तवांग में झड़प पर कांग्रेस: मोदी जी अपनी छवि बचाने के लिए देश को ख़तरे में डाल रहे हैं

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कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा है कि मोदी सरकार अपनी राजनीतिक छवि को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और देश को ख़तरे में डाल रही है.
उन्होंने ट्वीट किया, "भारतीय सेना के शौर्य पर हमें गर्व है. सीमा पर चीन की हरकतें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. पिछले दो साल से हम बार-बार सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार केवल अपनी राजनीतिक छवि को बचाने के लिए इस मामले को दबाने में लगी है. इससे चीन का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है."
जयराम रमेश ने लिखा, "देश से बड़ा कोई नहीं है, लेकिन मोदी जी अपनी छवि को बचाने के लिए देश को ख़तरे में डाल रहे हैं. उत्तरी लद्दाख़ में घुसपैठ स्थायी करने की कोशिश में चीन ने डेपसांग में LAC की सीमा में 15-18 किलोमीटर अंदर 200 स्थायी शेल्टर बना दिए, पर सरकार चुप रही.अब यह नया चिंताजनक मामला सामने आया है."
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इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि सरकार ने इतने दिनों तक भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प की जानकारी क्यों नहीं दी.
उन्होंने लिखा, "अरुणाचल प्रदेश से आ रही ख़बरें चिंताजनक हैं. भारत और चीन के सैनिकों के बीच बड़ी झड़प हुई और सरकार ने देश को कई दिनों तक अंधेरे में रखा. जब शीतकालीन सत्र चल रहा है तो संसद को इस बारे में क्यों नहीं बताया गया?"
उन्होंने ये भी कहा कि इस झड़प की जो जानकारी सामने आ रही हैं वो स्पष्ट नहीं हैं.
ओवैसी ने पूछा, "झड़प का कारण क्या था? क्या गोलियां चलीं या फिर ये गलवान की तरह था? उनकी स्थिति क्या थी? कितने सैनिक घायल हुए? संसद चीन को कड़ा संदेश देने के लिए अपने सैनिकों का साथ क्यों नहीं दे सकती?"
ओवैसी ने कहा, "सेना चीन को किसी भी समय मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है. मोदी की अगुवाई में ये कमज़ोर नेतृत्व ही है जिसकी वजह से भारत को चीन के सामने अपमानित होना पड़ रहा है. संसद में इस पर तत्काल चर्चा की ज़रूरत है. मैं कल इस मुद्दे पर संसद में स्थगन प्रस्ताव पेश करूंगा."
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सोमवार को भारतीय सेना ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच नौ दिसंबर को झड़प हुई थी.
भारतीय सेना ने बीबीसी को बताया कि नौ दिसंबर को पीएलए के सैनिक अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में घुसे, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की.
इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को चोट आई हैं.
भारतीय सेना के अनुसार दोनों देशों के सैनिक तत्काल घटनास्थल से पीछे हट गए हैं. झड़प के बाद शांति स्थापित करने के लिए इलाके के कमांडर ने चीनी समकक्ष के साथ फ़्लैग स्तर की वार्ता की.

















