भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द होने के मामले में बृजभूषण सिंह और बजरंग पूनिया आमने-सामने

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विश्व कुश्ती संघ ने भारतीय कुश्ती महासंघ की सदस्यता ख़त्म कर दी है. बीजेपी सांसद बृज शरण सिंह ने इस अंतरराष्ट्रीय संगठन की ओर से भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता ख़त्म करने के सवाल पर कहा है कि संघ का चुनाव समय से नहीं हो पाने के कारण इसकी सदस्यता रद्द की गई है. इसके लिए वो ज़िम्मेदार नहीं है.
इस पर बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ महिला पहलवानों के विरोध में शामिल पहलवान बजरंग पूनिया ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा है कि बृजभूषण सिंह ख़ुद कुश्ती फेडरेशन पर क़ब्ज़ा किए बैठे हैं और अपने दखल के बिना फेडरेशन नहीं बनने दे रहे हैं. लेकिन भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता ख़त्म होने का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं.
बृजभूषण सिंह ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "जनवरी में भी एक बार प्रयास किया लेकिन आपको पता होगा कि कुछ आरोप खिलाड़ियों ने मेरे ऊपर लगाए. इसके बाद सरकार ने हमसे ख़ुद कहा कि आप कुछ दिन के लिए कुश्ती से अपने को अलग कर लीजिए. सरकार के कहने पर मैंने ख़ुद को कुश्ती से अलग कर लिया था."
"मैंने चार बार प्रयास किया कि चुनाव हो जाए लेकिन हर बार कोई न कोई अवरोध उत्पन्न होता रहा. विश्व कुश्ती महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि 45 दिन के अंदर अगर एडहॉक कमेटी चुनाव नहीं करती है तो सदस्यता रद्द कर दी जाएगी, और यही हुआ."
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बृजभूषण सिंह के इस बयान के बाद बजरंग पूनिया ने उन पर जवाबी हमला किया. उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ''यह आदमी इसलिए फ़ेडरेशन पर अपना क़ब्ज़ा रखना चाहता है क्योंकि अगर इनके गुर्गों की जगह कोई सही इंसान अध्यक्ष बन गया तो बृजभूषण के काले कारनामे बाहर आ जाएंगे. एक अपराधी अपने आपको बचाने के लिए देश का कितना बड़ा नुक़सान कर रहा है, यह जगज़ाहिर है."


















