मणिपुर हिंसा: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट और संसद में क्या-क्या हुआ?

सोमवार को मॉनसून सत्र के दौरान मणिपुर में हिंसा पर चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग को लेकर हंगामे का दौर जारी रहा.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and स्नेहा

  1. मणिपुर हिंसा: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट और संसद में क्या-क्या हुआ?

    सुप्रीम कोर्ट

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    सोमवार को मॉनसून सत्र के दौरान मणिपुर में हिंसा पर चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग को लेकर हंगामे का दौर जारी रहा.

    सत्ता पक्ष के सांसदों का कहना है कि विपक्ष पहले इस पर चर्चा की मांग तो कर रहा है लेकिन खुद चर्चा करने से भाग रहा है. संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए वित्त मंत्री ने विपक्ष पर 'घड़ियाली आंसू' बहाने का आरोप लगाया तो इस पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी का कहना था कि सत्ता पक्ष इस मामले में 'घड़ियाली आंसू भी क्यों नहीं बहा रहा है.'

    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर हिंसा और महिलाओं पर यौन हमले के मामले में सुनवाई भी हुई. जानिए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या टिप्पणियां की और आज संसद में क्या हुआ.

    भारत के चीफ़ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़

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    सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा पर सुनवाई के दौरान क्या-क्या कहा

    • सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर में हिंसा पर दाखिल की गई कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई और चीफ़ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य और केंद्र सरकार से इस पर कड़े सवाल भी पूछे.
    • मणिपुर के यौन उत्पीड़न वाले वायरल वीडियो मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल हिंसा का शिकार हुई महिलाओं की पैरवी कर रहे थे.
    • महिलाओं की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने सीबीआई जांच और केस को असम ट्रांसफर करने का विरोध किया है. वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि “हमने कभी केस को असम ट्रांसफ़र करने की मांग नहीं की थी. हमने ये ज़रूर कहा था कि मामले की जांच मणिपुर से बाहर हो, लेकिन असम में हो ये हमने कभी नहीं कहा.”
    • सुप्रीम कोर्ट में चीफ़ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मणिपुर में जो कुछ हुआ, उस पर ये तर्क नहीं दिया जा सकता कि देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसा हो रहा है. इस मामले में चीफ़ जस्टिस चंद्रचूड़ ने राज्य सरकार की तरफ़ से पेश हुए तुषार मेहता से पूछा, ''घटना चार मई की है और ज़ीरो एफ़आईआर 18 मई को हो रही है. पुलिस को 14 दिन क्यों लगे एफ़आईआर करने में? पुलिस चार मई से 18 मई के बीच क्या कर रही थी?''
    • चीफ़ जस्टिस ने कहा, '' हम सिर्फ़ एक वीडियो को लेकर चिंतित नहीं हैं. बल्कि हम राज्य में जिस तरह की हिंसा हुई और वहां जो हो रहा है, उसको लेकर पूरी तरह चिंतित हैं.'' सॉलिसिटर जनरल मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वीडियो वायरल होने के 24 घंटे के भीतर सात गिरफ़्तारियां हुईं. कोर्ट ने इस पर यह भी पूछा कि अब तक कुल कितने एफ़आईआर दर्ज हुए हैं.
    संसद में आज क्या-क्या हुआ

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    संसद में मणिपुर मामले में क्या-क्या हुआ

    • संसद में आज भी रूल नंबर 267 गूंजता रहा. केंद्र सरकार राज्य सभा में सोमवार को मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार तो हो गई लेकिन विपक्षी दल बार-बार सिर्फ़ 267 के तहत ही सदन में चर्चा पर जोर दे रहे हैं. इसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
    • राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल नेकहा- ''जब मणिपुर पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है, तब विपक्ष जो कर रहा है वो देश देख रहा है. विपक्ष आख़िर क्या मैसेज देना चाह ता है, क्या विपक्ष बहस से भाग रहा है? ये मणिपुर की सच्चाई सामने नहीं लाने दे रहे. इस सदन में हम मणिपुर पर चर्चा आज ही चाहते हैं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए.
    • वहीं, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बात पर जोर दिया कि सदन मे मणिपुर पर रूल 267 के तहत बहस होनी चाहिए.
    • लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करवानी चाहिए. उन्होंने एनडीए के सांसदों से हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करने और वहां की स्थिति को खुद समझने की भी अपील की.
  2. हरियाणा के नूंह में तनाव के बीच दीपेंद्र हुड्डा ने की ये अपील

    दीपेंद्र सिंह हुड्डा

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    हरियाणा के नूंह ज़िले के मेवात क्षेत्र में दो गुटों में टकराव पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

    उन्होंने कहा, '' मेवात से जो आपसी तनाव की, पत्थरबाजी की ख़बरें आई हैं, वो पीड़ादायक है. इस अवसर पर मैं प्रत्येक प्रदेशवासी से हाथ जोड़कर यही आग्रह करता हूं कि आपसी भाईचारा बिगड़ने न दें. हर हालत में आपसी अमन, चैन, शांति और सद्भाव कायम रखें. ''

    उन्होंने कहा ''ये आने वाले समय में जांच का विषय होगा कि हालात कैसे बिगड़े और ये बात हम तब करेंगे जब शांति स्थापित हो जाए.''

    हरियाणा के नूंह में हिंसा के बाद दो अगस्त तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. हरियाणा सरकार ने इलाक़े में शांति कायम करने को प्राथमिकता बताया है. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया है कि केंद्र सरकार से अतिरिक्त पुलिस बल भेजने को कहा गया है.

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  3. जसप्रीत बुमराह की टीम इंडिया में वापसी, आयरलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में करेंगे कप्तानी

    जसप्रीत बुमराह

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    लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है और वह आयरलैंड टी20 सिरीज़ के लिए कप्तान चुने गए हैं.

    यह सिरीज 18 अगस्त से शुरू होगी और दोनों टीमों के बीच तीन मैच होंगे.

    तेज़ गेंदबाज़ बुमराह ने पिछले साल सितंबर में आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था. वो पीठ की चोट की वजह से टीम से बाहर चल थे. बीते कुछ महीनों से वो फिटनेस हासिल करने में जुटे थे.

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    बीसीसीआई ने ट्विटर पर इस सिरीज़ के बाकी खिलाड़ियों के नामों की भी जानकारी दी.

    भारतीय टीम - जसप्रीत बुमराह (कप्तान), ऋतुराज गायकवाड़ ( उप कप्तान), यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, संजू सैमसन (विकेट कीपर), जीतेश शर्मा (विकेट कीपर). शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, शाहबाज़ अहमद, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, मुकेश कुमार और आवेश खान.

  4. निर्मला सीतारमण बोलीं- मणिपुर पर विपक्ष घड़ियाली आंसू बहा रहा, विपक्ष का तंज़

    केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण

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    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रहा है. वहीं इस पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने उनसे पूछा है कि क्या वो 'कम से कम घड़ियाली आंसू बहा सकती हैं.'

    वित्त मंत्री ने कहा, '' जो विपक्ष मणिपुर के अलावा कुछ और बात करने के लिए तैयार नहीं था वो अब इस पर बहस में हिस्सा लेने के लिए तैयार नहीं है. हमें बहुत दुख होता है कि जो विपक्ष पिछले आठ दिन से चर्चा चाहता था, आज मणिपुर की चर्चा जब शुरू हो रही है तो भाग रहा है.''

    उन्होंने कहा, '' मणिपुर जाकर, उधर लोगों के साथ बैठकर, कैम्प में या कहीं और जाकर जो बात की, जो उधर सुना उन बातों को रखिए न हाउस में. आपको किस बात का संकोच है. मैं हर नागरिक को ये जानकारी देना चाहती हूं कि विपक्ष जो अब तक घड़ियाली आंसू बहा रहा था वो अब स्पष्ट हो गया है कि वे घड़ियाली आंसू ही था. अगर मणिपुर की चिंता है तो इन्हें चर्चा करनी चाहिए थी.''

    अधीर रंजन चौधरी

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    कांग्रेस ने क्या कहा?

    केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, '' वो किसकी नुमाइंदगी करती हैं ये वो बताएं. दूसरी बात है कि हमारी तरफ से सही ढंग से आवाज उठ रही है. ये आवाज मणिपुर तक पहुंच चुकी है. ये आवाज देश के घर-घर तक पहुंच रही है कि विपक्ष ये मुद्दा छोड़ने वाला नहीं है. इसीलिए जो आज तक चुप्पी साधी थीं, उनकी जुबान से भी आवाज निकलने लगी.''

    उन्होंने कहा, '' हम तो घड़ियाली आंसू बहाने गए, आप कम से कम घड़ियाली आंसू तो बहा सकते थे. आप के ही देश में मणिपुर नाम की जगह है, उन्होंने इसके बारे में सुना है या नहीं.''

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  5. दिनभर: मणिपुर हिंसा पर संसद में गतिरोध, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

  6. संसद में सरकार ने बताया- 2019 से 2021 के बीच 13 लाख लड़कियां और महिलाएं लापता हुईं

    महिला, सांकेतिक तस्वीर

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    भारत में 2019 से 2021 के बीच 13 लाख लड़कियां और महिलाएं लापता हुई हैं और इनमें से ज़्यादातर मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल की हैं.

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 18 साल से ज़्यादा उम्र की 10 लाख 61 हज़ार महिलाएं और 18 साल से कम उम्र की 2 लाख 51 हज़ार लड़कियां लापता हुई हैं.

    ये आंकड़े राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो ने बताए हैं.

    संसद में दिए गए आंकड़ों में बताया गया है कि मध्य प्रदेश में 1,60,180 महिलाएं और 38,234 लड़कियां लापता हुईं. इस अवधि में पश्चिम बंगाल से 1,56,905 महिलाएं और 36,606 लड़कियां लापता हुईं.

    महाराष्ट्र में 1,78,400 महिलाएं और 13,033 लड़कियां लापता हुईं.

    केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली से सबसे ज़्यादा महिलाएं और लड़कियां लापता हुई हैं.

    राष्ट्रीय राजधानी में 61,054 महिलाएं और 22,919 लड़कियां 2019 से 2021 के बीच में लापता हुईं.

    जम्मू-कश्मीर में 8,617 महिलाएं और 1,148 लड़कियां लापता हुईं.

  7. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद और परिवार की संपत्ति ज़ब्त की

    लालू प्रसाद

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    ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और लैंड फॉर जॉब्स स्कीम की जांच के सिलसिले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य की कुछ संपत्तियां ज़ब्त की हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.

    जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत संपत्ति ज़ब्त करने के लिए प्रोविजिनल आदेश जारी किए हैं.

    हालांकि, अभी तक संपत्ति और उसके मूल्य के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.

  8. कानपुर: क्लास के अंदर 10वीं के छात्र ने क्लासमेट की चाकू से गोदकर की हत्या,

    चाकू

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    उत्तर प्रदेश के कानपुर में दसवीं क्लास के स्टूडेंट ने क्लासरूम के अंदर ही एक क्लासमेट की चाकू से गोदकर हत्या कर दी है.

    दोनों छात्रों के बीच दो दिन पहले झगड़ा हुआ था. बताया जा रहा है कि बदला लेने के लिए छात्र सोमवार को चाकू लेकर स्कूल आया. दोनों के बीच कहासुनी हुई और फिर छात्र ने चाकू से गले और पेट पर हमला किया.

    अभियुक्त छात्र अपने साथ घर से बैग में चाकू रखकर लाया था. उसने बैग से चाकू निकालकर नीलेश के पेट और गले पर कई वार किए.

    स्कूल के अंदर छात्र पर हुए जानलेवा हमले के बाद स्टाफ के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा छात्र नीलेश तिवारी खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था. उसे इलाज के लिए पहले बिधनू सीएचसी और फिर हैलट अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर उसको बचा नहीं सके.

    मौके पर पहुंची पुलिस ने अभियुक्त छात्र को पकड़ लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

    कानपुर की एसीपी साउथ अंकिता ने बताया, "बीते चार पांच दिन से दोनों छात्रों में विवाद चल रहा था. इस दौरान एक छात्र बैग में चाकू लेकर आया था और उसने दूसरे छात्र की गला रेत कर हत्या कर दी. पूरे मामले की जांच की जा रही है."

  9. मणिपुर हिंसा पर सुनवाई के दौरान सख़्त हुए चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया, केंद्र-राज्य सरकार से क्या कहा?

    चीफ़ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़

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    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर हिंसा और महिलाओं पर यौन हमले के वायरल वीडियो पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार से कई सवाल पूछे हैं.

    सुप्रीम कोर्ट में चीफ़ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मणिपुर में जो कुछ हुआ, उस पर ये तर्क नहीं दिया जा सकता कि देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसा हो रहा है.

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के नेतृत्व में एक बेंच मणिपुर हिंसा पर डाली गई कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

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    सुप्रीम कोर्ट

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    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के मुताबिक़, सुनवाई के दौरान चीफ़ जस्टिस ने कहा, ''हम मणिपुर में जातीय संघर्ष के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ अप्रत्याशित तौर पर हिंसा देख रहे हैं. इस मामले में बंगाल और दूसरे राज्यों में महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा का उदाहरण दिया जा रहा है लेकिन ये मामला अलग है. आप ये बताइए कि मणिपुर के हालात सुधारने के लिए क्या किया जा सकता है? कहीं दूसरी जगह महिलाओं पर हो रही हिंसा का हवाला देकर मणिपुर के मामले को सही नहीं ठहराया जा सकता.''

    इस मामले में चीफ़ जस्टिस चंद्रचूड़ ने राज्य सरकार की तरफ़ से पेश हुए तुषार मेहता से पूछा, ''घटना चार मई की है और ज़ीरो एफ़आईआर 18 मई को हो रही है. पुलिस को 14 दिन क्यों लगे एफ़आईआर करने में? पुलिस चार मई से 18 मई के बीच क्या कर रही थी?''

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    बेंच ने ये भी कहा कि यौन हमले का शिकार होने से पहले भीड़ का दो महिलाओं को नग्न कर घुमाने की भयावह घटना कोई अकेली घटना नहीं थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण होंगे.

    दो महिलाओं पर यौन हमले का एक वीडियो दो सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

    चीफ़ जस्टिस ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा, '' चार मई को तत्काल एफ़आईआर दर्ज क्यों नहीं हुई, पुलिस को क्या परेशानी थी?''

    सॉलिसिटर जनरल मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वीडियो वायरल होने के 24 घंटे के भीतर सात गिरफ़्तारियां हुईं. कोर्ट ने इस पर यह भी पूछा कि अब तक कुल कितने एफ़आईआर दर्ज हुए हैं.

    तुषार मेहता ने बताया कि अब तक उस पार्टिकुलर थाने में 20 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं और राज्य में 6000 से ज़्यादा एफ़आईआर दर्ज हुई हैं.

    इस पर चीफ़ जस्टिस ने कहा, ''एक और बात. आपने कहा कि कुल 6000 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. इसमें अलग-अलग मामले क्या हैं? कितने एफ़आईआर में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध शामिल हैं? कितने में हत्या, आगजनी, घरों को जलाने जैसे अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं? व्यक्ति के खिलाफ अपराधों के बीच विभाजन क्या है? संपत्तियों के खिलाफ अपराध, पूजा स्थलों के खिलाफ अपराध?"

    चीफ़ जस्टिस ने कहा, '' हम सिर्फ़ एक वीडियो को लेकर चिंतित नहीं हैं. बल्कि हम राज्य में जिस तरह की हिंसा हुई और वहां जो हो रहा है, उसको लेकर पूरी तरह चिंतित हैं.''

  10. संसद में गूंजता रूल 267 क्या है, जिस पर भिड़ रहे हैं विपक्ष और मोदी सरकार

    संसद

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    मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही संसद में मणिपुर के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं.

    विपक्ष इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और रूल नंबर 267 के तहत चर्चा चाहता है.

    दोनों ही पक्षों के बीच रूल नंबर 267 को लेकर बयानबाजी हो रही है.

    केंद्र सरकार राज्य सभा में सोमवार को मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार तो हो गई लेकिन विपक्षी दल बार-बार सिर्फ़ 267 के तहत ही सदन में चर्चा पर जोर दे रहे हैं. इसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.

    सभापति जगदीप धनखड़

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    क्या है रूल 267?

    संसद में रोजमर्रा की कार्यवाही के लिए तय नियम होते हैं.

    अगर कोई सांसद सवाल पूछना चाहता है, बहस शुरू करना चाहता है या इसमें हिस्सा लेना चाहता है, या लोक हित का मुद्दा उठाना चाहता है तो इसके लिए नियम के तहत सदन के सभापति इसकी जानकारी देनी होती है और पहले से एक नोटिस देना होता है.

    मॉनसून सत्र में बार-बार 267 का जिक्र हो रहा है.

    यह राज्य सभा के रूलबुक का नियम है.

    राज्य सभा के रूलबुक में रूल 267 इस इस बात की अनुमति देता है कि अगर सभापति इसे लागू करने की अनुमति दे दें तो सदन में चर्चा के लिए पहले से तय हुए सारे कामकाज को रोककर उस मुद्दे पर पहले चर्चा होती है, जिसकी मांग सदस्य कर रहे होते हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उन्हें रूल 267 के तहत 65 नोटिस मिले हैं. उन्होंने कहा कि इस रूल का इस्तेमाल दुर्लभ अवसरों में ही किया जाता है. अंतिम बार इसका इस्तेमाल 2016 में नोटबंदी पर चर्चा के दौरान हुआ था.

    विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बात पर जोर दिया कि सदन मे मणिपुर पर रूल 267 के तहत बहस होनी चाहिए.

  11. पाकिस्तान गईं अंजू पर बोले नरोत्तम मिश्रा- कहीं ये अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं...

    नरोत्तम मिश्रा

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    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भारतीय महिला अंजू के पाकिस्तान जाने की पुलिस से जांच करवाने की बात कही है.

    मिश्रा ने कहा कि राज्य की पुलिस इस मामले की जांच करेगी और पता लगाएगी कि इसमें कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं है.

    फ़ेसबुक पर एक पाकिस्तानी शख़्स से दोस्ती के बाद अंजू उनसे मिलने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा गई हैं. वहां उनके पाकिस्तानी शख़्स नसरुल्ला से निकाह और इस्लाम स्वीकार करने की ख़बरें भी आईं लेकिन इस पर दोनों का अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है.

    अंजू ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के अपर दीर में हैं.

    मीडिया में आई ख़बरों में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें वहां (पाकिस्तान में) उपहार में कुछ पैसे और जमीन भी मिले हैं.

    अंजू के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि अंजू का पाकिस्तान में स्वागत हो रहा है और उसे वहां जिस तरह से उपहार मिल रहे हैं, उससे कई शंकाएं पैदा होती हैं.

    उन्होंने कहा, '' अंजू का पाकिस्तान में जिस तरह से स्वागत हो रहा है, उपहार मिल रहे हैं. उससे कई संदेह जन्म लेते हैं. इसलिए मैंने स्पेशल ब्रांच को निर्देशित किया है कि इसका सुक्ष्मता से परीक्षण करें कि कहीं ये अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं है. अगर साजिश अंतरराष्ट्रीय हो तो उन बिंदुओं को ध्यान में रखकर अंजू मामले को देखें. ग्वालियर ज़िले का मामला है.''

    अंजू के पिता गया प्रसाद थॉमस ग्वालियर जिले के टेकनपुर कस्बे के एक गांव के रहनेवाले हैं.

    पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि अंजू उनके लिए मर गई है. थॉमस ने पहले अपनी बेटी को 'मानसिक रूप से परेशान' भी बताया था.

    पाकिस्तान की जियो टीवी ने एक ख़बर में बताया था कि अपर दीर ड्रिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफ़िसर मुश्ताक़ ख़ान ने पुष्टि की है कि अंजू के पास वैध वीज़ा है और वो यहां एक महीने तक रह सकती हैं.

    ख़ान के अनुसार, “भारतीय महिला यहां खुश है.”

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा के मेवात में धार्मिक यात्रा के दौरान 'बवाल', दो गुटों में टकराव की ख़बरें

    मेवात

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    इमेज कैप्शन, समाचार एजेंसी एएनआई के वीडियो का स्क्रीनग्रैब

    हरियाणा के मेवात में सोमवार को धार्मिक यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव की ख़बरें आ रही हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के शेयर किए वीडियो में देखा जा सकता है कि भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं और कुछ जगहों पर आग लगी है.

    नूंह के स्थानीय पत्रकार शाहिद के अनुसार, "यहां यात्रा के दौरान बवाल हुआ है. कई दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी गई है. भारी पुलिस बल तैनात किया गया है."

    मेवात में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने जलाभिषेक यात्रा निकालने का एलान किया था. इस यात्रा में मोनू मानेसर को भी शामिल होना था.

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    मोनू मानेसर नासिर जुनैद हत्या मामले में अभियुक्त हैं और फ़रार चल रहे हैं.

    मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मोनू मानेसर के इस यात्रा में शामिल होने के चलते ही पथराव हुआ है. मेवात के लोग मोनू मानेसर के शोभा यात्रा में शामिल होने का विरोध कर रहे थे.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहर सिंह मीणा ने बताया कि मोनू के एलान के बाद भरतपुर पुलिस की टीमें भी मेवात गई हैं.

    मोनू मानेसर ने एक वीडियो जारी कर सोमवार को नूंह में आयोजित एक रैली में अपने समर्थकों के साथ पहुंचने का ऐलान किया था.

    भरतपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया कि, "हमने पुलिस की एक टीम नूंह भेजी है."

    इस मामले में भरतपुर के गोपालगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज है.

    गोपालगढ़ थाना प्रभारी राम नरेश ने बीबीसी से कहा है, "मोनू मानेसर की तलाश में कई पुलिस टीमें लगी हुई हैं. मोनू के नूंह पहुंचने की जानकारी के बाद पुलिस टीम नूंह भेजी गई है."

    खबर लिखे जाने तक हरियाणा पुलिस की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.

    इस मामले में ज़्यादा जानकारी का इंतज़ार है.

  13. योगी आदित्यनाथ को ओवैसी का जवाब- जहां 400 साल से मस्जिद है वहां आप मुसलमानों को दबाना चाहते हैं

    योगी और ओवैसी

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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद पर दिया बयान चर्चा में आ गया है.

    योगी आदित्यनाथ ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ''अगर उसको मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा. मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे न. त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है? त्रिशूल हमने तो नहीं रखा न. ज्योतिर्लिंग है. देव प्रतिमाएं हैं. पूरी दीवारें चिल्ला चिल्लाकर क्या कह रही हैं.''

    योगी के इस बयान पर राजनीतिक गलियारों से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

    पहले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और अब एआईएमआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार को घेरा है.

    ओवैसी ने कहा, ''आप मुख्यमंत्री हैं, क़ानून को फॉलो कीजिए. आप क़ानून को मान नहीं रहे. आप मुसलमानों पर दबाव डालना चाह रहे. जिस जगह पर 400 साल से मस्जिद है आप वहां दबाना चाहते हैं.''

    मथुरा का ज़िक्र करते हुए ओवैसी कहते हैं,''आज से 50-55 साल पहले मथुरा में हिंदू समाज के साथ समझौता किया था. कोर्ट में समझौता दिया गया, फिर भी इस केस को खोल दिया गया. ये सब इनकी साम्प्रदायिक राजनीति का हिस्सा है. 400 साल से नमाज़ हो रही है. जब क़ानून बना दिया गया है तो उसका पालन करना चाहिए.''

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    योगी पर तंज कसते हुए ओवैसी कहते हैं- उनका बस चले तो सब पर बुलडोज़र चला दें.

    ओवैसी बोले, ''मुख्यमंत्री इस बात को जानते हैं कि एएसआई के सर्वे के ख़िलाफ़ मुस्लिम पक्ष ने अपील की है. आज कल में फैसला आने वाला है. ऐसे में वो विवादित बयान दे रहे हैं, ये न्यायपालिका का अपमान है.''

    एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने कहा, ''उपासना स्थल अधिनियम 1991 है. इसके मुताबिक 15 अगस्त 1947 को जिस समुदाय की मस्जिद थी या मंदिर था, वो वैसी ही रहेगी. अगर वो ये कह रहे हैं तो बौद्ध समाज की कई जगहों को 1947 से पहले बदल दिया गया?''

    ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कुछ अहम बातें

    कुछ दिन पहले वाराणसी की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेकिए जाने का आदेश दिया था.

    इस आदेश के बाद बीते सोमवार को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था. इस सर्वे में मुस्लिम पक्ष के लोग शामिल नहीं हुए थे.

    इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सर्वे पर रोक लगाई और मुस्लिम पक्ष से इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था.

    हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई की और फ़ैसला तीन अगस्त को सुनाने के लिए कहा था.

  14. कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत

    डीके शिवकुमार

    इमेज स्रोत, ANI

    कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहत दी है.

    डीके शिवकुमार के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई थी. हाईकोर्ट के इस आदेश पर दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इनकार किया.

    भ्रष्टाचार के मामले में डीके शिवकुमार के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने 10 फ़रवरी को अंतरिम रोक लगाई थी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, तीन जजों की बेंच ने हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देती याचिका को ख़ारिज किया.

    ये याचिका सीबीआई की ओर से दायर की गई थी.

    सुप्रीम कोर्ट में डीके शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए थे.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के फ़ैसले में हम दखल नहीं देंगे और सीबीआई चाहे तो हाईकोर्ट से गुजारिश कर सकती है.

    2017 में डीके शिव कुमार के घर और दफ़्तर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी. इसी मामले में ईडी ने भी शिवकुमार के ख़िलाफ़ जांच शुरू की थी.

  15. 'तब तक वो ज्ञानवापी मस्जिद ही है' योगी के बयान पर स्वामी प्रसाद मौर्य का पलटवार

    स्वामी प्रसाद मौर्य

    इमेज स्रोत, fb/swami

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर एक इंटरव्यू में कहा है कि ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा.

    समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में योगी ने कहा, ''मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे न. त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है?''

    योगी बोले, ''त्रिशूल हमने तो नहीं रखा न. ज्योतिर्लिंग है. देव प्रतिमाएं हैं. पूरी दीवारें चिल्ला चिल्लाकर क्या कह रही हैं. मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि साहब ऐतिहासिक गलती हुई है और उस गलती के लिए हम समाधान चाहते हैं.''

    अब योगी के इस बयान पर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी है.

    मौर्य ने सोमवार को कहा, ''ज्ञानवापी मस्जिद है इसीलिए मामला उच्च न्यायालय तक गया है. विवाद की शुरुआत ही यहीं से हुई है कि वो मस्जिद है. जब तक उच्च न्यायालय का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक वो ज्ञानवापी मस्जिद ही है.''

    योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए मौर्य कहते हैं, ''मुख्यमंत्री उच्च न्यायालय से बड़े नहीं हैं. अदालत के फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए. जब तक आदेश नहीं आ जाता है तब तक सकारात्मक या नकारात्मक टिप्पणी करने से बचना चाहिए.''

    मौर्य ने कहा कि न्यायपालिका के क्षेत्र में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति भी नहीं बोलते हैं.

    एक दिन पहले ही मौर्य ने कहा था, ''हर मस्जिद में मंदिर खोजने की परंपरा बीजेपी को भारी पड़ेगी, ऐसा करेंगे तो लोग हर मंदिर में बौद्ध मठ खोजेंगे.''

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    ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: कुछ अहम बातें

    कुछ दिन पहले वाराणसी की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेकिए जाने का आदेश दिया था.

    इस आदेश के बाद बीते सोमवार को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था. इस सर्वे में मुस्लिम पक्ष के लोग शामिल नहीं हुए थे.

    इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सर्वे पर रोक लगाई और मुस्लिम पक्ष से इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था.

    हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई की और फ़ैसला तीन अगस्त को सुनाने के लिए कहा था.

  16. LIVE: आरपीएफ़ के जवान ने महाराष्ट्र में पालघर के पास चलती ट्रेन में चार लोगों को गोली मारी.

    मुंबई सेंट्रल से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता प्राजक्ता पोल.

  17. मणिपुर वायरल वीडियो मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा ये सवाल

    मणिपुर

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    मणिपुर के यौन उत्पीड़न वाले वायरल वीडियो मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल हिंसा का शिकार हुई महिलाओं की पैरवी कर रहे हैं.

    वहीं सरकार की पैरवी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कर रहे हैं.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के मुताबिक़, महिलाओं की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने सीबीआई जांच और केस को असम ट्रांसफर करने का विरोध किया है.

    वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा है कि “हमने कभी केस को असम ट्रांसफ़र करने की मांग नहीं की थी. हमने ये ज़रूर कहा था कि मामले की जांच मणिपुर से बाहर हो, लेकिन असम में हो ये हमने कभी नहीं कहा.”

    चीफ़ जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने मेहता से पूछा है, “इन तीन महिलाओं का वीडियो यौन उत्पीड़न का एकमात्र उदाहरण नहीं है और ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, इन 3 महिलाओं को न्याय मिले, लेकिन हमें मणिपुर में महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के व्यापक मुद्दे को भी देखना होगा. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन मामलों में शिकायतें आदि दर्ज की गई हैं, उन पर कार्रवाई हुई हो. हमें बताएं कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा पर कितनी एफआईआर दर्ज की गईं?”

    सिब्बल ने कहा कि एक महिला के पिता और भाई की कथित तौर पर हत्या कर दी गई और हमें अब तक ये नहीं पता कि उनके शव कहां हैं. राज्य का काम है कि लोगों को सुरक्षा मिले.

  18. अधीर रंजन चौधरी बोले- केंद्र सरकार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा ना करवाकर संसद का अपमान कर रही है

    अधीर रंजन चौधरी

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    कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार का अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा ना करवाना और सदन में नए बिल पेश करना संसद का अपमान है.

    लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करवानी चाहिए.

    उन्होंने एनडीए के सांसदों से हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करने और वहां की स्थिति को खुद समझने की भी अपील की.

    मणिपुर में हिंसा को लेकर संसद में गतिरोध और विपक्ष की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में बयान देने की मांग के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था- ''इस मामले पर मैं संसद में जवाब देने के लिए तैयार हूं.''

    इस पेशकश को ख़ारिज करते हुए विपक्ष सदन में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया.

    मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने कहा, “हम सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं और इस पर लोकसभा में चर्चा शुरू होनी चाहिए. हमें सदन में किसी भी अन्य बिल पर चर्चा करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा सबसे पहले होनी चाहिए.”

    “अविश्वास प्रस्ताव का अपना महत्व है और अगर सरकार उस पर बहस ना करके सभी तरह के बिल ला रही है, तो मुझे लगता है कि यह संसद का अपमान है.”

    कांग्रेस सांसद ने सरकार पर अविश्वास प्रस्ताव के महत्व को कमज़ोर करने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

  19. क़ुरान जलाने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए डेनमार्क उठा सकता है ये बड़ा कदम

    यमन में हजारों लोगों ने कुरान के अपमान को लेकर स्वीडन और डेनमार्क पर गुस्सा जताया.

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    डेनमार्क सुरक्षा और राजनयिक चिंताओं को देखते हुए क़ुरान या किसी भी धार्मिक ग्रंथों को जलाने वाले विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है.

    डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसे विरोध प्रदर्शनों से चरमपंथियों को फ़ायदा होता है और ये सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा करते हैं.

    स्वीडन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि इस तरह के कानून बनाने को लेकर देश में काम किया जा रहा है.

    दोनों ही देशों पर बीते दिनों में ज़बरदस्त दबाव बढ़ा, जब वहां के प्रशासन ने ऐसे विवादित विरोध प्रदर्शनों के लिए अनुमति दे दी थी जिसमें मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ क़ुरान को जलाया गया.

    इन घटनाओं के बाद कई मुस्लिम देशों के साथ डेनमार्क और स्वीडन को राजनयिक तनाव का सामना करना पड़ा था.

    डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह कुछ विरोध प्रदर्शनों में हस्तक्षेप करना चाहता है जहां "अन्य देशों, संस्कृतियों और धर्मों का अपमान किया जा रहा है. डेनमार्क के लिए इसके महत्वपूर्ण नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं."

    हालांकि डेनमार्क की सरकार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभिव्यक्ति की आज़ादी एक मौलिक अधिकार है और कोई भी बदलाव "संवैधानिक रूप से मिली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ढांचे के भीतर ही होगा साथ ही बदलाव इस तरह से किया जाना चाहिए कि यह तथ्य न बदले कि डेनमार्क में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दायरा बहुत व्यापक है."

  20. योगी आदित्यनाथ बोले- ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा...

    योगी आदित्यनाथ

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    वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई हुई है. इस मामले में कोर्ट तीन अगस्त को फ़ैसला सुनाएगा.

    इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाचार एजेंसी एएनआई को वीडियो इंटरव्यू दिया है. एएनआई ने इस इंटरव्यू का एक छोटा हिस्सा शेयर किया है.

    इंटरव्यू के इस हिस्से में योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि ज्ञानवापी मस्जिद काशी विश्वनाथ मंदिर मामले में क्या समाधान हो सकता है?

    इस पर योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया, ''अगर उसको मस्जिद कहेंगे तो फिर विवाद होगा. मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृष्टि दी है, वो देखे न. त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है?''

    योगी आदित्यनाथ ने दावा किया, ''त्रिशूल हमने तो नहीं रखा न. ज्योतिर्लिंग है. देव प्रतिमाएं हैं. पूरी दीवारें चिल्ला चिल्लाकर क्या कह रही हैं.''

    मुसलमान समाज से योगी आदित्यनाथ कहते हैं, ''मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि साहब ऐतिहासिक गलती हुई है और उस गलती के लिए हम समाधान चाहते हैं.''

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    एक दिन पहले ही सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी ज्ञानवापी मस्जिद पर प्रतिक्रिया दी थी.

    मौर्य ने कहा था, ''हर मस्जिद में मंदिर खोजने की परंपरा बीजेपी को भारी पड़ेगी, ऐसा करेंगे तो लोग हर मंदिर में बौद्ध मठ खोजेंगे.''

    कुछ दिन पहले वाराणसी की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेकिए जाने का आदेश दिया था.

    इस आदेश के बाद बीते सोमवार को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था. इस सर्वे में मुस्लिम पक्ष के लोग शामिल नहीं हुए थे.

    इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सर्वे पर रोक लगाई और मुस्लिम पक्ष से इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था.

    हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई की और फ़ैसला तीन अगस्त को सुनाने के लिए कहा था.

    ज्ञानवापी मस्जिद पर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये एक शिव मंदिर है और अंदर शिवलिंग है.

    मुस्लिम पक्ष इससे इंकार करता है और कहता है कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है वो फव्वारा है.