हर छह महीने में पार्टी बदलने वालों के मार्गदर्शक हैं नीतीश कुमारः हिमंत बिस्व सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बिहार के अपने समकक्ष नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा है कि वे हर छह महीने में पार्टी बदलने वालों के लिए मार्गदर्शक हैं.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and अभिजीत श्रीवास्तव

  1. आरजेडी के विधायक हैं ज़्यादा, फिर भी नीतीश के डिप्टी क्यों बने तेजस्वी?

  2. हर छह महीने में पार्टी बदलने वालों के मार्गदर्शक हैं नीतीश कुमारः हिमंत बिस्व सरमा

    हिमंत बिस्व सरमा

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    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बिहार के अपने समकक्ष नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा है कि वे हर छह महीने में पार्टी बदलने वालों के लिए मार्गदर्शक हैं.

    नीतीश कुमार ने एनडीए को छोड़ते हुए महागठबंधन का दामन थामा है और बिहार के आठवीं बार मुख्यमंत्री बने हैं.

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    असम के सीएम ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि "आप कैसे गारंटी दे सकते हैं कि नीतीश कुमार 6-8 महीने बाद इस गठबंधन को नहीं छोड़ेंगे."

    उन्होंने कहा, "वे सबसे अप्रत्याशित व्यक्ति हैं. मैं भी राजनीतिक दल बदला हूं लेकिन मैंने उनकी तरह नहीं बदला है. हर 6 महीने में पार्टी बदलने वालों के लिए वे 'मार्गदर्शक' हैं."

  3. सीबीआई ने पश्चिम बंगाल एसएससी स्कैम में दो लोगों को गिरफ़्तार किया,

    सीबीआई

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    सीबीआई ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के एसएससी स्कैम के तहत दो लोगों शांति प्रसाद सिन्हा और अशोक साहा को गिरफ़्तार किया है.

    ये दोनों शख़्स आयोग के पूर्व सलाहकार रहे हैं.

    इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में जांच करते हुए ममता बनर्जी के क़रीबी नेता पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ़्तार किया है.

    ममता बनर्जी ने इसके बाद अनचाहे अंदाज़ में पार्थ चटर्जी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए उन्हें मंत्री पद के साथ-साथ पार्टी से निलंबित कर दिया है.

  4. कॉमनवेल्थ गेम्स से गोल्ड मेडल लाए खिलाड़ियों को मिलेगा डेढ़ करोड़ रुपये का ईनाम

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2022

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    कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 से पदक लाने वाले राज्य के अपने खिलाड़ियों के लिए हरियाणा सरकार ने ईनामों की घोषणा की है.

    राज्य सरकार कॉमनवेल्थ गेम्स खेलों से गोल्ड मेडल लाने वाले खिलाड़ी को 1.5 करोड़ रुपये तो सिल्वर मेडल जीतने वाले को 75 लाख रुपये और ब्रॉन्ज मेडल पाने वाले खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये का ईनाम देगी.

    जो खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स की प्रतिस्पर्धा में चौथे पायदान पर रहा हरियाणा सरकार ओलंपिक की तर्ज पर उसे भी 15 लाख रुपये से सम्मानित करेगी.

    यह पुरस्कार समारोह 16 अगस्त को गुरुग्राम में आयोजित किया जाएगा. हरियाणा सरकार इस दौरान इन खेलों में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित करेगी.

  5. प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार और बिहार में राजनीतिक बदलाव पर ये क्या कहा?

    प्रशांत किशोर

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    बिहार में ताज़ा राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रशांत किशोर ने उम्मीद जताई है कि अब यहां राजनीतिक स्थिरता लौट आएगी.

    उन्होंने कहा, "बिहार की राजनीति में 2012-13 से जो राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ है उस परिपेक्ष्य में देखता हूं. तब से अब तक ये छठी बार सरकार का गठन हुआ है."

    "इसमें एक मांझी जी का छोड़ दें तो पांच बार नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री थे. स्वाभाविक है कि आप गठबंधन तभी छोड़ते हैं जब पिछला जो आपने बनाया था उससे संतुष्ट न हों. मेरी आशा है कि इस राज्य में राजनीतिक स्थिरता लौटे."

    "नीतीश जी ने कहा है कि वो एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं तो इस अध्याय पर रहें और बिहार की बेहतरी के लिए जो लोगों की अपेक्षा हैं उस पर काम हो."

    नीतीश जी ने कहा कि सब की चाहत थी कि एनडीए छोड़ दें. ये पूछने पर प्रशांत किशोर ने कहा, "ये तो मैंने भी टीवी पर सुना कल. मैं ये नहीं जानता हूं कि किस वजह से उन्होंने ये फ़ैसला लिया है. मैं केवल ये कह सकता हूं कि ये जो राजनीतिक उथल पुथल का दौर पिछले 10 साल से चल रहा है ये उसी दिशा में है. और इसके मुख्य उत्प्रेरक नीतीश कुमार जी है. वे एक गठन में गए, उनको अच्छा नहीं लगा तो बदल कर दूसरे में चले गए, फिर नहीं अच्छा लगा तो तीसरे में चले गए."

    "उम्मीद है कि अब बिहार में राजनीतिक स्थिरता लौटेगी. बिहार के एक नागरिक के रूप में आप उनसे अब यही अपेक्षा रखते हैं कि अब जो नया गठन बनाया है इस पर टिकें. उसकी प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखें और उसको जितनी ईमानदारी और प्रयास से ज़मीन पर उतारा जा सकता है करें."

    "महत्वपूर्ण बात ये है कि जो नया गठन बनाया है उस पर टिके और जनता कि अपेक्षा के मुताबिक काम करें. देखने की बात ये होगी कि नई सरकार कैसा काम करती है."

  6. दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से मुकेश खन्ना के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने को कहा

    स्वाति मालीवाल

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    दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने एक्टर मुकेश खन्ना के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की है.

    स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल से मुकेश खन्ना के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया है.

    स्वाति मालीवाल का आरोप है कि मुकेश खन्ना ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपमानजनक और ग़लत टिप्पणी की है.

    स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया है, "शक्तिमान का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना के ज़रिए महिलाओं के प्रति दिए गए आपत्तिजनक बयानों पर एफ़आईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी की है."

    अपनी नोटिस में उन्होंने मुकेश खन्ना की उस टिप्पणी का ज़िक्र किया है जिसे लेकर उन पर एफ़आईआर दर्ज करने की नोटिस उन्होंने दिल्ली पुलिस को जारी की है.

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    इसके साथ ही स्वाति मालीवाल ने मुकेश खन्ना से माफ़ी की मांग भी की है.

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  7. 10 अगस्त 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए वात्सल्य राय और मोहम्मद शाहिद से

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  8. हवाई सफ़र महंगा हो सकता है, सरकार ने एयरफेयर से कैप हटाने का फ़ैसला किया

    बढ़ सकता है हवाई किराया

    केंद्र सरकार ने 31 अगस्त से एयरफेयर से कैप हटाने का फ़ैसला लिया है. इसके साथ ही घरेलू हवाई यात्रा करने वालों के लिए 31 अगस्त से हवाई जहाज का किराया महंगा हो सकता है.

    कोरोना वायरस महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने हवाई किराए को लेकर एक सीमा तय की थी. तय ये किया गया था कि उस सीमा से अधिक टिकट की कीमत नहीं हो सकती थी. अब सरकार ने उसी कैप को हटाने का फ़ैसला लिया है.

    31 अगस्त से इसके हटने के बाद हवाई किराया बढ़ सकता है.

    केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लगातार बढ़ती मांग और एयर टरबाइन फ़्यूल की कीमत को एनालिसिस के बाद यह फ़ैसला लिया गया है.

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  9. बीजेपी पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए जेडीयू ने कहा- हम इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी से डरने वाले नहींं

    ललन सिंह

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    इमेज कैप्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह

    बिहार में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के शपथ ग्रहण समारोह के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बताया कि एनडीए से गठबंधन क्यों तोड़ा गया.

    इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर विश्वासघात का आरोप भी लगाया.

    ललन सिंह ने कहा है कि बीजेपी के नेता विश्वासघाती हैं उन्होंने नीतीश कुमार को धोखा दिया है.

    ललन सिंह ने कहा, "मंगलवार को हमारे नेताओं की बैठक हुई उसमें सभी की राय ली गई. वहां सभी लोगों ने कहा कि 2020 के चुनाव में हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी को जीत दिलाई लेकिन उनके कार्यकर्ताओं ने हमें हराने का काम किया. इस बैठक के बाद ही ये तय हुआ कि अब हम एनडीए में नहीं रहेंगे."

    उन्होंने कहा, "अटल जी, आडवाणी जी, जोशी जी के जमाने में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के एक पार्टी से दूसरी पार्टी में कोई कहीं से दलबदल नहीं होती थी. जेडीयू ने अरुणाचल प्रदेश में सात सीटें जीतीं. अरुणाचल में आपने सात में छह विधायकों को तोड़ लिया उसके बाद भी हम मज़बूत हैं वहाँ."

    "2019 में आपको ज़रूरत थी. आप देश के प्रधानमंत्री बनने वाले थे तो इसलिए तब कोई गड़बड़ नहीं हुई. और जैसे ही 2020 के विधानसभा का चुनाव आया आपने साज़िश की और हमारे पार्टी के एक नेता को जिसको ख़ुद मुख्यमंत्री जी ने विश्वास कर के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था उसको हमारे ख़िलाफ़ षड्यंत्र में मिला लिया."

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    उन्होंने ये भी कहा कि नीतीश कुमार पहले मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे लेकिन उन्हें जबरदस्ती बनाया गया.

    ललन सिंह ने कहा, "आरसीपी सिंह जेडीयू में बीजेपी के एजेंट बन कर आए. आपने (बीजेपी) ने गठबंधन का धर्म नहीं निभाया."

    उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने आंख बंद करके बीजेपी पर भरोसा किया लेकिन बीजेपी ने पीठ में छुरा भोंकने का काम किया. नीतीश जी में बर्दाश्त करने की क्षमता है. वो दो साल तक बर्दाश्त करते रहे."

    इस दौरान ललन सिंह ने कहा, "इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी से हम डरने वाले नहीं हैं. जितना ईडी लगाना है लगा लें, हमारे विधायकों को कोई तोड़ नहीं सकता है."

  10. सुनील बंसल को बीजेपी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया, पहले थे यूपी में संगठन महामंत्री

    सुनील बंसल

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    भारतीय जनता पार्टी ने सुनील बंसल को पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से इस नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी किया गया है.

    सुनील बंसल इससे पहले उत्तर प्रदेश में प्रदेश महामंत्री (संगठन) थे. बीजेपी अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना की प्रदेश प्रभारी के रूप में ज़िम्मेदारी रहेगी.

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    गी. सुनील बंसल की जगह धर्मपाल को उत्तर प्रदेश में संगठन का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है. धर्मपाल पहले झारखंड में प्रदेश महामंत्री थे. अब उनकी जगह कर्मवीर झारखंड में संगठन के प्रदेश महामंत्री बनेंगे. सुनील बंसल पहली बार उस समय चर्चा में आए थे, जब 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शानदार जीत मिली थी.

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    बीजेपी ने 71 सीटें अकेले जीती थी. उन्हें अमित शाह का क़रीबी माना जाता है. 2014 की जीत के बाद 2017 में यूपी का विधानसभा चुनाव आया, जिसमें बीजेपी की सत्ता में वापसी हुई.

    बीजेपी ने अकेले बहुमत हासिल किया और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वहाँ सरकार बनी. इसके बाद फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अच्छी सफलता हासिल हुई.

    जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार की वापसी हुई.

  11. जस्टिस यूयू ललित होंगे सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश

    जस्टिस यूयू ललित (बाएं) सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना (दाएं) के साथ

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    इमेज कैप्शन, जस्टिस यूयू ललित (बाएं) सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना (दाएं) के साथ

    जस्टिस उदय उमेश ललित सुप्रीम कोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश होंगे. बुधवार को चीफ़ जस्टिस के तौर पर उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी गई है.

    कुछ दिनों पहले ही वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ़ जस्टिस के तौर पर जस्टिस यूयू ललित के नाम की सिफारिश की थी.

    चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना ने जस्टिस यूयू ललित को अगले चीफ़ जस्टिस के तौर पर उनकी नियुक्ति के लिए बधाई दी है.

    यूयू ललित 27 अगस्त 2022 को सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ लेंगे. हालांकि जस्टिस यूयू ललित का कार्यकाल केवल 74 दिनों का होगा क्योंकि इसी साल 8 नवंबर को वे रिटायर हो जाएंगे.

  12. बिहार से LIVE: नीतीश कुमार के पाला बदलने पर नालंदा की महिलाएं क्या कह रही हैं?

    हरनौत से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के लिए विष्णु नारायण.

  13. नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना, तो गिरिराज सिंह का आया जवाब

    गिरिराज सिंह

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    केंद्रीय मंत्री और बिहार से बीजेपी के सांसद गिरिराज सिंह ने कहा है कि जब से नीतीश कुमार को पीएम पद का कीड़ा काटने लगा है. उन्होंने नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पीएम मैटेरियल हैं, तो आएँ और अकेले चुनाव लड़ें. लेकिन वे अकेले लड़ नहीं पाएँगे.

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    आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना कहा- 14 में जो आए थे, वे 24 के बाद रह पाएँगे या नहीं.

    हालाँकि पीएम पद की दावेदारी को लेकर नीतीश कुमार ने कहा था- मेरी कोई दावेदारी नहीं है. हमारी किसी चीज़ की दावेदारी नहीं है. लेकिन उन्होंने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि विपक्ष ख़त्म हो जाएगा. लेकिन अब तो वे भी विपक्ष में आ गए हैं. देखते हैं.

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    नीतीश कुमार ने कहा- आगे हम सब कुछ करेंगे. सब लोग मिलकर मज़बूत हों और आगे के लिए कुछ करें. 24 के लिए सब लोग एकजुट हो जाएँ. अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के बारे में सवाल पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा- श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, कितना प्रेम करते थे, मानते थे. हम भूल नहीं सकते. उस समय की बात ही कुछ और थी.

    हालाँकि उन्होंने नरेंद्र मोदी के बारे में पूछे जाने पर कुछ भी नहीं कहा. नीतीश कुमार के बयान पर टिप्प्णी करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा- 2014 की तरह लड़े चुनाव जदयू. पहले बिहार में अपनी लोकप्रियता साबित कर दो, तब प्रधानमंत्री बनना. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए लगातार बिहार को धोखा दे रहे हैं.

    गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने नीति, नीयत और नैतिकता को फ्रीज़ में रख दिया है. हमलोगों ने तो इनको सम्मान देकर मुख्यमंत्री बनाया. ये मुख्यमंत्री अपने बल पर नहीं बने हैं.

    बीबीसी के साथ बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि 2017 में नीतीश कुमार के साथ आकर उन्होंने कोई ग़लती नहीं की थी. अगर उन्होंने ग़लती की थी, तो उन्हें पता नहीं.

    उन्होंने कहा- हमने को नीतीश कुमार को ज़ीरो से हीरो बना दिया. लेकिन जब से उनको पीएम का कीड़ा काटने लगा है, तब से ही वो बीजेपी से अलग होने का सोचने लगे.

  14. नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से राहत- सभी केस दिल्ली ट्रांसफ़र, गिरफ़्तारी पर भी रोक

    नूपुर शर्मा

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    नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला किया है कि नूपुर शर्मा के सभी एफ़आईआर दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर होंगे. साथ ही नूपुर शर्मा की 19 जुलाई से गिरफ़्तारी पर लगी रोक भी जारी रहेगी.

    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि महाराष्ट्र के भी सभी एफ़आईआर दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर किए जाएंगे.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में दर्ज एफ़आईआर और दिल्ली पुलिस आईएफ़एसओ (इंटेलिजेंस फ्यूज़न ऐंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन) के एफ़आईआर पर एक साथ जांच होगी साथ ही अन्य एफ़आईआर को भी उसमें शामिल किया जाएगा.

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    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ सभी एफ़आईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को एफ़आईआर रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने को कहा है.

    साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि भविष्य में दर्ज होने वाले सभी एफ़आईआर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में ट्रांसफर किया जाएगा.

  15. लालू यादव के घर से LIVE: नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव की शपथ के बाद आरजेडी समर्थकों की क्या हैं प्रतिक्रियाएं? पटना से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के रजनीश कुमार

  16. चिराग पासवान ने तेजस्वी को दी बधाई, नीतीश कुमार पर किया कटाक्ष

    चिराग पासवान

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    बिहार में नए सरकार के गठन के बाद लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव को बधाई दी है. हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए कोई बधाई संदेश नहीं लिखा बल्कि उन पर कटाक्ष किया.

    चिराग ने लिखा, "बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री बनने पर @yadavtejashwi जी आप को ढेरों शुभकामनाएं. बिहार आपसे विकास की उम्मीद रखता है. आप के नए सहयोगी से अभी तक बिहारवासियों को विकास में निराशा ही प्राप्त हुई है. आप को एक बार पुनः बधाई."

    चिराग पासवान ने तेजस्वी के नए सहयोगी यानी जेडीयू को लेकर लिखा कि बिहार के विकास को लेकर उनसे निराशा हुई है.

    बता दें कि बीते कुछ दिनों से चिराग पासवान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं.

    इन दिनों बिहार में चल रहे सियासी बयानबाज़ी और कयासबाज़ी के दौरान चिराग पासवान भी अपने सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं.

    उन्होंने इस दौरान नीतीश कुमार को कन्फ़्यूज़्ड बताया. उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार 2020 में भी कन्फ़्यूज़्ड थे और आज भी कन्फ़्यूज़्ड हैं."

    उन्होंने ये भी कहा था कि "आज नीतीश कुमार की क्रेडिबिलिटी शून्य है."

    चिराग ने ये भी कहा था कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए और नीतीश कुमार से सवाल पूछा था कि "क्या आपकी कोई विचारधारा है या नहीं?"

    चिराग ने ये भी कहा, "नवंबर 2020 में जब बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे तब मैंने ये कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के लिए अपनी व्यक्तिगत महत्वकांक्षाओं से बढ़ कर कुछ नहीं है. उन्हें तब भी ये पता था कि एनडीए में प्रधानमंत्री पद की वैकेंसी नहीं है. मैंने तब कहा था कि बहुत जल्द वो फिर पलटी मारेंगे. विपक्ष की तरफ से साझा उम्मीदवार बनने की उनकी महत्वकांक्षा है. नीतीश कुमार का पलटी मारना बिहार के विकास के लिए हो रहा है क्या?"

    उन्होंने ये भी कहा था कि अगले चुनाव में जेडीयू को शून्य सीटें मिलेंगी.

  17. जिन्ना और गांधी: भारत पाक ख़ूनी बंटवारे के बावजूद एक-दूसरे के लिए सॉफ़्ट कॉर्नर रखने वाले नेता

    पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने अपने एक बयान में कहा था कि इस महान व्यक्ति के जाने से जो खालीपन आया है उसे भरना बहुत मुश्किल है.

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने अपने एक बयान में कहा था कि इस महान व्यक्ति के जाने से जो खालीपन आया है उसे भरना बहुत मुश्किल है.

    ब्रिटेन से आज़ादी मिलने के बाद उपमहाद्वीप को दो देशों पाकिस्तान और भारत में विभाजित हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे. दोनों देश ख़ूनी पलायन से आहत थे, लेकिन किसी भी देश के नेताओं के लहज़े में कड़वाहट नहीं थी.

    उस समय पाकिस्तान की राजधानी कराची थी. यहीं समुद्र तट पर चलते हुए पाकिस्तान के संस्थापक और गवर्नर-जनरल मुहम्मद अली जिन्ना ने अमेरिकी राजदूत पॉल आलिंग से कहा था कि वह चाहते हैं कि पाकिस्तान और भारत के संबंध 'अमेरिका और कनाडा की तरह' हों.

    यह संकेत लगभग 9 हज़ार किलोमीटर की सीमा साझा करने वाले इन देशों के बीच माल और लोगों की आवाजाही में सहयोग करने की तरफ़ था, ताकि दोनों देशों में ख़ुशहाली रहे.

  18. तेजस्वी यादव का बड़ा बयान- एक महीने के भीतर युवाओं को मिलेगा रोज़गार

    नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव

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    बिहार में तेजस्वी यादव ने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान रोज़गार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.

    इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, "बहुत मजबूती के साथ बिहार को ऊंचाइयों तक ले जाना है. बिहार के लोगों की तरक्की होगी. इसको लेकर हम और आदरणीय नीतीश कुमार जी मिलकर दिन रात मेहनत कर के बिहार आगे बढ़े इस दिशा में काम करेंगे."

    बेरोज़गारी के मुद्दे पर तेजस्वी बोले, "एक महीने के अंदर, युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी."

    बीजेपी के धरने पर बैठने को लेकर तेजस्वी बोले, "उनके बारे में क्या कहें. बैठे रहने दीजिए. जब वक़्त था, बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने का, विशेष पैकेज देने का... अभी भी तो है न... उनको बोलिए केंद्र में भी धरना दे दें. प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दें. और कम से कम बिहार को उसका वाजिब हक़ तो दिलाएं."

    शपथ ग्रहण के दौरान बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी भी मौजूद थीं. हालांकि लालू यादव इस समारोह में शामिल नहीं हुए.

    राबड़ी देवी ने कहा, "बिहार की जनता के लिए बहुत अच्छा हुआ है. बिहार की जनता को बधाई देती हूं. सब लोग खुश हैं, बिहार की जनता खुश है. नीतीश जी बहुत अच्छे से काम करेंगे, तेजस्वी भी अच्छे से काम करेंगे. "

    वहीं तेज प्रताप यादव ने कहा, "सरकार में आए हैं काम करने के लिए."

    इस समारोह में तेजस्वी की पत्नी राजश्री भी मौजूद थीं. उन्होंने कहा, "बिहार में तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री बनने से हम सभी खुश हैं. पूरे प्रदेश की जनता खुश है."

  19. नीतीश कुमार के डिप्टी रहे सुशील मोदी ने कहा- सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं सीएम

    सुशील मोदी

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    बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए गठबंधन तोड़ने के बाद बीजेपी लगातार उन पर हमला कर रही है.

    बीजेपी नेता सुशील मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीतीश कुमार पर बिहार की जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया. मंगलवार शाम को नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन को तोड़ते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

    नीतीश के कहने पर आरसीपी सिंह को मंत्री बनाया

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार सफेद झूठ बोल रहे हैं कि बिना उनकी मर्जी के आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया गया था.

    उन्होंने बताया कि जब दूसरी बार मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा था, तब ख़ुद अमित शाह ने उन्हें फ़ोन किया था. नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह का नाम दिया था जिसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी.

    साथ ही कहा कि अगर उन्हें ये अच्छा नहीं लगा तो वे आरसीपी सिंह को हटवा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

    शिवसेना की तरह पार्टी तोड़ने की कोशिश का आरोप

    सुशील मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना हमारा सहयोगी दल ना होकर सत्ताधारी दल थी. हमने सहयोगी दल रहते हुए कभी किसी पार्टी को तोड़ने की कोशिश नहीं की.

    उन्होंने कहा, "अगर हम जेडीयू को तोड़ भी देते तो सरकार कैसे बनती, चूँकि हम तो 74-75 थे, सरकार बनाने के लिए 46 चाहिए थे. पूरी जेडीयू आती तो भी बहुमत नहीं होता. हमने नीतीश कुमार को एक बार नहीं पाँच बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया. हमारा 17 साल का संबंध था लेकिन आपने एक झटके में संबंध को तोड़ दिया."

    जनादेश मोदी के नाम पर मिला था

    सुशील मोदी ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी पर लोगों ने जनादेश दिया था जिसके बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने.

    उन्होंने कहा, "अगर (नीतीश कुमार) आपके नाम पर वोट मिलते तो 150 सीटों को पार कर जाते. आपको सिर्फ 43 सीटें नहीं मिलती. जब लगा कि स्थिति ठीक नहीं है तो नरेंद्र मोदी ने एक एक दिन में तीन तीन रैलियां की."

    नीतीश कुमार

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    इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार

    अति पिछड़ा समाज को धोखा दिया

    आरजेडी के साथ नीतीश कुमार के हाथ मिलाने पर उन्होंने नीतीश कुमार पर अति पिछड़ा समाज को धोखा देने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी अति पिछड़ा समाज से आते हैं. ये समाज 30-35 प्रतिशत है. अति पिछड़ा का एक एक वोट नरेंद्र मोदी की झोली में पड़ा तब जाकर आप मुख्यमंत्री बने. नीतीश जी ये सिर्फ नरेंद्र मोदी का अपमान और उनके साथ विश्वासघात नहीं किया है बल्कि आपने अति पिछड़ा समाज को अपमानित किया है. ये वही राजद के लोग हैं इनके 15 साल के कार्यकाल में सबसे ज्यादा अति पिछड़ा समाज परेशान हुआ है. उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया जाता था."

    नीतीश कुमार

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    सुशील मोदी ने कहा, "पिछली बार जब आपने आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़ा तो आपने कहा कि भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं करूंगा. आपने कहा कि तेजस्वी यादव जवाब नहीं दे पाए इसलिए गठबंधन तोड़ा. उस समय तक सिर्फ़ सीबीआई ने छापा मारा था. अब तो सीबीआई ने चार्जशीट फाइल कर दी. आपके मंत्रिमंडल में जो डिप्टी सीएम बनने जा रहे हैं उन पर चार्जशीट हो चुकी है."

    उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार के मामले में बेल पर हैं. कल कोर्ट अगर चाहे तो उनकी बेल को खारिज कर सकता है और दोबारा जेल भेज सकता है. उनका ट्रायल शुरू हो चुका है. इतने पुख्ता सबूत है कि इसका परिणाम उनकी सजा के रूप में भी हो सकता है. आपकी मंशा क्या है आप राष्ट्रीय जनता दल को तोड़कर बिहार का मुख्यमंत्री बना रहूं क्योंकि लालू जी तो बूढ़े हो गए हैं. बीमार रहते हैं, ये लड़का कब जेल चला जाएगा पता नहीं है.

    10 लाख नौकरी कब देंगे

    सुशील मोदी ने कहा, "मैं सिर्फ आरजेडी को याद दिलाना चाहूँगा कि तेजस्वी यादव ने अपने हर भाषण में कहा था कि 15 साल के एनडीए शासन में ख़ाली पड़े साढ़े चार लाख पद भरने के साथ साथ साढ़े पांच लाख स्थायी पदों का सृजन यानी कुल दस लाख सरकारी नौकरियों की बहाली की प्रक्रिया पहली ही कैबिनेट बैठक में शुरू होगी. इसी नाम पर उन्हें वोट मिला. हम हर रोज आपको याद दिलाते रहेंगे कि आपने 10 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था."

  20. भारत में लोगों को क्यों नहीं मिल पा रही नौकरियां?

    वीडियो कैप्शन, भारत में लोगों को क्यों नहीं मिल पा रही नौकरियां?

    भारत में बीते 8 साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दोगुना बढ़ा है, लेकिन बेरोज़गारी दर में कमी नहीं आई है.

    सरकारी परिभाषा के मुताबिक़, अगर सात दिनों में एक घंटा भी कोई नौकरी या दिहाड़ी मजदूरी करता है - तो माना जाता है कि वो बेरोज़गार नहीं है.

    रोज़गार की ये परिभाषा अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की है, जिसे दुनिया के बाक़ी देश भी मानते हैं ताकि बेरोज़गारी के आंकड़ों की तुलना की जा सके.

    आख़िर क्यों नहीं मिल रही है नई नौकरियां?

    देखिए सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी यानी CMIE के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश व्यास से बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह की बातचीत.