सर्बिया से हथियार लेकर बांग्लादेश जा रहा विमान ग्रीस में दुर्घटनाग्रस्त, आठ की मौत
सर्बिया से हथियार लेकर बांग्लादेश जा रहा यूक्रेन का एक मालवाहक विमान शनिवार को हादसे का शिकार हो गया. आग की लपटों से घिरा यह विमान उत्तरी ग्रीस में गिर गया.
लाइव कवरेज
कमलेश मठेनी and चंदन शर्मा
सर्बिया से हथियार लेकर बांग्लादेश जा रहा विमान ग्रीस में दुर्घटनाग्रस्त, आठ की मौत
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सर्बिया
से हथियार लेकर बांग्लादेश जा रहा यूक्रेन का एक मालवाहक विमान शनिवार को हादसे का
शिकार हो गया. आग की लपटों से घिरा यह विमान उत्तरी ग्रीस में गिर गया.
इस
हादसे में चालक दल के सभी 8 सदस्यों की मौत हो गई. चश्मदीदों के मुताबिक़, आग की लपटों
में घिरा यह विमान कवाला शहर के नजदीक मक्के के खेत में गिर गया.
स्थानीय
समय के मुताबिक़, विमान रात के 12 बजे यहां गिरा था. ग्रीस और सर्बिया के अधिकारियों
ने इस हादसे की पुष्टि की है.
विमान
गिरने से पहले पायलट ने कंट्रोल रूम को इसके इंजन में ख़राबी की सूचना दे दी थी. पायलट
ने विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी थी.
ड्रोन
से ली गई तस्वीर में घटनास्थल से धुंआ उठता दिख रहा था. उसके पास एंटोनोव-12 विमान
के टुकड़े बिखरे हुए थे.
क्या था विमान में?
सर्बिया के रक्षा मंत्री नेबोसा स्टेफानोविक ने बीबीसी को बताया है कि इस विमान से सर्बिया में बने 11 टन हथियार बांग्लादेश ले जाए जा रहे थे.
सर्बिया की हथियार कंपनी वैलियर के एक डायरेक्टर ने बीबीसी को बताया है कि इस विमान में बारूदी सुरंगें थीं.
हालांकि बांग्लादेश की सेना के जनसंपर्क कार्यालय यानी आईएसपीआर ने इस दावे को खारिज़ करते हुए कहा है कि इस शिपमेंट में कोई हथियार नहीं थे.
आईएसपीआर के अनुसार, मालवाहक विमान में बांग्लादेश सेना और बॉर्डर गार्ड्स की ट्रेनिंग के लिए सर्बिया से ख़रीदे गए मोर्टार के गोले थे.
टीएस सिंहदेव बनाम भूपेश बघेल: क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सब कुछ ठीक है?
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छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफ़े के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस पार्टी का विवाद सतह पर आ गया है. ये इस्तीफ़ा ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य में सवा साल बाद विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं.
छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री का फ़ॉर्मूला लागू नहीं होने के बाद, इस इस्तीफ़े को टीएस सिंहदेव की इसी नाराज़गी से जोड़ कर देखा जा रहा है.
राजनीतिक गलियारे में माना जा रहा है कि राज्य में एक तो ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री का फ़ॉर्मूला लागू नहीं हुआ, इसके उलट टीएस सिंहदेव को लगातार हाशिए पर डालने की कोशिश की जा रही थी.
उनके ही इलाके में बघेल समर्थक विधायकों ने सिंहदेव के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा था. ऐसे कई अवसर आए, जब टीएस सिंहदेव को उनके ही विभाग की बैठकों से दूर रखा गया. इन सब की मिली-जुली प्रतिक्रिया को इस्तीफ़े से जोड़ा जा रहा है.
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए शिवसेना का एलान, करेंगे मार्गरेट अल्वा का समर्थन
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शिवसेना
ने रविवार को राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने
की वजह उनकी आदिवासी पहचान को बताया है.
दूसरी
ओर पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी खेमे की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को
समर्थन देने का एलान किया है.
शिवसेना
के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने शरद पवार के दिल्ली स्थित आवास पर विपक्षी नेताओं
की हुई बैठक के बाद ये जानकारी दी है.
संजय
राउत ने कहा, ''द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी महिला हैं और देश में आदिवासियों के पक्ष
में भावना है. हमारे कई विधायक और सांसद भी आदिवासी समाज के हैं. इसलिए हमने उनका समर्थन
किया है.''
उन्होंने
आगे कहा, ''लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में हम मार्गरेट अल्वा का समर्थन करेंगे.''
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मालूम हो कि सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होना है. नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ ले लेंगे.
वहीं उपराष्ट्रपति पद के लिए नाम दाख़िल करने का अंतिम दिन मंगलवार है. देश के नए उपराष्ट्रपति 11 अगस्त को कार्यभार संभालेंगे.
'ये अपनी ही बोलता है, इसे उठा लो...' - वुसत का व्लॉग
वीडियो कैप्शन, 'ये अपनी ही बोलता है, इसे उठा लो...' - Wusat Vlog
श्रीलंका में राजनीतिक उथल पुथल पूरी दुनिया देख रही है. कुछ वक़्त पहले पाकिस्तान में भी सत्ता परिवर्तन हुआ.
जनता सड़कों पर आई और प्रतिरोध की आवाज़ बनी. जिन्हें रोकने के लिए सरकारों ने तमाम तरीके अपनाए.
इन हालात को बयां करती नज़्में सुना रहे हैं पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान.
उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार बनने पर क्या कहा मार्गरेट अल्वा ने?
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उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी खेमे की उम्मीदवार
घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा ने उन
पर भरोसा जताने के लिए विपक्ष के नेताओं को धन्यवाद कहा है.
मार्गरेट अल्वा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बारे
में लिखा, ''भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर
चुना जाना विशेषाधिकार और सम्मान की बात है. मैं इस नामांकन को बहुत ही विनम्रता के
साथ स्वीकार करती हूं.''
उन्होंने आगे लिखा, ''मैं विपक्ष के नेताओं को
धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने मुझ पर यक़ीन किया. जय हिन्द.''
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इससे पहले दिल्ली स्थित अपने आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद एनसीपी नेता शरद पवार ने रविवार को एलान किया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी खेमे की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा होंगी.
शरद पवार ने कहा, ''17 पार्टियों ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला लिया है. हमारा सामूहिक फ़ैसला है कि अल्वा मंगलवार को अपना नामांकन दाख़िल करेंगे.''
उन्होंने यह भी कहा कि हम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. पिछली बार उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए हमारे संयुक्त उम्मीदवार का समर्थन किया था.
इससे पहले नई दिल्ली में हुई इस बैठक में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीएम के सीताराम येचुरी, शिवसेना के संजय राउत और कई अन्य नेता शामिल हुए.
कौन हैं मार्गरेट अल्वा?
कर्नाटक की रहने वाली मार्गरेट अल्वा पांच बार सांसद रहने के अलावा केंद्र में कई मंत्रालयों की मंत्री रह चुकी हैं. वहीं वे गुजरात, गोवा, राजस्थान और उत्तराखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं.
उपराष्ट्रपति चुनाव में उनका मुक़ाबला एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ से होगा. भाजपा नेता धनखड़ अभी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं. उनकी उम्मीदवारी पर शनिवार को ही मुहर लगी है.
गुजरात के इस नेशनल हाइवे का हाल देखिए
वीडियो कैप्शन, गुजरात के इस नेशनल हाइवे का हाल देखिए
गड्ढों से भरी ये कोई आम सड़क नहीं बल्कि नेशनल हाइवे 48 है. ये हाइवे गुजरात में वापी और सिलवासा के बीच गुज़रता है.
भारी बारिश की वजह से इसमें जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं.
हाइवे से गुज़रने वाले लोगों में दुर्घटना डर बना रहता है. देखिए लोग क्या कह रहे हैं.
लखनऊ के लुलु मॉल ने दी सफ़ाई, कहा- हमारे 80 फ़ीसदी से ज़्यादा कर्मचारी हिंदू
उत्तर
प्रदेश के लखनऊ स्थित लुल मॉल में नमाज़ करने और प्रार्थना करने के बाद पैदा हुए विवाद
को देखते हुए इस मॉल को संचालित करने वाली कंपनी ने रविवार को अपनी सफ़ाई पेश की है.
लुलु
इंडिया शॉपिंग मॉल प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधर ने उन
दावों को ख़ारिज़ किया है कि मॉल के ज़्यादातर कर्मचारी मुसलमान हैं. उन्होंने इस बात
पर चिंता जताई है कि निहित स्वार्थों वाले कुछ लोग उनके मॉल को निशाना बना रहे हैं.
गंगाधर
ने दावा किया है कि उनके यहां काम करने वालों में से 80 फ़ीसदी से अधिक लोग हिंदू हैं
और बाक़ी लोग अन्य सभी धर्मों के हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके कर्मचारियों में
उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हैं.
मॉल
ने यह भी दावा किया है कि उनके यहां काम करने वालों को जाति, धर्म या मत के आधार पर
नौकरी नहीं दी जाती. मॉल के अनुसार, उनके यहां कार्यकुशलता और योग्यता के आधार पर लोगों
को रखा जाता है.
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'नहीं है नमाज़ पढ़ने या प्रार्थना करने की छूट'
कंपनी ने यह भी साफ़ किया है कि उनके मॉल में किसी भी व्यक्ति को प्रार्थना या नमाज़ जैसी धार्मिक गतिविधि करने की छूट नहीं है.
पिछले कुछ दिनों में मॉल में नमाज़ और प्रार्थना करने से पैदा हुए हालात पर मॉल ने कहा है कि जिन्होंने भी सार्वजनिक स्थान पर ऐसा करने की कोशिश की है, उनके ख़िलाफ़ मॉल ने प्राथमिकी दर्ज कराकर उचित कार्यवाही की है.
लुल मॉल ने अपना समर्थन करने के लिए लखनऊ की जनता का आभार जताया है और दावा किया है कि उनका संस्थना सरकार के नियमों का पालन करते हुए कारोबार करने में यक़ीन करता है.
साथ ही लोगों से अपील की है कि अपने निहित स्वार्थ की ख़ातिर इस मॉल को निशान न बनाएं और शांति से कारोबार करने दें.
17 जुलाई 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश के साथ
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श्रीलंका संकट पर मंगलवार को होगी सर्वदलीय बैठक, विदेश और वित्त मंत्री देंगे जानकारी
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केंद्र
सरकार ने श्रीलंका के मौजूदा संकट पर मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है.
इस बैठक
में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर विभिन्न पार्टी
के नेताओं को श्रीलंका के ताज़ा हालात पर नेताओं को जानकारी देंगे.
समाचार
एजेंसी पीटीआई के अनुसार, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यह जानकारी
दी है.
इससे
पहले रविवार को प्रस्तावित मॉनसून सत्र को लेकर सभी दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाई गई
थी.
इस
बैठक में तमिलनाडु की दोनों प्रमुख पार्टियों डीएमके और एआईडीएमके ने मांग की कि भारत
को अपने पड़ोसी श्रीलंका के संकट में दख़ल देना चाहिए.
इन दोनों पार्टियों में श्रीलंका
की बुरी आर्थिक स्थिति और वहां तमिलों के हालात को उठाया.
सोशल मीडिया से लाखों की कमाई करने वाले दंपती
वीडियो कैप्शन, सोशल मीडिया से लाखों की कमाई करने वाला प्लंबर
कभी टिन शेड के घर में रहने वाले गणेश और योगिता शिंदे ने अब एक ख़ूबसूरत पक्का मकान बनवा लिया है और उनके पास अब एक कार भी है.
ये सब हो सका है गणेश और योगिता के कॉमेडी वीडियोज़ की वजह से जो सोशल मीडिया पर बहुत हिट हैं.
तमिलनाडु: कल्लाकुरिची में स्कूली छात्रा की 'संदिग्ध मौत' पर भड़के लोग, धारा 144 लागू
तमिलनाडु
के कल्लाकुरिची में स्कूल की एक छात्रा की हुई रहस्यमयी मौत के बाद न्याय की मांग करते
हुए हिंसक भीड़ ने रविवार को सड़क जाम करते हुए गाड़ियों में आग लगा दी और पथराव भी
किया. इस घटना में पुलिस के जवानों सहित कई लोग घायल हो गए हैं.
पुलिस
के अनुसार, उग्र लोगों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड को हटाते हुए चिन्नासलेम
इलाक़े के एक स्कूल परिसर में घुस गए. उसके बाद वहां खड़ी बसों में आग लगा दी. इन बसों
में पुलिस बस भी शामिल थी.
भीड़
के मुक़ाबले कम संख्या में वहां मौजूद पुलिस ने विरोध करने वालों को तितर बितर करने
की हर संभव कोशिश की, लेकिन इसमें वे नाकाम रहे.
इसके
बाद कल्लाकुरिची ज़िला प्रशासन ने इस शहर और चिन्नासलेम में धारा 144 लागू करते हुए
कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
पुलिस
ने हिंसक भीड़ पर क़ाबू पाने के लिए कम से कम दो बार हवा में फायरिंग की. वैसे अब इस
इलाक़े में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और हालात पर क़ाबू पा लिया
गया है.
राज्य
के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गृह सचिव पी रेड्डी और डीजीपी शैलेंद्र बाबू को कल्लाकुरिची
की स्थिति पर नज़र रखने का आदेश दिया है. उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई करने
के लिए इन अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन से सलाह लेने के लिए भेजा है.
मुख्यमंत्री
एमके स्टालिन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिया है कि दोषियों
को सज़ा दी जाएगी. उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को कल्लाकुरिची
जाने का आदेश दिया है.
क्या है मामला?
कल्लाकुरिची से 15 किलोमीटर दूर चिन्नासलेम के एक निजी बोर्डिंग स्कूल की 12वीं क्लास में पढ़ने वाली 17 साल की एक लड़की 13 जुलाई को वहां मृत पाई गई थी. दावा किया गया था कि लड़की ने हॉस्टल की ऊपरी मंज़िल से नीचे कूदकर अपनी जान दे दी थी.
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि मौत से पहले छात्रा के शरीर पर चोट के निशान थे. पुलिस ने छात्रा के माता-पिता की आशंका को देखते हुए मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है.
वहां के स्थानीय संगठन और राजनीतिक दल छात्रा के माता-पिता के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे पहले छात्रा की कथित 'संदिग्ध मौत' में न्याय की मांग को लेकर उनके परिजन बुधवार से कुड्डालोर ज़िले के वेयपुर पेरियानासलूर गांव में धरने पर बैठे हैं.
बच्चों की परवरिश: माता-पिता बच्चों के साथ ये काम बिल्कुल ना करें
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बचपन में कुछ देर के लिए, कहीं खो जाने की कहानियां मेरी उमर के ज़्यादातर लोगों के पास मौजूद होंगी.
अपने माता-पिता के साथ किसी सार्वजनिक जगह पर होना और अचानक पता चलना कि मम्मी-पापा में से किसी का भी हाथ नहीं पकड़ा हुआ है, उनसे अलग होकर अपने आप को भटका हुआ पाना और भीड़ में यकायक खो जाना. ऐसी यादें हम सबके पास हैं.
तब की दुनिया शायद ज़्यादा परिचित और अपेक्षाकृत छोटी थी और माँ-बाप भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर इतने बदहवास नहीं रहते थे. हालाँकि उस दौर में कोई मोबाइल फ़ोन भी नहीं था.
ऐसी ही एक घटना मुझे भी याद है. जब मैं अपनी एक छोटी फुफेरी बहन के साथ पंजाब के छोटे से क़स्बे, फ़रीदकोट की गलियों में खो गई थी. उस वक़्त मेरी उम्र पाँच साल थी.
द्रौपदी मुर्मू पर तेजस्वी यादव के बयान पर बीजेपी का निशाना, कहा- राबड़ी देवी को याद करें
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आरजेडी
और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार
द्रौपदी मुर्मू पर रविवार को यह कहते हुए निशाना साधा है कि हमें राष्ट्रपति भवन में
'मूर्ति' नहीं चाहिए.
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर
निशाना साधा है.
राज्य
के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी खेमे के उम्मीदवार
और तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा को समर्थन देने को लेकर सवाल पूछा गया था.
समाचार
एजेंसी एएनआई के अनुसार रविवार को उन्होंने पटना में कहा, ''हम राष्ट्रपति भवन में
मूर्ति को बिठाना नहीं चाहते. आपमें से किसी ने कभी उन्हें बोलते सुना है? उनकी उम्मीदवारी
का एलान होने के बाद से उन्होंने अभी तक एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स भी संबोधित नहीं की है.''
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यशवंत सिन्हा के बारे में उन्होंने कहा कि कम से कम हमने यशवंत सिन्हा को आवाज़ उठाते हुए सुना है और वे जिस चीज़ पर बोलते हैं, उस पर उनके अपने विचार होते हैं.
इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है.
उनकी मां राबड़ी देवी को बिहार का सीएम बनाए जाने की घटना को याद करते हुए जायसवाल ने कहा, ''तेजस्वी यादव ने अपने ही परिवार में देखा कि किस तरह दिग्गज नेताओं को दरकिनार करते हुए एक अशिक्षित घरेलू महिला को सत्ता के सर्वोच्च पद पर बिठा दिया गया.''
राबड़ी देवी को बिहार के तब के सीएम और उनके पति लालू प्रसाद यादव ने 1997 में जेल जाने से पहले अचानक ही सीएम बना दिया था.
जायसवाल ने कहा, ''द्रौपदी मुर्मू तो 'सेल्फ़ मेड महिला' हैं, जो नीचे से उठकर यहां तक पहुंची हैं. उन्होंने ओडिशा विधानसभा में ख़ुद को साबित किया है. इसके लिए उन्हें सबसे बेहतर विधायक का भी पुरस्कार मिला है.''
अरुणा आसफ़ अली: जो जेल में लगाती थीं 'भगत सिंह ज़िंदाबाद' के नारे
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8 अगस्त 1942 को जब कांग्रेस पार्टी ने अपने मुंबई अधिवेशन में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया तो अंग्रेज़ों ने उसे सख़्ती से कुचलने का फ़ैसला किया.
नतीजा ये हुआ कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू सहित कांग्रेस के सभी नेता गिरफ़्तार कर लिए गए, लेकिन इसका उस अधिवेशन में भाग ले रही तेज़तर्रार नेता अरुणा आसफ़ अली पर कोई असर नहीं पड़ा.
अगले दिन यानी नौ अगस्त को उन्होंने अंग्रेज़ सरकार के सारे अवरोधों को धता बताते हुए मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान पर, जिसे आजकल 'आज़ाद मैदान' कहा जाता है, कांग्रेस का तिरंगा झंडा फहराया. इसके बाद गिरफ़्तारी देने के बजाए वो भूमिगत हो गईं.
बाद में अपनी पुस्तक 'रिसर्जेंस ऑफ़ इंडियन विमेन' में अरुणा आसफ़ अली ने लिखा, ''9 अगस्त, 1942 को पुलिस ने उस फ़्लैट का दरवाज़ा खटखटाया जहाँ हम ठहरे हुए थे. जब उन्होंने आसफ़ साहब को गिरफ़्तार कर लिया तो मैंने पूछा कि मेरे बारे में क्या? उन्होंने कहा, 'आपके लिए कोई वारंट नहीं है.' मैंने ब्रिटिश सार्जेंट को अपने पति को स्टेशन पर विदा करने के लिए मना लिया.''
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत ने छुआ 200 करोड़ कोविड वैक्सीन की खुराक का आँकड़ा, 18 महीने में पाई ये उपलब्धि
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भारत
ने रविवार को कोरोना महामारी से बचाव के लिए दिए जाने वाली कोविड वैक्सीन की खुराक मामले
में 200 करोड़ के आंकड़े को छू लिया है. इस तरह 16 जनवरी, 2021 से शुरू किए टीकाकरण
अभियान में 18 महीनों में भारत ने यह उपलब्धि हासिल की है.
केंद्रीय
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इसके लिए देशवासियों को बधाई और धन्यवाद देते
हुए कई ट्वीट किए हैं.
उन्होंने कहा, ''बधाई हो भारत! सबके प्रयास से आज देश ने 200 करोड़ वैक्सीन लगाने का आँकड़ा
पार कर लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने इतिहास
रचा है. इस असाधारण उपलब्धि को इतिहास में दर्ज़ किया जाएगा.''
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एक अन्य ट्वीट में उन्होंने एक ग्राफ़िक्स शेयर करते हुए बताया कि भारत ने कब 50, 100, 150 और 200 करोड़ के आंकड़ों को छुआ है.
दुनिया में भारत से अधिक केवल चीन ने अभी तक कोरोना के टीके लगाए हैं. उसके बाद बाक़ी देश भारत से कहीं पीछे हैं.
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने भी दी बधाई
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मांडविया को रिट्वीट करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''भारत ने एक बार फिर इतिहास रचा है! वैक्सीन की 200 करोड़ ख़ुराकों का आँकड़ा पार करने पर सभी भारतीयों को बधाई. स्केल और स्पीड के लिहाज से अतुलनीय भारत के इस टीकाकरण अभियान में योगदान देने वाले सभी लोगों पर हमें गर्व है. इससे कोरोना के ख़िलाफ़ हमारी वैश्विक लड़ाई मजबूत हुई है.''
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पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ''वैक्सीन देने की शुरुआत होने के वक़्त से ही भारत के लोगों ने विज्ञान में उल्लेखनीय भरोसा जताया है. हमारे डॉक्टरों, नर्सों, सभी फ्रंटलाइन वर्कर, वैज्ञानिकों, खोजकरने वालों और उद्यमियों ने दुनिया को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका अदा की है. मैं उनके उत्साह और निश्चय के लिए उन्हें बधाई देता हूं.''
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है, ''महज़ डेढ़ साल में 200 करोड़ टीके के लक्ष्य को पाने पर भारत को बधाई! मैं इसके लिए अपने वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस मुहिम से जुड़े सभी लोगों को सलाम करता हूं.''
विश्व स्वास्थ्य संघ के साउथ ईस्ट एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने इसके लिए भारत को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि यह देश की प्रतिबद्धता और महामारी के प्रभाव को कम करने के प्रयासों का एक और सबूत है.
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नीति आयोग में स्वास्थ्य मामलों के सदस्य डॉ वीके पॉल ने इस उपलब्धि को बहुत बड़ी उपलब्धि बताते हुए इसे गर्व का दिन बताया है.
डॉलर के मुक़ाबले गिरता रुपया, जानिए क्या है वजह
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रुपया लगातार नीचे गिरता जा रहा है. सप्ताहांत में रुपये की क़ीमत एक डॉलर के मुक़ाबले 79.79 हो गई, 80 के आँकड़े से बस कुछ पैसे दूर.
डॉलर के मुक़ाबले रुपए की गिरती क़ीमत को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछ चुके हैं.
राहुल गांधी ने ट्विटर पर एक ग्राफ़ शेयर कर प्रधानमंत्री को उनका एक पुराना बयान याद दिलाया. ये बयान उस दौर का है, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
राहुल गांधी ने लिखा, "देश निराशा की गर्त में डूबा है" ये आपके ही शब्द हैं ना, प्रधानमंत्री जी? उस वक़्त आप जितना शोर मचाते थे, आज रुपए की क़ीमत तेज़ी से गिरती देखकर उतने ही 'मौन' हैं."
ब्रेकिंग न्यूज़, उपराष्ट्रपति चुनाव में मार्गरेट अल्वा होंगी विपक्षी दलों की उम्मीदवार
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कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों का उम्मीदवार बनाने का एलान किया गया है.
एनसीपी नेता शरद पवार के घर पर नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद ख़ुद शरद पवार ने इस बात का एलान किया.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, शरद पवार ने कहा, ''उपराष्ट्रपति पद के लिए मार्गरेट अल्वा विपक्षी खेमे की प्रत्याशी होंगी.''
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शरद पवार ने कहा, ''17 पार्टियों ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला लिया है. हमारा सामूहिक फ़ैसला है कि अल्वा मंगलवार को अपना नामांकन दाख़िल करेंगे.''
उन्होंने यह भी कहा कि हम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. पिछली बार उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए हमारे संयुक्त उम्मीदवार का समर्थन किया था.
इससे पहले नई दिल्ली में हुई इस बैठक में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीएम के सीताराम येचुरी, शिवसेना के संजय राउत और कई अन्य नेता शामिल हुए.
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कौन हैं मार्गरेट अल्वा?
कर्नाटक की रहने वाली मार्गरेट अल्वा पांच बार सांसद रहने के अलावा केंद्र में कई मंत्रालयों की मंत्री रह चुकी हैं.
वहीं गुजरात, गोवा, राजस्थान और उत्तराखंड के राज्यपाल भी वे रह चुकी हैं.
उपराष्ट्रपति चुनाव में उनका मुक़ाबला एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ से होगा.
भाजपा नेता धनखड़ अभी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं. उनकी उम्मीदवारी पर शनिवार को ही मुहर लगी है.
छत्तीसगढ़ में 121 आदिवासी दोषमुक्त क़रार, NIA कोर्ट ने किया रिहा
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छत्तीसगढ़ के बस्तर में यूएपीए समेत अन्य गंभीर धाराओं में जेल में बंद 121 आदिवासियों को दंतेवाड़ा की एनआईए की अदालत ने रिहा करने का फ़ैसला सुनाया है.
ये सभी आदिवासी पिछले पाँच सालों से भी अधिक समय से जेल में बंद थे. अदालत के फ़ैसले के बाद शनिवार की शाम इन आदिवासियों की रिहाई हुई.
बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी के अनुसार, जगदलपुर केंद्रीय जेल में बंद 110 और दंतेवाड़ा जेल में बंद तीन लोगों को शनिवार को रिहा किया गया. वहीं आठ लोगों पर दूसरे मामले दर्ज हैं, इसलिए उनकी रिहाई नहीं हो सकी है.
इन आदिवासियों को 24 अप्रैल 2017 को सुकमा ज़िले के बुरकापाल में हुए एक माओवादी हमले के बाद गिरफ़्तार किया गया था.
पश्चिमी देशों के लिए चीन है सबसे बड़ा ख़तरा: टोनी ब्लेयर
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ब्रिटेन
के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने चीन को पश्चिमी देशों के लिए बड़ा ख़तरा बताया
है. ब्लेयर ने 'दुनिया की दूसरी महाशक्ति' के रूप में उभर रहे चीन से मुक़ाबला करने
के लिए सभी पश्चिमी देशों को साथ आने का आह्वान किया है.
शनिवार
को डिचले फाउंडेशन के वार्षिक संबोधन में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि
पश्चिमी देशों के राजनीतिक और आर्थिक प्रभुत्व का युग समाप्त हो रहा है. ऐसे में पश्चिमी
देशों को चीन के विरुद्ध एक ' शक्तिशाली और व्यवसायिक' नीति बनाने की ज़रूरत है.
ब्रिटेन के अख़बार द गार्डियन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही है. उन्होंने
कहा कि पश्चिमी देशों को विकासशील देशों के साथ संबंध बनाकर अपनी "सॉफ्ट पावर"
का विस्तार करते रहना चाहिए. साथ ही अपनी सैन्य श्रेष्ठता बरकरार रखने के लिए रक्षा
बजट में वृद्धि करने की आवश्यकता है.
पश्चिमी
देशों को अपने घरेलू राजनीति में जारी उथलपुथल को तत्काल ख़त्म कर के 'तर्कसंगत रणनीति'
बहाल करनी चाहिए.
ब्लेयर
ने कहा,'तकनीक के कई क्षेत्र में चीन ने पहले ही अमेरिका जितनी पकड़ बना ली है. इस
सदी के सबसे बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का कारण रूस नहीं, चीन होगा. चीन के राष्ट्रपति
शी ज़िनपिंग कई बार ताइवान पर कब्ज़ा करने की मंशा ज़ाहिर कर चुके हैं.'
शी
ज़िनपिंग के नेतृत्व में चीन आक्रामक रूप से 'प्रभाव' के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है.
उन्होंने
कहा, चीन केवल हमारी शक्ति नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र और रहन-सहन के तरीके को चुनौती
देगा. ऐसे में पश्चिम को इतना सशक्त होने की ज़रूरत है कि वो अपने सरकारी तंत्र और
मूल्यों की रक्षा कर सके.
'दुनिया
कम से कम द्विध्रुवीय और संभवत: बहुध्रुवीय होने जा रही है. आधुनिक इतिहास में यह पहली
बार है कि पूरब पश्चिम के बराबर हो सकता है.'
'हमारे
पास बहुत बड़ा मौका है. विकासशील देश पश्चिमी व्यवसाय को ज़्यादा तरजीह देते हैं. पिछले
एक दशक में चीन के प्रति उनका अविश्वास बढ़ा है. जितना हमें लगता है उससे कहीं ज़्यादा
वो पश्चिमी व्यवस्था को पसंद करते हैं.'
श्रीलंका की बदहाली के बाद इन 13 देशों पर भी ख़तरे का बादल
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कभी एशिया के ख़ुशहाल, समृद्ध देशों में शामिल श्रीलंका अपनी आज़ादी के बाद पहली बार इतने बड़े आर्थिक संकट से गुज़र रहा है.
श्रीलंका को कई बार विदेशी क़र्ज़ चुकाने के लिए डेडलाइन दी गई लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार के ख़ाली होने से वह क़र्ज़ नहीं चुका पाया और आख़िर में उसने ख़ुद को डिफॉल्टर घोषित कर दिया.
श्रीलंका की जनता सड़कों पर उग्र प्रदर्शन कर रही है. राष्ट्रपति देश छोड़कर भाग चुके हैं. पेट्रोल पंप पर तेल के लिए लंबी लाइनें लगी हुई हैं. दवा, खाने-पीने के सामान के दाम कई गुणा बढ़ गए हैं.
जब कोई देश विदेशी क़र्ज़ समय से नहीं चुका पाता यानी उसके पास इतनी विदेशी मुद्रा नहीं बचती कि वो क़र्ज़ अदा कर पाए तो वह डिफॉल्टर हो जाता है. ऐसा ही श्रीलंका के मामले में हुआ. ढहते हुए श्रीलंका को पूरी दुनिया देख रही है. लेकिन अर्थव्यवस्था तबाह होने की कहानी केवल श्रीलंका की नहीं है.