रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन में टूटा बांध कई इलाक़े पानी में डूबे, राहत और बचाव का काम ज़ोरों पर
दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन प्रांत में काखोव्का बांध टूटने से कई इलाके डूबे, यूक्रेन का दावा रूस ने किया है हमला.
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रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन में टूटा बांध कई इलाक़े पानी में डूबे, राहत और बचाव का काम ज़ोरों पर

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के काखोव्का बांध की सैटेलाइट तस्वीर, इस बांध के टूटने से भारी तबाही की आशंका दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन प्रांत में सोमवार सुबह काखोव्का बांध के टूटने से हालात गंभीर हो गए हैं.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में पानी घुस गया है और बाढ़ की वजह से बड़ी तबाही हो सकती है.
यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने जान बूझकर इस बांध पर बमबारी करके उसे उड़ाया है. वहीं रूस ने इस आरोप का खंडन किया और दावा किया कि यूक्रेनी सेना की गोलाबारी की वजह से बांध को नुक़सान पहुंचा.
निप्रो नदी पर बने इस बांध के टूटने से कई गांव पानी में बह गए हैं. और इसके अलावा कई और इलाकों के जलमग्न होने का ख़तरा पैदा हो गया है. जानते हैं वहां के ताज़ा हालात क्या हैं.

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन का काखोव्का बांध - निचले इलाकों में भरा पानी, हज़ारों लोगों ने शरण लेने के लिए दूसरे प्रांतों का किया रुख़
- खेरसॉन से सटे मिकोलाइव इलाके में अस्थाई कैंप बनाने की तैयारी. खाना, कपड़े और दवाइयों का इंतज़ाम
- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की का रूस पर आरोप, कहा बांध पर हमला है युद्ध अपराध
- जर्मनी की विदेश मंत्री एनालीना बेयर बॉख ने कहा बांध का टूटना पर्यावरणीय त्रासदी, बॉख बोलीं- जर्मनी मामले की तह तक पहुंचेगा
- नेटो के मुताबिक़- रूस के पास बांध तोड़ने का साफ़ मक़सद, बांध के टूटने से यूक्रेन का निप्रो नदी पार करके रूस के कब्ज़े वाले इलाके में पहुंचना हुआ मुश्किल, लेकिन फ़िलहाल कुछ भी कहना जल्दबाज़ी
- बांध के आसपास रह रहे लोगों ने कहा- लंबे समय तक होगी दिक़्क़त, क्राइमिया में खेती को ज़बरदस्त नुक़सान होने की आशंका
तस्वीरों में देखिए बांध टूटने के बाद के हाल

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इमेज कैप्शन, खेरसॉन प्रांत में काखोव्का बांध के टूटने के बाद का मंज़र, एक घर कुछ इस तरह से पानी में समा गया 
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इमेज कैप्शन, काखोव्का बांध के टूटने से कई इलाकों में भरा पानी, लोग नावों से घर छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. 
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इमेज कैप्शन, लोग अपने जानवरों को भी सुरक्षित इलाकों की ओर ले जा रहे हैं. 
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इमेज कैप्शन, काखोव्का बांध के टूटने के बाद कई गांव हुए जलमग्न, हज़ारों लोग ख़तरे में, कई और इलाकों के डूबने की आशंका 
इमेज कैप्शन, यूक्रेन के खेरसॉन प्रांत में निप्रो नदी पर बना है काखोव्का बांध, ये इलाका फ़िलहाल रूस के कब्ज़े में है. 
इमेज कैप्शन, काखोव्का समेत निप्रो नदी पर कुल छह बांध बने हैं. कांग्रेस सरकार मोरल पुलिसिंग रोकने के लिए बनाएगी पुलिस के भीतर एक फ़ोर्स, बीजेपी बोली क़ानून पर भरोसा

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कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि राज्य दक्षिण कर्नाटक ज़िले में मोरल पुलिसिंग को रोकने के लिए विशेष दस्ते का गठन किया जाएगा.
उन्होंने कहा, “दक्षिण कर्नाटक में, विशेष रूप से मंगलुरु में बहुत सारी तथाकथित मोरल पुलिसिंग हो रही है. लोग तंग आ चुके हैं. इसलिए, हम इस मोरल पुलिसिंग को रोकना चाहते हैं और इसके लिए आवश्यक कदम उठाएंगे. इसलिए आज हमने इसके लिए एक पुलिस फ़ोर्स गठित करने का निर्णय लिया है.”
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राज्य के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता बसवराज बोम्मई ने सरकार के इस एलान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा है, “वे अब सत्ता में हैं, उन्हें जो करना है करने दीजिए. आखिरकार, सब कुछ कानून के मुताबिक़ होना चाहिए. इस देश में न्याय व्यवस्था है. मुझे उस सिस्टम पर भरोसा है. जब भी हम सही दिशा में होते हैं तो हमें इन सब बातों के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होती है.”
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यूक्रेन में बांध पर हमले से अफरा तफरी, कई इलाक़े डूबे
ट्रेन दुर्घटना के घायलों से मिलने ओडिशा पहुंचीं ममता बनर्जी ने क्या कहा?

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को कटक के अस्पताल में ओडिशा ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मिलने पहुंचीं.
उन्होंने कहा, "बहुत सारे लोगों की मौत हुई है, सच सबके सामने आना चाहिए."
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और घायलों का मुफ्त में इलाज किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल के 103 शवों की पहचान की गई है और 97 लोगों का इलाज चल रहा है. 31 अभी लापता हैं."
शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे में 275 लोगों की मौत हुई है. घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी कई शवों की शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है.
शवों की शिनाख्त के लिए भुवनेश्वर एम्स में डीएनए टेस्टिंग शुरू की गई है.
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ओडिशा ट्रेन दुर्घटना पर अखिलेश यादव का सवाल, सही आंकड़े क्यों नहीं बता रही सरकार

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ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार को हुए भीषण रेल हादसे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं.
यूपी के लखीमपुरी खीरी में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "ये सरकार कह रही है कि हमारे पास कई इंजन है. मुख्यमंत्री ने कह दिया कि ट्रिपल इंजन. जब से मुख्यमंत्री ने ट्रिपल इंजन बोला, ट्रिपल इंजन उड़ीसा में भिड़ गए या नहीं भिड़ गए."
"इन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार. हमें लगता है कि इन्हें पहले से पता था कि वहां ट्रिपल इंजन भिड़ जाएंगे. कितने लोगों की जान चली गई वहां. अभी भी सही संख्या नहीं बता पा रहे हैं. कहते थे कि ट्रेन में कवच है."
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के भ्रष्टाचार की वजह से ही ट्रेनें आपस में टकराई हैं.
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मृतकों के आंकड़े छिपाने का आरोप पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी लगा चुकी हैं.
रविवार को ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी प्रदीप जेना ने कहा था कि हादसे में 288 नहीं बल्कि 275 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. उन्होंने कहा था कि काउंटिंग के समय एक शव की दो बार गिनती हो गई थी.
वहीं आज उन्होंने संख्या को बदलकर फिर से 288 कर दिया है.
इमरान ख़ान की पार्टी के नेता कुरैशी ने जेल से निकलने के बाद कहा- हिम्मत मत हारिए

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पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के नेता शाह महमूद क़ुरैशी को अदालत के आदेश के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है.
अडियाला जेल से रिहा होने के बाद मीडिया से बात करते हुए क़ुरैशी ने कहा, "मैं उस आंदोलन का हिस्सा हूं जो वास्तव में स्वतंत्र और स्वशासित पाकिस्तान देखना चाहता है. मैं पीटीआई की लड़ाई के साथ हूं."
शाह महमूद कुरैशी ने कहा, “मैं पीटीआई कार्यकर्ताओं से कहता हूं कि न्याय का झंडा अभी भी मेरे हाथ में है.”
क़ुरैशी ने समर्थकों से कहा, "किसी दबाव में मत आइएगा, अल्लाह हमारी हिफ़ाज़त करेगा. मैं तहरीक़-ए-इंसाफ़ के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं,यह इम्तिहान की घड़ी है, हिम्मत मत हारिए.”
नौ मई की घटनाएं
पिछले महीने एक केस में इमरान ख़ान को इस्लामाबाद की एक अदालत से गिरफ़्तार कर लिया गया था.
उसके बाद उनकी पार्टी के समर्थकों ने नौ मई को पाकिस्तान के कई हिस्सों में हिंसा की थी.
इसी दौरान पाकिस्तानी सेना के कई अड्डों में प्रदर्शनकारी घुस गए थे.
इमरान ख़ान की पार्टी के कार्यकर्ता लाहौर में सेना के कोर कमांडर के घर में भी घुस गए थे और वहां खूब तोड़ फोड़ मचाई थी.
इसके बाद पीटीआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को जेल में डाला गया.
सेना के ठिकानों पर हमलों के बाद पीटीआई के कई नेताओं ने इमरान ख़ान का साथ छोड़ दिया था.
शाह महमूद क़ुरैशी पार्टी के उन चंद नेताओं में शामिल हैं जो अब भी इमरान ख़ान के साथ खड़े हैं.
क्या सचिन पायलट बना रहे हैं अपनी पार्टी? प्रदेश प्रभारी रंधावा ने क्या कहा,

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राजस्थान में चर्चा है कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट जल्द ही नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं.
इन चर्चाओं के बीच मंगलवार को जयपुर पहुंचे राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पायलट की नई पार्टी बनाने से जुड़े एक सवाल पर कहा, "ऐसी कोई बात नहीं है. ना ही उनका पहले मन था और ना ही अब है."
रंधावा ने कहा, "दिल्ली में हुई बैठक में गहलोत-पायलट के बीच 90 फीसदी विवाद उस दिन ही ख़त्म हो गया था और दोनों के बीच सुलह हो गई थी. पायलट के नई पार्टी बनाने की अटकलें केवल मीडिया में चल रही है ऐसा कुछ भी हक़ीकत में नहीं है."
"दोनों नेताओं के बीच फॉर्मूला बन गया है और वह उनको पता है. बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल को जो कहना था वह उन्होंने बाहर आकर कह दिया था."
रंधावा ने ये भी कहा, "हर नेता को उनके क़द के मुताबिक जिम्मेदारी दी जाएगी और आने वाले दिनों में मैं मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करूंगा."
कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि सचिन पायलट नई पार्टी बनाने की घोषणा कर सकते हैं. कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने पिछले हफ्ते पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ बैठक की थी, लेकिन राजस्थान के दोनों नेताओं के बीच मुख्य मुद्दों पर कोई समाधान नहीं निकल सका.
तारीख़ 6 जून और दिन मंगलवार. ये बीबीसी हिन्दी का पॉडकास्ट दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बर
पॉडकास्ट में आज बात- दक्षिणी यूक्रेन में रूस के कब्ज़े वाले इलाके में बांध पर हमले से अफरा-तफरी,कई इलाक़े डूबे,यूक्रेन ने रुस पर लगाया बांध को उड़ाने का आरोप.
रूस ने किया खंडन. कहा- यूक्रेन ने ही इसे अंजाम दिया. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि हर देश, संसद और अंतर्राष्ट्रीय संगठन रूस को घोषित करे आतंकवादी देश.
छत्तीसगढ़ में लगी है बीजेपी और कांग्रेस के बीच 'ज़्यादा हिंदू' दिखने की होड़.
सुनें पूरा पॉडकास्ट सुमिरनप्रीत कौर और मोहनलाल शर्मा से.
जम्मू-कश्मीर में चुनाव को लेकर क्या बोले उमर अब्दुल्ला

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नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव यहां के लोगों का हक़ है और इसके लिए हम घुटने टेक कर भीख नहीं मांगेंगे.
उन्होंने कहा, “चुनाव जम्मू-कश्मीर के लोगों का हक़ है, अगर ये लोग (केंद्र सरकार) हमारा हक़ छीनना चाहते हैं, हमारा हक़ छीन कर अगर उन्हें तसल्ली मिलती है तो करें. हमारा भी आत्मसम्मान है और हम इनके सामने घुटने नहीं टेकेंगे."
"हम चुनाव आयोग से सुनना चाहते हैं, क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये नहीं कहा है कि यहां खालीपन है जिसे ख़त्म करने की ज़रूरत है. तो आखिर वो लोग ये खालीपन खत्म क्यों नहीं कर रहे हैं, क्या मजबूरी है उनकी जो वो यहां चुनाव में देरी करा रहे हैं. साफ़ क्यों नहीं कहते कि हमारे ऊपर दबाव है और हम चुनाव नहीं करा सकते.”
“एक तरफ़ चुनाव आयोग कहता है कि यहां खालीपन है और दूसरी ओर वो इसे भरना भी नहीं चाहते.”
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साल 2018 में तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर की विधानसभा को भंग कर दिया गया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाला अनुच्छेद 370 हटा दिया था और राज्य को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया था.
तब से अब तक यहां विधानसभा के चुनाव नहीं हुए हैं और यहां उप राज्यपाल कार्यालय ही कामकाज चला रहा है.
रेल हादसा: मृतकों की संख्या में फिर बदलाव, ममता बनर्जी ने कहा- सही आंकड़े छुपाए जा रहे,

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ओडिशा सरकार ने बालेश्वर ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या 288 बताई है. आज एक प्रेस ब्रीफिंग में चीफ़ सेक्रेटरी प्रदीप जेना ने कहा कि मृतकों की संख्या 288 है.
इससे पहले जेना ने बताया था कि मृतकों की संख्या 288 नहीं 275 है. अब सरकार दोबारा आंकड़े को बदलते हुए 288 बता रही है.
288 में से अब तक 205 मृतकों की पहचान हो चुकी है. बाकी 83 शवों की पहचान नहीं हो सकी है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ओडिशा दौरे पर हैं. आज उन्होंने कहा की पश्चिम बंगाल के 31 लोग अभी भी लापता हैं. ममता लगातार यह कह रही हैं कि मृतकों की सही संख्या को छुपाया जा रहा है.
एम्स भुवनेश्वर के अलावा अन्य अस्पतालों में परिजनों से पहचान करवाने के लिए शवों रखा गया है. डिकम्पोज़्ड शवों की पहचान करने के लिए डीएनए टेस्ट किया जा रहा है.

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भुवनेश्वर नगर निगम के कमिश्नर विजय अमृत कुलांगे ने बीबीसी को बताया कि कल रात से डीएनए टेस्टिंग शुरू की गई है. उन शवों की टेस्टिंग पहले की जा रही है जिनकी क्रॉस आइडेंटिफिकेशन हो रही है. ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं जहां एक शव के एक से अधिक दावेदार हैं.
कुलांगे ने बताया कि पहचान ना हो पाने वाले शवों को अगले दस दिनों तक हॉस्पिटल में रखा जाएगा. इन शवों का अंतिम संस्कार या दफ़नाने में सरकार जल्दबाज़ी नही करेंगी.
राजस्थान में ईडी की कार्रवाई पर सीएम गहलोत ने उठाए सवाल,

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राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा (रीट) पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी जारी है.
ईडी की टीमें जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, जालौर, डूंगरपुर समेत राज्य में क़रीब 30 जगह कार्रवाई कर रही हैं. शिक्षक भर्ती के साथ ही राज्य में लीक हुए अन्य भर्ती परीक्षा पेपर को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है.
राजस्थान में रीट पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अपनी जांच में भी तक सौ से ज़्यादा अभियुक्त गिरफ्तार किए हैं और डेढ़ करोड़ से ज़्यादा कैश भी बरामद किया है.
लेकिन, अब ईडी की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल खड़े किए हैं.
सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा, "सीबीआई और इनकम टैक्स वाले राजस्थान में घुसने को बेताब है. जब एसीबी अपना काम कर रही है तो केंद्रीय एजेंसियां क्यों दखल दे रही हैं."
उन्होंने कहा, "ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई की साख देश में सबसे ज़्यादा बनी रहनी चाहिए, उन्हें उच्चाधिकारियों के दबाव में नहीं आना चाहिए."
राजस्थान लोक सेवा आयोग सदस्य बाबू लाल कटारा, पेपर लीक के मास्टरमाइंड माने जा रहे सुरेश ढाका, सुरेश बिश्नोई समेत कई अभियुक्तों के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है.
ईडी की टीमों ने इस कार्रवाई के दौरान अभियुक्तों के परिजनों से भी पूछताछ की है. पैसों के लेनदेन की भी जानकारी जुटाई है. इस मामले से जुड़े कुछ अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बीबीसी से कहा है कि ईडी ने अब तक हुई कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं.
यूक्रेन में बांध पर हमला, विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई

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यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कखोव्का बांध को हुए नुकसान के बाद तत्काल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है.
यूक्रेन ने रूस पर दक्षिणी खेरसोन प्रांत के निप्रो नदी पर मौजूद एक प्रमुख हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर प्लांट के बांध को बम से उड़ाने का आरोप लगाया है.
विदेश मंत्रालय ने इसे आतंकी हमला करार देते हुए कहा कि रूस पर नए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने चाहिए.
हालांकि रूस का कहना है कि यूक्रेन ने जानबूझकर बांध को नुकसान पहुंचाया है.

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खतरे में 16 हजार जिंदगियां
ये बांध रूस के कब्ज़े वाले नोवा कखोव्का शहर में स्थित है. बांध को नुकसान पहुंचने से कम से कम 16 हजार लोगों की जान ख़तरे में है.
अधिकारियों का कहना है कि लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निप्रो नदी में जलस्तर पांच घंटे के अंदर 'गंभीर' हो जाएगा.
जो तस्वीरें सामने आई हैं उनमें तेज़ बहाव के साथ पानी युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़ता दिख रहा है.
मणिपुर: संदिग्ध चरमपंथियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक जवान की मौत, दो घायल

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मणिपुर के सेरो में एक बीएसएफ़ जवान की मौत हो गई है और दो असम राइफल के जवान गंभीर रूप से घायल हैं.
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि जवान की मौत संदिग्ध कुकी चरमपंथियों के साथ मंगलवार को हुई मुठभेड़ में हुई.
अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच काकिंग ज़िले के सेरो इलाके के एक स्कूल में गोलीबारी हुई.
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध कुकी बदमाशों ने शाम करीब चार बजकर 15 मिनट पर सेरो प्रैक्टिकल हाई स्कूल में तैनात बीएसएफ़ के जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान कांस्टेबल रंजीत यादव गोली लगने से घायल हो गए और उन्हें काकिंग के अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
दीमापुर स्थित भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने ट्विटर पर बताया है कि असम राइफल्स के दो घायल जवानों को हवाई मार्ग से मंत्रिपुखरी ले जाया गया है और इलाके में तलाशी अभियान जारी है.
स्पीयर कॉर्प्स ने ट्विटर के ज़रिए बताया कि सुरक्षा बलों ने हमले का आक्रामकता के साथ जवाब दिया.
इससे पहले सोमवार को मणिपुर के पश्चिमी इंफाल ज़िले के कांगचुप क्षेत्र में फिर से हिंसा भड़क गई थी.
दो सशस्त्र समूहों के बीच हुई गोलीबारी में सोमवार सुबह तीन लोगों की मौत हुई थी, वहीं चार अन्य घायल हो गए थे.
देश में अब तक की सबसे बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद, डार्क वेब के ज़रिए चल रहा था नेटवर्क

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मंगलवार को देश में डार्क वेब के ज़रिए चल रहे ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का भंडाफ़ोड़ किया है.
ब्यूरो का कहना है कि इस नेटवर्क से अब तक की सबसे बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद किया गया है.
15 हजार एलएसडी ब्लॉट बरामद किए गए हैं और 6 लोगों की गिरफ़्तारी हुई है.
एलएसडी यानी लीसर्जिक एसिड डैथ्यलामैडएक सिंथेटिक ड्रग है.
एक अधिकारी ने बताया कि नेटवर्क, डार्कनेट में संचालित होता था और भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा था. ये नेटवर्क पोलैंड, नीदरलैंड, अमेरिका और भारत के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था.
एनसीबी के उप महानिदेशक (उत्तरी रेंज) ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि एक ऑपरेशन में एलएसडी के ब्लॉट की ये "अब तक की सबसे बड़ी" बरामदगी है.
इससे पहले कर्नाटक पुलिस ने 2021 में और 2022 में कोलकाता एनसीबी ने 5 हजार ब्लाट जब्त किए थे.
सिंह ने कहा कि एलएसडी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर युवाओं में प्रचलित है और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

क्या है डार्क वेब?
डार्क वेब इंटरनेट का वो कोना है जहां कई सारे ग़ैर क़ानूनी धंधे चलते हैं.
जो इंटरनेट हम इस्तेमाल करते हैं, वो वेब की दुनिया का बहुत छोटा सा हिस्सा है, जिसे सरफ़ेस वेब कहते हैं. इसके नीचे छिपा हुआ इंटरनेट डीप वेब कहलाता है. एक अनुमान के मुताबिक़, इंटरनेट का तक़रीबन 90 फ़ीसदी नेट छिपा हुआ (डीप वेब) है.
डीप वेब में वो हर पेज आता है जिसे आम सर्च इंजन ढूंढ नहीं सकते मसलन यूज़र डेटाबेस, स्टेजिंग स्तर की वेबसाइट, पेमेंट गेटवे वगैरह.
डार्क वेब इसी डीप वेब का वो कोना है जहां हज़ारों वेबसाइट्स गुमनाम रहकर कई तरह के काले बाज़ार चलाती हैं.
यहां कितनी वेबसाइट, कितने डीलर और खरीदार हैं, इसका पता लगाना बेहद मुश्किल है.
कब शुरू हुआ डार्क वेब?
डार्क वेब की शुरुआत 1990 के दशक में अमरीकी सेना ने की थी जिससे वे अपनी ख़ुफ़िया जानकारी शेयर कर सके और कोई उन तक पहुँच न पाए. उनकी रणनीति थी कि उनके संदेश भीड़ की बातचीत में छिप जाएं इसके लिए उन्होंने इसे आम जनता के बीच जारी कर दिया.
डार्क वेब के ज़रिए सायनाइड जैसे ज़हर और ख़तरनाक नशीले सामान की होम डिलीवरी होती है.
पुल गिरने पर बोले तेज प्रताप यादव, 'बीजेपी ने गिराया है'

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बिहार के भागलपुर ज़िले में रविवार को निर्माणाधीन पुल गिरने पर राज्य के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "पुल बीजेपी के लोगों ने गिराया है. हम लोग बना रहे हैं, वो लोग गिरा रहे हैं."
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वहीं दूसरी तरफ़ बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार पुल गिरने की जांच करवा रही है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब पहले भी पुल टूटने की घटना सामने आई थी, उस समय भी आईआईटी रुड़की से जांच करवाई थी.
उन्होंने कहा, "फिर से आईआईटी रुड़की को जांच करने के लिए कहा गया है. रिपोर्ट आने के बाद नए सिरे से पुल का निर्माण करवाया जाएगा और इस मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी."
तेजस्वी यादव ने कहा कि पुल गिरने से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार नहीं पुल बनाने वाली कंपनी करेगी.
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ब्रिटेन का वो हथियार जो यूक्रेन के पक्ष में युद्ध का रुख़ मोड़ सकता है

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ब्रिटिश सरकार ने यूक्रेन को स्टॉर्म शैडो मिसाइलें देने की पुष्टि की है, लेकिन मिसाइलों की संख्या को सार्वजनिक नहीं किया गया है.
'स्टॉर्म शैडो' क्रूज़ मिसाइल की खास बात है कि यह 150 मील दूर तक के लक्ष्य को भेद सकती है. फिलहाल यूक्रेन जो मिसाइलें इस्तेमाल कर रहा है, उनकी मारक क्षमता इन मिसाइलों से तीन गुना कम है.
इन मिसाइलों की मदद से यूक्रेन पहुंच से बाहर रहे रूस के महत्वपूर्ण ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकेगा.
हालांकि सीमित मात्रा में ही इन मिसाइलों की यूक्रेन को आपूर्ति की गई है.
स्टॉर्म शैडो की एक और खासियत यह है कि मिसाइल मजबूत एयरक्राफ्ट हैंगर को भी भेद सकती है. इसका मतलब यह है कि यूक्रेन के कब्ज़े वाले इलाकों में रूसी हवाई ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है.
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ में भूमि युद्ध के सीनियर फेलो बेन बेरी का कहना है कि ये मिसाइलें रूस की एयर डिफेंस को कमजोर कर सकती हैं.
यूक्रेन पहले से अपने एसयू-24 लड़ाकू विमानों को इस मिसाइल से लैस किया है और अब वे सुरक्षित स्थान से किसी भी लक्ष्य पर सर्जिकल स्ट्राइक कर सकेंगे.
यूक्रेन ने रूस पर बमबारी कर बांध उड़ाने का लगाया आरोप, ख़तरे में 16 हज़ार लोगों की जान

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यूक्रेन ने रूस पर देश के दक्षिणी खेरसोन प्रांत में निप्रो नदी पर मौजूद एक प्रमुख हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर प्लांट के बांध को बम से उड़ाने का आरोप लगाया है.
ये बांध रूस के कब्ज़े वाले नोवा कखोव्का शहर में स्थित है. बांध को नुकसान पहुंचने से कम से कम 16 हजार लोगों की जान ख़तरे में है.
अधिकारियों का कहना है कि लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
ख़ेरसोन के क्षेत्रीय प्रमुख ऑलेक्ज़ेंडर प्रोकुडिन ने इस घटना की ओर इशारा करते हुए रूस पर आतंक के एक और कृत्य को अंजाम देने का आरोप लगाया है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने चेतावनी दी है कि निप्रो नदी में जलस्तर पांच घंटे के अंदर 'गंभीर' हो जाएगा.
जो तस्वीरें मौजूद हैं उनमें तेज़ बहाव के साथ पानी युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़ता दिख रहा है.
रूस का कहना है कि इस विनाश के लिए यूक्रेन ख़ुद ज़िम्मेदार है. रूस के अधिकारी ने कहा है कि बमबारी से प्लांट का केवल ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, बांध नहीं.
नमाज़ के लिए बस रोकने के आरोप में बस ड्राइवर और कंडक्टर सस्पेंड

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बरेली से गाज़ियाबाद जा रही यूपी रोडवेज की एक बस के ड्राइवर और कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है.
बस के ड्राइवर और कंडक्टर पर नमाज़ के लिए बस रोकने का आरोप है.
बस के कंडक्टर मोहित यादव ने घटना के बारे में बात करते हुए कहा है कि गाड़ी में ज़्यादा सवारी न होने के कारण हमारी दो सवारियों ने कहा था कि गाड़ी दो मिनट के लिए कहीं रोक देना, हम नमाज़ पढ़ लेंगे. हम राज़ी हो गए.
उन्होंने बताया कि कुछ यात्रियों के पेशाब करने के लिए जब हमने बस रोकी, तभी उन दोनों यात्रियों को नमाज़ पढ़ने के लिए कहा. जितनी देर में दूसरी सवारियों ने पेशाब किया, उतनी देर में उन दोनों ने नमाज़ पढ़ी.
लेकिन घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. इनमें से एक वीडियो में बस के कुछ यात्री ड्राइवर कृष्णपाल सिंह से सवाल-जवाब करते सुनाई दे रहे हैं.
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यात्री पूछ रहे हैं कि ये कोई प्राइवेट बस है? जवाब में ड्राइवर कह रहे हैं कि बस प्राइवेट नहीं है लेकिन कोई अगर रुककर नमाज़ पढ़ना भी चाह रहा है तो क्या हर्ज़ है? यहां कोई हिंदू-मुसलमान की बात नहीं है.
यात्रियों का कहना था कि अगर बस के रुकने से कोई हादसा होता है तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा.
इन्हीं में से किसी एक यात्री ने ट्विटर पर इस घटना की शिकायत करते हुए तस्वीरें पोस्ट की और देखते ही देखते मामले ने तूल पकड़ लिया.
इसी के बाद मामले में बस ड्राइवर और कंडक्टर पर कार्रवाई भी हुई.
बरेली के कार्यालय क्षेत्रीय प्रबंधक अधिकारी दीपक चौधरी का कहना है कि हमारे पास किसी यात्री का फ़ोन आया और उन्होंने हमें बताया कि उनकी बस को नमाज़ के लिए रोक दिया गया है. इस पर हमारे विभाग ने आपत्ति जताई और फिर बस चालक और कंडक्टर के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की गई.
एक महीने में पाकिस्तान सरकार पर कर्ज में 1400 अरब रुपये से अधिक की वृद्धि

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बीते एक महीने में पाकिस्तान के बकाया कर्ज में 1476 अरब रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है.
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के हालिया जारी आंकड़ों के मुताबिक़ अप्रैल के आख़िर तक देश के कुल कर्ज में साल-दल-साल 34.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और ये अब बढ़कर 58.6 ट्रिलियन (1476 अरब रुपये) हो गई है.
इससे पहले 31 मार्च तक यह कर्ज 57 हज़ार 123 अरब रुपये था.
कर्ज में यह बढ़ोतरी 2.6 फीसदी है.
अप्रैल महीने तक पाकिस्तान के कुल सार्वजनिक ऋण का 62.3 प्रतिशत यानी 36.5 ट्रिलियन घरेलू, वहीं 37.6 प्रतिशत यानी 22 ट्रिलियन विदेशी कर्ज है.
गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है पाकिस्तान
आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में विदेशी कर्ज में 49.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं घरेलू कर्ज में 26.4% की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि पाकिस्तान के लिए आईएमएफ कार्यक्रम के निलंबन के कारण महीने-दर-महीने के आधार पर विदेशी कर्ज के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है.
अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने के लिए देश लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से बेलआउट पैकेज की मांग कर रहा है. लेकिन कई महीनों से किए जा रहे प्रयास अब तक असफल साबित हुए हैं.
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले साल अप्रैल में इमरान ख़ान के सत्ता से हटने तक जीडीपी 6 फ़ीसदी थी. जबकि चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 0.6 फ़ीसदी तक रहने का अनुमान है.
