ओडेसा बंदरगाह पर रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने कहा- डील नाकाम हुई तो ज़िम्मेदारी...

यूक्रेनी सेना ने कहा है कि ओडेसा पर चार मिसाइलें दागी गई थीं जिसमें से दो को नष्ट कर दिया गया और दो कैलिबर क्रूज़ मिसाइलें बंदरगाह पर गिरीं. वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि हमले से बंदरगाह को नुकसान पहुंचा है लेकिन इसके बावजूद निर्यात की तैयारियां जारी हैं.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and दीपक मंडल

  1. ओडेसा बंदरगाह पर रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने कहा- डील नाकाम हुई तो ज़िम्मेदारी...

    रूस-यूक्रेन युद्ध

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    रूस और यूक्रेन के बीच काले सागर के रास्ते अनाज निर्यात को लेकर अहम समझौता हुआ है, जिसके चौबीस घमटों में यूक्रेन के बंदरगाह शहर ओडेसा पर मिसाइल हमले की ख़बर आई है.

    यूक्रेनी सेना ने कहा है कि ओडेसा पर चार मिसाइलें दागी गई थीं जिसमें से दो को नष्ट कर दिया गया और दो कैलिबर क्रूज़ मिसाइलें बंदरगाह पर गिरीं. वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि हमले से बंदरगाह को नुकसान पहुंचा है लेकिन इसके बावजूद निर्यात की तैयारियां जारी हैं.

    यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा है कि अगर अनाज निर्यात को लेकर हुई डील नाकाम हुई तो ज़िम्मेदार रूस होगा.

    ओडेसा से मंत्री ओलेक्सी गोन्चारेन्को ने कहा, "इस समझौते के अनुसार रूस किसी बंदरगाह पर हमला नहीं करेगा क्योंकि इससे निर्यात प्रभावित होगा. इस हमले का नतीजा हम नहीं जानते लेकिन इससे अनाज की ढुलाई और अनाज ले जा रहे जहाज़ों के आनेजाने पर असर पड़ सकता है. ये साफ तौर पर समझौते का उल्लंघन है. ये ऐसा है जैसे संयुक्त राष्ट्र और तुर्की के मुंह पर उनका अपमान किया गया हो. रूस ने एक बार फिर दुनिया को दिखाया दिया है कि वो समझौतों का सम्मान नहीं करता."

    रूस-यूक्रेन युद्ध

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    संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी हमले की निंदा की है और कहा है कि अनाज समझौते को लागू करना बेहद ज़रूरी है.

    वहीं, यूरोपीय संघ के विदेश नीति मामलों के प्रमुख जुसेप बुरेल ने कहा है कि आनाज निर्यात के लिए अहम ठिकाने पर हमला कर रूस अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है. रूस ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं दी है.

    बीते कल देर शाम रूस यूक्रेन के बीच हुए समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गेहूं की कीमत तीन फीसदी तक गिरी है और युद्ध के पहले के स्तर तक यानी 800 डॉलर प्रति बुशेल तक पहुंच गई है.

    युद्ध शुरू होने के बाद गेहूं की कीमत अधिकतम 1300 डॉलर प्रति बुशेल कर पहुंच गई थी. तुर्की और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से इस्तांबुल में हए समझौते के तहत यूक्रेन के बंदरगाहों से गेंहू और मक्का काले सागर के रास्ते दूसरे मुल्कों तक पहुंचाया जाएगा.

    वीडियो कैप्शन, राजधानी कीएव में कई लोग अपने घर वापस आ रहे हैं.

    इसके तहत रूस ने कहा है कि न तो वो अनाज और खाद ले जा रहे जहाज़ों पर हमला करेगा और न ही उन बंदरगाहों पर, जहां से अनाज की ढुलाई होगी. वहीं, यूक्रेन ने कहा है कि वो जहाज़ों की जांच की इजाज़त देगा ताकि इसकी पुष्टि हो सके कि उनमें हथियार नहीं छिपाए गए हैं.

    समझौते की बातचीत में शामिल रहीं यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवेलपमेन्ट की महासचिव रेबेका ग्रिनस्पैन ने बीबीसी से कहा, "ये वाकई में ऐसा समझौता है जिसकी इस दुनिया को ज़रूरत थी क्योंकि इसका असर हज़ारों लाखों लोगों ख़ासकर विकासशील देशों के नागरिकों पर पड़ेगा. ये बेहद ज़रूरी है कि यूक्रेन से आने वाला अनाज वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाया जाए."

    यूक्रेन और रूस दुनिया के सबसे बड़े गेहूं और मक्का निर्यातकों में शामिल हैं, कई देशों के लिए यूक्रेन उनके गेहूं के कुल आयात का पचास फीसदी से अधिक सप्लाई करता है. ये दोनों देश दुनिया के कई मुल्कों को खाद की भी सप्लाई करते हैं.

    वीडियो कैप्शन, किस ओर जा रहा रूस-यूक्रेन का युद्ध?

    फरवरी के आख़िरी सप्ताह में शुरू हुए रूस यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक अनाज संकट पैदा हो गया था. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह में अनाज की सप्लाई फिर शुरू हो सकेगी और ये संकट कुछ हद तक सुलझेगा.

    दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामापोसा ने समझौते का स्वागत किया है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ये समझौता पहले ही हो जाना चाहिए था. युद्ध की वजह से दुनिया के कई हिस्सों में अनाज के साथ साथ खाद और दूसरी ज़रूरत की चीज़ों का आयात रुक गया था. हम खुश हैं कि आखिर में ये समझौता हो गया है."

    समझौते पर अमल हो, इसके लिए इस्तांबुल में एक मॉनिटरिंग सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें तुर्की, संयुक्त राष्ट्र, रूस और यूक्रेन के अधिकारी होंगे.

    क्ले सागर से गुज़रने वाले अनाज के जहाज़ों की सुरक्षा के लिए यूक्रेनी जहाज़ साथ चलेंगे जो माइन्स का पता लगाएंगे. क़रीब दो महीनों की कोशिशों से हुआ ये समझौता 120 दिनों यानी 4 महीनों तक लागू रहेगा, जिसके बाद आपसी सहमति से इसे आगे बढ़ाया जा सकेगा.

  2. पाकिस्तान की वो मस्जिद जो ज़मीन में समा रही है

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान की वो मस्जिद जो ज़मीन में समा रही है

    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के नौशेरा में इस मस्जिद को 'मज़बूत मस्जिद' कहा जाता है.

    स्थानीय लोगों का दावा है कि 400 साल पुरानी ये मस्जिद धीरे-धीरे ज़मीन में धंस रही है. इस वजह से बार-बार मस्जिद की मरम्मत की जा रही है.

    कुछ लोगों का मानना है कि जब मुख्य मेहराब पूरी तरह दब जाएगी तो दुनिया ख़त्म हो जाएगी.

  3. दिल्ली हिंसा के अभियुक्त शरजील इमाम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज

    शरजील इमाम

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    दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली हिंसा के अभियुक्त शरजील इमाम की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी. शरजील इमाम के खिलाफ 2020 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी.

    उनके खिलाफ नागरिकता संशोधन कानून पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया में भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगाए गए थे.

    सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ अलीगढ़ में हुए एक विरोध प्रदर्शन में कथित भड़काऊ भाषण देकर चर्चा में आए शरजील इमाम को 28 जनवरी को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

    शरजील को दिल्ली पुलिस ने बिहार के जहानाबाद से गिरफ़्तार किया था. जहानाबाद की अदालत ने उन्हें ट्रांज़िट रिमांड पर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया है.

  4. टेलिस्कोप जो खोज रहा है न्यूट्रॉन स्टार

    वीडियो कैप्शन, एक टेलिस्कोप मृत तारों के आपस में टकराने की घटना को देखने-समझने की कोशिश कर रहा है.

    एक टेलिस्कोप ब्रह्मांड में मृत तारों के आपस में टकराने की घटना को देखने-समझने की कोशिश कर रहा है.

    इन मृत तारों को न्यूट्रॉन स्टार कहा जाता है. इससे खगोलविदों को उनका भलीभांति अध्ययन करने का अवसर मिलेगा.

    ये मृत तारे धरती से अरबों किलोमीटर की दूरी पर होते हैं. बीबीसी संवाददाता पल्लब घोष की रिपोर्ट.

  5. दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर जनता के लिए काम करें पार्टियां: राष्ट्रपति कोविंद

    रामनाथ कोविंद

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    निवर्तमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने देशवासियों से विरोध जताने औैर अपनी मांग मनवाने के लिए गांधीवादी तरीका अपनाने की अपील की है.

    उन्होंने राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर लोगों की भलाई के लिए काम करने को कहा है. उन्होंने कहा कि जनता के लिए काम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

    कोविंद ने संसद के केंद्रीय हॉल में आयोजित अपने विदाई समारोह में कहा, "भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को एक बड़े परिवार की तुलना की और कहा कि परिवार में मतभेद को सुलझाने के लिए शांति, एकता और आपसी बातचीत जैसे मूल्यों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए."

    हाल के दिनों में संसद में हंगामे और गतिरोध को देखते हुए कोविंद की ये अपील अहम मानी जा रही है.

    उन्होंने कहा, "राजनीतिक दलों और लोगों के पास अपना विरोध जताने के लिए कई संवैधानिक रास्ते हैं. महात्मा गांधी ने दूसरे पक्ष का सम्मान बरकरार रखते हुए शांति और अहिंसा के जरिये इन लक्ष्यों को पूरा करने का रास्ता अपनाया था."

  6. जयपुर में ऑटो चलाने वाली हेमलता की कहानी

    वीडियो कैप्शन, जयपुर में ऑटो चलाने वाली हेमलता की कहानी

    हेमलता कुशवाहा जयपुर में ऑटो चलाती हैं.

    उनके लिए ऑटो ड्राइवर बनना भले ही मजबूरी रहा हो लेकिन अब अपनी इस पहचान से खुश हैं. देखिए हेमलता कुशवाहा की कहानी.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया

    डब्ल्यूएचओ

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    डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स बीमारी फैलने को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी करार दिया है.

    ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी को डब्ल्यूएचओ का सबसे बड़ा अलर्ट माना जाता है.

    मंकीपॉक्स के मामलों में आई तेजी के बाद डब्ल्यूएचओ ने यह अलर्ट जारी किया है.

    डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रस एडहनम गेब्रिसियस ने कहा कि दुनिया भर के 75 देशों में मंकीपॉक्स के 16 हजार केस आ चुके हैं.

    अब तक इससे पांच लोगों की मौत हो चुकी है.

    इस वक्त दो और हेल्थ इमरजेंसी हैं. एक कोरोना वायरस महामारी और दूसरा पोलियो. जिसे मिटाने की कोशिश लंबे वक्त से हो रही है.

    भारत में भी मंकीपॉक्स संक्रमण के तीन मामलों की अभी तक पुष्टि हुई है.

  8. श्रीलंका संकटः वो 5 देश जिनका हाल श्रीलंका जैसा हो सकता है

    वीडियो कैप्शन, श्रीलंका संकटः वो 5 देश जिनका हाल श्रीलंका जैसा हो सकता है

    कभी एशिया के ख़ुशहाल, समृद्ध देशों में शामिल श्रीलंका अपनी आज़ादी के बाद पहली बार इतने बड़े आर्थिक संकट से गुज़र रहा है.

    श्रीलंका को कई बार विदेशी क़र्ज़ चुकाने के लिए डेडलाइन दी गई लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार के ख़ाली होने से वह क़र्ज़ नहीं चुका पाया और आख़िर में उसने ख़ुद को डिफॉल्टर घोषित कर दिया.

    श्रीलंका की तरह कुछ और देश भी हैं जिन पर ख़तरे के बादल मंडरा रहे हैं.

    वीडियोः सारिका सिंह और परवाज़ लोन

  9. ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ा, कहा- एसपी ने तलाक दिया, हमने मंजूर किया

    ओमप्रकाश राजभर

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    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी से गठजोड़ खत्म करने का एलान किया है.

    इससे पहले समाजवादी पार्टी ने राजभर के नाम एक चिट्ठी जारी कर कहा था कि उन्हें जहां सम्मान मिलता है, चले जाएं.

    समाजवादी पार्टी ने कहा था कि राजभर बीजेपी को मजबूत करने का काम कर रहे हैं.

    राजभर ने समाजवादी पार्टी से नाता तोड़ने के मुद्दे पर समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ''समाजवादी पार्टी ने आज तलाक दे दिया. हमने इसे मंजूर कर लिया.''

    पिछले कुछ दिनों से राजभर की पार्टी और समाजवादी पार्टी में खटपट की खबरें आ रही थीं.

    समाजवादी पार्टी से नाराजगी की खबरों को बाद राजभर को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी.

    राष्ट्रपति चुनाव में भी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी के उलट बीजेपी की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को वोट देने का ऐलान किया था.

  10. नरेंद्र मोदी ने अटल-आडवाणी की बीजेपी को कैसे बदल दिया? - विवेचना

    वीडियो कैप्शन, नरेंद्र मोदी ने अटल-आडवाणी की बीजेपी को कैसे बदल दिया? Vivechana

    हाल ही में राष्ट्रपति के प्रेस सलाहकार अजय सिंह की किताब प्रकाशित हुई है 'द आर्किटेक्ट ऑफ न्यू बीजेपी हाउ नरेंद्र मोदी ट्रांसफॉर्मड द पार्टी.'

    इस किताब में अजय सिंह ने रोशनी डाली है कि किस तरह नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की कायाकल्प की. इस किताब पर रोशनी डाल रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.

  11. एलन मस्क से सौदा पूरा हो जाए, इसके लिए ट्विटर ने खर्च किए थे 33 मिलियन डॉलर

    एलन मस्क

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    ट्विटर ने इस साल अप्रैल से जून के बीच एलन मस्क के प्रस्तावित सौदे पर 33 मिलियन डॉलर खर्च किए थे. इस सौदे के तहत एलन मस्क ट्विटर को खरीदना चाहते थे.

    ट्विटर ने ये भी कहा है कि इसके मंथली डेली यूजर्स की संख्या बढ़ कर 237 मिलियन पर पहुंच गई थी लेकिन उसे 270 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ है. इसके बाद मस्क ने ट्विटर को खरीदने का मन बदल दिया है.

    हालांकि इस सिलसिले में कंपनी की ओर से मस्क के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई अक्टूबर में तय की गई है. ट्विटर चाहती है कि मस्क इस सौदे को पूरा करे. जबकि मस्क का कहना था कि कि ट्विटर कथित फेक अकाउंट्स के बारे में उन्हें नहीं बता रही है.

    बहरहाल ट्विटर ने अधिग्रहण के लंबित होने का हवाला देकर ताजा वित्तीय नतीजों पर बात करने से इनकार कर दिया है.

    मस्क के आरोप के बाद ट्विटर ने स्पैम और फेक अकाउंट्स पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है. मस्क ने फेक अकाउंट का हवाला देकर ही डील करने से इनकार कर दिया था.

  12. 23 जुलाई 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश के साथ

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  13. स्मृति इरानी ने कहा- सोनिया, राहुल की लूट के खिलाफ आवाज उठाई इसलिए बेटी पर लग रहे हैं आरोप

    स्मृति ईरानी

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    केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा है कांग्रेस उनकी बेटी के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित होकर गोवा में 'गैरकानूनी बार' चलाने का आरोप लगा रही है.

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कॉलेज में पढ़ने वाली उनकी बेटी पर इसलिए ये आरोप लगाया है कि उसकी मां ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी की 5000 करोड़ रुपये की लूट के ख़िलाफ़ मुखर होकर आवाज़ उठाई थी.

    उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा कि कांग्रेस उनकी बेटी के चरित्रहनन में लगी है. स्मृति इरानी ने कहा कि अगर उनकी बेटी ने कोई गलत काम किया है तो कांग्रेस साबित करे.

    उन्होंने कहा कि उनकी 18 साल के बेटी फर्स्ट ईयर की कॉलेज स्टूडेंट है और कोई बार नहीं चलाती है.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, "मेरी बेटी की गलती यह है कि उसकी मां ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 5000 करोड़ रुपये की लूट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उसकी मां की गलती ये है कि उसने 2014 में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ कर उन्हें हराया है."

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    कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा था कि स्मृति इरानी की बेटी गोवा में फर्जी लाइसेंस हासिल कर रेस्तरां चला रही हैं.

    उन्होंने कहा था कि उनकी 18 साल की बेटी के नाम पर बार चलाया जा रहा है.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम तुरंत स्मृति इरानी का इस्तीफा लें.

    इरानी पर ये आरोप नहीं दस्तावेज हैं जिन्हें आरटीआई से लिया गया है.

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  14. शिव कुमार बटालवी का 52 साल पुराना बीबीसी को दिया इंटरव्यू देखिए

    वीडियो कैप्शन, शिव कुमार बटालवी का 52 साल पुराना बीबीसी को दिया इंटरव्यू देखिए

    शिव कुमार बटालवी: पंजाब का वो शायर, जिसने कई खूबसूरत शायरियां और गीत लिखे.

    पाकिस्तान के बारापिंड में पैदा हुए शिव कुमार बटालवी ने अपनी शायरी गुरमुखी लिपि में लिखी.

    जबकि पाकिस्तान में पंजाबी लिखने के लिए शाहमुखी लिपि का इस्तेमाल होता है.

    1970 में बटालवी का ये इंटरव्यू महेंद्र कौल ने किया था. देखिए बीबीसी का यह ख़ास वीडियो.

  15. आईसीआईसीआई बैंक को पहली तिमाही में 50 फीसदी का बंपर मुनाफा, 6,904 करोड़ रुपये पर पहुंचा

    आईसीआईसीआई बैंक

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    आईसीआईसीआई बैंक ने शनिवार ( 23 जुलाई) को मौजूदा वित्त वर्ष ( 2022-23) की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए. बैंक के मुताबिक इस तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 49.59 फीसदी बढ़ कर 6,904.94 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

    पिछले वित्त वर्ष (2021-22) की पहली तिमाही में यह मुनाफा 4616.02 करोड़ रुपये था. बैंक के बैड लोन प्रावधानों में कमी की वजह से यह बंपर मुनाफा हुआ है. हालांकि बैंक का मुनाफा मार्च तिमाही के मुकाबले घटा है. इस तिमाही में इसका शुद्ध मुनाफा 7018.71 करोड़ रुपये रहा था.

    बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम जून तिमाही में 20.8 फीसदी बढ़ कर 13,210 करोड़ रुपये रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 10,936 करोड़ रुपये रहा था. बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है. पिछली तिमाही की तुलना में इसका एनपीए 0.19 फीसदी घट कर 3.41 पर आ गया. नेट एनपीए 0.06 फीसदी घट कर 0.7 फीसदी पर पहुंच गया.

  16. श्रीलंका में सेना ने आधी रात को क्या किया?

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    श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शकारियों के मुख्य धरना स्थल पर शुक्रवार तड़के धावा बोला है. उन्होंने मुख्य प्रदर्शन-स्थल पर मौजूद तंबुओं को एक-एक कर गिराना शुरू कर दिया है.

    इस बीच राष्ट्रपति भवन के भीतर मौजूद प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के लिए भी दर्जनों की संख्या में पुलिस और कमांडो अंदर घुस चुके है. वे लोगों को राष्ट्रपति भवन से बाहर खदेड़ रहे हैं.

    इस दौरान बीबीसी के एक वीडियो जर्नलिस्ट को भी पीटा गया है. एक सैनिक ने उनसे उनका मोबाइल छीन लिया और उसमें मौजूद वीडियो डिलीट कर दिए.

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, समाजवादी पार्टी ने शिवपाल और राजभर के नाम जारी की चिट्ठी, कहा- जहां ज्यादा सम्मान मिलें,वहां चले जाएं...,

    अखिलेश यादव

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    समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में उनके सहयोगी रहे शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) और ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नाम अलग-अलग पत्र जारी किया है.

    पार्टी ने 23 जुलाई को जारी पत्रों में कहा कि शिवपाल सिंह यादव और ओम प्रकाश राजभर जहां ज्यादा सम्मान मिले वहां चले जाएं.

    समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव के नाम जारी किए पत्र में लिखा है "अगर आपको लगता है कि कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वो वहां जाने के लिए स्वतंत्र है."

    शिवपाल सिंह यादव

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    इमेज कैप्शन, शिवपाल सिंह यादव

    इसी तरह समाजवादी पार्टी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के नाम जारी किए पत्र में लिखा है कि "श्री ओम प्रकाश राजभर जी समाजवादी पार्टी लगातार भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ रही है. आपका भारतीय जनता पार्टी के साथ गठजोड़ है. और लगातार भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं. अगर आपको लगता है कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो आप वहां जाने के लिए स्वतंत्र है."

    समाजवादी पार्टी

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    गौरतलब है कि यह पत्र समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नाम से नहीं बल्कि पार्टी के नाम से जारी हुए हैं.

    लखनऊ के मीडिया में शनिवार को खबरें छपी हैं कि ओमप्रकाश राजभर को सरकार से वाई श्रेणी की सुरक्षा भी मिली है जो उनके भाजपा से बढ़ती नज़दीकियों को दिखाता है.

    क्यों बनाई सपा ने दोनों से दूरी?

    अभी हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में शिवपाल यादव और ओमप्रकाश राजभर ने एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था.

    वो राष्ट्रपति मनोनीत के सम्मान में रखे डिनर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के न्योते पर भी शामिल हुए थे और उनके पक्ष में वोट किया था. जबकि समाजवादी पार्टी दूसरे राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के समर्थन में थी. और उनके विधायकों और सांसदों ने उन्हें वोट किया था.

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    इस बीच, शिवपाल यादव ने ट्वीट कर कहा है, ''वैसे तो सदैव से ही स्वतंत्र था, लेकिन समाजवादी पार्टी द्वारा पत्र जारी कर मुझे औपचारिक स्वतंत्रता देने हेतु सहृदय धन्यवाद. राजनीतिक यात्रा में सिद्धांतों एवं सम्मान से समझौता अस्वीकार्य है."

    कब से गठबंधन में आई दूरियां ?

    समाजवादी पार्टी और शिवपाल यादव की प्रसपा पार्टी के बीच दूरियां तो 10 मार्च को चुनाव के नतीजे आने के कुछ समय बाद ही सामने आने लगी थी. जब समाजवादी पार्टी ने विधायकों की बैठक बुलाई थी. और शिवपाल सिंह यादव उसमें शामिल नहीं हुए थे. शिवपाल यादव का कहना था कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया है.

    उसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा के मुताबिक शिवपाल यादव के मुख्यमंत्री योगी से मिलने भी गए थे. शिवपाल यादव ने कहा था कि वह किसी निजी काम से सीएम से मिलने गए थे.

    अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव

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    वहीं ओमप्रकाश राजभर और समाजवादी पार्टी के बीच दूरियां रामपुर, आजमगढ़ की संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव, यूपी एमएलसी चुनाव और राज्यसभा की तीन सीटों पर हुए चुनाव के बाद से आई हैं.

    रामपुर और आजमगढ़ की संसदीय सीट पर उपचुनाव में मिली हार के लिए ओमप्रकाश मीडिया में सीधे-सीधे अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल करते नजर आए थे.

    ओमप्रकाश राजभर ने मीडिया में यह बयान दिया था “चुनाव जीतने के लिए एसी कमरों से बाहर निकलना पड़ता है."

    रामपुर,आजमगढ़ में प्रचार के लिए नहीं उतरे थे अखिलेश

    राष्ट्रपति चुनाव के लिए यशवंत सिन्हा के समर्थन में जब अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय में प्रेस की मीटिंग बुलाई तब भी ओमप्रकाश राजभर उस में शामिल नहीं हुए थे. उन्होंने कहा था कि उनको इस मीटिंग का निमंत्रण नहीं मिला है.

    इन चिट्ठियों के बाद ओम प्रकाश राजभर के बेटे डॉक्टर अरविन्द राजभर ने ट्वीट किया, "ख़ुद-कुशी करती है आपस की सियासत कैसे हमने ये फ़िल्म नई ख़ूब इधर देखी है. धन्यवाद है समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव जी को. फिर मिलेंगे चलते-चलते."

  18. रीना वर्मा: बंटवारे के बाद पहली बार पाकिस्तान में अपने घर पहुंची

    वीडियो कैप्शन, रीना वर्मा: बंटवारे के बाद पहली बार पाकिस्तान में अपने घर पहुंची

    बँटवारे के बाद पहली बार रावलपिंडी के अपने घर पहुंचीं भारतीय महिला रीना वर्मा.

    रावलपिंडी से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री.

  19. अनाज सप्लाई पर रूस-यूक्रेन में समझौते के दूसरे ही दिन यूक्रेनी शहर पर मिसाइलों से हमला

    यूक्रेन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    यूक्रेन से अनाज के निर्यात के लिए रूस से हुए समझौते के एक दिन बाद ही यूक्रेन का एक प्रमुख बंदरगाह धमाकों से गूंज उठा.

    यूक्रेन की सेना ने कहा कि शनिवार को तड़के ही पोर्ट सिटी ओडेसा में दो मिसाइलों ने हमला किया.

    स्थानीय सांसद ओलेक्सी होंचारेंको ने टेलीग्राम पर लिखा इस हमले के बाद ओडेसा शहर में आग लग गई.

    यूक्रेन-रूस के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत यूक्रेन से ब्लैक सी के ज़रिये अनाज का निर्यात हो सकेगा.

    इस फ़ैसले से युद्ध के बीच यूक्रेन में पड़े हुए लाखों टन अनाज को निर्यात किया जा सकेगा.

    रूस ने कहा है कि वह समुद्र के रास्ते अनाज की ढुलाई करने वाले मालवाहक जहाजों पर हमले नहीं करेगा.

    वह उन बंदरगाहों पर भी हमले नहीं करेगा, जहां से अनाज की सप्लाई हो रही है. संयुक्त राष्ट्र ने इसे ऐतिहासिक समझौता क़रार दिया है.

  20. बॉलीवुडः क्यों पिटती जा रही हैं बड़ी फिल्में?

    वीडियो कैप्शन, बॉलीवुडः क्यों चल नहीं पा रहीं बड़ी फिल्में?

    कोविड से काफी हद तक राहत मिलने के बाद बॉलीवुड एक बार फिर ज़ोर-शोर से वापसी कर चुका है.

    लेकिन बड़ी फ़िल्में उम्मीद के मुताबिक़ कमाल नहीं कर पा रहीं?

    इसकी वजह क्या है और ऐसा ही रहा तो इसका भविष्य क्या होगा? बीबीसी संवाददाता निखिल इनामदार की रिपोर्ट.