राजस्थान: नए मुख्यमंत्री के सवाल पर कांग्रेस में जमकर खींचतान,

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राजस्थान कांग्रेस में दिन भर चली गहमागहमी के बीच देर रात अचानक एक बड़ी सियासी उठापटक देखने को मिली.
मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर से राज्य कांग्रेस में गुटबाजी खुल कर सामने आ गई.
सचिन पायलट समर्थक विधायक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों का कहना है कि मुख्यमंत्री उस समूह से होना चाहिए जिन्होंने सरकार बचाई थी.
इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थकों ने नाराज़गी जताते हुए इस्तीफ़ा देने की धमकी दी है. इसके बाद ये विधायक विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के आवास पर जुटे. वो मांग कर रहे हैं कि गहलोत ही मुख्यमंत्री बने रहें.
सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक, मंत्री शांति धारीवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास, निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा समेत कई अन्य विधायक मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे. वहां बैठक हो रही है और नेताओं और विधायकों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास किया जा रहा है.
अजय माकन ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं. सोनिया गांधी के आदेश पर रात में कांग्रेस विधायकों से बारी बारी से बात की जाएगी.
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सीपी जोशी के घर जाने से पहले राजस्थान में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, "सभी विधायक गुस्से में हैं और इस्तीफ़ा दे रहे हैं. हम इसके लिए अध्यक्ष के पास जा रहे हैं. विधायक इस बात से खफ़ा हैं कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनसे सलाह लिए बिना फ़ैसला कैसे ले सकते हैं."
इस दौरान एक विधायक ने एक टीवी चैनल कहा कि उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री उस समूह से होना चाहिए जिन्होंने सरकार बचाई थी.
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इसके पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने होटल मेरिएट में मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन से मुलाक़ात की.
उधर समाचार एजेंसी एएनआई ने कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास के हवाले से बताया है कि केवल 10-15 विधायकों को सुना गया और बाक़ी की उपेक्षा कर दी गई.
उन्होंने कहा कि पार्टी हमलोगों की नहीं सुनना चाहती और इसके बिना ही निर्णय लिए जा रहे हैं.
इससे पहले खाचरियावास ने कहा था कि, "अशोक गहलोत के पार्टी प्रमुख बनने के बाद राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर चर्चा होगी. 102 विधायकों में से कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अशोक गहलोत इसे तय करेंगे."

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रविवार को दिन भर क्या हुआ?
दरअसल, अशोक गहलोत को कांग्रेस का अगला अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है. इसी बीच राजस्थान में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर भी अटकलों का बाज़ार रविवार को गरम रहा. बताया गया कि मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए इस वक़्त अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे में जबरदस्त खींचतान चल रही है.
रविवार को दिन भर ये बताया जा रहा था कि शाम 7 बजे मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा के लिए कांग्रेस विधायकों की बैठक होने वाली है.
इस बैठक में विधायकों के साथ नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व से मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन जयपुर पहुंचे थे.
ये बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई थी. लेकिन इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों समेत कुछ ही विधायक पहुंचे.
उधर गहलोत समर्थक विधायक उनके (अशोक गहलोत के) विश्वसनीय कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के घर पहुंचे. कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक भी शांति धारीवाल के घर पहुंचे.
यहां मुख्यमंत्री सलाहकार और निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री बदलने की सूरत में वो सभी सामूहिक इस्तीफ़ा दे देंगे.
इस बीच मंत्री शांति धारीवाल के घर से ही सभी विधायकों के मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक में पहुंचने की चर्चा थी. लेकिन, वो सभी विधायक विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के घर के लिए बस से रवाना हो गए.
ख़बरों के मुताबिक़ डॉ सीपी जोशी के घर पहुंचे विधायकों की संख्या 80 के क़रीब है.





















