चीन 'भारत - मिडिल ईस्ट - यूरोप' को जोड़ने वाले आर्थिक गलियारे पर क्या बोला?

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चीन ने भारत, मध्यपूर्व के देशों और यूरोप के बीच आर्थिक कॉरिडोर का स्वागत किया है. लेकिन उसने ये भी कहा है कि इसे 'भू-राजनीतिक हथियार' नहीं बनाया जाना चाहिए.
भारत, मध्य पूर्व के देशों और यूरोप के कॉरिडोर का जिक्र करते हुए चीन ने अपने 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' से इटली के पीछे हटने के सवाल को ज्यादा तवज्जो नहीं दी.
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो उन सभी कोशिशों का स्वागत करता है जो विकासशील देशों के लिए इन्फ्रास्ट्र्क्चर बनाने में मदद करे. वो उन सभी प्रयासों के समर्थन में है जो कनेक्टिविटी और साझा विकास को बढ़ावा दे रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई को एक सवाल के लिखित जवाब में चीन ने कहा कि वो कनेक्टिविटी की इस कोशिश का समर्थन करता है जो खुला, समावेशी और तालमेल कायम करने वाला हो. लेकिन इसे भू-राजनैतिक हथियार न बनाया जाना चाहिए.
शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत, मध्य पूर्व देशों और पूर्वी यूरोप को जोड़ने वाला कॉरिडोर लॉन्च करने का एलान किया था.
ये कॉरिडोर भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, यूरोपियन यूनियन, फ्रांस, इटली, जर्मनी और अमेरिका को जोड़ेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि ये सचमुच बड़ी डील है.
इस कॉरिडोर को चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का जवाब माना जा रहा है.
कहा जा रहा है कि जी-20 सम्मेलन से इतर बीआरआई पर चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मिलोनी में बातचीत हुई थी.
जब चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इसे तवज्जो नहीं दी. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की.
दोनों ने आपसी संबंध को मजबूत करने और विकास के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई.
इटली चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से निकलना चाहता है.
दो महीने इटली के रक्षा मंत्री गोइदो क्रोसेटो ने एक इंटरव्यू में इसे 'जल्दबाज़ी में लिया गया और तबाह करने वाले फैसला करार दिया था.'
इसकी वजह भी बताई और कहा कि इस फ़ैसले से देश के निर्यात को बढ़ावा नहीं मिला.
गोइदो क्रोसेटो ने 'कोरियरे डेला सेरा' अख़बार से कहा था, "नए सिल्क रोड में शामिल होने का फ़ैसला जल्दबाज़ी में लिया गया और तबाह करने वाला कदम था" जिसकी वजह से चीन का निर्यात इटली में कई गुना बढ़ा, लेकिन चीन में इटली के निर्यात पर इससे उतना असर नहीं पड़ा.''
भारत, मध्य पूर्व देश और यूरोप को जोड़ने वाला कॉरिडोर क्या है?
पीएम मोदी ने अमेरिका, खाड़ी और यूरोपीय देशों के नेताओं के साथ मिलकर एक विशाल एवं महत्वाकांक्षी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना लॉन्च की है.
इस परियोजना का मक़सद भारत, मध्य पूर्व और यूरोप को रेल एवं पोर्ट नेटवर्क के ज़रिए जोड़ा जाना है. इस परियोजना के तहत मध्य पूर्व में स्थित देशों को एक रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा जिसके बाद उन्हें भारत से एक शिपिंग रूट के माध्यम से जोड़ा जाएगा. इसके बाद इस नेटवर्क को यूरोप से जोड़ा जाएगा.



















