नीतीश ने नागालैंड जाकर क्यों दी जेपी को श्रद्धांजलि?

इमेज स्रोत, @NitishKumar
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 120वीं जयंती के मौके पर मंगलवार को अमित शाह बिहार के सारण ज़िले के सिताब दियारा में थे तो राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नागालैंड के दौरे पर थे.
जेपी को श्रद्धांजलि देने के लिए ये कार्यक्रम उनके जन्मस्थान सिताब दियारा में आयोजित किया गया था. वहीं, नीतीश कुमार के नागालैंड दौरे के एजेंडे में भी जेपी ही थे. वहां उन्होंने लोकनायक को श्रद्धासुमन अर्पित किया और जनसभा भी की.
वहां नीतीश ने कहा, "नागालैंड में लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ. नागालैंड में जयप्रकाश नारायण जी वर्ष 1964 से तीन साल तक रहे थे. वहां के लोगों में लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के प्रति काफी सम्मान और श्रद्धा का भाव है."
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दूसरी तरफ़, गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर बीजेपी के पूर्व सहयोगी नीतीश कुमार पर सत्ता में बने रहने के लिए गठबंधन के साझीदार लगातार बदलते रहने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने जेपी के सिद्धांतों को तिलांजलि दे दी और कांग्रेस के गोद में जा बैठे.जेपी आंदोलन के आज भी कई अनुयायी हैं जो जेपी और लोहिया का नाम लेते हैं, लेकिन सिर्फ़ सत्ता के लिए कुछ लोग कांग्रेस के गोद में बैठ गए. क्या यह जय प्रकाश नारायण के सिद्धांतों की राजनीति है? जबकि जय प्रकाश नारायण ने तो आजीवन सिद्धांतों की राजनीति की. सत्ता के लिए कोई समझौते नहीं किए."
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