अमेरिका: आरोप तय होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन प्रशासन पर किया पलटवार

फिर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पेश कर चुके 77 वर्षीय ट्रंप ने जो बाइडेन सरकार पर पलटवार करते हुए कहा है कि ये 'विच हंट' है.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and संदीप राय

  1. अमेरिका: आरोप तय होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन प्रशासन पर किया पलटवार

    ट्रंप

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    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ 2020 के राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों को पलटने से जुड़े मामले में आपराधिक आरोप तय हो गए हैं.

    फिर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पेश कर चुके 77 वर्षीय ट्रंप ने जो बाइडन सरकार पर पलटवार करते हुए कहा है कि ये 'विच हंट' है.

    ट्रंप पर पहले से ही गोपनीय दस्तावेजों के कुप्रबंधन और अपने से जुड़ी जानकारी छिपाने के लिए, पॉर्न स्टार को भुगतान करने से जुड़े दो मामलों में आरोप तय किए जा चुके हैं.

    चुनाव के केस में जुड़ी जाँच इस बात पर केंद्रित होगी कि हार और वॉशिंगटन दंगों के बीच दो महीनों के भीतर ट्रंप की गतिविधियां क्या रहीं?

    जनवरी 2021 में ट्रंप के समर्थकों ने जो बाइडन की जीत के बाद कैपिटल हिल पर हमला कर दिया था.

    इस जाँच की अगुवाई अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से नियुक्त स्पेशल काउंसल जैक स्मिथ कर रहे हैं.

    उन्होंने मंगलवार को कहा, "छह जनवरी 2021 को हमारे देश की संसद पर हुआ हमला अमेरिकी लोकतंत्र पर हमला था."

    ट्रंप पर धोखाधड़ी करने और आधिकारिक कार्यवाही को रोकने की साज़िश रचने, सरकारी कार्यवाही में रुकावट डालने और इसकी साज़िश रचने और अधिकारों के ख़िलाफ़ साज़िश रचने के आरोप लगाए गए हैं.

    आरोप लगाए जाने की घोषणा के तुरंत बाद ट्रंप की टीम ने इसे भ्रष्ट और राजनीतिक मंशा से की गई कार्रवाई बताया है. साथ ही नाज़ी जर्मनी में हुए अत्याचार से इसकी तुलना की.

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा कि उन्हें इतना समर्थन पहले कभी नहीं मिला था.

    आगे क्या होगा?

    गुरुवार को वॉशिंगटन की अदालत में उन्हें पेश होना है लेकिन ये साफ़ नहीं है कि वो व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे या टेली कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई होगी.

    चुनावों पर नज़र रखने वालें एक्सपर्ट के मुताबिक ट्रंप रिपब्लिकन नॉमिनेशन में सबसे आगे चल रहे हैं और आम चुनावों में राष्ट्रपति जो बाइडन से उनकी कांटे की टक्कर है.

    अगर सभी आरोपों में उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो ट्रंप को कई सालों की सज़ा मिल सकती है, लेकिन राष्ट्रपति बनने में ये बाधक नहीं होगा.

    छह जनवरी की घटना पर क्या अमेरिकियों की राय?

    अमेरिका में लोगों की राय अभी भी मिलीजुली है.

    अप्रैल में एपी-एनओआरसी ने एक सर्वे कराया था जिसमें 49% लोगों ने कहा कि छह जनवरी की हिंसा में पूर्व राष्ट्रपति ने ग़ैरक़ानूनी काम किया.

    19% का मानना था कि उन्होंने जो कुछ किया वो क़ानूनी था लेकिन अनैतिक था जबकि 20% का मानना था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया.

    याहू और यूगोव की ओर से कराए गए सर्वे में 62% लोगों का मानना था कि अगर सज़ा मिलती है तो ट्रंप को राष्ट्रपति नहीं बनने देना चाहिए.

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  3. वर्ल्ड कप के लिए सुरक्षा मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड

    बिलावल

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    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को वर्ल्ड कप में अपनी राष्ट्रीय टीम को भेजने को लेकर मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है. इसके लिए पहले सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करेगा और इस बारे में मंज़ूरी देगा.

    प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीब ने पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में भाग लेने के बारे में फैसला लेने के लिए एक कमेटी का गठन किया है.

    इस कमेटी की बैठक पहली बार गुरुवार को होनी है, जिसके चेयरमैन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो हैं.

    14 सदस्यीय कमेटी में विभिन्न मंत्री और सलाहकार हैं जिनमें विदेश मंत्री, गृह मंत्री, क़ानून मंत्री, सूचना मंत्री, कश्मीर मामलों के सलाहकार, विदेश सचीव और अन्य संवेदनशील विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे.

    पाकिस्तान के भारत में खेलने को लेकर कोई विरोध नहीं है लेकिन कमेटी ये सुनिश्चित करना चाहती है कि खिलाड़ी, अधिकारी, प्रशंसक और मीडिया को मुश्किलों का सामना न करना पड़े.

    पिछली बार 2016 में वर्ल्ड टी-20 कप के दौरान पाकिस्तान की टीम ने भारत का दौरा किया था.

    साल 2012-13 से ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं हुआ हैऔर दोनों देशों के बीच पिछली टेस्ट सिरीज़ भारत में 2007 में आयोजित की गई थी.

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  5. हिंसा के बीच हरियाणा के नूंह में खुलेगा आरएएफ बटालियन का कैंप, ज़मीन को दी मंज़ूरी

    आरएएफ़

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    हरियाणा के नूंह में हिंसा की ख़बरों के बीच राज्य सरकार ने नूंह के इलाके में सीआरपीएफ़ की दंगा निरोधी यूनिट रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ़) के कैंप के लिए ज़मीन मंज़ूर किया है.

    पांच साल पहले राज्य सरकार ने आरएएफ़ की एक नई बटालियन के लिए ज़मीन देने का फैसला किया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, नूह के इंद्री गांव में 50 एकड़ ज़मीन आरएएफ़ को हस्तानांतरित की जाएगी.

    केंद्र सरकार ने 2018 में एलान किया था कि आरएएफ़ की पांच नई बटालियन बनाई जाएगी और जिनका कैंप वाराणसी (यूपी), जयपुर (राजस्थान), शिवमोगा (कर्नाटक), हाजीपुर (बिहार) और नूंह (हरियाणा) में बनाया जाएगा.

    इन पांच बटालियन के साथ आरएएफ़ की कुल संख्या 15 बटालियन हो जाएगी.

    जो दस अन्य बटालियन हैं, वो हैदराबाद, अहमदाबाद, इलाहाबाद, मुंबई, दिल्ली, अलीगढ़, कोयंबटूर, जमशेदपुर, भोपाल और मेरठ में हैं.

    नूंह में 31 जुलाई को हिंसा शुरू हुई थी जिसमें छह लोगों की मौत हो चुकी है.

    सीएम खट्टर ने बताया है कि इस मामले में अबतक 116 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 90 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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  7. मानेसर में धारा 144 के बावजूद हुई पंचायत, सीएम खट्टर के नाम दिया ज्ञापन,

    मानेसर

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    हरियाणा के नूंह में हिंसा को लेकर मानेसर में धारा 144 लागू होने के बावजूद एक मंदिर में पंचायत का आयोजन किया गया.

    गुड़गांव के मानेसर में धारा 144 लागू होने के बावजूद बुधवार को विश्व हिंदू परिषद और इसके अन्य सहयोगी संगठनों ने एक मीटिंग की.

    इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने जयश्रीराम के नारे लगाए.

    इस बारे में मानेसर एसएचओ ने कहा कि 'पंचायत वालों के पास कुछ तो होगा जो पंचायत की जा रही है.’

    मानेसर

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    मानेसर में मंदिर में हुई इस मीटिंग की अगुवाई विश्व हिंदू परिषद से जुड़े देवेंदर यादव ने की.

    इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम, तहसीलदार अजय कुमार को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें 31 जुलाई को नूंह में ब्रजमंडल यात्रा के दौरान एक विशेष समुदाय पर हिंसा करने का आरोप लगाया गया.

    इस मीटिंग के दौरान मंदिर के आस पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.

    नूंह के एसपी वरुन सिंगला ने बताया कि अभी तक 44 एफ़आईआर दर्ज की गई है और 116 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

  8. मोदी सरनेम मामलाः राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दिए ताज़ा हलफ़नामे में क्या कहा?

    राहुल गांधी

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    मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफ़नामे में सज़ा पर रोक लगाए जाने की मांग की.

    राहुल गांधी ने अपने हलफ़नामे में लिखा है कि 'उन्होंने हमेशा कहा है कि वो इस मामले में दोषी नहीं हैं और ये सज़ा बरक़रार रखने लायक नहीं है.'

    हलफ़नामे के अनुसार, अगर उन्हें माफ़ी मांगनी होती और सज़ा को कम कराना होता तो ऐसा वे पहले ही कर चुके होते.

    इसमें कहा गया है, “शिकायतकर्ता गुजरात के विधायक पुर्णेश ईश्वरभाई मोदी ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने जवाब में राहुल गांधी का ज़िक्र करते समय ‘अहंकारी’ शब्द का इस्तेमाल किया क्योंकि उन्होंने माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया है.”

    “आपराधिक प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए और जनप्रतिनिधित्व क़ानून के तहत राहुल गांधी पर बिना किसी ग़लती के माफ़ी मांगने का दबाव डाला जा रहा है, जोकि न्यायिक प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है और इसे कोर्ट को स्वीकार नहीं करना चाहिए.”

    हलफ़नामे में कहा गया है कि, ‘बहुत मामूली अपराध को देखते हुए यह बहुत असाधारण मामला है और एक चुने हुए सांसद के रूप में याचिकाकर्ता को अपूर्णीय क्षति हुई है.’

    राहुल गांधी ने हलफ़नामे में कहा, “इसलिए अपील है कि याचिकाकर्ता (राहुल गांधी) की सज़ा पर स्टे दिया जाए ताकि वो लोकसभा के मौजूदा और आगे आने वाले सत्रों में हिस्सा ले सकें.”

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    मोदी सरनेम मामले में टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि के तहत दोषी ठहराया गया था और इस फ़ैसले को उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट में निलंबित करने की अपील भी की थी.

    लेकिन हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फ़ैसले से राहत देने से इनकार कर दिया था.

    राहुल गांधी ने मई 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरनेम से जुड़ा एक विवादित बयान दिया था.

    राहुल गांधी पर आरोप लगा था कि उन्होंने पूरे मोदी समुदाय की प्रतिष्ठा पर चोट पहुँचाई है.

    गुजरात में बीजेपी के विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मामल दर्ज कराया था.

    राहुल गांधी ने कहा था कि जब उन्होंने यह बयान दिया था तब उनका इरादा किसी समुदाय की प्रतिष्ठा को चोट पहुँचाने का नहीं था.

  9. दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बरः हरियाणा में हालात काबू, राजनीति गरम

  10. अभिनेता अक्षय कुमार ने नहीं रिलीज किया ओएमजी-2 का ट्रेलर, ये है वजह

    अक्षय कुमार

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    अभिनेता और प्रोड्यूसर अक्षय कुमार ने अपनी आने वाली फ़िल्म ओएमजी-2 (ओ माइ गॉड-2) के ट्रेलर की रिलीज़ को टाल दिया है.

    इस फ़िल्म का ट्रेलर आज (बुधवार को) रिलीज़ होने वाला था लेकिन अब इसे कल (गुरुवार को) रिलीज किया जाएगा.

    अक्षय कुमार ने बॉलीवुड के आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई के निधन पर दुख जाहिर करते हुए ये जानकारी दी.

    उन्होंने देसाई के सम्मान फ़िल्म का ट्रेलर जारी नहीं किया. देसाई का शव आज उनके रायगढ़ स्थित स्टूडियो में मिला था. पुलिस को शक है कि उन्होंने आत्महत्या की है.

    अक्षय कुमार ने ट्विटर पर लिखा, "नितिन देसाई के निधन के बारे में जानकार हैरानी की हद तक दुख हुआ. प्रोडक्शन डिजायन के मामले में वो बेहद कद्दावर थे और हमारे सिनेमा जगत का अहम हिस्सा थे. उन्होंने मेरी कई फ़िल्मों में योगदान दिया."

    अक्षय कुमार ने आगे लिखा, "ये एक बड़ा नुक़सान है. (उनके प्रति) सम्मान की वजह से हम ओएमजी-2 का ट्रेलर आज रिलीजड नहीं कर रहे हैं. हम इसे कल 11 बजे रिलीज़ करेंगे. "

    ये फ़िल्म 11 अगस्त को रिलीज़ होने वाली है. इसमें अक्षय कुमार के अलावा पंकज त्रिपाठी प्रमुख भूमिका में हैं.

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    महत्वपूर्ण जानकारी-

    मानसिक समस्याओं का इलाज दवा और थेरेपी से संभव है. इसके लिए आपको मनोचिकित्सक से मदद लेनी चाहिए, आप इन हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं-

    समाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में उपलब्ध)

    इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमूनबिहेवियरएंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820

    हितगुजहेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 - 26995000

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  12. उद्धव ठाकरे ने हरियाणा और मणिपुर की हिंसा को लेकर पूछा, 'कहां है डबल इंजन सरकार'

    उद्धव ठाकरे

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    शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हरियाणा और मणिपुर की घटनाओं को लेकर दोनों राज्यों की सरकारों और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं.

    उद्धव ठाकरे ने हरियाणा के नूंह और मणिपुर में हुई हिंसा के मामले को लेकर कहा, "डबल इंजन (सरकार) कहां है?"

    उन्होंने सवाल किया, "वहां सरकार है या नहीं? या सरकार नहीं के बराबर है?"

    उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि मणिपुर में जो हुआ, उसे बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है.

    उन्होंने कहा, "मणिपुर की राज्यपाल महिला है. राष्ट्रपति भी महिला हैं. फिर भी महिलाओं के साथ जो सुलूक किया जा रहा है, उसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है."

  13. क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023: रिपोर्ट में दावा पाकिस्तान ने भारत के साथ मैच की नई तारीख़ को किया मंजूर

    भारत पाकिस्तान

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    आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मैच की नई तारीख पर जल्दी ही मुहर लग सकती है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने इएसपीएन क्रिकइन्फ़ो के हवाले से कहा है कि अब ये मैच 15 अक्टूबर की जगह अब 14 अक्टूबर को होगा.

    15 अक्टूबर को नवरात्रि का पहला दिन है. इसलिए सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर भारत-पाकिस्तान मैच की तारीख बदलने की पहल की गई.

    हालांकि आईसीसी ने संशोधित कार्यक्रम को जारी नहीं किया है लेकिन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस बदलाव पर राज़ी हो गया है.

    ये मैच पहले घोषित अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही आयोजित होगा.

    टूर्नामेंट के सबसे बड़े मैच की तारीख़ में बदलाव से पाकिस्तान का इससे पहले श्रीलंका के साथ मैच भी प्रभावित होगा.

    ये मैच पहले से तय हैदराबाद के स्टेडियम में ही होगा लेकिन अब 12 अक्टूबर की बजाय 10 अक्टूबर को कराया जा सकता है ताकि पाकिस्तान के पास इन दोनों मैचों के बीच पर्याप्त समय हो.

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  14. हरियाणा के सीएम ने बताया नूंह हिंसा में निजी संपत्ति को हुए नुक़सान की भरपाई ऐसे होगी

    खट्टर

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    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नूंह में हुई हिंसा को लेकर बुधवार को कहा कि निजी संपत्ति का नुकसान करने वालों से ही उसकी भरपाई कराई जाएगी.

    खट्टर ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा, "मैं किसी भी कीमत पर प्रदेश की शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दूंगा... नूंह की घटना के हर एक अपराधी को कानून के माध्यम से उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और वहां हुए हर एक नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही होगी और उन्हीं से उसकी वसूली भी करवाई जाएगी."

    उन्होंने इसे लेकर ट्वीट भी किया है.

    सीएम खट्टर ने कहा, "हमने एक क़ानून बना लिया है और उसमें ये प्रावधान है कि निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी उन लोगों से कराई जाय जो इसमें शामिल रहे हैं."

    खट्टर ने कहा, "सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी और जिनकी निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है, उनसे हम कहेंगे कि इसके जो ज़िम्मेदार हैं उनकी शिकायत करें."

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 जुलाई को दो ग्रुपों के बीच हुई हिंसा के बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है.

    सीएम ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख़्शा नहीं जाएगा.

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    'सबको देंगे सुरक्षा'

    खट्टर ने कहा, "सबको सुरक्षा देने का काम हमारा है. हम लोगों से अपील करेंगे. बातचीत ही एकमात्र समाधान है."

    उन्होंने कहा कि हेट स्पीच देने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का प्रशासन को आदेश दिया गया है.

    इसके साथ ही लोगों की चल अचल संपत्तियों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और राज्य सरकार के पोर्टल पर लोग अपनी क्षति के बारे में जानकारी दर्ज कर सकते हैं.

    सीएम खट्टर ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि चीजें ठीक हो जाएं.”

    नूंह के एसपी वरुन सिंगला ने कहा कि अभी तक 44 एफ़आईआर दर्ज की गई है और 116 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. ज़िले में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और धारा 144 लगी हुई है.

    बुधवार को एक प्रेश कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि हिंसा को लेकर पुलिस प्रशासन जांच कर रहा है और एसआईटी बनाने या जांच आयोग गठित करने पर कौई फैसला नहीं लिया गया है.

    पत्रकारों ने जब मोनू मानेसर की कथित संलिप्तता को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा कि अफवाहों के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.

    खट्टर ने कहा कि दोनों पक्षों को साथ बैठाकर बातचीत की जा रही है.

    मोनू मानेसर गोरक्षक दल का सदस्य है और दो मुसलमान युवकों को ज़िंदा जलाने का अभियुक्त है.

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    कर्फ्यू में ढील

    नूंह के डिप्ली कमिश्नर प्रशांत पंवार ने कहा कि हालात का आंकलन किया जाएगा इसके बाद ही इलाक़े के स्कूल और कॉलेज खोलने और इंटरनेट बैन हटाने की इजाज़त दी जाएगी. अर्द्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की 20 कंपनियां लगाई गई हैं.

    हालांकि उन्होंने कहा कि पहले से हालत सुधरे हैं. संवेदनशील इलाकों में शाम तीन से पांच बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई.

  15. धमाकेदार जीत के बाद वेस्ट इंडीज़ बोर्ड पर भड़के हार्दिक पांड्या, बोले- मेहमानों को जरूरी सुविधाएं तो दो

    हार्दिक पांड्या

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    भारतीय कप्तान हार्दिक पांड्या ने वेस्ट इंडीज़ में टीम इंडिया को मिली खराब सुविधाओं का मामला उठाया है और कहा है कि क्रिकेट वेस्ट इंडीज़ (क्रिकेट बोर्ड) को इस ओर ध्यान देना चाहिए.

    भारतीय खिलाड़ी ये मुद्दा बीसीसीआई के सामने भी उठा चुके हैं. खिलाड़ियों की अहम शिकायत फ्लाइट लेट होने और नींद पूरी न होने को लेकर थी. भारतीय खिलाड़ियों को लगता है कि मेहमान टीम को जिस तरह की सुविधा मिलनी चाहिए, वेस्ट इंडीज़ बोर्ड ने उसका ध्यान नहीं रखा.

    हार्दिक पांड्या ने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ आखिरी दो वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की थी. वो ट्वेंटी-20 टीम के भी कप्तान हैं.

    भारत ने त्रिनिदाद के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे में वेस्ट इंडीज़ को 200 रन से हराकर सिरीज़ 2-1 से जीती.

    मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने कहा, "हम जहां खेले हैं, उनमें ये सबसे अच्छे मैदानों में एक है. जब हम अगली बार वेस्ट इंडीज़ आएं तो यहां स्थितियां बेहतर की जा सकती हैं. यात्रा से लेकर तमाम दूसरी चीजों के प्रबंधन के लिहाज से. पिछले साल भी यहां कुछ गड़बड़ियां हुई थीं."

    उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये सही वक़्त है जब वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट इस पर गौर करे और ये तय करे कि जब कोई टीम यहां दौरा करती है तो इसका ध्यान दिया जाए."

    हार्दिक पांड्या ने कहा, "हम लक्ज़री की मांग नहीं कर रहे हैं लेकिन हम चाहते हैं कि मूलभूत बातों का ध्यान रखा जाए."

    भारतीय खिलाड़ियों ने इसके पहले बीसीसीआई के सामने शिकायत दर्ज कराई थी. त्रिनिदाद से बारबाडोस की फ्लाइट देर रात की थी और ये चार घंटे लेट हो गई थी. इसके चलते खिलाड़ी शुरुआती वनडे से पहले नींद पूरी नहीं कर पाए थे.

  16. मोनू मानेसर पर क्या बोले हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर?

    हरियाणा सीएम

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    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज (बुधवार को) कहा कि राजस्थान सरकार मोनू मानेसर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.

    सीएम खट्टर ने पत्रकारों के सवाल पर कहा, "जहां तक मोनू मानेसर का सवाल है, उसके खिलाफ़ पिछला केस राजस्थान सरकार ने दर्ज किया था. राजस्थान सरकार को हमने कहा है कि जिस तरह की मदद की ज़रूरत होगी, हम करेंगे."

    उन्होंने कहा, "राजस्थान पुलिस उन्हें ढूंढ रही है, वो कहां हैं, हमारे पास कोई इनपुट अभी नहीं है. उनके पास है या नहीं हम नहीं कह सकते हैं. राजस्थान पुलिस उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को स्वतंत्र है."

    समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि सीएम खट्टर ने मोनू मानेसर को लेकर ये बयान उनके खिलाफ़ राजस्थान में पहले दर्ज हुए मामले को लेकर दिया, इस बयान का नूंह की घटना से कोई संबंध नहीं है.

    इसके पहले, बुधवार को ही गुरुग्राम के एसीपी वरुण दहिया ने मोनू मानेसर को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, "गुरुग्राम पुलिस इस मामले में जल्दी से जल्दी कार्रवाई करेगी.''

    नूंह में सोमवार को हुई हिंसा में भी मोनू मानेसर का नाम चर्चा में है. नूंह में जिस बृजमंडल यात्रा के दौरान दो समुदायों में टकराव हुआ था, उसे लेकर मोनू का एक वीडियो वायरल हुआ था.

    मोहित यादव उर्फ़ मोनू मानेसर इस वीडियो में अपील करते दिखे कि सोमवार को होने वाली बृजमंडल यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हों और वो खुद इस यात्रा में अपने समर्थकों के साथ शामिल होंगे और पूरे नूंह के मंदिरों में यात्रा लेकर जाएंगे.

    कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यात्रा में मोनू मानेसर के शामिल होने से नूंह के लोग नाराज़ थे.

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    कौन है मोनू मानेसर

    मोनू मानेसर खुद को बजरंग दल का गौरक्षक प्रांत प्रमुख बताते हैं.

    फरवरी में राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले जुनैद और नासिर के जले हुए शव हरियाणा के भिवानी में मिले थे. इस हत्या की एफ़आईआर में मुख्य अभियुक्त मोनू मानेसर थे.

    तब हरियाणा पुलिस ने कहा था कि वो फ़रार हैं और उनकी तलाश जारी है. राजस्थान पुलिस की एक टीम भी भिवानी पहुंची थी लेकिन उसे भी खाली हाथ लौटना पड़ा.

    मोनू मानेसर को हत्या के इस केस में कभी भी गिरफ़्तार नहीं किया गया.

    जुनैद और नासिर के शव 16 फरवरी 2023 को मिले थे.

  17. मणिपुर हिंसाः केंद्र ने बताया-14 हज़ार स्कूली बच्चों को छोड़ना पड़ा घर, पढ़ाई पर असर

    मणिपुर हिंसा

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    मणिपुर में क़रीब तीन महीने से जारी हिंसा में 14 हज़ार से अधिक स्कूली बच्चे अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ा है.

    बुधवार को राज्य सभा में एक सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि इन विस्थापित बच्चों में 93 प्रतिशत को नजदीकी स्कूल में दाखिला दिया गया है. उन्होंने कहा कि मणिपुर के मौजूदा हालात की वजह से कुल 14,763 स्कूली बच्चे विस्थापित हुए हैं.

    उन्होंने कहा कि एडमिशन प्रक्रिया में मदद के लिए हर राहत कैंप में एक नोडल अफ़सर की तैनाती की गई है.

    तीन मई को शुरू हुई इस हिंसा में अबतक 160 से अधिक लोगों की जान गई है जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

    क़रीब 60,000 से अधिक लोग अपने ही राज्य में शरणार्थी बन गए हैं.

    इसे लेकर इस बार संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही अभी तक सुचारू रूप से नहीं चल पाई है. बुधवार को भी व्यवधान के चलते संसद को स्थगित कर दिया गया.

  18. मध्य प्रदेश: कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, मार्च से अब तक नौ की गई जान

    चीता

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    मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत हो गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने राज्य के वन विभाग के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि मार्च से अब तक कुल नौ चीतों की मौत हो चुकी है.

    पीटीआई के मुताबिक वन विभाग ने एक बयान जारी कर बताया, "आज सुबह एक मादा चीता धात्री मृत पाई गई."

    बयान में आगे बताया गया है, "चीते की मौत के कारण की जानकारी के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है."

    कूनो में कुल 14 चीते हैं. इनमें सात नर, छह मादा और चीते का एक मादा शावक (बच्चा) है. कूनो वाइल्डलाइफ़ के पशु चिकित्सकों और नामीबिया के एक एक्सपर्ट की टीम इनके स्वास्थ्य पर नज़र रखते हैं. बयान में बताया गया है कि ये सभी स्वस्थ हैं.

    बयान

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    बीते महीने दो चीतों की मौत हो गई थी.

    इसकी वजह उनकी गर्दन पर लगाए गए रेडियो कॉलर की वजह से हुआ इन्फेक्शन बताया गया था.

    हालांकि, पर्यावरण मंत्रालय ने कहा था कि चीतों की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई है.

  19. कंगना की शिकायत पर समन के ख़िलाफ़ जावेद अख़्तर पहुंचे सेशन कोर्ट

    जावेद अख्तर और कंगना रनौत

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    अभिनेत्री कंगना रनौत की शिकायत पर मजिस्ट्रेट की ओर से जारी समन के ख़िलाफ़ फ़िल्म पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख़्तर ने सेशन कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

    अपनी अपील में जावेद अख़्तर ने कहा कि ये आदेश 'बहुत हड़बड़ी और ग़लत तरीक़े से' पास किया गया है और ये 'नाइंसाफ़ी है.'

    इस मामले की अगली सुनवाई आठ अगस्त को होगी.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 24 जुलाई को मुंबई की अंधेरी कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आरएम शेख़ ने जावेद अख़्तर के ख़िलाफ़ समन जारी किया और पांच अगस्त को कोर्ट में पेश होने को कहा.

    मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जावेद अख़्तर के ख़िलाफ़ ज़बरदस्ती वसूली का आरोप खारिज कर दिया लेकिन कहा कि उनके ख़िलाफ़ आपराधिक धमकी के मामले पर सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है.

    जावेद अख़्तर ने 2020 में कंगना रनौत के ख़िलाफ़ मानहानि का एक मामला दर्ज किया था और आरोप लगाया था कि उन्होंने एक टेलीविज़न इंटरव्यू में उनका नाम लिया जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है.

    अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि रनौत ने एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद अपने एक इंटरव्यू में बॉलीवुड की एक ‘मंडली’ का ज़िक्र किया और उसमें उनका 'नाम घसीटा.'

    बाद में रनौत ने उसी कोर्ट में जावेद अख़्तर के ख़िलाफ़ एक जवाबी शिकायत दर्ज कर उन पर जबरन वसूली और आपराधिक धमकी का आरोप लगाया था.

  20. मायावती ने नूंह हिंसा को लेकर हरियाणा सरकार को घेरा, केंद्र को दी सलाह

    मायावती

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    बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने नूंह की घटना को लेकर हरियाणा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार को भी सलाह दी है.

    मायावती ने कहा, ''हरियाणा में संप्रदायिक दंगों का भड़कना, फिर इसका गुरुग्राम और अन्य क्षेत्रों में बिना रोक-टोक फैलना और हिंसा में अनेक लोगों के हताहत होने के साथ ही धार्मिक स्थल समेत लोगों की संपत्तियों की भारी हानि होने से साबित होता है कि मणिपुर की तरह ही हरियाणा राज्य में भी क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है.''

    बीएसपी प्रमुख ने कहा कि ख़ुफ़िया तंत्र का निष्क्रिय होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है.

    उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का दावा है कि विहिप और इसके अन्य सहयोगी संगठनों की यात्रा पर पथराव से हिंसा शुरू हुई. इससे साफ़ है कि हरियाणा सरकार उस जुलूस को पूरी तरह सुरक्षा देने में असफल रही.

    उन्होंने कहा, ''अगर राज्य सरकार प्रस्तावित यात्रा, जुलूस को सुरक्षा नहीं दे सकती है तो सरकार ऐसे आयोजनों को अनुमति ही क्यों देती है? जबकि खुफ़िया तंत्र और शासन प्रशासन को इस मामले को लेकर काफ़ी चुस्त दुरुस्त होना चाहिए था.''

    उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार की नीयत और मंशा पर भी काफी कुछ सवाल उठता है.

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    हरियाणा सरकार की नीयत पर उठाया सवाल

    उन्होंने आरोप लगाया कि नूंह में दंगा और इससे आगे भड़कने वाली हिंसा को लेकर राज्य सरकार की नीयत का पूरी तरह से अभाव है. ये और चिंता जनक है.

    उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मणिपुर जैसे अन्य राज्यों में हुई कुछ दर्दनाक और शर्मनाक घटनाएं, दंगा और हिंसा आदि को राजनीतिक और संकीर्ण स्वार्थों की पूर्ति का साधन बनाने की अनुमति किसी भी राज्य सरकार को नहीं देनी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि लोगों की जान माल और मजहब की सुरक्षा करना राज्य सरकार पहली संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है जो कि स्थानीय पुलिस प्रशासन के निष्पक्ष और प्रभावी इस्तेमाल से ही संभव है.

    उन्होंने कहा, "बीएसपी की मांग है कि हरियाणा की सरकार को सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारा और अमन बहाल करने के लिए निष्पक्ष, गंभीर और ईमानदार प्रयास शुरू कर देना चाहिए. साथ ही केंद्र सरकार को भी राज्य सरकार की मदद के लिए आगे आना चाहिए. क्योंकि हिंसा फैलने की आशंका से अन्य राज्यों में सुरक्षा का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. जो उचित कदम है."

    उन्होंने हरियाणा और इससे सटे अन्य राज्यों के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की.