तुर्की-सीरिया भूकंपः मरने वालों की तादाद 37,000 पार, दोगुना हो सकता है आंकड़ा

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अब फ़ोकस मलबे में दबे हुए कुछ लोगों को बचाने के बजाए जो दसियों लाख लोग ज़िंदा बचे हैं उन्हें मदद पहुंचाने पर होगा.

लाइव कवरेज

विकास त्रिवेदी and दिलनवाज़ पाशा

  1. तुर्की-सीरिया भूकंपः मरने वालों की तादाद 37,000 पार, दोगुना हो सकता है आंकड़ा

    मलबे से ज़िंदा निकाली गई एक लड़की

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    तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में मरने वालों की तादाद अब 37,000 को पार कर गई है.

    इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अब फ़ोकस मलबे में दबे हुए कुछ लोगों को बचाने के बजाए जो दसियों लाख लोग ज़िंदा बचे हैं उन्हें मदद पहुंचाने पर होगा.

    संयुक्त राष्ट्र की राहत संस्था यूएन एड के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ ने कहा है कि भूकंप प्रभावित लोगों को रहने की जगह, खाना, स्कूल की व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद मुहैया कराना अब राहत एजेंसियों का फ़ोकस और बचाव कार्य लगभग समाप्त हो गया है.

    अभी भी मलबे के नीचे कुछ लोग दबे हो सकते हैं, भूकंप के सात दिन बाद भी कई लोगों को मलबे के नीचे से ज़िंदा निकाला गया है.

    यूएन एड प्रमुख ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि सीरिया में सरकार के नियंत्रण वाले इलाक़ों से मदद सामग्री विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े तक पहुंचे. अधिकतर बर्बादी विद्रोहियों के इलाक़ों में ही हुई है. इस क्षेत्र में सीमित मदद ही पहुंच पा रही है.

    इसी बीच अमेरिकी सरकार ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से कहा है कि वो विद्रोहियों के इलाक़ों तक अधिक मदद पहुंचने दें.

    वहीं मददगार संस्था द व्हाइट हेलमेट्स का कहना है कि सीरिया के विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़ों में लोग निराश हैं और उन्हें लग रहा है कि दुनिया ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है.

    6 फ़रवरी को तुर्की और सीरिया के सीमावर्ती इलाक़े में भीषण भूकंप आया था. अब तक इस भूकंप की वजह से मरने वालों की तादाद कम से कम सैंतीस हज़ार है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये संख्या दोगुनी हो सकती है.

    अभी भी मलबे के नीचे से कई लोगों के ज़िंदा बचने की हैरतअंगेज़ कहानियां सामने आ रही हैं.

    इसी बीच तुर्की की सरकार ने बताया है कि इमारतों को बनाने में लापरवाही करने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने के आरोप में अब तक 113 लोगों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किए गए हैं.

  2. बाबुल सुप्रियो के सीने में दर्द की शिकायत, अस्पताल में भर्ती,

    पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री बाबुल सुप्रियो

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    पूर्व केंद्रीय मंत्री और फिलहाल पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री बाबुल सुप्रियो को सीने में दर्द की शिकायत के बाद कोलकाता के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है.

    वहां उनके कई तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है.

    महानगर के वुडलैंड अस्पताल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपाली बसु ने बताया कि मंत्री की ईसीजी के अलावा कई अन्य जांच की गई हैं.

    उन्होंने बताया कि एंजियोग्राफी और ईसीजी से मंत्री के दिल की धमनी में सामान्य गड़बड़ी का पता चला है. लेकिन फिलहाल किसी ऑपरेशन की जरूरत नहीं है. उनका इलाज दवा से ही होगा. उनको आज ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.

    अस्पताल की ओर से जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि रविवार से ही उनके सीने में दर्द था और काफी पसीना आ रहा था. इसलिए उन्होंने कोई रिस्क लिए बिना अस्पताल में दाखिल होने का फैसला किया. उनका इलाज डॉ. सरोज मंडल और डॉ. सप्तऋषि बसु की निगरानी में चल रहा है,

  3. इसराइलः संसद के बाहर 70 हज़ार लोग, भीतर 'तानाशाह' और 'देशद्रोही' के नारे

    इसराइल में प्रदर्शन

    इसराइल में न्याय व्यवस्था में बदलाव के लिए लाए जा रहे नए क़ानून के ख़िलाफ़ यरूशलम में संसद भवन के बाहर कम से कम 70 हज़ार लोगों ने प्रदर्शन किया है.

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये बदलाव न्यायपालिका की स्वतंत्रता को ख़तरे में डाल देंगे.

    पूर्व प्रधानमंत्री याइर लेपिड ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नया धुर दक्षिणपंथी गठबंधन इसराइल को एक तानाशाही में बदल देगा.

    संसद के भीतर भी इस विधेयक को लेकर जमकर हंगामा हुआ. इसराइल की संसदीय समिति ने इस विधेयक को पहली समीक्षा के लिए भेज दिया है.

    इस दौरान सांसद आपस में भिड़ गए और ‘तानाशाह’ और ‘देशद्रोही’ के नारे संसद में गूंजने लगे. इस दौरान एक सांसद भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आने लगे.

    प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतनयाहू का कहना है कि न्यायवस्था में ये सुधार न्यायपालिका की अधिक पहुंच को कम करेंगे. नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं जिन्हें वो खारिज करते रहे हैं.

  4. फ़्रांस को पछाड़कर भारत बना स्कॉच व्हिस्की का सबसे बड़ा बाज़ार

    स्कॉच व्हिस्की

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    ताज़ा आकड़ों के मुताबिक भारत फ़्रांस को पछाड़कर स्कॉच व्हिस्की का सबसे बड़ा ख़रीददार बन गया है.

    व्हिस्की बनाने वालों ने भारत में 21.90 करोड़ व्हिस्की बोतलों का निर्यात साल 2022 में किया, ये 2021 के मुक़ाबले 60 प्रतिशत अधिक है.

    ये जानकारी स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन ने दी है.

    हालांकि क़ीमत के मामले में अभी भी अमेरिका सबसे बड़ा ख़रीदार है. अमेरिका ने 1.27 अरब डॉलर क़ीमत की व्हिस्की साल 2022 में आयात की. इस सूची में भारत पांचवें नंबर पर रहा.

    भारत में स्कॉच लंबे समय से रुतबे से जुड़ी रही है लेकिन अभी भी स्कॉच का दुनिया के सबसे बड़े व्हिस्की बाज़ार में हिस्सा सिर्फ़ 2 प्रतिशत ही है.

    भारतीय ग्राहकों के लिए ब्लेंडेड व्हिस्की पहली पसंद रही है. वहीं और अधिक महंगी सिंगल मॉल्ट शराब की मांग भी भारत में बढ़ रही है. इसके पीछे एक वजह सांस्कृतिक बदलाव और भारतीय ग्राहकों की ख़रीद क्षमता का बढ़ना भी है.

    पिछले एक दशक में भारत में स्कॉच व्हिस्की का आयात 200 प्रतिशत तक बढ़ा है. निर्यातक भारतीय बाज़ार को बड़े मौके के रूप में देख रहे हैं.

    भारत आयात होने वाली प्रत्येक व्हिस्की की बोतल पर 150 प्रतिशत कर हासिल करता है. इस वजह से भारतीय बाज़ार में विदेशी व्हिस्की महंगी बिकती है.

    माना जाता है कि इसका फ़ायदा स्थानीय स्तर पर शराब बनाने वालों को मिलता है क्योंकि वो कम कर चुकाते हैं और उनकी शराब बाज़ार में कम क़ीमत पर उपलब्ध होती है.

    स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन का मानना है कि अगर भारत और ब्रिटेन के बीच कारोबारी समझौता होता है और कर कम होते हैं तो भारत के लिए निर्यात और भी बढ़ सकता है.

  5. दिनभर: पूरा दिन-पूरी ख़बर मोहम्मद शाहिद और प्रेरणा के साथ

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  6. राहुल गांधी ने अदानी और पीएम मोदी पर अब क्या कहा?

    वायनाड में भाषण देते राहुल गांधी

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल में अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंचे हैं. यहां उन्होंने सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अदानी का नाम अपने मुंह पर नहीं लाते हैं.

    राहुल गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा और लोकसभा में अपनी बात रखते हैं, लेकिन एक बार भी अदानी का नाम उनके मुंह पर नहीं आता है. इसका मतलब है कि सरकार इस दलदल में बुरी तरह फंसी हुई है. जांच से सरकार क्यों भाग रही है?”

    राहुल गांधी ने क्या कहा पढ़ें …

    • कुछ दिन पहले मैंने संसद में हमारे प्रधानमंत्री और अदानी के रिश्ते के बारे में भाषण दिया था. मैंने बेहद विनम्र और सम्मानजनक तरीक़े से अपनी बात रखी. मैंने किसी भी तरह की ख़राब भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, ना किसी को अपशब्द कहे, मैंने सिर्फ़ कुछ तथ्यों को उठाया.
    • मैंने सिर्फ़ ये बताया कि अदानी किस तरह प्रधानमंत्री के साथ विदेशों की यात्रा करते हैं और उसके तुरंत बाद इन देशों में उन्हें ठेके मिल जाते हैं.
    • मैंने ये दिखाया कि किस तरह एयरपोर्ट पर आने वाला तीस प्रतिशत ट्रैफ़िक अदानी के नियंत्रण में है क्योंकि उनके प्रधानमंत्री के साथ रिश्ते हैं.
    • मैंने ये बताया कि किस तरह नियमों को बदला गया ताकि अदानी को ये एयरपोर्ट मिल सकें. पहले जिन लोगों के पास एयरपोर्ट के संचालन का अनुभव नहीं होता था वो आवेदन नहीं कर सकते थे. लेकिन अदानी को प्रक्रिया में शामिल कराने के लिए नियम बदल दिए गए.
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    • नीति आयोग और अन्य संस्थानों ने इस पर टिप्पणी की और कहा कि उन्हें अनुमति नहीं दी जानी चाहिए लेकिन फिर भी उन्हें अनुमति दी गई.
    • श्रीलंका में एक सार्वजनिक सुनवाई के दौरान एक अधिकारी ने ये कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अदानी को बंदरगाह का ठेका देने के लिए दबाव बनाया था.
    • प्रधानमंत्री के बांग्लादेश जाने के कुछ दिन बाद ही अदानी को बांग्लादेश में बिजली का ठेका मिल जाता है.
    • अदानी और प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और भारत का स्टेट बैंक अदानी को एक खदान प्रोजेक्ट के लिए एक अरब डॉलर का क़र्ज़ दे देती है.
    • मेरे भाषण देने के बाद मेरे भाषण के अधिकतर हिस्से को एडिट कर दिया गया और उसे संसद के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया.
    • दरअसल अदानी और अंबानी का नाम एक साथ लेना प्रधानमंत्री का अपमान मान लिया गया है. लेकिन आप प्रधानमंत्री और उनकी साथ में तस्वीरें इंटरनेट पर देख सकते हैं. प्रधानमंत्री अदानी के जहाज में हंस रहे हैं. जब प्रधानमंत्री किसी देश में होते हैं तो अदानी किसी जादू से वहां पहुंच जाते हैं.
    • मैंने जो कुछ भी कहा था वो सब इंटरनेट पर मौजूद है. आप ये सवाल पूछिए गूगल से और आपको सबकुछ मिल जाएगा.
  7. चीन: अमेरिकी गुब्बारों ने कम से कम 10 बार चीनी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया

    चीनी गुब्बारा

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    चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने पिछले एक साल में 10 से ज़्यादा बार उनके हवाई क्षेत्र में गुब्बारे उड़ाए हैं.

    चीन का यह बयान 4 फरवरी को अमेरिका द्वारा अपने हवाई क्षेत्र के ऊपर एक संदिग्ध जासूसी गुब्बारे को मार गिराए जाने के बाद आया है.

    इसे चीन ने एक नागरिक गुब्बारा बताया था.

    इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए हैं.

    अमेरिका का कहना है कि हाल के दिनों में उसने कई अन्य अज्ञात वस्तुओं को भी मार गिराया है.

    सोमवार को पूछे गए सवाल पर बीजिंग ने कहा कि अमेरिका ने कई बार हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "अमेरिका के लिए अन्य देशों के हवाई क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करना असामान्य नहीं है."

    "पिछले एक साल में ही चीनी अधिकारियों से किसी भी अनुमोदन के बिना अमेरिकी गुब्बारे अवैध रूप से चीन के ऊपर 10 से अधिक बार उड़ाए गए हैं."

    प्रवक्ता ने कहा, " अमेरिकी पक्ष को चीन को बदनाम करने और आरोप लगाने के बजाय थोड़ा आत्म-चिंतन करना चाहिए."

  8. जस्टिस नज़ीर: जजों के पिछले फ़ैसलों और उनके अगले ओहदे को लेकर उठते सवाल

    जस्टिस नज़ीर

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    भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जस्टिस (रिटायर्ड) एस अब्दुल नज़ीर को आंध्र प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया है.

    मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले जस्टिस नज़ीर इसी साल 4 जनवरी को अपने पद से रिटायर हुए हैं.

    सुप्रीम कोर्ट में जज रहते हुए वो कई अहम फैसले देने वाली खंडपीठों में शामिल रहे. नवंबर 2019 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक फैसला देने वाली बेंच में भी जस्टिस नज़ीर शामिल थे.

    इसके अलावा सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले को सही ठहराने वाली बेंच का भी वो हिस्सा थे. सुप्रीम कोर्ट की जिस बेंच ने तीन तलाक़ को अवैध ठहराया था उसमें भी जस्टिस नज़ीर शामिल थे.

  9. नरेगा संघर्ष मोर्चे ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के दावों को ख़ारिज किया, जंतर-मंतर पर धरना

    अगस्त में भी नरेगा मज़दूर दिल्ली में धरने पर बैठे थे
    इमेज कैप्शन, अगस्त में भी नरेगा मज़दूर दिल्ली में धरने पर बैठे थे

    भारत में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले श्रमिक दिल्ली में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं.

    नरेगा संघर्ष मोर्चा ने भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के उन दावों को भी ख़ारिज किया है जिनमें कहा गया था कि नरेगा मज़दूरों को मज़दूरी का भुगतान समय पर किया जाता है.

    इंडियास्पेंड के सवालों का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि इस साल मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़ रुपए का बजट आवंटन पर्याप्त है क्योंकि आमतौर पर काम की मांग को पूरा करने के लिए पूरक धनराशि वर्ष के अंत में उपलब्ध कराई जाती है.

    सरकार ने ये दावा भी किया है कि 7 फ़रवरी 2023 तक के डाटा के मुताबिक 95.5 प्रतिशत काम का भुगतान काम के पंद्रह दिनों के भीतर ही कर दिया जाता है.

    नरेगा संघर्ष मोर्चा ने दावा किया था कि इस योजना के तहत काम की निगरानी करने के लिए बनाया गया ऐप एनएमएमएस तकनीकी ख़ामियों से जूझ रहा है. लेकिन सरकार का कहना है कि एप की तकनीकी खामियों को दूर कर दिया गया है और ये सुचारू रूप से काम कर रहा है.

    सरकार के इन दावों को खारिज करते हुए नरेगा संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि काम की वास्तविक मांग कहीं अधिक है, कई परिवार अधिक मनरेगा कार्य चाहते हैं लेकिन वो आवेदन करना नहीं जानते हैं.

    मोर्चे का कहना है कि नरेगा के तहत काम करने वाले बहुत से मज़दूरों को पता भी नहीं है कि उनके पास आवेदन का अधिकार है.

    किसान मोर्चा ने कहा है कि सरकार का ये दावा भी भ्रामक है कि आवंटित बजट पर्याप्त है. मोर्चे का कहना है, “कम आवटं न और बढ़तेबकायेके इस दुष्चक्र को तोड़नेके लि ए इस वर्ष अधि क बजट आवटं न करना महत्वपर्णू था.”

    मोर्चे का कहना है, “ समय पर मज़दरूी के भगु तान का दावा महज़ एक धोखा है। मंत्रालय यह उल्लेख करनेमेंसावधानी बरतता है कि अधिकांश मामलों में भुगतान केवल 15 दि नों के भीतर "उत्पन्न" होतेहैं, लेकि न यह अच्छी तरह जानता है कि भुगतान आदेश जारी होने के बाद वेतन भुगतान में नियमित रूप से देरी होती है.”

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, हिंडनबर्ग-अदानी मामला: नियामक व्यवस्था की समीक्षा के लिए बनेगी समिति,

    गौतम अदानी

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    हिंडनबर्ग-अदानी मामलें में केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नियामक व्यवस्था की समीक्षा के लिए जांच समिति बनाने को तैयार हो गई है. केंद्र सरकार इस समिति के लिए विशेषज्ञों के नाम सुझाएगी.

    केंद्र सरकार ने भी हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अदानी के शेयरों में आई गिरावट के कारणों की जांच और नियामकों की मौजूदा भूमिका की जांच के लिए समिति के गठन पर सहमति जता दी है.

    हालांकि केंद्र सरकार ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार की तरफ़ से सुझाए गए विशेषज्ञों में से ही समिति का गठन करे.

    सेबी की तरफ से पेश होते हुए महाधिवक्ता तुषार मेहता ने कहा कि सेबी हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुए प्रभावों से निबटने में सक्षम है.

    सिक्यूरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सोमवार को शपथ पत्र देकर कहा है कि वह अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के बाद अदानी के स्टॉक में हुई उठापठक की विस्तृत जांच करेगा.

    पिछले सप्ताह शीर्ष अदालत ने सेबी से कहा था कि वो इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करे.

    इस शपथपत्र में सेबी ने बताया है कि वह पहले से ही हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों की जांच कर रही है.

    नियामक संस्था सेबी ने कहा है, "एक विशिष्ट समूह में इस तरह की असामान्य घटनाओं से निपटना", निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई का विषय था.

    वहीं केंद्र सरकार ने इस बात पर सहमति जताई है कि सुप्रीम कोर्ट निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए समिति का गठन कर सकता है.

    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने केंद्र सरकार से बुधवार तक जवाब मांगा है और सुनवाई की अगली तारीख़ शुक्रवार तय की है.

    वकील मनोहर लाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर अपील की है कि सेबी और केंद्रीय गृह मंत्रालय अदानी पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट की जांच करे और हिंडनबर्ग रिसर्च के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दे.

  11. अरशद मदनी के बयान पर सपा सांसद डॉ. शफ़ीकुर्रहमान बर्क़ क्या बोले

    अरशद मदनी

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    संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. शफ़ीकुर्रहमान बर्क़ ने कहा है कि ओम और अल्लाह अलग-अलग हैं और हम अल्लाह को मानने वाले हैं. डॉ. बर्क़ ने ये भी कहा है कि इस तरह के बयानों से विवाद पैदा होगा.

    संसद के बाहर पत्रकारों ने जब डॉ. बर्क़ से जमीअत उलेमा-ए-हिंद के नेता अरशद मदनी के बयान पर सवाल किया तो डॉ. बर्क़ ने कहा, “जो सारे जहान का मालिक है, रब्बुल आलमीन वो भी उसके मानते होंगे, हम तो बहरहाल अल्लाह को मानते हैं. वो अपने मज़हबी ऐतबार से ओम कहें हम अपने मज़हब के हिसाब से अल्लाह कहें. दोनों अलग-अलग हैं. जिस तरह का बयान मदनी ने दिया है उससे आपस में मतभेद पैदा होगा, देश में एकजुटता के बजाए अफ़रा-तफ़री पैदा होगी.”

    जमीअत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने रविवार को रामलीला मैदान में जमीअत के सम्मेलन के दौरान कहा था कि अल्लाह और ओम एक ही हैं.

    रविवार को सम्मेलन के आखिरी अरशद मदनी नेसभी धर्मों के गुरुओं और संतों के समागम सत्र में मनु-आदम और ओम-अल्लाह की आपस में तुलना कर दी.

    अरशद मदनी ने मंच से कहा, "मैंने बड़े-बड़े धर्मगुरुओं से पूछा कि जब कोई नहीं था, न श्री राम थे, न ब्रह्मा थे, न शिव थे, जब कोई नहीं था, तब सवाल पैदा होता है कि मनु पूजते किसे थे?"

    उन्होंने कहा, "कोई कहता है कि शिव को पूजते थे, लेकिन उनके पास इल्म नहीं है. बहुत कम लोग ये बताते हैं कि जब कुछ नहीं था दुनिया में तो मनु ओम को पूजते थे."

    "तब मैंने पूछा कि ओम कौन है? बहुत से लोगों ने कहा कि ये हवा है, जिसका कोई रूप नहीं है, कोई रंग नहीं है. वो दुनिया में हर जगह है, हवा हर जगह है. उन्होंने आसमान बनाया, उन्होंने ज़मीन बनाई."

    उन्होंने कहा, "मैंने कहा कि अरे बाबा, इन्हीं को तो हम 'अल्लाह' कहते हैं. इन्हीं को तो तुम 'ईश्वर' कहते हो. फ़ारसी बोलने वाले 'ख़ुदा' कहते हैं. अंग्रेज़ी बोलने वाले 'गॉड' कहते हैं. इसका मतलब ये है कि मनु यानी आदम, ओम यानी अल्लाह को पूजते थे. ये हमारे मुल्क की ताक़त है."

    अरशद मदनी, मोहन भागवत के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक हैं.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, विमेन प्रीमियर लीग की नीलामीः किसको मिली कितनी रकम

    इस साल से शुरू हो रही वीमेन प्रीमियर लीग की नीलामी में अब तक भारतीय महिला बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना को सर्वाधिक 3.4 करोड़ की रकम मिली है.

    मंधाना को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू ने 3.4 करोड़ रुपए में ख़रीदा है.

    हरमनप्रीत कौर को मुंबई इंडियंस ने 1.8 करोड़ रुपए में और रेणुका सिंह को आरसीबी ने 1.5 करोड़ रुपए में ख़रीदा.

    वहीं ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी को आरसीबी ने 1.7 करोड़ रुपए में ख़रीदा.

    विमेन प्रीमियर लीग
    स्मृति मंधाना
    महिला प्रीमियर लीग
    महिला लीग
    हरमनप्रीत कौर
    सोफी एक्लेस्टोन
    एलिस पेरी
    महिला प्रीमियर लीग
  13. चीन ने दक्षिण चीन सागर में नाव पर लेज़र हमला कियाः फिलीपींस

    नाव

    इमेज स्रोत, PHILIPPINE COAST GUARD

    फ़िलीपींस ने चीन पर दक्षिण चीन सागर में अपनी नाव पर सैन्य स्तर की लेज़र लाइट से हमला करने के आरोप लगाए हैं.

    फ़िलीपींस का कहना है कि उसकी नाव विवादित दक्षिण चीन सागर में आपूर्ति करने जा रही थी जब उसे भटकाने के लिए चीन ने उस पर लेज़र लाइट चला दी.

    लेज़र लाइट की वजह से फ़िलीपींस के तटरक्षकों की इस नाव के कर्मचारी अस्थायी रूप से अंधे हो गए थे. इस वजह से नाव को वापस लौटना पड़ा.

    ये नाव दक्षिण चीन सागर में सेंकड थॉमस शॉल (समंदर में उभरा रेतीला टीला) पर डूबे हुए फ़िलीपींस के नौसैनिक पोत पर आपूर्ति करने जा रही थी. फ़िलीपींस इस पोत की मौजूदगी के ज़रिए इस जगह पर अपना दावा ठोकता रहा है.

    चीन इससे पहले दक्षिण चीन सागर के अधिकतर हिस्से पर अपना दावा ठोकने के लिए पानी की बौछारों और सायरनों का इस्तेमाल करता रहा है.

    ये घटना 6 जनवरी की है लेकिन इसके बारे में जानकारी सोमवार को ही सार्वजनिक की गई है. फ़िलीपींस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ये समंदर में फ़िलीपींस के संप्रभु अधिकारों का खुला उल्लंघन है.

    फ़िलीपींस का आरोप है कि चीन के जहाज़ ने लेजर लाइट के इस्तेमाल के अलावा फ़िलीपींस के जहाज़ के दाहिनी तरफ़ क़रीब आने की कोशिश भी की और वो सिर्फ़ 137 मीटर दूर था.

    चीन ने फ़िलीपींस के इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    2016 में संयुक्त राष्ट्र के स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने कहा था कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे का कोई ऐतिहासिक आधार नहीं है.

  14. अमेरिकी आसमान में नष्ट किया गया ऑब्जेक्ट क्या है, फ़ौजी जनरल ने दिया जवाब

    अमेरिकी जेट विमान

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बीते रविवार की दोपहर कनाडा की सीमा के नजदीक ह्यूरॉन झील के पास एक फ़्लाइंग ऑब्जेक्ट को गिराने का आदेश दिया था. इसके बाद अमेरिकी वायुसेना ने इसे गिरा दिया.

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस चीज़ को गिराने पर कहा है कि ये ऑब्जेक्ट व्यावसायिक उड़ानों के लिए मुसीबत पैदा कर सकता था क्योंकि यह बीस हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था.

    इस बयान में ये भी सामने आया है कि इस ऑब्जेक्ट को सबसे पहले मोंटाना में सैन्य ठिकानों के ऊपर उड़ते हुए देखा गया था.

    इस महीने में ये चौथा मौका है जब अमेरिकी वायु सेना ने आसमान में उड़ने वाली किसी अनजान चीज़ पर हमला करके उसे गिराया हो.

  15. इसराइल सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

    वेस्ट बैंक

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    इसराइल की सरकार ने वेस्ट बैंक की नौ यहूदी बस्तियों को मान्यता दे दी है. पहले ये बस्तियां अनाधिकृत थीं.

    प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की नई सरकार का इस तरह का ये पहला कदम बताया जा रहा है.

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी सभी बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अवैध मानता है.

    हालांकि, इसराइल इस पर असहमति दर्ज करवाता आया है.

    फ़लस्तीन क्षेत्र के लोग इसराइल के साथ शांति वार्ता में इन बस्तियों को बड़ा रोड़ा मानते हैं.

    फ़लस्तीन क्षेत्र के लोगों की मांग है कि वेस्ट बैंक और ईस्ट येरूशलम से ऐसी बस्तियों को हटाया जाए.

    1967 के मध्यपूर्व युद्ध के बाद से इसराइल ने वेस्ट बैंक और ईस्ट येरूशलम में ऐसी 140 बस्तियां बसाई हैं, जिनमें लगभग छह लाख यहूदी रहते हैं.

  16. पाकिस्तान को क्या तुर्की ने ख़ुद आने से मना कर दिया? भारत की चर्चा क्यों

    अर्दोआन

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    तुर्की में छह फ़रवरी को भयावह भूकंप आया था और सात फ़रवरी को पाकिस्तान की सूचना-प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के तुर्की जाने की घोषणा की थी.

    मरियम औरंगज़ेब ने अपने ट्वीट में कहा था कि प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ आठ फ़रवरी को तुर्की दौरे पर रवाना होंगे और वह भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताएंगे.

    लेकिन शहबाज़ शरीफ़ को जिस दिन जाना था, उसी दिन पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री का तुर्की दौरा स्थगित कर दिया गया है.

    भारत और तुर्की के रिश्ते हाल के वर्षों में तनाव भरे रहे हैं. लेकिन जिस तरह से भारत तुर्की में मदद भेज रहा है, उसकी चर्चा पाकिस्तान में ख़ूब हो रही है और कई पाकिस्तानी इस पर गंभीर चिंता जता रहे हैं.

  17. पाकिस्तान: जाने-माने एक्टर ज़िया मोहिउद्दीन नहीं रहे

    ज़िया मोहिउद्दीन

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    पाकिस्तानी मूल के ब्रितानी अभिनेता ज़िया मोहिउद्दीन नहीं रहे.

    सोमवार सुबह 92 साल की उम्र में ज़िया मोहिउद्दीन ने आख़िरी सांस ली.

    नेशनल एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के सीईओ जुनैद ज़ुबेरी ने ज़िया मोहिउद्दीन के निधन की जानकारी दी.

    पत्रकार अज़हर अब्बास ने बीबीसी को बताया, ''ज़िया मोहिउद्दीन लंबे वक़्त से बीमार थे और सोमवार सुबह छह बजे उनका निधन हो गया. ज़िया मोहिउद्दीन को कराची में दफ़नाया जाएगा.''

    ज़िया मोहिउद्दीन को इंग्लिश और उर्दू शब्दों के सही उच्चारण पर ज़ोर देने के लिए भी याद किया जाएगा.

    ज़िया मोहिउद्दीन का 20 जून 1931 को पाकिस्तान के फ़ैसलाबाद में जन्म हुआ था.

    उन्होंने लंदन की रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रैमेटिक आर्ट से एक्टिंग की ट्रेनिंग ली थी.

    ज़िया मोहिउद्दीन उन चंद पाकिस्तानियों में शामिल हैं, जिन्होंने मुल्क़ से बाहर जाकर थियेटर और फ़िल्मों में काम किया था.

    वो लगभग 67 सालों तक थियेटर और फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे.

    हाल के सालों में ज़िया मोहिउद्दीन के कुछ वीडियो यू-ट्यूब पर नज़र आते रहे हैं. इन वीडियोज़ में वो कहीं उच्चारण तो कहीं मशहूर नाटकों या संवादों को पेश करते दिखे थे.

  18. जेमिमा और ऋचा ने पाकिस्तान पर दिलाई ऐतिहासिक जीत, दिग्गज क्रिकेटर हुए मुरीद

    भारत-पाकिस्तान मैच

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    पाकिस्तान के ख़िलाफ़ रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए मैच में रोमांच चरम पर था जब महिलाओं के टी20 वर्ल्ड कप मुक़ाबले में जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष ने भारत को एक यादगार जीत दिलाई.

    पाकिस्तान ने 149 रन बनाए थे और भारतीय टीम को यह मुक़ाबला जीतने के लिए रिकॉर्ड रन चेज़ करने थे.

    जब भारतीय टीम बल्लेबाज़ी कर रही थी तब मैच के 9वें ओवर के बाद उसे प्रति ओवर 7.72 की औसत से रन बनाने की ज़रूरत थी, लेकिन शेफ़ाली वर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर के आउट होने के बाद 16वें ओवर की समाप्ति पर औसत बढ़ कर 10.25 रन प्रति ओवर तक जा पहुंचा.

    यहीं पर ऋचा और जेमिमा ने वो पारी खेली जिसे आगे याद रखा जाएगा. इस मुकाम पर भारतीय टीम को 24 गेंदों में 41 रन बनाने थे.

    पढ़ें इन दोनों खिलाड़ियों ने कैसे दिलाई एक यादगार जीत.

  19. पीएम मोदी, अदानी पर राहुल गांधी के आरोप: अब क्या बोली बीजेपी-कांग्रेस?

    राहुल गांधी

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    संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गौतम अदानी और पीएम मोदी पर जो टिप्पणी की थी उस मुद्दे पर अब दोनों दल फिर सक्रिय हो गए हैं.

    लोकसभा सचिवालय ने रविवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जवाब मांगा है.

    बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और प्रहलाद जोशी ने इस बाबत विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया था.

    दरअसल ये विवाद लोकसभा में राहुल गांधी की पीएम मोदी और गौतम अदानी की तस्वीरों को दिखाने और सवाल पूछने से जुड़ा है.

    बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने कहा, ''स्पीकर को बिना नोटिस दिए आप प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ ऐसे आरोप नहीं लगा सकते. हमने नोटिस में कहा है कि राहुल गांधी ने जो कहा था, 15 फरवरी तक उससे संबंधित सुबूत स्पीकर को दिखाएं या संसद में माफ़ी मांगें. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो वो अपनी लोकसभा सीट खो बैठेंगे.''

    बीजेपी के इस नोटिस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी टिप्पणी आई है.

    खड़गे ने कहा, ''आज बजट सत्र के पहले चरण का आख़िरी दिन है. हम इस बात की चर्चा करेंगे कि हम अदानी के मुद्दे का समाधान कैसे कर सकते हैं और हमारे अध्यक्ष इस पर क्या करेंगे. हम दूसरे दलों के नेताओं से भी बात करेंगे.''

    खड़गे ने कहा, ''राहुल गांधी ने संसद में जो कहा वो पहले से ही सब जगह है और इसमें कुछ भी असंसदीय नहीं है. तो हम नोटिस का इसी हिसाब से जवाब देंगे.''

  20. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट मैच का वेन्यू क्यों बदला?

    स्टेडियम

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    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट मैच अब धर्मशाला में नहीं, इंदौर में होगा.

    बीसीसीआई ने इस बारे में जानकारी दी है.भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ चल रही है.

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    पहला टेस्ट मैच भारत ने जीता था.

    तीसरा टेस्ट मैच एक से पांच मार्च के बीच धर्मशाला में खेला जाना था, मगर अब इस वेन्यू को बदलकर इंदौर कर दिया गया है.

    बीसीसीआई ने बताया है कि सर्दी के कारण आउटफील्ड में पर्याप्त घास की कमी है, जिसके चलते वेन्यू बदला गया है.