पाक चुनाव आयोग का फ़ैसला, इमरान ख़ान अगले पांच साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने मंगलवार को बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को अगले पांच सालों तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and स्नेहा

  1. पाक चुनाव आयोग का फ़ैसला, इमरान ख़ान अगले पांच साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

    इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान चुनाव आयोग ने मंगलवार को बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को अगले पांच सालों तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

    इमरान ख़ान को तोशाख़ाना मामले में पिछले दिनों ही जेल भेजा गया है. वह पिछले कई महीनों से अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों को पाकिस्तान की अलग-अलग अदालतों में चुनौती दे रहे थे.

    लेकिन आख़िरकार 5 अगस्त को इमरान ख़ान को तीन साल की सज़ा सुनाई गयी जिसके तुरंत बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

    गिरफ़्तारी से पहले रिकॉर्ड किए गए बयान में इमरान ख़ान ने अपने समर्थकों से उन्हें गिरफ़्तार किए जाने पर चुप नहीं बैठने को कहा था, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इस बार उनके समर्थकों की ओर से पहले जैसी प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी है.

    इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) ने पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ़्तारी के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन की अपील की है.

    इमरान ख़ान साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुने गए थे, लेकिन साल भर पहले अविश्वास प्रस्ताव में हार जाने के बाद पद से हटना पड़ा. उनके ख़िलाफ़ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं.

    पाकिस्तान चुनाव आयोग का आदेश

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    क्या है पूरा मामला?

    इमरान ख़ान पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए क़ीमती तोहफ़े अपने फ़ायदे के लिए बेचे. इमरान ख़ान ने चुनाव आयोग को दी गई अपनी संपत्ति की घोषणा में उसका ब्योरा नहीं दिया था.

    चुनाव आयोग ने बाद में ज़िला अदालत में शिकायत दर्ज की थी कि प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान ख़ान को जो गिफ़्ट मिले उसे उन्होंने बेच दिया और इस मामले में उन्हें आपराधिक क़ानूनों के ज़रिए सज़ा दी जाए. आरोप है कि इमरान ख़ान ने प्रधानमंत्री रहते हुए तोशाखाना के मंहगे गिफ़्ट, घड़िया अपने फ़ायदे के लिए बेची थीं.

    1974 में पाकिस्तान में तोशाखाना स्थापित किया गया. ये कैबिनेट डिवीज़न के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक सरकारी विभाग है जहां देश के प्रमुखों, मंत्रियों, नौकरशाहों, सासंदों को विदेशी सरकार या अधिकारियों की ओर से मिले मंहगे गिफ़्ट रखे जाते हैं.

    यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे बड़े अधिकारियों को किसी यात्रा के दौरान मिलने वाले क़ीमती तोहफों को रखा जाता है.

    किसी भी विदेश यात्रा के समय, विदेश मंत्रालय के अधिकारी इन तोहफ़ों का रिकॉर्ड रखते हैं और वतन वापसी पर उन्हें तोशाखाना में जमा कर दिया जाता है.

    तोशाखाना में रखी गई चीज़ों को स्मृति चिह्न की तरह देखा जाता है. यहां रखी हुई चीज़ों को कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद ही बेचा जा सकता है.

    पाकिस्तान में अगर मिलने वाले उपहार की क़ीमत 30 हज़ार रुपये से कम है तो उसे व्यक्ति मुफ़्त में अपने पास रख सकता है.

    वहीं अगर गिफ़्ट की क़ीमत 30 हज़ार रुपये से ज़्यादा है तो उस क़ीमत का 50 प्रतिशत जमा करके उसे ख़रीदा जा सकता है. साल 2020 से पहले सामान की असल क़ीमत का सिर्फ़ 20 प्रतिशत ही जमा करना पड़ता था.

    इन तोहफों में आमतौर पर महंगी घड़ियां, सोना और हीरे के गहने, क़ीमती सजावट का सामान, स्मृति चिह्न, हीरा जड़ी कलम, क्रॉकरी और कालीन शामिल होते हैं.

    इमरान ख़ान

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  2. अमेरिका का दावा- वागनर समूह नीजेर में अस्थिरता का 'फ़ायदा' उठा रहा है

    एंटनी ब्लिंकन

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    अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि रूस का वागनर समूह नीजेर में अस्थिरता का 'फ़ायदा' उठा रहा है.

    वागनर समूह रूसी लड़ाकों की एक निजी आर्मी है. ये आर्मी रूसी सेना की मदद भी करती रही है. ऐसा माना जाता है कि इसके कई लड़ाके पश्चिमी अफ़्रीकी देशों में मौजूद हैं.

    पश्चिमी अफ़्रीका में बुरकिना फ़ासो, गिनी, माली और चाड के बाद अब नीजेर में भी सेना सत्ता पर काबिज़ हो गई है. नीजेर में तख़्तापलट के बाद अब सत्ता फौजी जनरलों के हाथ में है.

    ऐसे संकेत हैं कि तख़्तापलट करनेवाले नेताओं ने वागनर से सहायता मांगी थी.

    ब्लिंकन ने 'बीबीसी फ़ोकस ऑन अफ़्रीका प्रोग्राम' को बताया कि अमेरिका वागनर के साहेल क्षेत्र में मौजूदगी को लेकर चिंतित है.

    उन्होंने कहा, '' मेरा मानना है कि नीजेर में जो हुआ और जो हो रहा है उसे रूस या वागनर ने उकसाया नहीं है लेकिन उन्होंने इसका फ़ायदा उठाने की कोशिश जरूर की है.''

    ब्लिंकन ने कहा, '' यह वागनर समूह जहां भी गया है, वहां मौत और विनाश लेकर आया है.''

  3. राजस्थान सरकार का एलान, ‘मनचलों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी’

    अशोक गहलोत

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    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार शाम एलान किया है कि लड़कियों एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास एवं दुष्कर्म के अभियुक्तों और मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा.

    राजस्थान सरकार की ओर से ये बयान एक ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल बीजेपी इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को संसद से सड़क तक घेरने की कोशिश कर रहा है.

    मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ''राज्य सरकार ने फ़ैसला किया है कि लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास और दुष्कर्म के अभियुक्तों एवं मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा.''

    उन्होंने कहा, ''इसके लिए मनचलों का भी पुलिस थानों में हिस्ट्रीशीटरों की तरह रिकॉर्ड रखा जाएगा एवं राज्य सरकार/ पुलिस की ओर से जारी किए जाने वाले इनके चरित्र प्रमाण पत्र पर यह अंकित किया जाएगा. ऐसे असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना आवश्यक है.''

  4. बिलकिस बानो के वकील ने पूछा, 'क्या बलात्कारी रहम के हक़दार हैं?'

    बिलकिस बानो

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    बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भी सुनवाई हुई.

    बिलकिस बानो की वकील शोभा गुप्ता ने जस्टिस बी वी नागरत्ना के नेतृत्व वाली दो जजों की बेंच से कहा कि इस मामले में दोषियों की सजा माफ करते हुए कई चीजों को दरकिनार कर दिया गया.

    27 फ़रवरी 2002 को भीड़ ने बिलकिस बानो और उनके परिवार पर तब हमला किया था जब वो भाग रहे थे. उन्होंने बिलकिस का गैंगरेप किया और उनकी तीन साल की बेटी समेत परिवार के 14 लोगों की हत्या कर दी.

    गुजरात सरकार ने बीती 15 अगस्त को बिलकिस बानो के साथ बलात्कार के 11 दोषियों को रिहा कर दिया था. इसके बाद बिलकिस बानो की ओर से शीर्ष अदालत में गुजरात सरकार के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका दायर की गयी थी.

    उन्होंने कहा, “इस अदालत की ओर से दिए गए फ़ैसलों के आधार पर जिन चीजों का ध्यान रखा जाना चाहिए था, 11 दोषियों को रिहा करते वक़्त उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया. इनमें क्राइम टेस्ट, इंपेक्ट टेस्ट और सोसाइटी की मांग आदि को नज़रअंदाज़ किया गया.”

    शोभा गुप्ता ने बीबीसी के सहयोगी सुचित्र मोहंती से कहा कि इन 11 दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए जो उनकी मूल जगह है.

    उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक़ नहीं है कि इस अपराध को बेहद निर्ममता से अंजाम दिया गया था. देखिए, बिलकिस बानो को क्या कुछ झेलना पड़ा. इन दोषियों की समय से पहले रिहाई ग़लत है. शीर्ष अदालत को रिहाई के आदेश को रद्द करके इन 11 दोषियों को जेल भेजना चाहिए.”

    उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम सज़ा 14 साल की है, लेकिन हत्या के दोषी ठहराए गए शख़्स ने सोच-समझकर और असाधारण निर्ममता के साथ अपराध को अंजाम दिया है तो उसकी सज़ा 26 साल है. इसके साथ ही बलात्कार के साथ हत्या के मामलों में 28 साल की सज़ा का प्रावधान है.

    गुप्ता ने अदालत से कहा कि दोषियों को रिहा किए जाने के ख़िलाफ़ लोगों का आक्रोश इतना ज़्यादा था कि उन्होंने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ इस अदालत तक गुहार लगाई थी.

    इसके बाद शोभा गुप्ता ने कहा कि क्या वो लोग रहम के पात्र हैं जिन्होंने बिलकिस बानो के साथ बलात्कार करके उसके पूरे परिवार को ख़त्म कर दिया. इसका जवाब है – नहीं.

  5. ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के चौथे दिन क्या हुआ, हिंदू पक्ष ने बताया

    ज्ञानवापी मस्जिद

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    वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से जारी सर्वे के चौथे दिन मस्जिद परिसर को नापने से लेकर उसकी फोटोग्राफ़ी की गयी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एएसआई की टीम ने मंगलवार को मस्जिद परिसर की उत्तरी दीवार, गुंबद, और तलघर का सर्वे किया. इस दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग मौजूद थे.

    सरकारी अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने बताया है कि एएसआई की टीम ने ज्ञानवापी परिसर की फ़ोटोग्राफ़ी के साथ-साथ मैपिंग और नाप-जोख की है.

    इस टीम को तीन भागों में बांटकर सर्वे किया गया जिसमें से एक टीम ने उत्तरी दीवार का सर्वे किया. एक टीम ने तलघर और एक टीम ने परिसर का सर्वे किया. हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा है कि अदालती आदेश के तहत मस्जिद परिसर के अंदर विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है.

    ये सर्वे बुधवार को भी जारी रहेगा. इस सर्वे की रिपोर्ट एक महीने के अंदर अदालत में सौंपी जानी है.

  6. 'हिंदू राष्ट्र' के सवाल पर बोले कमलनाथ- इसमें अलग से कहने की क्या बात है, ये तो आंकड़े बताते हैं...

    कांग्रेस नेता कमलनाथ के साथ बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री

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    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को 'हिंदू राष्ट्र' के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर कहा 'क्या इस बात को अलग से कहने की ज़रूरत है कि भारत एक 'हिंदू राष्ट्र' है.'

    मध्य प्रदेश में कमलनाथ के प्रभाव वाले क्षेत्र छिंदवाड़ा ज़िले में धीरेंद्र शास्त्री की तीन दिवसीय 'हनुमान कथा' पूरी होने के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ ने हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर बयान दिया था.

    उनके इस बयान पर जब मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इसमें अलग से कहने की क्या बात है.

    उन्होंने कहा, ''हिंदू राष्ट्र बनाने की क्या बात है. 82 प्रतिशत तो हिंदू हैं ही तो क्या वो हिंदू पैदा कर रहे हैं? जिस देश में इतनी बड़ी पर्सेंटेज में हो वहां कोई बहस की बात है? ये तो है ही. भारत में 82 फ़ीसदी हिंदू हैं तो हम कह दिये कि हिंदू राष्ट्र है. इसमें कहने की क्या बात है. ये तो आंकड़े बताते हैं.''

    हनुमान कथा से पहले धीरेंद्र शास्त्री कमलनाथ के घर भी पहुंचे थे.

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    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मणिपुर और मध्य प्रदेश में जनजातियों पर अत्याचार रोकने में नाकाम रही है.

    उन्होंने कहा कि नौ अगस्त को विश्व जनजाति दिवस है और देश में जनजाति और गैर जनजाति लोगों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है.

    नाथ ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के 15 युवाओं को गुजरात के राजकोट जिले में एक निजी कंपनी के मालिक ने चोर होने के शक में पीट दिया.

    कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार के राज्य में जनजाति समुदाय से मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर उन्होंने कहा, ''अंत में लोग ही ये निर्णय लेते हैं कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा और ये बात सबको पता है.''

    मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होगा.

  7. नसरुल्लाह ने बताया, अंजू को मिला पाकिस्तान में एक साल का वीज़ा

    अंजू और नसरुल्लाह

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    इमेज कैप्शन, अंजू और नसरुल्लाह

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में रहने वाले 29 वर्षीय नसरुल्लाह ने बताया है कि उनकी पत्नी अंजू को पाकिस्तान सरकार ने एक साल का वीज़ा दे दिया है.

    भारतीय नागरिक अंजू हाल ही में नसरुल्लाह से मिलने पाकिस्तान गईं थीं.

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अंजू ने पाकिस्तान में नसरुल्लाह से शादी कर ली है. हालांकि, अंजू ने बीबीसी के साथ बातचीत में इससे इनकार किया था. लेकिन अब ख़बर आई है कि पाकिस्तान सरकार ने अंजू को एक साल का पाकिस्तानी वीज़ा दे दिया है.

    उनके पति नसरुल्लाह ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है, ''मैं (अपनी पत्नी) अंजू को मिले वीज़ा की समय सीमा आगे बढ़ाने के लिए यहां आया था. मुझसे इसके लिए कुछ जानकारियां मांगी गयी थीं जो मैंने उपलब्ध करा दी हैं. और एक साल का वीज़ा मिल गया है. हमें हर तरह का सहयोग मिल रहा है. हमें इसका दस्तावेज़ अगले दस दिनों में मिल जाएगा.''

  8. दिनभर: अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष को क्या होगा हासिल?

  9. जावेद अख़्तर-कंगना विवाद: कोर्ट ने अभिनेत्री को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

    कंगना

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    मुंबई की एक निचली अदालत ने मंगलवार को बॉलीवुड के जानेमाने गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख़्तर की याचिका पर अभिनेत्री कंगना को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.

    जावेद अख़्तर ने ये याचिका कंगना की तरफ़ उनके ख़िलाफ़ दर्ज मुक़दमे के सिलसिले में जारी समन आदेश के विरोध में दायर की है.

    दिंडोशी कोर्ट के एडिश्नल सेशंस जज एज़ेड ख़ान ने कथित तौर पर आपराधिक धमकी देने से जुड़े इस मामले में कंगना रनौट को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है.

    जावेद अख्तर

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    इसके साथ ही अदालत ने केस की अगली तारीख़ 24 अगस्त की तय की है.

    सेशंस कोर्ट में दायर याचिका में जावेद अख़्तर ने कहा है कि कंगना की ओर से दायर मुक़दमे के सिलसिले में अंधेरी के मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ जो समन जारी किया है, वो जल्दबाज़ी में और उचित तरीके से नहीं किया गया है. इसकी वजह से 'बड़ी नाइंसाफी' हुई है.

    जावेद अख़्तर के वकील जय भारद्वाज ने बताया कि पहली नज़र में ज्यूडिशियल रिकॉर्ड में उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ कुछ भी ऐसा नहीं है जिसे ठोस सबूत कहा जा सके और जिसके आधार पर अदालत ऐसा आदेश जारी करे.

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    साल 2020 में 76 वर्षीय जावेद अख़्तर ने कंगना के ख़िलाफ़ मानहानि का केस किया था.

    जावेद अख़्तर ने कहा था कि कंगना ने एक टीवी इंटरव्यू में उनके ख़िलाफ़ अपमानजनक बयान दिए जिससे उनकी मानहानि हुई है.

    इसके बाद कंगना ने उसी अदालत में एक जवाबी मुक़दमा दायर किया जिसमें उनपर धमकाने का आरोप लगाया.

    कंगना ने अपनी शिकायत में कहा था कि एक सहअभिनेता के साथ सार्वजनिक विवाद के बाद जावेद अख्तर ने उन्हें और उनकी बहन रंगोली चंदेल को अपने घर बुला कर धमकाया था.

  10. पाकिस्तान में इतने बम धमाके क्यों हो रहे हैं?

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में इतने बम धमाके क्यों हो रहे हैं?

    पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों के दौरान जिस तरह ये चरमपंथी गतिविधियां बढ़ गई हैं, वो क्या इशारा कर रही हैं. एक तरफ आर्थिक मुश्किल से जूझ रहा पाकिस्तान. दूसरी तरफ राजनीतिक अस्थिरता है.

    पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों के दौरान जिस तरह ये चरमपंथी गतिविधियां बढ़ गई हैं, वो क्या इशारा कर रही हैं. एक तरफ आर्थिक मुश्किल से जूझ रहा पाकिस्तान. दूसरी तरफ राजनीतिक अस्थिरता है.

    पाकिस्तान में इस साल चुनाव होने वाले हैं और उस पर मुश्किल बढ़ा रहे हैं वहां होने वाले ये चरमपंथी हमले, तो आख़िर पाकिस्तान में ये हो क्यों रहा है और इन हमलों में पुलिस और सुरक्षाबलों को ख़ासतौर पर निशाना क्यों बनाया जा रहा है.

  11. क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट बढ़ने के बारे में केंद्र सरकार ने संसद में दी ये जानकारी

    क्रेडिट कार्ड

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    भारत में क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट के मामले बढ़े हैं.

    मंगलवार को सरकार ने संसद में बताया कि मार्च, 2023 के आख़िर तक क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट बढ़कर 4,072 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था.

    वित्त राज्य मंत्री भगवत कराड ने राज्यसभा में दिए एक लिखित जवाब में कहा है, "क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट के सिलसिले में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया से जो आंकड़े मिले हैं, उसके मुताबिक़ मार्च, 2022 में क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में ग्रॉस नॉनपरफॉर्मिंग असेट्स (जीएनपीए) 3122 करोड़ रुपये का था जो मार्च, 2023 में बढ़कर 4072 करोड़ रुपये हो गया."

    क्रेडिट कार्ड के आउटस्टैंडिंग बिल (बकाया) से जुड़े आंकड़ों के बारे में वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि मार्च, 2022 में ये 1.64 लाख करोड़ रुपये था जबकि मार्च, 2023 में 2.10 लाख करोड़ रुपये हो गया.

  12. उत्तराखंड के इस पिता ने मनाया अपनी बेटी के पहले पीरियड का जश्न

    वीडियो कैप्शन, उत्तराखंड के इस पिता ने सेलीब्रेट किया बेटी का पहला पीरियड

    उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ज़िले के काशीपुर शहर में रहने वाले जितेंद्र भट्ट ने अपनी बेटी रागिनी के पहले पीरियड्स को इस तरह सेलिब्रेट किया.

    उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ज़िले के काशीपुर शहर में रहने वाले जितेंद्र भट्ट ने अपनी बेटी रागिनी के पहले पीरियड्स को इस तरह सेलिब्रेट किया.

    जितेंद्र भट्ट पेशे से म्यूजिक टीचर हैं और वो पीरियड्स से जुड़ी पुरानी सोच को बदलना चाहते हैं.

  13. किरेन रिजिजू विपक्ष से बोले- मोदी जी के नेतृत्व का समर्थन कीजिए तब हम मानेंगे कि आप....

    किरेन रिजिजू

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    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा कि 2014 से पहले पूर्वोत्तर के लोगों के साथ दिल्ली और बड़े शहरों में उत्पीड़न होता था लेकिन इसके बाद स्थिति बदली है.

    रिजिजू ने कहा, "कोविड के समय जब लगभग पूरी दुनिया फेल हो चुकी थी. भारत ने दिखा दिया कि महामारी कोविड से भी हम निपट सकते हैं. पूरे देश में मुफ़्त में टीका लगा."

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    उन्होंने कहा, "2014 से पहले पूर्वोत्तर के कई लोगों को दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में नस्लीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था. 2014 के बाद स्थिति बदली और आज़ादी के बाद पहली बार गुवाहाटी में डीजीपी कॉन्फ्रेंस हुआ. इस बैठक के दौरान पीएम ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें."

    अविश्वास प्रस्ताव पर रिजिजू ने कहा, "वो समय चला गया जब विदेशी ताकतें भारत को बताती थीं कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं...आज कोई भी विदेश ताकत हमारे आंतरिक मामलों में दखल नहीं दे सकती."

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    उन्होंने विपक्ष से कहा, "आज जब आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो उसमें भी आप साथ आइए. इसको मिलकर सेलीब्रेट करते हैं. ये कोई बीजेपी का कार्यक्रम नहीं है देश का कार्यक्रम है. मैं इस सदन में अपनी पार्टी और सरकार की तरफ से आपसे अपील करना चाहता हूं कि आप भी इसमें आइए. 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित बनाने के लिए हमें साथ काम करना चाहिए. मोदी जी के नेतृत्व का भी आप समर्थन करें तभी हम मानेंगे कि आप देश के लिए सोचते हैं."

    लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता किरण रिजिजू ने कहा, "गठबंधन को 'इंडिया' नाम देने से कुछ नहीं होगा जबकि आप वास्तव में भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं."

  14. महाराष्ट्र में एनसीसी कैडेट्स की पिटाई का वीडियो वायरल, सच क्या है?

    वीडियो कैप्शन, महाराष्ट्र में एनसीसी कैडेट्स की पिटाई का वीडियो वायरल, सच क्या है?

    ठाणे के जोशी-बेडेकर-बंदोदक ग्रुप ऑफ़ कॉलेज का ये वीडियो वायरल है.

    वीडियो में एक सीनियर स्टूडेंट, एनसीसी कैडेट्स मारते हुए दिख रहा है.

    इस वीडियो पर बहुत से लोगों ने अपनी नाराज़गी जताई है.

  15. पीयूष गोयल के ख़िलाफ़ राज्यसभा में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने दिया नोटिस, वजह क्या है?

    पीयूष गोयल

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    विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के कई नेताओं ने राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल के ख़िलाफ़ उनके कई बयानों के लिए प्रिविलेज नोटिस दिया है.

    कांग्रेस, टीएमसी, आप, आरजेडी, डीएमके, जेडीयू, एनसीपी और वामपंथी पार्टियों के नेताओं ने नोटिस दिए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मीडिया पोर्टल 'न्यूज़ क्लिक' के कथित तौर पर चीनी फर्म से फंड लेने और चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने और इसमें विपक्षी पार्टी के नेताओं का ज़िक्र करने के लिए गोयल की कुछ टिप्पणियों पर नोटिस दिया है.

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    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा, ''सदन के नेता पीयूष गोयल ने 'इंडिया' गठबंधन की पार्टियों के नेताओं के ख़िलाफ़ अत्यंत आपत्तिजनक और पूरी तरह से अस्वीकार्य टिप्पणियां की, और इसके लिए वह माफ़ी मांगने से लगातार इनकार कर रहे हैं.''

    'इंडिया' गठबंधन के दलों ने आज दिन भर के लिए राज्यसभा से वॉकआउट करने का भी निर्णय लिया है.

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    गोयल ने विपक्षी दलों और 'न्यूज़ क्लिक' के बीच संबंध पर सवाल उठाते हुए न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला दिया.

    वहीं, राज्य सभा में डेरेक ओ ब्रायन को कार्यवाही में हिस्सा लेने की मंजूरी मिल गई.

    दरअसल राज्यसभा में मंगलवार को पहले सभापति ने यह घोषणा की कि उन्हें सदन से बाहर जाना होगा लेकिन बाद में कहा कि उन्हें निलंबित करने वाले प्रस्ताव को वोट के लिए नहीं पेश किया गया इसलिए वो कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं.

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  16. मेवात में नफ़रत के बीज कौन बो रहा है?

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    हरियाणा के नूंह में हुई घटना को वहां के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और हरियाणा की सभी पार्टियों के नेता साज़िश बता रहे हैं.

    भाईचारे को बिगाड़े जाने की बात कह रहे हैं.

    लेकिन सवाल तो यही है कि अगर ये साज़िश है तो इसे कर कौन रहा है, और साज़िश करने वाले को रोका क्यों नहीं जा रहा?

  17. मैं इस फ़िल्म लाइन की आख़िरी मुग़ल हूं: आशा भोसले

    आशा भोसले

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    जानीमानी प्लेबैक सिंगर आशा भोसले ने कहा है कि उन्हें बॉलीवुड की और उससे जुड़े लोगों की सभी कहानियां मालूम हैं.

    वे मंगलवार को मुंबई में एक इवेंट के दौरान मीडिया से बात कर रही थीं.

    उन्होंने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास सिर्फ मुझे मालूम है. हरेक की लाइफ मुझे मालूम है. डिरेक्टर, प्रोड्यूसर, आर्टिस्ट, सिंगर, सब को मैं जानती हूं. मैं अगर बोलने बैठूं तो तीन चार दिन लग जाएंगे. इतनी सारी कहानियां हैं. वो सब मेरे मन में आती हैं. मैं कुछ भी नहीं भूली हूं. मैं इस फिल्म लाइन की आखिरी मुग़ल हूं."

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    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आशा भोंसले के लंबे फिल्मी करियर और उनके 90वें जन्मदिन पर उन्हें सम्मानित करने के लिए दुबई में एक इवेंट का आयोजन किया जा रहा है, जिसके सिलसिले में ये प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी.

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  18. COVER STORY: नशे की गिरफ़्त से कैसे निकलेंगे पंजाब के युवा?

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: नशे की गिरफ़्त से कैसे निकलेगा पंजाब?

    पंजाब में हर चुनाव में नशा एक बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन तमाम दावों के बावजूद इस राज्य में नशे से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है.

    आख़िर क्या है इसकी वजह और कैसे निकल सकता है इस समस्या का समाधान.

    देखिए बीबीसी संवाददाता सरबजीत सिंह धालीवाल की ये रिपोर्ट.

  19. अधीर रंजन चौधरी ने क्यों कहा- ऐसा पहले कभी नहीं हुआ...

    अधीर रंजन चौधरी

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    कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को दावा किया कि राहुल गांधी पर निशिकांत दुबे के संसद में दिए बयान को सदन की कार्यवाही से हटाए जाने के बाद उन्हें वापस संसदीय रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है.

    उन्होंने कहा कि संसदीय रिकॉर्ड में ये बदलाव देर रात किया गया है और भारत के संसदीय इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है.

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    मीडिया से बातचीत करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "कल भारतीय जनता पार्टी के सांसद (निशिकांत) दुबे ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ बेबुनियाद आरोप लगाए और भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया. नियमों के अनुसार, हमारी पार्टी और समान विचारों वाले अन्य विपक्षी दलों ने स्पीकर को इस बारे में चिट्ठी लिखी क्योंकि एक सदस्य जिसे पहले नोटिस नहीं दिया गया है, उसके ख़िलाफ़ इस तरह के आरोप नहीं लगाए जा सकते हैं."

    उन्होंने कहा, "हम इस मुद्दे पर स्पीकर से मिले. हमारी शिकायत पर गौर किया गया और वो मामूली सा बयान रिकॉर्ड से हटा लिया गया. हम संतुष्ट हो गए. लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उनकी टिप्पणी जिस पर हमने एतराज किया था, को देर रात में एक बार फिर से रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया. देश के संसदीय इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है."

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    दरअसल, सोमवार को बीजेपी के गोड्डा (झारखंड) से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि "चुनाव आयोग को चीन से उन्हें मिल रही फंडिंग की जांच करनी चाहिए." कांग्रेस ने निशिकांत दुबे की इस टिप्पणी को संसद के रिकॉर्ड से हटाए जाने की मांग की.

  20. सरकार से क्या मांग रहे यूक्रेन में पढ़ने वाले भारतीय छात्र?

    वीडियो कैप्शन, सरकार से क्या मांग रहे यूक्रेन में पढ़ने वाले भारतीय छात्र?

    बीबीसी को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार युद्ध की मार झेल रहे यूक्रेन में जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या पिछले छह महीनों में तीन गुना बढ़ गई है.

    भारत सरकार की एडवाइज़री अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कहती है, लेकिन कई छात्रों का कहना है कि वो यूक्रेन जाने के लिए मजबूर हैं.

    देखिए बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित की यह रिपोर्ट.