जेपी नड्डा बोले- मोहब्बत की दुकान नहीं नफ़रत का मेगा शॉपिंग मॉल खोल के बैठे हैं राहुल गांधी
राहुल गांधी बीते कई महीनों से कहते आए हैं कि वो नफ़रत के माहौल में मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and कीर्ति दुबे
जेपी नड्डा बोले- मोहब्बत की दुकान नहीं नफ़रत का मेगा शॉपिंग मॉल खोल के बैठे हैं राहुल गांधी
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा एक सभा को संबोधित करते हुए
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा है, “आप मोहब्बत की दुकान नहीं नफ़रत का मेगा शॉपिंग मॉल खोल के बैठे हैं.”
राहुल गांधी बीते कई महीनों से कहते आए हैं कि वो नफ़रत के माहौल में मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं.
हाल ही में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान भी उन्होंने ये बातें कहीं थीं और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो नफ़रत की राजनीति कर रही है.
उसी का जवाब देते हुए दिल्ली में आयोजित एक सभा में जे पी नड्डा ने कहा, “भारत नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. जब जब दुनिया में भारत के नेतृत्व की तारीफ़ होती है, भारत का गौरव होता है तो ना जाने कांग्रेस के युवराज को क्या समस्या होती है."
नड्डा ने आगे कहा, "ये गौरव उनको पचता नहीं है. दुनिया भारत की वैक्सीन ले रही है और आप उस पर सवाल खड़े करते हो. आप सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रश्न खड़ा करते हो. आप हिंदू-मुस्लिम को डिवाइड करने की बात करते हो. और ऊपर से आप कहते हो कि आप मोहब्बत की दुकान चला रहे हैं. आपने मोहब्बत की दुकान नहीं बल्कि नफ़रत का मेगा शॉपिंग मॉल खोल रखा है.”
अभिषेक की पत्नी को विदेश जाने से रोका, ममता ने उठाया केंद्र के कथित अमानवीय रवैए पर सवाल,
इमेज स्रोत, Getty Images
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को विदेश जाते समय पर एयरपोर्ट पर रोकने का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार के अमानवीय रवैए और ईडी की भूमिका पर पर सवाल उठाया है.
सोमवार शाम को पत्रकारों के सवाल पर उनका कहना था, “रुजिरा पंजाबी है. उनकी मां बहुत बीमार हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उनको विदेश यात्रा की अनुमति देते हुए कहा था कि ऐसी स्थिति में उसे ईडी को सूचित करना होगा. उसने काफी पहले ईडी को इसकी सूचना दे दी थी.”
“जांच एजेंसी उसी समय मना कर सकती थी. लेकिन एयरपोर्ट पर रुजिरा को पूछताछ की नोटिस थमा कर पूछताछ के लिए आठ जून को दफ्तर में बुलाना....अमानवीय चीजें हो रही हैं.”
आज सुबह रुजिरा को कोलकाता एयरपोर्ट पर दुबई की उड़ान पकड़ने से रोक दिया गया था.
इमेज स्रोत, SANJAY DAS
इमेज कैप्शन, आज सुबह रुजिरा को कोलकाता एयरपोर्ट पर दुबई की उड़ान पकड़ने से रोक दिया गया था.
इमिग्रेशन अधिकारियों ने ईडी के एक मामले में लुकआउट नोटिस जारी होने की दलील देकर उनको बच्चों के साथ विदेश जाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था. कुछ देर बाद वो घर लौट आईं.
उनको कोयला तस्करी मामले में पूछताछ के लिए आठ जून को ईडी के कोलकाता स्थित दफ्तर में आने को कहा गया है.
इस मामले में ईडी पहले भी रुजिरा और अभिषेक से पूछताछ कर चुकी है.
अब विनेश फोगाट ने कहा पहलवान कमज़ोर नहीं, आंदोलन ख़त्म नहीं हुआ
इमेज स्रोत, Getty Images
विनेश फोगाट ने कहा है कि महिला पहलवान ट्रॉमा से गुज़र रही
हैं लेकिन फर्ज़ी ख़बर बनाने वालों को इसका कोई एहसास नहीं है.
अब से थोड़ी देर पहले उन्होंने ट्वीट किया, “महिला पहलवान किस ट्रॉमा से गुज़र रही हैं इस बात का अहसास भी है फर्जी खबर
फैलाने वालों को? कमज़ोर मीडिया की टांगें हैं जो किसी गुंडे के हंटर के आगे काँपने लगती हैं, महिला पहलवान नहीं.”
इसके बाद उन्होंने आबिद अदीब का एक शेर लिखा-जहाँ पहुँच के क़दम डगमगाए हैं सब के, उसी मक़ाम से अब अपना रास्ता होगा.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
दरअसल, सोमवार को मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि पहलवान अपनी रेलवे की नौकरी पर लौट आए हैं और प्रदर्शन से हट गए हैं.
इसके बाद लेकिन साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने इन दावों का खंडन किया है.
साक्षी ने इन अफ़वाहों पर कहा, “हम आंदोलन से बिलकुल पीछे नहीं हटे हैं, जब तक इंसाफ़ नहीं मिल जाता लड़ाई जारी रहेगी. रही बात रेलवे की तो मैं आंदोलन के साथ-साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही हूं, एक दो दिन से ऑफिस का काम देख रही हूं. मैं साफ़ करना चाहती हूं कि हम इस आंदोलन को आगे कैसे ले जाना है इसकी रणनीति बना रहे हैं.”
इसके अलावा इन पहलवानों ने दावा किया है कि उन्हें कुछ लोग नौकरी ने नाम पर डराने की कोशिश कर रहे हैं.
पहलवानों ने कहा है- “हमारे मेडलों को 15-15 रुपए के बताने वाले अब हमारी नौकरी के पीछे पड़ गये हैं.हमारी ज़िंदगी दांव पर लगी हुई है, उसके आगे नौकरी तो बहुत छोटी चीज़ है.अगर नौकरी इंसाफ़ के रास्ते में बाधा बनती दिखी तो उसको त्याग ने में हम दस सेकेंड का वक्त भी नहीं लगाएंगे. नौकरी का डर मत दिखाइए.”
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने देश में आम चुनावों के बारे में दिया ये बयान
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़
पाकिस्तान की सरकार ने आख़िरकार एलान कर ही दिया कि देश में चुनाव कब होंगे.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार के मुताबिक़ चुनाव में देरी की अटकलों को विराम देते हुए रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने कहा के इस साल अक्टूबर में चुनाव होंगे.
पाकिस्तान लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक मंदी से जूझ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वक़्त पर निष्पक्ष तरीक़े से चुनाव नहीं कराए जाएंगे तब तक हालात बेहतर नहीं होंगेे.
सत्ताधारी गठबंधन की सदस्य पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के को-चेयरमैन आसिफ़ अली ज़रदारी भी पहले कह चुके हैं कि चुनाव को अक्टूबर के आगे टालना बेवक़ूफ़ी होगी.
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीके-इंसाफ़ पार्टी (पीटीआई) ने आशंका जताई थी कि शहबाज़ शरीफ़ सरकार चुनाव में जान बूझकर देरी करवा सकती है.
मौजूदा असेंबली इस साल अगस्त में अपना पांच साल का टर्म पूरा कर रही है और इसके दो महीने के अंदर आम चुनाव करा दिए जाएंगे.
पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक़ असेंबली का कार्यकाल पूरा होने के 60 दिनों के अंदर चुनाव करवाने अनिवार्य होते हैं.
पीटीआई ने पंजाब और ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत की असेंबली भंग कर दी थी.
उसे उम्मीद थी कि इस क़दम से सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी गठबंधन देश के और प्रांतीय असेंबली के चुनाव 90 दिनों के अंदर कराने को बाध्य हो जाएगा.
लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सत्ताधारी गठबंधन और इमरान ख़ान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक़े- इंसाफ़ के बीच चुनाव की तारीख़ों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी.
पाकिस्तान में लंबे समय से राजनीतिक उठापठक जारी है. पिछले महीने भ्रष्टाचार से जुड़े एक केस में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर से हिरासत में ले लिया गया था.
जिसके बाद उनकी पार्टी के समर्थकों ने पूरे देश में जमकर हंगामा मचाया था और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और हिंसा हुई थी जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी.
जिसके बाद इमरान ख़ान पर कई और मामले दर्ज कर लिए गए थे. लेकिन बाद में कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी थी.
इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट, इमरान ख़ान के इशारों पर काम कर रही है.
राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के बीच मुलाकात, क्या हुई बात?
इमेज स्रोत, Getty Images
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी
रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त, स्वतंत्र और नियमों से बंधा हुआ
रखने के लिए भारत-अमेरिका की साझेदारी महत्वपूर्ण है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत क्षमता निर्माण और रणनीतिक
साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अमेरिका के साथ मिलकर काम
करना चाहता है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के
बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा,“हम तेजी
से बदलती दुनिया का सामना कर रहे हैं. हम चीन की धमकियां देख रहे हैं, यूक्रेन
के ख़िलाफ़ रूसा आक्रामक रवैया देख रहे हैं कि कैसे वो एक देश की संप्रभुता छीन
रहा है. हम दुनिया में जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद की चुनौती झेल रहे हैं.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दो सप्ताह पहले अपने दो दिवसीय दौरे के लिए रविवार को नई दिल्ली पहुंचे थे.
अमेरिकी रक्षा सचिव ने इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के महत्व पर ज़ोर दिया.
यह लॉयड ऑस्टिन की भारत की दूसरी यात्रा है. इससे पहले मार्च 2021 में भी वे भारत आए थे.
पीएम मोदी की 'ज़िद' के कारण बीजेपी कर्नाटक और हिमाचल के चुनावों में हारी: अशोक गहलोत
इमेज स्रोत, Getty Images
कर्नाटक
और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
गहलोत का कहना है कि
बीजेपी को पीएम मोदी की 'ज़िद' के कारण हार मिली और बीजेपी आने वाले चुनावों में भी
हारेगी.
सीएम
गहलोत जयपुर में 'लाभार्थी उत्सव' में हिस्सा लेने पहुंचे थे और यहां उन्होंने राज्य सरकार की
कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बोलते हुए ये बात कही.
गहलोत
ने कहा, ''भारतीय जनता पार्टी को हालिया
विधानसभा चुनावों (हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक) में प्रधानमंत्री के ज़िद्दी स्वभाव की वजह से हार का सामना करना पड़ा. लोकतंत्र में ज़िद के लिए कोई जगह नहीं है.''
गहलोत
ने कहा कि मोदी को हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन सीएम ने सरकारी कर्मचारियों
के लिए पुरानी पेंशन स्कीम अपनाने की सलाह दी थी, लेकिन वो अपनी ज़िद पर अड़े रहे.
बीजेपी
को निशाना बनाते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान के विकास कार्यों को देखते हुए
विपक्ष के पास सरकार के ख़िलाफ़ बोलने को कुछ बचा नहीं है.
दिनभर: रेल हादसों की जांच का नतीजा क्या?, सुनिए दिनभर मोहनलाल शर्मा और प्रेरणा के साथ
रेल मंत्री ने कहा प्रभावित इलाके में रेल सेवाएं बहाल, लगभग 50 ट्रेनें इलाके से गुज़री
इमेज स्रोत, Getty Images
रेलमंत्री
अश्वनी वैष्णव ने कहा है कि ओडिशा के प्रभावित क्षेत्र को सामान्य करने की कोशिश
की जा रही है.
इस इलाके से लगभग 50 ट्रेनें गुज़री हैं और रेलवे के अधिकारी पीड़ित
परिवारों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने समाचार
एजेंसी एएनआई से कहा, “बीती रात प्रभावित क्षेत्र को रिस्टोर
किया गया है और संचालन को सामान्य किया जा रहा है. इसके बाद अब तक प्रभावित इलाके
से 40-50 ट्रेन गुज़र चुकी हैं. तेज़ी से संचालन को सामान्य करने की प्रक्रिया
जारी है.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
“आज हमारा फ़ोकस रहा है कि हम पीड़ित परिवार से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड सहित अलग-अलग इलाकों में परिवारों तक रेलवे के अधिकारी पहुंच रहे हैं. मैं पीड़ित परिवारों से अपील करता हूं कि आपको जो भी सुविधा चाहिए वो दिए गए हेल्पलाइन पर कॉल करके हमें बताइए.”
ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम करीब सात बजे भीषण ट्रेन हादसा हुआ.
तीन ट्रेनों के चपेट में आने से हुए इस हादसे में मरने वालों की संख्या 233 हो चुकी है,घायलों की संख्या भी 1000 के क़रीब पहुंच गई है.
बजरंग पुनिया ने कहा- लोग हमारी नौकरी के पीछे पड़े हुए हैं
इमेज स्रोत, Getty Images
पहलवान बजरंग पुनिया
ने कहा है कि इंसाफ़ नौकरी से काफ़ी बड़ा है और अगर नौकरी इंसाफ़ के रास्ते में
बाधा बनी तो उसे छोड़ देंगे.
बजरंग पुनिया ने
ट्वीट किया, “हमारे मेडलों को 15-15 रुपए के बताने वाले अब हमारी नौकरी के
पीछे पड़ गये हैं.हमारी ज़िंदगी दांव पर लगी
हुई है, उसके आगे नौकरी तो बहुत छोटी चीज़ है.अगर नौकरी इंसाफ़ के रास्ते में बाधा बनती दिखी तो उसको
त्याग ने में हम दस सेकेंड का वक्त भी नहीं लगाएंगे. नौकरी का डर मत दिखाइए.”
इससे पहले साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने उन ख़बरों का खंडन किया जिसमें दावा
किया जा रहा था कि पहलवानों ने अपनी रेलवे की नौकरी फिर ज्वाइन कर ली है और आंदोलन
से पीछे हट गए हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
बजरंग पुनिया ने कहा, "आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं. ये खबरें हमें नुक़सान पहुँचाने के लिए फैलाई जा रही हैं. हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है. महिला पहलवानों की एफ़आईआर उठाने की खबर भी झूठी है. इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी.”
साक्षी मलिक नेभी इस तरह की ख़बरों का खंडन करते हुए साफ़ किया है कि उन्होंने रेलवे की नौकरी ज्वाइन ज़रूर कर ली है लेकिन वह अब भी आंदोलन का हिस्सा हैं और आगे भी रहेंगी.
कई पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं.
बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है. वे अपने ऊपर लगे आरोपों का लगातार खंडन करते रहे हैं.
रूस का दावा, हमने दोनेत्स्क में यूक्रेन के बड़े हमले को रोका
इमेज स्रोत, Getty Images
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने दोनेत्स्क में यूक्रेन के एक
बड़े हमले को रोका है. दावा है कि
इस हमले में 250 लोगों की मौत हो सकती थी और 16 सैन्य गाड़ियां तबाह हो सकती थीं.
एक
वीडियो के ज़रिए रूस ये दावा कर रहा है, वीडियो में खेतों में खड़ी रूस की सैन्य गाड़ियों में भीषण आग लगी दिखाई दे रही है.
हालांकि रूस के इस दावे की
स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
सोमवार को यूक्रेन की सेना
ने कहा है कि उसे इस तरह के हमले की कोई जानकारी नहीं है.
यूक्रेन की सेना के
प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा है, “हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है और हम इस तरह की फ़ेक चीज़ों
पर टिप्पणी नहीं करते. ”
यूक्रेन के जवाबी हमले का कई महीनों से अनुमान लगाया जा रहा था हालांकि यूक्रेन ने पहले ही कहा था कि वह अपने
हमले तेज़ करने से पहले चेतावनी नहीं देगा.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने
कहा कि यूक्रेन ने रविवार को दोनेत्स्क क्षेत्र में छह मशीन और दो टैंक बटालियनों
के ज़रिए "बड़े पैमाने पर हमले" किए हैं.
अगर भारी गोलाबारी की चपेट
में आने वाले बख्तरबंद वाहनों के ये फुटेज प्रामाणिक हैं, तो इससे साफ़ है कि यूक्रेन की सेना को आने वाले समय में कड़े
प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा.
और अगर ये वीडियो और दावा
सच्चा नहीं है तो ये रूस की ओर से नैरेटिव को काबू में करने की कोशिश है.
मल्लिकार्जुन खड़गे का पीएम मोदी को पत्र, ट्रेन हादसे को लेकर कही ये बात
इमेज स्रोत, ANI
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बालासोर रेल हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.
खड़गे ने इस पत्र में रेलवे के खाली पद, लोको पायलट पर वर्कलोड, पटरियों के रखरखाव और 'कवच' प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
खड़गे ने लिखा, ''वर्तमान में भारतीय रेलवे में लगभग 3 लाख पद खाली हैं. दुर्घटना वाले ईस्ट कोस्ट रेलवे में लगभग 8 हजार 278 पद खाली हैं. 90 के दशक में रेलवे में 18 लाख कर्मचारी थे, जिनकी संख्या घटकर अब 12 लाख बची है.”
“इनमें से 3.18 लाख कर्मचारी ठेके पर हैं. खाली पड़े पद एससी/एसटी/ओबीसी और ईडब्ल्यूएस की सुनिश्चित नौकरियों पर खतरा पैदा करते हैं. पिछले नौ सालों में इन खाली पदों को क्यों नहीं भरा गया?''
कैग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए खड़गे ने सवाल पूछा, ''कैग (CAG) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि कैसे 2017-18 से 2020-21 के बीच दस में से सात रेल हादसे ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण हुए हैं, लेकिन इसे नज़रअंदाज कर दिया गया.”
“2017 से 2021 के बीच ईस्ट कोस्ट रेलवे में रेलवे ट्रैक की एक भी टेस्टिंग नहीं हुई थी. इन गंभीर खतरों को अनदेखा क्यों किया गया था?''
रेल मंत्री को लेकर खड़गे ने लिखा, ''दुर्भाग्य से, आप और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जैसे जिम्मेदार लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि समस्याएं हैं. रेल मंत्री का दावा है कि उन्हें समस्या के कारण का पता लगा गया है लेकिन फिर भी सीबीआई से जांच की गुहार लगा रहे हैं.”
“सीबीआई का काम क्राइम से जुड़े मामलों की जांच करना है न कि रेल हादसों की. सीबीआई या दूसरी कोई जांच एजेंसी टेक्निकल, संस्थागत और राजनीतिक विफलताओं की ज़िम्मेदारी तय नहीं कर सकती है.''
पत्र के आख़िर में खड़गे लिखते हैं कि ओडिशा में हुई ट्रेन दुर्घटना हम सबके लिए आंख खोलने वाली है. अब सुरक्षा को लेकर रेल मंत्री के सारे दावों की पोल खुल चुकी है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
साक्षी मलिक ने कहा अमित शाह से हुई मुलाक़ात, बातचीत के बारे में दी ये जानकारी
इमेज स्रोत, Getty Images
साक्षी मलिक ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह से बाकी पहलवानों के साथ उनकी
मुलाकात हुई लेकिन इस बातचीत में कोई निष्कर्ष नहीं निकला.
मलिक ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “हम इस लड़ाई से ना पीछे हटे हैं
और ना पीछे हटेंगे, इंसाफ़ मिलने तक ये लड़ाई जारी रहेगी. गृहमंत्री अमित शाह से हमारी
मुलाकात हुई, हमने बातचीत की लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला. हमारी यही मांग थी कि
अभियुक्त पर गंभीर आरोप लगे हैं और उसे गिरफ़्तार किया जाए.”
“हमारी सिर्फ़ बात हुई है लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ.
मैं, विनेश और बजरंग तीनों एक हैं और जब तक इस आंदोलन में इंसाफ़ नहीं मिल जाता तब तक एक
ही रहेंगे.”
मीडिया रिपोर्ट्स में सोमवार को दावा
किया जा रहा था कि पहलवान अपनी रेलवे की नौकरी पर लौट आए हैं और प्रदर्शन से हट गए
हैं.
लेकिन साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने इन दावों का खंडन किया है.
साक्षी ने इन अफ़वाहों पर कहा, “हम आंदोलन से बिलकुल पीछे
नहीं हटे हैं, जब तक इंसाफ़ नहीं मिल जाता लड़ाई जारी रहेगी. रही बात रेलवे की तो
मैं आंदोलन के साथ-साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही हूं, एक दो दिन से ऑफिस का काम
देख रही हूं. मैं साफ़ करना चाहती हूं कि हम इस आंदोलन को आगे कैसे ले जाना है
इसकी रणनीति बना रहे हैं.”
“रही बात रेलवे की तो मैं ओएसडी-1 हूं और अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही हूं. जब तक हम आगे की रणनीति बना रहे हैं तब तक मैं यहां अपना काम देख रही हूं.”
साक्षी ने बताया, “ ये ख़बर झूठी है कि एक नाबालिग लड़की ने अपना बयान वापस लिया है. ये हमारे आंदोलन को कमज़ोर करने की कोशिश हो रही है, आम जनता को हमारे आंदोलन से दूर करने के लिए ये ख़बरें चलाई गई हैं.”
मुख़्तार अंसारी को हत्या के एक मामले में उम्र क़ैद
इमेज स्रोत, ANI
उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी को वाराणसी की एक अदालत ने उम्र क़ैद की सज़ा
सुनाई है.
मुख़्तार अंसारी को ये सज़ा 1991 के अवधेश राय हत्याकांड मामले में
सुनाई गई है.
अवधेश राय कांग्रेस नेता अजय राय के भाई थे. अवधेश राय की हत्या तीन अगस्त 1991 को हुई थी.
तब अवधेश राय अपने
छोटे भाई और वर्तमान कांग्रेस नेता अजय राय के घर के बाहर खड़े थे.
उसी समय उन पर हमला हुआ था. अवधेश राय पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई गईं. उन्हें पास के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
मुख़्तार अंसारी बीते लगभग ढाई साल से यूपी की बांदा जेल में बंद हैं.
मुख़्तार अंसारी पूर्वांचल की अपराध की दुनिया का जाना-माना नाम है. उन पर 60 से ज़्यादा हत्या के मामले दर्ज हैं. मुख़्तार अंसारी मऊ सदर से पाँच बार विधायक रह चुके हैं.
साक्षी मलिक, पुनिया ने आंदोलन छोड़ने की ख़बर को बताया ग़लत, कहा- जारी रहेगा सत्याग्रह
इमेज स्रोत, Getty Images
पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने उन ख़बरों को ग़लत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि वे आंदोलन छोड़ कर अपनी रेलवे की नौकरी पर वापस लौट रहे हैं.
एक ट्वीट कर मलिक ने कहा, "ये खबर बिलकुल ग़लत है इंसाफ़ की लड़ाई में ना हम में से कोई पीछे हटा है, ना हटेगा. सत्याग्रह के साथ साथ रेलवे में अपनी ज़िम्मेदारी को साथ निभा रही हूँ. इंसाफ़ मिलने तक."
इससे पहले भारतीय मीडिया में ख़बर चलाई जा रही थी कि साक्षी मलिक अब पहलवानों से आंदोलन से हट गई हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
पहलवान बजरंग पुनिया ने भी प्रदर्शन वापस लेने की खबरों को अफ़वाह बताते हुए कहा है- "आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं. ये खबरें हमें नुक़सान पहुँचाने के लिए फैलाई जा रही हैं. हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है. महिला पहलवानों की एफ़आईआर उठाने की खबर भी झूठी है. इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
दरअसल, मीडिया में ख़बरें चल रही थीं कि साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट जो प्रदर्शन के मुख्य चेहरें हैं- उन्होंने अपनी रेलवे की नौकरी दोबारा ज्वाइन कर ली है. साथ ही दावा किया गया था कि साक्षी मलिक प्रदर्शन छोड़ रही हैं.
इसके बाद अब साक्षी मलिक ने इस तरह की ख़बरों का खंडन करते हुए साफ़ किया है कि उन्होंने रेलवे की नौकरी ज्वाइन ज़रूर कर ली है लेकिन वह अब भी आंदोलन का हिस्सा हैं और आगे भी रहेंगी.
कई पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं.
बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है. वे अपने ऊपर लगे आरोपों का लगातार खंडन करते रहे हैं.
क्रिकेटर यश दयाल ने किया 'इस्लामोफोबिक' पोस्ट, मांगनी पड़ी माफी
इमेज स्रोत, Yashdayal
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में गुजरात टाइटन्स के लिए खेलने वाले क्रिकेटर यश दयाल अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कारण चर्चा में हैं.
यश दयाल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में 'इस्लामोफोबिक' पोस्ट शेयर किया था, जिसे कुछ देर बाद उन्होंने डिलीट कर दिया.
अब क्रिकेटर ने अपनी इस हरकत के लिए माफी मांग ली है. यश दयाल ने माफी मांगते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ''दोस्तो, स्टोरी के लिए माफी चाहता हूं. यह गलती से पोस्ट हो गई थी, कृपया घृणा न फैलाएं. शुक्रिया. मैं हर समुदाय और समाज का सम्मान करता हूं.''
इससे पहले यश दयाल आईपीएल 2023 में केकेआर के खिलाफ हुए मैच के कारण चर्चा में आए थे.
9 अप्रैल 2023 को खेले गए इस मुकाबले में केकेआर के बल्लेबाज रिंकू सिंह ने यश दयाल के आखिरी ओवर में लगातार 5 छक्के लगाए थे.
आखिरी ओवर में केकेआर को मैच जीतने के लिए 29 रनों की जरूरत थी और ये मैच केकेआर ने 3 विकेट से जीता था.
इमेज स्रोत, YASHDAYAL
इमेज कैप्शन, यश दयाल ने माफी मांगी
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी को एयरपोर्ट पर दुबई जाने से रोका,
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी
कोलकाता एयरपोर्ट के इमिग्रेशन अधिकारियों ने सोमवार सुबह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को दुबई जाने से रोक दिया.
वे अपने दोनों बच्चों के साथ दुबई की उड़ान पकड़ने सुबह करीब सात बजे एयरपोर्ट पहुंची थीं, लेकिन उनको उड़ान पकड़ने से रोक दिया गया.
इमीग्रेशन विभाग के सूत्रों ने दावा किया कि ईडी के एक मामले में रुजिरा के नाम लुकआउट नोटिस जारी होने के कारण उनकी विदेश यात्रा पर पाबंदी है.
इमेज स्रोत, BBC/SANJAYDAS
हालांकि दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी के नजदीकी सूत्रों का दावा है कि ईडी के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक और उनकी पत्नी को सुरक्षा देते हुए कहा था कि उनकी विदेश यात्रा पर कोई पाबंदी नहीं है. अब अभिषेक इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं.
इससे पहले कोयला तस्करी मामले में ईडी, अभिषेक और उनकी पत्नी से पूछताछ कर चुकी है. अभिषेक से दिल्ली दफ्तर में पूछताछ की गई थी और रुजिरा से कोलकाता में.
कोलकाता एयरपोर्ट से ही कुछ देर तक अपने वकीलों से बातचीत करने के बाद रुजिरा घर लौट गईं.
ओडिशा ट्रेन दुर्घटना: तीन दिन बाद भी नहीं हो पाई इतने शवों की पहचान,
इमेज स्रोत, Getty Images
ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार को हुई भीषण रेल दुर्घटना में मारे गए 275 लोगों में से अभी तक सिर्फ 170 शवों की शिनाख्त हो पाई है.
ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी प्रदीप जेना के मुताबिक 85 शवों की पहचान बालासोर में और 85 की ही पहचान भुवनेश्वर में की गई है.
उन्होंने कहा कि शवों की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंप दिया गया है.
हादसे में अपनी जान गंवा चुके 105 मृतकों की पहचान करना अभी बाकी है.
रविवार तक सिर्फ 88 मृतकों के शवों की पहचान हो पाई थी. ओडिशा सरकार ने मृतकों की तस्वीर के साथ एक लिस्ट बनाकर तीन सरकारी वेबसाइट पर अपलोड की है.
सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर मृतकों का डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा.
पहचान के बाद परिजन शव को अपने इलाक़े में ले जा सकें इसके लिए ओडिशा सरकार ने निःशुल्क व्यवस्था भी की है. हालांकि इससे पहले शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा.
इमेज स्रोत, BBC/SubratKumarpati
चीफ़ सेक्रेटरी का कहना है कि शव की पहचान के बाद परिजन के मुआवज़ा क्लेम करने में परेशानी न हो और उन्हें मृत्यु सर्टिफ़िकेट मिले इसके लिए भी व्यवस्था की गई है.
अगर मृतकों के परिजन शव का अंतिम संस्कार भुवनेश्वर में करना चाहें तो इसके लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की है.
मुआवज़े का ऐलान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है.
पीएमओ ने प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाने की घोषणा की.
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है.
इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश के मृतकों के परिजन के लिए पांच-पांच लाख रुपये के मुआवज़े का एलान किया है. गंभीर रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी, साथ ही तीन महीनों तक उनकी मदद की जाएगी. जिन्हें कम चोट आई है उन्हें भी 25-25 हज़ार रुपये दिया जाए.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवार के लिए पांच लाख रुपये और घायलों के लिए एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को पांच-पांच लाख और घायलों के लिए एक-एक लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की है.
बिहार में निर्माणाधीन पुल गिरने पर सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, ANI
बिहार के भागलपुर जिले में रविवार को निर्माणाधीन पुल गिरने को राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तकलीफदेह बताया है.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार पहले भी पुल के हिस्से के गिरने का मामला सामने आया था. उस समय भी जांच के आदेश दिए गए थे.
नीतीश कुमार ने बताया कि पुल को बनाने का काम 2014 में शुरू हुआ था. उन्होंने कहा कि पुल में इतनी देर क्यों हो रही है इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है.
उन्होंने कहा, "कल फिर ये यह पुल का हिस्सा गिरा है, मैंने तुरंत विभाग से जाकर जांच करने और एक्शन लेने के लिए कहा है."
"मुझे बहुत तकलीफ हुई है. पुल ठीक नहीं बना रहे थे, तभी तो गिरा है. यह पुल मजबूती से बनना चाहिए था."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
बीजेपी ने उठाए सवाल
बीजेपी नेता और बिहार के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने इस मामले में नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की है.
उन्होंने कहा, "कृपया कर 13 जून 2013 से लेकर 2017 तक और फिर अगस्त 2022 के बाद के किसी भी नदी पुल पर बहुत ही सावधानी पूर्वक चलें. वरना आपकी जान को कभी भी खतरा हो सकता है. खगड़िया पुल जिस तरह से गिरा है, वो साफ बताता है कि नीतीश कुमार जी धृतराष्ट्र बने हुए हैं."
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी इस मामले में नीतीश सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लिखा, "आरजेडी-जेडीयू की पिछली महागठबंधन सरकार के दौरान शिलान्यास हुआ लगभग 1750 करोड़ की लागत से बन रहा खगड़िया-भागलपुर पुल दोबारा भरभरा कर गिर गया. नीतीश-तेजस्वी के साझा भ्रष्टाचार के मिलावटी माल से बन रहा यह पुल इस महामिलावट की सरकार के आकंठ भ्रष्टाचार की कलई खोल रहा है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
हादसे में सिक्योरिटी गार्ड लापता
अंचल अधिकारी चंदन कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि पुल गिरने के बाद एक सिक्योरिटी गार्ड के हताहत होने की ख़बर है, जिनकी खोजबीन की जा रही है.
उन्होंने कहा, "जब तक शव नहीं मिल जाता, तब तक ये कंफ़र्म नहीं किया जा सकता है कि कोई लापता है."
चंदन कुमार का कहना है कि पीड़ित परिवार की तरफ से बताया गया कि वो व्यक्ति पुल के पिलर नंबर 15 पर बाइक लगाकर पिलर नंबर 10 पर काम करने गए थे.
रविवार को निर्माणाधीन अगुआनी-सुल्तानगंज पुल गिरने पर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी जवाब दिया है.
उन्होंने कहा कि पुल के स्ट्रक्चर गिरने की आशंका उन्हें पहले से थी, जो सही साबित हुई है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि पुल गिरने से जो नुक़सान हुआ है, उसका भार राज्य सरकार की जगह पुल बनाने वाले पर आएगा.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
नहीं रहे महाभारत में शकुनि का किरदार निभाने वाले गूफी पेंटल,
इमेज स्रोत, Punit issar
महाभारत में शकुनि मामा का किरदार निभाने वाले गूफी पेंटल का निधन हो गया है.
उनके भतीजे हितेन पेंटल ने बीबीसी से निधन की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया कि आज सुबह 9 बजे उनका निधन हुआ. वे पिछले कुछ दिनों से दिल और किडनी से जुड़ी बीमारियों की समस्या से जूझ रहे थे. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
गूफी पेंटल ने साल 1975 में रफू चक्कर से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.
1980 में उन्होंने कई फिल्मों और टीवी सीरियल में काम किया, लेकिन उन्हें असल पहचान 1988 में बीआर चोपड़ा के बनाई महाभारत से मिली.
शकुनि का रोल निभाने के अलावा गूफी ने 'महाभारत' के लिए कास्टिंग डायरेक्टर और प्रोडक्शन डिज़ाइनर की ज़िम्मेदारी भी निभाई थी.
इमेज स्रोत, BRCHOPRA
'टांग तोड़ दूंगा'
बीबीसी से बातचीत में गूफी पेंटल ने एक मजेदार वाक़या साझा किया था.
"मैं आपको एक मज़ेदार वाक़या बताता हूं. आपको पता ही होगा कि शकुनि का मेरा किरदार लंगड़ा कर चलता था.
जब 'महाभारत' का प्रसारण चल रहा था तो उस वक़्त मुझे रोज़ाना प्रशंसकों से हज़ारों चिट्ठियां मिलती थीं.
ऐसे ही मुझे एक सज्जन की चिट्ठी मिली जिसमें उन्होंने लिखा था, "ओए शकुनि! तूने बड़ा ख़राब काम किया. पांडवों और कौरवों के बीच फूट डाली. जुआ करवाया. द्रौपदी का चीरहरण भी करवाया. यहां तक कि हमारे श्रीकृष्ण भगवान की बात भी नहीं मानी और युद्ध करवा दिया. अगर अगले एपिसोड तक युद्ध बंद नहीं हुआ तो तेरी दूसरी टांग भी तोड़ दूंगा."
'शकुनि! मैं तेरी दूसरी टांग भी तोड़ दूंगा'
ओडिशा के बरगढ़ में पटरी से उतरी मालगाड़ी,
इमेज स्रोत, BBC/SUBRATKUMARPATI
ओडिशा के बरगढ़ में एक बार फिर से मालगाड़ी के पटरी से उतरने की खबर सामने आई है.
यह मालगाड़ी बरगढ़ जिले में मेंधापली के पास उतरी है. ट्रेन में प्राइवेट सीमेंट कंपनी का सामान भरा था.
ईस्ट कोस्ट रेलवे का कहना है कि यह हादसा नैरोगेज ट्रैक पर हुआ है. इंजन समेट ट्रैक की देखरेख का काम प्राइवेट सीमेंट कंपनी करती है. इसमें भारतीय रेलवे की कोई भूमिका नहीं है.
शुक्रवार को ही बालासोर में भीषण रेल हादसा हुआ था, जिसमें 275 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.