किम जोंग उन हथियारों की सप्लाई पर पुतिन से बात करने जा सकते हैं रूस: रिपोर्ट

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन इस महीने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने रूस के दौरे पर जाने वाले हैं. बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने अमेरिका में बीबीसी के पार्टनर न्यूज़ चैनल सीबीएस को ये जानकारी दी है.

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चंदन शर्मा and अनंत प्रकाश

  1. आज का कार्टून: ऐसे मत बैठो

  2. किम जोंग उन हथियारों की सप्लाई पर पुतिन से बात करने जा सकते हैं रूस: रिपोर्ट

    किम जोंग उन और राष्ट्रपति पुतिन की फाइल फोटो

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    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन इस महीने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने रूस के दौरे पर जाने वाले हैं. बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने अमेरिका में बीबीसी के पार्टनर न्यूज़ चैनल सीबीएस को ये जानकारी दी है.

    अधिकारी ने बताया कि दोनों नेताओं की मुलाकात में उत्तर कोरिया द्वारा रूस को हथियारों की आपूर्ति की संभावना पर चर्चा होगी. ये हथियार यूक्रेन के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किए जाएंगे.

    राष्ट्रपति पुतिन और किम जोंग उन के बीच ये मुलाकात रूस में कहां पर होगी, इसके बारे में फिलहाल तस्वीर साफ़ नहीं है.

    जुलाई में रूस के रक्षा मंत्री ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था

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    किम जोंग उन के प्रस्तावित रूस दौरे के बारे में ख़बरें अन्य अमेरिकी मीडिया संगठनों ने भी छापी हैं.

    हालांकि क्रेमलिन के प्रवक्ता ने इन ख़बरों पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि 'उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं' है. उत्तर कोरिया ने भी फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है.

    न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि किम जोंग उन अपनी बख़्तरबंद ट्रेन में रूस की यात्रा कर सकते हैं.

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    दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात की बात ऐसे वक़्त में सामने आई है जब कुछ रोज़ पहले अमेरिका ने कहा था कि उन्हें ये नई जानकारी मिली है कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच हथियारों की सप्लाई को लेकर बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ रही है.

    नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने अपनी हालिया उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान उसे रूस को गोला-बारूद की सप्लाई के लिए मनाने की कोशिश की थी.

    ऐसा अनुमान है कि रूस को 122 एमएम और 152 एमएम की आर्टलरी गोला-बारूद की ज़रूरत है क्योंकि उसका स्टॉक खाली पड़ रहा है लेकिन उत्तर कोरिया के पास इसकी सप्लाई की कितनी क्षमता है, इसके बारे में कम ही जानकारी उपलब्ध है.

  3. संसद के विशेष सत्र के लिए कांग्रेस बोली- सदन में बैठने के लिए तैयार पर 'मोदी चालीसा' नहीं सुनेंगे...

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा है कि वह 18 से 22 सितंबर तक चलने वाले संसद के विशेष सत्र में रचनात्मकता के साथ भाग लेगी.

    हालांकि, वह चाहेगी कि पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र के दौरान जनता से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएं.

    समाचार एजेंपी पीटीआई के मुताबिक़, कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह संसद में सिर्फ 'मोदी चालीसा' सुनने के लिए नहीं बैठेगी.

    कांग्रेस पार्टी ने ये फ़ैसला सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान किया जिसमें दोनों सदनों में मौजूद पार्टी नेता भी शामिल हुए.

    ये बैठक खड़गे के घर पर मंगलवार शाम इंडिया गठबंधन की बैठक से ठीक पहले हुई है.

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    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पत्रकारों से कहा है कि "ये पहला मौका है जब सरकार की ओर से सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों को भरोसे में रखते हुए एजेंडे पर चर्चा नहीं की गयी है."

    उन्होंने कहा, "जब कभी विशेष सत्र बुलाया जाता है तो सभी पार्टियों को इसके विषय की जानकारी दी जाती है. एक एजेंडा तय किया जाता है. लेकिन हमने पहली बार देखा है कि पार्टियों से विचार-विमर्श के बिना अचानक सत्र बुलाया गया है. यह सत्र केवल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए बुलाया गया है. इंडिया गठबंधन से जुड़े दल इस सत्र में भाग लेेंगे, लेकिन हम चाहते हैं कि इसमें जनता के मुद्दों पर बात हो."

    जयराम रमेश ने कहा है कि 'पांच दिन तक चलने वाला सत्र है जिस दौरान आर्थिक, राजनीतिक और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. सिर्फ मोदी चालीसा के लिए हम बैठने वाले नहीं हैं.'

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    इसके बाद इंडिया गठबंधन की बैठक में भी विशेष सत्र को लेकर चर्चा हुई है.

    बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस बारे में जानकारी दी है.

    उन्होंने कहा, “बैठक में सभी की राय थी कि ये विशेष सत्र क्यों बुलाया जा रहा है? सरकार की तरफ़ से कोई भी स्पष्टीकरण आज तक नहीं आया है. लगभग 12-13 दिन बाद संसद का एक विशेष सत्र होने वाला है और देश को नहीं पता कि इस विशेष सत्र की विशेषता क्या है? तो हमारी मांग ये है कि बीजेपी पारदर्शिता दिखाए और देश को अवगत कराए कि इस विशेष सत्र का विशेष एजेंडा क्या है?”

  4. रूसी फ़्रंटलाइन को भेदने के यूक्रेनी दावे में कितना दम?

  5. सनातन धर्म विवाद: 262 जानेमाने लोगों ने सीजेआई को लिखा पत्र, कार्रवाई की मांग उठाई

    मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़

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    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की ओर से सनातन धर्म पर बयान देने से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, भारत के 260 से ज़्यादा जानेमाने लोगों ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर उदयनिधि के बयान को संज्ञान में लेने की अपील की है.

    इन लोगों में दिल्ली हाई कोर्ट के जज एसएन ढींगरा जैसी हस्तियां भी शामिल हैं. इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में 14 सेवानिवृत्त जज, 130 पूर्व नौकरशाह और 118 पूर्व सैनिक शामिल हैं.

    उदयनिधि

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    इस पत्र में लिखा गया है कि उदयनिधि ने न सिर्फ़ एक नफ़रती भाषण दिया है बल्कि अपने बयान के लिए माफ़ी मांगने से भी इनकार किया है.

    उदयनिधि के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा गया है कि भारत की एक धर्म निरपेक्ष देश के चरित्र की रक्षा करने के लिए इस मामले में कार्रवाई किया जाना आवश्यक है.

    पत्र में कहा गया है कि 'इस मामले में प्रशासन की ओर से कदम उठाने में देरी होना अदालत की अवमानना करना होगा. और राज्य सरकार ने इस मामले में किसी भी तरह की कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है. और इस तरह अदालत के आदेशों की अवहेलना की है.

    ये भी लिखा गया है कि राज्य सरकार ने कार्रवाई न करने का फ़ैसला करके क़ानून के शासन का मज़ाक उड़ाया है.

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  7. चीन: 'शॉर्ट कट' तलाश रहे मजदूरों ने 'ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना' के एक हिस्से को तोड़ा

    ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना

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    चीन में कुछ मज़दूरों ने जल्दी काम निपटाने के लिए मध्य शांक्सी प्रांत में 'ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना' का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है.

    पुलिस ने बताया कि उन्हें दो लोगों पर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 'शॉर्ट कट' अपनाने का शक है.

    इन दोनों को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जाँच जारी है.

    एक 38 वर्षीय व्यक्ति और 55 वर्षीय महिला प्रभावित इलाके के पास काम कर रहे थे.

    इन दोनों ने ग्रेट वॉल के क्षतिग्रस्त हिस्से में पहले से मौजूद एक गैप को खोद कर और चौड़ा कर दिया ताकि इनकी जेसीबी जैसी दिखने वाली बड़ी सी मशीन को आसानी से उसमें से निकाला जा सके.

    ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना

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    पुलिस ने कहा कि ये मज़दूर अपना रास्ता छोटा करना चाहते थे.

    पुलिस ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दोनों ने ग्रेट वॉल को जो क्षति पहुँचाई उसे अब ठीक नहीं किया जा सकता है.

    अधिकारियों को 24 अगस्त को दीवार में बड़े गैप की जानकारी मिली थी.

    ग्रेट वॉल ऑफ़ चाइना साल 1987 से यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों की सूची में शामिल है.

    इसका निर्माण और पुनर्निर्माण लगभग 220 ईसा पूर्व से 1600 के दशक में मिंग राजवंश तक के समय तो होता रहा. यह दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य संरचना थी.

    ग्रेट वॉल के जिन हिस्सों को संरक्षित किया गया है उनमें से अधिकांश मिंग राजवंश यानी 14वीं से 17वीं सदी के बीच बनाए गए थे. अब इन्हीं में से एक हिस्से में बड़ा गैप बन गया है.

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  9. पाकिस्तान के कराची में तोड़ी गई अहमदिया समुदाय की मस्जिद, ज़मीन पर गिरा गुंबद

    पाकिस्तान, कराची

    पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित अहमदिया समुदाय की मस्जिद में इस सोमवार को तोड़-फोड़ की गई है.

    सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग हथौड़ों से इमारत को नुक़सान पहुंचाते दिख रहे हैं.

    इस दौरान मस्जिद में वासिफ़ शेख (बदला हुआ नाम) मौजूद थे जिन्होंने अपनी आपबीती बीबीसी के साथ साझा की है.

    बीबीसी संवाददाता रियाज़ सोहेल को वासिफ शेख़ ने बताया है कि "दोपहर करीब 1:30 बजे थे जब वह नमाज पढ़ने में व्यस्त थे, तभी चेहरे ढके हुए कुछ लोग दीवार फांदकर मस्जिद में दाखिल हुए. इसके बाद उन्होंने मुख्य द्वार खोल दिया जिसके बाद कुछ अन्य लोग बड़े-बड़े हथौड़ों के साथ अंदर आए. उन लोगों ने दरवाज़ों, कूलर, गमलों के साथ-साथ इस पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाया है."

    "इस दौरान चौकीदार ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने हवा में गोलियां चलाईं और बाहर ले जाकर चौकीदार को भी प्रताड़ित किया."

    बीते सात महीनों में पाकिस्तान के अहमदिया अल्पसंख्यक समुदाय के पूजास्थल पर ये दूसरा हमला है. इससे पहले फरवरी में एक मस्जिद की दीवारों को नुकसान पहुंचाया गया था.

    अहमदी समुदाय इस्लाम को मानने वाला समूह है जिन्हें पाकिस्तान सरकार मुसलमानों के रूप में स्वीकार नहीं करती.

  10. भारत नाम कैसे पड़ा- कहानी 'आग' और 'दरिया' की

  11. पुतिन और किम जोंग उन साथ आए तो क्या होगा, आज का ‘दिन भर’ सुनिए शाहिद और प्रेरणा से

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  12. पाक गेंदबाज़ों के सामने भारतीय बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन पर क्या बोले टीम के बैटिंग कोच?

    भारत-पाकिस्तान मैच

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    एशिया कप टूर्नामेंट के सुपर फ़ोर मुक़ाबले में पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ों के सामने भारतीय बल्लेबाज़ी को लेकर टीम के बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है.

    विक्रम राठौड़ ने कहा है कि भारत के बल्लेबाज़ों के पास भी शाहीन शाह अफ़रीदी जैसे गेंदबाज़ों के सामने बड़ा स्कोर खड़ा करने का कौशल है.

    शनिवार को शाहीन शाह अफ़रीदी और हारिस रउफ़ जैसे पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ों के आगे भारत का टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ़ेल दिखा.

    भारत ने 15 ओवर में केवल 66 रन बनाकर अपने चार विकेट गंवा दिए थे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, विक्रम राठौड़ इस दौरान अपनी टीम का बचाव करते दिखे.

    उन्होंने कहा, "सुपर फ़ोर मुकाबले में हम बेहतर बैटिंग करने की कोशिश करेंगे. बीते मैच में परिस्थितियां अलग थीं. उनके पास बेहतर बॉलिंग थी. ऐसा नहीं कि हम उनकी (पाकिस्तानी पेसर्स) गेंदों को खेल नहीं सकते. उनके पास अच्छी गेंदबाज़ी है और कभी-कभी उनके पास बढ़त होती है. जब हमें मौका मिलता है, हमारे बल्लेबाज़ भी बड़ा स्कोर खड़ा करने में सक्षम हैं."

    पाकिस्तान के ख़िलाफ़ लड़खड़ाई पारी को संभालने वाले ईशान किशन के लिए राठौड़ ने कहा, "ईशान ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बहुत अच्छा खेला. केएल राहुल भी बीते दो सालों से टीम के लिए अच्छा करते रहे हैं. हमें दो अच्छे खिलाड़ियों में से चुनना है."

  13. राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

    राहुल गांधी

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

    मोदी सरनेम से जुड़े मामले में गुजरात की एक अदालत से इसी साल मार्च महीने में दो साल की सज़ा मिलने के बाद वायनाड से सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता चली गई थी.

    हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से सज़ा पर रोक लगने बाद मॉनसून सत्र में राहुल गांधी की सांसदी बहाल कर दी गई थी.

    लखनऊ के वकील अशोक पांडे ने अब राहुल गांधी की सांसदी को बहाल किए जाने के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी है.

    पांडे ने अपनी याचिका में दलील दी है कि आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने और दो साल की क़ैद की सज़ा पाने के बाद राहुल गांधी ने अपनी लोकसभा सदस्यता खो दी थी. लोकसभा अध्यक्ष की ओर से उनकी सदस्यता को बहाल करना ठीक नहीं था. याचिका में अनुरोध किया गया है कि इसलिए राहुल गांधी की सांसदी वापस देने वाली अधिसूचना को रद्द कर दिया जाए.

    साल 2019 के आम चुनाव में कर्नाटक के कोल्लार की रैली में राहुल गांधी ने कहा था, "सारे चोरों के नाम में मोदी क्यों है."

  14. अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, फ़ैसला सुरक्षित

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार शाम अनुच्छेद 370 हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है. इसके बाद आदेश को सुरक्षित कर लिया गया है.

    बीबीसी हिंदी के सहयोगी सुचित्र मोहंती ने इस सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के अंदर की गतिविधियों को साझा किया है.

    भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पांच अगस्त 2020 को अनुच्छेद 370 हटाने के फ़ैसले का बचाव किया.

    उन्होंने कहा कि साल 2020 में दशकों बाद स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हड़ताल, पत्थरबाजी और कर्फ़्यू जैसी चीज़ें नहीं दिखीं.

    उन्होंने कहा, “नए होटल बन रहे हैं. सभी को इस फ़ैसले का लाभ मिल रहा है.”

    उन्होंने ये भी कहा कि पहले जो युवा भारत विरोधी आतंकी गुटों के लिए काम करते थे, उन्हें अब अच्छी कमाई देने वाला रोजगार मिल रहा है.

    वहीं, इस फ़ैसले का विरोध कर रहे याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से कहा है कि ये फ़ैसला जम्मू-कश्मीर के लोगों के कल्याण को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया था और इसे रद्द किया जाना चाहिए.

    एक याचिकाकर्ता के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वी गिरी ने कहा है कि अनुच्छेद 370 ने जम्मू-कश्मीर के लिए एक क्षेत्र रेखांकित किया था जो आठ साल पहले देश के संविधान के आम संघीय ढांचे के अनुरूप नहीं था.

    कश्मीर ने पहले भी मुश्किल हालात देखे हैं. लेकिन अनुच्छेद 370 के हटने से ऐसा लगता है कि कश्मीर ही कश्मीर से चला गया हो. हालिया दिनों में संचार रुकने से कश्मीरी अपने ही घरों में कैद हो गए हैं.”

  15. डिलिवरी के दौरान महिला के पेट में छूटा सर्जिकल टूल, 18 महीने बाद पता चला,

    न्यूज़ीलैंड

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    न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड शहर में लगभग 18 महीने पहले बच्चे को जन्म देने वाली महिला के पेट से एक सर्जिकल टूल निकाला गया है.

    इस महिला ने सिज़ेरियन ऑपरेशन के ज़रिए अपने बच्चे को जन्म दिया था.

    लेकिन ऑपरेशन के दौरान एक 'डिनर प्लेट' जितना बड़ा सर्जिकल टूल महिला के पेट में रह गया.

    इसे महिला की डिलीवरी के 18 महीने बाद निकाला गया है. इस दौरान महिला को कई बार भयानक दर्द सहना पड़ा.

    महिला ने कई डॉक्टरों के चक्कर काटे और आख़िर में सीटी स्कैन करवाने पर सर्जिकल टूल के पेट में छूट जाने की बात सामने आई.

    स्वास्थ्य नियामकों ने कहा है कि सरकारी अस्पताल मरीज़ की देखभाल करने में असफल रहे.

    शुरुआत में ऑकलैंड के हेल्थ डिस्ट्रिक्ट बोर्ड ने ये दलील दी कि वो मरीज़ की देखभाल करने में असफल नहीं रहे.

    लेकिन न्यूज़ीलैंड हेल्थ एंड डिसेबिलिटी कमिश्नर ने सोमवार को जारी जाँच रिपोर्ट में इससे असहमति जताई.

    हेल्थ कमिश्नर मोराग मैकडॉवेल ने कहा, "ये साफ़ है कि महिला को तय मानकों से खराब देखभाल मिली क्योंकि ऑपरेशन के बाद रुटीन जाँचों में भी ये पता नहीं चल सका कि महिला के पेट में कोई उपकरण छूट गया है. स्टाफ़ के पास भी इसको लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि कैसे ये उपकरण महिला के पेट में छूटा और टांके लगाने से पहले इसे कैसे निकाला नहीं गया."

    कमिश्नर ने ये भी कहा है कि दो सालों के भीतर ऑकलैंड के अस्पताल में मरीज़ के शरीर में कोई उपकरण छूट जाने का ये दूसरा मामला है.

  16. मुंबई इंडियंस ट्वीट में ‘इंडिया’ लिखकर क्यों घिरी?

    ‘मुंबई इंडियंस’

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    इमेज कैप्शन, ‘मुंबई इंडियंस’ की ओर से किया गया ट्वीट

    अंबानी परिवार के स्वामित्व वाली आईपीएल क्रिकेट टीम ‘मुंबई इंडियंस’ मंगलवार को अपने एक ट्वीट में ‘इंडिया’ शब्द लिखने की वजह से सोशल मीडिया पर आलोचना की शिकार हो रही है.

    मुंबई इंडियंस ने अपने इस ट्वीट में एक ग्राफ़िक्स दिया है जिसमें वर्ल्ड कप की टीम में चुने गए खिलाड़ियों के नाम हैं.

    ट्वीट में लिखा है – ‘इंडिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं...’

    लेकिन इंडिया को अंग्रेजी में INDIA की जगह I.N.D.I.A लिखा गया है. I.N.D.I.A नाम कांग्रेस समेत देश के शीर्ष विपक्षी दलों की ओर से बनाए गए गठबंधन का नाम है.

    ‘मुंबई इंडियंस’

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    ऐसे में इस ट्वीट के रिप्लाई में लोग मुंबई इंडियंस को राजनीति से दूर रहने की सलाह देते दिख रहे हैं.

    अमित नामक ट्विटर यूज़र ने लिखा है – ‘पॉलिटिक्स न करें यहां, इंडिया ठीक ढंग से लिखें.’

    अदिति नामक ट्विटर यूज़र ने लिखा है – ‘भारत लिखें’

    इसे अब तक 2000 से ज़्यादा बार रिट्वीट किया जा चुका है. इसके साथ ही 551 बार कोट ट्वीट किया जा चुका है.

    दिलचस्प ये है कि ये ट्वीट उस वक़्त किया गया है जब भारत के नाम को लेकर विवाद जारी है.

  17. 'भारत बनाम इंडिया' विवाद पर बोले तेजस्वी यादव- प्रधानमंत्री के जहाज़ में भी 'इंडिया'

    तेजस्वी यादव

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    इमेज कैप्शन, बिहार के डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव

    कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि जी-20 के डिनर के लिए भेजे गए न्योते में 'प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया' की बजाय 'प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत' कर दिया गया है.

    इस दावे के बाद से ही विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर हमलावर हैं.

    अब बिहार के डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि पीएम मोदी इंडिया गठबंधन से डरे हुए हैं.

    विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम भी इंडिया दिया गया है.

    तेजस्वी यादव ने मीडिया से कहा, "वे (बीजेपी) इंडिया नाम से इतना डरे क्यों हुए हैं? यह दिखाता है कि पीएम मोदी INDIA गठबंधन से डरे हुए हैं...हमारे नारे में ही है 'जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया'. कुछ दिन पहले तक यह वोट फॉर इंडिया बोलते थे और अब भारत लिख रहे हैं. भारत और इंडिया में क्या अंतर है. भारत ही इंडिया है, इंडिया ही भारत है."

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    बिहार के उपमुख्यमंत्री ने कहा, "यह कहां-कहां से हटाएंगे? प्रधानमंत्री के जहाज में भी इंडिया है. इनको हर योजना, मंत्रालय से नाम हटाना होगा. एक राज्य का बजट बन जाए वे इतना खर्चा नाम बदलने में करेंगे."

  18. पुष्कर सिंह धामी ने 'भारत बनाम इंडिया' विवाद के बीच पीएम मोदी का ज़िक्र क्यों किया

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह

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    इमेज कैप्शन, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में 'इंडिया' शब्द की जगह 'भारत' के इस्तेमाल का श्रेय पीएम मोदी को दिया है.

    उन्होंने कहा, “जी 20 शिखर सम्मेलन के रात्रि भोज के निमंत्रण पत्र पर प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत लिखा जाना हम सब भारतवासियों के लिए गौरव का क्षण है. और माननीय प्रधानमंत्री जी का, जो गुलामी की मानसिकता है, उससे बाहर निकालने के लिए श्रेष्ठ कदम है. हम बचपन से ही भारत माता की जय करते हुए बड़े हुए हैं. हमने बचपन से भारत माता का जयघोष सीखा है. हमारे संस्कारों में है.”

    उन्होंने इस विवाद के लिए विपक्ष को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है, “विपक्ष के लोगों के पास कोई मुद्दा नहीं है. इसलिए इस प्रकार के मुद्दों को...बेवजह जो भी काम मोदी जी देश के लिए कर रहे हैं, उन सभी पर सिर्फ विरोध के लिए विरोध जताना है.”

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    पिछले दो घंटे में बीजेपी के दूसरे नेताओं की ओर से भी उस निमंत्रण पत्र की प्रति साझा की गई है जिसमें प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत लिखा गया है.

    निमंत्रण पत्र की प्रति

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    इन नेताओं में गिरिराज सिंह शामिल हैं. इससे पहले बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपने निमंत्रण पत्र की प्रति सोशल मीडिया पर साझा की थी.

  19. रोहित शर्मा मीडिया से दिखे नाराज़, कहा – ‘ऐसे सवाल मत पूछना’

    भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा

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    इमेज कैप्शन, भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा

    भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के एक सवाल पर नाराज़ होते नज़र आए.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैचों के दौरान बनने वाले माहौल से जुड़ा सवाल पूछा गया था.

    इस पर रोहित शर्मा नाराज़ होते नज़र आए.

    सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा किया है.

    इस वीडियो में रोहित शर्मा कह रहे हैं - “मैं कितनी बार ये बात बोल चुका हूं. बाहर क्या होता है, हम लोगों को इससे फर्क नहीं पड़ता है. क्योंकि हमारा काम कुछ और है. हमारा काम ये नहीं है कि बाहर का माहौल देखो, और बाहर के माहौल के हिसाब से खेलो. सारे लड़के पेशेवर हैं. टीम में मौजूद सारे लड़के ये सब चीज़ें देख चुके हैं. ऐसे में मुझे लगता है कि इससे ज़्यादा फर्क पड़ता है.”

    इसके बाद उन्होंने भविष्य में इस तरह के सवाल न पूछने की हिदायत भी दी.

    उन्होंने कहा, “मेरे से अब वर्ल्ड कप में भी ऐसे सवाल मत पूछना, जब हम इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे कि 'ये माहौल हो रहा है'. क्योंकि मैं उसका जवाब नहीं दूंगा. क्योंकि इस बारे में बात करते रहने का कोई अर्थ नहीं है. हमारा ध्यान कहीं और है. हम टीम के रूप में उस चीज़ पर ध्यान देना चाहते हैं.”

  20. 'इंडिया बनाम भारत विवाद' के बीच वीरेंद्र सहवाग ने बीसीसीआई और जय शाह से की ये मांग

    वीरेंद्र सहवाग

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    कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि जी-20 के डिनर के लिए भेजे गए न्योते में 'प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया' की बजाए 'प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत' कर दिया है.

    इसके बाद से ही पक्ष और विपक्ष की पार्टियां आमने-सामने हैं.

    इस बीच पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने बीसीसीआई और इसके सचिव जय शाह से एक मांग की है.

    वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि अगले महीने भारत में शुरू होने जा रहे वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी पर 'भारत' लिखा हो.

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    वीरेंद्र सहवाग ने इंडिया बनाम भारत विवाद पर ट्वीट करते हुए लिखा, "मेरा हमेशा मानना रहा है कि नाम ऐसा होना चाहिए जो हमारे मन में गर्व भर दे. हम भारतीय हैं, इंडिया नाम ब्रिटिश ने दिया और लंबे समय से हमारा असली नाम 'भारत' को आधिकारिक बनाना लंबित था.

    मैं बीसीसीआई, जय शाह से आग्रह करता हूं कि वो इस वर्ल्ड कप में ये सुनिश्चित करें कि हमारे खिलाड़ियों की छाती पर भारत लिखा हो."