजय कुमार से बातचीत की.

    संजय कुमार इस पूरे मामले पर कहते हैं, ‘गर्ल्स हाई स्कूल वैसे तो बहुत पहले से ही चलता आ रहा और उसकी कुल स्ट्रेंथ 2,100 के आसपास है लेकिन वहाँ छात्राओं के बैठने के लिए व्यवस्था 600-700 के आसपास ही है. चूँकि इस बीच पचहत्तर फ़ीसदी अटेडेंस को अनिवार्य कर दिया गया है, तो सबको बैठने के लिए सीटें नहीं मिल पा रहीं. इसकी शिकायत लगातार आ रही थी.

    संभवत: इसी बात को लेकर बीईए मैडम स्कूल पहुँची थीं, उस दौरान भी काफ़ी संख्या में छात्राएँ बाहर ही थीं. तो इसी दौरान छात्राओं ने रोड वग़ैरह जाम कर दिया. पथराव भी वीडियो में दिख रहा.’

    वहीं किसी तरफ़ से की गई शिकायत के सवाल पर थानाध्यक्ष ने कहा कि अभी तक ऐसी कोई शिकायत या आवेदन किसी तरफ़ से नहीं आया है. शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी.