एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2023: भारत ने पाकिस्तान को 4-0 से हराया
मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल और जुगराज सिंह ने एक गोल दागा है.
लाइव कवरेज
विकास त्रिवेदी and संदीप राय
ब्रेकिंग न्यूज़, एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2023: भारत ने पाकिस्तान को 4-0 से हराया
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चेन्नई के मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी के एक मुक़ाबले में मेजबान टीम भारत ने मेहमान टीम पाकिस्तान को 4-0 से हरा दिया है.
भारत ने इस मुक़ाबले में तीसरे क्वार्टर तक 3-0 की बढ़त बना ली थी. चौथे क्वार्टर में 55वें मिनट में आकाशदीप ने गोल दागा और बढ़त 4-0 हो गई.
मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल और जुगराज सिंह ने एक गोल दागा है.
इस मैच से पहले सेमीफ़ाइनल में भारत की जगह पहले ही पक्की हो चुकी थी. वहीं पाकिस्तान को अंतिम चार में जाने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना था.
एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी के इतिहास में भारत और पाकिस्तान सबसे कामयाब टीमें रही हैं. दोनों ही टीमें तीन-तीन बार ये ट्रॉफ़ी जीत चुकी हैं.
मोदी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्तावः 'फ़्लाइंग किस' को लेकर किसने क्या कहा
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संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भाषण
ख़त्म होने पर उनके कथित 'फ्लाइंग किस' को लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा
मचा हुआ है.
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में 'आपत्तिजनक आचरण' करने का आरोप लगाया है.
केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी
ने कहा, "सिर्फ़ एक महिला विरोधी
मानसिकता वाला व्यक्ति ही ऐसी संसद को फ़्लाइंग किस दे सकता है, जहां महिला सांसद बैठी
हों."
बीजेपी की महिला सांसदों ने इस
मामले में लोकसभा स्पीकर से शिकायत की है.
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बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने 'फ़्लाइंग किस' देखा नहीं लेकिन कुछ बातें ऐसी कही गईं जो अनुपयुक्त थीं.
बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि वो 'फ्लाइंग किस' देते हैं. राहुल गांधी को क्या हो गया है? सदन में कितनी महिलाएं बैठी थीं. उन्हें कोई सलीका नहीं है. ये बहुत दुखद है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सासंद शोभा काररंडलाजे ने कहा कि "पहली बार सदन में हम ऐसा व्यवहार देख रहे हैं. सभी वरिष्ठ सदस्य बता रहे हैं कि हमने पहली बार फ्लाइंग किस करने का वाकया संसद के अंदर देख रहे हैं. राहुल गांधी ने अपना भाषण ख़त्म किया और स्मृति जी खड़ी हुई थीं. राहुल गांधी वापस जाने वाले थे, हमने कहा आप बैठिए, आपको सुना है अब हमें सुनिए. इसके बाद वो दो कदम आगे आए और फिर फ्लाइंग किस किया किया. ये कैसा व्यवहार है?"
शिवसेना (उद्धव ठाकरे ग्रुप) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "मैं नहीं समझ पा रही कि जब राहुल गांधी बोल रहे थे सभी मंत्री खड़े हो गए. मंत्री बाधा डाल रहे थे. उन्होंने एक प्यार भरी जेस्चर (भंगिमा) दी है तो उससे आपको दिक्कत क्या है. नफ़रत की इतनी आदत हो गई है कि मोहब्बत का कोई भी जेस्चर आपको समझ में नहीं आता है. ये वही राहुल गांधी है जिनको आपने एमपी के रूप में बेदखल किया, उनको आपने घर से बेदखल किया. वो अपने सारे केस जीतकर आए हैं. फिर भी वो नफरत से बात नहीं कर रहे हैं."
कांग्रेस नेता मनिकम टैगोर ने कहा कि स्मृति इरानी को राहुल फ़ोबिया हो गया है और उन्हें इससे छुटकारा पाने की ज़रूरत है.
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कांग्रेस की सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि राहुल गांधी का आचरण कभी भी ऐसा नहीं रहा है. वो हमेशा महिलाओं का सम्मान करते आए हैं. आज भी उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर मणिपुर को लेकर बात की है. देश के हालात जो हैं उसपर बात की है. लेकिन आदत से मजबूर भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी को सदन में नहीं देखना चाहती है. इससे पहले भी उन्होंने प्रयास किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सदस्यता पुनः बहाल करने का रास्ता साफ किया. बीजेपी का ये मजबूरी में उठाया गया कदम है.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा में हिस्सा लिया.
उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए.
नेपाल को किस मामले में मिला 'पीएम मोदी का भरोसा'
उत्तराखंड: अवैध हथियारों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो लोग गिरफ़्तार,
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उत्तराखंड में अवैध हथियारों बनाने वाली फ़ैक्ट्री का पता चला है.
उधमसिंह नगर ज़िले की पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन के
तहत कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने भारी मात्रा में कंट्री मेड 06
सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, तंमचे, कारतूस, मैगजीन और निर्मित
और अर्धनिर्मित हथियार व हथियार बनाने के भारी उपकरण बरामद किए हैं.
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एसटीएफ़ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि, उधमसिंह नगर में हथियारों की एक बड़ी फैक्ट्री संचालित होने की गोपनीय सूचना पुलिस को मिली थी और दो महीने से इस पर निगरानी की जा रही थी.
उन्होंने कहा, "इस सम्बन्ध में मंगलवार देर रात एसटीएफ़ को एक आर्म्स डीलर के बाजपुर से काशीपुर आने की सूचना मिली जिसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया."
अग्रवाल ने कहा, "पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बाजपुर में एक मकान में हथियारों की फैक्ट्री चलने की ख़बर की पुष्टि की."
पुलिस के अनुसार, "पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि वे पिछले 2 साल से यहाँ पर हथियारों की फैक्ट्री चला रहे थे. और यहाँ से हथियार बनाकर यूपी, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखण्ड के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करते थे."
एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि "गिरफ्तार तस्करों के विरुद्ध थाना कुंडा, जनपद ऊधमसिंह नगर में समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया है."
राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा- मणिपुर में भारत माँ की हत्या हुई, ओम बिड़ला ने दी यह हिदायत
अब केरल चाहता है नाम में बदलाव, विधानसभा में प्रस्ताव पारित,
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केरल विधानसभा ने बुधवार को केरल का नाम केरलम करने का एक प्रस्ताव पास किया
है.
ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पेश किया था जिसे कांग्रेस नीत यूनाइटेड
डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ़) का भी समर्थन हासिल हो गया.
मुख्यमंत्री ने केंद्र से अपील की है कि संविधान की आठवीं अनुसूची समेत सभी
भाषाओं में राज्य का नाम केरलम कर दिया जाए.
विजयन ने सदन को बताया कि आज़ादी की लड़ाई के समय से ही राज्य का नाम केरलम चला
आ रहा था.
उन्होंने कहा, "लेकिन संविधान
में राज्य का नाम केरल लिखा गया था. ये सदन केंद्र सरकार से अपील करती है कि
संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत संशोधन कर इसका नाम केरलम करने
के लिए वो तत्काल कदम उठाए."
केंद्र इस इस बदलाव को मंजूर करता है तो दक्षिण भारत
में केरल 1956 के बाद नाम परिवर्तन करने वाला चौथा राज्य बन जाएगा.
इससे पहले मद्रास का नाम तमिलनाडु और मैसूर का नाम कर्नाटक रखा गया था.
आंध्र
प्रदेश के विभाजन के बाद तेलंगाना राज्य बना. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी को पहले
पोंडिचेरी कहा जाता था.
एक दिन पहले ही केरल विधानसभा ने यूनिफ़ार्म सिविल कोड के ख़िलाफ़ एकमत से
प्रस्ताव पारित किया था.
'ग़दर 2': सनी देओल, 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' और 'देशप्रेम'
बिलकिस बानो रेप मामले में रिहा किए गए दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा
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बिलकिस बानो गैंग रेप केस के दोषियों ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनकी रिहाई को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार करने से 'ख़तरनाक मिसाल' बनेगी.
इन लोगों को साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो की गैंगरेप के अलावा उनके परिवार के सात लोगों की हत्या के लिए कसूरवार ठहराया गया था.
गुजरात सरकार ने बाद में इन्हें माफी देकर रिहा कर दिया जिसके विरोध में बिलकिस बानो समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
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इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वालों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की नेता सुभाषिनी अली, पत्रकार रेवती लॉल, लखनऊ यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर रूप रेखा वर्मा और तृणमूल कांग्रेस की सांसद मोहुआ मोइत्रा भी शामिल हैं जिन्होंने दोषियों की माफी के गुजरात सरकार के फैसले को चुनौती दी है.
बिलकिस बानो केस के दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में इन जनहित याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार किए जाने के विरोध में याचिका दायर की है.
केस के एक दोषी की पैरवी कर रहे एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा का कहना है कि याचिकाकर्ताओं के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है और वे इस मुक़दमे के लिए पूरी तरह से अजनबी हैं.
वीडियो कैप्शन, क्यों ख़ौफ़ में हैं गुजरात दंगों के चश्मदीद
एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास माफीनामे के आदेश की कॉपी तक नहीं है और उन्होंने केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है.
एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने जस्टिस बीवी नागारत्ना और जस्टिस उज्जल भूयन की बेंच से कहा, "वैसे लोग जो केस से जुड़े नहीं हैं, की जनहित याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार करने से ऐसे पिटिशंस की बाढ़ आ जाएगी. किसी भी राज्य सरकार द्वारा किसी भी व्यक्ति को कभी भी दी गई माफी को चुनौती दी जाएगी. अगर कोई पीड़ित अदालत के पास आता है तो बात समझ में आती है लेकिन किसी अन्य पक्ष का नहीं. ये तर्क से परे है. ऐसा करना खतरनाक मिसाल स्थापित करना होगा."
वीडियो कैप्शन, बिलकिस बानो के गांव से मुस्लिम परिवारों का पलायन
गुजरात सरकार का पक्ष रख रहे एडिश्नल सॉलिसीटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि राज्य सरकार की माफी अनिवार्य रूप से सज़ा में कमी है और किसी थर्ड पार्टी का इसमें कोई दखल नहीं हो सकता है क्योंकि ये पूरी तरह से अदालत और अभियुक्त के बीच का मामला है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को भी इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा, "अगर किसी नीति का जनता पर व्यापक रूप से प्रभाव पड़े तो ऐसी नीति के ख़िलाफ़ दायर की गई जनहित याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार की जा सकती है."
राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर आख़िरी पलों में क्यों बदली थी अपनी रणनीति
क्रिकेट वर्ल्ड कप: अहमदबाद में होने वाले मैच की तारीख़ बदली, अब इस दिन होगा मैच
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आगामी क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत पाकिस्तान के बीच बहु
प्रतीक्षित मुकाबले की तारीख़ बदल गई है जबकि अन्य आठ मैचों का शेड्यूल भी बदल गया
है.
शुरू
में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 अक्टूबर को अहमदाबाद में मैच होना तय हुआ था
लेकिन इसे एक दिन पहले 14 अक्टूबर को कर दिया गया है, हालांकि जगह में कोई बदलाव
नहीं किया गया है.
इस
बदलाव की वजह से अफ़ग़ानिस्तान और इंग्लैंड के बीच दिल्ली में होने वाले मैच की
तारीख़ 14 अक्टूबर की जगह 15 अक्टूबर कर दी गई है.
पाकिस्तान का श्रीलंका के ख़िलाफ़
हैदराबाद में होने वाले मैच को 12 अक्टूबर की बजाय 10 अक्टूबर को कर दिया गया है.
इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया और
दक्षिण अफ़्रीका के बीच होने वाला मैच भी 24 घंटे पहले 12 अक्टूब को कराने का
फैसला लिया गया है.
इसी तरह न्यूज़ीलैंड और बांग्लादेश
के बीच चेन्नई में 14 अक्टूबर को होने वाला मुकाबला अब 13 अक्टूबर को होगा.
लीग स्टेज के अंत में 12 नवंबर
को होने वाले दो मैचों में बदलाव किया गया है और उन्हें 11 नवंबर को शेड्यूल कर
दिया गया है- पुणे में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच सुबह 10.30 बजे से और
कोलकाता में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दोपहर बाद 2 बजे से.
विश्व कप 5 अक्टूबर से शुरू होगा
और 2019 के फाइनलिस्ट इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी
स्टेडियम में इसकी शुरुआत होगी और यहीं पर 19 नवंबर को फ़ाइनल मैच खेजा जाएगा.
क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टिकटों
की बिक्री के लिए एक शिड्यूल भी जारी किया है जिसकी शुरुआत 25 अगस्त से होगी.
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राज्यसभा में पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के भाषण पर विवाद क्यों है?
फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने कश्मीर के अंतिम महाराजा हरि सिंह के बारे में संसद में क्या कहा?
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भारत प्रशासित जम्मू
कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने
के बाद भी कश्मीर में ‘शांति नहीं आई’.
उन्होंने कहा, “आप
जी20 में टूरिज्म की बात कर रहे हैं लेकिन उसमें आए प्रतिनिधिमंडल को गुलमर्ग तक
नहीं ले जा सके. और आप कह रहे हैं कि यहां शांति है? वाजपेयी जी ने कहा था दोस्त बदले जा सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं. हमें ये समझना होगा.”
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अब्दुल्लाह लोकसभा में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा, “कश्मीर को टूरिज्म और डेवलपमेंट से अधिक प्यार और मोहब्बत की ज़रूरत है.”
उन्होंने सत्ता पक्ष से मुख़ातिब होकर कहा, “मोहब्बत सीखिए, मोहब्बत. मणिपुर में भी मोहब्बत से ही काम चलेगा.”
उन्होंने कहा, "हमने कश्मीरी पंडितों को वापस लाने की कोशिश की, जब गुजराल साहब प्रधानमंत्री थे. सीमा पार की ताक़तों ने गांदरबल में निर्दोष लोगों को मार डाला. हमने उसी समय वापस लाने वाली 50 गाड़ियों को रोक दिया और तबसे लेकर अबतक, पिछले 10 सालों में कितने कश्मीरी पंडितों को वापस लाया गया?"
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद बाल विवाह ख़त्म हुआ?
उन्होंने एक अन्य सांसद द्वारा किए गए दावे को ग़लत बताया जिसमें कहा गया था कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां बाल विवाह ख़त्म हो गया.
फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा, “महाराजा हरि सिंह ने 1928 में ही क़ानून पास कर दिया था कि अब राज्य में कोई भी बाल विवाह नहीं होगा.”
उन्होंने कहा, “कश्मीर के महाराजा हरि सिंह मूर्ख नहीं थे, वो आज़ाद रहना चाहते थे. वो राज्य को दोनों देशों के बीच स्वीट्जरलैंड बनाना चाहते थे. लेकिन पाकिस्तानियों को मंजूर नहीं था. उन्होंने हमला किया और उन्हें मजबूरी में भारत के साथ आना पड़ा.”
उन्होंने कहा, “तीन विषयों रक्षा, विदेश और संचार के मामले केंद्र को दिए गए और समझौते में जनमत संग्रह के मुताबिक फैसला लिए जाने की बात थी. यही स्पेशल स्टेस था. अब अनुच्छेद 370 हटा दिया गया है. बात हो रही है टूरिज्म की.”
अब्दुल्लाह ने कहा, “मत कहिए कि हम भारतीय नहीं हैं, हम पाकिस्तानी हैं. ये बंद होना चाहिए.आप जानते हैं कि हमारे मंत्रियों को बमों से उड़ाया गया है.उनके टुकड़ों को हाथ से उठाया है हमने. हमें बंदूक ने नहीं बल्कि प्यार मोहब्बत ने एक कर रखा है.”
बीबीसी हिन्दी का पॉडकास्ट दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बर
तारीख़ 9 अगस्त और दिन बुधवार. ये बीबीसी हिन्दी का पॉडकास्ट दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बर है.
पॉडकास्ट में आज बात अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी और अमित शाह के भाषण की और अमेजन के जंगलों को बचाने की कवायद की
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में राहुल गांधी ने मणिपुर को लेकर सरकार पर बोला हमला.
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया मणिपुर में हालात संभालने के लिए क्या किया?
अमेज़न के जंगलों को बचाने के लिए साथ आए आठ देश, नहीं बन सकी आम सहमति लेकिन फिर भी अहम क्यों रही बैठक ..
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मणिपुर के वायरल वीडियो को लेकर अमित शाह ने क्या कहा?
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज (बुधवार को) मणिपुर के वायरल वीडियो पर भी बात की.
अमित शाह ने कहा, "चार मई के दुर्भाग्य दिन की ये घटना थी. दुनिया में किसी भी महिला के साथ ऐसी घटना होना बहुत दुखद है."
उन्होंने कहा, "चार मई का वीडियो संसद सत्र के एक दिन पहले ही क्यों आया, ये भी सवाल उठा. अगर किसी के पास वीडियो था तो उसे पुलिस को देना चाहिए था. सार्वजनिक करना चाहिए था. कम से कम उस महिला के सम्मान की तो सोचना चाहिए."
"अगर ये वीडियो चार को ही मिलता तो पांच मई तक उस मामले में कार्रवाई हो जाती."
शांति के लिए किये गए प्रयासों के बारे में उन्होंने कहा, "मैं मणिपुर में तीन दिन और तीन रात रहा. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद 23 दिन तक वहां रहे. इस मामले की जांच के लिए आयोग बनाया गया."
उन्होंने कहा कि 36,000 पैरा मिलिट्री सुरक्षाबल मैतेई और कुकी इलाकों के बीच बफर जोन में है. राज्य में यूनीफ़ाइड सुरक्षा कमांड बनाई गई है.
उन्होंने कहा, 'हम घुसपैठ को रोकेंगे और म्यांमार से भी बात की है और इस ओर हर संभव कोशिश की जाएगी.'
अमित शाह ने कहा, "मैं विपक्ष की इस बात से सहमत हूं कि वहां हिंसा का तांडव हुआ है लेकिन हम मानते हैं कि जो हुआ है वो शर्मनाक है लेकिन उस पर राजनीति करना उससे भी शर्मनाक है."
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा: मणिपुर पर क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह?
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि एक भ्रांति फैलाई गई है कि सरकार मणिपुर पर चर्चा
नहीं करना चाहती है.
उन्होंने कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मणिपुर में हिंसा का तांडव हुआ है. अब तक 152 लोग मारे गए हैं लेकिन इस मामले को राजनीति का विषय नहीं बनाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के कंट्रोल रुम में कोई आंख मूंदकर नहीं सोया है.
उन्होंने कहा, " मई में 107 लोग मारे गए और अगस्त में चार लोग मारे गए हैं."
'मैं कहना चाहता हूं कि हिंसा लगातार कम हो रही है लेकिन तेल न डालें.'
उन्होंने कहा कि मणिपुर मामले में वहां के नस्लीय हिंसा के स्वभाव को जनता को जानना पड़ेगा.
अमित शाह ने कहा कि मणिपुर में करीब साढ़े छह साल से भारतीय जनता पार्टी की
सरकार है.
उन्होंने कहा, " तब से तीन मई तक एक भी दिन कर्फ्यू नहीं लगा. मणिपुर में एक भी दिन बंद नहीं रहा. ब्लॉकेड (नाकेबंदी) नहीं
रहा.ये छह साल का भारतीय जनता पार्टी का इतिहास था."
उन्होंने कहा कि दिक्कत की शुरुआत तब हुई, जब म्यामांर में सत्ता परिवर्तन हुआ.
अमित शाह ने कहा, " (म्यामांर में) कुकी डेमोक्रेटिक फ्रंट है, उसने आंदोलन चालू
किया. वहां की मिलेट्री शासन ने कड़ाई शुरू की. म्यामांर की बॉर्डर फ्री बॉर्डर है,
वहां फ्री बॉर्डर से कुकी भाइयों का आना शुरू हुआ. हज़ारों की
संख्या कुकी आदिवासी आना शुरु हुए. वो जंगल में बसने लगे. मणिपुर के बाकी हिस्सों में
चिंता शुरू हुई."
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि उनकी सरकार ने म्यामांर बॉर्डर पर 2022 में फेंसिंग का निर्णय किया.
उन्होंने बताया, "10
किलोमीटर फेंसिंग हो चुकी है. साठ किलोमीटर का काम चालू है.ताकि घुसपैठ को रोका जा सके."
अमित शाह ने कहा, " मणिपुर में घाटी में मैतेई रहते हैं.
पहाड़ पर कुकी रहते हैं. जनसंख्या में बदलाव का दवाब रहता है, जनवरी से
शरणार्थियों को परिचय पत्र देना शुरू किया. "
उन्होंने कहा, " अप्रैल में अफवाह फैल गई कि जंगल गांव घोषित कर
दिया गया. घाटी में अनरेस्ट शुरू हो गया. अफवाह जब फैलती है, तब फैलती है."
अमित शाह ने कहा, " आग में तेल डालने का काम मणिपुर हाई कोर्ट के एक
फैसले ने किया.कोर्ट ने न भारत सरकार के ट्राइबल डिपार्टमेंट का शपथ पत्र
लिया. न गृह मंत्रालय का शपथ पत्र लिया और 29 अप्रैल के पहले मतैई जाति को
ट्राइबल घोषित कर दिया.कानूनी प्रक्रिया के बिना ऑर्डर दे दिया गया."
उन्होंने कहा, " तीन
मई को संघर्ष हो गया और दंगे चालू हो गए. कोर्ट के फैसले के विरोध में जुलूस निकला. देखते
देखते घाटी और पहाड़ पर हिंसा और झगड़े शुरू हो गए."
कश्मीर पर बोले अमित शाह, 'हुर्रियत और पाकिस्तान से नहीं करेंगे बात'
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि नरेंद्र मोदी की सरकार की नीतियों से जम्मू कश्मीर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. वहां बदलाव साफ़ नज़र आ रहा है.
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कश्मीर पर अमित शाह ने कहा, " हम न तो जमीयत से, न हुर्रियत से और न ही पाकिस्तान से बात करेंगे."
उन्होंने कहा, "हम घाटी के युवाओं से बात करेंगे."
अमित शाह ने कहा, "पहली बार हुआ है कि 33 साल बाद
श्रीनगर में थिएटर खुला, नाइट शो शुरू हुए, अमन कायम हुआ है."
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने कहा था, "370 हटाने प
खून की नदियां बह जाएंगी लेकिन किसी को एक कंकड़ फेंकने की भी हिम्मत नहीं हुई."
अमित शाह ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर किया तंज, लोकसभा में गूंजे ठहाके
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आज (बुधवार को) कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर चुटकी ली.
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अमित शाह के भाषण के वक़्त कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बीच-बीच में उन्हें टोक रहे थे
इस पर अमित शाह ने कहा, "कांग्रेस के लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन
चौधरी को उनकी पार्टी ने टाइम ही नहीं दिया, इसलिए मेरा अनुरोध है कि उन्हें मेरे
टाइम में से कुछ समय दिया जाए."
अमित शाह ने कहा कि वो मेरे भाषण के बीच में बार बार
उठकर कुछ बोल रहे हैं.
अमित शाह ने पास ही बैठे संसदीय मामलों के मंत्री (प्रहलाद जोशी) की ओर इशारा करते हुए कहा, “मुझे लगता है
कि संसदीय मामलों के मंत्री को भी इससे ऐतराज नहीं होना चाहिए.”
अपने भाषण में कई बार गृहमंत्री अमितशाह ने अधीरंजन
चौधरी पर तंज किया.
गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
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गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान पाकिस्तान को 'आतंक फ़ैलाने' की कीमत चुकानी पड़ी है.
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है, "यूपीए की सरकारों के
दौरान जहां सरहाद पार से घुसपैठ आम बात थी, कोई भी कहीं से भी देश में घुस कर आतंक की कार्रवाई करता था."
उन्होंने कहा, "सेना के जवानों के सिर काट कर ले जाते
थे. लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद वहां घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की गई."
उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार के नेतृत्व में, हमारी ज़मीन
पर आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान को कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया गया. ये संभव सिर्फ मोदी सरकार में ही संभव हुआ.'
संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए गृहमंत्री ने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव का मकसद जनता में भ्रम पैदा और भ्रांति खड़ा करना है. ये जनता की इच्छा तो कतई नहीं है.
'जनता में भी विश्वास है क्योंकि देश के 60 करोड़ गरीबों के जीवन में आशा का
संचार मोदी सरकार ने किया है.'
अमित शाह ने राहुल गांधी पर ली चुटकी, 'आप जिस कलावती के घर भोजन करने गए...'
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा.
अमित शाह ने कहा, "इस सदन में एक ऐसे नेता हैं जिन्हें 13 बार राजनीति में लॉन्च किया गया है.एक लॉन्चिग मैंने देखा है."
उन्होेंने कहा, "वो (राहुल गांधी) कलावती के घर भोजन करने गए. अच्छा है भोजन करने गए, उनकी गरीबी का बड़ा मार्मिक वर्णन किया. उसके बाद छह साल उनकी सरकार चली. कलावती का क्या करा?"
अमित शाह ने कहा, "उस कलावती को अनाज, गैस, पानी, शौचालय, जनधन सबकुछ मोदी सरकार ने दिया."
उन्होंने कहा,"जिस कलावती के घर आप (राहुल गांधी) भोजन करने गए, उसे भी मोदी
जी पर अविश्वास नहीं है."
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आपने कहा सबकुछ, किया कुछ नहीं: लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष पर तीखा हमला किया.
अमित शाह चर्चा के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के काम गिना रहे थे.
जब उन्होंने लाभार्थियों के खाते में सीधे रकम भेजने की बात की, तब विपक्ष के सांसदों ने सवाल किया कि इसकी 'शुरुआत किसने की थी?'
इस पर अमित शाह ने कहा, 'आपने कहा सबकुछ, किया कुछ नहीं.'
उन्होंने कहा कि आपको अविश्वास हो सकता है, देश की जनता को अविश्वास नहीं है.