महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में यति नरसिंहानंद गिरफ़्तार
हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह रावत ने बीबीसी से यति नरसिंहानंद को गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि की है.
लाइव कवरेज
महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में यति नरसिंहानंद गिरफ़्तार, दिलनवाज़ पाशा, बीबीसी संवाददाता
हरिद्वार पुलिस ने हिंदूवादी नेता यति नरसिंहानंद को महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गिरफ़्तार किया है.
हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह रावत ने बीबीसी से यति नरसिंहानंद को गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि की है.
हरिद्वार पुलिस के प्रवक्ता इंस्पेक्टर विपिन पाठक ने बीबीसी को बताया, "स्वामी यति नरसिंहानंद पर हरिद्वार पुलिस में कई मुक़दमे दर्ज़ हैं. अभी उन्हें मुक़दमा संख्या 18/22 में गिरफ़्तार किया गया है. ये रुचिका नाम की एक लड़की की शिक़ायत पर दर्ज़ किया गया था."
विपिन पाठक के मुताबिक़, "स्वामी यति नरसिंहानंद को महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गिरफ़्तार किया गया है. उन पर 'धर्म संसद' के दौरान भड़काऊ भाषण देने का मामला भी दर्ज़ है."
वहीं समाचार एजेंसी एएनआई ने भी हरिद्वार के सर्किल ऑफ़िसर के हवाले से बताया है कि यति नरसिंहानंद पर महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए दर्ज़ मुक़दमे में यति नरसिंहानंद की गिरफ़्तारी हुई है. उन्होंने बताया कि उनके ख़िलाफ़ 2-3 मामले दर्ज़ हैं.
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इसी संबंध में हरिद्वार पुलिस ने दो दिन पहले ही जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ़ वसीम रिज़वी को गिरफ़्तार किया था.
वसीम रिज़वी उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन हैं. उन पर भी धर्म संसद के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप लगे थे.
कौन हैं यति नरसिंहानंद?
हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान अल्पसंख्यक मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिए गए थे. यति नरसिंहानंद पहले भी अपने बयानों और कामों के चलते विवादों में रहे हैं.
उन पर पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ अपमानजक भाषा का इस्तेमाल करने और मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का भी आरोप लग चुका है.
महंत यति नरसिंहानंद ग़ाज़ियाबाद के डासना के उसी देवी मंदिर के महंत हैं, जहां पर पिछले साल 11 मार्च को नल से पानी पीने के कारण एक मुस्लिम बच्चे आसिफ़ को बेरहमी से पीटा गया और उसका वीडियो बनाकर वायरल किया गया था.
बाद में महंत यति नरसिंहानंद ने कहा था कि उन्हें इस घटना पर कोई अफ़सोस नहीं है.
सरकारी कंपनी GAIL के निदेशक समेत कई लोगों पर सीबीआई ने दर्ज किया करप्शन केस
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सीबीआई ने कथित रिश्वत मामले में GAIL के डायरेक्टर (मार्केटिंग) ई एस रंगनाथन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज़ किया है.
अधिकारियों के मुताबिक़, आरोप है कि प्राइवेट कंपनियों से 50 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत ली गई है. इस मामले में रंगनाथन के साथ-साथ कई व्यापारियों और बिचौलियों पर भी मुक़दमा दर्ज़ किया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक़, शुक्रवार को मामला दर्ज़ होने के बाद सीबीआई ने दिल्ली-एनसीआर में रंगनाथन के आवास के साथ ही साथ करीब 8 ठिकानों पर तलाशी ली है.
रंगनाथन के अलावा, मामले में पवन गौर, राजेश कुमार, एन रामकृष्णन नाम के बिचौलियों का नाम शामिल है. इन लोगों ने कथित तौर पर रिश्वत ली थी. साथ ही व्यवसायी सौरभ गुप्ता और उनकी पंचकुला स्थित कंपनी यूनाइटेड पॉलिमर इंडस्ट्रीज और आदित्य बंसल और उनकी कंपनी करनाल स्थित बंसल एजेंसी के खिलाफ भी मामला दर्ज़ किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एफ़आईआर में आरोप है कि गौर और कुमार के साथ रंगनाथन ''अवैध और भ्रष्ट गतिविधियों और आपराधिक साजिश'' में शामिल थे. कुमार और गौर कथित तौर पर रंगनाथन के बिचौलिए की तरह काम करते थे.
आरोप है इन दोनों ने जिन्होंने गेल द्वारा मार्केटिंग किए गए पेट्रो रसायन उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों से रिश्वत ली.
बंटवारे के वक़्त बिछड़े, करीब 75 साल बाद मिले दो भाई और लगी आंसुओं की झड़ी
इमेज कैप्शन, मोहम्मद सिद्दीक़ (बाएं) लगभग 75 वर्षों के बाद, अपने छोटे भाई मोहम्मद हबीब से करतारपुर दरबार साहिब में मिले.
"इमरान ख़ान से कहो न कि मुझे वीज़ा दे. भारत में मेरा कोई नहीं है."
"तुम पाकिस्तान आओ, मैं तुम्हारी शादी करा दूंगा."
यह उन दो भाइयों की बातचीत का एक हिस्सा है जो आज़ादी के बाद अब पहली बार मिले हैं.
मोहम्मद सिद्दीक़ और मोहम्मद हबीब की ये नायाब मुलाक़ात उन लाखों लोगों की आखों में बरसों बरस रहा एक ख्वाब है, जिनके लिए आज़ादी के साथ हुआ विभाजन सिर्फ़ एक कहानी भर नहीं है.
ये दोनों भाई बंटवारे के वक़्त तब बिछड़ गए थे, जब उनका परिवार अफ़रा-तफ़री में जालंधर से पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ. उनके पिता की मौत हो गई. सिद्दीक़ अपनी बहन के साथ पाकिस्तान पहुंच गए. हबीब अपनी माँ के साथ यहीं रह गए. मां की बाद में मृत्यु हो गई.
अमेरिका की चेतावनी, यूक्रेन पर हमले की योजना बना रहा है रूस
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के सैनिकों की ट्रेनिंग की तस्वीर
एक अमेरिकी अधिकारी ने शुक्रवार को कहा है कि रूस यूक्रेन पर हमला करने की योजना बना रहा है.
पेंटागन के प्रवक्ता का कहना है कि रूस के ऑपरेटिव्स 'फर्ज़ी फ्लैग' ऑपरेशन तैयार कर रहे थे जिससे यूक्रेन पर हमला करने के लिए बहाना मिल सके. प्रवक्ता ने कहा कि योजना ऐसी थी कि जिससे लगे कि यूक्रेन हमले की तैयारी कर रहा है. हालांकि, रूस ने इन दावों को ख़ारिज किया है.
अमेरिका और रूस के बीच तनाव ख़त्म करने को लेकर एक हफ़्ते की बातचीत के बाद ये ख़बर सामने आई है.
इस बीच, शुक्रवार को यूक्रेन ने दर्जनों ऑफिशियल वेबसाइटों पर साइबर हमले के पीछे रूस का हाथ होने का आरोप लगाया है.
इन वेबसाइटों के ऑफलाइन होने से पहले यूक्रेन के लोगों को चेतावनी देता हुआ एक मैसेज दिखा था कि 'बुरे हालातों के लिए तैयारी रहें'. हालांकि, कुछ ही घंटों में सभी वेबसाइट्स को फिर से री-स्टोर कर लिया गया.
विराट कोहली के टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने पर किसने क्या कहा?
कप्तानी छोड़ने के विराट कोहली के फैसले पर टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने भावुक संदेश लिखा है.
उन्होंने लिखा है, "विराट, आप सिर उठा के जा सकते हैं. बतौर कप्तान आपने जो हासिल किया है. वो कुछ लोग ही हासिल कर सके हैं. निश्चित तौर पर भारत के सबसे आक्रामक और सफल कप्तान. मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर ये दुखद दिन है क्योंकि ये वो टीम इंडिया है जिसे हमने मिलकर तैयार किया है."
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सुरेश रैना ने ट्विटर पर लिखा है, "हालांकि, मैं विराट कोहली के अचानक लिए गए फ़ैसले से चकित हूँ लेकिन मैं इसका सम्मान करता हूँ. विराट कोहली ने भारत और विश्व क्रिकेट के लिए जो कुछ किया है उसकी सराहना कर सकता हूँ. भारत के सबसे आक्रामक और फिट खिलाड़ियों में से एक हैं विराट. आशा करता हूँ कि बतौर खिलाड़ी वो चमक बिखेरते रहेंगे."
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भारतीय टीम के सबसे आक्रामक खिलाड़ियों में से एक रहे वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली को भारत का सबसे सफल टेस्ट क्रिकेट कप्तान बताया है.
उन्होंने लिखा है, "भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान के तौर पर शानदार करियर के लिए बहुत बधाई विराट कोहली. आंकड़े झूठ नहीं बोलते और वो न सिर्फ़ सबसे सफल भारतीय टेस्ट कप्तान थे बल्कि दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक थे. विराट कोहली पर गर्व है और आगे उन्हें बल्ले से दबदबा बिखेरते देखने को उत्सुक हूँ."
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इरफान पठान ने लिखा है, "टेस्ट क्रिकेट में जब भी भारतीय कप्तानों की बात होगी, आपका नाम ऊपर होगा. सिर्फ़ नतीजों के लिए ही नहीं, बतौर कप्तान उनके प्रभाव के लिए भी."
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युवराज सिंह ने लिखा है, "किंग कोहली आपका शानदार करियर रहा है. बहुत कम ही लोग वो हासिल कर पाते हैं जो आपने हासिल किया है. अपना सबकुछ आपने दिया है और हर बार एक चैंपियन की तरह खेला है. आप आगे ही आगे बढ़ें."
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बतौर कप्तान विराट कोहली का विदेशों में कैसे प्रदर्शन रहा, इसका ज़िक्र पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने अपने ट्वीट में किया है.
उन्होंने लिखा है, "जब विराट ने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी संभाली, तो उस वक्त विदेश में एक टेस्ट जीतना भी उपलब्धि थी. अब अगर भारत विदेश में एक टेस्ट सीरीज हारता है तो ये परेशानी का मुद्दा बन जाता है. और ये चीज़ बताती है कोहली भारतीय क्रिकेट को कितना आगे लेकर गए हैं, यही उनकी विरासत होगी. शानदार करियर की बधाई."
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पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने लिखा है, "भारतीय टीम का नेतृत्व हमेशा सम्मान का विषय है. पद छोड़ने का फ़ैसला भावुक होता है. एक अच्छा सफ़र रहा."
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी विराट कोहली को शुभकामनाएं दी हैं.
राहुल गांधी ने लिखा है, "विराट कोहली, आप वर्षों से लाखों क्रिकेट फैंस का प्यार पाते रहे हैं. आपके इस फेज़ में भी वो आपका साथ देंगे. आने वाली पारी के लिए शुभकामनाएं."
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धोनी, शास्त्री, टीम इंडिया... कोहली ने अपने मैसेज में क्या-क्या कहा?
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विराट कोहली ने टेस्ट टीम की कप्तानी को छोड़ने का एलान करते हुए अपनी बात रखी है. उन्होंने बताया है कि आख़िर सात सालों में बतौर टेस्ट कप्तान उनका अनुभव कैसा रहा है.
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट में उन्होंने अपनी मेहनत, परिश्रम के ज़िक्र के अलावा महेंद्र सिंह धोनी, रवि शास्त्री और बीसीसीआई का भी ज़िक्र किया है.
पूरा पोस्ट कुछ इस तरह से है...
यह सात साल की मेहनत और परिश्रम था जिससे टीम को सही दिशा में ले जाया जा सके. मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया और कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. हर चीज़ का एक दिन अंत आता है और मेरी टेस्ट कप्तानी का यह अंत है. इस सफ़र में कई चढ़ाव आए तो कुछ उतार भी देखने को मिली.
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लेकिन इसमें कभी भी मेहनत और विश्वास की कमी नहीं थी. मैं जो कर सकता था उसमें मैंने अपना 120 प्रतिशत दिया, और जो चीज़ मैंने नहीं की उसके बारे में मुझे पता था कि वो सही नहीं है. मेरे दिल में हमेशा से साफ़गोई रही और मैं अपनी टीम के प्रति बेईमान नहीं हो सकता.
मैं बीसीसीआई को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इतने लंबे वक्त़ के लिए टीम का नेतृत्व करने का मौका दिया. और सबसे ज्यादा शुक्रिया मेरी टीम के साथियों का जिन्होंने पहले दिन से मेरे सपने को पूरा करने में मेरा साथ दिया और कभी साथ नहीं छोड़ा. तुम लोगों ने इस सफ़र को खूबसूरत और यादगार बना दिया.
रवि भाई और सपोर्ट स्टाफ का शुक्रिया जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हमारी गाड़ी को आगे बढ़ाने के इंजन के रूप में रहे. आप सबने इस सपने को हक़ीक़त में बदलने में बहुत अहम भूमिका निभाई. आखिर में एमएस धोनी का धन्यवाद जिन्होंने मुझमें एक कप्तान के तौर पर भरोसा दिखाया और यह विश्वास जताया कि मैं भारतीय क्रिकेट को आगे ले जा सकता हूं.
उत्तर प्रदेश: सपा विधायक नाहिद हसन गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
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उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी विधायक नाहिद हसन को विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.
नाहिद हसन पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था.
कैराना पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि पिछले साल एक मामले में 40 लोगों पर मुक़दमा दर्ज़ हुआ था. ज़्यादातर आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे. नाहिद हसन ने सरेंडर नहीं किया. ऐसे में कोर्ट ने उनके ख़िलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी किया था.
बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव में नाहिद हसन सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी बनाए गए हैं.
चुनावी रैलियों और रोड शो पर अब 22 जनवरी तक प्रतिबंध, चुनाव आयोग ने जारी की नई गाइडलाइंस
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पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध 22 जनवरी तक बढ़ा दिया है. हालांकि, आयोग ने उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, मणिपुर और उत्तराखंड में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों को थोड़ी छूट भी दी है.
आयोग ने इंडोर मीटिंग के लिए ये छूट दी है. गाइडलाइंस के मुताबिक़, ऐसी बैठकों में ज़्यादा से ज़्यादा 300 लोग आ सकेंगे या हॉल की क्षमता का 50 फ़ीसदी ही इस्तेमाल किया जा सकेगा या राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के द्वारा तय की गई क्षमता का पालन राजनीतिक दलों को करना होगा.
आयोग ने राजनीतिक दलों को कोविड नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है. इससे पहले विधानसभा चुनाव की तारीख़ों के ऐलान के वक्त 8 जनवरी को आयोग ने रैली, रोड शो पर 15 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया था.
ये प्रतिबंध कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लगाया गया था. बता दें कि 5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 फरवरी को शुरू होंगे. नतीजे 10 मार्च को आएंगे.
बीबीसी इंडिया बोल, 15 जनवरी 2022, राजनेताओं के पाला बदलने से क्या वोटर भी बदल जाते हैं?, इंडिया बोल में चर्चा इसी विषय पर मोहनलाल शर्मा के साथ.
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उत्तर प्रदेश चुनाव: मायावती नदारद, पर बसपा को है सत्ता में वापसी की उम्मीद
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जहां भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच एक कड़ा मुक़ाबला होता दिख रहा है वहीं बहुजन समाज पार्टी का दावा है कि राज्य में अगली सरकार उसकी ही बनने जा रही है.
बीएसपी ने उत्तर प्रदेश में आख़िरी बार 2007 में सरकार बनाई थी. इस चुनाव में पार्टी को उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 206 पर कामयाबी मिली थी. इस चुनाव में बीएसपी की जीत का सेहरा उस सोशल इंजीनियरिंग के सिर बंधा था जिसके तहत पार्टी ब्राह्मण मतदाताओं को अपनी तरह खींचने में कामयाब रही थी.
लगातार दस साल उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर रहने के बाद 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में पार्टी ने फिर एक बार ब्राह्मण वोटों पर अपनी नज़रें टिकाई हैं.
पार्टी का मानना है कि पिछले 10 साल में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में ब्राह्मणों की उपेक्षा और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के वजह से इस बार ब्राह्मण समुदाय का वोट उसे ही मिलेगा.
उत्तर प्रदेश: सपा में आए बीजेपी के ‘बाग़ी’ नेताओं का क्या होगा?
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी से समाजवादी पार्टी में जाने वाले नेताओं का सिलसिला जारी है. तीन मंत्री और आठ विधायक के बाद क़यास ये लगाए जा रहे हैं कि ये संख्या और बढ़ सकती है.
समाजवादी पार्टी के लिए ये अच्छी ख़बर तो है लेकिन इससे अखिलेश यादव के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है. सवाल ये है कि समाजवादी पार्टी इन नेताओं को सीटों के गणित में कहां फिट करेगी? बीजेपी से आने वाले नेताओं के लिए किन नेताओं के पत्ते काटे जाएंगे?
स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर क्या है मुश्किल?
अखिलेश यादव ने मंच पर स्वामी प्रसाद मौर्य का लाल पगड़ी पहनाकर स्वागत किया और सपा में शामिल होते ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी के अंत का एलान भी कर दिया.
उन्होंने कहा, "आज 14 जनवरी, मकर संक्रांति भारतीय जनता पार्टी के अंत का इतिहास लिखने जा रही है. आज भारतीय जनता पार्टी के बड़े-बड़े नेता जो कुंभकरण की नींद सो रहे थे, जिन्हें कभी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों से बात करने का वक़्त नहीं मिलता था, हम लोगों के इस्तीफ़े के बाद उनकी नींद हराम हो गई है."
गोरखपुर से चुनाव लड़ने के एलान के बाद बोले मुख्यमंत्री योगी- 'भारी बहुमत से फिर बनेगी सरकार'
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आगामी चुनाव में गोरखपुर शहर से विधानसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेतृत्व को धन्यवाद दिया है. साथ ही ये भी भरोसा जताया है कि पार्टी फिर से भारी बहुमत से प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी.
योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर शहर की सीट से उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रधानमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड को आभार जताते हुए ट्विटर पर लिखा है, ''जनता-जनार्दन के असीम आशीर्वाद से भाजपा उत्तर प्रदेश में पुनः प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी.''
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एलान के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, ''पार्टी कार्यकर्ताओं, मौजूदा और पूर्व प्रतिनिधियों की मदद से, भाजपा न केवल गोरखपुर में बल्कि पूरे राज्य में जीत हासिल करेगी और भारी बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाएगी.''
बता दें कि शनिवार को भाजपा ने पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए 107 सीटों के उम्मीदवारों की सूची जारी की है. योगी आदित्यनाथ, गोरखपुर शहर से चुनाव लड़ेंगे. वहं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी की सिराथू सीट से चुनाव लड़ेंगे.
गोरखपुर में 3 मार्च को चुनाव है. ये सीट फिलहाल बीजेपी के राधा मोहन दास अग्रवाल के पास है. ये पहली बार है जब आदित्यनाथ यूपी विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. मौजूदा वक्त में वो विधान परिषद के सदस्य हैं. 1998 से मुख्यमंत्री बनने के पहले तक यानी 2017 तक वो गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं.
जब पाकिस्तानी सैनिक राज कपूर के लिए लाए जलेबी
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राज कपूर के बारे में कहा जाता था कि वो जो कुछ भी करते थे, उसके पीछे कोई न कोई कारण ज़रूर होता था. उनके दिमाग़ में हर तरह की सूचनाओं का भंडार रहता था. उनकी आंखें और कान हर तरफ़ लगे रहते थे.
राज कपूर का मानना था कि किसी भी रचनात्मक काम के पीछे हर तरह की नकारात्मक भावनाओं जैसे डर, बेइज़्ज़ती, हार, किसी अपने का खो जाना, संबंधों का टूटना बहुत ज़रूरी हैं. इन सबसे जीवन के प्रति हमारी समझ मज़बूत होती है और रचनात्मकता समृद्ध होती है.
राहुल रवैल भारत के जानेमाने फ़िल्म निर्देशक हैं. उन्हें कई फ़िल्मों में राज कपूर के साथ बतौर सहायक निर्देशक काम करने का मौक़ा मिला. हाल ही में उन्होंने राज कपूर पर एक दिलचस्प किताब लिखी है- 'राज कपूर: द मास्टर एट वर्क'. इसमें उन्होंने राज कपूर के जीवन के उन पक्षों पर अपनी नज़र दौड़ाई है, जिस पर अभी तक कम लोगों की ही नज़र गई.
राहुल रवैल बताते हैं, "मैंने 12वीं कक्षा के बोर्ड के इम्तेहान दिए ही थे कि एक दिन मेरे बचपन के दोस्त ऋषि कपूर का फ़ोन आया कि डैड आज से 'मेरा नाम जोकर' के सर्कस के दृष्यों की शूटिंग शुरू कर रहे हैं. ये शूटिंग आज़ाद मैदान में होनी है. अगर तुम कुछ कम कपड़े पहने सेक्सी रूसी कलाकारों को देखना चाहते हो, तो वहाँ पहुंच जाओ."
"मैं तुरंत वहाँ पहुंच गया. शुरू में उन रूसी लड़कियों ने मुझे आकर्षित ज़रूर किया, लेकिन जब मैंने राज अंकल को नज़दीक से काम करते देखा तो मैं सब कुछ भूल गया. उन्हें काम करते देख मैं पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गया. उनको देख कर ऐसा लगा कि जैसे कोई संगीतकार बिना म्यूज़िक शीट के किसी सिंफ़्नी का संचालन कर रहा हो."
अंतरिक्ष यात्रा का इंसान के शरीर पर क्या होता है असर
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वैज्ञानिकों को इस संबंध में जानकारी मिली है कि अंतरिक्ष से लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्री एनीमिक क्यों हो जाते हैं यानी उनमें खून की कमी क्यों हो जाती है.
कनाडा के शोधकर्ताओं का कहना है कि अंतरिक्ष में शरीर की 50 प्रतिशत ज़्यादा लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और मिशन के चलने तक ऐसा होता रहता है.
उन्होंने कहा कि इसके कारण चांद, मंगल या उससे दूर की अंतरिक्ष यात्राएं करना एक बड़ी चुनौती हैं.
लेकिन, उनकी खोज का पृथ्वी पर इसी तरह की बीमारी से पीड़ित मरीजों को फायदा मिल सकता है.
अंतरिक्ष में जाने पर ख़ून का खून कम होने यानी 'स्पेस एनीमिया' के बारे में वैज्ञानिक अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटे पहले अभियान के समय से जानते हैं. लेकिन ऐसा क्यों होता है अब तक ये एक रहस्य बना हुआ था.
दलबदल के बीच मायावती ने सपा को बताया 'दलित विरोधी' पार्टी
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ऐसे में जब भाजपा के कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे हैं और कह रहे हैं कि सपा दलितों और पिछड़ों के लिए काम करती है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस दावे को ख़ारिज करते हुए समाजवादी पार्टी पर 'दलित विरोधी' होने का आरोप लगाया है.
बसपा सुप्रीमो का कहना है कि सपा की पिछली गतिविधियां ये दर्शाती हैं कि पार्टी का दृष्टिकोण "दलित विरोधी" रहा है. मायावती ने ये भी साफ किया कि वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. बसपा अगर बहुमत से सरकार बनाती है तो विधान परिषद के जरिए बागडोर संभाल सकती हैं.
बता दें कि अपने जन्मदिन पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बसपा सुप्रीमो ने 53 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया. इन सभी उम्मीदवारों की किस्मत पहले चरण में 10 फरवरी को तय होगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी के पिछले रिकॉर्ड से पता चलता है कि उनकी पार्टी का रुख़ दलित विरोधी रहा है.
मायावती ने पूछा कि बसपा के वक्त भदोही का नाम जब संत रविदास नगर रखा गया था, तो आखिर 2012 में सत्ता में आते ही समाजवादी पार्टी ने नाम क्यों बदल दिया. मायावती ने कहा, ''क्या ये उनकी (सपा) दलित विरोधी सोच के कारण नहीं था.''
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मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ सरकार में पूर्व मंत्री और ओबीसी समुदाय के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के एक दिन बाद ही मायावती का ये बयान सामने आया है.
स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मंत्री धर्म सिंह सैनी और कई दूसरे विधायक बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में आए हैं. इन बागी विधायकों का आरोप है कि भाजपा सरकार में दलितों और पिछड़ों के हित नहीं देखे जा रहे हैं.
बसपा से भी नेताओं ने पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों का दामन थामा है. ऐसे में मायावती ने कहा है कि दलबदल करने वाले नेताओं के लिए सख़्त नियम बनाए जाने चाहिए.
मायावती का आरोप है कि मीडिया का एक वर्ग ऐसा है जो उनके चुनाव नहीं लड़ने के मुद्दे को उठा रहा है. ''अब ये लोग जानबूझकर मेरे चुनाव न लड़ने को लेकर साजिश के तहत मुद्दे उछालते रहते हैं. इसकी आड़ में जनता को मेरे बारे में ऐसा इंप्रेशन देते हैं कि जैसे मैंने कोई चुनाव ही नहीं लड़ा है.''
मायावती ने कहा कि वो चार बार लोकसभा की और तीन बार राज्यसभा की सांसद रह चुकी हैं. दो बार यूपी विधान सभा और दो बार यूपी विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं.
फिलीपींस भारत से खरीदेगा ब्रह्मोस मिसाइल, क्या बढ़ेगी चीन की परेशानी
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भारत और फिलीपींस के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल को लेकर सौदा तय हो गया है.
फिलीपींस ने करीब 37.49 करोड़ डॉलर (27.89 अरब रुपये) के सौदे पर मंज़ूरी की मुहर लगा दी है. दोनों देश जल्दी ही इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.
ब्रह्मोस मिसाइल के लिए ये पहला विदेशी ऑर्डर है. रिपोर्टों के मुताबिक ब्रह्मोस को लेकर दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ और देशों के साथ बातचीत की जा रही है.
फिलीपींस की नौसेना के तटीय रक्षा रेजिमेंट में सबसे पहले ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती की जाएगी.
जानकारों का कहना है कि फिलीपींस का दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ विवाद है. इस लिहाज से इस सौदे की अहमियत बढ़ जाती है.
झारखंड: कोरोना का टीका लेने के बाद बीमारी ठीक होने का दावा, क्या है सच
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आपने घुटनों के दर्द से परेशान मधेपुरा (बिहार) के बुज़ुर्ग ब्रह्मदेव मंडल की कहानी शायद पढ़ी-सुनी हो. उन्होंने पूरे 12 बार कोरोना का टीका लगवाया.
मंडल को लगता था कि टीकाकरण के बाद उनके घुटनों का दर्द कम हो रहा है. इस कारण वे बार-बार टीका लेते रहे और अंततः पकड़े गए.
बिहार पुलिस ने ब्रह्मदेव मंडल के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज़ की है.
मंडल ने जिस तरह का दावा किया, करीब- करीब उसी तरह के दावे अब झारखंड के एक शख्स भी कर रहे हैं.
झारखंड के बोकारो ज़िले के दुलारचंद मुंडा का दावा है कि कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की पहली डोज़ के बाद उनकी नसों में दर्द की समस्या कम हो गई.
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रयागराज में तीन लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बावजूद प्रयागराज में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं दिख रही है. शनिवार को करीब तीन लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई.
माघ मेला प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में बच्चे, बुज़ुर्ग समेत श्रद्धालु सुबह से ही लगातार आ रहे थे. दोपहर दो बजे तक करीब 3 लाख लोगों ने गंगा में स्नान किया है.
इससे पहले शुक्रवार को मकर संक्रांति के पर्व पर करीब 6.5 लाख लोगों ने प्रयागराज गंगा में डुबकी लगाई थी. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर यहाँ सावधानी बरती जा रही है. कुल 25 कोविड हेल्प डेस्क बनाए गए हैं.
साथ ही आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़, शनिवार दोपहर 12 बजे तक मेला में करीब 1,25,00 मास्क बांटे गए. ऐसे वक्त में जब कोरोना संक्रमण के मामलों में इज़ाफा हो रहा है, माघ मेला आयोजित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है.
यहाँ तक कि मेला ड्यूटी पर जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी उनमें से कई कोरोना वायरस पॉजिटिव निकले हैं. प्रयागराज ज़िला प्रशासन ने पहले ही ये घोषणा कर दी है कि मेला में आने वाले सभी लोगों के लिए निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट ज़रूरी है.
ये रिपोर्ट 48 घंटे पुरानी नहीं होनी चाहिए. ये भी कहा गया है कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के साथ भी आएं और कोविड नियमों का पालन करें. तैयारियों की बात करें तो 50 बेड के दो अस्पताल, 12 हेल्थ कैंप और 10 इलाज केंद्र मेला क्षेत्र में बनाए गए हैं.केंद्र भी स्थापित किए गए हैं.
पाकिस्तान के NSA ने किया आगाह, रिश्ते न सुधरे तो भारत का नुक़सान
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पाकिस्तान ने नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति जारी करते हुए भारत को आगाह किया है और कहा है कि अगर भारत रिश्ते सुधारने की दिशा में 'सही क़दम नहीं उठाता है तो सबसे ज़्यादा नुक़सान उसे ही होगा.'
पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोइद यूसुफ़ के मुताबिक नई नीति में 'दोनों देशों के बीच रिश्तों का आधार जम्मू कश्मीर को बताया गया है.'
पाकिस्तान की सुरक्षा नीति पांच साल के लिए है लेकिन इसे तैयार करने में सात साल का वक़्त लगा है.
पाकिस्तान के 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अख़बार के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने जानकारी दी है कि नई नीति को लेकर यूसुफ़ ने कहा, "इसमें जम्मू कश्मीर को दोतरफ़ा रिश्तों का आधार बताया गया है."
उधर, इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री से बातचीत में पाकिस्तान के अधिकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान की 'नई सुरक्षा नीति में किसी देश विशेष का ज़िक्र नहीं है.'
'उसे डीएम बनना था, पुलिस ने दंगाई बताकर मार दिया'
वीडियो कैप्शन, 'उसे डीएम बनना था, पुलिस ने दंगाई बताकर मार दिया'
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है. मतदान प्रक्रिया 10 फरवरी से शुरू होकर सात चरणों में पूरी होगी. हालांकि, इस राज्य में करीब 20 प्रतिशत वोटर मुस्लिम हैं. उनमें से कई खुद को हाशिए पर महसूस करते हैं.
बिजनौर के नहटौर क़स्बे के मोहम्मद शोएब के छोटे भाई मोहम्मद सुलेमान दिसंबर 2019 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गए थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा में दिए गए एक बयान के मुताबिक़ प्रदेश के कई शहरों में हुए प्रदर्श के दौरान 21 लोग मारे गए. करीब 1100 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
मरने और गिरफ़्तार होने वाले लोगों में से अधिकतर मुसलमान थे. शोएब ने बीबीसी से कहा, "हमें अब दूसरे दर्जे के शहरी की तरह महसूस होने लगा है".