लॉ कमीशन ने मांगी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आम लोगों से राय
बाइसवें विधि आयोग ने यूनीफ़ॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर आम लोगों और सरकारी मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के विचार मांगे हैं.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and प्रभात पांडेय
लॉ कमीशन ने मांगी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आम लोगों से राय
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बाइसवें विधि आयोग ने यूनीफ़ॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर परामर्श प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू करने का फ़ैसला किया है.
इसके तहत आयोग ने आम लोगों और सरकारी मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के विचार मांगे हैं.
पीआईबी के मुताबिक़,जो लोग यूनीफ़ॉर्म सिविल कोड पर अपने विचार रखना चाहते हैं वे विधि आयोग यानी लॉ कमीशन की वेबसाइट पर जाकर नोटिस के जारी होने के 30 दिन के भीतर अपनी राय रख सकते हैं.
इससे पहले 21वें विधि आयोग ने भी इस विषय पर अध्ययन किया था और इस पर और चर्चा की ज़रूरत बताई थी.
इस बात को 3 साल से ज़्यादा समय बीत चुका है. अब इस प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया जा रहा है.
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?
वीडियो कैप्शन, आइए इस वीडियो के ज़रिए समझते हैं कि समान नागरिक संहिता है क्या?
शादी, तलाक़, उत्तराधिकार और गोद लेने के मामलों में भारत में विभिन्न समुदायों में उनके धर्म, आस्था और विश्वास के आधार पर अलग-अलग क़ानून हैं.
हालांकि, देश की आज़ादी के बाद से समान नागरिक संहिता या यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड की मांग चलती रही है.
इसके तहत इकलौता क़ानून होगा जिसमें किसी धर्म, लिंग और लैंगिक झुकाव की परवाह नहीं की जाएगी.
यहां तक कि संविधान कहता है कि राष्ट्र को अपने नागरिकों को ऐसे क़ानून मुहैया कराने के 'प्रयास' करने चाहिए.
लेकिन एक समान क़ानून की आलोचना देश का हिंदू बहुसंख्यक और मुस्लिम अल्पसंख्यक दोनों समाज करते रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इस विचार को वापस उठा रही है.
बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश यूसीसी पर चर्चा कर रहे हैं.
सिद्धारमैया ने कहा, कर्नाटक को जान-बूझकर चावल नहीं दे रही है केंद्र सरकार,
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ग़रीबों की दुश्मन है और वो जान बूझकर राज्य को चावल नहीं दे रही है.
सिद्धारमैया के मुताबिक़, राज्य सरकार फ़ूड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया से चावल सीधे ख़रीदना चाह रही है लेकिन केंद्र सरकार ने एफ़सीआई को इसकी इजाज़त देने से इनकार कर दिया है.
सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक सरकार अपनी अन्नभाग्य स्कीम के तहत फ़ूड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया से ये चावल ख़रीदना चाहती है ताकि वो ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को 10-10 किलो चावल दे सके.
उन्होंने कहा, "राज्य के पास चावल का जितना स्टॉक है उस हिसाब से हर परिवार को पांच-पांच किलो चावल ही दिया जा सकता है. बाक़ी का चावल राज्य सरकार एफ़सीआई से तीन हज़ार चार सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ख़रीदना चाहती है."
सिद्धारमैया ने कहा कि 12 जून को फ़ूड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया ने कर्नाटक को दो लाख 80 हज़ार मीट्रिक टन बेचने का वादा किया लेकिन 13 जून को केंद्र सरकार ने एफ़सीआई को लिखा कि ओपन मार्केट सेल्स स्कीम ख़त्म कर दी गई है.
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपनी नीति में सिर्फ़ इसलिए बदलाव किया ताकि कर्नाटक को चावल ना मिल सके.
उन्होंने कहा, “अब इस बात में कोई शक़ नहीं रह गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार ग़रीब विरोधी है.”
वहीं राज्य में भारतीय जनता पार्टी के विधायक बी वाई विजेंद्र ने ट्वीट करके कहा, “क्या आप चावल सप्लाई ना करने के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहरा रहे हो? पिछली बार जब आप राज्य के सीएम थे तब तो केंद्र सरकार से चावल हासिल करके शायद अपने आपको अन्नारमैया कहलवाने में आपको बड़ा लुत्फ़ आता था. तब तो आपने चावल देने के लिए केंद्र सरकार को कभी क्रेडिट नहीं दिया.”
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ग्रीस में प्रवासियों से भरी बोट पलटी 78 की मौत, कई लोग अब भी लापता
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ग्रीस के दक्षिणी तट पर प्रवासियों से भरी एक बोट पलटने से 78 लोगों की मौत हो गई है. कई लोग अब भी लापता हैं.
अधिकारियों के मुताबिक़ बोट में कम से कम चार सौ लोग सवार थे.
अब तक सौ से ज़्यादा लोगों को बचा लिया गया है और बाक़ी की तलाश जारी है. तेज समुद्री हवाओं के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं.
ग्रीक कोस्ट गार्ड ने बताया कि इस यात्रियों से खचाखच भरी इस बोट को एक सर्विलांस विमान ने मंगलवार को देखा था लेकिन तब इसमें सवार यात्रियों ने मदद लेने से इनकार कर दिया था.
ये बोट लीबिया से इटली की ओर जा रही थी.
मणिपुर हिंसा: दिनभर-पूरा दिन, पूरी ख़बर प्रेरणा और पायल भुयन के साथ
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नेटो में स्वीडन की सदस्यता के मुद्दे पर क्या बोले अर्दोआन
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इमेज कैप्शन, तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन
तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि स्वीडन को नेटो की सदस्यता के मुद्दे पर अंकारा के रुख में तब तक बदलाव की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए जब तक कि स्टॉकहोम में तुर्की विरोधी प्रदर्शनों पर रोक न लगा दी जाए.
अगले महीने नेटो के सदस्य देशों के प्रमुखों की बैठक होनी है.
अज़रबैजान से वापसी के वक़्त राष्ट्रपति अर्दोआन ने उड़ान के दौरान पत्रकारों से कहा कि स्टॉकहोम में जब तक 'चरमपंथियों' का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा तब तक नेटो की सदस्यता के लिए स्वीडन की कोशिशों पर तुर्की सकारात्मक रवैया नहीं अपना सकता है.
राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा कि तुर्की का स्टैंड स्वीडिश अधिकारियों के समक्ष एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया जाएगा.
राष्ट्रपति अर्दोआन का ये बयान ऐसे समय आना है जब बुधवार को अंकारा में तुर्की, स्वीडन, फिनलैंड और नेटो के प्रतिनिधियों की बातचीत होनी है.
इस बातचीत का मक़सद स्वीडन की सदस्यता को लेकर तुर्की की आपत्तियों को दूर करना है.
शी जिनपिंग ने कहा, फ़लस्तीनियों के साथ बेहतर संबंध चाहता है चीन
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इमेज कैप्शन, फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि चीन, फ़लस्तीनियों के साथ बेहतर संबंध चाहता है.
चीन मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और इसराइल-फ़लस्तीन तनाव दूर करने के लिए ख़ुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है. जिनपिंग ने ये बात फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के चीन दौरे के दौरान कही.
हाल के दिनों में चीन, मध्य पूर्व संघर्ष को ख़त्म करने के लिए इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच बातचीत की वकालत करता रहा है.
इससे पहले चीन ने मार्च में ईरान और सऊदी अरब के बीच डील कराने में मध्यस्था की भूमिका निभाई थी.
अपने ही बेटे को कुत्ते के पिंजरे में रखने वाली महिला हिरासत में, हत्या की कोशिश का मामला
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इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रिया पुलिस
एक 12 साल के बच्चे को टॉर्चर करने और उसकी हत्या की कोशिश के मामले में उसकी मां से पूछताछ की जा रही है.
ये मामला ऑस्ट्रिया का है.
32 साल की इस महिला पर आरोप है कि उन्होंने अपने बच्चे को शून्य से भी कम तापमान वाले माहौल में रखा और उसे कई दिनों तक खाना नहीं दिया जिससे बच्चे की हालत बेहद ख़राब हो गई.
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे ऑस्ट्रिया में आम लोगों के बीच ज़बरदस्त ग़ुस्सा फैल गया.
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घटना क्रैम्स शहर की है जो राजधानी विएना से लगभग 80 किलोमीटर दूर है.
बच्चे के पिता ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बच्चे को महीनों तक टॉर्चर किया गया और वो मरने के क़रीब पहुंच गया था.
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पुलिस के मुताबिक भयंकर ठंड के मौसम में भी महिला ने जिस कमरे में बच्चे को रखा था उसकी खिड़की खोल देती थी और बच्चे के ऊपर दिन में कई बार ठंडा पानी डाल देती थी.
बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फ़िलहाल शारीरिक तौर पर वो ठीक है लेकिन मानसिक तौर पर इस घटना का उस पर गहरा असर हुआ है.
महिला फ़िलहाल पुलिस हिरासत में है.
स्मिता पाटिल की 31 साल की उम्र में कैसे हुई थी मौत
तमिलनाडु: स्टालिन सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी 28 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए
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इमेज कैप्शन, ईडी की गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में भर्ती सेंथिल बालाजी की सेहत का हालचाल लेते राज्य के मुख्यमंत्री स्टालिन
तमिलनाडु सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी को चेन्नई की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में 28 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
सेंथिल बालाजी स्टालिन सरकार में बिजली और आबकारी मामलों के मंत्री हैं.
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बुधवार सुबह उन्हें गिरफ़्तार किया था.
हालांकि इस गिरफ्तारी के बाद उनकी सेहत बिगड़ गई थी जिसे देखते हुए उन्हें एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सेशन कोर्ट के प्रिसिपल जज एस अली फ़ैसला देने से पहले अस्पताल गए.
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अमेज़न के घने जंगलों से 40 दिन बाद ज़िंदा बचाए गए चार बच्चे
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कोलंबिया में अमेज़न के घने जंगलों में भटकते हुए चार बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
ये बच्चे एक प्लेन क्रैश के क़रीब एक महीने बाद जीवित पाए गए हैं.
इन्हें बचाने के लिए सरकार ने बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया था.
हादसे के वक्त ये बच्चे अपनी मां, एक पायलट और को-पायलट के साथ विमान में सवार थे.
कोई सवाल करे तो बीजेपी वाले उसे देशद्रोही बना देते हैं: अशोक गहलोत,
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में गांधी दर्शन सम्मेलन में बीजेपी की तीखी आलोचना की है.
सीएम गहलोत ने अपने संबोधन में सवाल करते हुए कहा, "इस देश में लोकतंत्र की स्थिति क्या है. देश किस दिशा में जा रहा है. किस दिशा में जाएगा, कोई नहीं जानता. संविधान की धज्जियां उड़ रही है. जिस प्रकार आरएसएस बीजेपी ने धर्म के नाम पर कब्जा किया है. धर्म के नाम पर चुनाव जीतना बड़ी बात नहीं."
उन्होंने कहा, "सरकार तभी है जब सामने विपक्ष हो, आलोचना सुनने का दम हो. जब मेरी या मेरी सरकार की आलोचना होती है तो मुझे अच्छा लगता है. हो सकता है उसमें एसे तथ्य हों जिनसे मैं सुधार करूं. अगर मैं पसंद नहीं करूं आलोचना को, तो सही बात कैसे आएगी."
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बीजेपी की आलोचना करते हुए सीएम गहलोत ने आगे कहा, "आजकल यदि कोई आर्टिकल लिख दे, कोई प्रवचन कह दे या अपनी बात कह दे तो देशद्रोही के रूप में माने जाते हैं. जेल जाओ. कितने पत्रकार, साहित्यकार जेलों में बंद रहे हैं, बंद होंगे या छूटेंगे."
उन्होंने कहा, "अन्ना हज़ारे, बाबा रामदेव और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरएसएस बीजेपी ने आगे कर दिया. लोकपाल को लेकर देश में कहीं चर्चा होती है क्या और धर्म के नाम पर सरकार बदल जाती है."
बीजेपी को घेरते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि, "इंदिरा गांधी ने जान दे दी लेकिन खालिस्तान नहीं बनने दिया. इन लोगों को पूछो कि आज़ादी के समय कहां थे आप, उंगली भी कटाई. बड़ी-बड़ी बातें करते हैं. कांग्रेस मुक्त भारत बना देंगे."
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औरंगज़ेब के नाम पर कोल्हापुर में मचा है बवाल
वीडियो कैप्शन, औरंगज़ेब के नाम पर कोल्हापुर में मचा है बवाल
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि राज्य में हालात काबू में हैं.
उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र में औरंगज़ेब के महिमामंडन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हिंदू संगठनों के बंद के आह्वान के बाद कोल्हापुर में विरोध प्रदर्शन हुआ.
जीतन राम मांझी के आरोपों पर बोले तेजस्वी यादव- वे बड़े हैं, कुछ भी कह सकते हैं...
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बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है.
तेजस्वी यादव ने कहा, "हम तो सुने नहीं हैं कि वो क्या कहे हैं. वे बड़े हैं, कुछ भी कह सकते हैं. उनका तो हम लोग सम्मान करते ही थे. काम हो रहा है या नहीं हो रहा है, इसका आकलन अगर ढंग से किया जाए तो सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी कि कितना काम हो रहा है. आप देखिएगा कि हरेक विषय पर हरेक क्षेत्र में काम हो रहा है."
इससे पहले जीतन राम मांझी ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर ये आरोप लगाया था कि सरकार में कुछ काम नहीं हो रहा है.
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जीतन राम मांझी ने पटना में बुधवार को कहा, "हमने इतने दिन उन्हें देखा परखा फिर जाकर यह निर्णय लिया कि अब इन्हें छोड़ना ही पड़ेगा. यह जनता की आवाज़ थी. नीतीश कुमार को हमने अपनी बातें कही, उन्होंने कहा कि पार्टी में आ जाएं या फिर बाहर चले जाएं. चाहे ललन सिंह हो, तेजस्वी यादव हो या नीतीश कुमार हो मुझे किसी से व्यक्तिगत परेशानी नहीं है लेकिन जनहित के साथ समझौता नहीं होगा."
मंगलवार को जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया था. वे बिहार सरकार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मामलों के मंत्री थे.
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संतोष सुमन ने अपने इस्तीफ़े के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि अपनी पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए उन्होंने यह फ़ैसला लिया है.
उनका कहना है, "हमारी पार्टी का अस्तित्व ख़तरे में था. हम पर अपनी पार्टी का विलय जेडीयू में करने का प्रस्ताव आ रहा था. हमने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. हमने पहले भी कहा है कि हमारी विचारधारा महागठबंधन की विचारधारा है. हमारे नेता जीतन राम मांझी जी ने साफ़ कहा है जब तक हमें रखेंगे हम महागठबंधन के साथ हैं."
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माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी नीतीश सरकार से नाराज़ चल रहे हैं.
इससे पहले 23 जून को पटना में महागठबंधन की बैठक के लिए जीतन राम मांझी को न्योता नहीं दिया गया था.
23 जून की इस बैठक से पहले बिहार के महागठबंधन में इसे एक बड़ी दरार के तौर पर देखा जा रहा है.
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बिहार की सियासत में यह भी संभावना जताई जा रही है कि जीतन राम मांझी एनडीए का दामन थाम सकते हैं.
संतोष सुमन के इस्तीफ़े पर जेडीयू विधायक और बिहार सरकार में मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि इससे सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
लेसी सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "उनको हमारे नेता ने मुख्यमंत्री तक बना दिया. इससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है. ऐसे नेता आते-जाते रहते हैं."
ओडिशा ट्रेन हादसा: जिस स्कूल को बनाया गया था मुर्दाघर, अब वहां जाने से भी डर रहे हैं स्टूडेंट्स
वीडियो कैप्शन, ओडिशा ट्रेन हादसा: जिस स्कूल को बनाया गया था मुर्दाघर, वहां जाने से डर रहे हैं स्टूडेंट्स
ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे के बाद नजदीकी हाईस्कूल में मृतकों के शव रखे गए थे.
अब इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्र वहां जाने में डर महसूस कर रहे हैं.
इस स्कूल की छत तोड़ दी गई है, वहीं स्कूल की पूरी बिल्डिंग को तोड़ने का फ़ैसला किया जा रहा है. देखिए वीडियो.
उत्तराखंड: 'महापंचायत' के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार
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उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 15 जून को उत्तरकाशी में होने वाली 'महापंचायत' को रोकने के लिए दायर की गई याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के लिए सहमति दे दी है.
उत्तरकाशी ज़िले के पुरोला में हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से प्रस्तावित इस पंचायत की वजह से वहां सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है.
याचिका दायर करने वाले ग़ैरसरकारी संगठन 'एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स' की ओर से एडवोकेट शाहरुख़ आलम ने चीफ़ जस्टिस विपिन सांघी के समक्ष इस याचिका पर फौरन सुनवाई की मांग की.
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इससे पहले एडवोकेट शाहरुख़ आलम ने ये मामला सुप्रीम कोर्ट की वैकेशन बेंच के समक्ष भी उठाया था.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया कि "हम क़ानूनी प्रक्रिया को बायपास नहीं कर सकते हैं. एक हाई कोर्ट और ज़िला प्रशासन हैं, आप उन्हें अप्रोच कर सकते हैं. क़ानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, आपको ऐसा क्यों लगता है कि अगर मामला उनके संज्ञान में लाया जाएगा तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. आपको हाई कोर्ट पर भरोसा रखना चाहिए."
इस याचिका में एडवोकेट शाहरुख़ आलम ने उत्तराखंड में 'महापंचायत' के आयोजन पर रोक लगाने और समुदाय विशेष के सदस्यों को निशाना बनाकर दिए कथित 'हेट स्पीच' के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराए जाने की मांग की थी.
विपक्ष की बड़ी बैठक से पहले क्या कह रहे ये 6 नेता
वीडियो कैप्शन, विपक्ष की बड़ी बैठक से पहले क्या कह रहे ये 6 नेता
23 जून को बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक है. इस बैठक में हिस्सा लेने को लेकर ज़्यादातर विपक्षी दलों ने सहमति जताई है.
विपक्षी दलों की बैठक पर बीजेपी के नेता निशाना साधते दिख रहे हैं. वहीं विपक्षी दल के नेता इसे बड़े मौके के तौर पर देख रहे हैं. देखिए वीडियो.
नाइजीरिया में नाव डूबी, सौ से ज़्यादा लोगों की मौत
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नाइजीरिया में निजेर नदी में एक नाव के डूब जाने से सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और कई लोग अब भी लापता हैं.
नाव में तीन सौ लोग सवार थे. ये लोग एक शादी में हिस्सा लेने के बाद क्वारा राज्य से निजेर राज्य की तरफ़ आ रहे थे तब ये हादसा हुआ.
अधिकारियों के मुताबिक़ लापता लोगों को ढूंढने के लिए तलाशी अभियान जारी है.
राहत कार्य में जुटे अक कर्मचारी ने न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी को बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.
नाइजीरिया में हाल के सालों में कई नाव हादसे हो चुके हैं.
महिलाओं से छेड़छाड़ के वीडियो बनाने-बेचने वाले को जब पकड़ा गया
वीडियो कैप्शन, महिलाओं से छेड़छाड़ के वीडियो बनाने-बेचने वाले को जब पकड़ा गया
पूर्वी एशिया में सार्वजनिक स्थानों और परिवहन में महिलाओं के यौन शोषण के मामले आम हैं.
इस छेड़छाड़ और शोषण के वीडियो बनाए जाते हैं और फिर उन्हें बेचा जाता है. लेकिन इस पूरे रैकेट से पैसा बनाने वाले जो लोग हैं, वो आम तौर पर छिपे रहते हैं.
बीबीसी आई ने ऐसे ही एक व्यक्ति तक पहुंचने में कामयाबी पाई. देखें ये विशेष रिपोर्ट.
मानहानि केस में राहुल गांधी, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को बेंगलुरु कोर्ट ने किया समन
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश कमेटी (केपीसीसी) के ख़िलाफ़ मानहानि के एक मामले में बेंगलुरु की एक अदालत ने समन जारी किया है.
बेंगलुरु के एडिश्नल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने आईपीसी की धारा 499 (मानहानि) और धारा 500 (मानहानि के लिए सज़ा) के तहत मामले का संज्ञान लेते हुए 27 जुलाई को इसकी सुनवाई के लिए तारीख़ तय की है.
इस स्पेशल कोर्ट का गठन पूर्व और मौजूदा सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से किया गया है.
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अदालत ने मंगलवार को इस मामले से जुड़े लोगों को समन जारी किया है. 27 तारीख़ को अदालत मामले से जुड़े लोगों का पक्ष सुनेगी.
बीजेपी की राज्य इकाई के सचिव एस केशवप्रसाद ने नौ मई को ये केस दायर किया था.
उनका दावा है कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विज्ञापनों में किए गए कथित झूठे दावों की वजह से बीजेपी की छवि को नुक़सान पहुंचा है.
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कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान पांच मई, 2023 को केपीसीसी ने प्रमुख अख़बारों में एक विज्ञापन जारी किया था जिसमें ये दावा किया गया था कि उस समय की बीजेपी सरकार कथित तौर पर 40 फीसदी करप्शन में शामिल है और पिछले चार सालों में राज्य के खजाने से 1.5 लाख करोड़ की लूट की गई है.
बीजेपी नेता एस केशवप्रसाद ने अपनी शिकायत में कहा है कि ये दावा पूरी तरह से बेबुनियाद, पक्षपातपूर्ण और अपमानजनक है.
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