राजस्थान पुलिस का दावा, जुनैद- नासिर के अपहरण में इस्तेमाल गाड़ी बरामद,

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राजस्थान पुलिस ने दावा किया है कि दो लोगों के अपहरण और हत्या के मामले में इस्तेमाल की गाड़ी बरामद कर ली गई है. ये घटना 16 फरवरी की है.
दो लोगों के शव हरियाणा के भिवानी में जली हुई स्थिति में मिले थे. इनकी पहचान जुनैद और नासिर के रूप में हुई थी.
पुलिस के मुताबिक घटना में इस्तेमाल गाड़ी (स्कॉर्पियो HR 70 D 4177) हरियाणा के जींद से बरामद की गई है.
इस बीच, सीआईडी सीबी के एडीजी दिनेश एम एन बुधवार को जयपुर से भरतपुर पहुंचे और पुलिस को इस मामले की जांच के लिए निर्देश दिए.
पुलिस ने बताया है कि इस मामले की एफआईआर में जिन पांच नामजद अभियुक्तों का ज़िक्र है,
उनकी पहचान कर ली गई है.अन्य तीन लोगों की भी पहचान की गई है.राजस्थान पुलिस ने 17 फरवरी को एक नामजद अभियुक्त रिंकू सैनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था.
कोर्ट ने रिंकू सैनी को पांच दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था.
पुलिस के अनुसार रिंकू सैनी से हुई पूछताछ के आधार पर अब तक इस मामले में आठ लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है.
राजस्थान पुलिस ने घटना को लेकर आठ अभियुक्त की तस्वीरें जारी की हैं.
राजस्थान पुलिस के अनुसार, इस घटना के अभियुक्तों ने फरार होने से पहले जिन लोगों से संपर्क किया था, उनसे भी पूछताछ की जा रही है.
इस मामले में सभी अभियुक्त हरियाणा में अलग-अलग जगह से हैं, जिनकी तलाश में राजस्थान पुलिस की तीन टीमें हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर जांच में जुटी हुई हैं.राजस्थान पुलिस ने अब तक की जांच के आधार पर दावा किया है कि अभियुक्तों ने जुनैद और नासिर का अपहरण किया और उन्हें सफ़ेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी से ले गए थे.पुलिस के अनुसार इस गाड़ी का मूवमेंट फिरोजपुर झिरका से भिवानी और जींद में सामने आया है.
गाड़ी की सीटों पर ख़ून लगा हुआ था.

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पुलिस ने बताया है कि घटना में इस्तेमाल गाड़ी हरियाणा के जींद ज़िले में श्री सोमनाथ गौशाला से बरामद की गई है.
पुलिस ने आशंका जाहिर है कि गाड़ी की सीट पर लगे ख़ून के धब्बे जुनैद और नासिर के होसकते हैं.
फोरेंसिक टीम ने सैंपल लिए हैं, जिन्हें मृतकों के डीएनए से मैच किया जाएगा.
मोनू की तस्वीर नहींउधर, राजस्थान पुलिस ने अभियुक्तों की जो तस्वीरें जारी की हैं, उनमें मानेसर के मोनू की न फ़ोटो है और न ही मोनू का नाम है.जबकि एफआईआर में वो नामजद है और उन्हें ही मुख्य अभियुक्त माना जा रहा था.
सीआईडी सीबी के एडीजी दिनेश एम एन ने इसे लेकर बीबीसी से कहा, "हमारी अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर आठ लोग शामिल पाए गए हैं, उनके नाम और तस्वीर जारी की है.
इनके खिलाफ़ एविडेंस मिले हैं. एफआईआर में जो नाम दर्ज हैं, उनके खिलाफ़ जांच में एविडेंस मिलेंगे तो उनके खिलाफ़ भी कार्रवाई करेंगे."





















