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सैफ चैंपियनशिप 2023 के सेमीफाइनल मैच में भारत ने लेबनान को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हरा दिया.
मैच में निर्धारित समय सीमा तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकी थीं.
इसके बाद 15 मिनट के अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं होने की स्थिति में मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंच गया जहां भारतीय टीम ने 4-2 के साथ मैच जीत लिया.
फ़ाइनल में टीम इंडिया की टक्कर अब कुवैत से होगी.
तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट से राहत, रात को तीन जजों ने की सुनवाई, क्या-क्या हुआ
ब्रेकिंग न्यूज़, तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?
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सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील तीस्ता सीतलवाड़ को राहत देते हुए अंतरिम ज़मानत दे दी है.
लाइव लॉ के अनुसार शनिवार रात हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के बेंच की अद्यक्षता कर रहे जस्टिस बीआर गवई ने सवाल किया कि तीस्ता को अगर और आठ दिनों की ज़मानत मिल गई तो उससे क्या नुक़सान हो जाएगा.
समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा है कि गुजरात हाई कोर्ट में ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद तीस्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं.
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शनिवार रात 9.15 को तीन जजों की बेंच ने तीस्ता सीतलवाड़ मामले की सुनवाई की.
कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दो जजों की बेंच के दोनों जज एकमत नहीं हो सके थे जिसके बाद ये मामला बड़ी बेंच को रेफर किया गया था.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाल बेंच ने की. बेंच में उनके अलावा जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता भी शामिल रहे.
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गुजरात हाई कोर्ट ने खारिज की थी ज़मानत याचिका
शनिवार को गुजरात हाई कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी और उनसे तत्काल सरेंडर करने को कहा था.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत पर चल रही तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया.
शनिवार को कोर्ट की छुट्टी होने के बावजूद मामले की सुनवाई हुई.
जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस पीके मिश्रा की बेंच उन्हें अंतरिम राहत देने को लेकर एकमत नहीं हो सकी जिसके बाद ये मामला ये कहते हुए चीफ़ जस्टिस के पास भेज दिया गया कि मामले की सुनवाई के लिए बड़ी बेंच का गठन किया जाना चाहिए.
फ्रांस में लगातार हिंसक प्रदर्शन जारी, 23 साल में पहली बार राष्ट्रपति का दौरा टला
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फ्रांस में 17 साल के एक युवा को गोली मारे जाने के बाद शुरू हुआ हिंसा का दौर अब तक थमा नहीं है.
मंगलवार को हुई इस घटना को पांच दिन हो गए हैं. अब तक देश में 2,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए 45,000 पुलिसकर्मी सड़कों पर हैं.
17 साल के अल्जीरियाई मूल के नाहेल की मौत के बाद लोग, पुलिसिंग और फ्रांस के उपनगरों की पुलिस में नस्लीय प्रोफाइलिंग का सवाल उठा रहे हैं.
शनिवार 01 जुलाई 2023
रात को लूटपाट और आगज़नी की कई घटनाएं हुईं.
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि अब तक 1,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
नानतेरे में नाहेल की अंत्येष्टि का कार्यक्रम हुआ जिसमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया.
मैक्रों ने जर्मनी का अपना दौरा फिलहाल के लिए टाल दिया है. 23 साल में पहली बार फ्रांस के राष्ट्रपति जर्मनी का आधिकारिक दौरा करने वाले थे. दौरे के लिए अगली तारीख का अब तक एलान नहीं किया गया है.
शुक्रवार 30 जून 2023
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आपात बैठक की और कहा कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए वो अधिक संसाधन लगाएंगे.
फ्रांस में कई कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, जगह-जगह पर कर्फ्यू लगाया गया है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बी बंद कर दिया गया है.
सरकार ने हिंसा पर नियंत्रण करने के लिए 45,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.
गुरुवार 29 जून 2023
जिस पुलिस अफॉसर ने नाहेल पर गोली चलाई थी उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन पर व्यक्ति की जान लेने का आरोप लगाया गया है.
नाहेल कि मां मॉनिया के उपने इकलौते बेटे की याद में आज एक मार्च निकाला जिसमें क़रीब छह हज़ार लोग शामिल हुए.
कई शहरों से हिंसा और लूटपाट की खबरें आईं.
बुधवार 28 जून 2023
नाराज़ प्रदर्शकारियों ने सरकारी इमारतों और गाड़ियों को निशाना बनाया. उन्होंने गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.
सरकार ने कहा कि वो हिंसा पर काबू पाने के लिए 9000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात करेगी.
मंगलवार 27 जून 2023
फ्रांस के शहर नानतेरे में एक ट्रैफिक चेक पोस्ट पर 17 साल के नाहेल एम को एक पुलिसकर्मी ने गोली मारी. उनकी मौत हो गई.
इस घटना का वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए.
इन प्रदर्शनों ने जल्द हिंसक रूप अख्तियार कर लिया.
स्थिति पर काबू पाने के लिए सरकार ने 1200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया.
सीयूईटी परीक्षा: 'आंसर की' को चुनौती देने के लिए नहीं देने होंगे पैसे
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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी-यूजी) के लिए जारी की गई 'आंसर की' (जवाबों की किताब) सवालों के घेरे में है.
अभ्यर्थियों और शिक्षकों के एक वर्ग का दावा है कि इसमें कई सवालों के जवाब ग़लत थे और एजेंसी चुनौती देने के लिए प्रति प्रश्न 200 रुपए लेकर लूट रही है.
आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन जगदीश कुमार ने कहा है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को कुछ उत्तरों के ग़लत होने के बारे में जानकारी मिली है और यह अशुद्धियां टाइपिंग के कारण हो सकती हैं.
जगदीश कुमार का कहना है कि उम्मीदवार फ़ीस का भुगतान किए बिना सीधे एनटीए को ई-मेल कर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. ऐसे ई-मेल पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा.
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29 जून को, एनटीए ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 2023 के लिए आंसर की जारी की थी.
बताया गया था कि उम्मीदवार एक जुलाई को रात 11:30 बजे तक आंसर की के खिलाफ आपत्तियां उठा सकते हैं और चुनौती देने के लिए उन्हें प्रति प्रश्न 200 रुपये का भुगतान करना होगा.
सीयूईटी-यूजी आवेदकों की संख्या के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है. पहली बार इस परीक्षा में, 12.5 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था.
तीस्ता सीतलवाड़ मामला: आज सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
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मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम राहत देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच एकमत नहीं हो सकी.
इसके बाद ये मामला चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष इस गुज़ारिश के साथ भेजा गया है कि इसकी सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच (तीन जजों की) गठित की जाए.
लाइव लॉ और बार एंड बेंच के मुताबिक़ मामले की सुनवाई शनिवार रात 9.15 को तीन जजों की बेंच करेगी.
मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाल बेंच करेगी. बेंच में उनके अलावा जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता भी शामिल रहेंगे.
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बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहन्ती के अनुसार दो जजों की बेंच के दोनों जजों में मतभेद होने के कारण तीस्ता की अंतरिम ज़मानत का ये मामला अब सुनवाई के लिए तीन जजों की बेंच के समक्ष बढ़ा दिया गया है.
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की छुट्टी थी, लेकिन तीस्ता की अर्जी के बाद इस मामले के लिए स्पेशल सुनवाई की गई थी.
अब तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसके लिए बड़ी बेंच का गठन शनिवार को ही होगा या फिर बाद में किया जाएगा.
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तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए शनिवार को गुजरात हाई कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया था. कोर्ट ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया था.
इसके तुरंत बाद तीस्ता सीतलवाड़ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया.
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समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हाई कोर्ट में सरेंडर करने के लिए तीस्ता को थोड़ा वक्त दिया जाना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट का कहना है, "सितंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम ज़मानत दी थी. वो नौ महीनों से ज़मानत पर हैं. इस मामले पर सोमवार या फिर मंगलवार को सुनवाई की जा सकती है, अगले 72 घंटों में ऐसा क्या हो जाने वाला है?"
लेकिन गुजरात सरकार की तरफ से पेश हुए महाधिवक्ता तुषार मेहता ने इस दलील का विरोध किया है.
उन्होंने कहा कि सीतलवाड़ अंतरिम ज़मानत की हक़दार नहीं हैं क्योंकि उन्होंने सरकार के ख़िलाफ़ संवेदनशील आरोप लगाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ बनाए, चश्मदीदों के बयानों को प्रभावित किया और न्याय व्यवस्था को प्रभावित किया.
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25 जून 2022 - तीस्ता सीतलवाड़ को बीते साल जून में गुजरात पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. उन पर साल 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामलों में 'निर्दोष लोगों' को फंसाने के लिए फर्जी सबूत गढ़ने का आरोप लगाया गया.
30 जुलाई 2022 - अहमदाबाद की एक कोर्ट ने तीस्ता की ज़मानय याचिका खारिज कर दी.
03 अगस्त 2022 - ज़मानत मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा. सुनवाई की तारीख 19 सितंबर तय की गई.
02 सितंबर 2022 - सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता को अंतरिम ज़मानत दी. कोर्ट ने कहा कि जब तक गुजरात हाई कोर्ट तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका पर फ़ैसला न सुना दे, वे अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करेंगी.
01 जुलाई 2023 - गुजरात हाई कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका खारिज कर उन्हें तत्काल सरेंडर करने को कहा. तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया जहां दो जजों की बेंच में एकमत न बन पाने के कारण मामले को बड़ी बेंच के पास भेजा गया.
पाकिस्तान के क्वेटा में रहने वाली रिक्शा चालक बीबी ज़हरा से मिलिए
वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान के क्वेटा में रहने वाली रिक्शा चालक बीबी ज़हरा से मिलिए
बीबी ज़हरा पाकिस्तान के क्वेटा में रहती हैं. बेटी के जन्म के बाद उनके पति ने उनका और बच्ची का ख़र्च उठाने से इनकार कर दिया लेकिन बीबी ज़हरा ने हिम्मत नहीं हारी.
वो रिक्शा चलाती हैं और इसी के ज़रिए अपना और अपनी बेटी का भरण-पोषण कर रही हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, वर्ल्ड कप से बाहर हुई वेस्ट इंडीज़, स्कॉटलैंड ने सात विकेट से हराया
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वर्ल्ड कप क्वॉलिफ़ायर के एक मुक़ाबले में स्कॉटलैंड की टीम ने वेस्ट इंडीज़ को सात विकेट से हरा दिया है.
हार के साथ ही वेस्ट इंडीज़ की टीम वर्ल्ड कप 2023 की रेस से बाहर हो चुकी है.
सुपर-6 राउंड के मैच में स्कॉटलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी.
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए वेस्ट इंडीज़ की टीम 181 रनों पर ऑलआउट हो गई.
वेस्ट इंडीज़ की तरफ़ से जेसन होल्डर ने सबसे ज़्यादा 45 रनों का योगदान दिया. वहीं स्कॉटलैंड के लिए ब्रैंडन मैकमुलन ने सबसे ज़्यादा तीन विकेट चटकाए.
182 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी स्कॉटलैंड टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज़ क्रिस्टोफ़र मैकब्राइड बिना खाता खोले आउट हो गए.
फिर पारी को विकेटकीपर बल्लेबाज़ मैथ्यू क्रॉस और ऑलराउंडर ब्रैंडन मैकमुलन ने संभाला.
मैकमुलन ने 69 रनों की पारी खेली और क्रॉस 74 रन बनाकर नाबाद रहे.
ब्रैंडन मैकमुलन को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट की बेंच में तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम राहत देने पर मतभेद
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मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम राहत देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच एकमत नहीं हो सकी.
इसके बाद ये मामला चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष इस गुज़ारिश के साथ भेजा गया है कि इसकी सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच (तीन जजों की) गठित की जाए.
तीस्ता सीतलवाड़ की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए शनिवार को गुजरात हाई कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया था. कोर्ट ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया था.
इसके बाद तीस्ता सीतलवाड़ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया.
क़ानूनी मामलों की ख़बर देने वाली वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस पीके मिश्रा की बेंच मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम राहत देने को लेकर एकमत नहीं हो सकी जिसके बाद ये मामला चीफ़ जस्टिस के पास भेज दिया गया.
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कांग्रेस की गारंटी का मतलब नीयत में खोट, गरीब पर चोट: पीएम मोदी
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इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश के शहडोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
मध्य प्रदेश के शहडोल में एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाते हुए उन पर परिवारवाद का आरोप लगाया है.
पीएम मोदी ने कहा, ''आज जो एक साथ आने का दावा कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर उनके पुराने बयान वायरल हो रहे हैं. वो हमेशा से एक-दूसरे को पानी पीकर कोसते रहे हैं. यानी विपक्षी पार्टियां एकजुटता की गारंटी नहीं हैं. ये परिवारवादी पार्टियां सिर्फ़ अपने परिवार के भले के लिए ही काम करती आई हैं. यानी उनके पास देश के सामान्य व्यक्ति के परिवार को आगे ले जाने की गारंटी नहीं है.''
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अपने भाषण में मोदी ने कांग्रेस की गारंटी वाली स्कीम पर भी सवाल उठाए.
पीएम मोदी ने कहा, ''जब वो मुफ़्त बिजली की गारंटी देते हैं तो इसका मतलब है कि वो बिजली के दाम बढ़ाने वाले हैं. जब वो मुफ़्त सफर की गारंटी देते हैं तो इसका मतलब है कि उस राज्य की यात्रायात व्यवस्था बर्बाद होने वाली है. जब वो पेंशन बढ़ाने की गारंटी देते हैं तो उसका मतलब है कि उस राज्य में कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पाएगा. जब वो सस्ते पेट्रोल की गारंटी देते हैं तो इसका मतलब वो टैक्स बढ़ाकर आपकी जेब से पैसे निकालने की तैयारी कर रहे हैं.''
''कांग्रेस जैसे दलों की गारंटी का मतलब नीयत में खोट, गरीब पर चोट. यही है उनकी गारंटी.''
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इस दौरान मोदी ने डिजिटली आयुष्मान कार्ड बांटने की योजना शुरू की और राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूल मिशन की शुरुआत की.
सिकल सेल एनीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है इसलिए खून की जांच करवाए बिना इस बीमारी का पता नहीं चलता है.
इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को जीवनभर संक्रमण, असहनीय दर्द, एनीमिया और हार्ट अटैक जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इससे सत्रह राज्यों के करीब सात करोड़ लोग प्रभावित हैं.
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आयुष्मान भारत योजना के बारे में बोलते हुए मोदी ने कहा, ''इस देश में कभी भी किसी गरीब को पांच लाख रुपए की गारंटी किसी ने नहीं दी है. ये मेरे गरीब परिवारों के लिए ये भाजपा सरकार है, ये मोदी है जो आपको पांच लाख रुपये की गारंटी का कार्ड देता है.''
मोदी एक हफ़्ते के भीतरी दूसरी बार मध्य प्रदेश पहुंच हैं. इससे पहले मोदी 27 जून को प्रदेश की राजधानी भोपाल आए थे.
वागनर ग्रुप के चीफ़ अभी हैं कहां, बेलारूस में दिखे संगठन के संदिग्ध कैंप
बिहार: डोमिसाइल नीति हटाने पर विरोध हुआ तेज़, शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज,
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बिहार के सरकारी स्कूलों में 1.70 लाख पदों पर होने वाली नियुक्ति में डोमिसाइल नीति हटाने के विरोध में शिक्षक अभ्यर्थियों ने शनिवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
राजधानी पटना के गांधी मैदान से लेकर डाकबंग्ला चौराहे और पटना जंक्शन तक पुलिस ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया.
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दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में एक संशोधन किया है जिसके मुताबिक दूसरे राज्य के निवासी भी बिहार के सरकारी स्कूलों में अध्यापक बन सकेंगे.
बता दें बीती 27 जून को कैबिनेट की बैठक में 'बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानान्तरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) (संशोधन), नियमावली 2023 को स्वीकृति दी गई थी.
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इससे राज्य में विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए बिहार का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य नहीं रह गया है.
नीतीश सरकार के इस फैसले से नाराज बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ ने 1 जुलाई को महाआंदोलन का आह्वान किया था.
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जिसके बाद सुबह से ही शिक्षक अभ्यर्थी पटना के गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के पास जुटने शुरू हो गए थे.
स्थिति को भांपते हुए पहले पटना पुलिस ने गांधी मैदान के गेट्स को बंद कर दिया लेकिन आंदोलनकारियों का एक धड़ा गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर तक पहुंच गया था.
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जेपी गोलंबर पर आंदोलनकारियों की पुलिस से हल्की नोंकझोंक हुई.
इस बीच आंदोलनरत अभ्यर्थियों का दूसरा जत्था डाकबंग्ला के पास पहुंचकर प्रदर्शन करने लगा जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पत्थरबाज़ी शुरू हो गई.
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इसके बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करके उन्हें तितर बितर किया.
मौके पर मौजूद डीएसपी (लॉ एंड आर्डर) नुरूल हक ने बताया, "प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से हटा दिया गया है. कोई भी गैर कानूनी काम करेंगे या ट्रैफिक रोकेंगे तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कांड दर्ज किया जाएगा. अभी आंदोलनकारी हट गए हैं."
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टीईटी-एसटीईटी नियोजित शिक्षक (गोप) गुट के प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने बीबीसी को बताया, "16 राज्यों में डोमिसाइल नीति लागू है. तेजस्वी यादव के मैनिफैस्टो में ये बात शामिल है. लेकिन अचानक सरकार ने डोमिसाइल नीति हटा दी."
"सरकार शिक्षक नियोजन को लेकर जो मनमाने फैसले ले रही है उसके खिलाफ हम लोग 11 जुलाई को विधानसभा मार्च करेंगे और हम लोगों ने अपना संरक्षक पालीगंज से भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ को बनाया है."
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आंदोलन में शामिल छात्र नीरज कुमार ने बीबीसी से कहा, "सरकार हमारे पेट पर लात मारना चाहती है. बिहार सरकार पहले अपने युवाओं को रोजगार दें, उसके बाद दूसरे राज्य के युवाओं का भविष्य देखें. बाकी शिक्षा मंत्री को हमारी काबिलियत पर भरोसा कम हो गया है."
इससे पहले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने डोमिसाइल नीति को हटाने को सही कदम ठहराते हुए समर्थन कहा था कि बिहार के सरकारी स्कूलों के लिए विज्ञान और गणित के योग्य टीचर नहीं मिलते.
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बिहार सरकार की डोमिसाइल नीति हटाने का विरोध बीजेपी के साथ साथ भाकपा माले भी कर रही है.
भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने डोमिसाइल नीति हटाने को बेहद 'अप्रत्याशित और अनुचित' बताया है.
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महाराष्ट्र : बस में लगी आग, 25 की मौत, कैसे हुआ ये भीषण हादसा?
वीडियो कैप्शन, महाराष्ट्र : बस में लगी आग, 25 की मौत, कैसे हुआ ये भीषण हादसा?
महाराष्ट्र के मुंबई-नागपुर एक्सप्रेस-वे पर एक प्राइवेट बस हादसे का शिकार हो गई. इस भीषण हादसे में बस में सवार 33 लोगों में से 25 की मौत हो गई.
हादसे में बचे कुछ यात्री शीशा तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब रहे. प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई नेताओं ने हादसे पर दुख जताया है.
पीएमओ की तरफ़ से बस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाने की घोषणा की गई है.
गुजरात में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात, कई इलाके जलमग्न, देखें तस्वीरें...
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इमेज कैप्शन, गुजरात के नाडियाद शहर की एक सड़क
गुजरात के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण शहरों और गांवों के निचले इलाकों में भीषण जलजमाव की स्थिति और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमों को कच्छ, जामनगर, जूनागढ़ और नवसारी में तैनात किया गया है.
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इमेज कैप्शन, नवसारी शहर में बारिश के बाद का दृश्य
भारी बारिश का सबसे ज़्यादा असर इन्हीं जगहों पर देखा जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिणी गुजरात के कई ज़िलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाके और उससे लगने वाले गांव जलमग्न हो गए हैं.
अहमदाबाद शहर के भी कई इलाकों में जलजमाव है.
इससे ट्रैफिक जमा की स्थिति पैदा हो गई है और लोगों को परेशानी हो रही है.
कच्छ का गांधीधाम रेलवे स्टेशन पानी में डूबा हुआ लग रहा है.
जूनागढ़, जामनगर, वलसाड, नवसारी, मेहसाना और सूरत के बड़े इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति है.
स्टेट इमर्जेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के अनुसार, जूनागढ़ ज़िले के विसावादर तालुका में शनिवार सुबह छह बजे तक पिछले 24 घंटों में 398 मिलीमीटर बारिश हुई है.
इससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
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जामनगर के जामनगर तालुका में 269 मिलीमीटर, वालसाड के कापराडा में 247 मिलीमीटर, कच्छ के अंजर में 239 मिलीमीटर, नवसारी के खेरगाम में 222 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.
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COVER STORY: गुजरात में बढ़ता रेगिस्तान, बंजर हो रही है धरती
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: गुजरात में बढ़ता रेगिस्तान, बंजर हो रही है धरती
गुजरात के पश्चिमी हिस्से में किसी ज़माने में उपजाऊ रही ज़मीन. अब बंजर होती जा रही है. जानकार इसके लिए इंसानी गतिविधियों और प्राकृतिक वजहों को ज़िम्मेदार मानते हैं.
जिसका ख़ामियाज़ा वहां रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
बीबीसी संवाददाता पार्थ पंड्या ने पश्चिमी गुजरात के कुछ ऐसे ही गांवों का जायज़ा लिया और वहां के लोगों की मुश्किलों को समझने की कोशिश की.
जून में जीएसटी कलेक्शन 12 प्रतिशत बढ़ा, इतने लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा
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इमेज कैप्शन, वित्त मंत्री निर्माल सीतारमण
वित्त मंत्रालय ने बताया है कि जून में जीसएसटी कलेक्शन में पिछले साल के जून के मुकाबले 12 फ़ीसद की बढ़त हुई है और सरकार को कुल 1.61 लाख करोड़ रुपये मिले हैं.
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक़, ''जून 2023 में जीएसटी राजस्व 1,61,497 करोड़ रुपये है जिसमें केंद्रीय जीएसटी 31,013 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 38,292 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी 80,292 करोड़ रुपये है. कुल कलेक्शन में 11,900 करोड़ रुपये सेस भी शामिल है.''
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अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था जबकि मई में यह 1.57 लाख करोड़ रुपये था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद छह सालों में यह चौथा मौका है जब जीएसटी कलेक्शन ने 1.60 लाख करोड़ के आंकड़े को पार किया है.
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पाकिस्तान की जेलों में क़ैद हैं इतने भारतीय
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शनिवार को भारत-पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में दोनों देशों की जेलों में बंद कै़दियों की लिस्ट साझा की है.
साझा की गई जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान की जेलों में कुल 308 भारतीय बंद हैं जबकि भारतीय जेलों में 417 पाकिस्तानी हैं.
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, ''भारत ने अपनी हिरासत में बंद 343 नागरिक कै़दियों और 74 मछुआरों की सूची साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या पाकिस्तानी माने जाते हैं. इसी तरह, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 42 नागरिक कै़दियों और 266 मछुआरों की सूची साझा की है, जो भारतीय हैं या जिन्हें भारतीय माना जाता है.''
कॉन्सुलर एक्सेस पर साल 2008 के समझौते के तहत, भारत और पाकिस्तान कै़दियों को लेकर इस तरह की लिस्ट का आदान-प्रदान हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को करते हैं.
भारत मध्य-पूर्व में एक 'प्रमुख खिलाड़ी' की तरह उभरा है: अमेरिकी मैगज़ीन
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इमेज कैप्शन, मोहम्मद बिन सलमान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
वैश्विक राजनीति को कवर करने वाली मैगज़ीन 'फॉरेन पॉलिसी' ने भारत के मध्य-पूर्व क्षेत्र में एक 'प्रमुख खिलाड़ी' की तरह उभरने को वैश्विक राजनीति के सबसे दिलचस्प घटनाक्रमों मे से एक बताया है.
मैगज़ीन में छपे एक लेख में भारत की इसराइल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से बढ़ती नज़दीकियों का ज़िक्र किया गया है.
लेखक स्टीवन ए कुक का कहना है कि अगर अमेरिका के मध्य-पूर्वी साझेदार वॉशिंगटन के विकल्प की तलाश में हैं तो भारत बेहतर विकल्पों में से एक है.
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स्टीवन लिखते हैं, ''अमेरिका अब इस इलाक़े में एक बड़ा खिलाड़ी नहीं रह सकता है लेकिन जैसे-जैसे भारत यहां मौजूदगी का विस्तार करता है तो रूस और चीन भी अमेरिका की जगह नहीं ले पाएंगे.''
लेखक एक दशक पहले अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए कहते हैं कि तब उनको लगता था कि भारतीय मध्य-पूर्व में बड़ी भूमिका नहीं निभाना चाहते थे लेकिन अब चीज़ें बदल गई हैं.
वो कहते हैं, ''बाइडन प्रशासन और विशेषज्ञ मध्य-पूर्व में चीन के हर कदम से प्रभावित हैं और चीनी निवेश को संदेह की नज़र से देखते हैं, लेकिन वॉशिंगटन इस क्षेत्र में भारत की एक प्रमुख उभरते हुए खिलाड़ी की भूमिका को नज़रअंदाज़ कर रहा है.''
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समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, लेख में बताया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब आक्रामक रूप से भारत के साथ संबंधों का विस्तार करने के तरीके तलाश रहे हैं.
यह एक महत्वूर्ण बदलाव है क्योंकि दोनों देश, ख़ासतौर पर सऊदी अरब ने लंबे समय तक पाकिस्तान के साथ साझेदारी की है और अब कुछ हद तक इस्लामी चरमपंथ को रोकने के साझा हित से भारत की तरफ़ झुकाव उत्पन्न हुआ है लेकिन आर्थिक हित सबसे प्रमुख हैं.
इसराइल के साथ भारत के मजबूत संबंधों पर लेख में कहा गया है कि इस क्षेत्र में इसराइल के साथ नई दिल्ली के विकसित संबंध में सभी संबंधों में सबसे अच्छे हैं.
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प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 2017 में इसराइल गए और ऐसा करने वाले वे पहले प्रधानमंत्री बने.
फिर एक साल बाद मोदी के समकक्ष बिन्यामिन नेतन्याहू भारत के दौरे पर आए और दोनों देशों के बीच संबंध तेजी से विकसित हुए हैं.
लेख में कहा गया है कि अमेरिका-भारत संबंधों के सभी सकारात्मक माहौल के बावजूद, यह असंभव लगता है कि भारत वह रणनीतिक भागीदार बनना चाहता है जिसकी अमेरिका कल्पना करता है.
जब मध्य पूर्व की बात आती है, तो भारत ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइल से अलग हो जाता है.
मुंबई की इकलौती अंडरग्राउंड मेट्रो, कब तक हो जाएगी तैयार?
वीडियो कैप्शन, मुंबई की इकलौती अंडरग्राउंड मेट्रो, कब तक हो जाएगी तैयार?
देश की वित्तीय राजधानी की आबादी लगातार बढ़ रही है. मुंबई देश के सबसे ज़्यादा घनी आबादी वाले शहरों में से एक है. रहने और ट्रेवल के लिए ये जगह बहुत महंगी है.
बढ़ती आबादी के लिए मुंबई बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है. मेट्रो और रोड नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है. मुंबई के लोगों को पहली अंडरग्राउंड मेट्रो भी मिलने वाली है.
बीबीसी की टीम को इसके अंडरग्राउंड कंस्ट्रक्शन वर्क को फिल्माने का एक्सक्लूसिव मौक़ा मिला.
देखिए बीबीसी संवाददाता प्राजक्ता पोल की ये रिपोर्ट....