तुर्की-सीरिया भूकंपः मरने वालों की तादाद 37,000 पार, दोगुना हो सकता है आंकड़ा

इमेज स्रोत, EPA
तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में मरने वालों की तादाद अब 37,000 को पार कर गई है.
इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अब फ़ोकस मलबे में दबे हुए कुछ लोगों को बचाने के बजाए जो दसियों लाख लोग ज़िंदा बचे हैं उन्हें मदद पहुंचाने पर होगा.
संयुक्त राष्ट्र की राहत संस्था यूएन एड के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ ने कहा है कि भूकंप प्रभावित लोगों को रहने की जगह, खाना, स्कूल की व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद मुहैया कराना अब राहत एजेंसियों का फ़ोकस और बचाव कार्य लगभग समाप्त हो गया है.
अभी भी मलबे के नीचे कुछ लोग दबे हो सकते हैं, भूकंप के सात दिन बाद भी कई लोगों को मलबे के नीचे से ज़िंदा निकाला गया है.
यूएन एड प्रमुख ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि सीरिया में सरकार के नियंत्रण वाले इलाक़ों से मदद सामग्री विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े तक पहुंचे. अधिकतर बर्बादी विद्रोहियों के इलाक़ों में ही हुई है. इस क्षेत्र में सीमित मदद ही पहुंच पा रही है.
इसी बीच अमेरिकी सरकार ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से कहा है कि वो विद्रोहियों के इलाक़ों तक अधिक मदद पहुंचने दें.
वहीं मददगार संस्था द व्हाइट हेलमेट्स का कहना है कि सीरिया के विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़ों में लोग निराश हैं और उन्हें लग रहा है कि दुनिया ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है.
6 फ़रवरी को तुर्की और सीरिया के सीमावर्ती इलाक़े में भीषण भूकंप आया था. अब तक इस भूकंप की वजह से मरने वालों की तादाद कम से कम सैंतीस हज़ार है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये संख्या दोगुनी हो सकती है.
अभी भी मलबे के नीचे से कई लोगों के ज़िंदा बचने की हैरतअंगेज़ कहानियां सामने आ रही हैं.
इसी बीच तुर्की की सरकार ने बताया है कि इमारतों को बनाने में लापरवाही करने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने के आरोप में अब तक 113 लोगों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किए गए हैं.

























