एलएसी पर हालात स्थिर लेकिन अनिश्चितः सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा है कि एलएसी पर हालात “स्थिर लेकिन अनिश्चित” है.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and शुभम किशोर

  1. एलएसी पर हालात स्थिर लेकिन अनिश्चितः सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे

    सेना प्रमुख

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    सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा है कि एलएसी पर हालात “स्थिर लेकिन अनिश्चित” है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक एक कार्यक्रम में बात करते हुए जनरल पांडे ने चीन और भारत की तैयारियों और पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच बातचीत के नतीज़ों के बारे में भी बताया.

    चीन से लगती सीमा से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “अगर एक वाक्य में कहना हो तो कहेंगे कि हालात स्थिर हैं लेकिन अनिश्चित हैं.”

    उन्होंने कहा, “आपको दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सेना के स्तर पर बातचीत के बारे में पता है, इन बातचीत की मदद से हमें सात में से पांच फ्रिक्शन पाइंट का हल निकल गया है. दो और फ्रिक्शन पॉइंट पर हल निकालना है.”

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    उन्होंने कहा कि बातचीत लगातार जारी है और जल्द ही इनका हल भी निकल जाने की उम्मीद है.

    उन्होंने कहा कि चीनी सेना की संख्या में बहुत कमी नहीं आई है, हालांकि कुछ टुकड़ियां जो ट्रेनिंग के लिए आई थीं, ठंड की शुरुआत के साथ उनके कम होने के संकेत मिल रहे हैं.

    चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में उन्होंने कहा कि रोड हेलीपैड और सड़क, ख़ासतौर पर जी 695 सड़क पर काम लगातार चल रहा है.

    “एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट जी-695 सड़क है जो कि एलएसी के साथ बन रही है, इससे उन्हें न सिर्फ सेना को आगे बढ़ाने में बल्कि एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में सेना को भेजने में मदद मिलेगी.”

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    जनरल पांडे ने कहा कि भारतीय सेना अब वहां ठंड की तैयारी कर रहे हैं लेकिन किसी भी हालात से निबटने के लिए उचित संख्या में सेना वहां मौजूद है.

    उन्होंने कहा कि चीन के “लिखे हुए से ज़्यादा उनके एक्शन पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है.”

  2. पीएम मोदी को कभी भगवान बताने वाले डीजी वंजारा अब क्या बोले?

  3. तस्वीरों में: यूक्रेन में सड़कों पर जश्न मनाते लोग

    खेरसोन से रूसी सेना के पीछे हटने के बाद ओडेशा और कीएव से जश्न की तस्वीरें सामने आ रही हैं.

    खेरसोन के लोग जो अब ओडेशा में रह रहे हैं, वो ओडेशा नेशनल एकेडेमिक ओपेरा एंड बैले थियेटर के सामने एक दूसरे से गले मिलते हुए

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    ओडेशा में एक नया दंपति हाथ में यूक्रेन के झंडे को थामे एक दूसरे को किस करते हुए.

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    कीएव के मेडेन स्क्वॉयर पर वाइन के साथ जश्न मनाते लोग.

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    यूक्रेन

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  4. दिल्ली एनसीआर में भूकंप, क़रीब 50 सेकेंड तक महसूस होते रहे झटके, नेपाल में केंद्र

    भूकंप

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    दिल्ली एनसीआर और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए हैं.

    एक हफ़्ते के अंदर ये भूकंप का दूसरा झटका लगा है.

    क़रीब 50 सेकेंड तक लगातार झटके महसूस होते रहे.

    सेंटर ऑफ़ सीसमोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से 212 किलोमीटर दूर,नेपाल में धरती के 10 किलोमीटर अंदर था. नेपाल में इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 थी.

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  5. गुजरात चुनाव: कांग्रेस ने कहा, सत्ता में आए तो नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम बदला जाएगा

    गहलोत

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    कांग्रेस ने शनिवार को गुजरात चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया. इसमें उन्होने कहा कि वो बीजेपी के विवादित फ़ैसलों को पलट देंगे.

    कांग्रेस ने कहा कि वो बिलकिस बानो केस के आरोपियों को रिहा करने के फ़ैसले को पलट देंगे.

    इसके अलावा कांग्रेस ने वादा किया है कि मोटेरा के स्टेडियम का नाम वापस सरदार पटेल के नाम पर रखा जाएगा. अभी इस स्टेडियम को नरेंद्र मोदी स्टोडियम कहते हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक 11 वादों वाले इस घोषणापत्र में किसानों के तीन लाख रुपये तक का कर्ज़ माफ़ करने और पुराने पेंशन स्कीम को वापस लाने के वादे शामिल हैं.

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    घोषणापत्र जारी करते हुए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि अगर कांग्रेस की गुजरात में सरकार बनती है तो ये घोषणापत्र सरकार की पहली कैबिनेट के दस्तावेज़ होगा.

    उन्होंने कहा, “जैसा कि राहुल गांधी ने कहा था कि घोषणापत्र लोगों से पूछ कर बनना चाहिए, हमने उनसे पूछा और 6 लाख से ज़्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया.”

    गुजरात में दो चरणों में चुनाव होने हैं, 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी,

    गुजरात में पिछले 27 सालों से बीजेपी सत्ता में है.

  6. सचिन तेंदुलकर ने कहा, कम स्कोर के कारण हारे मैच

    सचिन

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    पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के मुताबिक भारत के टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में हारने की वजह कम स्कोर था.

    सचिन ने कहा कि एडिलेड के मैदान पर 168 रन को बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता क्योंकि ये मैदान अलग है और साइड बाउंड्री बहुत छोटी हैं.

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि 190 का स्कोर यहां एक अच्छा टोटल होता. एडिलेड में 168 का स्कोर किसी दूसरे मैदान के 150 रन के बराबर.”

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    उन्होंने कहा कि भारत की बोलिंग भी बहुत अच्छी नहीं रही, लेकिन टीम को सिर्फ़ एक परफ़ॉर्मेंस के आधार पर नहीं जज करना चाहिए.

    उन्होंने कहा, “हम टी-20 की नंबर एक टीम रह चुके हैं, और नंबर एक तक रातोंरात नहीं पहुंचा जा सकता है, और इसी टीम ने किया है. खिलाड़ी भी जीतने के लिए खेलते हैं, लेकिन हार और जीत लगी रहती है.”

  7. जलवायु परिवर्तन के इन चौंकाने वाले नतीजों के बारे में क्या आप जानते हैं?

  8. इरफ़ान पठान का ट्वीट चर्चा में, क्या कहा पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ से

    इरफ़ान

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    ट्विटर पर इरफ़ान पठान का एक ट्वीट चर्चा में हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक ट्वीट कर उन्होंने लिखा कि उनका ध्यान अपने देश को बेहतर बनाने पर नहीं है.

    शरीफ़ ने ट्वीट कर लिखा, “इस रविवार को 150/0 बनाम 170/0 के बीच मुक़ाबला है.”

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    शरीफ़ के इस ट्वीट में ये लिखा गया था कि भारतीय टीम को जिन दो टीमों ने 10 विकेट से हराया उनके बीच रविवार को फ़ाइनल का मुक़ाबला होगा.

    भारत के ख़िलाफ़ पिछले टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत को 152/0 का स्कोर बना कर हराया था, तो बीते गुरुवार को इंग्लैंड ने 170/0 का स्कोर बनाया और भारत से जीत कर फ़ाइनल में पहुंचे.

    इरफ़ान पठान ने शहबाज़ शरीफ़ के इसी ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, “आपमें और हममें फ़र्क है. हम अपनी खुशी से खुश हैं और आप दूसरे की तकलीफ़ से. इसलिए ख़ुद के मुल्क को बेहतर करने पर ध्यान नहीं है.”

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    इससे पहले इरफ़ान पठान ने लिखा था, “पड़ोसियों जीत आती जाती रहती है, लेकिन ‘ग्रेस’ आपके बस की बात नहीं है.”

    इस पर पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी शोएब अख़्तर ने लिखा था, “अरे क्या हो गया. किसी ने कुछ कहा है तो मुझे बताओ, मैं डांटूंगा. प्रॉमिस.”

    इरफ़ान के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर कई लोग उनके समर्थन और कई लोग विरोध में लिख रहे हैं. इसी के साथ इरफ़ान पठान ट्विटर पर ट्रेंड भी करने लगे.

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  9. खेरसोन से पीछे हटने के फ़ैसले पर रूस में क्या है प्रतिक्रिया?

  10. हिमाचल प्रदेश: तीन बजे तक 55.65 फ़ीसदी मतदान

    Himachal Pradesh Election 2022

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    हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए आज मतदान हो रहा है.

    चुनाव आयोग के मुताबिक दोपहर तीन बजे तक 55.65 फ़ीसदी मत डाले गए हैं.

    इस बार विधानसभा चुनाव में कुल 412 उम्मीदवार मैदान में हैं.

    वहीं प्रदेश में 55 लाख से अधिक मतदाता हैं.

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  11. गुजरात चुनाव: कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र, लोन माफ़ी और पुराने पेंशन स्कीम का किया वादा

    अशोक गहलोत

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    कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को गुजरात चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक 11 वादों वालें इस घोषणापत्र में किसानों के तीन लाख का लोन माफ़ करने और पुराने पेंशन स्कीम को वापस लाने के वादे शामिल हैं.

    घोषणापत्र जारी करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है तो ये घोषणापत्र सरकार की पहली कैबिनेट के दस्तावेज होगा.

    उन्होंने कहा, “जैसा कि राहुल गांधी ने कहा था कि घोषणापत्र लोगों से पूछ कर बनना चाहिए, हमने उनसे पूछा और 6 लाख से ज़्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा लिया.”

    गुजरात में दो चरणों में चुनाव होने हैं, 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी,

    गुजरात में पिछले 27 सालों से बीजेपी सत्ता में है.

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  12. यूक्रेन में खेरसोन की सड़कों पर जश्न, विदेश मंंत्री ने कहा- हम जंग जीत रहे हैं

    यूक्रेन, खेरसोन

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    खेरसोन से रूसी सैनिकों के पीछे हटने के बाद वहां यूक्रेनी सैनिकों का ज़ोरशोर से स्वागत किया गया.

    वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थानीय लोग झंडों के साथ सड़कों पर उतरे और सैनिकों का स्वागत किया. कुछ लोग देशभक्ति गीत गाते भी देखे गए.

    यूक्रेन के विदेश मंत्री डिमित्रो कुलेबा जो आसियान समिट के लिए कंबोडिया में हैं, उन्होंने कहा है कि खेरसोन से रूस का पीछे हटना दिखा रहा है कि वो इस जंग में हार जाएंगे.

    उन्होंने कहा, “हम एक और जंग जीत गए हैं, हम आपको याद दिलाना चाहते हैं कि जंग की शुरुआत के बाद पहले हमने कीएव जीता, फिर उत्तर-पूर्व से रूस को पीछे हटने के लिए मजबूर किया, खारकीएव में जीत हासिल की और अब खेरसोन में उनकी हार हुई है.”

    उन्होंने कहा, “हम जंग जीत रहे हैं लेकिन लड़ाई जारी रहेगी. यूक्रेन में आत्मविश्वास भरा हुआ है, हमारी सेना हमारे इलाकों को फिर से हासिल करेगी.”

  13. फ़ैसलाबाद: मां ने बेटी के 'हत्यारे पति' को 15 साल बाद कैसे ढूंढ निकाला?

  14. हिमाचल प्रदेश: एक बजे तक हुआ 37.19 फीसदी मतदान

    चुनाव आयोग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में दोपहर के एक बजे तक 37.19 फीसदी तक मतदान हो चुका है.

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  15. महबूबा मुफ़्ती ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाए ये आरोप

    पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती

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    जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बीजेपी को न तो कश्मीरी पंडितों की चिंता है और न ही किसी और की.

    उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग "बीजेपी की एक ब्रांच बन गया है."

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, "हिमाचल प्रदेश में धर्म के नाम पर प्रचार किया गया लेकिन चुनाव आयोग खामोश रहकर तमाशा देख रहा है. ये देख कर कहा जा सकता है चुनाव आयोग पहले की तरह स्वतंत्र नहीं रहा."

    जम्मू कश्मीर में चुनाव करवाने की बात पर उन्होंने कहा, "भारत के चुनाव आयुक्त को ये पूछने के लिए दुनिया में बुलाया जाता था कि चुनाव कैसे कराए जाते हैं लेकिन आज उसे अब दवाब में रखा गया है, वो एक कठपुतली बन गया है. इसलिए चुनाव आयोग वही करेगा जब उसको बीजेपी इशारा देगी, चुनाव करवाने हैं तो चुनाव करवाएगी."

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    कश्मीरी पंडितों के बारे में सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित कह रहे हैं कि जब तक यहां हालात बुरे हैं जम्मू में उनके रहने की व्यवस्था कर दी जाए लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही क्योंकि उसे कश्मीरी पंडितों की चिंता नहीं है.

    उन्होंने कहा, बीजेपी वोट बटोरने के लिए कश्मीरी पंडितों के दर्द का इस्तेमाल कर रही है.

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  16. आदिवासी महिला को राष्ट्रपति के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रही टीएमसी: अर्जुन मुंडा

    अर्जुन मुंडा

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    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर टीएमसी नेता की टिप्पणी के मामले में आदिवासी मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि पार्टी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है कि एक आदिवासी महिला अब देश की राष्ट्रपति बन गई हैं.

    उन्होंने कहा कि बीजेपी इसकी कड़ी निंदा करती है और ये सुनिश्चित करेगी कि टीएमसी नेता की सच्चाई सामने आए.

    तृणमूल नेता अखिल गिरी ने नंदीग्राम में शहीद दिवस समारोह के दौरान अपने भाषण में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर जवाबी हमले के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू के 'लुक' को लेकर टिप्पणी की थी.

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    उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री खुद एक महिला हैं और उन्हीं के एक मंत्री ने हमारी राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ नफरत भरी टिप्पणी की है. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धक्का लगा है."

    उन्होंने ममता बनर्जी से अखिल गिरी को बर्खास्त करने की मांग की और कहा कि उनका बयान ये साबित करता है कि पश्चिम बंगाल सरकार आदिवासी समुदायों को परेशान करना जारी रखेगी.

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  17. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी हुई दिवालिया

    क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज एफ़टीएक्स

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    क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज एफ़टीएक्स (FTX) ने अमेरिका में खुद को दिवालिया घोषित करने की अर्जी दी है. कंपनी ने अदालत से सुरक्षा की मांगी है और ग्राहकों के पैसे लौटाने के रास्ते तलाश रही है.

    दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनी चलाने वाले कंपनी के चीफ़ एक्जीक्यूटिव सैम बैंकमैन-फ्राइड ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    30 साल के सैम के लिए ये दुर्भाग्यजनक माना जा रहा है.

    महज एक सप्ताह में एफ़टीएक्स का साम्राज्य ध्वस्त हो गया जिसकी वजह से पहले से ही मुश्किल में घिरे क्रिप्टो बाज़ार का आत्मविश्वास हिला हुआ है.

    किंग ऑफ़ क्रिप्टो के नाम से मशहूर सैम ने ट्विटर पर लिखा, "मैं एक बार फिर से माफ़ी मांगता हूं कि हम यहां पहुंच गए. उम्मीद है कि चीज़ें बेहतर होने का रास्ता मिलेगा. उम्मीद है कि हम इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा ला पाएंगे."

    "जिस तरह से चीज़ें हुई हैं उससे मैं हैरान हूं."

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    कंपनी डूबने से पहले सैम बैंकमैन क्रिप्टो बाज़ार के सितारों में से एक थे.

    उनकी तुलना दिग्गज निवेशक वॉरेन बफ़ेट से हो रही थी. उनकी कुल संपत्ति करीब 15 अरब डॉलर के क़रीब है.

    कंपनी के चीफ एक्जीक्यूटिव सैम बैंकमैन-फ्राइड

    इमेज स्रोत, TOM WILLIAMS

    इमेज कैप्शन, कंपनी के चीफ एक्जीक्यूटिव सैम बैंकमैन-फ्राइड ने इस्तीफ़ा दिया

    ऐसी अफ़वाहें भी फैलीं कि इस सप्ताह की शुरुआत में सैम के मालिकाना हक वाली एफटीएक्स और अन्य फर्मों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी थी तभी एक साथ बड़ी संख्या में ग्राहकों ने एफटीएक्स से पैसे निकालने की कोशिश शुरू कर दी.

    एफटीएक्स का इस्तेमाल डिजिटल टोकन खरीदने और बेचने में होता था.

    कैश की कमी को देखते हुए सैम ने बेलआउट का इंतजाम करने की कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहे. इससे एफटीएक्स में कई ग्राहकों के पैसे फंस गए, जिसे अब वो निकाल नहीं पा रहे.

    दिवालिया घोषित करने की अर्जी देने के बाद कंपनी अदालत की निगरानी में चलती रह सकती है और अपने कर्ज़ को रीस्ट्रक्चर कर सकती है.

  18. जी20 सम्मेलन में पुतिन नहीं होंगे शामिल, ज़ेलेंस्की का होगा वर्चुअल भाषण

    व्लादिमीर पुतिन

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    इंडोनेशिया के बाली में होने वाले जी-20 देशों के सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हिस्सा नहीं लेंगे. जी-20 देशों का सम्मेलन अगले सप्ताह से शुरू होने वाला है.

    जकार्ता में अधिकारियों का कहना है कि रूसी सरकार की तरफ से राष्ट्रपति की जगह देश के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉफ़ सम्मेलन में शिरकत करेंगे.

    माना जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और दूसरे राष्ट्राध्यक्षों से मुलाक़ात टालना चाहते हैं.

    अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में मतदान के बाद जो बाइडन ने संवाददाताओं से कहा था कि वो इस सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं और इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात करेंगे.

    उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच तनाव कम करने को लेकर वो जिनपिंग से बात करना चाहेंगे और इस दौरान ये जानने की कोशिश करेंगे कि दोनों के बीच किन बातों पर चर्चा संभव है.

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    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव से स्पष्ट किया है कि पुतिन अपने शेड्यूल के कारण इस सम्मेलन में शामिल नहीं हो सकेंगे.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने रूसी समाचार एजेंसी तास के हवाले से ख़बर दी है कि लैवरॉफ़ ये बताने की कोशिश करेंगे कि अमेरिकी तनाव को बढ़ावा दे रहा है और एशिया प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा रहा है.

    इस क्षेत्र में वियतनाम और म्यांमार के साथ रूस के अच्छे संबंध हैं, इन दोनों देशों की सेना रूस से हथियार खरीदती है. हालांकि पइस इलाक़े के कुछ देश रूस को अलग-थलग करने की पश्चिमी मुल्कों की कोशिश का समर्थन करते हैं.

    इस सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की भी वर्चुअली शामिल होंगे.

    रॉयटर्स के अनुसार इंडोनेशिया ने ज़ेलेस्की को सम्मेलन में शिरकत करने का निमंत्रण दिया था, लेकिन कहा था कि पुतिन सम्मेलन में शामिल होंगे तो वो इसमें शिरकत नहीं करेंगे.

  19. राजनाथ सिंह का दावा- सुभाष चंद्र बोस अखंड भारत के पहले प्रधानमंत्री थे

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया है कि सुभाष चंद्र बोस अखंड भारत के पहले प्रधानमंत्री थे.

    शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में एक यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज़ादी मिलने के बाद सुभाष चंद्र बोस के योगदान को या तो नज़रअंदाज़ किया गया या फिर कमतर कर आंका गया.

    समाचार एजेंसी के अनुसार उन्होंने कहा, "नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमिका और उनके विज़न का फिर से मूल्यांकन करने की ज़रूरत है. मैं इसे कोर्स करेक्शन कहता हूं. आज़ाद हिंद सरकार भारत की पहली ‘स्वदेशी’ सरकार थी. मुझे इसे पहली ‘स्वदेशी’ सरकार कहने में कोई संकोच नहीं है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी सरकार बनाई थी और 21 अक्टूबर 1943 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी."

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस

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    बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नेताजी को अहमियत और सम्मान देने के प्रयास किए जा रहे हैं.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "ऐसा समय था, जब आज़ाद भारत में नेताजी के योगदान को या तो नज़रअंदाज़ किया गया या फिर कम कर आंका गया. इसका सही मूल्यांकन नहीं हुआ. यहां तक कि उनसे जुड़े कई दस्तावेज़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया था."

    "2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सम्मान देना शुरू किया, जिसके वो हमेशा से हक़दार थे."

    राजनाथ सिंह ने कहा कि जब वो गृहमंत्री थे तब नेताजी के परिवार से मिले थे जिसके बाद नेताजी से संबंधित क़रीब 300 दस्तावेज़ सार्वजनिक किए गए थे.

    उन्होंने कहा, "कभी कभी लोग हैरान होते हैं कि नेताजी के बारे में और ऐसा क्या है जो उन्हें नहीं पता. अधिकतर लोग उन्हें एक स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर ही जानते हैं, जिन्होंने आज़ाद हिंद फौज बनाई थी. लेकिन बेहद कम लोग जानते हैं कि वो अखंड भारत के पहले प्रधानमंत्री थे."

    राजनाथ सिंह ने कहा कि आज़ाद हिंद फौज कोई प्रतीकात्मक सरकार नहीं थी बल्कि उस सरकार ने मानव जीवन से संबंधित कई अहम बिंदुओं पर अपने विचार और नीतियां सामने रखी थीं. इस सरकार का अपना पोस्टल स्टांप, करेंसी और ख़ुफ़िया सर्विस भी थी.

  20. राष्ट्रपति के 'लुक' पर टीएमसी नेता की विवादित टिप्पणी पर छिड़ा घमासान,

    अखिल गिरी

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    पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक नेता और मत्स्य पालन मंत्री अखिल गिरी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर तृणमूल और भाजपा में घमासान शुरु हो गया है.

    इस मुद्दे पर लगातार बढ़ते विवाद के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    तृणमूल नेता अखिल गिरी ने नंदीग्राम में शहीद दिवस समारोह के दौरान अपने भाषण में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर जवाबी हमले के दौरान मुर्मू के 'लुक' की मिसाल दी.

    उन्होंने कहा, "शुभेंदु कहते हैं कि मैं सुंदर नहीं दिखता. वो कितने सुंदर हैं? हम किसी के चेहरे-मोहरे के आधार पर उसके बारे में कोई राय नहीं बनाते. हम राष्ट्रपति की कुर्सी का सम्मान करते हैं. लेकिन आपकी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?"

    अखिल ने यहां तक कह दिया कि "ममता बनर्जी नहीं चाहती इसलिए चुप हूं. वरना मारकर उनका (शुभेंदु का) हाथ तोड़ देता."

    इस मामले में भाजपा ने प्रदेश की मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है. भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ममता को आदिवासी विरोधी बताया है.

    अमित मालवीय

    अमित मालवीय ने टीएमस नेता की टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए कहा है कि ममता बनर्जी हमेशा से ही आदिवासियों की विरोधी रही हैं.

    उन्होंने कहा, "उन्होंने कभी भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का समर्थन नहीं किया है और अब उनके मंत्री का इस तरह से महामहिम के ख़िलाफ़ टिप्पणी करना बेहद शर्मनाक और दुखद है. उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से अखिल गिरी का वीडियो भी शेयर किया है."

    इससे पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नी' कहा था जिसे लेकर विवाद हो गया था.

    कांग्रेस के उदित राज ने भी राष्ट्रपति पर 'चापलूसी' करने का आरोप लगाया था. हालांकि बाद में दोनों नेताओं ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी.