प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने ट्वीट कर पाकिस्तान के लोगों को बधाई दी है.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and चंदन शर्मा
ब्रिटेन: पीएम की रेस में शामिल होने वाली पहली उम्मीदवार बनीं पेनी मॉरडॉन्ट
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पेनी मॉरडॉन्ट ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की
रेस के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी पेश कर दी है.
इस तरह लिज़ ट्रस के इस्तीफ़े के बाद कंज़रवेटिव पार्टी के
नेता के चुनाव की रेस में शामिल होने वाली वे पहली उम्मीदवार हैं. सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर मॉरडॉन्ट ने इसका एलान
किया है.
ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ''मुझे उन सहयोगियों के समर्थन से प्रोत्साहन मिला है, जो नई शुरुआत करने के साथ पार्टी को एकजुट देखना और देश हित में काम करने वाला नेतृत्व चाहते हैं. अपने देश को एकजुट करने, अपने वादे पूरे
करने और अगला आम चुनाव जीतने के लिए, मैं कंज़रवेटिव पार्टी की नेता और आपकी प्रधानमंत्री
बनने की दौड़ में शामिल हो रही हूं.''
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बोरिस जॉनसन के इस्तीफ़े के बाद जुलाई में कंज़रवेटिव पार्टी के नेता के चुनाव में वे सांसदों की वोटिंग में तीसरे नंबर पर रही थीं.
उसके बाद उन्होंने सुनक की जगह लिज़ ट्रस का समर्थन किया था. इसके बदले में उन्हें हाउस ऑफ कॉमन्स की नेता और प्रिवी काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया था.
वहीं एक सूत्र के हवाले से पीए न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि शुक्रवार को मॉरडॉन्ट ने निवर्तमान वित्त मंत्री जेरेमी हंट का समर्थन हासिल करने के लिए उनसे मुलाक़ात की.
इस दौरान मॉरडॉन्ट ने उन्हें भरोसा दिया है कि यदि वे प्रधानमंत्री बनीं तो वित्त मंत्री उन्हें ही बनाया जाएगा. साथ ही यह आश्वासन भी दिया है कि वे मध्यम अवधि की वित्तीय योजना पेश करेंगी.
मॉरडॉन्ट को अब तक सांसद जॉन लैमोंट, मारिया मिलर, बॉब सीली और डेमियन कॉलिन्स का समर्थन मिल चुका है.
डोपिंग टेस्ट में फेल हुईं दुनिया की पूर्व नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप
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दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी सिमोना हालेप को डोपिंग के मामले में इंटरनेशनल टेनिस इंटेग्रिटी एजेंसी (ITIA) ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है.
एजेंसी ने बताया कि टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ 'रॉक्साडस्टेट' पाया गया है, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है.
अमेरिकी ओपन के दौरान सिमोना हालेप का टेस्ट किया गया था. उनके 'ए' और 'बी' दोनों नमूनों में इस प्रतिबंधित पदार्थ की पुष्टि हुई है.
सिमोना हालेप ने ट्विटर पर पोस्ट लिखकर इसे जीवन का सबसे बड़ा झटका बताया है.
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उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "पूरे करियर के दौरान धोखा देने का विचार एक बार भी कभी मेरे दिमाग़ में नहीं आया, क्योंकि यह उन सभी मूल्यों के ख़िलाफ़ है, जो मुझे सिखाए गए हैं. ऐसी मुश्किल स्थिति का सामना करते हुए मैं पूरी तरह से परेशान और धोखे को महसूस करती हूं."
उन्होंने लिखा कि वे आख़िरी दम तक लड़ाई लड़ेंगी, जब तक वे ये साबित न कर दें कि उन्होंने प्रतिबंधित पदार्थ जान-बूझकर नहीं लिया था.
सिमोना हालेप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि एक न एक दिन सच सबके सामने आएगा.
राजस्थान: 12 करोड़ के सोने की लूट मामले में दो अभियुक्त गिरफ्तार,
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राजस्थान के उदयपुर ज़िले में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी से 12 करोड़ का 23 किलो सोना और 11 लाख नकदी लूट मामले में शामिल दो अभियुक्त को पुलिस ने शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा से गिरफ्तार किया है.
बिहार निवासी प्रिंस कुमार और फंटूश कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ की जा रही है. हालांकि, अभी तक लूटा गया सोना और कैश बरामद नहीं हुआ है.
29 अगस्त को पांच हथियारबंद बदमाशों ने इस घटना को अंज़ाम दिया था. घटना के बाद से ही इस मामले में राजस्थान पुलिस के हाथ खाली थे.
उदयपुर आईजी प्रफुल्ल कुमार ने बयान जारी कर बताया, "29 अगस्त को सुंदरवास स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में डकैती की वारदात पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी. घटना का खुलासा करने के लिए सुराग मालूम करने में माहिर चुनिंदा 64 पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई थी."
पुलिस के अनुसार, बिहार निवासी ये दोनों अभियुक्त लूट के बाद वहीं चले गए थे. उसके बाद, वे किसी अन्य घटना के लिए चित्तौड़गढ़ रेकी करने आए थे.
एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट से बाहर हुआ पाकिस्तान
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मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फ़ंडिंग की रोकथाम के अंतरराष्ट्रीय संगठन फ़ाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने ट्वीट कर पाकिस्तान के लोगों को इस मौके पर बधाई दी है.
उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान के लोगों को बधाई. पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर एफ़एटीएफ़ की 'ग्रे लिस्ट' से हटा दिया गया है. पाकिस्तान जिंदाबाद."
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प्रधानमंत्री ने जताई खुशी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने देश के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो, सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा और उनकी टीम के साथ ही सभी राजनीतिक दलों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि सबके एकजुट प्रयास से ही पाकिस्तान ग्रे लिस्ट से बाहर आ पाया है.
उन्होंने ये भी कहा कि ‘‘एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का बाहर आना कई सालों के हमारे प्रयास की वजह से संभव हो सका है. मैं देश की सिविल और मिलिटरी लीडरशिप और साथ ही उन सभी संस्थानों को मुबारकबाद देता हूं जिनके कठिन परिश्रम से आज की कामयाबी हासिल हुई है. आप सबको बहुत बहुत मुबारक.
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ग्रे-लिस्ट में नाम आने पर नुकसान
किसी देश को ग्रे लिस्ट में रखने या न रखने का फ़ैसला एफ़एटीएफ़ का ही एक संगठन 'इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप' यानी 'आईसीआरजी' करता है.
ग्रे लिस्ट में होने के कारण पाकिस्तान को आईएमएफ़, वर्ल्ड बैंक और एशिया डेवलपमेंट बैंक से मदद लेने में मुश्किल आ रही थी.
ग्रे लिस्ट में वे देश शामिल होते हैं जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गुटों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर अंकुश लगाने में कोताही बरतते हैं.
ग्रे लिस्ट में आने से पाकिस्तान को हर साल लगभग 10 अरब डॉलर से ज्यादा का नुक़सान हो रहा था.
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FATF क्या है?
एफ़एटीएफ़ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जिसकी स्थापना G7 देशों की पहल पर 1989 में की गई थी. संस्था का मुख्यालय फ़्रांस की राजधानी पेरिस में है, जो दुनिया भर में हो रही मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए नीतियाँ बनाता है.
साल 2001 में इसने अपनी नीतियों में आतंकवाद के वित्तपोषण को भी शामिल किया था. संस्था अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को सही रखने के लिए नीतियाँ बनाता है और उसे लागू करवाने की दिशा में काम करता है. इसके कुल 39 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन भी शामिल है.
जून 2018 से पाकिस्तान दुनिया भर के मनी लॉन्ड्रिंग पर नज़र रखने वाली संस्थाओं के रडार पर है. पाकिस्तान इन संस्थाओं के निशाने पर तब आया जब उसे आतंकवादियों को फ़ंड करने और मनी लॉन्ड्रिंग के ख़तरे को देखते हुए 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया गया था.
एफएटीएफ़ द्वारा किसी देश को ग्रे लिस्ट में डालने का मतलब है कि उस देश को चेतावनी दी जा रही है. समय रहते उन क़दमों पर अमल कर दे ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और चरमपंथी गुटों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर अंकुश लगाया जा सके.
लेकिन इस चेतावनी के बाद भी अगर कोई देश वो क़दम नहीं उठाता तो उसे एफएटीएफ़ द्वारा ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है.
एफ़एटीएफ़ के नियमों के अनुसार ब्लैकलिस्ट से बचने के लिए किसी भी देश को तीन सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत होती है.
डॉक्टरों के साथ मारपीट रोकने के उपाय करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
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इमेज कैप्शन, फ़ाइल फोटो
डॉक्टरों को प्रताड़ित करने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए दाख़िल एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र
सरकार, राजस्थान सरकार
और मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया (एमसीआई) को नोटिस जारी किया है.
चीफ़ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस बेला त्रिवेदी
की खंडपीठ ने दिल्ली डॉक्टर्स फ़ोरम, इंडियन मेडिकल
एसोसिएशन (द्वारका) और सुनीत कुमार उपाध्याय की याचिका पर यह निर्देश जारी किया है.
इस याचिका में राजस्थान के दौसा में कुछ महीने पहले
एक महिला गाइनेकॉलॉजिस्ट अर्चना शर्मा की कथित आत्महत्या मामले की सीबीआई से जांच कराने
की भी मांग की गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दख़ल देने और डॉक्टरों
की सुरक्षा तय करने के लिए एक गाइडलाइंस बनाने का आदेश देने की भी मांग की गई है.
दौसा में डिलीवरी के दौरान बहुत ख़ून बहने से
एक महिला मरीज के मरने के बाद भीड़ ने कथित तौर पर डॉक्टर अर्चना शर्मा को
प्रताड़ित किया था. उससे परेशान होकर डॉक्टर ने कथित तौर पर सुसाइड
कर लिया था.
इस मामले के एक याचिकाकर्ता सुनीत कुमार उपाध्याय उनके पति हैं.
हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख़, कहा- बिना देरी के दोषियों पर दर्ज हो मुक़दमा,
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पिछले कुछ महीनों के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में हुए धार्मिक सम्मेलनों में दी गई 'हेट स्पीच' पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कड़ा रुख़ अपनाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को आदेश दिया है कि हेट स्पीच के मामले सामने आने के बाद बिना किसी शिक़ायत के इंतज़ार किए दोषियों के ख़िलाफ़ स्वत: संज्ञान लेते हुए एफ़आईआर दर्ज की जाए.
अदालत ने ऐसे मामलों को 'बहुत गंभीर' बताते हुए चेतावनी दी है कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई होने में देर होने को अदालत की अवमानना माना जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्ष देश की कल्पना की गई है, लिहाज़ा 'हेट स्पीच' का मामला सामने आने के बाद भाषण देने वालों के धर्म का ख्याल किए बिना प्रशासन को सख़्ती से पेश आना चाहिए.
पत्रकार शाहीन अब्दुल्ला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों जस्टिस केएम जोसेफ़ और ऋषिकेश रॉय की खंडपीठ ने ये बातें कही हैं.
अदालत ने साथ ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को नोटिस भी जारी किया है.
21 अक्तूबर 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश और प्रेरणा के साथ
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सऊदी अरब के बचाव में आया तुर्की, कहा- 'अमेरिका का धमकाना ठीक बात नहीं'
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इमेज कैप्शन, तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु
तुर्की के विदेश मंत्री मावलूत चावुशोगलू ने शुक्रवार को कहा है कि तेल उत्पादन में कटौती के ओपेक प्लस देशों के फ़ैसले के बाद अमेरिका का सऊदी अरब पर दबाव डालना सही नहीं है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने देखा कि एक देश ने सऊदी अरब को धमकी दी है. इस तरह से धमकाना ठीक नहीं है."
ओपेक प्लस देशों के फ़ैसले के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले हफ़्ते कहा था कि सऊदी और अमेरिका के संबंधों पर इसका असर पड़ेगा.
मावलूत चावुशोगलू ने कहा, "हमें नहीं लगता कि इस तरह से सऊदी अरब या किसी अन्य देश पर अमेरिका का दबाव डालना सही बात है."
साल 2018 में जमाल ख़ाशोगी की हत्या के बाद तुर्की के सऊदी अरब के साथ संबंध ख़राब हो गए थे लेकिन इस साल तुर्की ने सऊदी के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश की है.
ख़ाशोगी मर्डर केस का ट्रायल ख़त्म करने के बाद इस साल अप्रैल में रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से आमने-सामने की मुलाकात की थी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने की होड़ में शामिल होने से रक्षा मंत्री बेन वैलेस का इनकार
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इमेज कैप्शन, बेन वैलेस
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वैलेस ने प्रधानमंत्री
बनने की दौड़ में शामिल होने से इनकार कर दिया है. बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री
बोरिस जॉनसन यदि इस दौड़ में शामिल हुए, तो वे उनका
समर्थन कर सकते हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार बेन वैलेस ने पत्रकारों
से कहा, ''मेरा मानना
है कि मैं रक्षा मंत्री बनकर लोगों को सुरक्षित रखने में सबसे अच्छा योगदान कर सकता
हूं."
"यह वो काम है जिसे जारी रखने का मेरा इरादा है, इसलिए इस बार
मैं प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं होने जा रहा हूं.''
गुरुवार को लिज़ ट्रस के इस्तीफ़ा दे देने के बाद
प्रधानमंत्री बनने की होड़ फिर से शुरू होने जा रही है.
इस होड़ में शामिल होने के
लिए उम्मीदवार कंज़रवेटिव पार्टी के 100 सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे
हैं.
हाल के राजनीतिक उथल पुथल के बीच तेज़ी से उभरने
वाले चुनिंदा मंत्रियों में बेन वैलेस भी हैं. पिछले कुछ महीनों में पूर्व सैनिक वैलेस
की विश्वसनीयता बढ़ी है.
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उन्होंने ब्रिटेन
का पक्ष मज़बूती से रखा. वे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी लोकप्रिय हैं. सटोरियों
के बीच भी वे पसंदीदा हैं.
400 टायरों वाला ये ट्रेलर कई मायनों में बेहद ख़ास है
वीडियो कैप्शन, 400 टायरों वाला ये ट्रेलर है कई मायनों में बेहद ख़ास
400 टायरों का ये ट्रेलर कहां और क्यों जा रहा है? इस ट्रेलर के साथ पूरी की पूरी टीम भी ट्रैवल कर रही है. दरअसल, ये तैयारी दो रिएक्टर को गुजरात से राजस्थान पहुंचाने के लिए की गई है.
मुंबई की कंपनी रिएक्टर को भरूच से बाड़मेर के पचपदरा रिफाइनरी तक ट्रांसपोर्ट कर रही है. एक रिएक्टर 750 मीट्रिक टन का है जबकि दूसरे रिएक्टर का वज़न 1148 मीट्रिक टन है. 25 लोगों की टीम इसके साथ है. वीडियो: मोहर सिंह मीणा, बीबीसी के लिए
इंडोनेशिया: एक्यूट किडनी इंजरी के कारण अब तक 133 बच्चों की मौत
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इंडोनेशिया की सरकार का कहना है कि एक्यूट किडनी इंजरी के कारण मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़ कर 133 हो गई है.
सरकार ने इससे पहले कहा था कि देश में मिल रहे कुछ कफ सिरप में ऐसे तत्व मिले हैं जो एक्यूट किडनी इंजरी की वजह हो सकते हैं.
पांच साल से कम उम्र के बच्चों पर इसका ज़्यादा नकारात्मक असर देखा गया था.
बुधवार को इंडोनेशिया ने देश में बिक रहे सभी लिक्विड और सिरप मेडिसिंस की बिक्री पर अस्थाई रोक लगा दी थी.
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के अधिकारी एक्यूट किडनी इंजरी के कारण होने वाली मौत के इन मामलों की जांच कर रहे हैं.
कुछ दिनों पहले अफ्रीकी देश गांबिया में भी ऐसा मामला देखने को मिला था जहां कफ सिरप पीने के बाद 70 बच्चों की मौत हो गई थी.
एलन मस्क का स्टारलिंक इंटरनेट यूक्रेन के लिए कितना ज़रूरी है
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एलन मस्क ने कहा है कि यूक्रेन के लोग स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस का इस्तेमाल करते रहें, ये वो सुनिश्चित करेंगे. हालांकि पहले उन्होंने फ़ंडिंग वापस लेने की बात कही थी.
सैटेलाइट आधारित ये इंटरनेट सिस्टम यूक्रेनी सेना और सरकार के लिए एक अहम उपकरण बन गया है.
स्टारलिंक क्या है और कैसे काम करता है?
स्टारलिंक सैटेलाइट के एक बड़े नेटवर्क की मदद से इंटरनेट सेवा देता है. ये उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो दूर दराज़ के इलाकों में रहते हैं और उन्हें तेज़ इंटरनेट की ज़रूरत होती है.
इन सैटेलाइट को निचली ऑर्बिट में रखा जाता है ताकि धरती से तेज़ी से कनेक्शन स्थापित हो सके और बेहतर स्पीड मिले.
सॉलिसिटर जनरल मेरी छवि ख़राब करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगा रहे हैं 'झूठे' आरोप: भूपेश बघेल
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश के
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पर सुप्रीम कोर्ट में उनके ख़िलाफ़ 'झूठे' और 'शरारत पूर्ण' आरोप लगाने
का दावा किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने भूपेश बघेल के हवाले से
शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक वजहों से लगाए गए इन आरोपों का मक़सद उनकी छवि धूमिल करना
है.
उन्होने इसे षड्यंत्र बताते हुए कहा है कि इसका 'उचित जवाब' दिया जाएगा.
नागरिक आपूर्ति निगम (एनएएन) घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग
किए जाने के आरोपों पर फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.
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इस सुनवाई के दौरान, संस्था की ओर से बहस करते हुए सॉलिसिटर जनरल मेहता ने इस मामले को छत्तीसगढ़ के बाहर ले जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए ऐसा करना ज़रूरी है. अभियुक्तों को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द करने की भी मांग उन्होंने की.
इस दौरान, मेहता ने सीएम बघेल के एक कथित सहयोगी के व्हाट्सऐप चैट का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया था कि इस मामले के कुछ अभियुक्तों को ज़मानत मिलने के दो दिन सीएम बघेल ने हाईकोर्ट के किसी जज से मुलाक़ात की थी.
हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट के किसी जज से मुलाक़ात नहीं की. सीएम बघेल ने यही बात शुक्रवार को अपने ट्विटर हैंडल से कही है.
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उन्होंने ट्वीट किया, ''यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि सॉलीसिटर जनरल जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठा व्यक्ति (तुषार मेहता) राजनीतिक उद्देश्यों से झूठे एवं शरारत पूर्ण आरोप लगा रहा है. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैंने कभी किसी जज से मिलकर किसी भी अभियुक्त के लिए किसी भी प्रकार का फेवर करने का अनुरोध नहीं किया."
"यह मेरी राजनीतिक छवि ख़राब करने एवं न्यायपालिका को दबाव में लाने का षड्यंत्र है, जिसका समुचित प्रतिकार किया (जवाब दिया) जाएगा.''
भूपेश बघेल ने पत्रकारों से दिल्ली में बात करते हुए भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, ''सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में कहा कि सीएम ने जज से मिलकर फ़ैसले को प्रभावित करने की कोशिश की. जब उनसे पूछा गया कि यह बात कौन कह रहा है, तो उन्होंने कहा कि व्हाट्सऐप पर दो लोग इस बारे में चैट कर रहे थे."
"यह हास्यापद है. इतने बड़े पद पर बैठे शख़्स को सुप्रीम कोर्ट में किसी सीएम के बारे में ऐसी हल्की बात नहीं करनी चाहिए.''
डेंगू के मरीज़ को प्लाज़्मा की जगह चढ़ाया मौसंबी का जूस, जांच के आदेश
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ज़िले में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में एक शख़्स की मौत हो गई है. एक निज़ी अस्पताल में डेंगू मरीज़ को प्लाज़्मा की जगह कथित तौर पर मौसंबी का जूस चढ़ाने की बात सामने आई है.
प्रयागराज के निजी अस्पताल ग्लोबल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में एक शख़्स को डेंगू के इलाज के लिए भर्ती किया गया था. लेकिन इस शख़्स की इलाज के दौरान मौत हो गई.
परिवार वालों का दावा है कि अस्पताल ने मरीज़ को प्लाज़्मा की जगह ड्रिप के ज़रिए मौसंबी का जूस चढ़ा दिया जिसके चलते उनकी मौत हो गई.
इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें एक शख़्स बता रहा है कि ख़ून के पैकेट के अंदर मौसंबी का जूस है. वो प्रशासन पर सवाल उठा रहा है.
आतंकवाद एक साथ अच्छा और बुरा दोनों नहीं हो सकता है: अमित शाह
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा है कि अच्छा आतंकवाद, बुरा आतंकवाद, छोटा आतंकवाद और बड़ा आतंकवाद जैसे विचार एक साथ नहीं चल सकते हैं.
इंटरपोल की सालाना वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "भारत इंटरपोल के सबसे पुराने सदस्यों में से एक है. पिछले 100 सालों में इंटरपोल विश्व के 195 देशों का एक व्यापक और प्रभावी मंच बन गया है जो पूरे विश्व में अपराधों पर नकेल कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. दुनिया भर में क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने में इंटरपोल की कोशिशों की मैं सराहना करता हूं."
गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने इंटरपोल को आतंकवादी गतिविधियों पर रोकथाम लगाने के लिए एक रियल टाइम इन्फॉर्मेशन नेटवर्क बनाने की स्थापना दी है.
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उन्होंने कहा कि भारत ने साइबर अपराधों पर रोकथाम लगाने के लिए साइबर स्पेस फ़ॉरेंसिक सेंटर का गठन किया है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि आतंकवाद से मानवाधिकारों का सबसे अधिक उल्लंघन होता है.
अमित शाह ने कहा, "अपराध अब सीमाओं से परे हो गया है. हमें पारंपरिक भौगोलिक दायरों से ऊपर उठकर अपराध को देखना होगा. सीमा पार आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग अनिवार्य है. इंटरपोल इसके लिए ज़रूरी है. आतंकवाद की वैश्विक परिभाषा महत्वपूर्ण है. अच्छा आतंकवाद, बुरा आतंकवाद, छोटा आतंकवाद और बड़ा आतंकवाद जैसे विचार एक साथ नहीं चल सकते हैं."
COVER STORY: बिजली संकट के बीच रूस पर बढ़त बनाता यूक्रेन
वीडियो कैप्शन, बिजली संकट के बीच रूस पर बढ़त बनाता यूक्रेन
ऊर्जा ठिकानों पर रूस के हमले के बाद यूक्रेन को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है.
लेकिन इन चुनौतियों के बाद भी यूक्रेन कई इलाक़ों में रूस पर बढ़त बना रहा है.
देखिए जंग के मोर्चे से बीबीसी संवाददाता जॉनाथन बील की रिपोर्ट.
ट्विटर ख़रीदने के बाद उसके तीन-चौथाई स्टाफ़ हटा सकते हैं एलन मस्क: रिपोर्ट
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अमेरिका के जाने-माने अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट की
एक ख़बर के अनुसार यदि एलन मस्क ने सोशल मीडिया
साइट ट्विटर को ख़रीद लिया तो इस कंपनी में बड़े पैमाने पर छंटनी हो सकती है.
अख़बार के अनुसार, निवेशकों के समक्ष ट्विटर को ख़रीदने का सौदा पेश करते हुए एलन
मस्क ने कहा है कि उनकी योजना कंपनी के क़रीब तीन-चौथाई कर्मचारियों को छंटनी करने
की है.
यदि ऐसा हुआ तो ट्विटर में कर्मचारियों की संख्या
घटकर लगभग 2,000 रह जाएगी. ट्विटर में फ़िलहाल 8,200 कर्मचारी कार्यरत हैं.
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि एलन मस्क
के साथ यह सौदा न भी हो पाया, तब भी कंपनी
की योजना है कि इस साल के अंत तक वेतन-भत्ते पर होने वाले उसके ख़र्च में क़रीब 80
करोड़ डॉलर की कटौती कर दी जाए.
अख़बार के अनुसार उस दशा में भी कंपनी को क़रीब एक
चौथाई कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ेगी.
रिपोर्ट के अनुसार, स्टाफ़ की संख्या में होने वाली इस कटौती के बाद ट्विवटर पर
डाले जाने वाले संवेदनशील और भड़काऊ पोस्ट हटाने और डेटा को सुरक्षित बनाने की कंपनी
की क्षमता के प्रभावित होने की आशंका है.
तेलंगाना का ये शख़्स देख नहीं सकता, लेकिन कुएं में गोता लगाकर मोटर ठीक करता है
वीडियो कैप्शन, तेलंगाना ये शख़्स देख नहीं सकता लेकिन कुएं में गोता लगाकर मोटर ठीक करता है
इनका नाम चिंतम राजय्या है. जब वो बहुत कम उम्र के थे, तभी उनकी आंखों की रोशनी चली गई.
लेकिन वो भीख मांगकर अपनी ज़िंदगी नहीं बिताना चाहते थे, वो अलग-अलग तरह के काम करके अपनी ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं.
हालांकि वो देख नहीं सकते हैं, लेकिन वो कुंओं में इलेक्ट्रिक मोटर ठीक करके एक सम्मानजनक ज़िंदगी जी रहे हैं.
महाराष्ट्र: सीबीआई पर उद्धव ठाकरे सरकार के फ़ैसले को सीएम शिंदे ने पलटा
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एकनाथ शिंदे सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)
को महाराष्ट्र में किसी मामले की जांच करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेने के चक्कर से छुटकारा दे दिया है.
राज्य सरकार ने अब सीबीआई को दी जाने वाली आम सहमति फिर से बहाल
कर दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने मुख्यमंत्री कार्यालय के
अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है.
अधिकारियों के अनुसार, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाले गृह विभाग
ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करके मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा, जिसे मुख्यमंत्री शिंदे ने अपनी मंज़ूरी दे दी.
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इमेज कैप्शन, महा विकास अघाड़ी सरकार ने 21 अक्टूबर, 2020 को सीबीआई को महाराष्ट्र में मामलों की जांच करने की पूर्व सहमति वापस ले ली थी
क्या है मामला?
सीबीआई की स्थापना 1946 के दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिशमेंट (डीएसपीई) एक्ट के तहत 1963 में हुई थी. और इसके अनुसार, किसी राज्य में सीबीआई तभी जांच कर सकती है, जब उसे उस राज्य की सहमति मिली हो.
इससे पहले, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार ने ठीक दो साल पहले (21 अक्टूबर, 2020 को) सीबीआई को महाराष्ट्र में मामलों की जांच करने की पूर्व सहमति वापस ले ली थी.
सीबीआई को उसके बाद किसी भी केस की जांच यहां करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी पड़ रही थी.
महाराष्ट्र ही नहीं पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्य भी सीबीआई जांच के लिए दी गई पूर्व सहमति वापस ले चुके हैं.
आसमान में उड़ता ये हथियार मौत बनकर बरसता है
वीडियो कैप्शन, आसमान में उड़ता ये हथियार मौत बनकर बरसता है
यूक्रेन ने रूस पर कीएव में नागरिक ठिकानों पर कामिकाज़ी ड्रोन्स यानी आत्मघाती ड्रोन्स के इस्तेमाल का आरोप लगाया है.
माना जाता है कि इन आत्मघाती ड्रोन्स में ईरान निर्मित 'शहीद-136' ड्रोन्स भी शामिल हैं जिनका रूस सितंबर से ही इस्तेमाल कर रहा है. देखिए ये वीडियो.