भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार डीएमके मंत्री सेंथिल को मद्रास हाई कोर्ट के इस फ़ैसले से मिली राहत

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मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी को कावेरी अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने 18 घंटे की पूछताछ और कई जगहों पर छापेमारी के बाद बीते बुधवार भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में सेंथिल बालाजी को गिरफ़्तार किया था जिसके बाद उनकी रोती हुई तस्वीरें सामने आई थीं.
इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें बाइपास की सलाह दी थी.
उनके वकील एनआर एलागो ने बताया है कि मद्रास हाई कोर्ट ने जेल अधिकारियों को आदेश दिया है कि सेंथिल बालाजी को ओमनदुरार अस्पताल से कावेरी अस्पताल में शिफ़्ट किया जाए जहां उनके निजी चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की देखभाल करेंगे.
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डीएमके और कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई की आलोचना की है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि "इस तरह की हरकतें विपक्ष को चुप कराने में कामयाब नहीं होगी बल्कि ये मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ अपने लोकतांत्रिक संघर्ष को जारी रखने के विपक्ष के दृढ़ संकल्प को और मजबूत करती है."

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सेंथिल कुमार कौन हैं
सेंथिल बालाजी एक नौकरी घोटाले के कारण मुसीबत में हैं. बताया जाता है कि ये रैकेट वर्ष साल 2011 से 2015 के बीच चला था जिस वक़्त बालाजी एआईडीएमके सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री थे.
उन पर यातायात विभाग में ड्राइवरों और कंडक्टरों की भर्ती में अनियमितताएं बरतने का आरोप है.
तमिलनाडु के करूर में जन्में सेंथिल बालाजी ने बहुत कम वक़्त में राज्य की सियासत में अपनी जगह बनाई है.
वे इतने ताक़तवर हैं कि कई राष्ट्रीय नेता भी उनके हक़ में आवाज़ उठाते दिख रहे हैं.




















