5 साल से छोटे बच्चों के लिए इसी महीने आ सकती है वैक्सीन
5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन को मंज़ूरी देने की तैयारी है. अमेरिका में फ़रवरी के अंत तक ऐसा किया जा सकता है.
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भूमिका राय, विभुराज and अभय कुमार सिंह
मोदी सरकार के इस बजट पर विपक्षी नेता क्या कह रहे हैं
बजट 2022 : पीएलआई स्कीम के जरिये 60 लाख नौकरियां देने के दावे में कितना दम
5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इसी महीने आ सकती है वैक्सीन

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5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन को मंज़ूरी देने की तैयारी है. अमेरिका में फ़रवरी के अंत तक ऐसा किया जा सकता है.
अमेरिकी दवा नियामक एफडीए का अनुमान है कि फ़ाइज़र कंपनी पाँच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दो डोज़ वाली वैक्सीन के लिए आवेदन करेगी. कंपनी तीन डोज़ वाली वैक्सीन पर भी शोध कर रही है लेकिन इसके लिए आँकड़े मार्च तक ही आ सकेंगे.
कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामने आने के बाद बच्चों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं.

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अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स के मुताबिक़, पिछले महीने अमेरिका में 35 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं. लेकिन डेटा से पता चलता है कि कुछ ही बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. साथ ही कुछ ही बच्चों के वायरस से मौत का मामला सामने आया है.
बता दें कि फ़ाइज़र ने दिसंबर में बच्चों के लिए कम डोज़ वाली वैक्सीन का ट्रायल किया था. इसके मिश्रित नतीज़े सामने आए थे.
रूस के साथ तनाव के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सहयोगी देशों की तारीफ़ की

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन की संसद में सहयोगी देशों का झंडा पकड़े सांसद क़रीब 1 लाख रूसी सैनिक यूक्रेन की सीमा पर तैनात किए गए हैं और ऐसी आशंका है कि रूस, यूक्रेन पर हमला कर सकता है.
इस तरह के बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के ख़िलाफ मदद को तैयार दिख रहे पश्चिमी देशों की तारीफ़ की है.
ज़ेलेंस्की ने अपने सांसदों से कहा है, ''साल 2014 के बाद से ये यूक्रेन के लिए सबसे बड़ा समर्थन है.''
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने संसद को बताया कि यूके और पोलैंड से एक नई तरह की राजनीतिक साझेदारी तय हो रही है. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा का कहना है कि ये साझेदारी सुरक्षा के साथ-साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा के क्षेत्र को भी कवर करेगा.
बता दें कि यूक्रेन संकट को लेकर शीर्ष अमेरिकी और रूसी अधिकारी नए सिरे से बातचीत करने वाले हैं.
ब्रिटेन, पोलैंड के प्रधानमंत्री यूक्रेन पहुंचे
इस बीच मंगलवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से मिलने यूक्रेन की राजधानी पहुंच रहे हैं.
लैंडिंग से पहले एक ट्वीट में जॉनसन ने कहा कि जो यूक्रेन की संप्रभुता को जो लोग ख़त्म करना चाहते हैं उनके सामने ही ब्रिटेन एक मित्र और लोकतांत्रिक सहयोगी के तौर पर यूक्रेन का साथ देना जारी रखेगा.
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पौलेंड के प्रधानमंत्री भी कीव पहुंचे हैं, उन्होंने कहा है कि यूक्रेन के लिए ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ़्ट मिसाइल समेत हथियारों का वादा किया गया है साथ ही मानवीय सहायता भी दी जाएगी.
पोलैंड ने कहा है कि अगर रूस, यूक्रेन पर हमला करता है तो बड़ी संख्या में शरणार्थियों के आने की भी तैयारी देश कर रहा है.
यूक्रेन पर किसी भी हमले की योजना से रूस बार-बार इनक़ार कर रहा है लेकिन रूस ने करीब 1 लाख सैनिक, टैंक, मिसाइल यूक्रेन की सीमाओं पर तैनात किए हैं.

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रूस की सेना की अगर यूक्रेन की तुलना की जाए तो रूस कहीं आगे है. जहां रूस के पास करीब 9 लाख सक्रिय सैनिक हैं, यूक्रेन के पास ये संख्या 2 लाख की है.
अब वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने संसद में कहा है कि उन्होंने यूक्रेन की सेना में 1 लाख सक्रिय सैनिकों को बढ़ाने के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि ये संख्या इसलिए नहीं बढ़ाई जा रही क्योंकि देश युद्ध के मुहाने पर है. ये यूक्रेन की शांति और आगे आने वाली चुनौतियों के लिए है.
बजट 2022: निर्मला सीतारमण के बजट पर नेता, आम लोग क्या बोले
कार्टून: बजट, रोज़गार और क्रिप्टोकरेंसी
झारखंड : धनबाद के पास कोयला खान हादसे में 4 महिलाओं समेत 5 की मौत,

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देश की कोल राजधानी कहे जाने वाले धनबाद क्षेत्र के निरसा में एक ओपन कास्ट माइंस के धँस जाने से कम-से कम पाँच लोगों की मौत हो गई. इनमें चार महिलाएँ हैं.
धनबाद के उपायुक्त (डीसी) संदीप कुमार ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा,''ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के मुगमा कोलियरी क्षेत्र में स्थित ओपन कास्ट माइंस के ऊपरी भाग के गिरने के कारण कुछ लोग खान में हीं फँस गए. इसकी सूचना मिलने के बाद प्रशासन और ईसीएल ने संयुक्त रुप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. इस दौरान चार महिलाओं और एक पुरुष के शव बरामद किए गए हैं. ये लोग पास के गावों के थे. ईसीएल के मुताबिक़ वे खनन से जुड़े मजदूर नहीं थे.''
डीसी ने बताया कि सारे शव एक ही खादान से निकाले गए हैं. यह खान निरसा थाने के मुगमा कोलियरी क्षेत्र में स्थित है. इस पूरे मामले की जाँच करायी जा रही है.

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''सिर्फ़ 5 की जान नहीं गई है''
हालांकि, निरसा के पूर्व विधायक अरुप चटर्जी ने कहा कि हादसा सिर्फ़ एक जगह नहीं हुआ है और इसमें सिर्फ़ पाँच लोगों की जान नहीं गई हैं. उनका दावा है अवैध ख़नन की वजह से ये हादसे हो रहे हैं.
उन्होंने बीबीसी से कहा, ''आज सुबह निरसा इलाक़े की तीन कोयला खादानों में चाल धँसने से कम-से कम 12 लोगों की मौत हुई है. ये सब लोग कोयले के अवैध खनन में लगे हुए थे. कुछ लोगों के शव उनके साथी लेकर भाग गए. अभी भी कई लोगों के खान में फँसे होने की आशंका है.''
अरुप चटर्जी का आरोप है कि अवैध खनन का काम सबकी मिलीभगत से चल रहा है.
उन्होंने कहा, ''यह दुखद है कि कोयला खदानों से अवैध खनन का काम योजनाबद्ध तरीक़े से चलाया जा रहा है. इसमें सबकी मिलीभगत है. आज भी मैंने ईसीएल और प्रशासनिक अधिकारियों को इस हादसे को लेकर कई बार फ़ोन किया. इसके बावजूद काफ़ी देर बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. प्रशासन ने सिर्फ़ एक जेसीबी मशीन भेजी. तब मैंने अपने पैसे से दो और जेसीबी मशीनें मँगवायीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाया.''

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एक दर्ज़न से अधिक की मौत का दावा
वहीं, स्थानीय पत्रकारों ने बीबीसी को बताया कि आज सुबह तीन अलग-अलग खादानों में हादसे हुए. इनमें एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत होने की सूचनाएँ ग्रामीणों ने दी है. इन हादसों में कोई लोग घायल भी हुए हैं.
इन पत्रकारों के मुताबिक़ ईसीएल के गोपीनाथपुर और कापासारा और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के दहीबाड़ी स्थित ओपन कास्ट माइंस में ये हादसे हुए हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान हादसे पर दुख व्यक्त किया है.
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उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि ज़िला प्रशासन मुस्तैदी से राहत और बचाव के काम में जुटा हुआ है.
दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2,683 नए मामले, 27 की मौत

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दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 2,683 नए मामले सामने आए हैं. 27 लोगों की मौत हुई है. वहीं सोमवार को नए संक्रमण के मामलों की संख्या 2,779 थी और 38 लोगों की मौत दर्ज़ की गई थी.
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न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने दिल्ली सरकार के हवाले से जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक़, राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 16,548 सक्रिय मामले हैं.
कोरोना वायरस टेस्ट की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 52,736 टेस्ट हुए हैं. इनमें से 11,687 रैपिड एंटीजन टेस्ट हैं.
पिछले 24 घंटे में 77,132 लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी गई है. इनमें से 23,327 लोगों ने पहली डोज़ तो 42,501 लोगों ने दूसरी डोज़ ली है.
अब एयर फ़ोर्स में महिला फ़ाइटर पालयट स्थाई स्कीम के तहत होंगी शामिल

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अब भारतीय वायुसेना में महिला फ़ाइटर पायलटों को सिर्फ़ एक्सपेरिमेंटल स्कीम के तहत ही नहीं बल्कि परमानेंट स्कीम के तहत वायुसेना में जगह दी जाएगी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ये भारतीय ''नारी शक्ति'' की क्षमता का प्रमाण बताया है.
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उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, '' ये भारतीय नारी शक्ति की क्षमता का और नारी सशक्तिकरण के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है.''

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इमेज कैप्शन, पहली तीनों महिला फ़ाइटर एक साथ अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कंठ. साल 2016 में हुई थी शुरुआत
साल 2016 में भारत में पहली बार तीन महिलाओं को फ़ाइटर पाइलट के तौर पर कमीशन दिया गया था. ये तीनों पायलट हैं- भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह. ये ज्वाइनिंग एक्सपेरिमेंट स्कीम के तहत ही हुई थी.
अब राजनाथ सिंह ने ये ऐलान किया है महिलाओं को परमानेंट स्कीम के तहत भारतीय वायु सेना में बतौर फ़ाइटर पायलट नियुक्त किया जाएगा.
बजट 2022 में कृषि ऋण का लक्ष्य बढ़ाकर 18 लाख करोड़ किया गया

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सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 18 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है.
सीतारमण के सामने वरिष्ठ अधिकारी राजेश वर्मा ने पत्रकारों को दी गई ब्रीफिंग में कहा, "अगले साल, कृषि ऋण के लिए हमारा लक्ष्य 18 लाख करोड़ रुपये का है. इस साल ये लक्ष्य 16.50 लाख करोड़ रुपये रखा गया था, जिसमें से 75 फ़ीसदी बांटा जा चुका है.''
बता दें कि राजेश वर्मा को बजट पेश करने से पहले वित्तीय सेवा विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
इकनॉमिक सर्वे के मुताबिक़, मौजूदा वित्त वर्ष में जो 16.50 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य था उसमें से वित्त वर्ष के शुरुआती 6 महीने में ही 7.36 लाख करोड़ का कृषि ऋण बांट दिया गया.
आम तौर पर, कृषि ऋण पर 9 फ़ीसदी ब्याज़ दर लगती है. हालांकि, सरकार कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कम समय के लिए दिए जाने वाले फसल लोन में छूट दे रही है.
किसानों को 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक ऋण 7 फ़ीसदी की दर से मिल सके इसके लिए सरकार 2 फ़ीसदी की ब्याज़ सब्सिडी दे रही है.बगैर किसी चीज़ को गिरवी रखकर कृषि ऋण देने वाली स्कीम में लिमिट को रिज़र्व बैंक ने 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 1.6 लाख करोड़ कर दिया है.
बजट की बातें आसान भाषा में समझिए
बजट 2022 पर बोले पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, निर्मला सीतारमण के भाषण में ग़रीब शब्द का केवल दो बार जिक्र

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पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने साल 2022-23 के आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये किसी वित्त मंत्री द्वारा पढ़ा गया अब तक सर्वाधिक पूंजीवादी बजट है.
उन्होंने कहा, "ग़रीब शब्द का केवल दो बार जिक्र किया गया और वो भी पैराग्राफ़ नंबर छह में. इस देश में ग़रीब लोग भी रहते हैं, ये याद रखने के लिए हम वित्त मंत्री को धन्यवाद कहते हैं. जनता इस पूंजीवादी बजट को खारिज कर देगी."
"मैं आश्चर्यचकित और हतप्रभ था कि वित्त मंत्री अगले 25 सालों की योजना का खाका पेश कर रही थी. लगता है कि सरकार ने ये मान लिया है कि आज की परिस्थितियों पर ध्यान देने की कोई ज़रूरत नहीं है और जनता को अमृत काल के आने तक धीरज रखने के लिए कहा जा सकता है. ये भारत के लोगों का मजाक उड़ाना है."
"ये बेशक देश के दौलतमंद लोगों की शह पर हो रहा है. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के बजाय वित्त मंत्री ने एक तरह से ये एलान कर दिया कि क्रिप्टोकरेंसी आज से देश में वैध हो गई है. ये देश के 99.99 फीसदी लोगों के लिए फायदे की बात नहीं है."
उन्होंने कहा, "भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी महामारी के पहले वाले स्तर तक नहीं पहुंची है. पिछले दो सालों में लाखों लोगों की नौकरियां गई हैं और कुछ की तो हमेशा के लिए. लगभग 60 लाख मंझोले उद्योग बंद हो गए हैं. महामारी के दो सालों में देश के 84 फीसदी लोगों की आमदनी कम हुई है."
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बजट 2022 में मनरेगा के लिए 73,000 करोड़ आवंटित, 25.51% की कटौती

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इमेज कैप्शन, प्रतीकात्मक तस्वीर केंद्रीय बजट में ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्यक्रम (मनरेगा) के लिए 73,000 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है. ये मौजूदा वित्त वर्ष के लिए संशोधित अनुमान से 25.51 फ़ीसदी कम है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल के बजट में भी मनरेगा के लिए 73,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. हालांकि, बाद में काम की अधिक मांग की वजह से इसे संशोधित करके 98,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था.
मनरेगा के तहत अलग-अलग योजनाओं के जरिए ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोज़गार मुहैया कराया जाता है. ग्रामीण परिवार के लोगों की आजीविका सुरक्षित करने के लिए ये योजना लागू की गई थी जिसमें परिवार के वयस्क सदस्यों को एक वित्त वर्ष में कम से कम 10 दिनों के रोज़गार देने की बात है.
मनरेगा के पहले चरण में 2 फ़रवरी, 2006 से देश के 200 पिछड़ों ज़िलों में ये योजना लागू की गई थी. 1 अप्रैल 2007 को इसमें 113 ज़िलें और जोड़ गए. 15 मई 2007 को इसमें 17 ज़िलों को जोड़ा गया.
1 अप्रैल 2008 से बाकी ज़िलों को इस योजना में अधिनियम के तहत जोड़ दिया गया. अब देश के सभी ग्रामीण ज़िलों में ये योजना लागू है.
बजट 2022: निर्मला सीतारमण के बजट में रेलवे को क्या मिला?

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केंद्रीय बजट में रेल मंत्रालय को 1,40,367.13 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. ये आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के संशोधित आंकड़ों से 20,311 करोड़ रुपये अधिक है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में अगले तीन साल में 400 ''वंदे भारत'' ट्रेनों के निर्माण का एलान किया है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई, वित्त मंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए रेल मंत्रालय ''वन स्टेशन वन प्रोडक्ट'' पर काम कर रहा है. साथ ही रेलवे छोटे किसानों और उद्यमों के लिए लॉजिस्टिक्स विकसित करेगा.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि 2022-23 का बजट विकास और रोज़गार को बढ़ावा देगा. साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर में पूंजी निवेश से ज़िंदगियों में सुधार होगा. रेल मंत्री ने ट्विटर पर लिखा, रेलवे छोटे किसानों और उद्यमों के लिए नए उत्पाद और सेवाएं पेश करेगा.
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बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, संयुक्त उपक्रमों और स्पेशल पर्पज़ व्हीकल्स में निवेश के लिए 38686.59 करोड़ रुपये भी निर्धारित किए गए हैं.
नए आधुनिक कोच और टेक्नोलॉजी को लाने में मदद में सहायक रोलिंग स्टॉक के विकास के लिए 7977 करोड़ रुपये तय किए गए हैं.वित्त मंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के लिए भी 15710.44 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
ट्रैकों के नवीनीकरण के लिए 13335.47 करोड़ रुपये, गेज कंवर्जन के लिए 2850 करोड़ रुपये, डबलिंग के लिए 12108 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. नई लाइनों के लिए कुल 25243 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है.
बजट 2022: तीन साल बाद डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन बजट अनुमान से अधिक

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तीन साल बाद डायरेक्ट टैक्स का कलेक्शन वित्त वर्ष 2022 के बजट अनुमान से अधिक हो गया है, इसे आर्थिक सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
डायरेक्ट टैक्स में कॉरपोरेट और पर्सनल इनकम टैक्स भी शामिल होते हैं. इससे पहले वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार को बजट अनुमान की तुलना में ज़्यादा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन देखने को मिला था.
बजट डॉक्यूमेंट के मुताबिक़, सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के अनुमान को संशोधित किया है. इन संसोधित अनुमानों में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन को 11.08 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.50 लाख करोड़ कर दिया गया है.
संशोधित अनुमानों के मुताबिक़, सरकार को कॉरपोरेट टैक्स से 6.35 लाख करोड़ और पर्सनल इनकम टैक्स से 6.15 करोड़ के कलेक्शन की उम्मीद है.
वित्त वर्ष 2017-18 में बजट का अनुमान 9.8 लाख करोड़ डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का था, संशोधित अनुमानों में ये आंकड़ा 10.05 लाख करोड़ का गया. हालांकि, जो वास्तविक कलेक्शन 10.02 लाख करोड़ का रहा.
बजट प्रक्रिया के मुताबिक़, एक वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पहले सरकार राजस्व संग्रह का अनुमान देती है. इन आंकड़ों को अगले वित्तीय वर्ष के बजट एस्टिमेट के पहले संशोधित किया जाता है.
हालांकि,असल में कितना टैक्स कलेक्शन हुआ है वो आंकड़ा वित्तीय वर्ष के ख़त्म होने के बाद सामने आता है. इसी तरह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 14.20 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है.
बजट की बातें आसान भाषा में समझिए
वीडियो कैप्शन, बजट की बातें आसान भाषा में समझिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्तीय वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश किया. वित्त मंत्री के रूप में उनका यह चौथा बजट था.
सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया गया, जिसमें इस साल जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.2% रखा गया है. बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास और ग़रीबों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्थिक मामलों के जानकार डीके मिश्रा से समझिए आम बजट 2022-23 की बारीकियां. उनसे बात कर रही हैं सर्वप्रिया सांगवान.
बजट 2022: जानिए सरकारी खजाने की कमाई और ख़र्च का हिसाब

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2022 पेश कर दिया है. अर्थव्यवस्था के लिए क्या ख़र्च होगा और कहाँ से पैसे आएंगे इसका पूरा ब्योरा बजट में दिया गया है.
ऐसे में ये जानते हैं कि सरकार की तरफ़ से अलग-अलग सेक्टर के लिए जो पैसे आवंटित किए जाते हैं वो पैसे आते कहां-कहां से हैं और ख़र्च कहाँ पर होते हैं.
बजट डॉक्यूमेंट के मुताबिक़, सरकार के ख़जाने में हर एक रुपये में से 58 पैसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर से आएंगे. सरकारी ख़जाने में प्रति रुपये 35 पैसे उधार और दूसरी देनदारियों से, 5 पैसे विनिवेश जैसे गैर-कर राजस्व से और 2 पैसे गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों से आएंगे.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि आम बजट के अनुसार, गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का हर एक रुपये में 16 पैसे का योगदान होगा, जबकि कॉरपोरेशन टैक्स से 15 पैसे आएंगे.
केंद्रीय उत्पाद शुल्क से प्रति रुपये 7 पैसे और सीमा शुल्क से प्रति रुपये 5 पैसे कमाने पर सरकार विचार कर रही है. इनकम टैक्स से प्रति रुपये 15 पैसे का कलेक्शन होगा.

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इमेज कैप्शन, आम बजट देखते लोग ख़र्च कहाँ होगा?
ख़र्च की बात करें तो, प्रति रुपये 20 पैसा ब्याज़ चुकाने में जाएगा. इसके बाद राज्यों का टैक्स और ड्यूटी में 17 पैसे का हिस्सा है.
रक्षा क्षेत्र के लिए प्रति रुपये 8 पैसे का आवंटन है. केंद्र सरकार की योजनाओं पर 15 पैसे का ख़र्च है, जबकि केंद्र सरकार की तरफ से प्रायोजित योजनाओं पर 9 पैसे का ख़र्च है.
वित्त आयोग और अन्य तबादलों पर 10 पैसे का ख़र्च है. सब्सिडी में प्रति रुपये 8 पैसे और पेंशन में 4 पैसे ख़र्च होंगे. ''अन्य ख़र्चो'' पर सरकार प्रति रुपये 9 पैसा का ख़र्च करेगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, बजट 2022 पर प्रतिक्रिया देते हुए क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022-23 के बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम की तारीफ़ करते हुए इसे पीपुल फ्रेंडली और प्रोग्रेसिव बजट बताया है.
उन्होंने कहा, "ये बजट 100 साल की भयंकर आपदा के बीच, विकास का नया विश्वास लेकर आया है. ये बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य मानवी के लिए, अनेक नए अवसर बनाएगा. ये बजट मोर इंफ्रास्ट्रक्चर, मोर इन्वेस्टमेंट, मोर ग्रोथ और मोर जॉब्स की नई संभावनाओं से भरा हुआ है. इससे ग्रीन जॉब्स का भी क्षेत्र और खुलेगा."
"इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू है- गरीब का कल्याण. हर गरीब के पास पक्का घर हो, नल से जल आता हो, उसके पास शौचालय हो, गैस की सुविधा हो, इन सभी पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी उतना ही जोर है."
"हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है. ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी."
"भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन पांच राज्यों में गंगा किनारे, नैचुरल फॉर्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा."
"इस बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का ऐलान किया गया है. डिफेंस के कैपिटल बजट का 68 परसेंट डोमेस्टिक इंडस्ट्री को रिजर्व करने का भी बड़ा लाभ, भारत के MSME सेक्टर को मिलेगा."
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डिजिटल इकॉनमी, डिजिटल करेंसी पर निर्मला सीतारमण का ये एलान क्यों है ख़ास?

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डिजिटल इकॉनमी और करेंसी मैनेजमेंट को बेहतर करने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) डिजिटल करेंसी लेकर आएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान इसका एलान किया. इस डिजिटल करेंसी को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही जारी कर दिए जाने का प्रस्ताव है.
अपने भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि रिज़र्व बैंक की तरफ़ से डिजिटल करेंसी के आने से डिजिटल इकॉनमी को बल मिलेगा. साथ ही करेंसी मैनेजमेंट में भी इससे मदद होगी.
उन्होंने कहा कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और दूसरी टेक्नोलॉजी की मदद से डिजिटल करेंसी ले आई जाएगी.
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एक्सपर्ट की क्या है राय?
बैंक बाज़ार डॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने डिजिटल करेंसी के एलान पर बीबीसी हिंदी से कहा, "केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेशकश के वक़्त कहा कि आरबीआई भारत की अपनी ब्लॉकचेन डिजिटल रुपया (डिजिटल करेंसी) जारी करेगा.इससे भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल वित्तीय स्पेस में स्थिति भी मजबूत होगी."
उन्होंने कहा, "अभी तक अमेरिका ने भी अपना सीबीसी लॉन्च नहीं किया है. सीबीसी के लॉन्च का अर्थ है भारत ब्लॉकचेन और कम ऑपरेशनल कॉस्ट का लाभ उठा कर सेटलमेंट में तेजी लाना चाहता है. इस को बेहतर समझने के लिए हमें इसके डिटेल्स की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता है."
डिजिटल करेंसी के लाने के प्रस्ताव के साथ ही साथ बजट में क्रिप्टोकरेंसी की कमाई पर 30% टैक्स की घोषणा की गई है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में प्राइमस पार्टनर्स-डिजिटल करेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण शेट्टी का कहना है ब्लॉकचेन-बेस्ड डिजिटल करेंसी लाने और वर्चुअल डिजिटल एसेट को टैक्स नेट के तहत 30 फ़ीसदी की दर पर लाने से क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर में सट्टेबाज़ी कम होगी. इससे अर्थव्यवस्था को डिजिटल करेंसी का लाभ एक संरचनात्मक ढांचे में मिलेगा.

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निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को दी जाएगी सहायता
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में राज्यों को 1 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की बात कही.
उन्होंने कहा कि राज्यों को 2022-23 में चार फ़ीसदी तक राजकोषीय घाटे की अनुमति होगी. वित्त मंत्री ने वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी इंवेस्टमेंट को बढ़ावा देने और सुझाव देने के लिए एक्सपर्ट कमिटी गठित करने का प्रस्ताव रखा.

