मणिपुर संकटः कुकी विधायकों की पीएम मोदी से मांग, 5 ज़िलों के लिए हो अलग डीजीपी और मुख्य सचिव

पीएम मोदी को भेजे गए ज्ञापन में इन विधायकों ने मणिपुर की एन. बीरेन सिंह सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनुराग कुमार

  1. मणिपुर संकटः कुकी विधायकों की पीएम मोदी से मांग, 5 ज़िलों के लिए हो अलग डीजीपी और मुख्य सचिव,

    विधायक हाओखोलेट किपगेन

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    मणिपुर में जारी हिंसा और तनावपूर्ण स्थिति के बीच कुकी-ज़ो जनजाति के 10 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पांच पहाड़ी जिलों के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के समान अलग-अलग पद बनाने की मांग की है.

    इस संदर्भ इन विधायकों ने 16 अगस्त को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है. इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले सभी विधायकों ने कुकी-ज़ोमी लोगों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से 500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी मांगी है.

    दरअसल इन विधायकों का कहना है कि तीन महिने से ज्यादा दिनों से चल रही इस व्यापक हिंसा के कारण कुकी-ज़ोमी लोग राजधानी इंफाल नहीं जा पा रहें है.

    मणिपुर

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    विधायकों ने ज्ञापन में लिखा है, "कोई भी कुकी-ज़ो लोग इंफाल नहीं जा सकते, न ही इंफाल की राजधानी और अन्य घाटी जिलों में तैनात सरकारी कर्मचारी अपने कार्यालयों में जा सकते हैं. यहां तक की कुकी समुदाय के आईएएस और एमसीएस अधिकारी और आईपीएस और एमपीएस अधिकारी काम करने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं क्योंकि इंफाल घाटी हमारे लिए मौत की घाटी बन गई है."

    पीएम मोदी को सौंपे गए इस ज्ञापन पर सबसे ऊपर हस्ताक्षर करने वाले कुकी विधायक हाओखोलेट किपगेन ने बीबीसी से कहा, "हम 10 विधायकों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है. क्योंकि अब जो यहां का माहौल है इसमें हमारे लोग इंफाल नहीं जा सकते. चाहे सरकार हमें कितनी ही सुरक्षा दे दे.''

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    उन्होंने आगे कहा, ''इसलिए हम चाहते है कि भारत सरकार मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर के समकक्ष अधिकारियों को चुराचांदपुर या कांगपोकपी में नियुक्त करें. सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोका गया है. लिहाजा इन सब कार्यों का सुचारू रूप से संचालन के लिए ही हमने शीर्ष स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों की मांग की है."

    जिन पांच जिलों के 10 विधायकों ने उच्च पदस्थ अधिकारियों की मांग की है वे हैं चुराचांदपुर, कांगपोकपी, चंदेल, तेंगनौपाल और फेरज़ौ है. इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में से सात बीजेपी के विधायक हैं. ये सभी विधायक हिंसा शुरू होने के कुछ दिन बाद से मणिपुर के कुकी-ज़ोमी लोगों के लिए एक अलग प्रशासन की मांग करते आ रहें है.

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    हालांकि मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की सरकार ने इस तरह की मांग के खिलाफ 21 अगस्त को मणिपुर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया है जिसमें सरकार मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता को संरक्षित करने के लिए एक प्रस्ताव पेश कर सकती है.

    पीएम मोदी को भेजे गए ज्ञापन में इन विधायकों ने मणिपुर की एन. बीरेन सिंह सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए है.

    इन आरोपों में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सिंह लगभग हर दिन पहाड़ी जिलों के गांवों पर हमला करके कुकी-ज़ो पहाड़ी आदिवासियों के खिलाफ युद्ध छेड़ते रहते हैं.

    कुकी लोगों पर हुए अत्याचार से जुड़े कई उदाहरणों का इसमें उल्लेख करते हुए विधायकों ने आरोप लगाया कि कुकी-ज़ो आदिवासियों के खिलाफ यह एक राज्य प्रायोजित युद्ध है.

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  3. छात्र की संदिग्ध मौत के मामले में जादवपुर यूनिवर्सिटी को यूजीसी की फटकार, 24 घंटे में मांगा जवाब,

    जादवपुर यूनिवर्सिटी

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    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र की मौत के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस घटना के बारे में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से भेजे गए पत्र को बेहद सामान्य बताते हुए उसे फटकार लगाई है.

    आयोग ने उससे 24 घंटे के भीतर 12 सवालों का जवाब मांगा है. यह तमाम सवाल रैगिंग पर अंकुश लगाने की दिशा में किए गए उपायों से संबंधित हैं. उसने कहा है कि बीते पांच साल में विश्वविद्यालय ने इस बारे में कौन से कदम उठाए हैं, इस पर दस दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी. ऐसा नहीं करने की स्थिति में उसके खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है.

    इसी महीने नौ अगस्त की देर रात मेन हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण एक छात्र मौत हो गई थी. रैगिंग और कथित शारीरिक शोषण को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है.

    जादवपुर यूनिवर्सिटी

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    दूसरी ओर, राज्य सरकार ने आज विश्वविद्यालय की प्रशासनिक गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए एक चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग समिति का गठन किया है, जो दो सप्ताह में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

    उधर, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान उनको काले झंडे दिखाने के मुद्दे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और रिवोल्यूशन स्टूडेंट्स फ्रंट (आरएसएफ) के बीच झड़प के बाद परिसर में तनाव फैल गया.

    राज्य बाल सुरक्षा आयोग ने इस घटना पर रजिस्ट्रार की सफाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहा है.

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  7. वर्ल्ड कप स्टेज 4: तीरंदाज़ी में भारतीय टीम को अहम कामयाबी, मिले 2 ब्रॉन्ज मेडल

    अतानु दास

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    पेरिस में चल रहे तीरंदाज़ी वर्ल्ड कप स्टेज 4 प्रतिस्पर्धा से भारत के लिए खुशख़बरी आई है. भारतीय पुरुष और महिला तीरंदाज़ों की टीम इस चैंपियनशिप में एक-एक ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रही.

    पुरुष रिकर्व तीरंदाज़ी की प्रतिस्पर्धा में धीरज बोम्मादेवरा, अतानु दास और तुषार शेल्के की टीम ने स्पेन की आंद्रेस टेमिनो, यून सांचेज़ और पाब्लो अचा को (54-56, 57-55, 56-54, 57-55) से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्ज़ा जमाया.

    इससे पहले सेमीफ़ाइनल मुकाबले में टीम चीनी ताइपे से हारकर खिताबी रेस से बाहर हो गई थी.

    वहीं भारत के लिए दूसरी अच्छी ख़बर महिला तीरंदाज़ी टीम की तरफ़ से आई.

    अंकित भकत, भजन कौर और सिमरनजीत कौर की तिकड़ी को पहले तो (52-57, 47-56, 52-53) नज़दीकी मुकाबले चीनी ताइपे से हार का सामना करना पड़ा.

    लेकिन ब्रॉन्ज के लिए मेक्सिको के साथ हुए मैच में 52-55, 52-53, 55-52, 54-52) और (27-25) से जीत दर्ज करने में कामयाब रही.

  8. आज का कार्टून: एआई वाले प्रवक्ता!

  9. नूंह हिंसा से जुड़े मामले में बिट्टू बजरंगी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत

    बिट्टू बजरंगी

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    हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ़्तार बिट्टू बजरंगी को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

    बिट्टू को मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बिट्टू बजरंगी उर्फ राजकुमार को गुरुवार को नूंह की अदालत में पेश किया गया जहां से कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के लिए फरीदाबाद की नीमका जेल भेज दिया गया.

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    बिट्टू बजरंगी वही शख़्स हैं, जिनके नूंह में आयोजित जलाभिषेक यात्रा से पहले कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इन वीडियो में वो भड़काऊ बातें कहते नज़र आए थे.

    यह में जलाभिषेक यात्रा विश्व हिंदू परिषद ने आयोजित की थी. इस हिंसा में दो गुटों में टकराव हुआ था और हिंसा की घटनाओं में छह लोग मारे गए थे.

    हिंसा के बाद प्रशासन की ओर से नूंह में बुलडोज़र भी चलाया गया था और कई लोगों की घर, दुकानें तोड़ी गई थीं.

  10. भारतीय न्याय संहिता पुरुषों, ट्रांसजेंडरों के ख़िलाफ़ रेप और मैरिटल रेप के मामलों को कैसे प्रभावित करेगी

  11. अशोका यूनिवर्सिटी विवाद में केंद्र सरकार के सलाहकार बोले- मोटी फ़ीस लेने वालों को ज़िम्मेदार होना पड़ेगा...

    कंचन गुप्ता

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    अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास के इस्तीफ़े पर जारी विवाद पर सूचना मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने भी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा है कि अशोका यूनिवर्सिटी एक निजी संस्थान है जहां माता पिता बच्चों को पढ़ाने के लिए मोटी रकम भरते हैं. इसकी फ़ैकल्टी को जवाबदेह होना पड़ेगा.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा, "अशोका यूनिवर्सिटी एक निजी संस्थान है. माता-पिता भारी फीस देते हैं. फैकल्टी को जवाबदेह और ज़िम्मेदार होना होगा. ये उनका दैवीय अधिकार नहीं है कि वे दूसरों के पैसे पर जीवन गुजारें और जो चाहें करें."

    दरसअल, अशोका यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास के एक रिसर्च पेपर को लेकर विवाद चल रहा है. दास के इस्तीफ़े के बाद उनके समर्थन में एक और प्रोफ़ेसर ने इस्तीफ़ा दे दिया है. यूनिवर्सिटी का राजनीति विज्ञान विभाग उनके साथ खड़ा है और एक बयान भी जारी किया है.

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    अशोका यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर इलियान येन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर इंटरनल मेल का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, इस इमेल में लिखा है, "राजनीति विज्ञान विभाग एकजुटता के साथ प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास के साथ खड़ा है. प्रोफ़ेसर दास ने अर्थशास्त्र विभाग से इसलिए इस्तीफ़ा दिया क्योंकि यूनिवर्सिटी ने खुद को उनके काम से अलग कर लिया."

    "साथ ही उनके रिसर्च पेपर पर जांच कराने का फ़ैसला लिया गया. हम चाहते हैं कि दास के इस्तीफ़े और यूनिवर्सिटी की ओर उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर करने में दिखाई गई जल्दबाज़ी के पीछे की वजहों को सामने लाया जाए."

    यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के पूर्व असिस्टेंट प्रोफ़ेसर सब्यसाची दास ने एक पेपर लिखा है जिसका शीर्षक 'डेमोक्रेटिक बैकस्लाइडिंग इन द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट डेमोक्रेसी' है.

    इस शोध पत्र में साल 2019 के आम चुनावों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया है लेकिन इसे अब तक प्रकाशित नहीं किया गया है.

  12. दिनभर: भारत ने यूएई से रुपये में खरीदा तेल, क्या हैं इसके मायने?

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  13. रवींद्र जडेजा की विधायक पत्नी रिवाबा जामनगर की सांसद और मेयर से भिड़ीं, बोलीं- 'औक़ात...'

    भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा

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    भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा की गुरुवार को जामनगर की मेयर और सांसद के साथ हुई तीख़ी कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

    रिवाबा जडेजा जामनगर उत्तर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. और उनका झगड़ा जिन दोनों नेताओं से हुआ है, वे भी बीजेपी नेता ही हैं.

    इस वीडियो में रिवाबा जडेजा ऊंची आवाज़ में महिला सांसद पूनम मदाम और मेयर बीनाबेन से बात करते हुए 'औक़ात' जैसे शब्द इस्तेमाल करती दिख रही हैं.

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    मीडिया में अपने बयानों के लिए स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा है कि ‘जब कोई आपके सामने ऊंची आवाज में बोलता है, तो आप स्वाभाविक रूप से अपमानित महसूस करते हैं. इसलिए मुझे अपना आत्मसम्मान बनाए रखने के लिए ऐसा कहना पड़ा.’

  14. दिल्ली विधानसभा में हंगामा, केजरीवाल बोले- 'पीएम पिता समान लेकिन...'

    अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में मणिपुर में हिंसा पर चर्चा के लिए बुलाए गए सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है.

    उन्होंने कहा कि पीएम पिता समान होता है, लेकिन उन्होंने मणिपुर की बेटियों से मुंह मोड़ लिया.

    सीएम केजरीवाल ने विधानसभा में कहा, ''जब सारे सिस्टम फेल हो जाते हैं तो लोग प्रधानमंत्री को याद करते हैं. पद और उम्र के हिसाब से प्रधानमंत्री उनके पिता समान हैं. बेटियों के साथ ऐसा हो और पिता कहे कि मेरा कोई लेना-देना नहीं. वो मुंह मोड़ ले तो बेटियां कहां जाएंगी.''

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    इससे पहले मणिपुर हिंसा पर चर्चा का बीजेपी विधायकों की तरफ़ से कड़ा विरोध किया गया.

    इसके बाद मार्शलों ने ओपी शर्मा समेत चार विधायकों को सदन से बाहर कर दिया.

    बीजेपी विधायकों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली के मुद्दों की अनदेखी करके मणिपुर पर चर्चा कर रही है.

  15. ग़ुलाम नबी आज़ाद के 'सारे मुसलमान हिंदू थे' वाले बयान पर महबूबा मुफ़्ती ने कही ये बात

    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती

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    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने गुरुवार को ग़ुलाम नबी आज़ाद की ओर से दिए गए बयान पर अपनी टिप्पणी दी है.

    ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि "इस्लाम तो आया ही है 1500 साल पहले, हिंदू धर्म बहुत पुराना है. बाहर से आए होंगे 10-20 लोग...जो मुग़लों की फौज में थे. बाकी सब तो हिंदू से ही कन्वर्ट हुए हैं मुसलमान हिंदुस्तान में. इसकी मिसाल हमारे कश्मीर में है. कश्मीर में कौन था 600 साल पहले मुसलमान? सब कश्मीरी पंडित थे."

    इसी बयान पर महबूबा मुफ़्ती की ओर से टिप्पणी आई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा - "मुझे नहीं पता कि आज़ाद साहब कितना पीछे चले गए हैं. उन्हें अपने पूर्वजों के बारे में कितनी जानकारी है. मगर मैं उन्हें ज़रूर सलाह दूंगी कि अगर वह पीछे जाना चाहते हैं तो पीछे चले जाएं, हो सकता है कोई बंदर उन्हें पूर्वज़ों में मिल जाए."

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  16. पाकिस्तान: ईसाई समुदाय के ख़िलाफ़ हिंसा मामले में 128 गिरफ़्तार, अमेरिका ने कही ये बात

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान में क़ुरान के कथित अपमान के बाद बाद ईसाई समुदाय के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के मामले में अब तक 128 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    ये हिंसा बुधवार को फ़ैसलाबाद के जरांवाला तहसील में हुई थी.

    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने इस पूरे मामले को देश में माहौल ख़राब करने की साजिश बताया है. मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है.

    पाकिस्तान

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    पंजाब प्रांत के आईजी डॉ. उस्मान अनवर ने बीबीसी संवाददाता आसिया अंसार से बात करते हुए कहा है कि फिलहाल इलाक़े में हालात शांतिपूर्ण हैं. और 3500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.

    उन्होंने मामले में 128 अभियुक्तों की गिरफ़्तारी की पुष्टि भी की है. इलाक़े में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए धारा 144 लागू है.

    इस प्रकरण पर अमेरिका की तरफ़ से प्रतिक्रिया आई है.

    अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने इस मामले पर कहा, ''हम क़ुरान के कथित अपमान को लेकर पाकिस्तान में चर्च और रिहायशी इलाक़ों को निशाना बनाए जाने की घटना को लेकर चिंतित हैं.''

    उन्होंने कहा, ''हम शांतिपूर्ण तरीके से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोगों को अपने धर्म का पालन करने के अधिकार का समर्थन करते हैं. किसी भी तरह की हिंसा या हिंसा की धमकी अभिव्यक्ति के तौर पर स्वीकार नहीं की जा सकती. हम पाकिस्तान सरकार ने मामले की जांच की अपील करते हैं.''

    क़ुरान के कथित अपमान से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले जरांवाला में स्थानीय ईसाई आबादी पर हमला कर दिया था.

    इसमें कई चर्चों समेत घरों और सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ और आग़जनी की गई थी.

  17. दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर मचा घमासान, आप और कांग्रेस के बाद बीजेपी का आया बयान

    बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन

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    दिल्ली की सात लोकसभा सीटों को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद बीजेपी की ओर से भी बयान आ गया है.

    दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि दिल्ली की सातों सीटों पर पार्टी की जीत होगी.

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    हर्षवर्धन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, ''जनता बहुत समझदार है. लोकसभा चुनावों में जनता मोदीजी पर भरोसा करती है. लगातार सात सीटों पर जिताती है. और 2024 में भी हमारी विजय होगी.''

    इससे पहले बुधवार को कांग्रेस नेता अलका लांबा ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस अगर पूरी ताक़त लगाकर दिल्ली की सातों सीटों पर लड़े तो उन्हें जीत भी सकती है.

    इसके बाद इंडिया गठबंधन की घटक दल आम आदमी पार्टी की ओर से आपत्ति जताई गयी थी.

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  18. बीजेपी ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए जारी की उम्मीदवारों की सूची

    जेपी नड्डा

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    भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में अगले कुछ महीनों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है.

    इस सूची में 39 विधानसभाओं के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए गए हैं.

    इसमें चार सीटों सबलगढ़, चाचौड़ा, छतरपुर और जबलपुर पूर्व पर महिला उम्मीदवारों को मौका दिया गया है.

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    बीजेपी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की 21 सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है जिसमें पांच महिलाएं शामिल हैं.

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  19. राजस्थान: वसुंधरा राजे को चुनाव समितियों से दूर रखने पर बीजेपी ने दी सफाई

    वसुंधरा राजे

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    भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर बनाई गई समितियों में वसुंधरा राजे को शामिल न करने पर स्पष्टीकरण दिया है.

    राजस्थान में बीजेपी प्रमुख सीपी जोशी और इंचार्ज अरुण सिंह ने गुरुवार को जेपी नड्डा की ओर से बनाई गई दो समितियों की घोषणा की है.

    इन समितियों के नेतृत्व की ज़िम्मेदारी पूर्व सांसद नारायण पंचारिया और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल को दी गयी है.

    इन दोनों समितियों से वसुंधरा राजे को दूर रखने पर बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सफाई दी गयी है.

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    केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि 'वसुंधरा राजे बहुत ही वरिष्ठ नेता हैं. उन्हें कई कार्यक्रमों में शामिल किया गया है. और भविष्य में भी ऐसा करते रहेंगे."

  20. चंद्रयान- 3 को मिली नयी सफलता, प्रोपल्शन सिस्टम से अलग हुआ लैंडर

    इसरो

    इमेज स्रोत, Twitter/isro

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के चंद्रयान 3 मिशन ने गुरुवार को एक नया कीर्तिमान बनाया है.

    चंद्रयान 3 का लैंडर अपने प्रोपल्शन सिस्टम से अलग हो गया है जिसका मतलब ये है कि अब वह धीरे-धीरे चांद की सतह की ओर बढ़ेगा.

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    इसरो ने बताया है कि शुक्रवार शाम चार बजे तक चंद्रयान 3 के लैंडर को चांद की सतह के क़रीब लाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

    इसरो के पूर्व वैज्ञानिक मायलस्वामी अन्नादुरई ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए इसे एक मील का पत्थर करार दिया है.

    उन्होंने कहा, “ये एक मील का पत्थर है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया इसके इंतज़ार में है कि लैंडर और रोवर आगे इस मिशन को कैसे अंजाम देते हैं.”

    अब चंद्रयान 3 का लैंडर और रोवर 23 अगस्त के क़रीब चांद की सतह पर उतरेगा.

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    इसरो की इस सफलता पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी (राज्य प्रभार) जितेंद्र सिंह ने टिप्पणी की है.

    उन्होंने कहा है, "यह एक बड़ी उपलब्धि है और देश को इस पर गर्व है... दुनिया की नजरें चंद्रयान 3 पर हैं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक अनूठा मिशन है जिस पर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की नजर है. चंद्रयान श्रृंखला द्वारा प्रदान की गई तस्वीरें ज्यादातर समय अपनी तरह की पहली होती हैं...

    भले ही अमेरिका के नील आर्मस्ट्रांग 1969 में चंद्रमा पर उतरे थे, फिर भी यह हमारा चंद्रयान ही था जो चंद्रमा पर पानी की तस्वीरें लेकर आया था. इससे वहां प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मानव निवास की संभावना जगी...इस बार चंद्रयान 3 की लैंडिंग के लिए चुनी गई जगह की वजह से दूसरे देशों की नजर चंद्रयान 3 पर है.