इमरान ख़ान ने की भारत की तारीफ़, कहा- भारत एक खुद्दार देश, किसी की हिम्मत नहीं भारत को कुछ बोल सके

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के संसद को बहाल करने के फ़ैसले के बाद इमरान ख़ान ने पहली बार देश को किया संबोधित. पढ़ें इमरान ख़ान ने और क्या क्या कहा?

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अभय कुमार सिंह

  1. पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद इमरान ख़ान ने पहली बार किया देश को संबोधित, क्या-क्या बोले

    इमरान ख़ान

    इमेज स्रोत, Twitter/@ImranKhanPTI

    इमरान ख़ान एक बार फिर पाकिस्तान को संबोधित कर रहे हैं. गुरुवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल असेंबली को एक बार फिर से बहाल कर दिया था.

    इसके बाद से देश की राजनीति पर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं.

    अपने ताजा संबोधन में इमरान ख़ान ने क्या-क्या कहा?

    26 साल पहले मैंने जो तहरीक-ए-इंसाफ़ शुरू की. तब से मेरे सिद्धांत नहीं बदले हैं. मैंने अपनी पार्टी का नाम इंसाफ़ रखा. मैं ख़ुद्दारी, इंसाफ़ और जनता की भलाई के सिद्धांतों पर चला हूं. आज मैं ख़ुद्दारी और इंसाफ़ पर बात करना चाहता हूं.

    सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से मुझे मायूसी हुई है लेकिन मैं पाकिस्तान की अदालतों और सुप्रीम कोर्ट की इज्जत करता हूं.

    मैं आज तक एक बार जेल गया हूं. ये मेरा यक़ीन है कि किसी भी समाज की बुनियाद इंसाफ़ पर होती है और अदालत उस इंसाफ़ की रखवाली होती है. मुझे ये कहते हुए अफ़सोस हुआ है.अदालत का जो भी फ़ैसला है हम उसे स्वीकार करते हैं, लेकिन मुझे उस पर अफ़सोस है.

    डिप्टी स्पीकर ने आर्टिकल 5 के तहत नेशनल असेंबली को भंग किया था. ये बड़ा गंभीर आरोप है कि एक बाहरी मुल्क साज़िश करके सरकार को गिराता है. ये बहुत गंभीर आरोप है, कम से कम सुप्रीम कोर्ट को इन आरोपों की जांच तो करनी चाहिए थी. कम से कम सुप्रीम कोर्ट को उस दस्तावेज़ को बुलाकर देखना चाहिए.

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    ख़ुलेआम राजनेताओं के जमीर ख़रीदे जा रहे हैं. भेड़ बकरियों की तरह उन्हें होटलों में बंद किया जा रहा है. सोशल मीडिया का ज़माना है. बच्चे-बच्चे को पता है कि वो किस क़ीमत में बिक रहे हैं. दुनिया के किस लोकतंत्र में ऐसा होता है.

    हम सुप्रीम कोर्ट से ये उम्मीद कर रहे थे कि वो नेताओं की इस ख़रीद-फ़रोख़्त का स्वतः संज्ञान ले. ये किस तरह का लोकतंत्र है जिसमें नेताओं की खुलेआम बिक्री हो रही है.

    पाकिस्तान ऐसा देश है जिसकी साठ प्रतिशत से अधिक आबादी तीस साल से कम उम्र की है. अगर हम इन युवाओं को दिशा नहीं देंगे तो वो भी ये समझेंगे कि अगर देश के नेता रिश्वत देकर नेताओं को ख़रीद सकते हैं, तो देश किस तरफ़ जा रहा है.

    ये सब शरीफ़ भाइयों ने नेताओं को भेड़ बकरियों की तरह ख़रीदना शुरू किया था और तब से ही सियासत और नीचे जाती जा रही है. जनता की ख़िदमत करने का वादा करके आने वाले नेता बिक रहे हैं.

    आरक्षित सीटों से चुने जाने वाले नेता बिक रहे हैं. मैं एक पाकिस्तानी के रूप में बात कर रहा हूं. मैं एक ख़्वाब देखता था कि हमारा पाकिस्तान एक महान देश बनेगा. मेरा ये ख़्वाब अब भी ज़िंदा है.

    ये एक संघर्ष है मेरा. इस संघर्ष को इस तमाशे से बहुत धचका लगा है. हमने अदालत का फ़ैसला स्वीकार किया है, लेकिन हम इस बात से मायूस हैं कि पाकिस्तान में जो ये सब खुले आम हो रहा है, इसे लेकर कोई गंभीर नहीं है. सब तमाशा देख रहे हैं

    मैंने दुनिया देखी है. बीस साल इंग्लैंड में रहा हूं. किसी पश्चिमी देश में मैंने ऐसा नहीं देखा है. वहां ना कोई किसी को ख़रीदने का सोच सकता है और ना कोई बिकता है क्योंकि समाज उसके ख़िलाफ़ खड़ा हो जाता है.

    ये समाज की ज़िम्मेदारी है कि वो बुराई को रोके. जब बुराई को रोका नहीं जाता है तो वो समाज में फैल जाती है. जिस तरह से पश्चिमी देशों के लोग इंसाफ़ के लिए और बुराई के ख़िलाफ़ खड़े होते हैं, हमारे लोग नहीं होते.

    ब्रितानिया में मैंने इराक़ युद्ध के ख़िलाफ़ मार्च में हिस्सा लिया. बीस लाख लोग इस मार्च में शामिल थे. उस युद्ध से ब्रितानिया को फ़ायदा हो रहा था लेकिन देश के लोग उसके ख़िलाफ़ खड़े हो गए थे. मैं अपने देश के लोगों से आह्वान करता हूं कि उन्हें भी अपने आप को और अपने देश के भविष्य को बचाना होगा. कोई बाहर से हमें बुराई के ख़िलाफ़ बचाने नहीं आएगा, हमें ख़ुद खड़ा होना होगा.

    हम 22 करोड़ लोग हैं. ये हमारी कितनी बेइज्जती है कि वो अधिकारी हमारे देश को हुक्म दे रहा है. वो कह रहा है कि अगर आपका प्रधानमंत्री बच जाता है तो आपको परीणाम झेलने पड़ेंगे और अगर ये हार जाता है तो हम आपको माफ़ कर देंगे. मैं पाकिस्तान के लोगों से सवाल करना चाहता हूं कि अगर हमें ऐसे ही रहना है तो फिर हम अपनी आज़ादी का जश्न क्यों मनाते हैं. बाहर के देश हमें हुक्म दे रहे हैं. वो हमारे प्रधानमंत्री को हटाने के लिए कह रहे हैं.

    मीडिया के अंदर पैसा चल रहा है. मीडिया को भी शर्म नहीं आ रही. सबको पता है कि एक पार्टी के लिए चुने गए लोग दूसरी पार्टी में जा रहे हैं. मीडिया को भी सब पता है. इस बात का जश्न मनाया जा रहा है कि सरकार गिर रही है. हमें धीरे-धीरे चीज़ें पता चलनी शुरू हुई हैं.

    अमेरिका के राजनयिक हमारे लोगों से मिल रहे हैं. चंद महीने पहले अमेरिकी अधिकारियों ने हमारे नेताओं को बताया कि इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव आ रहा है. मैं अपने देश के लोगों से ये कहना चाहता हूं कि हम क्या चाहतें हैं. क्या हम आज़ाद और खुद्दार क़ौम बनकर रहना चाहते हैं या किसी के ग़ुलाम बनकर रहना चाहते हैं.

    इमरान ने फिर की भारत की तारीफ़

    मैं हिंदुस्तान को बाक़ी लोगों से बेहतर जानता हूं. मेरे वहां संबंध हैं. मुझे अफ़सोस है कि आरएसएस की विचारधारा और कश्मीर के हालात की वजह से हमारे संबंध ख़राब हुए हैं.

    किसी की जुर्रत नहीं है कि भारत के बारे में ऐसी बात करें. किसी विदेशी ताक़त की हिम्मत नहीं है कि वो भारत की विदेश नीति में दख़ल दे सके. भारत एक ख़ुद्दार देश है.

    भारत की विदेश नीति स्वतंत्र हैं और हर दबाव को दरकिनार कर वो रूस से तेल ले रहा है.

    शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

    आपने सबने ईसा की नमाज़ के बाद परसों (रविवार को) निकलना है और एक ज़िंदा क़ौम की तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना है. प्रदर्शन में तोड़फोड़ नहीं करनी है बल्कि आपको बताना है कि आप अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए निकले हैं.

    ये जो बाहर से साज़िश करके, ज़मीर ख़रीदकर जो ड्रामा हो रहा है, इसका आपको विरोध करना है. ये आपका फ़र्ज़ है. इससे पता चलेगा कि पाकिस्तान एक ज़िंदा क़ौम है. इतिहास कभी किसी को माफ़ नहीं करता है. कौन क्या भूमिका निभा रहा है, इतिहास इसे साफ़ कर देता है. सुप्रीम कोर्ट के कौन से फ़ैसले अच्छे हैं और कौन से देश के हित में नहीं हैं, ये इतिहास बता देता है.

    आपको एक आज़ाद क़ौम की तरह खड़ा होना है. ज़िंदा क़ौमें खड़ी होती हैं. पाकिस्तान के लोगों ने ला इलाहा इल्लाह के लिए क़ुर्बानियां दी थीं, इसलिए नहीं कि कोई बाहर से आकर सरकार हम पर थोप दे और हम ग़ुलामी करें. आपको पाकिस्तान के उस ख़्वाब के लिए परसों ईसा की नमाज़ के बाद बाहर निकलना है और प्रदर्शन करना है.

    मैं भी लोगों के बीच में रहूंगा और किसी क़ीमत पर ये क़ुबूल नहीं करूंगा कि बाहर की कोई ताक़त पाकिस्तान में हस्तक्षेप करें. पाकिस्तान ज़िंदाबाद.

  2. Imran Khan LIVE: Pakistan में सियासी संकट के बीच इमरान ख़ान क्या कह रहे हैं?

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  3. आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में ब्याज दरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

    श्रीलंका

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    आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीतियों को सख़्त किया है.

    बैंक ने शुक्रवार को प्रमुख ब्याज़ दरों में रिकॉर्ड 700 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी का फ़ैसला किया है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, कर्ज़ के बोझ से दबे श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार खाली है और आयात के लिए भुगतान करने में देश असमर्थ है.

    सरकार के ख़िलाफ़ लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार पर भारी दबाव है. ऐसे में श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने स्टैंडिंग लैंडिंग फेसिलिटी रेट को 14.50% और डिपॉजिट फैसिलिटी रेट को बढ़ाकर 13.50% कर दिया है.

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  4. 'संजय राउत के बारे में हम नहीं जानते, हमें मुंबई में अपना घर चाहिए'- पत्रा चाल के लोग

  5. जजों को बदनाम करने लगी है सरकार, ये नया चलन दुर्भाग्यपूर्ण: चीफ़ जस्टिस

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की तरफ़ से जजों को बदनाम करने का नया चलन शुरू हो गया है. कोर्ट ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

    चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने छत्तीसगढ़ सरकार और एक एक्टिविस्ट की तरफ़ से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की. याचिका में हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी गई थी.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सुनवाई के दौरान चीफ़ जस्टिस ने कहा, “आप जो भी लड़ाई लड़ रहे हैं, वो ठीक है. लेकिन कोर्ट को बदनाम करने की कोशिश न करें. मैं इस केस में भी देख रहा हूं, ये एक नया चलन है.”

    राज्य सरकार की तरफ़ से दलील सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी रख रहे थे. उन्होंने कहा कि वो इस प्वाइंट पर बिलकुल दबाव नहीं डाल रहे हैं.

    ऐसे में उनसे चीफ जस्टिस ने जोर देकर कहा, ''हम हर रोज़ देख रहे हैं. आप एक वरिष्ठ वकील हैं, आपने इसे हमसे ज़्यादा देखा है. ये एक नया चलन है. सरकार ने जजों को बदनाम करना शुरू कर दिया है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है.''

  6. मंगल पांडे ने चलाई थी 1857 के विद्रोह की पहली गोली- विवेचना

  7. तमिलनाडु में एक शादी में गिफ़्ट में दिया पेट्रोल-डीज़ल

  8. मुस्लिम महिलाओं को रेप की 'धमकी' देने वाली घटना पर भड़के ओवैसी, योगी-शाह-अखिलेश पर साधा निशाना

    असदुद्दीन ओवैसी

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    उत्तर प्रदेश के सीतापुर का एक वीडियो वायरल हो गया. इसमें महंत बजरंग मुनि नाम के एक शख़्स मुस्लिम लड़कियों को रेप की धमकी देते दिख रहे हैं.

    इस मामले को लेकर ख़ूब प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. अभियुक्त के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज़ कर लिया गया. बाद में महंत बजरंग मुनि ने इसे लेकर माफ़ी भी मांगी.

    इसी वीडियो को शेयर करते हुए एआइएमआइएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी के मुख़्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है.

    ओवैसी का कहना है कि ऐसे कट्टरपंथी तत्वों को सरकारी संरक्षण नहीं मिलना चाहिए.

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    उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ''योगी आदित्यनाथ कहां गई आपकी 'ठोक दो' की पॉलिसी? अमित शाह अपनी दूरबीन उठाइए और दर्शन कीजिए अपने नए भारत का. जहां सच/झूठ धर्म/अधर्म का पाठ पढ़ाने के बजाए महंत बलात्कारी बयान दे रहे हैं. कट्टरपंथी तत्वों को सरकारी संरक्षण नहीं मिलना चाहिए.''

    असदुद्दीन ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, ''अखिलेश यादव आप तो चुनाव से पहले भी चुप थे, तब भी आपको 80% से अधिक मुसलमानों के वोट मिले. जब चुप्पी साधने से ही काम चल रहा है तो अपनी ज़बान को ज़हमत देने की क्या ज़रूरत? है न?''

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    अभियुक्त ने मांगी माफ़ी

    इस बीच मुस्लिम महिलाओं को रेप की धमकी देने का आरोप झेल रहे उत्तर प्रदेश में खैराबाद के महंत बजरंग मुनि ने वीडियो जारी करके माफ़ी मांगी है.

    उन्होंने वीडियो में कहा है कि वे सभी माताओं-बहनों से क्षमा मांगते हैं. बजरंग मुनि ने कहा कि अगर उनकी किसी बात से माताओं बहनों की आत्मा को ठेस पहुँची है, तो वे उन्हें क्षमा करें. वे नारी जाति का सम्मान करते हैं. एक और ट्वीट में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें मारने और जेल भेजने के लिए उनका वीडियो वायरल किया जा रहा है.

  9. यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर हमले से रूस का इनकार

    यूक्रेन

    रूस ने यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में शामिल होने से इनकार किया है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि रूस पर ऐसे आरोप लगाना उकसाने की कोशिश है और पूरी तरह से झूठ है.

    हाल के दिनों में यूक्रेन की राजधानी कीएव के आसपास के इलाक़ों में नागरिकों पर हमले के सबूत सामने आए हैं. मॉस्को ने पिछले कुछ दिनों में ऐसे ही आरोपों का खंडन जारी किया है.

    वहीं, जिस रेलवे स्टेशन पर ये हमला हुआ है उसके मेयर का दावा है कि हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है, इसमें 10 बच्चे भी शामिल हैं. मेयर का दावा है कि हमला में निश्चित तौर पर रूसी रॉकेट का इस्तेमाल हुआ है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने हमले की निंदा करते हुए कहा है, ''युद्ध के मैदान में हमारे सामने खड़े होने के लिए ताक़त और साहस की कमी है, तो उनपर अब नागरिक आबादी को बर्बाद करने का सनक सवार हो गया है.'' अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी हमले की कड़ी निंदा की है.

  10. बुलडोज़र को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नए निर्देश क्या हैं?

    योगी आदित्यनाथ

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    उत्तर प्रदेश की सत्ता एक बार फिर संभालने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ सरकार अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर सक्रिय है.

    जगह-जगह अतिक्रमण और अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र के इस्तेमाल की ख़बरें सामने आ रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख़्त निर्देश दिए हैं कि अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाने की कार्रवाई सिर्फ़ पेशेवर माफ़िया, अपराधियों पर ही हों, किसी ग़रीब पर ऐसी कार्रवाई किसी हालत में न हो.

    इस निर्देश के बारे में एडीजी (क़ानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बताया, ''निर्देश आए हैं कि बुलडोज़र का ग़लत इस्तेमाल न हो. बुलडोज़र का इस्तेमाल अवैध निर्माण के ख़िलाफ़ होता रहा है. इसमें सरकारी संपत्तियां और ज़मीनों पर अवैध निर्माण शामिल हैं. ध्वस्तीकरण से पहले सभी न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाती है.''

    वीडियो कैप्शन, उत्तर प्रदेशः सपा नेता के पेट्रोल पंप पर चला बुल्डोज़र

    7 अप्रैल को ही विधायक के पेट्रोल पंप पर हुई थी कार्रवाई

    इससे पहले 7 अप्रैल को ही एक समाजवादी पार्टी विधायक के पेट्रोल पंप पर कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया था.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ये पेट्रोल पंप कथित तौर पर अवैध तरीक़े से बिना नक्शा पास किए बनाया गया था. विधायक के पेट्रोल पंप तोड़े जाने पर सपा ने कहा- बदले की भावना से सत्ता का बुलडोज़र चला रही है.

    सपा के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया गया- द्वेष, अत्याचार, विध्वंस! यूपी में लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त करने की ये तस्वीर है. लोकतंत्र की सीरियल किलर बीजेपी विपक्षियों पर बदले की भावना से सत्ता का बुलडोजर चला रही है.

  11. पाकिस्तान में हाफ़िज सईद को दो अलग-अलग मामलों में लंबी सज़ा, ज़ुर्माना भी लगाया गया

    हाफ़िज सईद

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    लाहौर की एक आतंकरोधी अदालत ने मुंबई हमलों के अभियुक्त हाफ़िज़ सईद को जेल की सज़ा सुनाई है. ये सज़ा आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े दो मामलों को लेकर सुनाई गई है.

    हाफ़िज़ सईद को एक मामले में साढ़े 15 साल और दूसरे में साढ़े 16 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है. साथ ही उन पर 3 लाख 40 हज़ार (पाकिस्तानी) रुपये का ज़ुर्माना भी लगाया गया है.

    पाकिस्तान के पंजाब आतंकवाद निरोधी विभाग ने हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ ये मामले दर्ज़ किए थे. बता दें कि हाफ़िज़ पहले से ही जेल में है और कई मामलों में सज़ा काट रहे हैं.

    पाकिस्तान में हाफ़िज़ सईद को नवंबर 2020 में लाहौर की विशेष आतंकवाद निरोधी अदालत ने सईद को तीन अलग-अलग आरोपों में साढ़े तीन साल जेल और ज़ुर्माने की सज़ा सुनाई थी.

    इसके अलावा, फ़रवरी 2020 में, एक विशेष आतंकवाद विरोधी अदालत ने ईद को दो मामलों में कुल 11 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी.

  12. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर, 08 अप्रैल 2022, सुनिए मोहनलाल शर्मा से...

  13. ओवैसी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से किस बात पर पूछ रहे हैं सवाल?

    असदुद्दीन ओवैसी

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    एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने एक वीडियो रिपोर्ट को शेयर करते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा है.

    इस वीडियो रिपोर्ट में एक शख़्स ये कहता दिख रहा है कि उन्हें राजस्थान की करौली पुलिस ने जबरन जय श्रीराम के नारे लगाने के लिए मजबूर किया. साथ ही डराया धमकाया.

    अब ओवैसी ने अपने ट्वीट में अशोक गहलोत से मांग की है कि पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए और सख़्त से सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए.

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    ओवैसी ने लिखा, ''राजस्थान में करौली पुलिस ने एक 14 वर्षीय मुस्लिम लड़के को रात भर पीटा और पूछा कि उसे कौन रोक रहा है JSR कहने से. अशोक गहलोत, पुलिसकर्मी को तुरंत निलंबित कर उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए.''

    असदुद्दीन ओवैसी एक और ट्वीट में राहुल गांधी पर तंज भी कसते नज़र आए. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने लिखा, ''आपके 'युवा' नेता दूसरे प्रदेशों में आंदोलन के लिए निकल जाते हैं, यहाँ पर ग़ायब क्यूँ हैं? अब हिंदू बनाम हिंदुत्व का प्रवचन नहीं होगा?''

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  14. मुस्लिम महिलाओं को रेप की 'धमकी' देने वाले यूपी के महंत बजरंग मुनि ने मांगी माफ़ी

    महंत बजरंग मुनि

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    मुस्लिम महिलाओं को रेप की धमकी देने का आरोप झेल रहे उत्तर प्रदेश में खैराबाद के महंत बजरंग मुनि ने वीडियो जारी करके माफ़ी मांगी है. उन्होंने वीडियो में कहा है कि वे सभी माताओं-बहनों से क्षमा मांगते हैं. बजरंग मुनि ने कहा कि अगर उनकी किसी बात से माताओं बहनों की आत्मा को ठेस पहुँची है, तो वे उन्हें क्षमा करें. वे नारी जाति का सम्मान करते हैं. एक और ट्वीट में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें मारने और जेल भेजने के लिए उनका वीडियो वायरल किया जा रहा है.

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    सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के सीतापुर के बजरंग मुनि दास को गिरफ़्तार करने की मांग उठ रही है. जिले के खैराबाद कस्बे के बजरंग मुनि दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे मुस्लिम लड़कियों को रेप की धमकी देते दिख रहे हैं. बजरंग मुनि दास का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है.

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    महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है और एफ़आईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है. सीतापुर पुलिस का कहना है कि बजरंग मुनि के ख़िलाफ़ समुचित धाराओं में केस दर्ज़ किया जा चुका है और अब कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बजरंग मुनि का ये वीडियो दो अप्रैल को रिकॉर्ड किया गया था, जब बजरंग मुनि दास ने नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के मौके पर एक जुलूस निकाला था. आरोप है कि मस्जिद के पास पहुंचते ही बजरंग मुनि ने लाउडस्पीकर पर नफ़रत भरा भाषण देना शुरू कर दिया था. वीडियो के सोशल मीडिया में आने के बाद से ही लोग लगातार अभियुक्त के गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.

  15. सीरम इंस्टीट्यूट ने बताया कोविशील्ड की बूस्टर डोज़ की क्या होगी क़ीमत

    कोविशील्ड

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    कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में शुक्रवार को दो बड़े एलान सामने आए.

    भारत सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को बूस्टर डोज़ लगाने की अनुमति दे दी है. वहीं दूसरी तरफ़ कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने कहा है कि लोगों को 600 रुपए में कोविशील्ड का बूस्टर डोज़ मिल सकेगा.

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    इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ़ से बताया गया कि 18 साल से अधिक उम्र वाले लोग 10 अप्रैल से किसी भी प्राइवेट टीकाकरण केंद्र पर बूस्टर डोज़ लगवा सकते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ 18 साल या इससे अधिक उम्र के उन्हीं लोगों को बूस्टर डोज़ लगेगी, जिन्हें दूसरी डोज़ लिए नौ महीने पूरे हो गए हैं.

  16. मध्य प्रदेश और ओडिशा में पत्रकारों से बदसलूकी पर एडिटर्स गिल्ड ने कहा- गृह मंत्रालय सख़्त कार्रवाई करे

    एडिटर्स गिल्ड

    इमेज स्रोत, Twitter/ANI

    मध्य प्रदेश और ओडिशा में पत्रकारों से हुई बदसलूकी की एडिटर्स गिल्ड ने कड़ी निंदा की है.

    गिल्ड ने एक बयान जारी कर गृह मंत्रालय से अपील की है कि वो पत्रकारों और सिविल सोसाइटी मेंबर्स के ख़िलाफ़ पुलिस की ज़्यादतियों का तत्काल संज्ञान लेकर इसके ख़िलाफ़ सख़्त निर्देश जारी करें.

    गिल्ड ने ये भी कहा है कि सत्ता की शक्ति का गलत इस्तेमाल करने वालों पर भी सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए. एडिटर्स गिल्ड ने अपने बयान में दोनों ही ज़िलों में हुई घटनाओं का ज़िक्र किया है.

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    बयान में कहा गया है कि मध्य प्रदेश के सीधी में एक स्थानीय पत्रकार और कुछ सिविल सोसाइटी के सदस्यों को गिरफ़्तार करने, निर्वस्त्र करने और अपमानित करने से गिल्ड हैरान है.

    बता दें कि इस मामले से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर 2 अप्रैल की सीधी कोतवाली की है. तस्वीर में दिख रहे आठ अर्धनग्न लोगों में से दो स्थानीय पत्रकार हैं और बाकी लोग नाट्यकर्मी हैं.

    आरोप है कि ये लोग एक स्थानीय रंगकर्मी की गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे जिसके बाद पुलिस ने इन सभी को पकड़ कर उनके कपड़े उतरवाए और थाने में इनकी परेड निकाली.

    गिल्ड के बयान में कहा गया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है और इस जघन्य मामले की जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन पत्रकारों पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की बेरहमी और डराने-धमकाने की ये बढ़ती प्रवृत्ति बेहद परेशान करने वाली है और इसकी जांच की जरूरत है.

    ओडिशा का मामला क्या है?

    एडिटर्स गिल्ड ने ओडिशा के मामले का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि बालासोर ज़िले के अस्पताल में एक पत्रकार के पैर को ज़ंजीर से बांध दिया गया.

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    पत्रकार का दावा है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी एक ख़बर प्रकाशित करने को लेकर उसके साथ ऐसा सलूक किया गया है. न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, अब इस मामले में ओडिशा डीजीपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं.

  17. कर्नाटक के स्कूलों में बम लगाने की धमकी, पुलिस ने कहा- जाँच में नहीं मिला कुछ भी

    बेंगलुरु

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    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में कई स्कूलों को मिले धमकी भरे ईमेल मामले में अब पुलिस ने कहा है कि स्कूलों की जाँच के बाद उन्हें कुछ नहीं मिला है.

    धमकी भरे ईमेल में लिखा गया है कि इन स्कूलों के परिसर में ''शक्तिशाली बम'' लगाए गए हैं.

    अब न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सुब्रमण्येश्वर का कहना है कि जाँच करने के बाद कुछ नहीं मिला है. दो टीमें ईमेल का सोर्स पता लगाने के लिए काम कर रही हैं.

    उन्होंने कहा, ''हमें आठ स्कूलों से शिकायत मिली थी. सारे स्कूलों में अलग ईमेल आईडी का इस्तेमाल हुआ है. यह घटना इन स्कूलों में होने वाली SSLC परीक्षाओं के साथ हुई हैं. पहले भी जब परीक्षाएँ हुई हैं तब भी ऐसी फर्जी कॉल आई हैं.''

    उन्होंने कहा कि शुरुआती जाँच में तो ये फर्जी कॉल का मामला लग रहा है लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है. सभी स्कूलों में बॉम्ब डिटेक्शन और डिस्पोज़ल स्क्वाड भेजे गए हैं.

    पूरा मामला क्या है?

    बेंगलुरू और उसके आसपास के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल में लिखा गया था कि स्कूल परिसर में ''शक्तिशाली बम'' लगाए गए हैं, साथ ही ये भी लिखा गया है कि पुलिस को इस बार में तुरंत जानकारी दी जानी चाहिए.

    इन सभी स्कूलों में भेजे गए ईमेल एक जैसे हैं, जिसमें लिखा गया है, ''आपके स्कूल में एक बेहद शक्तिशाली बम लगाया गया है. सावधान, ये मज़ाक नहीं है, ये एक मज़ाक नहीं है. एक बेहद शक्तिशाली बम आपके स्कूल में लगाया गया है, तुरंत पुलिस को बुलाइए, सैकड़ों जान को ख़तरा हो सकता है, आपकी भी जान को ख़तरा है. देर मत कीजिए, अब सब कुछ आपके हाथ में है!''

  18. राजस्थान सरकार ने करौली हिंसा की जाँच के आदेश दिए, बीजेपी ने कहा- सरकार की सोच तालिबानी

    अशोक गहलोत

    इमेज स्रोत, Getty Images

    राजस्थान की सरकार ने करौली में हुई घटना की जाँच के आदेश दिए हैं. सरकार के मुताबिक़ जाँच रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर सौंपी जाएगी. पिछले सप्ताह शनिवार को करौली में हिंदू नववर्ष के दौरान जुलूस पर पथराव के कारण हिंसा हुई थी, जिसमें कम से कम 35 लोग घायल हुए थे. पुलिस ने इस मामले में अभी तक 100 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

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    इस बीच राजस्थान के पुलिस महानिदेश एमएल लाठर ने कहा है कि प्रशासन ने जुलूस की अनुमति तो दी थी, लेकिन डीजे चलाने की अनुमति नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा- करौली में 2015 के बाद कभी इस तरह का जुलूस नहीं निकला था. शुरू से ही जुलूस की बॉडी लैंग्वेज अलग तरह की थी और जुलूस में चल रहे गाने आपत्तिजनक थे, जिसकी वजह से वहाँ उपस्थित अन्य लोगों ने पथराव किया. उन्होंने बताया कि इसके बाद घटी घटना बहुत दुखद रही, इसमें 10 मुकदमें दर्ज़ किए गए हैं और कुल 105 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

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    दूसरी ओर बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राजस्थान सरकार पर तालिबानी सोच के साथ काम करने का आरोप लगाया है. समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा- पुलिस को घटना की पहली से जानकारी क्यों नहीं थी? वहाँ 14-15 दुकानों को जलाया गया. मामले में अब तक किसी की गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई है?

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    इस बीच करौली में लगाए गए कर्फ्यू में आज कुछ देर ढील देने के बाद बाज़ार में लोग ख़रीदारी करते हुए दिखे. गुरुवार को करौली नगर परिषद में कर्फ्यू 10 अप्रैल की सुबह 12 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया था. कर्फ्यू में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक ढील दी जा रही है, जिसके दौरान सब्जियाँ और फल स्टोर, जनरल स्टोर, डेयरी, ईंधन स्टेशन और गैस एजेंसियाँ काम कर रही हैं. एक युवक ने बताया, "तीन घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है. अब हम कुछ न कुछ ख़रीद सकते हैं. ज़रूरत के सामान की कमी के कारण बहुत परेशानी हो रही थी."

  19. Lemon Prices: नींबू के दामों में इस कदर उछाल क्यों आया है?

    नींबू के दामों में इन दिनों गजब का उछाल आया हुआ है जिसकी वजह से ग्राहक बेहद परेशान हैं. लेकिन इसकी वजह क्या है?

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  20. यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर हमला, ज़ेलेंस्की ने कहा- रूस पर नागरिकों को बर्बाद करने की सनक सवार

    यूक्रेन

    यूक्रेन के एक रेलवे स्टेशन पर रूस के रॉकेट हमले में 39 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 87 लोग घायल हुए हैं. इस इलाक़े के गवर्नर ने ऐसा दावा किया है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की निंदा की है. इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की ने लिखा है, ''युद्ध के मैदान में हमारे सामने खड़े होने के लिए ताक़त और साहस की कमी है, तो उनपर अब नागरिक आबादी को बर्बाद करने का सनक सवार हो गया है.''

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    उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा ख़राब काम है जिसकी कोई सीमा नहीं है. और अगर इसके लिए सज़ा नहीं दिया जाता है तो ऐसा कभी नहीं रुकेगा."

    2 बच्चों की हुई मौत- रिपोर्ट

    इस रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में दो बच्चों की मौत हुई है. ऐसा दावा यूक्रेन स्टेट रेल कंपनी के चेयरमैन का है. हमले के बाद रेलवे स्टेशन से कुछ तस्वीरें भी सामने आ रही हैं. ये तस्वीरें दिखा रही हैं कि आख़िर ये रॉकेट हमला किस स्तर का था.

    यूक्रेन
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