वेदांता-फॉक्सकॉन प्लांट को लेकर राज ठाकरे और कांग्रेस ने उठाए सवाल

सेमीकंडर बनाने वाली दुनिया की जानी मानी कंपनी फॉक्सकॉन और खनन के लिए जानी जाने वाली भारत की कंपनी वेदांता के बीच आज गुजरात में फैक्ट्री लगाने को लेकर अहम समझौते पर दस्तख़त हुए.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and प्रेरणा .

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  2. वेदांता-फॉक्सकॉन प्लांट को लेकर राज ठाकरे और कांग्रेस ने उठाए सवाल

    अश्विनी वैष्णव

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    सेमीकंडक्टर बनाने वाली दुनिया की जानी मानी कंपनी फॉक्सकॉन और खनन के लिए जानी जाने वाली भारत की कंपनी वेदांता के बीच आज गुजरात में फैक्ट्री लगाने को लेकर अहम समझौते पर दस्तख़त हुए.

    भारत के इलेक्ट्रेनिक और आईटी मंत्री अश्निवी वैश्णव ने कहा कि ये प्रधानंमत्री मोदी के विज़न को ज़मीन पर उतारने की दिशा में उठाया गया कदम है.

    इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने ट्वीट किया और कहा कि 1.54 लाख करोड़ रुपये (19.5 अरब डॉलर) के सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब उत्पादन के इस प्रोजेक्ट से राज्य में एक लाख नई नौकरियां बनेंगी.

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    इस बारे में मोदी ने भी ट्वीट किया और कहा कि इससे एमएसएमई और दूसरी कंपनियों को भी फायदा होगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ताइवान की फॉक्सकॉन वेदांता की मदद से अहमदामदाबाद के पास फैक्ट्री लगाएगी.

    एजेंसी के अनुसार दुनिया के अधिकांश देशों को सेमीकंडक्टर की सप्लाई ताइवान से होती है. इस सेक्टर में भारत ने देर से पैर रखे हैं.

    हालांकि वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को उम्मीद है कि भारत इस क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल कर सकेगा.

    एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, ये इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल करने की भारत की कोशिशों में मददगार साबित होगा.

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    लेकिन फॉक्सकॉन के गुजरात में निवेश करने की ख़बर से महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में नाराज़गी देखने को मिल रही है.

    महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोराट ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की.

    उन्होंने सवाल किया, "1.58 लाख करोड़ रुपये का फॉक्सकॉन का प्रोजेक्ट गुजरात क्यों गया? नई नौकरियां पेदा करने वाले प्रोजेक्ट गुजरात में क्यों लगाए जा रहे हैं क्या महाराष्ट्र के युवा केवल दहीहांडी तोड़ने के लिए हैं? शिंदे-फडणवीस सरकार ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? क्या सरकार के बदलने का मतलब ये है कि महाराष्ट्र को नज़रअंदाज़ किया जाएगा."

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    वहीं इसे लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राज ठाकरे ने भी आपत्ति जताई है. उन्होंने लिखा है, "ये प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में लगना था लेकिन अब इसे गुजरात शिफ्ट कर दिया गया है. ये प्रोजेक्ट तालेगांव में लगना था. इसके कारण बड़ी संख्या में नई नौकरियां पैदा हो सकती थीं, लेकिन इसे गुजरात शिफ्ट कर दिया गया?"

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    गुजरात प्रधानमंत्री मोदी का गृहराज्य है. विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि इस कारण महाराष्ट्र की बजाय इस प्रोजेक्ट को गुजरात शिफ्ट किया गया है.

    इससे पहले इसी साल जुलाई में ख़बर आई थी कि वेदांता और फॉक्सकॉन महाराष्ट्र सरकार के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा कर रहे थे. इस सिलसिले में कंपनी के अधिकारियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाक़ात भी की थी. उस वक्त पुणे के पास तालेगांव में इसकी फैक्ट्री बनाने को लेकर प्रस्ताव था.

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  4. कीनिया के नए राष्ट्रपति बने विलियम रूटो

    विलियम रूटो

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    विलियम रूटो ने मंगलवार को कीनिया के नए राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली.

    नैरोबी के एक स्टेडियम में हुए शपथ ग्रहण समारोह में पूरे अफ्रीकाई देशों के प्रमुख शामिल हुए.

    शपथ ग्रहण समारोह को अद्वितीय क्षण बताते हुए रूटो ने कहा कि एक ग्रामीण परिवेश का लड़का आज कीनिया का राष्ट्रपति बना है.

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    रूटो ने कहा कि उनकी सरकार का तत्काल ध्यान खाद्य उत्पादों को बढ़ाना, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना, उद्यम के लिए अनुकूल माहौल और स्वतंत्र संस्थानों को मजबूत बनाकर जीवन यापन की लागत को घटाना है.

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    शपथ ग्रहण समारोह में रैला ओडिंगा ने शिरकत नहीं की. बीते महीने हुए चुनाव में विलियम रूटो ने रैला ओडिंगा को शिकस्त दी थी.

    रूटो के बाद वे राष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदार थे.

    ओडिंगा चुनाव के परिणामों से खुश नहीं थे. वे इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट तक गए लेकिन कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराए गए थे.

    चुनाव में रुटो को जहां 50.5% वोट मिले थे, वहीं ओडिंगा को 48.8%.

    रूटो इससे पहले कीनिया के उप राष्ट्रपति रह चुके हैं और उन्होंने पिछले महीने ही राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी.

  5. भारत ने की अर्मेनिया- अज़रबैजान की सीमा पर जारी भीषण संघर्ष को रोकने की अपील

    अर्मेनिया

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    अर्मेनिया- अज़रबैजान की सीमा पर जारी भीषण संघर्ष के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने दोनों ही पक्षों से इसे तुरंत रोकने की अपील की है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने आधिकारिक बयान जारी करके कहा, '' हमने 12 से 13 सितंबर के बीच नागरिकों की बस्तियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने सहित अर्मेनिया-अजऱबैजान सीमा पर हमलों की रिपोर्ट देखी है. हम आक्रामक पक्ष से इन हमलों को तुरंत रोकने की अपील करते हैं.''

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    ''हमारा मानना ​​है कि द्विपक्षीय विवादों का हल कूटनीति और बातचीत के ज़रिए निकाला जाना चाहिए. किसी भी संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता. हम दोनों पक्षों को एक स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान पर पहुंचने के लिए बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.''

    क्या है मामला?

    अर्मेनिया और अज़रबैज़ान के बीच एक बार फिर से भीषण संघर्ष शुरू हो गया है. अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पेशिनियान का कहना है कि बीते दो दिनों में अज़रबैज़ान के साथ लड़ाई में 49 सैनिकों की मौत हो गई है.

    अर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय ने अज़रबैज़ान पर सेना के ठिकानों और रिहाइशी इलाकों पर निशाना बनाने का आरोप लगाया है. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अज़बैज़ान के सैनिक अर्मेनिया में घुसने की कोशिश कर रहे हैं.

    वहीं अज़रबैज़ान ने इन दावों का खंडन किया है. अज़रबैज़ान का कहना है कि उसकी कार्रवाई अर्मेनिया की विध्वंसकारी गतिविधियों के जबाव में है.

    कब-कब हुई झड़पें?

    साल 2020 में भी दोनों ही पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में हज़ारों लोगों की जान गई थी लेकिन,अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के चलतें ये झड़पें गंभीर रूप नहीं ले सकीं.

    स्थानीय स्तर पर इलाक़े की सीमा पर दोनों पक्षों के बीच लगातार झड़पें होती रही हैं. अप्रैल 2016 में हुई झड़प सबसे गंभीर थी. इसमें इसमें दोनों तरफ़ के कई सैनिक मारे गए थे.

  6. पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को रिहा किया

    शुभेंदु अधिकारी

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    नबान्न मार्च के दौरान गिरफ़्तार हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को पुलिस ने रिहा कर दिया है.

    मार्च के दौरान हुई हिंसा के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुभेंदु समेत बीजेपी के कई अन्य नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया था.

    रिहाई के तुरंत बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, '' कई बीजेपी कार्यकर्ताओं के हाथ पैर टूट गए हैं, 200 से ज़्यादा कार्यकर्ता घायल हैं. हम इसके ख़िलाफ़ लड़ेंगे. बीजेपी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और पार्टी की अगली रणनीति के बारे में बताएगी. ''

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    इससे पहले, बीजेपी के नबान्न मार्च के दौरान कई जगहों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई.

    पुलिस की गाड़ी में भी आग लगाने की घटना सामने आई.

    बीजेपी के नबान्न चलो मार्च के दौरान हुए हंगामे पर सवाल उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि ये बीजेपी के कार्यकर्ता हैं या कोई हुड़दंगी?

  7. 13 सितंबर 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा से.

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  8. अशोक गहलोत के समर्थक विधायक के वायरल वीडियो में क्या है?,

    बाबूलाल नागर

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    राजस्थान के कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक बाबू लाल नागर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    वीडियो में नागर एक सभा को संबोधित करते नज़र आ रहे हैं. वे मंच से कह रहे हैं "कोई किसी के नारे नहीं लगाएंगे. दो नारे मैंने बताए हैं. राजीव गांधी अमर रहें, अशोक गहलोत ज़िंदाबाद. तीसरा कोई किसी का नारा नहीं लगाएगा. तीसरा नारा लगाना है तो उठ कर जा सकता है. अगर किसी ने नारा लगा दिया तो पुलिसवाले उठा ले जाएंगे, केस लग जाएगा. केवल आपको ताली बजानी है, नारे केवल दो ही लगेंगे."

    राजस्थान बीजेपी के प्रमुख सतीश पुनिया ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया है.

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    नागर का ये वीडियो जयपुर ग्रामीण के दूदू इलाके का है, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों को देखने के लिए पहुंचने वाले थे. यहाँ नागर मौके पर मौजूद लोगों को ये हिदायत देते दिखे कि कार्यक्रम के दौरान वे केवल दो ही नारे लगाएं.

    माना जा रहा है कि बीते दिनों पुष्कर में गहलोत सरकार के मंत्री के भाषण के दौरान सचिन पायलट ज़िंदाबाद के नारे लगाए गए थे,

  9. पर्याप्त सहयोग न मिलने पर यूक्रेन के विदेश मंत्री ने जर्मनी को लिया निशाने पर

    दिमित्री कुलेबा

    इमेज स्रोत, Ukraine’s Minister of Foreign Affairs, Dmytro Kuleba, appears via video link on Hardtalk

    यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने युद्ध के बीच जर्मनी से पर्याप्त सहयोग न मिलने पर नाराज़गी ज़ाहिर की है.

    दिमित्रो कुलेबा ने ट्वीट कर जर्मनी से कई सवाल किए हैं.

    अपने ट्वीट में कुलेबा लिखते हैं, ''लोगों को आज़ाद करने और नरसंहार से बचाने के लिए जहां यूक्रेन को अब लियोपार्ड और मार्टर्स (जर्मनी के ख़ास टैंक) की ज़रूरत है, तो जर्मनी से निराशाजनक संकेत मिल रहे हैं. इन हथियारों की आपूर्ति क्यों नहीं की जा सकती, इस पर एक भी तर्कसंगत तर्क नहीं, केवल बेफज़ूल के भय और बहाने. बर्लिन किस बात से डरता है जिससे कीएव को डर नहीं?''

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    यूक्रेन रूस के ख़िलाफ़ अपने अभियान में तेज़ी लाने के लिए पश्चिमी देशों से हथियारों की डिलीवरी में तेज़ी लाने की अपील कर रहा है.

    सोमवार देर रात एक वीडियो संबोधन में, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि पश्चिम को हथियार प्रणालियों की डिलीवरी में तेज़ी लानी चाहिए. उन्होंने यूक्रेन के सहयोगियों से "रूसी आतंकवाद को हराने के लिए अपने सहयोग को और मज़बूत करने" की अपील की.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूसी सेना के ख़िलाफ़ यूक्रेनी सेना की जवाबी कार्रवाई जारी है. यूक्रेनी बलों ने रूस के कब्ज़े वाले दूसरे और ठिकानों को दोबारा ज़ब्त कर लिया है.

    सितंबर महीने में पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में रूसी नियंत्रण से 6,000 वर्ग किमी (2,317 वर्ग मील) से अधिक क्षेत्र वापस ले लिया गया है.

    हालांकि बीबीसी इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं करता.

  10. जेल में ही रहेंगे केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन

    सिद्दीक कप्पन

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    केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन फ़िलहाल जेल में ही रहेंगे.

    हाल ही में कप्पन को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मंज़ूर हुई थी और उनकी रिहाई होने वाली थी लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ जेल विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें अभी भी जेल में ही रहना होगा.

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    डीजी जेल पीआरओ संतोष वर्मा ने पीटीआई को बताया, "कप्पन जेल में ही रहेंगे क्योंकि उनसे जुड़ा एक मामला अभी भी लंबित है और प्रवर्तन निदेशालय इसकी जांच कर रहा है."

    बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणे ने सिद्दीक कप्पन के वकील मोहम्मद धनीश से बात की.

    धनीश का कहना है कि कप्पन के ख़िलाफ पीएमएलए से जुड़े इस मामले में उन्होंने पहले ही बेल के लिए अर्ज़ी डाल दी थी. इसकी सुनवाई 19 सितंबर को होनी तय थी लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से मिली ज़मानत के बाद उन्होंने सुनवाई की तारीख़ पहले करने की अपील की गई.

    आज ही इस मामले में सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी.

    सोमवार को लखनऊ की कोर्ट ने कप्पन की रिहाई का आदेश जारी किया था. कप्पन को उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस समय गिरफ़्तार किया था, जब वो हाथरस में एक दलित लड़की के कथित बलात्कार और हत्या को कवर करने के लिए जा रहे थे.

    उत्तर प्रदेश पुलिस का आरोप है कि सिद्दीक़ कप्पन को पाँच अक्तूबर, 2020 को पॉपुलर फ़्रंट ऑफ इंडिया (पीएफ़आई) के तीन सदस्यों के साथ गिरफ़्तार किया गया था, जो उनके साथ यात्रा कर रहे थे.

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अनुरोध मिश्रा ने कप्पन की रिहाई का आदेश देते हुए उन्हें एक-एक लाख रुपये की ज़मानत और इतनी ही राशि का निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया था.

    कपन्न पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), ग़ैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

  11. ब्रिटेन और अमेरिका की दोस्ती में दरार डाल सकता है ये मामला

  12. इमरान ख़ान ने सेना प्रमुख की नियुक्ति पर उठाए सवाल, क्या बोले रक्षा मंत्री?

    ख्वाजा आसिफ़

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने कहा है कि सेना प्रमुख की नियुक्ति एक सुनियोजित योजना के तहत होती है और इमरान ख़ान इसे विवादित बनाना चाहते हैं.

    दरअसल पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सेना प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे.

    जियो न्यूज़ से बातचीत में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना प्रमुख की नियुक्ति के बारे में अभी बात करना जल्दबाज़ी होगी क्योंकि मौजूदा सेना प्रमुख का कार्यकाल ढाई महीने बचा है.

    उन्होंने कहा, ‘‘इस समय इसके बारे में बात करना देशहित में नहीं है और रक्षा की गारंटी देने वाले संगठन के मुखिया को राजनीति में घसीटना ठीक नहीं है.’’

    ख्वाजा आसिफ़ ने कहा, ‘‘मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि राजनीतिक लड़ाई में सेना प्रमुख की नियुक्ति को मुद्दा न बनाएं.’’

    उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान उनकी सरकार की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं.

    इसके पहले समा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जो इमरान ख़ान पहले सेना की तारीफ़ करते नहीं थकते थे, सत्ता जाने के बाद सेना उन्हें बुरी लगने लगी. इससे इमरान ख़ान का मानसिक और राजनीतिक पिछड़ापन दिखता है.

  13. बंगाल नबान्न मार्च: बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस की झड़प, कई पुलिसकर्मी घायल

    नबान्न मार्च

    इमेज स्रोत, ANI

    बीजेपी के नबान्न मार्च के दौरान कई जगहों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई है.

    पुलिस की गाड़ी में भी आग लगाने की घटना सामने आई है. वहीं दूसरी ओर अभियान के खिलाफ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है.

    बीजेपी के नबान्न चलो मार्च के दौरान हुए हंगामे पर सवाल उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस ने पूछा है कि ये बीजेपी कार्यकर्ता हैं या कोई हुड़दंगी?

    सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर पर मार्च का एक वीडियो शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी ने लिखा, ''सरकारी संपत्ति को नष्ट करना और नुकसान पहुंचाना, पुलिस कर्मियों पर हमला करना, अराजकता पैदा करना और राज्य भर में शांति भंग करना - बीजेपी की आज की गतिविधियां, जिसने पूरे देश को शर्मसार कर दिया.''

    ''हम इस तरह के अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं!''

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    नबान्न मार्च क्यों था?

    वहीं बंगाल बीजेपी ने वाटर कैनन और पुलिस की कार्रवाई को बर्बर बताते हुए लिखा, '' पुलिस की बर्बरता और वाटर कैनन को नज़रअंदाज़ करते हुए बीजेपी भ्रष्टाचार के विरोध में कोलकाता की सड़कों पर उतरी है.''

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    वहीं दूसरे ट्वीट में पार्टी लिखती है, ''भ्रष्टाचारी सरकार की अब और ज़रूरत नहीं.''

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    सड़क पर बड़ी तादाद में इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों को अलग-थलग करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और टियर गैस के गोलों का इस्तेमाल किया था.

    प्रदर्शनकारियों पर मार्च के दौरान पत्थरबाज़ी और हंगामा करने के आरोप हैं.

    वहीं पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और लॉकेट चटर्जी समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है.

    बीजेपी का नबान्न अभियान

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को भाजपा के नवान्न यानी राज्य सचिवालय अभियान को ध्यान में रखते हुए सचिवालय और उसके आसपास पांच किलोमीटर का दायरा पुलिस छावनी में बदल गया है.

  14. बिहार के कृषि मंत्री बोले- विभाग के अधिकारी चोर, मैं चोरों का सरदार

    सुधाकर सिंह

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    इमेज कैप्शन, बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह

    बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

    वीडियो में नीतीश सरकार के मंत्री अपने विभाग के अधिकारियों को चोर और खुद को उनका सरदार बता रहे हैं.

    कैमूर में एक सभा में उन्होंने किसानों के बीच यह बात कही.

    सुधाकर सिंह ने कहा, ‘‘डेढ़ दो सौ करोड़ रुपये खा जाता है बीज निगम वाला. कोई ऐसा हमारे (कृषि) विभाग में अंग नहीं है जो चोरी न करता हो. तो इन चोरों का मैं सरदार हूं. अब सरदार ही तो कहलाऊंगा. जब चोरी हो रही है तो हम उसके सरदार हुए. तो आप कम से कम पुतला फूंकते रहेंगे तो मुझे याद रहेगा कि किसान नाराज़ हैं मुझसे. अगर खोखले बन जाएंगे तो लगेगा सब ठीक चल रहा है.’’

    उन्होंने कहा, लोहियाजी ठीक कहकर गए थे कि जब संसद आवारा हो जाए तो जनता को सड़कों पर उतरना चाहिए. आप भी सड़कों पर उतरा कीजिए.

    उन्होंने किसानों से कहा, ‘‘आप बाकायदा टाइम-टाइम पर सड़क पर उतरते रहेंगे तो... मैं ही अकेले सरकार नहीं हूं, मेरे ऊपर भी बहुत लोग हैं, तो जब आप सब मिलकर बोलेंगे तभी उन लोगों के कान में आवाज़ जाएगी, जो कान में तेल डालकर बैठे हुए हैं.’’

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  15. पश्चिम बंगाल: ममता के ख़िलाफ़ बीजेपी का मोर्चा, शुभेंदु अधिकारी समेत कई नेता गिरफ़्तार

    शुभेंदु अधिकारी

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    भाजपा के नबान्न अभियान के दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और लॉकेट चटर्जी समेत कई बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए हैं. उन्हें पुलिस मुख्यालय ले जाया गया. ये सभी लोग रैली में हिस्सा लेने जा रहे थे.

    रैली स्थल पर पहुँचने से पहले इन सभी लोगों को हुगली ब्रिज पर ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

    भाजपा कार्यकर्ताओं की कई जगह पुलिस वालों के साथ झड़प हुई है, फ़िलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं.

    शुभेंदु अधिकारी ने धमकी दी है कि वे सरकार के रवैया के ख़िलाफ़ अदालत जाएंगे. कोलकाता में आज एक तरफ़ बारिश हो रही है और दूसरी तरफ़ बीजेपी का ये अभियान चल रहा है. इससे शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

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    बीजेपी का नबान्न अभियान

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को भाजपा के नवान्न यानी राज्य सचिवालय अभियान को ध्यान में रखते हुए सचिवालय और उसके आसपास पांच किलोमीटर का दायरा पुलिस छावनी में बदल गया है.

    सुरक्षा के लिए दूसरे जिलों से अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए हैं. हावड़ा और कोलकाता से सचिवालय की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं. हावड़ा और विद्यासागर सेतु पर भी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है.

  16. केजरीवाल ने कहा- डरेंगे नहीं, जो दिल्ली में किया वो गुजरात में करेंगे

    अरविंद केजरीवाल

    इमेज स्रोत, Twitter/ArvindKejriwal

    दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के अहमदाबाद में बीजेपी की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

    उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी डर के मारे अपने विरोधियों को झूठे मामलों में फंसा रही है और उन्हें छापेमारी की धमकी देती है.

    केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो राज्य को भ्रष्टाचार और भयमुक्त सरकार देंगे.

    अहमदाबाद में केजरीवाल ने क्या-क्या कहा-

    • हमारा सीएम, हमारा कोई मंत्री, हमारा या किसी और पार्टी का विधायक सांसद हो, किसी को भ्रष्टाचार नहीं करने देंगे.
    • अगर कोई भ्रष्टाचार करेगा तो सीधा जेल जाएगा, बख्शेंगे नहीं, सीधे जेल भेजेंगे. चाहे वो हमारी पार्टी से हों या दूसरी पार्टी के.
    • सरकार का एक-एक पैसा जनता के ऊपर खर्च किया जाएगा. जनता के पैसों की चोरी बंद की होगी. गुजरात का कोई पैसा स्विस बैंकों और अरबपतियों के खातों में नहीं जाएगा.
    • आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हर व्यक्ति का हर काम बिना रिश्वत दिए होगा. ऐसी व्यवस्था करेंगे कि आपको दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
    • दिल्ली में सरकारी काम कराने के लिए किसी को पैसे नहीं देने पड़ते. डोर स्टेप डिलीवरी सर्विस चलती है. सरकारी ऑफिस से एक आदमी आप के घर आकर आपका काम करके जाता है. जो दिल्ली में किया वही गुजरात में लागू करेंगे.
    • नेताओं मंत्रियों के जो काले धंधे चल रहे हैं गुजरात में वो सारे काले धंधे बंद किए जाएंगे.
    • गुजरात में बिक रही जहरीली शराब और ड्रग्स की तस्करी बंद होगी.
    • पेपर लीक होने का सिलसिला बंद करेंगे. बीते 10 साल में जितने पेपर लीक हुए हैं, उनके जितने मास्टरमाइंड सरकार में और बाहर बैठे हैं उन्हें पकड़कर जेल में डालेंगे, किसी को छोड़ेंगे नहीं.
    • गुजरात में जितने घोटाले पिछली सरकार में हुए हैं उसका सारा पैसा उनसे वसूला जाएगा. घोटालों की जांच की जाएगी.

    अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है. दो महीने बाद चुनाव होंगे, जिसमें भाजपा सरकार जा रही और आम आदमी पार्टी सत्ता में आ रही है.''

  17. FB LIVE: अहमदाबाद में ऑटो चालकों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता सागर पटेल, अरविंद केजरीवाल ऑटो चालक के घर खाना खाने और चुनाव प्रचार को लेकर चर्चा में हैं.

  18. ज्ञानवापी मस्जिद पर कोर्ट के फ़ैसले से महबूबा मुफ़्ती नाख़ुश, क्या बोलीं?

    महबूबा मुफ़्ती

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी की ज़िला अदालत के फ़ैसले पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती ने नाराज़गी जाहिर की है.

    उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस फ़ैसले से देश में सांप्रदायिक माहौल बनेगा.

    जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में लिखा, ‘‘उपासना स्थल क़ानून के बावजूद ज्ञानवापी पर कोर्ट का फ़ैसला न सिर्फ़ लोगों को उकसाएगा बल्कि सांप्रदायिक माहौल भी बनाएगा. विडंबना ये हैं कि ये सब बीजेपी के एजेंडा में फ़िट बैठता है. यह दुखद स्थिति है कि अदालतें खुद अपने फ़ैसलों पर अमल नहीं करतीं.’’

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    क्या है विवाद?

    ज्ञानवापी मस्जिद के इतिहास को लेकर विवाद है. कइयों का मानना है कि पहले से यहाँ मौजूद विश्वनाथ मंदिर को तोड़वाकर मस्जिद बनाई गई थी. कई इतिहासकारों का कहना है कि ऐतिहासिक दस्तावेज़ों में मंदिर तोड़ने का ज़िक्र नहीं है. ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में देवी देवताओं की पूजा की मांग को लेकर की गई पांच महिलाओं की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है.

    मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.

    वाराणसी की एक निचली अदालत में दाख़िल अर्ज़ी में याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि ये देवी-देवता प्लॉट नंबर 9130 में मौजूद हैं जो विवादित नहीं है. अर्ज़ी में कहा गया कि सर्वे कराके पूरे मामले को सुलझाया जाए.

    लगभग आठ माह बाद आठ अप्रैल, 2022 को अदालत ने सर्वेक्षण करने और उसकी वीडियोग्राफ़ी के आदेश दे दिए.

    मस्जिद इंतज़ामिया (प्रबंधन समिति) ने कई तकनीकी पहलुओं के आधार पर इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसे अदालत ने नामंज़ूर कर दिया.

    सर्वेक्षण के दौरान मस्जिद के वज़ूख़ाने में एक ऐसी आकृति मिली है, जिसके शिवलिंग होने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद मस्जिद को सील कर दिया गया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद में नमाज़ जारी रखने जाने का आदेश सुनाया, लेकिन वज़ूख़ाना अब भी सील है.

  19. पश्चिम बंगाल: भाजपा के नबान्न अभियान के कारण छावनी में बदला कोलकाता,

    कोलकाता

    इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को भाजपा के नवान्न यानी राज्य सचिवालय अभियान को ध्यान में रखते हुए सचिवालय और उसके आसपास पांच किलोमीटर का दायरा पुलिस छावनी में बदल गया है.

    सुरक्षा के लिए दूसरे जिलों से अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए हैं. हावड़ा और कोलकाता से सचिवालय की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं. हावड़ा और विद्यासागर सेतु पर भी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है.

    इस वजह से महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था अस्त-व्यस्त होने का अंदेशा है. बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव के कारण रविवार दोपहर से होने वाली भारी बारिश की वजह से महानगर के कई इलाको में पानी भर गया है.

    कोलकाता में बीजेपी का प्रदर्शन

    इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि सचिवालय की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष पुलिस आयुक्त दमयंती सेन के कंधों पर है.

    तमाम इलाकों में कोलकाता और हावड़ा पुलिस के कम से कम 18 उपायुक्तों को तैनात किया गया है. जगह-जगह बैरीकेड लगा कर वाटर कैनन तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही ड्रोन से तमाम रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है. अभियान को ध्यान में रखते हुए शहर के तमाम प्रमुख रास्तों पर सुबह आठ बजे से ही वाहनों की आवाजाही नियंत्रित कर दी गई है.

    ध्यान रहे कि पुलिस ने भाजपा के इस अभियान को मंजूरी नहीं दी है. बावजूद इसके भगवा शिविर सरकार से दो-दो हाथ करने पर आमादा है.

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार कहते हैं, "हमें पुलिस से इस अभियान के लिए अनुमति मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी. तृणमूल कांग्रेस सरकार तो नुक्कड़ सभा में भी बाधा पहुंचाती है. लेकिन पार्टी इस अभियान के लिए तैयार है."

    कोलकाता और हावड़ा से भाजपा की तीन रैलियों के नवान्न की ओर जाने की संभावना है. इनमें से एक कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से शुरू होगी और बाकी दो हावड़ा के अलग-अलग इलाकों से

  20. मोहम्मद शमी को नहीं चुने जाने पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?