आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक 'नया भारत' बनाने का लक्ष्यः पीएम मोदी

ब्रितानी सरकार ने चौंकाते हुए औपचारिक बयान जारी कर रूस द्वारा यूक्रेन में अपने समर्थक नेता को स्थापित करने को लेकर चेताया है.

लाइव कवरेज

मोहम्मद शाहिद, मानसी दाश and अनुराग कुमार

  1. आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक 'नया भारत' बनाने का लक्ष्यः पीएम मोदी

    इंडिया गेट पर पीएम मोदी

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    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आजादी के 100 साल पूरे होने तक एक नया भारत तैयार करने का लक्ष्य रखा है.

    नेताजी की 150वीं जयंती पर इंडिया गेट पर हुए कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''नेताजी कहते थे-कभी भी स्वतंत्र भारत के सपने का विश्वास मत खोना, दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो भारत को झकझोर सके. आज हमारे सामने आज़ाद भारत के सपनों को पूरा करने का लक्ष्य है. हमारे सामने आज़ादी के सौंवे साल से पहले नए भारत के निर्माण का लक्ष्य है."

    देश सेवा में जान गंवाने वाले सुरक्षाबलों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''मेरा सौभाग्य है कि हमारी सरकार को नेताजी से जुड़ी फाइलें डिक्लासिफाई करने का मौका मिला.''

    पीएम मोदी ने इस अवसर पर देश की सेवा में जान गंवाने वाले एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की.

    पीएम मोदी

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    पीएम ने कहा कि लोगों को नेताजी के ''कर सकते हैं, करेंगे'' वाली भावना से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि नेताजी ने ब्रितानियों के सामने झुकने से इनकार कर दिया था.

    पीएम मोदी ने कोलकाता में नेताजी सुभाषचंद बोस के पैतृक आवास के दौरे को याद करते हुए कहा, ''ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष, आज के ही दिन मुझे कोलकाता में नेताजी के पैतृक आवास भी जाने का अवसर मिला था. जिस कार से वो कोलकाता से निकले थे, जिस कमरे में बैठकर वो पढ़ते थे, उनके घर की सीढ़ियां, उनके घर की दीवारें, उनके दर्शन करना, वो अनुभव, शब्दों से परे है.''

    पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में कहा कि अभी डिजिटल होलोग्राम के तौर पर प्रतिमा अनावरण किया जा रहा, कुछ दिन बाद इस जगह ग्रेनाइट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

  2. रूसी सरकार यूक्रेन पर हमले और कब्जे के बारे में सोच रही है: ब्रिटेन

    रूस-यूक्रेन संकट

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    ब्रितानी सरकार ने चौंकाते हुए औपचारिक बयान जारी कर रूस द्वारा यूक्रेन में अपने समर्थक नेता को स्थापित करने को लेकर चेताया है.

    ब्रिटेन का यह बयान ऐसा समय में आया है जब यूक्रेन को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है.

    ब्रिटेन के विदेश, कॉमनवेल्थ ऐंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ) ने कहा कि यूक्रेन के पूर्व सासंद येवहेन मुरायेव क्रेमलिन के संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं.

    ब्रिटेन ने रूस को फिर चेतावनी दी है यूक्रेन से छेड़छाड़ के गंभीर परिणाम होंगे.

    ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रुस ने शनिवार को बयान जारी कर कहा, ''आज जारी की गई जानकारी से पता चलता है कि यूक्रेन को पटरी से उतारने के रूस की तरफ से किस हद तक कोशिश की जा रही है.''

    वीडियो कैप्शन, रूस-यूक्रेन विवाद से भारत का नाता

    उन्होंने आगे कहा, ''रूस को निश्चित रूप से पीछे हटना चाहिए और अपने आक्रामक और झूठ से भरे अभियान को खत्म कर कूटनीति के रास्ते पर जाना चाहिए. जैसा कि यूके और हमारे सहयोगियों ने बार-बार कहा है कि यूक्रेन में रूस द्वारा किसी तरह की सैन्य कार्रवाई एक बड़ी राजनीतिक भूल होगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे.''

    एफसीडीओ ने कहा कि हमारी जानकारी से ऐसा लग रहा है कि रूसी सरकार यूक्रेन पर हमले और कब्जे के बारे में सोच रही है लेकिन उससे पहले वह कीव में एक रूस समर्थक नेता को स्थापित करना चाहती है.

    आपको बता दें कि ऐसी रिपोर्ट्स आईं है कि रूस ने यूक्रेन पर हमले के लिए सीमा पर 1 लाख सैनिकों को तैनात किया है. हालांकि रूस किसी भी तरह के हमले की योजना से इनकार करता आ रहा है.

    वीडियो कैप्शन, रूस और यूक्रेन के बीच विवाद क्यों हो रहा है?

    एफसीडीओ के अनुसार पूर्व यूक्रेनियन सांसद येवहेन मुरायेव को एक रूस समर्थक नेता के तौर पर स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है, इसके अलावा भी रूसी इंटेलिजेंस एजेंसियां पूर्व उपप्रधानमंत्री और कार्यवाहक पीएम रहे सरहिय अर्बुजोव, आंद्रे क्यलुयेव समते कई पूर्व यूक्रेनी नेताओं के संपर्क में है.

    एफसीडीओ का कहना है कि इनमें से कुछ नेता यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रही रूसी सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं.

    बयान में कहा गया है, ''यूक्रेन के मुद्दे पर रूस का रुख साफ है, हम उसके अतंरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमा (जिसमें क्रीमिया भी शामि है) के अंदर उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट तौर पर समर्थन करते हैं. यूक्रेन एक आजाद और संप्रभु राष्ट्र है.''

    वीडियो कैप्शन, रूस ने यूक्रेन से विवाद को देखते हुए क्या बड़ा कदम उठाया?

    गौरतलब है कि यूके की ओर से कई ब्रिटिश सैनिकों को 2015 से ही यूक्रेन की सेना को ट्रेनिंग देने के लिए वहां भेजा जा रहा है.

    ब्रिटेन ने 2015 में रूस के हमले के बाद यूक्रेन की नौसेना को फिर से तैयार करने के लिए भी मदद का भरोसा दिया है. इसी हफ्ते की शुरुआत में यूके ने यूक्रेन में अतिरिक्त सैनिक और हथियार भेजने का ऐलान किया है.

  3. यूरोप में पकड़ी गई पहली नार्को-पनडुब्बी की अनोखी कहानी

    पत्रकार जेवियर रोमेरो

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    इमेज कैप्शन, पत्रकार जेवियर रोमेरो ने इस मामले पर "ऑपेरासीन मारिया नेग्रा" नाम की एक किताब लिखी है.

    मोटी कद काठी के तीन लोगों ने अपने आपको केवल डेढ़ मीटर वर्ग की जगह में 27 दिनों तक बंद रख कर समुद्र के भीतर लंबा सफ़र तय किया. पानी के भीतर चल रही उस छोटी सी पनडुब्बी में चलने की जगह शायद ही हो. वे जिस पनडुब्बी में यात्रा कर रहे थे, वहां रखे सामानों पर सोकर काम चलाया.

    उस पनडुब्बी के बाथरूम में पानी निकलने के इंतज़ाम नहीं थे. इसलिए उन्होंने ख़ुद को हल्का करने के लिए एक बैग का इस्तेमाल किया. उन्होंने ज़िंदा रहने के लिए डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, पेस्ट्री, एनर्जी बार और रेड बुल ड्रिंक का उपयोग किया.

    यात्रा के दौरान उनकी चमड़ी पर कई जगह चकत्ते उभर आए. इसकी वजह हर समय पहने जाने वाले गीले और चिकने वेटसूट थी. वहां से बाहर देखने के लिए केवल छह छोटी खिड़कियां थीं.

    इन तीनों ने 2019 के अक्टूबर-नवंबर में अटलांटिक महासागर में ब्राजील से यूरोप के बीच की 3,500 नॉटिकल मील से अधिक की दूरी तय की. इसके लिए उन्होंने फाइबर ग्लास से बनी, जिस पनडुब्बी का इस्तेमाल किया, उसकी सफलता संदिग्ध थी.

  4. समाजवादी पार्टी ने टीवी चैनलों के ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग की,

    अखिलेश यादव

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    समाजवादी पार्टी के यूपी के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर दिखाए जा रहे तमाम ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग की है.

    अपने पत्र में नरेश उत्तम पटेल ने लिखा है कि, "उत्तर प्रदेश का चुनाव आठ जनवरी को घोषित हो चुका है और प्रथम चरण का नामांकन भी समाप्त हो गया है. कई न्यूज़ चैनल ओपिनियन पोल दिखा रहे हैं जिससे मतदाता भ्रमित हो रहे हैं और चुनाव भी प्रभावित हो रहा है. यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है."

    इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए उन्होंने लिखा है कि, "स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक चुनाव संपन्न कराने के लिए न्यूज़ चैनलों द्वारा दिखाए जा रहे ओपिनियन पोल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए."

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    एबीपी सी-वोटर, इंडिया टीवी, रिपब्लिक पी-मार्क, न्यूज़ एक्स पोलस्ट्रैट, टाइम्स नाउ वीटो, ज़ी डिज़ाइन बॉक्स्ड, इंडिया न्यूज़ जन की बात ने हाल के कुछ दिनों में अपने ओपिनियन पोल के नतीजे जारी किए हैं और इन सभी ओपिनियन पोल में उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनते दिखाई गयी है.

    वहीं, समाजवादी पार्टी द्वारा निर्वाचन आयोग से ओपिनियन पोल पर रोक लगाए जाने की मांग को बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने हार से पहले का डर बताया है.

    उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव जी अपनी संभावित हार को देखते हुए बौखलाहट में आ गए हैं. वे कभी निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं और कभी डिजिटल माध्यमों में अपनी कमजोरी का रोना रोते हैं और अब इलेक्शन सर्वे पर रोक लगाए जाने की मांग कर रहे हैं."

  5. ओडिशा: दो सरकारी अफ़सरों की आपबीती- 'केंद्रीय मंत्री हमें कुर्सी से पीटने लगे'

    ओडिशा

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    इमेज कैप्शन, अफ़सरों ने लगाया मंत्री पर पिटाई का आरोप

    केंद्रीय जल शक्ति और आदिवासी कल्याण राज्य मंत्री विश्वेश्वर टुडू पर दो सरकारी अधिकारियों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है. हालांकि, टुडू ने इस आरोप का खण्डन किया है और कहा है कि यह आरोप उन्हें और उनकी पार्टी को बदनाम करने की साजिश है.

    यह घटना पिछले शुक्रवार के दोपहर ओडिशा के बारीपदा शहर में घटी. शुक्रवार को ही कथित मारपीट में घायल एक अधिकारी मयूरभंज जिला योजना बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अश्विनी मल्लिक ने बारीपदा टाउन थाने में इस संदर्भ में एफ़आईआर दर्ज कराई है.

    मंत्री टुडू ने उन पर लगे आरोप का खण्डन किया है. उन्होंने कहा, "ऐसी कोई घटना नहीं घटी. हां, यह सच है कि मैं उनसे मिलना चाहा था. लेकिन जब वे आए, उस समय मैं व्यस्त था. इसलिए मैने उन्हें अगले दिन आकर मिलने को कहा. क्योंकि अगले कुछ दिनों में राज्य में पंचायत चुनाव होने वाले हैं, इसलिए सत्तारूढ़ बीजू जनता दल द्वारा यह मुझे और मेरी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश है."

    एफ़आईआर में मल्लिक ने कहा कि मंत्री टुडू ने उन्हें और योजना बोर्ड के सहकारी निदेशक देवाशीष महापात्र को एक चेयर से पीटा, जिसमें महापात्र का बायां हाथ टूट गया और वे खुद भी घायल हो गए.

  6. यूपी चुनाव: एक और बीजेपी विधायक ने थामा सपा का दामन, टिकट कटने से थे नाराज

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    चुनावी मौसम में यूपी में नेताओं के दल-बदलने का दौर जारी है. रविवार को आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट से बीजेपी के निवर्तमान विधायक जितेंद्र वर्मा ने पार्टी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया.

    जितेंद्र वर्मा चुनाव में पार्टी द्वारा टिकट काटे जाने से नाराज थे. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में जितेंद्र वर्मा ने कहा, "मैंने बीजेपी के लिए काम किया, उसके बावजूद मुझे टिकट नहीं दिया गया. बीजेपी कहती है कि वो युवाओं को आगे बढ़ाएगी, लेकिन उन्होंने मेरी जगह एक 75 साल के शख्स को टिकट दिया है."

    वर्मा ने आगे कहा, "यूपी में समाजवादी पार्टी सरकार बनाएगी और हम जन कल्याण के लिए काम करेंगे."

    इससे पहले फतेहाबाद के विधायक ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को चिट्ठी भेजकर अपना इस्तीफा सौंपा. इसमें उन्होंने लिखा, "आपको अवगत कराना है कि मैं भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. कृपया स्वीकृत करने का कष्ट करें."

    समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने के बाद जितेंद्र वर्मा को पार्टी ने आगरा जिलाध्यक्ष बना दिया है. समाजवादी पार्टी ने इस बारे में बयान जारी कर कहा, "समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी की स्वीकृति से आगरा के बिठ्ठौना ग्राम निवासी जितेंद्र वर्मा को जनपद आगरा का जिलाध्यक्ष नामित किया जाता है."

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 23 जनवरी 2022, सुनिए वात्सल्य राय से

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  8. हैदर अली खान: यूपी चुनाव के लिए एनडीए गठबंधन की ओर से पहले मुस्लिम उम्मीदवार के नाम का एलान,

    हैदर अली खान

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    उत्तर प्रदेश में भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल ने गठबंधन की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पहला उम्मीदवार घोषित किया है.

    काफी लम्बे समय के बाद एनडीए ने उत्तर प्रदेश के चुनावों में किसी मुसलमान उम्मीदवार को टिकट देते हुए हैदर अली खान को रामपुर की स्वार सीट से प्रत्याशी घोषित किया है.

    चार दिन पहले ही हैदर अली खान ने दिल्ली में अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी.

    ये जानकारी अपना दल ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी है. स्वार सीट पर काफी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है क्योंकि यहाँ से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आज़म खान के बेटे अब्दुल्ला आज़म के लड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

    खुद आज़म खान ने भी सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी है की उन्हें चुनाव प्रचार के लिए ज़मानत पर रिहा किया जाए.

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    भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी और अपना दलों की भाजपा ने अभी तक कोई भी सीट घोषित नहीं की थी और स्वार सीट से हैदर अली खान इस चुनाव के पहले घोषित प्रत्याशी हैं.

    हैदर अली खान रामपुर नवाब के परिवार से हैं और उनके दादा ज़ुल्फ़िकार अली खान रामपुर के पांच बार कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं.

    हैदर अली के पिता नवाब कासिम कासिम अली खान भी सुआर से तीन बार विधायक रह चुके हैं. इस बाद कासिम अली खान रामपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.

    स्वार एक दिलचस्प सीट है जहाँ पर आज़म खान के बेटे अब्दुल्ला आज़म ने 2017 का विधान सभा चुनाव जीता था लेकिन दिसंबर 2019 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने उनके चुनाव को यह बताते हुए रद्द कर दिया था की चुनाव के वक़्त उनकी उम्र 25 साल से कम थी.

    फरवरी, 2020 से अब्दुल्ला आज़म जेल में हैं और उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं. उन्हें कुछ दिनों पहले ज़मानत मिली है और वो अब रामपुर पहुँच कर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं.

  9. अफ़ग़ान लोगों के सामने सर्दियां और खाने-पीने का संघर्ष

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    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के हाथ में सत्ता आने के बाद से ये पहली सर्दियां हैं.

    देश युद्ध में नहीं चल रहा लेकिन लोग खाने के लिए तरस रहे हैं. वो खाने के लिए लगी लाइनों की सुरक्षा कर रहे हैं.

    खाने की कमी नहीं है लेकिन लोगों के पास उसे खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं.

  10. जेल में बंद छोटे-छोटे बच्चों की कहानी

    वीडियो कैप्शन, जेल में बंद छोटे-छोटे बच्चों की कहानी

    दुनिया के कई देश बच्चों को जेल में बंद मां के साथ रहने की अनुमति देते हैं. हालांकि यह मुद्दा विवादित है.

    कुछ लोगों का कहना है कि जेलों का माहौल बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है. केन्या में करीब 200 बच्चे जेलों में अपनी मां के साथ रहते हैं.

    इसे लेकर बहस तेज़ हो रही है.

    बीबीसी संवाददाता एग्नेस पेंडा की ये रिपोर्ट देखिए.

  11. 'अरुणाचल प्रदेश का लापता युवक चीन के पीएलए को मिला, पहचान सत्यापित के बाद वापसी',

    अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग ज़िले के जिदो गांव के रहने वाले 17 वर्षीय युवक मिराम तारोन बीते 18 जनवरी से लापता हैं

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    इमेज कैप्शन, अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग ज़िले के जिदो गांव के रहने वाले 17 वर्षीय युवक मिराम तारोन बीते 18 जनवरी से लापता हैं

    अरुणाचल प्रदेश से लगने वाली भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा के वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास से बीते 18 जनवरी को लापता हुए एक भारतीय किशोर के मिलने की खबर सामने आई है.

    दरअसल, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय सेना को यह जानकारी दी है कि अरुणाचल प्रदेश में एलएसी के उस पार उन्हें एक भारतीय युवक मिला है. फिलहाल पीएलए इस लापता युवक की तस्वीरों के जरिए पहचान की पुष्टि करने मे जुटा है.

    अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग ज़िले के जिदो गांव के रहने वाले 17 वर्षीय युवक मिराम तारोन बीते 18 जनवरी से लापता है.

    असम के तेजपुर में मौजूद रक्षा मंत्रालय के जन संपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने बीबीसी से कहा, "पीएलए ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने एक व्यक्ति का पता लगाया है और फिलहाल उस व्यक्ति की पहचान को लेकर उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है."

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    इससे पहले अरुणाचल प्रदेश से बीजेपी के सांसद तापिर गाओ ने चीन की पीएलए पर भारत के अरुणाचल प्रदेश में घुसकर इस भारतीय युवक को अपहरण करने का आरोप लगाया था.

    बीजेपी सांसद ने इस घटना के संदर्भ में 19 जनवरी को एक ट्वीट भी किया था. लेकिन जैसे ही इस युवक के लापता होने की खबर सामने आई भारतीय सेना ने हॉटलाइन के माध्यम से पीएलए से तुरंत संपर्क किया.

    सेना के प्रोटोकॉल के अनुसार लापता युवक का पता लगाने और उसे वापस करने के लिए पीएलए से सहायता मांगी गई थी. सेना के सूत्रों की माने तो पीएलए द्वारा जिस युवक के मिलने की बात कही गई है वो मिराम तारोन ही है.

    अगर इस युवक की पहचान से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली जाती है तो अगले 8 से 10 दिन के भीतर वह अपने घर लौट आएगा. इस घटना की जानकारी के अनुसार मिराम अपने एक दोस्त के साथ ऊपरी सियांग जिले के सियुंगला क्षेत्र में शिकार करने और जड़ी-बूटी इकट्ठा करने के लिए गए थे लेकिन वह रास्ता भटक गए और इस दौरान उन्हें पीएलए के सैनिकों ने पकड़ लिया. जबकि उनके दोस्त वहां से भागकर वापस आ गए थे.

  12. गोवा में टीएमसी और कांग्रेस का गठबंधन क्यों नहीं हो पाया, पी चिदंबरम ने बताई वजह

    पी चिदंबरम

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    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को कहा कि गोवा में विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के द्वारा दिए गए गठबंधन के प्रस्ताव पर पार्टी ने विचार नहीं किया है.

    उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने कांग्रेस नेताओं को तोड़ा है, इसलिए इस प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया.

    चिदंबरम का बयान ऐसे समय में आया है जब 3 दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि अगर कांग्रेस गोवा में बीजेपी को सत्ता से हटाने में नाकामयाब साबित होती है तो राज्य के चुनाव प्रभारी पी चिंदबरम को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए.

    बनर्जी ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी टीएमसी ने गोवा में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ औपचारिक गठबंधन का प्रस्ताव चिदंबरम को दिया था.

    पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिदंबरम ने भी कहा कि गोवा में टीएमसी की ओर से चुनाव पूर्व गठबंधन का प्रस्ताव आया था.

    गोवा कांग्रेस

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    चिदंबरम ने कहा, ''मैं यह बता सकता हूं कि टीएमसी की ओर से गोवा में गठबंधन का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उसके पहले और बाद में भी काफी चीजें हुई हैं.'

    गोवा के चुनाव प्रभारी ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने उनके नेताओं को राज्य में तोड़ा है. चिदंबरम ने नाम गिनाते हुए कहा, ''प्रस्ताव से पहले उन्होंने लुईजिन्हो फलेरो को तोड़ा, गठबंधन के प्रस्ताव के बाद भी उन्होंने एलेक्सो रेगिनाल्डो लोरेंको को तोड़ा. लोरेंको का नाम गोवा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची मं शमिल था. उन्होंने अन्य विधानसभा क्षेत्रों जैसे मोर्मूगाव और वास्को में भी कांग्रेस नेताओं को तोड़ा.''

    पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन घटनाओं के बाद उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से गठबंधन को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला है.

    अभिषेक बनर्जी के बयान पर उन्होंने कहा कि मैं टीएमसी के महासचिव के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहता हूं. मेरी कांग्रेस पार्टी में एक अच्छी स्थिति है, इसलिए मैं इसपर कोई कॉमेंट नहीं करूंगा.

    उन्होंने माना कि कांग्रेस की एनसीपी और शिवसेना नेताओं के साथ गोवा में चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर बात हुई थी, हालांकि यह बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई. आपको बता दें कि गोवा में शिवसेना और एनसीपी ने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

    वहीं टीएमसी ने महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के साथ गठबंधन किया है. राज्य में मुख्यमंत्री पद का चेहरा पार्टी घोषित करेगी या नहीं? इसपर चिदंबरम ने कहा कि प्रत्याशियों के साथ चर्चा करके इस बारे में ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी को जानकारी दे दी जाएगी.

  13. नेताजी की मूर्ति इंडिया गेट पर वहीं लगेगी जहां जॉर्ज पंचम की मूर्ति थी

    इंडिया गेट

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    नई दिल्ली के दक्षिणी इलाक़े में अपने फ्लैट में बैठे रेलवे बोर्ड के पूर्व मेंबर डॉ रविन्द्र कुमार ने शुक्रवार को जैसे ही चैनलों पर सुना कि इंडिया गेट की उसी जगह पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगेगी जहां पर कभी सम्राट जार्ज पंचम की प्रतिमा लगी थी तो वे अपने बचपन के दिनों में पहुंच गए.

    उन्हें वो दिन अच्छी तरह से याद था जब लाल संगमरमर की छतरी के नीचे सम्राट जार्ज पंचम की प्रतिमा हुआ करती थी. उसके ऊपर रात के वक्त एक चालीस-पचास वाट का बल्ब पीली रोशनी बिखेरता था.

    डॉ रविन्द्र कुमार तब वो 15 जनपथ पर रहते थे. वे अपने पिता और डॉ अंबेडकर के सहयोगी श्री होती लाल के साथ इंडिया गेट में घूमने के लिए आया करते थे.

    ब्रिटेन के सम्राट जॉर्ज पंचम की वह मूर्ति 1968 तक इंडिया गेट पर लगी रही थी. मतलब देश के आजाद के होने के दो दशकों से भी अधिक समय तक.

  14. 'मुसलमान हूं, इसलिए मंत्री पद से हटाया गया', ब्रितानी सांसद नुसरत ग़नी ने लगाया आरोप

    नुसरत ग़नी

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    ब्रिटेन की सांसद नुसरत ग़नी ने अपने आरोपों से देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है.

    दरअसल, नुसरत ग़नी ने कहा है कि साल 2020 में उन्हें मंत्री पद से सिर्फ इसलिए बर्ख़ास्त कर दिया गया क्योंकि वह मुस्लिम हैं. ग़नी ने दावा किया है कि सरकारी व्हिप ने उन्हें बर्खास्त करने के लिए उनके धर्म को कारण बताया.

    संडे टाइम्स के मुताबिक, सांसद टोरी नुसरत ग़नी कहती हैं कि जब उन्होंने मंत्री पद से बर्ख़ास्त किए जाने की वजह पूछी तो उन्हें बताया गया कि उनका मुस्लिम होना एक मुद्दा था. वहीं, कंज़रवेटिव चीफ़ व्हिप मार्क स्पेंसर ने ग़नी के आरोपों को पूरी तरह ग़लत और अपमानजनक बताया है.

    कैबिनेट मंत्री नदीम ज़हावी ने कहा है कि ग़नी की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए.

  15. दक्षिण कोरिया के इस कदम से संयुक्त राष्ट्र में ईरान की बदलेगी स्थिति

    ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी

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    दक्षिण कोरिया ने रविवार को कहा कि उसने 18 मिलियन डॉलर के फ्रीज किए गए ईरानी संपत्ति का इस्तेमाल तेहरान के संयुक्त राष्ट्र में बकाए के भुगतान के लिए किया है.

    ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, ये कदम उसने ईरान के वोटिंग के अधिकार को फिर से बहाल करने के लिए उठाया है. दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्रालय ने कहा कि ईरान के आपात आग्रह के बाद यह भुगतान अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से किया गया.

    ईरान के तेल के कारोबार से जुड़ा 7 बिलियन डॉलर का फंड दक्षिण कोरिया के 2 बैकों में अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से फ्रीज किया हुआ है. मंत्रालय का कहना है कि इस भुगतान के बाद ईरान के वोट का अधिकार जल्दी ही बहाल कर लिया जाएगा.

    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने पेमेंट पूरा होने की पुष्टि की है. 2015 में न्यूक्लियर डील से अमेरिका के हटने के बाद वैश्विक शक्तियों ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे,

    इससे पहले ईरान दक्षिण कोरिया का व्यापार में तीसरा सबसे बड़ा सहयोगी था. इस महीने की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के वोटिंग का अधिकार निलंबित करते हुए बकाया भुगतान नहीं करने का का हवाला दिया था.

    संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार इसके सदस्य देश के वोटिंग का अधिकार वैसी स्थिति में निलंबित कर दिया जाता है, जब उसका एरियर पिछले 2 साल के बकाया के बराबर या उससे ज्यादा हो जाता है. पिछले साल भी ईरान के वोटिंग का अधिकार निलंबित किया गया था.

    कहा जाता है कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को न्यूनतम बकाए का भी भुगतान नहीं किया था. काफी बातचीत के बाद उसे राहत दी गई और अमेरिकी कोषागार के द्वारा रोके गए पैसे उसे मिले पाए. ईरान को पिछले साल जून में उसके वोटिंग का अधिकार वापस मिल गया था.

  16. श्रीलंका का आर्थिक संकट गहराया, खाद्य पदार्थों की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

    श्रीलंका

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    एक ओर श्रीलंका जहां आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों पर भी महंगाई की मार पड़ रही है. श्रीलंका सरकार के सांख्यिकी से जुड़े कार्यालय के अनुसार दिसंबर, 2021 में वहां राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में काफी तेजी देखी गई.

    दिसंबर में यह 11.1 फीसदी से बढ़कर 14 फीसदी हो गया. साल 2014 से इस सूचकांक को जारी किया जा रहा है, तब से यह लगातार दूसरा महीना है जब श्रीलंका में महंगाई का आंकड़ा 2 अंकों में पहुंच गया है.

    नवंबर, 2021 में पहली बार महंगाई 2 अंकों में पहुंच गई थी. राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार पिछले साल दिसंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई में 6.3 फीसदी की तेजी देखी गई, जबकि अन्य चीजें 1.3 फीसदी महंगी हुईं.

    श्रीलंका में दिसंबर, 2021 तक के आंकड़ों को देखें तो खाद्य उप सूचकांक में पिछले 1 साल में 21.5 फीसदी की तेजी देखी गई है. वहीं गैर खानपान की वस्तुओं की कीमतों में 7.6 फीसदी की तेजी देखी गई है.

    साल 2020 में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से ही श्रीलंका सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े संकट को रोकने के लिए आयात पर कई तरह प्रतिबंध लगा रखे हैं. हाल ही में विदेशी मुद्रा भंडार में संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को भारत ने आर्थिक मदद दी है.

    श्रीलंका

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    आयात के लिए जरूरी डॉलर की कमी की वजह से वहां लोगों को जरूरी सामानों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि सरकारी एजेंसी ने वहां के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को बकाए का भुगतान नहीं होने की वजह से ईंधन की आपूर्ति रोक दी है.

    ईंधन की कमी की वजह से लोगों को लगातार बिजली कटौती भी झेलनी पड़ रही है. जनवरी 2022 की शुरुआत में भारत सरकार ने श्रीलंका को 1 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद दी, इस मदद का उद्देश्य वहां होने वाले खाद्य संकट को रोकना था.

    इसके अलावा भी भारत ने पड़ोसी देश को बैलेंस ऑफ पेमेंट्स से जुड़ी मदद दी है. भारत की मदद का इस्तेमाल खाद्य सकंट रोकने के साथ-साथ सामानों और दवाइयों के आयात में किया जाएगा.

    इसके अलावा 500 मिलियन डॉलर का इस्तेमाल भारत से ईंधन को आयात करने के लिए किया जाएगा. आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका मदद के लिए भारत के अलावा चीन की ओर भी उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है.

    इस महीने की शुरुआत में चीनी विदेश मंत्री वांग यी कोलंबो की यात्रा पर आए थे, इस दौरान राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बीजिंग से विदेशी मुद्रा भंडार और कर्ज से जुड़े संकट से उबारने में मदद का आग्रह किया.

  17. राहुल गांधी का आरोप- बीजेपी ने देश के 4 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेला

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    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को सरकार पर आरोप लगाया है कि देश के 4 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया गया है और सिर्फ चुनिंदा लोगों का ही विकास हुआ है.

    एक ट्वीट के जरिए राहुल ने कहा कि देश में एक तरफ़ 4 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेला गया तो दूसरी तरफ सिर्फ ''हमारे दो'' का विकास हुआ है.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''विकास ओवरफ्लो, ओनली फॉर 'हमारे दो'!''.

    #BJPfailsIndia हैशटैग के साथ किए गए ट्वीट में राहुल ने कहा है कि ये 4 करोड़ लोग सिर्फ़ एक नंबर नहीं हैं, इंसान हैं और बेहतर के हक़दार हैं.

    राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में एक ग्राफिक भी शेयर किया है जिस पर फोर्ब्स और ऑक्सफैम के हवाले से ये आँकड़े लिखे गए हैं.

    आरोप है कि साल 2021 में दो शीर्ष कारोबारियों की संपत्ति में अरबों डॉलर का इजाफ़ा हुआ है जबकि 2020 से अबतक महामारी के दौरान भारत में 4 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे चले गए.

  18. भारतीय अर्थव्यवस्था में कुछ चमकीले तो कई काले धब्बे हैं: रघुराम राजन

    रघुराम राजन

    मशहूर अर्थशास्त्री और पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 'कुछ चमकीले तो कई काले धब्बे हैं' और सरकार को अपने खर्च पर ख़ास ध्यान देना होगा जिससे बड़ा घाटा न हो.

    समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में राजन ने अपने विचार खुलकर रखे. उन्होंने कहा कि सरकार को कोरोना वायरस महामारी की मार झेल रही अर्थव्यवस्था में K-शेप रिकवरी रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए.

    दरअसल, K-शेप रिकवरी ऐसी स्थिति है जहाँ टेक्नोलॉजी और दूसरी बड़ी कैपिटल फर्म, छोटे कारोबार और उद्योगों की अपेक्षा तेजी से रिकवर करते हैं. रघुराम राजन का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता मध्यम वर्ग, छोटे और मझोले क्षेत्र और बच्चों को लेकर है.

    इंटरव्यू में रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कुछ चमकीले तो कई काले धब्बे हैं. यहाँ 'चमकीले धब्बे' से राजन का मतलब ऐसे बड़े फर्मों से है जो तेजी से प्रगति कर रहे हैं. आईटी और आईटी से जुड़े क्षेत्र भी अच्छा कर रहे हैं. कई क्षेत्रों में यूनिकॉर्न कंपनियाँ सामने आईं हैं और वित्तीय क्षेत्रों को इससे ताकत मिली है.

    वहीं दूसरी तरफ़ 'काले धब्बे' से राजन का मतलब बढ़ती बेरोज़गारी और कम ख़रीद शक्ति से है. निम्न मध्यम वर्ग में ये ज़्यादा बड़ी चिंता है. साथ ही जो छोटे और मझोले फर्म हैं उन्हें जिस तरीक़े का आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है इसे भी राजन ने ''काले धब्बे'' के तौर पर बताया है.

    रघुराम राजन ने कहा है कि मेडिकल और आर्थिक गतिविधियों दोनों के लिहाज़ से ओमीक्रॉन झटका है. लेकिन उन्होंने सरकार को K-शेप रिकवरी को लेकर आगाह किया है.

    राजन

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    बजट को लेकर क्या बोले राजन

    केंद्रीय बजट से पहले, राजन का कहना है कि वो ये एक विजन वाला दस्तावेज होता है. ऐसे में वो देश के लिए आगे के पाँच या दस साल का दृष्टिकोण देखना पसंद करेंगे. ये पूछे जाने पर कि क्या सरकार को राजकोषीय सुधार करना चाहिए या प्रोत्साहन वाले उपाय जारी रखने चाहिए,

    राजन ने कहा कि महामारी में आने तक भी भारत की राजकोषीय स्थिति अच्छी नहीं थी और यही वजह है कि वित्त मंत्री खुले हाथों से ख़र्च नहीं कर सकतीं. राजन ने ये भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में जहाँ अर्थव्यवस्था की हालत बिलकुल खस्ता है वहाँ सरकार को खर्च करना चाहिए.

    उन्होंने कहा, ''हमें खर्चों को ध्यान से लक्षित करना चाहिए ताकि भारी घाटा न हो जाए.'' राजन ने इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें बजट में टैरिफ़ में अधिक कटौती और टैरिफ़ में कम इजाफ़ा और विशिष्ट उद्योगों को कम छूट या सब्सिडी देखकर खुशी होगी.

    महंगाई पर राजन कहते हैं कि दुनिया के हर देश में ये चिंता का विषय है इसलिए भारत भी इसका अपवाद नहीं हो सकता. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने जा रही हैं.

  19. नेताजी की मूर्ति बन रही है क्योंकि हमने दबाव डाला: ममता बनर्जी

    ममता

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    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौक़े पर रविवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अगर बंगाल न होता तो (देश को) आज़ादी न मिलती. मुझे इस तथ्य पर गर्व है.

    “आज तक हमें पता नहीं है कि नेताजी कहां पर थे. उन्होंने (केंद्र सरकार) कहा था कि वो सत्ता में आएंगे तो वो इस पर काम करेंगे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया. वास्तव में हमने (राज्य सरकार) नेताजी बोस के ऊपर सभी गोपनीय दस्तावेज़ों को सार्वजनिक किया.”

    इसके बाद ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि “आपको बंगाल से क्या एलर्जी है? आपने (केंद्र) बंगाल की झांकी को (गणतंत्र दिवस में) ख़ारिज कर दिया. आप (नेताजी कीदिल्ली में) मूर्ति बना रहे हो क्योंकि हमने आप पर दबाव डाला.”

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का किया फ़ैसला

    टॉस

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    दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ अंतिम वनडे मैच में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया है.

    दक्षिण अफ्रीका दो वनडे मैचों में भारत को 2-0 से हराकर सीरीज़ पर पहले ही क़ब्ज़ा कर चुका है.

    भारतीय टीम की कप्तानी केएल राहुल के हाथों में ही है.