सांसें थामने वाले मुक़ाबले में पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान को हराया
अंतिम ओवर में पाकिस्तान को 11 रन बनाने थे और सिर्फ़ एक विकेट उसके पास था.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and शुभम किशोर
सांस थामने वाले मुक़ाबले में पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान को हराया

इमेज स्रोत, ACBofficials
एशिया कप के सांसें थाम देने वाले रोमांचक मुक़ाबले में पाकिस्तान ने चार गेंदें शेष रहते अफ़ग़ानिस्तान को एक विकेट से हरा दिया है.अफ़ग़ानिस्तान की इस हार के साथ ही भारत के फ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी कमज़ोर हो गई हैं.
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए अफ़ग़ानिस्तान ने 20 ओवरों में 6 विकेट के नुक़सान पर 129 रन बनाए थे. अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से सबसे ज़्यादा 35 रन इब्राहिम ज़ादरान ने बनाए. बेहद कम स्कोर होने के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी को बांधे रखा.
अंतिम 12 गेंदों पर जीत के लिए पाकिस्तान को 21 रन बनाने थे. अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से फ़रीद ने 19वां ओवर फेंका.
फ़रीद ने दूसरी ही गेंद पर हारिस रऊफ के शून्य पर आउट कर दिया. इसी के साथ पाकिस्तान के आठ विकेट गिर गए.
इससे पिछले ही ओवर की अंतिम गेंद पर ख़ुशदिल शाह को फ़ज़लुल्लाह फ़ारूक़ी ने बोल्ड कर दिया था. पाकिस्तान की ओर से तेज़ बल्लेबाज़ी कर रहे आसिफ़ अली ने 19वें ओवर की चौथी गेंद पर छक्का लगाकर अफ़ग़ानिस्तान पर दबाव बना दिया था लेकिन फ़रीद ने अगली ही गेंद पर उन्हें कैच आउट करा दिया.
अंतिम सात गेंदों पर पाकिस्तान को जीत के लिए 12 रन बनाने थे और सिर्फ़ एक विकेट पाकिस्तान के पास बचा था. आसिफ़ अली 8 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हुए.
अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से आख़िरी ओवर फ़ज़लुल्लाह फ़ारूक़ी ने फेंका. पाकिस्तान को 6 गेंदों पर 11 रन बनाने थे और सिर्फ़ एक विकेट उसके हाथ में था.
नसीम शाह ने बीसवें ओवर की पहली ही गेंद पर छक्का लगा दिया. फ़ज़लुल्लाह फ़ारूक़ी ने यॉर्कर करने के चक्कर में फुलटॉस फेंक दी और मैच एक बार फिर पाकिस्तान की तरफ़ झुक गया.
फ़ज़लुल्लाह ने अगली ही गेंद पर फिर वही ग़लती की और वहीं अंजाम हुआ. नसीम शाह ने फुलटॉस को पवेलियन के बाहर भेज दिया और इस तरह चार गेंदें शेष रहते पाकिस्तान ने ये रोमांचक मुक़ाबला जीत लिया.
मेन फ्रंट बनना चाहता हूं थर्ड फ्रंट नहीं, सोनिया से मिलने आऊंगाः नीतीश कुमार

इमेज स्रोत, Getty Images
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जब सोनिया गांधी देश वापस आएंगी तो वो उनसे मिलेंगे.
उन्होंने कहा, “जब सोनिया गांधी वापस आएंगी, तो मैं उनसे मिलूंगा. हम पहला फ्रंट बनना चाहते हैं, थर्ड फ्रंट नहीं. मैं विपक्ष की एकता के लिए काम करता रहूंगा.”
उन्होंने प्रशांत किशोर के बारे में भी बयान दिया. उन्होंने कहा, “बिहार में वो जो करना चाहते हैं वो करें, उनके बयान का कोई अर्थ नहीं है. उनको एबीसी नहीं मालूम है.पब्लिसिटी पाने की चाहत में वो ये सब कहते हैं.”
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
नीतीश कुमार ने बुधवार को एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार से दिल्ली में मुलाक़ात की थी. मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि विपक्ष का साथ आना देशहित में होगा.
नीतीश आरजेडी नेता शरद यादव से मंगलवार को मिले थे.
नीतीश पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के कई नेताओं से मिल चुके हैं. सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिले थे. इसके बाद मंगलवार को उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाक़ात की. उन्होंने सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के महासचिव डी राजा से भी मुलाक़ात की.
अपने दिल्ली दौरे के दौरान नीतीश कुमार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाक़ात की.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
एशिया कपः अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान को दी 130 रन की चुनौती, शून्य पर आउट हुए बाबर
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
एशिया कप क्रिकेट के ग्रुप फ़ोर के एक अहम मुक़ाबले में अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य रखा है.
टॉस जीत कर पाकिस्तान ने पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला लिया. अफ़ग़ानिस्तान की टीम ने बेहतरीन शुरुआत की तो लगा कि बाबर आज़म का ये निर्णय कहीं ग़लत साबित न हो.
अफ़ग़ान टीम ने पहले चार ओवरों में 36 रन और पांच ओवर में 43 रन बना लिए थे. हालांकि इन दोनों स्कोर पर अफ़ग़ानिस्तान का पहला और दूसरा विकेट गिरा.
ओपनर्स हज़रतुल्लाह ज़ज़ई ने 17 गेंदों पर 21 रन बनाए तो विकेटकीपर गुरबाज़ ने 11 गेंदों पर 17 रन बनाए.
इसके बाद टीम के विकेट लगातार गिरते रहे तो एक छोर से इब्राहिम ज़ारदान धीमी गति से रन बना रहे थे. ज़ारदान ने 37 गेंदों पर 35 रन बनाए.
अफ़ग़ानिस्तान की टीम 3 विकेट पर 91 रन बना चुकी थी लेकिन इसके बाद इसी स्कोर पर उसने दो विकेट गंवा दिए.
नजीबुल्लाह ज़रदान इसी स्कोर पर आउट हुए और कप्तान मोहम्मद नबी को पहली ही गेंद पर नदीम शाह ने बोल्ड आउट कर पवेलियन लौटा दिया.
अफ़ग़ानिस्तान की टीम 20 ओवरों में 129 रन बना सकी.
नसीम ने चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लिया. वहीं रउफ ने अपने 4 ओवरों में 26 रन देकर दो विकेट लिए.
मैच के मध्यांतर के दौरान उन्होंने कहा कि मैच में उनका लक्ष्य रन नहीं देना था और वो इसमें कामयाब रहे.
अमेरिकी बयान के बाद चीन ने फिर दोहराया- ताइवान चीन का प्रांत है

इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के साथ ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन चीन ने अमेरिका के उस बयान पर सख़्त आपत्ति की है जिसमें कहा गया था कि वो ताइवान के डिफ़ेंस को ध्यान में रखते हुए हथियारों की सप्लाई कर रहा है.
चीन की विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा, “ताइवान चीन का प्रांत है. डिफ़ेंस से अमेरिका का क्या मतलब?”
वन चाइना पॉलिसी के तहत चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है. और चीन नहीं चाहता की अंतररारष्ट्रीय ताइवान को किसी स्वतंत्र राष्ट्र के रुप में मान्यता दे.
हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था जिसपर चीन से सख़्त आपत्ति दर्ज करते हुए कहा था कि अमेरिका को इस खमियाजा भुगतना होगा.
अमेरिका के बाद अब बहुत से यूरोपीय देश अब खुलकर ताइवान के पक्ष में बोलने लगे हैं.
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद कुछ देशों में ये डर है कि कहीं चीन भी ताइवान के साथ ऐसा कुछ न कर दे.
भारत की विदेश नीति के लिए बांग्लादेश कितना अहम है?
राहुल गांधी ने शुरू की 'भारत जोड़ो यात्रा', सोनिया ने कहा, कांग्रेस पार्टी का कायाकल्प होगा

इमेज स्रोत, Twitter/@INCIndia
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत कर दी है. यात्रा की शुरुआत राहुल गांधी ने अपने हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर की. इसके बाद अपने भाषण में उन्होनें कहा, “देश में लाखों लोगों को लगता है कि भारत को साथ लाने के लिए एक्शन लेने की ज़रूरत है.”
उन्होंने कहा, “ये झंडा सिर्फ़ तीन रंग, एक चक्र और कपड़े का टुकड़ा नहीं है. ये झंडा हमें आसानी से नहीं मिला, इसे हमें तोहफ़े की तरह नहीं दिया गया था. इसे भारतीय लोगों ने कमाया है. ये देश के हर व्यक्ति की पहचान है. ये झंडा देश में रहने वाले हर व्यक्ति के धर्म, भाषा और सभी राज्यों की पहचान हैं.”
"आज भारत अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. मुट्ठी भर बड़े बिज़नेसमैन आज पूरे देश को नियंत्रित कर रहे हैं. पहले ईस्ट इंडिया कंपनी थी जो भारत को नियंत्रित करती थी और आज 3-4 बड़ी कंपनियां हैं जो पूरे भारत को नियंत्रित करती हैं."
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
इस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश भी पढ़ा गया. सोनिया ने इस यात्रा को महत्वपूर्ण पल बताया और उम्मीद जताई की पार्टी को नई ऊर्जा देगा.
सोनिया ने कहा, “मैं अपने मेडिकल चेकअप के कारण कन्याकुमारी से कश्मीर तक की इस यात्रा के शुरू होने के ऐतिहासिक मौके पर वहां मौजूद नहीं हूं, इसका मुझे अफ़सोस है."
"इस तरह की शानदार विरासत वाली हमारी महान पार्टी, कांग्रेस के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर है. मुझे विश्वास है कि हमारे संगठन का कायाकल्प होगा."
उन्होंने इस मौके को "भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाला" भी बताया.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
कांग्रेस की 150 दिनों में ये यात्रा 12 राज्यों से गुज़रेगी. जिन इलाकों से ये यात्रा नहीं गुज़रेगी वहां सहायक यात्राएं निकाली जाएंगी.
इस दौरान सभी राज्यों में ख़ास कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है. ये यात्रा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ख़त्म होगी.
कांग्रेस का दावा है कि इस यात्रा के ज़रिए वो बढ़ती महंगाई और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों पर आम लोगों में बहस छेड़ने की कोशिश करेगी.
07 सितंबर 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा से.
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
एशिया कपः पाकिस्तान ने टॉस जीता, अफ़ग़ानिस्तान को बल्लेबाज़ी के लिए उतारा
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
एशिया कप के सुपर फ़ोर में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच अहम मुक़ाबला खेला जा रहा है. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म ने टॉस जीत कर पहले फील्डिंग का फ़ैसला लिया है. पहले मैच में भारत को हरा चुकी पाकिस्तान की टीम यह मैच जीत कर फ़ाइनल में पहुंचने की पूरी कोशिश करेगी.
वहीं अफ़ग़ानिस्तान ने ग्रुप मुक़ाबले में शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन ग्रुप फ़ोर का पहला मैच वो हार चुका है. टी20 मुक़ाबलों में अब तक पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तीन बार आपस में भिड़ चुके हैं, हर बार बाज़ी पाकिस्तानी टीम के हाथ लगी है.
लिहाजा पाकिस्तान का पहले ही भारी है. श्रीलंका की टीम अफ़ग़ानिस्तान और भारत को हराकर एशिया कप के फ़ाइनल में पहले ही जगह बना चुकी है. आज पाकिस्तान की टीम अगर अफ़ग़ानिस्तान को हरा देती है तो अफ़ग़ान टीम के साथ ही भारत भी एशिया कप 2022 से बाहर हो जाएगा.
मोहम्मद ज़ुबैर को उत्तर प्रदेश में दर्ज एफ़आईआर के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली ये छूट

इमेज स्रोत, MOhammad Zubair
सुप्रीम कोर्ट ने ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को उत्तर प्रदेश में दर्ज एफ़आईआर रद्द कराने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट जाने की छूट दे दी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मोहम्मद ज़ुबैर को इस मामले में कोई राहत देने से इनकार कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा है कि मोहम्मद ज़ुबैर की याचिका पर फ़ैसला मेरिट के आधार पर होगा, ये इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले से प्रभावित नहीं होगा. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और हिमा कोहली की खंडपीठ ने इस मामले में ये भी नोट किया कि मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ सीतापुर समेत अन्य जगहों पर दर्ज सभी मामले जाँच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में ट्रांसफ़र कर दिए गए हैं.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
ऐसा सुप्रीम कोर्ट के 20 जुलाई के फ़ैसले में कहा गया था. इसी दिन मोहम्मद ज़ुबैर को ज़मानत भी मिली थी. धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोप में मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ कई एफ़आईआर दर्ज हैं. बीते 20 जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी. इसके बाद उन्हें कई दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा था.
महाकाल के दर्शन नहीं कर सकें रणबीर और आलिया, हंगामा क्यों बरपा

इमेज स्रोत, ANI
फ़िल्म ब्रह्मास्त्र के लिए उज्जैन के महाकाल मंदिर के दर्शन और पूजा करने पहुंचे बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को हिंदूवादी संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा. इसके चलते दोनों महाकाल के दर्शन नहीं कर सकें और उन्हें लौटना पड़ा.
मंगलवार को ये बॉलीवुड कपल इंदौर हवाई अड्डे पर उतर कर सीधे महाकाल के दर्शन को पहुंचे थे. दोनों वहां संध्या आरती में शामिल होने वाले थे लेकिन विरोध-प्रदर्शन के कारण दोनों ने दर्शन करने की अपनी योजना टाल दी और मुंबई वापस लौट गए.
रणबीर और आलिया की फ़िल्म ब्रह्मास्त्र इसी शुक्रवार (9 सितंबर) को रिलीज़ हो रही है. रणबीर और आलिया इस फ़िल्म की सफलता के लिए पूजा करने उज्जैन आए थे.
इन दोनों के आने की ख़बर पाते ही हिंदूवादी संगठन बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंदिर पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया और रणबीर और आलिया को अंदर जाने से रोक दिया.
शरद पवार से मिलने के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी के बारे में कही ये बात

इमेज स्रोत, ANI
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार से दिल्ली में मुलाक़ात की. मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि विपक्ष का साथ आना देशहित में होगा.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ मुलाक़ात के बाद नीतीश कुमार ने कहा, “बहुत अच्छी बातचीत हुई. ये लोग (बीजेपी) कोई काम नहीं कर रहे. विपक्ष का साथ आना ज़रूरी है. मैं चाहता हूँ कि ज़्यादातर विपक्ष एक साथ आए.अगर ऐसा हुआ तो ये देशहित में होगा."
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
नीतीश आरजेडी नेता शरद यादव से मंगलवार को मिले थे. शरद यादव ने इस मुलाक़ात के बारे में बात करते हुए आज कहा कि, “विकल्प की ज़रूरत सभी को महसूस हो रही थी, और नीतीश कुमार इसकी अगुआई कर रहे हैं. पीएम कौन बनेगा इसपर फ़ैसला आम सहमति से होगा लेकिन ये साफ़ लग रहा है कि विकल्प के तौर पर चेहरा नीतीश कुमार का है.”
नीतीश पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के कई नेताओं से मिल चुके हैं. सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिले थे. इसके बाद मंगलवार को उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंज केजरीवाल से मुलाकात की. उन्होंने सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के महासचिव डी राजा से भी मुलाकात की.
2019 में हारी सीटों पर बीजेपी अब क्यों फोकस कर रही है?

इमेज स्रोत, Getty Images
यूं तो साल 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को बीजेपी के लिहाज़ से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है.
पहला: वो दस राज्य जिसमें बीजेपी ने लोकसभा की सारी सीटें जीती थीं जैसे गुजरात और राजस्थान.
दूसरा: वो ग्यारह प्रदेश जहां बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत पाई जिसमें केरल और तमिलनाडु शामिल हैं.
तीसरा: बाक़ी वो राज्य जहां सहयोगियों और अपने दम पर बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन किया जैसे महाराष्ट्र और बिहार.
लेकिन साल 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को बीजेपी 'जीते या हारे गए राज्यों' के नज़रिए से नहीं देख रही है.
पुतिन ने गैस और तेल पर पश्चिमी देशों को सुनाई खरी-खोटी और कहा- रूस को अलग-थलग करना असंभव

इमेज स्रोत, TASS VIA REUTERS
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध के कारण पश्चिमी देशों की पाबंदियों की आलोचना की है. उन्होंने इन पाबंदियों को ऐसा बुखार कहा है, जिससे पूरी दुनिया के सामने ख़तरा पैदा कर दिया है. व्लादिवोस्तोक में आर्थिक फ़ोरम की एक बैठक के दौरान अपने भाषण में पुतिन ने इसे रूस पर पश्चिमी देशों का आर्थिक आक्रमण कहा है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पाबंदियों के कारण यूरोपीय लोगों के जीवन की गुणवत्ता का बलिदान किया जा रहा है, जबकि अधिक ग़रीब देश के सामने खाद्यान्न संकट पैदा हो गया है.
यूक्रेन के अनाज का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप ग़रीब देशों को इस बहाने धोखा दे रहा है. यूक्रेन युद्ध के कारण कई महीनों तक वहाँ के बंदरगाह को रूसी सैनिकों ने बंद कर रखा था.
पुतिन का कहना है कि अगस्त में निर्यात शुरू होने के बाद से ये कहना ग़लत है कि अनाज के सिर्फ़ दो जहाज़ ही अफ़्रीका गए हैं. रूस ने 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर हमला किया था. फ़िलहाल उसका यूक्रेन के कई इलाक़ों पर नियंत्रण भी है.
छह महीने बाद राजधानी कीएव के आसपास के इलाक़ों और देश के उत्तरी हिस्से से रूसी सेना को पीछे हटना पड़ा है, जबकि रूसी सैनिकों को दक्षिणी और पूर्वी हिस्से से यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ रहा है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
यूक्रेन पर हमले के कारण रूस पर पश्चिमी देशों ने कई तरह की पाबंदियाँ लगाई हैं. जवाब में रूस से यूरोप को गैस की सप्लाई पर भी असर पड़ा है. रूस के राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि रूस को अलग-थलग करना असंभव है.
पुतिन ने यूरोपीय देशों के रूस की गैस पर क़ीमतों की सीमा तय करने के प्रस्ताव की आलोचना की है.उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया गया, तो रूस इन देशों को तेल और गैस की सप्लाई रोक देगा.
कन्हैया कुमार ने कहा- आडवाणी की रथयात्रा सत्ता के लिए थी, कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा सत्य के लिए

इमेज स्रोत, Getty Images
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा है कि वर्ष 1990 में बीजेपी की रथ यात्रा सत्ता के लिए थी, जबकि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा सत्य के लिए है. कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा बुधवार यानी आज से शुरू हो गई है. इसके तहत 150 दिनों में 3570 किलोमीटर का सफ़र तय किया जाना है.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
ये यात्रा कन्याकुमारी से 12 राज्य होते हुए कश्मीर जाकर ख़त्म होगी. इस पूरी यात्रा के दौरान कन्हैया कुमार भी मौजूद रहेंगे. कन्याकुमारी में समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस की पहल सिर्फ़ राजनीतिक नहीं है. उन्होंने 1990 में लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में हुई रथयात्रा के बारे में कहा कि ये राजनीतिक यात्रा थी.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
कन्हैया कुमार ने कहा कि वे आडवाणी की रथ यात्रा के नकारात्मक प्रभावों पर नहीं जाना चाहते, लेकिन देश उसके नकारात्मक असर को देख रही है. उन्होंने कहा- बीजेपी ने रथयात्रा से सत्ता हासिल की. लेकिन कांग्रेस इस यात्रा से सत्य को स्थापित करेगी. ये देश सबका है. कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के तीन पहलू हैं- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक.
छोड़िए X पोस्ट, 3X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
उन्होंने कहा- देश भौगोलिक और ऐतिहासिक रूप से विभाजित नहीं है. लेकिन जब आप मौजूदा सरकार की नीतियों और उनकी मंशा को देखते हैं, तो पता चलता है कि धनी और ग़रीब के बीच बड़ी खाई है. कन्हैया कुमार ने कहा कि कॉरपोरेट्स को टैक्स में छूट मिलती है, जबकि दूध और दही पर जीएसटी लगाया जाता है, जिससे ग़रीब तबके पर असर पड़ता है.
छोड़िए X पोस्ट, 4X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 4
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बीजेपी लगातार तंज़ कस रही है. असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने तो यहाँ तक कहा है कि कांग्रेस को पाकिस्तान जाकर अपना अभियान चलाना चाहिए, जबकि शहज़ाद पूनावाला ने कहा है कि ये यात्रा परिवार जोड़ो यात्रा है. उन्होंने इसे पद के लिए यात्रा कहा है.
नरेंद्र मोदी ने पुतिन की मौजूदगी में रूस-यूक्रेन युद्ध पर कही ये बात

इमेज स्रोत, @narendramodi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत, रूस के साथ सहयोग को और मज़बूत करना चाहता है क्योंकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की अपार क्षमताएं हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ईस्टर्न इकोनॉमिक फ़ोरम के एक अधिवेशन में वीडियो के ज़रिए बोल रहे थे. ये अधिवेशन रूस के व्लादिवॉस्टॉक शहर में हो रहा है. इस अधिवेशन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी हिस्सा ले रहे हैं.
यूक्रेन युद्ध की बात करते हुए मोदी ने कहा, "यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत से ही, हमने कूटनीति और बातचीत का रास्ता अपनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है. हम इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए सभी शांतिपूर्ण प्रयासों का समर्थन करते है."
साल 2019 में ईस्टर्न यूकोनॉमिक फ़ोरम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस साल भारत ने एक्ट ईस्ट पॉलिसी की घोषणा की थी और नतीजतन भारत के रूस के पूर्वोत्तर हिस्से के साथ कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
मोदी ने कहा, “अब ये नीति भारत और रूस के बीच विशेष सहयोग का मुख्य बिंदु बन चुकी है. इसी महीने व्लादिवॉस्टॉक में भारतीय कंसुलेट की स्थापना के 30 वर्ष पूरे हो रहे हैं.तब से इस शहर ने बहुत प्रगति की है.”
पीएम मोदी ने कहा, “मैं राष्ट्रपति पुतिन को इस संस्था को स्थापित करने के लिए मुबारकबाद देता हूँ. ऊर्जा के अलावा भारत ने रूस के पूर्वोत्तर में फ़ार्मा और डायमंड उद्योग में भी निवेश किया है.”
उन्होनें कहा, "आज के ग्लोबलाइज़्ड वर्ल्ड में विश्व के किसी एक हिस्से की घटनाएँ पूरे विश्व पर प्रभाव पैदा करती हैं. यूक्रेन संघर्ष और कोविड महामारी से ग्लोबल सप्लाई चेन्स पर बड़ा असर पड़ा है. खाद्यान्न, खाद, और ईंधन की कमी विकासशील देशों के लिए बड़ी चिंता के विषय हैं."
FB LIVE: कन्याकुमारी से कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू. ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव.
बिहार के अत्यंत पिछड़े ज़िले का ये सरकारी स्कूल क्यों है उम्मीद की किरण

इमेज स्रोत, VISHNU NARAYAN/BBC
इमेज कैप्शन, बाल संसद की प्रधानमंत्री छात्रा मुस्कान बिहार के तिरहुत प्रमंडल का एक ज़िला है शिवहर. साल 1994 में सीतामढ़ी से कट कर अस्तित्व में आए इस ज़िले तक अब तक रेल नहीं पहुंच सकी है.
क्षेत्रफल के लिहाज़ से सबसे छोटे ज़िले के तौर पर शुमार किए जाने वाले इस शहर को आर्थिक व सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत पिछड़ा माना जाता है.
हालांकि ज़िले का पिछड़ापन दीगर मामला है, आज हम आपको शिवहर ज़िले में अवस्थित एक ऐसे मध्य विद्यालय तक ले जा रहे हैं, जिसे स्वच्छता के लिहाज़ से साल 2021 में ज़िले के सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के तौर पर सम्मानित किया गया.
आप के संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में फाड़ा एलजी का लीगल नोटिस, लगाए और गंभीर आरोप

इमेज स्रोत, AAP
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बार फिर दिल्ली के उप-राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
दिल्ली में एक प्रेसवार्ता के दौरान संजय सिंह ने कहा कि उप राज्यपाल वीके सक्सेना के खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईएस) के अध्यक्ष रहते हुए, इस संस्था में कई घोटाले हुए हैं.
इससे पहले भी आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए थे कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने खादी उद्योग के अध्यक्ष पद पर रहते हुए, अपने पद का दुरुपयोग किया था.
पार्टी ने आरोप लगाया कि खादी लाउंज की इंटीरियर डिजाइनिंग का ठेका वीके सक्सेना ने अपनी बेटी को दिया था.
इसके बाद उपराज्यपाल ने संजय सिंह समेत आम आदमी के नेताओं को एक लीगल नोटिस भेजा था..
आज दिल्ली में हुई प्रेसवार्ता में संजय सिंह नाटकीय ढंग एलजी सक्सेना के भेजे लीगल नोटिस को फाड़ दिया.
लीगल नोटिस फाड़ते हुए संजय सिंह ने कहा, “मैं किसी भ्रष्ट व्यक्ति को नोटिस भेजने से रुकने या डरने वाला नहीं हूँ. ऐसे नोटिसों को मैं दस बार फाड़ कर फेंकता हूँ. भारत का संविधान मुझे सच बोलने का अधिकार देता है.”
नोटिस फाड़ने के बाद संजय सिंह ने एलजी सक्सेना पर और कई आरोप लगाए.
उन्होंने कहा कि खादी उद्योग का अध्यक्ष रहते हुए संस्था के 4,55,000 में से 1,93,598 का ही बैंक खाता खोल गया था.
संजय सिंह ने दावा किया, “बाक़ी 2.5 लाख से अधिक कर्मचारी थे ही नहीं, जिन्हें हर महीने नकद वेतन जाता रहा. अरबों खरबों का घोटाला होता रहा.”
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
आबकारी नीति पर सवाल और आप का पलटवार
दिल्ली के उपराज्यपाल ने गद्दी संभालने के बाद ही दिल्ली में शराब बेचने के लिए बनाई गई नई आबकारी नीति की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी. इसके अलावा एलजी ने आबकारी विभाग के कई अधिकारियों को सस्पेंड भी कर दिया था.
सीबीआई ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के ख़िलाफ़ शराब नीति में कथित घोटाले के केस में एफ़आईआर दर्ज की थी.

इमेज स्रोत, ANI
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस केस से जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ काले धन को वैध करने के मामले खोल लिए थे और कई राज्यों में छापेमारी की थी.
उधर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल पर खादी उद्योग के अध्यक्ष रहने के दौरान हुई कथित धांधलियों के गंभीर आरोप लगाए थे. आप के आरोपों के बाद एलजी ने पार्टी के कुछ नेताओं को लीगल नोटिस दिया था.
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा और जयराम रमेश के बीच तू-तू, मैं-मैं

इमेज स्रोत, Getty Images
कांग्रेस के भारत जोड़ो यात्रा को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के बीच वाकयुद्ध तेज़ हो गया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणी से शुरू हुई बयानबाज़ी अब भी जारी है.
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा था कि कांग्रेस को अपनी भारत जोड़ो यात्रा पाकिस्तान में करनी चाहिए. इसके जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि हिमंत बिस्व सरमा अपनी वफ़ादारी साबित करने के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
अब हिमंत बिस्वा सरमा ने जयराम रमेश की टिप्पणी का जवाब दिया है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- पहले तो ये बताइए जयराम रमेश हैं कौन. क्या वे असम में रहते हैं? वे कौन हैं? मुझे कुछ नहीं पता. कांग्रेस के एक नेता का नाम कौन याद करेगा? मैं इस नाम वाले व्यक्ति के कभी भी क़रीब नहीं रहा, जब मैं कांग्रेस में था. मैं नहीं जानता कौन हैं वे.
कांग्रेस की भारत जोड़ों यात्रा पर एक बार फिर टिप्पणी करते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने कहा- हम एक राष्ट्र हैं. कांग्रेस ने 1947 में भारत का विभाजन किया. अगर राहुल गांधी को इस पर थोड़ा भी खेद है कि उनके नाना ने ग़लती की, तो भारत में भारत जोड़ो यात्रा की आवश्यकता नहीं. पाकिस्तान और बांग्लादेश को एक करने और अखंड भारत के लिए काम करने की आवश्यकता है.
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
इससे पहले भी 'भारत जोड़ो' यात्रा को निशाने पर लेते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि पार्टी को अपना अभियान पाकिस्तान जाकर शुरू करना चाहिए क्योंकि भारत पहले से ही जुड़ा हुआ है.
कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा बुधवार यानी आज से शुरू हो रही है. इसके तहत 150 दिनों में 3570 किलोमीटर का सफर तय किया जाना है. ये यात्रा कन्याकुमारी से 12 राज्य होते हुए कश्मीर जाकर ख़त्म होगी.
इस यात्रा पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भारत का बंटवारा 1947 में हो चुका है और अब भारत में 'भारत जोड़ो' यात्रा शुरू करने का कोई फायदा नहीं है.
इसके जवाब में जयराम रमेश ने कहा था- असम के मुख्यमंत्री बचकाने और अपरिपक्व हैं. वे अपने नए आकाओं के प्रति अपनी वफ़ादारी साबित करने के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि वे असम के सीएम के बयान को गंभीरता से नहीं लेते हैं. जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रस में 20-25 साल रहने के बाद हर दिन हिमंत बिस्वा सरमा को अपनी वफ़ादारी साबित करनी पड़ती है. इसलिए वे ऐसे बयान देते रहते हैं.
