वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिपः भारत का स्कोर 164/3, अब जीतने के लिए 280 रनों की ज़रूरत
लंदन के ओवल मैदान में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल मैच में भारत ने चौथे दिन, दूसरी पारी में तीन विकेट खो कर 164 रन बना लिए हैं.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and अंशुल सिंह
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिपः भारत का स्कोर 164/3, अब जीतने के लिए 280 रनों की ज़रूरत
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लंदन के ओवल मैदान में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल मैच में भारत ने चौथे दिन, दूसरी पारी में तीन विकेट खो कर 164 रन बना लिए हैं.
विराट कोहली और अंजिक्य रहाणे अभी भी मैदन पर बने हुए हैं. भारतीय टीम के सामने जीत के लिए अब 280 रन और बनाने होंगे.
अभी उसके पास पूरा एक दिन का समय और हाथ में सात विकेट हैं.
फ़ाइनल मैच शुरू से ही रोमांचक रहा. पहले दिन टॉस जीत कर रोहित शर्मा ने गेंदबाज़ी करने का फैसला किया.
लेकिन भारत की उम्मीदों से उलट ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 469 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया.
तब कुछ विश्लेषकों को लगने लगा था कि भारत को फॉलोआन भी खेलना पड़ सकता है.
लेकिन भारत ने इसके जवाब में पहली पारी में 296 रन बना कर इस गैप को कम करने की भरसक कोशिश की.
शनिवार को चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 270 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी.
भारत के सामने जीत के लिए 444 रनों का लक्ष्य है, जिसमें चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने तीन विकेट गंवा कर 164 रन बना लिए हैं और अब रविवार को जब टीम क्रीज पर उतरेगी तो उसके सामने जीत के लिए 280 रन और बनाने होंगे.
चूंकि कोहली और रहाणे जैसे बल्लेबाज क्रीज पर हैं, भारत के लिए उम्मीद अभी भी बनी हुई है.
फ्रेंच ओपन 2023: पोलैंड की ईगा श्वायनटेक ने तीसरी बार जीता ख़िताब
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दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी ईगा श्वायनटेक ने तीसरी बार फ्रेंच ओपन का ख़िताब अपने नाम कर लिया है. इससे पहले 2020 और 2022 में भी ईगा फ्रेंच ओपन जीतने में सफल रही थीं.
शनिवार को खेले गए फ़ाइनल मुकाबले में ईगा ने चेक गणराज्य की खिलाड़ी कैरोलिना मुचोवा को हराया है.
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ईगा ने तीन सेट तक चले फ़ाइनल मुकाबले को 6-2, 5-7 और 6-4 से जीता.
इससे पहले ईगा श्वायनटेक साल 2022 में यूएस ओपन का ख़िताब अपने नाम कर चुकी हैं.
ज़ेलेंस्की ने माना, यूक्रेन ने रूस पर जवाबी हमले शुरू किए
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनकी देश ने रूस पर जवाबी हमला शुरू कर दिया है.
शनिवार को उन्होंने कहा, ''हमने खुद का बचाव करने के साथ ही जवाबी हमला शुरू किया है. रूस में हमारी सेना की ओर से ऐसे हमले हो रहे हैं''.
लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि वो जवाबी हमलों का ब्योरा नहीं देंगे.
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ताज़ा ख़बरों के मुताबिक़ यूक्रेन की सेना देश के पूर्वी हिस्से के नजदीक बख़मुत और दक्षिण में ज़पोरिज़िया में आगे बढ़ रही है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को दिखे एक वीडियो में कहा था कि रूस अब पक्के तौर पर कह सकता है कि यूक्रेन ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं.
शुभमन गिल आउट या नॉट आउट, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
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लंदन के ओवल में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फ़ाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. भारत के सामने जीत के लिए 444 रनों का लक्ष्य है.
भारत की दूसरी पारी में बल्लेबाज़ शुभमन गिल ने 18 रनों का योगदान दिया और तेज गेंदबाज़ स्कॉट बोलैंड की गेंद पर कैमरन ग्रीन को कैच दे बैठे.
हालांकि ग्रीन ने शुभमन गिल का जो कैच लिया, उसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. कई लोगों को लगता है कि शुभमन गिल आउट नहीं थे. उन्हें थर्ड अंपायर ने आउट दिया था.
दरअसल, ग्रीन ने जब कैच लिया तो फील्ड अंपायर ये तय नहीं कर पाए कि उन्होंने कैच क्लीन तरह से पकड़ा या नहीं. यानी गेंद ज़मीन पर लगी या नहीं. ऐसे में उन्होंने थर्ड अंपायर को फ़ैसला देने के लिए कहा.
इस फ़ैसले पर पूर्व क्रिकेटरों समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स सवाल उठा रहे हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए एक तस्वीर शेयर की है. तस्वीर में एक व्यक्ति के चेहरे पर काली पट्टी बंधी है.
सहवाग ने लिखा,''शुभमन गिल के आउट का फैसला देते हुए थर्ड अंपायर. जब डाउट हो तो यह नॉट आउट है.''
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क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने लिखा,
कैमरन ग्रीन की तरफ से यह शानदार प्रयास था. लेकिन कैच लेने के तुरंत बाद जब हाथ मुड़ता है तो शुभमन गिल को काफी निराश होना पड़ता है.
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ख़बर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने दो विकेट खोकर 92 रन बना लिए हैं. भारत ने दूसरा विकेट कप्तान रोहित शर्मा का गंवाया. वो 43 रन बनाकर आउट हुए.
शरद पवार ने विपक्ष के पीएम उम्मीदवार को लेकर क्या कहा
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार का कहना है कि फ़िलहाल विपक्ष के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कोई मुद्दा नहीं है.
शरद पवार ने कहा, ''विपक्ष का पीएम उम्मीदवार ये कोई मुद्दा नहीं है. जहां तक मेरी सोच है इसके बिना भी चला जा सकता है.''
''1976-77 में किसी को प्रोजेक्ट नहीं किया था. चुनाव के बाद जनता पार्टी हो गई. जनता पार्टी होने के बाद मोरारजी देसाई का चयन किया गया था. तब उन्हें प्रधानमंत्री पद की ज़िम्मेदारी दी गई थी.''
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पवार का कहना है कि विपक्ष की सोच लोगों के सामने एक विकल्प देने की है. अगर हम मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी करेंगे तो वो विकल्प मिल सकता है.
23 जून को बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक होनी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे अर्से से गैर बीजेपी दलों को एकजुट करने की कोशिश में जुटे हैं. वो शरद पवार, राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं से मुलाक़ात भी कर चुके हैं.
ऐसी ही एक मुलाक़ात में ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार को बिहार में सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाने का सुझाव दिया था. इसी के बाद 23 जून को बैठक बुलाई गई है.
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बताया था कि बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी शामिल होंगी.
वहीं जेडीयू की तरफ से कहा गया था कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन, झारखंड सीएम हेमंत सोरेन, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और शिव सेना (उद्धव गुट) चीफ़ उद्धव ठाकरे भी शामिल होंगे.
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एनसीपी में बदलाव
बैठक से पहले आज एनसीपी ने प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है.
प्रफुल्ल पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष के साथ-साथ मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, गोवा राज्यों की ज़िम्मेदारी दी गई है. जबकि सुप्रिया सुले को महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब का प्रभारी बनाया गया है.
मध्य प्रदेश में 'लाडली बहन' योजना शुरू, सवा करोड़ महिलाओं के खातों में डाले एक-एक हजार रुपये,
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को 'लाड़ली बहना योजना' के तहत प्रदेश की सवा करोड़ महिलाओं के खाते में एक क्लिक के साथ ही पैसा जारी किया है.
मुख्यमंत्री ने आज 'लाड़ली बहनों' के साथ पौधा रोपण किया और इस दिन को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन बताया.
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इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 'लाड़ली बहना योजना' के तहत मिलने वाली धनराशि को भी बढ़ाने की बात कही है.
उन्होंने कहा, ''ये योजना शुरू तो एक हज़ार रुपए से हुई है लेकिन केवल एक हज़ार नहीं दूंगा. समय के साथ पैसों का इंतजाम होने पर इस राशि को 3 हज़ार रुपए प्रति महीना कर दिया जाएगा.''
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शिवराज सिंह चौहान इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के पास पहुंचे और उनसे आशीर्वाद लिया. उमा भारती ने आशीर्वाद दिया और कहा कि 'सबसे पहली लाडली बहना मैं हूं.'
उमा भारती ने शिवराज सिंह चौहान का तिलक किया और फूल बरसा कर उनका स्वागत किया.
मुख्यमंत्री इस अभियान की शुरुआत जबलपुर में की है. इस योजना के तहत प्रदेश की सवा करोड़ महिलाओं के खाते में 1000 रुपये की पहली किस्त दी गई.
यह राशि हर माह उनके खाते में पहुंचेगी. महिलाएं यह राशि 11 जून से अपने अकाउंट से निकाल सकेंगी.
चुनावी वर्ष में महिलाओं को खुश करने के लिए इसे एक बड़े दांव के तौर पर देखा जा रहा है.
माना जा रहा है कि इसके ज़रिए मुख्यमंत्री महिलाओं को अपने साथ लाना चाहते है. इसे लेकर बड़े स्तर पर तैयारी की गई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल: भारत के आगे जीत के लिए 444 रनों का लक्ष्य
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वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप
के फ़ाइनल मुकाबले के चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 270/8 के स्कोर पर
घोषित कर दी है.
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से
विकेटकीपर बल्लेबाज़ एलेक्स कैरी ने सबसे ज़्यादा नाबाद 66 रनों का योगदान दिया
है.
वहीं भारत की तरफ़ से
स्पिनर रविंद्र जडेजा को 3 विकेट मिले. भारतीय टीम को जीत के लिए 444 रनों का
लक्ष्य मिला है.
ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी पहली पारी में 469 रनों पर ऑल आउट हो गई थी.
ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से स्टीव स्मिथ (121 रन) और ट्रेविस हेड (163 रन) ने शतक लगाया था.
भारत की ओर से तेज गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने चार विकेट चटकाए थे.
भारत ने पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के 469 रनों के जवाब में 296 रन बनाए थे.
भारत के लिए अजिंक्य रहाणे ने सबसे ज़्यादा 89 रनों की पारी खेली थी. पहली पारी के आधार पर कंगारू टीम को 173 रनों की बढ़त हासिल हुई थी.
केजरीवाल की आलोचना करते हुए गौतम गंभीर दिल्ली और दुधारू गाय पर क्या बोले
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केंद्र सरकार के अध्यादेश को लेकर बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गौतम गंभीर ने सीएम अरविंद केजरीवाल से पिछले नौ सालों का हिसाब मांगा है.
उन्होंने कहा, ''उनसे (अरविंद केजरीवाल) ये सवाल पूछिए कि उन्होंने पिछले नौ सालों में दिल्ली के लिए क्या किया? दिल्ली में पिछले नौ सालों में क्या डेवलपमेंट हुआ है? ऑर्डिनेंस पर पूरे देश में घूमना है उनको और कोई काम नहीं है."
"दिल्ली को उन्होंने एक दुधारू गाय बना दिया है कि दिल्ली से पैसे वसूल करो और बाकी राज्यों में चुनाव लड़ो. इसके अलावा नौ सालों में दिल्ली में कुछ नहीं हुआ है.''
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इसके अलावा गंभीर ने दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल पर भी सवाल उठाया है.
गंभीर ने कहा, ''जिस एजुकेशन क्रांति की बात करते हैं उस एजुकेशन क्रांति के चलते आज तक नौ सालों में कोई डाटा नहीं दिया कि कितने स्कूल, कॉलेज और हॉस्पिटल खोले हैं.''
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बीते दिनों केंद्र सरकार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023 लेकर आई थी.
इसके तहत दिल्ली में सेवा दे रहे 'दानिक्स' कैडर के 'ग्रुप-ए' अधिकारियों के तबादले और उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए 'राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण' गठित किया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि केंद्र सरकार का लाया अध्यादेश पूरी तरह से ग़ैरकानूनी, ग़ैर संवैधानिक और जनतंत्र के ख़िलाफ़ है.
फ़िलहाल केजरीवाल देश की अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से मिलकर अध्यादेश के ख़िलाफ़ समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं.
पहलवानों को लेकर हुई महापंचायत के बारे में बजरंग पुनिया ने क्या बताया
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हरियाणा के सोनीपत में शनिवार
को पहलवानों के मुद्दे को लेकर हुई महापंचायत में पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा है
कि 15 जून के बाद वो (पहलवान) कोई फ़ैसला लेंगे.
भारतीय कुश्ती संघ के
अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ यौन शोषण के आरोपों को लेकर पहलवान
विरोध प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन केंद्र सरकार से बातचीत के बाद प्रदर्शन 15 जून तक
के लिए स्थगित कर दिए गए थे.
बजरंग पुनिया ने
महापंचायत के बाद बताया कि पंचायत में बताया गया कि सरकार ने 15 जून तक के लिए वक़्त
दिया है और अगर सरकार आगे नहीं बढ़ पाती है तो 16 या 17 जून को आगे का फ़ैसला किया
जाएगा.
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उन्होंने कहा, “सरकार के साथ जिन मुद्दों पर
सहमति बनी है उसके बारे में खाप पंचायत के चौधरियों को बताया है. जो नहीं आ पाए उनसे भी यही कहेंगे कि ये
सारी बातें आप तक पहुंच जाएंगी और जो आपका फ़ैसला होगा वो हमें बता दो.”
“खाप पंचायत ने भी कहा है कि 15 तारीख़ तक अगर कठोर फ़ैसले नहीं लिए जाते हैं
तो हम अपने पहलवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे.”
राहुल गांधी के अमेरिका दौरे को लेकर अमित शाह ने क्या कहा
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात में पाटन ज़िले के सिद्धपुर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा.
अमित शाह ने कहा, ''राहुल बाबा विदेश में वैकेशन करने गए हैं. यहां गर्मी ज़्यादा है इसलिए विदेश गए हैं. राहुल विदेश में जाकर भारत की निंदा करने का काम करते हैं.''
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गृह मंत्री शाह ने राहुल गांधी को अपने पूर्वजों से सीख लेने की बात कही है.
अमित शाह ने कहा, ''मैं राहुल गांधी को ये बताना चाहता हूं कि अपने पूर्वजों से सीखिए. कोई भी देशभक्त इंसान देश की राजनीति की चर्चा देश की भूमि पर करे. विदेश में जाकर देश के अंदर की राजनीति की चर्चा करके देश की निंदा करने का काम किसी भी पार्टी के नेता को जंचता नहीं है. और राहुल बाबा याद रखना देश की जनता इसको ध्यान से देख रही है, ध्यान से सुन रही है.''
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इसके अलावा अमित शाह ने अपने भाषण में नई संसद और सेंगोल का भी ज़िक्र किया है.
उन्होंने कहा, ''नई पार्लियामेंट की इमारत बनाई तो विरोध किया. उसके अंदर सेंगोल रखने की प्रक्रिया का विरोध किया. अरे भाई ये सेंगोल तो जवाहरलाल नेहरू को स्थापित करना था. उन्होंने नहीं किया तो नरेन्द्र मोदी साहब कर रहे हैं. पर आप क्यों विरोध कर रहे हो?''
बीते दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका के दौरे पर थे.
इस दौरान उन्होंने कुछ मौकों पर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी.
अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को संबोधित करने हुए राहुल गांधी ने रियर-व्यू मिरर वाली बात कही थी.
राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी रियर व्यू मिरर में देखते हुए कार चला रहे हैं और उन्हें पता नहीं है कि ''भारतीय कार बार-बार हादसों का शिकार क्यों हो रही है.''
गिरिराज पर जेडीयू का तंज़, कहा- वीरप्पन, दाऊद और माल्या भी देश के बेटे
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नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता नीरज कुमार ने बीजेपी नेता गिरिराज सिंह के नाथूराम गोडसे को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है.
उन्होंने कहा, "गोडसे जैसा व्यक्ति अगर भारत मां का बेटा होने का कोई दावा कर रहे हैं तो चंबल के डकैत भी भारत मां का बेटा, वीरप्पन भी, दाऊद भी और साथ ही साथ विजय माल्या जैसा आर्थिक अपराधी भी. ये तो भारत मां के कलंक हैं, जिसने राष्ट्रपिता की हत्या कर दी हो और वैसे राष्ट्रपिता जिनकी हत्या होने पर मुंह से हे राम निकलता हो."
"हम तो यह जानना चाहते हैं कि ये तो भाजपा के प्यारे हो सकते हैं, गोडसे, वीरप्पन, दाऊद, विजय माल्या. अगर भारत मां के सपूत होंगे तो शहीद-ए-आजम भगत सिंह होंगे. प्रफुल्ल चंद्र चाकी होंगे, राम प्रसाद बिस्मिल होंगे, अशफ़ाक़ उल्लाह ख़ाँ होंगे. भाजपा के प्यारे भाजपा को मुबारक."
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे को 'भारत माता का सपूत' बताया था.
छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि गोडसे अगर गांधी के हत्यारे हैं तो वो भारत के सपूत भी हैं.
उन्होंने कहा, "वो भारत में ही पैदा हुए हैं. औरंगजेब और बाबर की तरह आक्रांता नहीं हैं और जिसको बाबर की औलाद कहलाने में ख़ुशी महसूस होती है वो भारत माता का सही सपूत नहीं हो सकता.”
पहलवान एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे या नहीं, साक्षी मलिक ने बताया
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हरियाणा के सोनीपत में शनिवार को पहलवानों के समर्थन में महापंचायत का आयोजन हुआ है. मौके पर पहलवान साक्षी मलिक ने पत्रकारों से बात करते हुए एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के बारे में बताया.
साक्षी मलिक ने कहा, ''एशियन गेम्स तभी खेलेंगे जब ये मामला सुलझ जायेगा. आप लोग नहीं समझ सकते हैं कि हम प्रतिदिन किस मानसिक स्थिति से गुज़र रहे हैं.''
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इस साल एशियन गेम्स-2022 का आयोजन चीन के हांगझू में होना है.
सितंबर-अक्टूबर के महीनों में होने वाले इन खेलों को साल 2022 में होना था लेकिन कोरोना के कारण इन खेलों को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया था.
महापंचायत में पहलवान बजरंग पूनिया भी शामिल हुए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बजरंग पूनिया ने कहा, ''सरकार के साथ जो बातचीत हम करके आए हैं, उसे हम अपने लोगों के बीच रखेंगे. जो हमारे सपोर्ट में खड़े हैं. चाहे वो खाप पंचायत है, किसान संगठन है या दूसरे संगठन हैं.''
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इससे पहले बीते रविवार को भी सोनीपत के मुंडलाना में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए महापंचायत हुई थी.
इस महापंचायत में आरएलडी के नेता जयंत चौधरी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी हिस्सा लिया था.
मणिपुर में हिंसा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने लिया एक और फै़सला
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मणिपुर में जातीय हिंसा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने शांति समिति का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता मणिपुर के राज्यपाल करेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, गृह मंत्रालय ने बताया है कि मणिपुर के राज्यपाल की अध्यक्षता में शांति समिति का गठन किया गया है.
राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री, सांसद और अलग-अलग दलों के नेता इस समिति के सदस्य होंगे.
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समाचार एजेंसी एएनआई ने गृह मंत्रालय के हवाले से बताया है कि समिति में पूर्व नौकरशाह, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग जातीय समूहों से संबंध रखने वाले प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
मणिपुर शांति समिति का उद्देश्य परस्पर विरोधी समूहों के बीच संवाद, आपसी समझ को मज़बूत करना और इलाक़े में शांति स्थापित करना है.
मणिपुर में हिंसा क्यों भड़की थी?
मणिपुर में जारी अशांति के केंद्र में मैतेई और कुकी समुदाय हैं.
राज्य की कुल आबादी 30-35 लाख है जिसमें मैतेई समुदाय बहुसंख्यक है.
मणिपुर के 10 प्रतिशत भूभाग पर मैतेई समुदाय का दबदबा है.
90 फ़ीसदी पहाड़ी इलाक़ों में कुकी और बाक़ी जनजातीय समुदाय है. मैतेई लंबे समय से जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं.
मणिपुर हाई कोर्ट ने मार्च में राज्य सरकार से मैतेई को जनजाति का दर्जा दिए जाने पर विचार करने को कहा था.
हाई कोर्ट के ऑब्ज़र्वेशन के बाद मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हुईं.
हिंसा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर का दौरा किया था.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गोडसे को बताया देशभक्त, कांग्रेस ने पुतले फूंके,
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इमेज कैप्शन, बलिया में पत्रकारों से बात करते त्रिवेंद्र सिंह रावत
उत्तराखंड के पूर्व
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक बयान से इन दिनों नया विवाद पैदा हो गया
है.
दरअसल बीते गुरुवार को
बलिया में एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा
था. इसके बाद से कांग्रेस हमलावर है और बीजेपी को हत्यारे गोडसे की विचारधारा
वाली पार्टी बता रही है.
कांग्रेस का यह भी कहना
है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री के इस
बयान के सुर्खियां बनते ही कांग्रेस हमलावर हो गई. शुक्रवार को पार्टी ने
उत्तराखंड में कई जगह प्रदर्शन कर त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला फूंका.
कांग्रेस के प्रदेश
अध्यक्ष करन माहरा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “बीजेपी हमेशा दो तरह की राजनीति करती है. एक तरफ
गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री गांधी जी की समाधि पर फूल चढ़ाते हैं, बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं. दूसरी तरफ उनके
मुख्यमंत्री रहे नेता बार-बार गांधी जी के हत्यारे को महिमा मंडित करते हैं, राष्ट्रपिता का अपमान करने की कोशिश करते हैं.”
माहरा कहते हैं, “गोडसे के बयान देखो, वह आदमी कभी देशप्रेमी हो ही नहीं सकता. ऐसे आदमी को
महिमामंडित कर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीजेपी की पोल खोलने का काम किया है.”
माहरा यह भी कहते हैं कि
वह कानून के जानकारों से बात कर रहे हैं और अगर
इस मामले में कोई आधार मिलता है, क्योंकि यह राष्ट्रपिता के अपमान का मामला है, तो वह इस पर कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार
करेंगे.
त्रिवेंद्र सिंह रावत अब
नहीं दे रहे जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तर प्रदेश के दौरे के बाद दिल्ली होते हुए शनिवार सुबह ही
देहरादून लौटे हैं. वह अब मीडिया का फोन नहीं उठा रहे हैं.
उनके ओएसडी अभय रावत कहते
हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अब इस मामले पर बात नहीं करना चाहते हैं.
उनका कहना है कि जो बात
वीडियो में है, वह काफी है. अब इस विषय
पर बात करने को कुछ और नहीं है.
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इमेज कैप्शन, देहरादून में त्रिवेंद्र सिंह रावत के पुतले फूंकते कांग्रेस कार्यकर्ता.
रावत ने क्या कहा था
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बलिया में बीजेपी एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यहां एक पत्रकार ने उनसे सवाल जवाब के दौरान कहा कि राहुल गांधी लगातार कह रहे हैं कि देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई है, एक गांधी विचारधारा है, एक गोडसे विचारधारा है.
इस पर त्रिवेंद्र कहते हैं, “गांधी लगा लेने से गांधी विचारधारा नहीं हो जाती है. जनेऊ बाहर करने से इनकी जो पहचान है वह नहीं बदल सकती है. ये जो बात करते हैं खाली वह गांधी के नाम को बेचना चाहते हैं. येबेच रहे हैं.”
“देखिए गांधी जी को मारा यह एक अलग इश्यू है लेकिन जितना मैंने गोडसे के बारे में पढ़ा है, जितना जाना है... वह भी एक देशभक्त थे. लेकिन गांधी जी की जो हत्या हुई उससे हम सहमत नहीं हैं.”
त्रिवेंद्र सिंह रावत तो यह बोलकर वहां से चले गए लेकिन उनके बयान से बड़ा विवाद शुरू हो गया.
बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान से किनारा कर लिया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बीबीसी हिंदी से कहा कि यह त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का अपना बयान है, पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है.
वो कहते हैं कि पार्टी तो महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता और राष्ट्रभक्त मानती है. गोडसे को लेकर सवाल किए जाने पर वह कहते हैं कि इस पर पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है. भारत एक स्वतंत्र देश है और लोग किसी भी विचारधारा को मानने को स्वतंत्र हैं.
पश्चिम बंगाल: कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या, टीएमसी पर आरोप,
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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के एलान के साथ ही हिंसा शुरू हो गई है.
राज्य के मुर्शिदाबाद ज़िले के खड़ग्राम में कांग्रेस के एक कार्यकर्ता फूलचंद शेख (42) की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
इस घटना में घायल तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बीच, इस मामले में पुलिस ने काजल शेख और शफीक शेख नामक दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है.
मृतक प्रवासी मजदूर था और कुछ दिनों पहले ही केरल से गांव लौटा था. कांग्रेस ने हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगाया है, वहीं टीएमसी ने इन आरोपों का खंडन किया है.
चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि आयोग ने इस मामले में पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को मृत कार्यकर्ता के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की.
उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी इस हत्याकांड में मिली-भगत का आरोप लगाया है. अधीर ने बंगाल में जंगलराज चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. उन्होंने इस घटना के बारे में राज्यपाल से भी शिकायत की है.
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, फूलचंद अपने पुत्र के साथ घर के बाहर बैठे थे. वहीं कुछ लोग ताश खेल रहे थे.
उनके परिजनों का आरोप है कि स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता रफीक के नेतृत्व में 15 असामाजिक तत्वों ने अचानक फूलचंद को घेर लिया और बेहद करीब से उनको छह गोलियां मारी. अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए.
फूलचंद की मां मेरीना बीबी आरोप लगाती हैं कि मेरा लड़का कांग्रेस के लिए काम करता था. इसलिए पंचायत चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने उसकी हत्या कर दी.
दूसरी ओर तृणमूल नेता जयप्रकाश मजूमदार ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस घटना से तृणमूल कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है. यह हत्या निजी रंजिश या फिर किसी और वजह से की गई है.
मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है.
राहुल गांधी की लादेन से तुलना वाले बिहार बीजेपी चीफ़ के बयान पर आरजेडी नेता ने ये कहा
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कांग्रेस नेता राहुल
गांधी की ओसामा बिन लादेन से तुलना करने पर आरजेडी नेता मनोज झा ने इसकी निंदा की
है.
समाचार एजेंसी पीटीआई से
मनोज झा ने कहा है कि इस देश में करोड़ों लोग दाढ़ी रखते हैं तो क्या सभी ओसामा
बिन लादेन हुए?
उन्होंने कहा, “इस देश में करोड़ों लोग दाढ़ी रखते हैं. कई संत-महात्मा रखते हैं. सब ओसामा
बिन लादेन हैं? राजनीति की ज़ुबान पॉलिटिकल
होनी चाहिए. आप विरोध भी करें तो पॉलिटिकल लैंग्वेज से करें.”
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“लेकिन सम्राट जी की ये दिक़्क़त है कि उनका कॉम्पटीशन गिरिराज सिंह से चल रहा
है जो गांधी के हत्यारे गोडसे को ‘देश का सपूत’ बताते हैं. इस दल का कॉम्पटीशन
जिस दल में होगा. उस दल के मन-मिजाज़ पर मैं क्या टिप्पणी करूं.”
बिहार
बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना ओसामा बिन
लादेन से की है.
उन्होंने
कहा, "एक तरफ राहुल गांधी हैं. राहुल
गांधी आजकल ओसामा बिना लादेन की तरह दाढ़ी बढ़ाकर सोच रहे हैं कि कहीं मोदी जी की तरह प्रधानमंत्री हो जाएं."
ब्रेकिंग न्यूज़, शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले को एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया
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राष्ट्रवादी कांग्रेस
(एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने बताया है कि प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले को पार्टी
का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
उन्होंने दिल्ली में
पार्टी की 25वीं वर्षगांठ के मौक़े पर एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की.
उन्होंने कहा
कि प्रफुल्ल पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष के साथ-साथ मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान,
झारखंड, गोवा राज्यों की ज़िम्मेदारी उनके कंधों पर दे रहे हैं.
इसके साथ ही उन्होंने
बताया कि सुप्रिया सुले को भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है और उन्हें
महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब राज्यों की ज़िम्मेदारी उन्हें देते हैं.
मोज़ाम्बिक का एक रूबी 286 करोड़ रुपये में बिका
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अमेरिका में 55.22 कैरेट के एक रूबी को 34.8 मिलियन डॉलर की रिकॉर्ड कीमत पर बेचा गया है.
भारतीय रुपये में यह कीमत करीब 286 करोड़ रुपये है.
यह रत्न पिछले साल मोज़ाम्बिक के काबो डेलगाडो राज्य के मोंटेपियोज़ क्षेत्र में स्थित खदान से मिला था. इस इलाके में चरमपंथी कई सालों से लड़ाई लड़ रहे हैं.
काबो डेलगाडो एक गरीब क्षेत्र है, लेकिन इसमें विशाल खनिज भंडार हैं.
जानकारों का कहना है कि इस क्षेत्र में नौकरी के अवसरों की कमी भी चरमपंथी उग्रवादियों के बढ़ने का एक कारण है. इस क्षेत्र में संघर्ष 2017 के बाद शुरू हुआ था.
नीलामी घर सोथबी के अधिकारियों का कहना है कि रूबी से हुई आय का एक हिस्सा मोज़ाम्बिक में खनन, इंजीनियरिंग और खेती में तकनीक को विकसित करने में भी खर्च किया जाएगा.
गुजरात एटीएस ने आईएस से जुड़े चार लोगों को गिरफ़्तार करने का किया दावा
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गुजरात एटीएस ने पोरबंदर
से चार लोगों को गिरफ़्तार किया है जिन्हें इस्लामिक स्टेट के खोरासान प्रांत
(आईएसकीपी) से जुड़ा बताया जा रहा है.
गुजरात के डीजीपी विकास
सहाय ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर गिरफ़्तारी की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया है कि ‘प्रतिबंधित संगठन
इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकीपी) इस संगठन से जुड़े तीन आतंकवादी
गुजरात से बाहर जाने वाले थे. इसकी सूचना मिली थी.’
“इसके बाद एटीएस के अधिकारियों ने नौ मार्च को पोरबंदर से आतंकवादियों को
गिरफ़्तार किया है.”
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ब्रिटेन के पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन ने सांसद पद से इस्तीफा देते हुए क्या कहा?
इमेज कैप्शन, बोरिस जॉनसन पर 2020 में कैबिनेट रूम में जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए जुर्माना लगाया गया था
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें संसद से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया गया.
उन पर कोरोना के दौरान प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऑफिस में पार्टी करने के आरोप लगे थे, जिसे लेकर जांच चल रही है.
उन्होंने जांच करने वाली कमेटी को कंगारू कोर्ट कहते हुए कहा कि उनका मकसद तथ्यों की अनदेखी कर सिर्फ मुझे दोषी ठहराना है.
वहीं कमेटी का कहना है कि उसने तय नियमों का पालन किया है.
कमेटी में ज्यादातर कंजर्वेटिव सांसद हैं. कमेटी का कहना है कि वह सोमवार को अपनी जांच खत्म करेगी, जिसके तुरंत बाद वह अपनी रिपोर्ट प्रकाशित करेगी.
जॉनसन ने 2022 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था लेकिन उन्होंने सांसद के तौर पर अपनी सेवाएं जारी रखी थीं.
शुक्रवार की देर शाम इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा, "जो ड्राफ्ट रिपोर्ट उन्होंने देखी थी वह झूठी जानकारियों और पूर्वाग्रह के भाव से भरी हुई थीं."
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को देखकर समझा जा सकता है कि कमेटी मुझे संसद से बाहर करने के लिए दृढ़ थी.
जॉनसन ने कहा, "उन्होंने अभी तक एक भी सबूत पेश नहीं किया है कि मैंने जानबूझकर या लापरवाही से संसद को गुमराह किया. मैंने झूठ नहीं बोला."
उन्होंने कमेटी की चेयरपर्सन और लेबर पार्टी की नेता हैरियट हरमन पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इस बात से हैरान थे कि उन्हें संसद से कैसे बाहर निकाला जा रहा था.
पूर्व प्रधानमंत्री ने मार्च में कमेटी को सबूत देते हुए संसद को गुमराह करने की बात स्वीकार की थी, लेकिन जानबूझकर ऐसा करने की बात से इनकार किया है.