एशिया हॉकी चैंपियंस ट्रॉफ़ीः जापान को हरा भारत पांच साल बाद पहुंचा फ़ाइनल में
एशिया हॉकी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के सेमी फ़ाइनल में भारतीय हॉकी टीम ने जापान को 5-0 से हरा कर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है.
लाइव कवरेज
चंदन शर्मा and स्नेहा
एशिया हॉकी चैंपियंस ट्रॉफ़ीः जापान को हरा भारत पांच साल बाद पहुंचा फ़ाइनल में
इमेज स्रोत, ANI
एशिया हॉकी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के सेमी फ़ाइनल में भारतीय हॉकी टीम ने जापान को 5-0 से हरा कर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है.
भारत एशिया हॉकी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में भारत पांच साल बाद पहुंचा है. भारत ने 5वीं बार फ़ाइनल में जगह बनाई है.
इससे पहले 2018 में पाकिस्तान के साथ भारतीय टीम संयुक्त रूप से विजेता रही थी.
अब फ़ाइनल मुक़ाबला भारत और मलेशिया के बीच 12 अगस्त को होगा. मलेशिया ने पहले सेमीफ़ाइनल में पिछले चैंपियन दक्षिण कोरिया को 6-2 से हराया था.
भारत की स्थिति मलेशिया के मुकाबले बहुत मजबूत है.
भारत ने ग्रुप स्टेज में मलेशिया को भी 5-0 से हराया था.
हरियाणा में सांप्रदायिक झड़प के मामलों में अब तक 393 गिरफ़्तार
इमेज स्रोत, ANI
हरियाणा सरकार ने नूंह में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर रोक को रविवार तक के लिए बढ़ा दिया. नूंह के हालात को अब भी 'नाजुक और तनावपूर्ण' बताया गया है.
इस महीने की शुरुआत में सांप्रदायिक झड़प के मामले में अब तक 393 लोगों को गिरफ़्तार किया है और 118 को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया है.
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि नूंह, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी, पानीपत, भिवानी और हिसार में 160 एफ़आईआर दर्ज हुए हैं.
इन झड़पों में छह लोगों की मौत हो गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने इस बीच सभी स्कूलों और संस्थानों को शुक्रवार से खोलने की मंजूरी दी थी.
नूंह में मोबाइल सेवा और एसएमएस सेवा पर रोक को 13 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है.
चीन में गिरती क़ीमतें क्यों हैं दुनिया के लिए चिंता की बात, भारत पर क्या होगा असर
भारत ने नीजेर से अपने नागरिकों को जल्द से जल्द निकलने की सलाह दी
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत ने शुक्रवार को हिंसा प्रभावित नीजेर से अपने नागरिकों को जल्द से जल्द निकलने की सलाह दी है.
अभी नीजेर में करीब 250 भारतीय हैं. यहां पिछले महीने हुई तख़्तापलट के व्यापक स्तर पर हिंसा हो रही है और देश में असुरक्षा का मौहाल है.
विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि वे जो नीजेर की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें हालात सामान्य होने का इंतजार करना चाहिए.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत नीजेर में चल रहे घटनाक्रम पर निगरानी रख रहा है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को तत्काल वहां से निकलने की सलाह दी जाती है. उन्हें ये भी ध्यान में रखना होगा कि अभी एयर स्पेस बंद है इसलिए लैंड बॉर्डर के जरिए बाहर निकलना होगा और ऐसे में सुरक्षा के एहतियात बरतने होंगे.
प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय नागरिक भारतीय दूतावास को संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए उन्होंने एक नंबर भी (+ 227 9975 9975) शेयर किया है. कई यूरोपीय देश अपने नागरिकों को नीजेर से निकाल चुके हैं.
अरविंद नेताम का इस्तीफा छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए कितना बड़ा झटका
गुरुग्राम: 'असत्य और भ्रामक ट्वीट' के मामले में एक व्यक्ति गिरफ़्तार
इमेज स्रोत, Getty Images
गुरुग्राम पुलिस ने बताया है कि उन्होंने 'असत्य और भ्रामक' ट्वीट करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया है.
गुरुग्राम पुलिस ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है, "ट्वीटर हैंडल @mukeshkrd से बेबुनियाद, असत्य व भ्रामक तथ्यों के आधार पर एक ट्वीट किया गया था. गुरुग्राम पुलिस द्वारा इस मामले पर संज्ञान लेते हुए थाना साइबर पूर्व, गुरुग्राम में धारा 66C आईटी एक्ट और 153B, 469, 501, 505(1)(C) आईपीसी के तहत अभियोग अंकित किया गया था. इस अभियोग की तफ्तीश थाना साइबर पूर्व, गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की जा रही थी."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
11 अगस्त को मुकेश नाम के व्यक्ति को थाना साइबर पूर्व, गुरुग्राम की टीम ने गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है.
मुकेश सुदर्शन न्यूज़ से जुड़े हुए हैं.
उनके मीडिया संस्थान ने भी उनकी गिरफ़्तारी के बारे में ट्वीट किया है.
संस्थान ने गिरफ़्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि गिरफ़्तारी के सात घंटे बाद पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी किया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
पीएम मोदी ने मिज़ोरम पर जिस बमबारी का जिक्र किया, उसकी पूरी कहानी
ओबामा ने शेयर की ये तस्वीर, पीएम मोदी ने बराक ओबामा को दिया था गिफ़्ट
इमेज स्रोत, obamalibrary/instagram
बराक ओबामा प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी ने पीएम नरेंद्र मोदी के दिए एक तोहफ़े को सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
पीएम ने यह तोहफ़ा दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में स्टेट डिनर के दौरान बराक ओबामा को 25 जनवरी, 2015 को दिया था.
इस लेख में Instagram से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Instagram cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट Instagram समाप्त
बराक ओबामा उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति थे और वो भारत के दौरे पर आए हुए थे.
इंस्टाग्राम पर ओबामा लाइब्रेरी के अकाउंट ने छोटे से बॉक्स की तस्वीर डाली है, जिसमें कलम रखे जाते हैं. इसमें बताया गया है कि यह लंबे ओवल आकार वाला बॉक्स है, जिसके ऊपर फूल-पत्तियों की नक्काशी की हुई है.
इस पोस्ट में बताया गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जब किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष का तोहफ़ा स्वीकार करते हैं तो वो अमेरिका की सरकारी संपत्ति हो जाता है.
बाद में इस गिफ़्ट को व्हाइट हाउस गिफ़्ट यूनिट नेशनल आर्काइव को सौंप देती है. फिर ये कभी प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी का हिस्सा बनती हैं.
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पर अगले आदेश तक रोक लगाई
इमेज स्रोत, ANI
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के शनिवार को होने वाले चुनावों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी.
अदालत ने यह फ़ैसला हरियाणा कुश्ती संघ (एचडब्ल्यूए) द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनाया है.
एचडब्ल्यूए ने हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ को डब्ल्यूएफआई के चुनाव में मतदान का अधिकार देने के फैसले को चुनौती दी थी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन के वकील रवींद्र मलिक ने बताया कि एचडब्ल्यूए राज्य में पंजीकृत सोसाइटी है और डब्ल्यूएफ़आई से संबद्ध है.
एचडब्ल्यूए का नेतृत्व दीपेंद्र हुड्डा करते हैं.
मलिक ने कहा, ''हमने हाई कोर्ट में रिटर्निंग अधिकारी के आदेश को चुनौती दी थी. हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ भले ही डब्ल्यूएफ़आई से संबद्ध हो लेकिन यह हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध नहीं है. इसका मतलब है कि वे चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के हकदार नहीं हैं.''
वहीं, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि डब्ल्यूएफ़आई के चीफ़ रहे भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत हैं.
सिंह पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने के आरोप हैं. अब अदालत इस मामले पर 19 अगस्त को सुनवाई करेगी.
दिनभर: मानसून सत्र ख़त्म, सरकार और विपक्ष को क्या मिला
राज्यसभा से निलंबित किए जाने पर क्या बोले आप सांसद राघव चड्ढा
इमेज स्रोत, ANI
राज्यसभा से निलंबित किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने एक बयान जारी किया है.
उन्होंने कहा, "क्या मेरा यह अपराध है कि मैंने संसद में खड़े होकर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं से सवाल पूछे? क्या मेरा ये अपराध है कि मैंने दिल्ली सेवा बिल पर अपनी बात रखते हुए बीजेपी के सबसे बड़े नेताओं से न्याय की मांग की. उन्हें उन्हीं का पुराना मेनिफेस्टो दिखाकर वादें पूरा करने के लिए कहा. आज की बीजेपी को आडवाणीवादी और वाजपेयीवादी होने की बात कही."
राघव चड्ढा ने कहा कि इस मॉनसून सत्र में आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों को निलंबित कर दिया गया है जिसमें संजय सिंह, सुशील कुमार रिंकू और वे खुद शामिल हैं.
उन्होंने कहा, "बीजेपी के लोग जिस प्रकार से राहुल गांधी जी की सदस्यता ले सकते हैं, कल को ये आम आदमी पार्टी के किसी सांसद की सदस्यता रद्द कर सकते हैं. शायद मैं पहली बार ऐसा देख रहा हूं कि जो मनगढ़ंत आरोप बीजेपी लगा रही है, जिस अपराध के लिए दोषी कह रही है, वो अपराध रूल बुक में लिखा ही नहीं हुआ है."
राघव चड्ढा ने कहा, "बीजेपी के लोग कह रहे हैं कि मैंने किसी सांसद के हस्ताक्षर कर सदन में जमा करवा दिए, मैं आपको सत्य बताना चाहूंगा, कि सत्य यह है कि किसी सांसद को एक समिति में नाम प्रस्तावित करने की छूट होती है. मैं एक सिलेक्ट कमेटी के गठन के लिए कुछ सांसदों का नाम सुझा सकता हूं. इसमें किसी सांसद की लिखित सहमति या हस्ताक्षर की जरूरत नहीं पड़ती है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
राघव चड्ढा को 'विशेषाधिकार उल्लंघन' के मामले में सदन से निलंबित किया गया है. उन्हें नियमों के उल्लंघन और सही आचरण नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है.
दिल्ली सेवा विधेयक को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए राघव ने राज्यसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था.
राघव पर आरोप हैं कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर पांच सांसदों के नाम और उनके हस्ताक्षर किए थे. इससे पहले भी आप नेता ने फर्जी हस्ताक्षर विवाद पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था.
तब राघव ने कहा था, "मैं बीजेपी के नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो कागज लेकर आएं मेरे सामने, जिस पर ये हस्ताक्षर हैं. जब हस्ताक्षर होते ही नहीं, तो फर्जी हस्ताक्षर की बात कहां से आ गई. आप तो इतनी बड़ी पार्टी हैं, इतनी ताकतवर सरकार है. वो कागज दिखाओ, जहां पर हस्ताक्षर है. अगर आप कह रहे हैं कि मैंने कोई कागज जमा किया है, जिसमें गलत तरीके से किसी के साइन किए गए हैं. तो वो कागज लेकर आओ. मैं चुनौती देता हूं."
अशोक गहलोत बोले, 'गृह मंत्रालय में बैठ कर षड्यंत्र रचे जा रहे हैं',
इमेज स्रोत, Moharsinghmeena
आगामी राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने तैयारी शुरू कर दी है.
शुक्रवार को लोकसभा पर्यवेक्षकों और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की कमेटी ने चुनावी रणनीति बनाने पर मंथन किया.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और राजस्थान चुनाव के सीनियर आब्जर्वर मधुसूदन मिस्त्री समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया.
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, "राजस्थान में फिर से कांग्रेस सरकार बनाएगी. राजस्थान की सरकार आम लोगों के साथ है और बीजेपी अमीरों के साथ है. हम चुनाव जीतेंगे."
वहीं सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी पर सरकार गिराने के प्रयास के आरोप लगाते हुए फिर एक बार नरेंद्र मोदी और अमित शाह को घेरा.
सरकार पर आए संकट को लेकर उन्होंने कहा, "कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार गिर गई. राजस्थान में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की इच्छा पूरी नहीं हुई. राजस्थान ने सरकार नहीं गिरने दी, बाद में इन्होंने और प्रयास किए, लेकिन, इनको मौक़ा ही नहीं दिया कि वापस ये कामयाब हों."
"आज भी इनके दिलों में आग लगी हुई है. मोदी जी राजस्थान में छह दौरे कर चुके हैं. अमित शाह कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं. गृह मंत्रालय में बैठ कर षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, हमें मालूम है इस बात का."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उम्मीदवारों के नामों की कब होगी घोषणा
उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने कहा, "कर्नाटक का मॉडल राजस्थान में भी अपनाया जाएगा. जल्द सिलेक्शन प्रक्रिया शुरू करेंगे और हमारा प्रयास है कि सितंबर के लास्ट या अक्टूबर के पहले सप्ताह में उम्मीदवारों की पहली लिस्ट निकाल दें."
राज्य कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, "आगामी चुनाव के लिए हमारे उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार है. उम्मीदवारों की पहली लिस्ट सितंबर में जारी की जाएगी. विनिंग कैंडिडेट्स को टिकट मिलेगा. राजस्थान में सरकार रिपीट होगी."
मिशन 156
अशोक गहलोत ने दावा करते हुए कहा कि, "इस बार स्पष्ट बहुमत नहीं भारी बहुमत रहेगा. मिशन 156 को टारगेट बना कर हम चल रहे हैं और कामयाब होंगे."
पार्टी के अंदरूनी मतभेदों पर उन्होंने कहा, "एकजुट होकर चुनाव लड़ा जाएगा. हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है, छोटे मोटे मतभेद सभी पार्टियों में होते हैं."
लखीमपुर खीरी कांड: दलित बहनों से रेप और हत्या मामले में चार अभियुक्त दोषी करार,
इमेज स्रोत, Prashantpandey
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पिछले साल 14 सितम्बर 2022 को दो सगी दलित नाबालिग बहनों से गैंगरेप और हत्या मामले में पॉक्सो कोर्ट ने चार अभियुक्त को दोषी करार दिया है.
दोष सिद्ध होने में 11 महीने का वक्त लगा है. पॉक्सो कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त जुनैद समेत चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया है.
पॉक्सो कोर्ट के जज राहुल सिंह ने चार अभियुक्तों जुनैद, सुनील उर्फ छोटू, आरिफ और करीमुद्दीन को गैंगरेप, हत्या, साक्ष्य मिटाने समेत तमाम धाराओं में दोषी करार दिया.
कोर्ट ने सभी अभियुक्तों के ऊपर से एससी एसटी एक्ट को हटा दिया है.
एडीजीसी ब्रजेश कुमार पाण्डेय ने बीबीसी को बताया, “अदालत ने चार आरोपियों पर ही अभी फैसला सुनाया है, चारों को दोषी माना है, अभी दो आरोपियों पर फैसला आना है, इनमें से एक का केस जुवेनाइल बोर्ड में चल रहा. अदालत ने 14 अगस्त को सजा पर सुनवाई की तारीख तय की है.”
क्या है मामला?
14 सितम्बर 2022 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन कोतवाली इलाके के एक गाँव में दो सगी नाबालिग बहनों की लाश गन्ने के खेत में एक पेड़ से लटकी मिली थीं.
मृतक लड़कियों की माँ ने गाँव के ही सुनील उर्फ छोटू समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर में आरोप था कि कुछ लड़के मोटरसाइकिल से दोनों बहनों को अगवा कर ले गए और रेप के बाद हत्या कर दी गई.
घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए दोनों बहनों को उन्ही के दुपट्टों से लटका दिया गया था. मामले में पुलिस ने मुख्य अभियुक्त जुनैद समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. एजेंसी ने घटना के 15 दिनों के अंदर ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था.
लखीमपुर खीरी में दलित लड़कियों की हत्या: पीड़ित परिवार का क्या कहना है - ग्राउंड रिपोर्ट
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के साथ कैसा होगा व्यवहार, विदेश मंत्रालय ने बताया
इमेज स्रोत, Getty Images
विदेश मंत्रालय ने भारत में आयोजित हो रहे आईसीसी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम की भागीदारी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तानी टीम के साथ भारत का व्यवहार बिल्कुल दूसरी टीमों के जैसा ही होगा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ''हमने पाकिस्तानी टीम के भारत में आयोजित हो रहे आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की ख़बरें देखी हैं. पाकिस्तान टीम के साथ भारत का व्यवहार बाकी अन्य टीमों के जैसा होगा."
सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा, "जहां तक सुरक्षा की बात है तो ये सवाल सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ा हुआ है. मुझे उम्मीद है कि सभी जरूरी सुरक्षा जो बाकी टीमों को मिलेगी, वो उन्हें भी मिलेगी. ''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पाकिस्तान की सरकार ने छह अगस्त को 2023 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए अपनी टीम को भारत जाने की अनुमति दे दी थी.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उन्हें अपनी टीम की सुरक्षा की चिंता है और वे इन चिंताओं को आईसीसी और भारतीय अधिकारियों के साथ साक्षा करेंगे.
विश्व कप 5 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 2019 के फाइनलिस्ट इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इसकी शुरुआत होगी और यहीं पर 19 नवंबर को फ़ाइनल मैच खेला जाएगा.
संसद टीवी पर भाषण के दौरान कम दिखाए जाने के सवाल पर क्या बोले राहुल गांधी?
इमेज स्रोत, Congress
लोकसभा में भाषण के दौरान राहुल गांधी को संसद टीवी पर कम दिखाए जाने के आरोपों पर खुद राहुल गांधी ने जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, "शायद पीएम मेरा चेहरा टीवी पर नहीं देखना चाहते, मगर फिर पीएम मेरे वीडियो के बारे में बात करते हैं. पता नहीं क्या है. मुझे लगता है कि शायद उनको मेरा चेहरा टीवी पर देखना अच्छा नहीं लगता. कोई समस्या नहीं है."
राहुल ने कहा, "मैं जानता हूं कि मीडिया पर कंट्रोल पर है. लोकसभा, राज्यसभा टीवी पर कंट्रोल है. उसके बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं कर सकता. मगर मुझे अपना काम करना है. वो मैं करता हूं. जहां भी भारत माता पर आक्रमण होगा, वहां मैं आपको खड़ा मिलूंगा, भारत माता की रक्षा करते मिलूंगा."
बुधवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने भाषण दिया था. कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया था, "राहुल गांधी जी सदन में मणिपुर पर 15 मिनट 42 सेकंड बोले, इस दौरान संसद टीवी पर 11 मिनट 08 सेकंड तक स्पीकर ओम बिरला जी को दिखाया गया. राहुल जी को सिर्फ 4 मिनट दिखाया गया."
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
इमेज स्रोत, Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को जमानत दे दी.
शीर्ष अदालत ने स्वास्थ्य आधार पर मलिक को दो महीने की राहत दी है. एनसीपी नेता मलिक को पिछले साल फरवरी में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ़्तार किया था.
शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान की ड्रग मामले में गिरफ़्तारी के बाद से नवाब मलिक लगातार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के तत्कालीन डिविजनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और उनके परिवार पर आरोप लगा रहे थे.
उद्धव ठाकरे की सरकार में नवाब मलिक के पास अल्पसंख्यक, उद्यम और कौशल विकास का कैबिनेट मंत्रालय का प्रभार था. साथ ही वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता भी थे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हैं नवाब मलिक
नवाब मलिक का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले का रहने वाला है.
उनके परिवार की अच्छी खेती बाड़ी और कारोबार था, परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था. नवाब के जन्म से पहले उनके पिता, मोहम्मद इस्लाम मलिक मुंबई में बस गए थे. लेकिन पहले बच्चे के जन्म के लिए परिवार वापस उत्तर प्रदेश पहुंचा.
नवाब का जन्म 20 जून 1959 को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के उतरौला तालुका के एक गाँव में हुआ था. इसके कुछ समय बाद मलिक परिवार फिर मुंबई लौट आया.
सपा नेता शिवपाल यादव से बोले सीएम योगी, 'देखो, ये आपके साथ न्याय नहीं करेंगे'
इमेज स्रोत, ANI
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में शुक्रवार को कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के साथ अन्याय हुआ है.
मुख्यमंत्री विधानसभा में अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर निशाना साध रहे थे और इस दौरान शिवपाल यादव की तरफ से कुछ कहे जाने पर उन्होंने कहा, ''देखो, ये आपके साथ न्याय नहीं करेंगे. जब भी आपका नंबर आता है, आपको चुपचाप काट दिया जाता है. आपके भलमानस को ध्यान में रखकर आपके संघर्षों को कोई ध्यान में नहीं रखता है.''
इस पर मुख्यमंत्री से सपा नेता ने कहा कि ये दरार है. तो मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दरार नहीं है.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में इंसेफेलाइटिस बीमारी को लेकर भी विपक्ष पर हमला किया.
उन्होंने कहा, ''इंसेफेलाइटिस से पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 साल में 50 हजार बच्चों की मौत हुई थी. चार बार समाजवादी पार्टी को भी मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला था. 90 फ़ीसदी जो बच्चे थे मरने वाले, वे दलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ी जाति के थे."
"मुझे ये बताते हुए गर्व है कि हमारी सरकार ने पहले कार्यकाल में ही इंसेफेलाइटिस का समूल नाश कर दिया है. इसकी सिर्फ़ घोषणा होनी बाकी है. क्या कर रहे थे लोग?''
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यक़ीन नहीं. विपक्ष को जमीनी हकीकत की कोई जानकारी नहीं है और तुलसीदास ने बात कही भी कि समरथ को नहीं दोष गोसाईं. ऐसे लोगों पर बातें अक्सर सही बैठती हैं. क्योंकि जो लोग जन्म से चांदी के चम्मच में खाने के आदी हैं, वे एक गरीब की समस्या को क्या समझेंगे?''
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के बारे में कहा कि जनता ने उन्हें वोट नहीं दिया और 'आपको एक बार फिर ख़ारिज कर दिया और 2024 में खाता भी नहीं खुलने वाला है.''
राहुल गांधी ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर को जलाना चाहते हैं, आग बुझाना नहीं चाहते'
इमेज स्रोत, Congress
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरा.
उन्होंने कहा, "कल प्रधानमंत्री जी ने संसद में 2 घंटे 13 मिनट भाषण किया. अंत में दो मिनट उन्होंने मणिपुर पर बात की. मणिपुर में महीनों से आग लगी हुई है. लोग मारे जा रहे हैं. बलात्कार हो रहा है. बच्चों को मारा जा रहा है. कल प्रधानमंत्री हंस-हंसकर बोल रहे थे. मुस्कुरा रहे थे. जोक्स मार रहे थे. ये उनको शोभा नहीं देता."
राहुल गांधी ने कहा कि वे पिछले करीब 19 साल से राजनीति कर रहे हैं और इस पूरे समय में उन्होंने कभी ऐसा कुछ नहीं देखा और सुना जो उन्होंने मणिपुर में देखा.
उन्होंने कहा, "मैंने संसद में कहा था कि पीएम और अमित शाह ने भारत माता की हत्या की है. मणिपुर में भारत को खत्म कर दिया है. ये खोखले शब्द नहीं हैं. मैं समझाता हूं कि मैंने ऐसा क्यों कहा?"
"जब हम मणिपुर पहुंचे, हमें मणिपुर में दौरा करना था. जब हम मैतेई एरिया में गए, हमें साफ कहा गया था कि आपकी सिक्योरिटी डिटेल में कोई भी कुकी होगा, तो उसे यहां मत लाइये, उसे हम मार देंगे. जब हम कुकी एरिया में गए, तो हमें कहा गया कि अगर कोई मैतेई सिक्योरिटी में होगा तो उसे मत लाइये, उसे हम मार देंगे. हम जब गए तो हमें मैतई और कुकी को अलग करना पड़ा. मतलब एक राज्य नहीं है वो. आज मणिपुर दो राज्य है. राज्य की हत्या कर दी है, उसे चीर दिया गया है. इसलिए मैंने बोला बीजेपी ने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या कर दी है."
राहुल गांधी ने कहा, "अगर मणिपुर जा नहीं सकते, तो उसके बारे बोलें तो. मणिपुर में जो हो रहा है, हिंदुस्तान की सेना उसे दो दिन में रोक सकती है. तीन दिन नहीं लगेंगे. अगर हिंदुस्तान की आर्मी को बोला गया कि ये तमाशा बंद करो, दो दिन में ये तमाशा बंद हो जाएगा. पीएम मणिपुर को जलाना चाहते हैं. आग बुझाना नहीं चाहते हैं. ये है सच्चाई."
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
'भारत माता शब्द से आपत्ति'
राहुल गांधी ने कहा कि पहली बार भारत माता शब्द रिकॉर्ड से हटा दिया गया. यह भारत माता शब्द के लिए अपमान है. मैंने भारत माता कहा था, जो भारत का आइडिया है. जहां हर कोई शांति और सद्भाव से रहता है और इसे मणिपुर में मारा गया है और यह तथ्य है. अब हम भारत माता संसद में नहीं कर सकते हैं.
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा निलंबित, क्या है मामला?
इमेज स्रोत, ANI
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को 'विशेषाधिकार उल्लंघन' के मामले में सदन से निलंबित कर दिया गया है.
उन्हें नियमों के उल्लंघन और सही आचरण नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है. दिल्ली सेवा विधेयक को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए राघव ने राज्यसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था.
राघव पर आरोप हैं कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर पांच सांसदों के नाम और उनके हस्ताक्षर किए थे.
इससे पहले आप नेता ने फर्जी हस्ताक्षर विवाद पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
''राघव चड्ढा ने कहा था, "मैं बीजेपी के नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो कागज लेकर आएं मेरे सामने, जिस पर ये हस्ताक्षर हैं. जब हस्ताक्षर होते ही नहीं, तो फर्जी हस्ताक्षर की बात कहां से आ गई. आप तो इतनी बड़ी पार्टी हैं, इतनी ताकतवर सरकार है. वो कागज दिखाओ, जहां पर हस्ताक्षर है. अगर आप कह रहे हैं कि मैंने कोई कागज जमा किया है, जिसमें गलत तरीके से किसी के साइन किए गए हैं. तो वो कागज लेकर आओ. मैं चुनौती देता हूं."
उन्होंने कहा था, "प्रोसेस ये होता है कि जब भी कोई विवादित बिल सदन में आता है तो समिति गठन की प्रक्रिया बताई गई है. अगर कोई सदस्य चाहता कि इस पर मतदान न होकर और अधिक चर्चा हो, तो उसके लिए समिति का गठन किया जाता है. उस समिति में कुछ नाम प्रस्तावित किए जाते हैं. जिस सदस्य को उस समिति में नहीं रहना, वो अपना नाम वापस ले लेता है. ये प्रस्ताव है, किसी को जबरदस्ती नहीं बैठाया जाता."
म्यांमार से भागकर मलेशिया जा रहे रोहिंग्या मुसलमानों की डूबी नाव, 23 की मौत
इमेज स्रोत, Getty Images
म्यांमार
के रखाइन प्रांत से भागकर मलेशिया जा रहे रोहिंग्या मुसलमानों की एक नाव डूबने से
कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई है, जबकि
क़रीब 30 लोग अब भी लापता हैं.
राहत और
बचाव टीम के एक सदस्य ने बीबीसी बर्मीज़ को बताया है कि अब तक 23 लोगों के शव बरामद
हुए हैं. इनमें 13 महिलाएं और 10 मर्द हैं.
इस हादसे
के बाद 30 अन्य लोग अब भी लापता हैं, जबकि
आठ लोग किसी तरह बच पाने में कामयाब रहे हैं.
इस हादसे
में बचे एक शख़्स ने बताया कि 50 से अधिक लोगों को लेकर मलेशिया जा रही उनकी नाव रविवार
को डूब गई थी.
म्यांमार
में हो रहे उत्पीड़न से बचने के लिए हज़ारों रोहिंग्या मुसलमान हर साल जोख़िम भरा समुद्री
सफ़र करते हैं और ऐसा कर वे मलेशिया या इंडोनेशिया पहुंचने की कोशिश करते हैं. लेकिन इस दौरान होने वाले
हादसों में हर साल कई लोग मारे जाते हैं.
बौद्ध बहुल
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमान अल्पसंख्यक हैं. 2017 में म्यांमार की सेना की ओर से
किए गए कथित सामूहिक नरसंहार से बचने के लिए हज़ारों रोहिंग्या मुसलमान भागकर बांग्लादेश
चले गए थे.
म्यांमार
में जो रोहिंग्या बच भी गए, वे
2021 के तख़्तापलट के बाद म्यांमार छोड़ने के लिए प्रयास कर रहे हैं.