यूपी में सरकार बनी तो जाति आधारित जनगणना: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में उनकी रथ यात्रा को मिल रहे समर्थन को लेकर बीजेपी को हार का डर लगने लगा है.
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यूपी में सरकार बनी तो जाति आधारित जनगणना: अखिलेश यादव

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समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनी तो वो जाति आधारित जनगणना कराएंगे.
समाजवादी पार्टी लंबे समय से जाति के आधार पर जनगणना कराने की मांग उठा रही है. कई और दल भी ये मांग उठाते रहे हैं लेकिन केंद्र और उत्तर प्रदेश में सरकार की अगुवाई करने वाली भारतीय जनता पार्टी इस मांग का समर्थन नहीं करती है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अखिलेश यादव के हवाले से बताया, “समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद तीन महीने के अंदर जाति जनगणना कराई जाएगी और हर किसी को उनकी आबादी के मुताबिक अधिकार और सम्मान मिलेंगे.”
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अखिलेश यादव ने आगे कहा, “लोग जानते हैं कि हमने जो भी वादे किए, उन्हें पूरा किया.”
कई पार्टियों की राय रही है कि अगर जाति आधारित जनगणना होगी तो सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा जातियों का कोटा बढ़ सकता है.
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'यूपी की नारी पड़ेगी भाजपा पर भारी'
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बार-बार उत्तर प्रदेश आने को ‘बीजेपी के डर का असर’ बताते हुए दावा किया कि आगे ये सिलसिला और बढ़ेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार को) प्रयागराज में थे.
ये इस महीने उनका उत्तर प्रदेश में पांचवां दौरा था. प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया. मोदी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि पांच साल पहले यूपी की सड़कों पर ‘माफिया राज’ था.
मोदी ने कहा, “ सड़कों पर गुंडो की हनक हुआ करती थी.इसकी सबसे बड़ी भुक्तभोगी महिलाएं थीं. उनका सड़क पर निकलना मुश्किल हुआ करता था. आप कुछ कह नहीं सकती थीं. बोल नहीं सकती थीं. ”
उत्तर प्रदेश में पांच साल पहले समाजवादी पार्टी सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे.
अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “दिक़्क़त, क़िल्लत व ज़िल्लत ने महिलाओं को भाजपा के ख़िलाफ़ कर दिया है.उत्तर प्रदेश की नारी भाजपा पर पड़ेगी भारी”
उन्होंने कहा, “चुनाव करीब आएंगे और बीजेपी को हार का डर सताएगा तो उनका दिल्ली से उत्तर प्रदेश आने का क्रम और बढ़ेगा. लोगों ने समाजवादी पार्टी की रथ यात्रा को भारी समर्थन देना शुरू किया तो बीजेपी नर्वस हो गई. समाजवादी पार्टी के एक रथ के मुक़ाबले बीजेपी ने छह रथ यात्रा निकाली हैं.”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकारी धन का पार्टी की रैलियां आयोजित करने में दुरुपयोग कर रही है.
जम्मू कश्मीर: गुपकार गठबंधन को मंजूर नहीं परिसीमन आयोग का प्रस्ताव, करेंगे प्रदर्शन, मोहित कंधारी, जम्मू से बीबीसी हिंदी के लिए

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पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन (PAGD) ने एलान किया है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा के लिए परिसीमन आयोग का प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है और इसके ख़िलाफ़ एक जनवरी को प्रदर्शन किया जाएगा. गठबंधन के मुताबिक ये प्रदर्शन श्रीनगर में होगा.
परिसीमन आयोग ने जम्मू कश्मीर विधानसभा में सात सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. इनमें से छह सीटें जम्मू संभाग और एक सीट कश्मीर संभाग से होगी.
गुपकार अलायन्स ने मंगलवार को नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के जम्मू स्थित घर पर बैठक की.
बैठक के बाद अलायन्स के प्रवक्ता और सीपीएम नेता मोहम्मद युसूफ़ तारिगामी ने बताया, " हमने यह फ़ैसला किया है कि एक जनवरी को श्रीनगर में सुबह 11 बजे से हम परिसीमन आयोग के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे .हम सब अमन चाहते हैं. हम किसी भी सूरत में टकराव नहीं चाहते हैं. न किसी इदारे से न सरकार से लेकिन अवाम के बुनियादी हक़ों की हिफ़ाजत करने के लिए हम अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे."

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मंगलवार को हुई बैठक में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती, आवामी नेशनल कांफ्रेंस के नेता मुज़फ्फर हुसैन शाह, सीपीएम नेता मोहम्मद युसूफ़ तारिगामी, नेशनल कांफ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी और पीडीपी नेता डॉ महबूब बेग भी मौजूद रहे.
अलायन्स के प्रवक्ता तारिगामी ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव को बांटने वाला बताते हुआ कहा, " हममें से किसी को भी यह प्रस्ताव मंज़ूर नहीं है."
'बांटने नहीं देंगे'
प्रवक्ता ने दावा किया कि जम्मू कश्मीर की जनता को भी यह प्रस्ताव मंज़ूर नहीं है.
उन्होंने कहा, "यह प्रस्ताव जम्मू कश्मीर के लोगों के बीच दीवार खड़ी कर देगा. ये जम्मू और कश्मीर के बीच दूरियां बढ़ा देगा."
क्या अलायन्स के नेता जम्मू संभाग में छह सीटों के बढ़ाने के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ हैं, इस सवाल के जवाब में तारिगामी ने कहा, "जम्मू हमारा है. हम सब का है. हम जम्मू के लोगों को भी रिप्रेजेंट करते हैं लेकिन सीट बढ़ाने के प्रस्ताव के पीछे कोई मापदंड तो होना चाहिए."
मोहम्मद युसूफ़ तारिगामी ने कहा परिसीमन आयोग को यह फ़ैसले 2011 कि जनगणना के आंकड़ों के हवाले से लेने थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
उन्होंने कहा,"हमने तो अपील की थी कि जम्मू कश्मीर में इस प्रक्रिया को आरम्भ करने से पहले देश भर में होने वाली जनगणना का इंतज़ार करना चाहिए."
उन्होंने केंद्रसरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "आख़िर क्यों केंद्र सरकार ने हमारी अपील पर गौर नहीं किया और जम्मू कश्मीर में परिसीमन आयोग का गठन कर प्रक्रिया शुरू करा दी. सरकार यह जल्दबाजी क्यों करना चाहती है. हम किसी भी क़ीमत पर जम्मू कश्मीर के लोगों को, चाहे वो किसी भी धर्म समुदाय से ताल्लुक रखते हों, उनके बीच में किसी को भी नफ़रत पैदा नहीं करने देंगे, उन्हें बांटने नहीं देंगे."
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पश्चिम बंगाल:हल्दिया रिफाइनरी में आग से तीन की मौत, 47 झुलसे, प्रभाकर मणि तिवारी कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

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पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिला स्थित इंडियन आयल की हल्दिया रिफाइनरी में आज (मंगलवार को) आग लग गई जिसमें जल कर कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई. प्रशासन ने बताया है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे में 47 लोग झुलस गए हैं. घायलों में से सात लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
घायल हुए लोगों में से कुछ लोगों को ग्रीन कारीडोर के जरिए कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाकी घायलों का इलाज जिला मुख्यालय तमलुक के अस्पताल में चल रहा है.
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "इंडियन ऑयल कार्पोरेशन, हल्दिया में लगी आग की घटना से बेहद दुखी हूं. तीन कीमती जानें चली गई हैं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं. जो लोग घायल हुए हैं उनको ग्रीन कॉरिडोर बनाकर कोलकाता लाया गया है. घायलों के इलाज में पश्चिम बंगाल की सरकार हरसंभव सहयोग देगी."
रिफाइनरी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि मंगलवार दोपहर बाद एक टावर के शटडाउन किए जाने के दौरान यह हादसा हुआ. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई.
बयान में कहा गया है कि आग पर जल्दी ही काबू पा लिया गया. हादसे की वजहों की जांच की जा रही है.
हल्दिया नगरपालिका के अध्यक्ष अजगर अली ने कहा, "इस काम में और सावधानी बरती जानी चाहिए थी. इससे पहले कभी हल्दिया रिफाइनरी में ऐसा हादसा नहीं हुआ था. इस बात की जांच की जानी चाहिए कि इस मामले में कहीं रिफाइनरी प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही तो नहीं हुई थी."
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चैंपियन्स ट्रॉफी: भारत को जापान ने हराया, कांस्य के लिए कल पाक से मैच

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एशियन चैंपियन्स ट्रॉफ़ी की डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय हॉकी टीम को सेमीफ़ाइनल में हार झेलनी पड़ी है.
भारतीय टीम को जापान ने 3-5 के अंतर से मात दी. ये मैच बांग्लादेश की राजधानी ढाका में खेला गया.
शुरुआती राउंड में जापान की टीम चौथे नंबर पर रही थी जबकि भारतीय टीम पहले नंबर पर थी.
भारत को इस मैच में फेवरेट माना जा रहा था लेकिन जापान की टीम भारत पर भारी पड़ी. भारत ने राउंड रॉबिन मुक़ाबले में जापान को 6-0 से हराया था.
अब भारतीय टीम कांस्य पदक के लिए बुधवार को पाकिस्तान के साथ मुक़ाबला करेगी. जापान का फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया से मुक़ाबला होगा. कोरिया ने एक अन्य सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान को 6-5 से मात दी.
भारतीय हॉकी टीम ने इस साल जापान में हुए ओलंपिक में 41 बाद मेडल हासिल किया था. भारत ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. चैंपियन्स ट्रॉफ़ी टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन दमदार रहा. भारतीय टीम ने कोई मैच नहीं गंवाया और अंक तालिका में पहले नंबर पर रही.
श्रीलंका की हिरासत में 68 मछुआरे, भारत ने उठाई रिहाई की मांग: विदेश मंत्रालय

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विदेश मंत्रालय ने बताया है कि श्रीलंका में हिरासत में लिए गए तमिलनाडु के 68 मछुआरों को लेकर भारत चिंतित है और श्रीलंका सरकार से उनकी जल्दी रिहाई की मागं की गई है.
हिरासत में लिए गए मछुआरों को क़ानूनी मदद भी दी जा रही है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने आज (मंगलवार को) बताया कि उनकी जानकारी के मुताबिक श्रीलंका के अधिकारियों ने 18 से 20 दिसंबर के बीच 68 भारतीय मछुआरों हिरासत में लिया है और 10 नावों को जब्त किया है. उन्होंने बताया कि ये मछुआरे तमिलनाडु के हैं.
बागची ने बताया, “कोलंबो स्थित हमारे उच्चायोग ने भारतीय मछुआरों की जल्दी रिहाई का मामला श्रीलंका सरकार के सामने उठाया है.”
बागची ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से भी बातचीत हुई है. उन्हें पूरी स्थिति और भारत सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई.
बागची ने ये भी बताया कि जाफना स्थित भारतीय कांसुलेट के अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए मछुआरों से मुलाक़ात की और उन्हें सभी जरूरी मदद मुहैया कराई. उन्हें कपड़े, प्रसाधन का सामान, खान-पान का सामान और मास्क दिए गए. मछुआरों की उनकी रिश्तेदारों से फ़ोन पर बात भी कराई गई. उन्होंने बताया कि एक मछुआरा बीमार है और भारतीय अधिकारियों ने उससे अस्पताल में मुलाक़ात कर हालचाल पता किया.
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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए फैसल मोहम्मद अली से.
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दुबई के शासक को तलाक़ के लिए देनी पड़ेगी रिकॉर्ड रकम

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दुबई के अरबपति शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और उनकी पूर्व पत्नी प्रिंसेस हया बिंत अल हुसैन के बीच तलाक़ को कोर्ट की मंज़ूरी मिल गई है.
लेकिन इस मामले में दुबई के शासक को रिकॉर्ड 50 करोड़ पाउंड यानी 50 अरब रुपए से ज़्यादा की रकम अपनी पूर्व पत्नी को देनी होगी.
इसे ब्रिटेन के क़ानूनी इतिहास में तलाक़ का सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है.
ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने प्रिंसेस हया बिंत अल हुसैन को 25 करोड़ 15 लाख पाउंड (करीब 25 अरब रुपये) देने का फ़ैसला सुनाया. हया जॉर्डन के पूर्व शासक हुसैन की बेटी हैं. वो फिलहाल 47 साल की है.
शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रधानमंत्री हैं. वो घुड़दौड़ की दुनिया की दिग्गज हस्तियों में भी गिने जाते हैं. उन्होंने कुल छह शादियाँ की. हया उनकी सभी पत्नियों में सबसे छोटी थीं.
ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने जो फ़ैसला सुनाया है उसके मुताबिक प्रिंसेस हया को दी जाने वाली रकम से उनकी दो संपत्तियों के रख रखाव का खर्च पूरा किया जाएगा. साथ ही इसमें ‘सुरक्षा बजट’, छुट्टियों, एक नर्स और एक नैनी का वेतन और उनके रहने का इंतज़ाम, परिवार के लिए बख़्तरबंद वाहन और पालतू जानवरों का ख़र्च शामिल है.
फ़ैसले में दो बच्चों को सालाना 56 लाख पाउंड देने को भी कहा गया है. दो बच्चों में से एक 14 साल की बेटी और एक नौ साल का बेटा है. उन्हें 29 करोड़ पाउंड की गारंटी भी दी जानी है.
प्रिंसेस हया अपने बच्चों के साथ साल 2019 में दुबई से भाग निकली थीं और ब्रिटेन आ गईं थीं.
हया ने आरोप लगाया था कि उनकी जान को ख़तरा है. ख़ासकर ये जानकारी होने के बाद कि शेख मोहम्मद अपनी दो अन्य बेटियों शेख लतीफा और शेख शम्सा को उनकी मर्जी के बिना दुबई ले आए हैं. 72 साल के हो चुके शेख मोहम्मद ने अपहरण के आरोपों से इनकार किया था.
अभी तक की प्रमुख ख़बरों पर एक नज़र
- आधार को वोटर आईडी से जोड़ने वाला चुनाव सुधार संशोधन विधेयक 2021 राज्यसभा से भी पास.
- विधेयक पर चर्चा के दौरान दुर्व्यवहार के आरोप में टीएमसी सांसद डेरेन ओ ब्रायन बाक़ी सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित
- लिंचिंग को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार, राजीव गांधी को कहा- मॉब लिंचिंग का जनक
- पीएम मोदी ने प्रयागराज में महिला शक्तीकरण सम्मेलन में लिया हिस्सा, शादी की उम्र बढ़ाने के प्रस्ताव की आलोचना पर विपक्ष को घेरा
- कोलकाता नगर निगम चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली बड़ी जीत
- आर अश्विन ने एक इंटरव्यू में कहा- रवि शास्त्री की टिप्पणी से हुए से आहत
- राष्ट्रपति अर्दोआन की नई घोषणा के बाद तुर्की की मुद्रा लीरा कुछ संभली
- भारत में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या 200 से अधिक, 77 ठीक हुए
- जया बच्चन ने एक बार फिर मोदी सरकार पर साधा है निशाना
- झारखंड में मॉब लिंचिंग रोकने के लिए विधेयक पारित, विधानसभा में बीजेपी का हंगामा
- बीएसपी सांसद दानिश अली कोरोना पॉजिटिव, कल थे संसद में मौजूद
- पंजाब में ड्रग्स केस में मजीठिया पर FIR दर्ज, चुनाव से पहले गरमाई सियासत
ब्रेकिंग न्यूज़, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन राज्यसभा से निलंबित

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तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन को बाक़ी सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है. डेरेक ओ ब्रायन पर आरोप है कि चुनाव सुधार संशोधन विधेयक 2021 पर बहस के दौरान रूल बुक अध्यक्ष के आसन की ओर फेंकी थी. इस समय संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है.
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डेरेक ओ ब्रायन ने इस संबंध में ट्वीट कर लिखा है कि पिछली बार वे राज्यसभा से उस समय निलंबित हुए थे, जब सरकार किसान क़ानून को ज़बरन पास करा रही थी. उन्होंने कहा कि सबको पता है कि बाद में क्या हुआ. डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उन्हें इसलिए निलंबित किया गया है, क्योंकि वे संसद का मज़ाक कर रही बीजेपी और चुनाव सुधार संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे थे. उन्होंने उम्मीद जताई कि कृषि क़ानून की तरह ये भी सरकार वापस लेगी.
पिछले सत्र के दौरान दुर्व्यवहार के आरोप में राज्यसभा के 12 सांसदों को इस सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था. विपक्षी सांसद इसका विरोध कर रहे हैं.
निलंबित सांसद इसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं. लेकिन अभी तक उन सांसदों को निलंबन वापस नहीं लिया गया है.
झारखंड: मॉब लिंचिंग रोकने के लिए विधेयक पारित, विधानसभा में बीजेपी का हंगामा,

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मॉब लिंचिंग रोकने के लिए लाए गए विधेयक पर मंगलवार को झारखंड विधानसभा ने मुहर लगा दी.
शीतकालीन सत्र की समाप्ति से ठीक एक दिन पहले झारखंड विधानसभा ने ‘द झारखंड (प्रिवेंशन ऑफ मॉब वायलेंस एंड मॉब लिंचिंग) बिल 2021 को बहुमत से पास कर दिया.
इस विधेयक में मॉब लिंचिग में दोषी पाए जाने पर उम्रक़ैद और 25 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. सरकार का मानना है कि इसके क़ानून बन जाने के बाद राज्य में मॉब लिंचिग की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी
अब यह विधेयक राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. वहाँ से स्वीकृति मिलते ही ये क़ानून की शक्ल ले लेगा.

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झारखंड सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने दोपहर बाद यह विधेयक विधानसभा में पेश किया.
मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत दूसरे दलों के कुछ विधायकों ने इस विधेयक को लेकर अपनी कुछ आपत्तियाँ सदन को बताई थीं. इन पर हुई वोटिंग हुई और आपत्तियों को बहुमत से ख़ारिज कर दिया गया.
इसके बाद विधेयक अपने मूल स्वरूप में ही पास हो गया. इस दौरान बीजेपी विधायक हंगामा करते रहे और सत्ता पक्ष से उनकी तीखी बहस भी हुई.
बीजेपी ने सरकार पर एक धर्म विशेष के 'तुष्टीकरण' का आरोप भी लगाया.
सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस की विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने मॉब लिंचिग के दोषियों के लिए उम्रक़ैद की जगह फाँसी की सजा की माँग की थी.
दरअसल,बिल की ड्राफ़्ट कॉपी सोमवार को ही विधायकों के बीच वितरित की गई थी ताकि वे इस पर होने वाली बहस में शामिल हो सकें या इनपर अपनी आपत्तियों या संशोधन प्रस्तावों से सदन को अवगत करा सकें.
रवि शास्त्री की 'वो टिप्पणी', जिससे अश्विन टूट गए थे, लेना चाहते थे संन्यास

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भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बताया है कि साल 2018 और 2020 के बीच वो क्रिकेट छोड़ देने (संन्यास) का विचार कर रहे थे.
अश्विन के मुताबिक इस विचार की कई वजह थीं और उनमें से एक ये थी कि उन्हें लगता था कि टीम के लिए कई मैच जीतने के बाद भी मुश्किल वक़्त में कोई उनका साथ नहीं दे रहा है.
क्रिकेट वेबसाइट ‘ईएसपीएन क्रिकइंफो’ को दिए एक इंटरव्यू में अश्विन ने कहा, “मैंने कई कारणों की वजह से संन्यास लेने का विचार किया. मुझे लगा कि लोग मेरी चोटों को लेकर उतने संवेदनशील नहीं हैं जितना उन्हें होना चाहिए. मैं सोचने लगा कि जब तमाम लोगों को सहारा दिया गया, तब मेरे साथ ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है. मेरा योगदान किसी से कम नहीं है. ”
आर अश्विन ने टेस्ट मैचों में भारत के लिए 427 विकेट लिए हैं. टेस्ट मैचों में वो भारत के दूसरे सबसे कामयाब स्पिनर हैं. उनसे ज़्यादा विकेट सिर्फ़ अनिल कुंबले ने लिए हैं. कुंबले के नाम 619 विकेट हैं.
अश्विन ने आगे कहा, “मैंने टीम के लिए कई मैच जीते हैं और मुझे ऐसा नहीं लगता है कि मेरा समर्थन किया जा रहा है. आमतौर पर मैं मदद नहीं मांगता हूँ कि कोई मुझे सहारा दे. या कोई मेरे साथ सहानुभूति दिखाए. मुझे लगा कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहा हूं और मुझे लगा कि सहारे के लिए किसी का कंधा चाहिए. ऐसा नहीं हो रहा था. मैंने सोचा शायद मुझे कुछ और तलाश करना चाहिए और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करनी चाहिए.”
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शास्त्री के बयान का असर
अश्विन ने टी-20 वर्ल्ड कप से टी-20 टीम में वापसी की है. उन्होंने अपने करियर और उपलब्धियों से जुड़े कई मुद्दों पर इंटरव्यू में चर्चा की.
उन्होंने पूर्व कोच रवि शास्त्री के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें शास्त्री ने 2019 के सिडनी टेस्ट में पाँच विकेट लेने के बाद कुलदीप यादव को ‘विदेशी ज़मीन पर भारत का नंबर 1 स्पिनर’ बताया था. सिडनी टेस्ट ड्रॉ रहा था लेकिन भारत ने ये सिरीज़ 2-1 से जीती थी.
अश्विन के मुताबिक़ वो कुलदीप के लिए ख़ुश थे लेकिन उस पल उन्हें लगा जैसे कि उन्हें ‘ज़मीदोज कर दिया गया हो.’

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अश्विन ने कहा, “मैं रवि भाई को ख़ासा मान देता हूँ. हम सभी देते हैं. मैं ये भी समझता हूँ कि हम सभी अपनी बातें रख सकते हैं और फिर उन्हें वापस भी ले सकते हैं. लेकिन उस एक पल में लगा कि मुझे कुचल दिया गया है. पूरी तरह ज़मीदोज हो गया हूँ.”
उन्होंने आगे कहा, “हम सभी ये बात करते हैं कि टीम के साथी की कामयाबी का जश्न मनाना कितना अहम है. मैं कुलदीप के लिए ख़ुश था. मैं पाँच विकेट लेने में कामयाब नहीं हुआ था लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में पाँच विकेट हासिल किए थे. मुझे पता था कि ये कितनी बड़ी बात है.”
अश्विन ने आगे कहा, “लेकिन, अगर मुझे उनकी खुशी और टीम की कामयाबी में शामिल होना है तो मुझे लगना चाहिए कि मैं इसी जगह का हिस्सा हूँ. अगर मुझे लगे कि जैसे मुझे बस के नीचे फेंक दिया गया है तब मुझसे उठने और पार्टी में आकर टीम या फिर टीम के साथ की कामयाबी का जश्न मनाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है.”
उन्होंने आगे बताया, “मैं अपने कमरे में लौटा और अपनी पत्नी से बात की. मेरे बच्चे भी वहाँ थे. तब हम इसे पीछे छोड़ देने में कामयाब हुए. मैं उसके बाद पार्टी में भी शामिल हुआ. आखिरकार हमने एक बड़ी सिरीज़ जीती थी.”
LIVE: लखनऊ में प्रदर्शन कर रहीं ये औरतें सरकार से क्या चाहती हैं?
पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर जो कहा, लखनऊ में अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहीं औरतों का उस पर क्या कहना है? ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी की गुरप्रीत सैनी.
(कैमरा- देबलिन रॉय)
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अर्दोआन की घोषणा से तुर्की की मुद्रा लीरा कुछ संभली , लेकिन चिंता बरकरार

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तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन की घोषणा के बाद वहाँ की मुद्रा लीरा की स्थिति कुछ संभलती नज़र आ रही है. सोमवार देर रात राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा कि सरकार अगर लीरा के जमाधारकों को हुए नुक़सान की भरपाई करेगी, अगर विदेशी मुद्राओं के मुक़ाबले लीरा की क़ीमत में गिरावट बैंक की ब्याज दरों से भी अधिक है. सितंबर में तुर्की के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कमी करना शुरू किया था, उसी समय से लीरा की क़ीमत में उतार-चढ़ाव चल रहा था.

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लेकिन पिछले कुछ हफ़्तों में उसमें रिकॉर्ड गिरावट आई है. एक समय तो डॉलर के मुक़ाबले लीरा की क़ीमत 18.36 तक पहुँच गई थी. लेकिन सोमवार को हुई घोषणा के बाद लीरा की स्थिति सुधरी और ये 11 से कुछ अधिक तक पहुँचा और फिर 13 और 14 के बीच चल रहा है. अर्दोआन ने ये भी आश्वासन दिया कि अब से नागरिकों को अपनी जमा राशि को तुर्की लीरा से विदेशी मुद्रा में बदलने की आवश्यकता नहीं होगी. लीरा की क़ीमत में लगातार हो रही गिरावट के कारण तुर्की में महंगाई भी काफ़ी बढ़ गई है.
बीएसपी सांसद दानिश अली कोरोना पॉजिटिव, कल थे संसद में मौजूद

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बहुजन समाज पार्टी के सांसद कुंवर दानिश अली ने जानकारी दी है कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं.
उन्होंने कल यानी सोमवार लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लिया था. दानिश के मुताबिक उनमें संक्रमण के ‘मामूली लक्षण’ हैं.
सांसद दानिश अली ने बताया है कि वो कोरोना से बचाव के लिए टीके की दोनों डोज़ ले चुके हैं.
सांसद दानिश अली ने ट्विटर पर जानकारी दी, “ पूरी तरह वैक्सीनेटेड होने के बाद भी आज मेरा कोविड19 का टेस्ट पॉजिटिव आया. कल, मैं संसद की कार्यवाही में भी मौजूद रहा था.”
उन्होंने आगे लिखा है, “मेरे संपर्क में आए सभी लोगों से मैं अनुरोध करता हूं कि वो अपना टेस्ट कराएं और ख़ुद को आइसोलेट कर लें. मेरे लक्षण मामूली हैं और जल्दी ही ठीक होने की उम्मीद करता हूं.”
उन्होंने अपने ट्वीट में लोकसभा अध्यक्ष और लोकसभा सचिवालय को भी टैग किया है. कुंवर दानिश अली का लोकसभा क्षेत्र अमरोहा है.
मोदी जी यूपी की महिलाओं के आगे झुके – प्रियंका गांधी

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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कोशिशों से महिलाएँ जाग रही हैं और उनके असर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झुकने के लिए मजबूर हो रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ‘कन्या सुमंगला योजना’ की शुरुआत की और दावा किया कि बीजेपी की सरकारें महिलाओं की हितैषी है.
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की महिलाओं के लिए की गई घोषणाओं को कांग्रेस की कोशिश का असर बताया.
प्रियंका गांधी ने कहा, “मुझे ये कहना है कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं, मैंने आपसे क्या कहा था, अपनी शक्ति को पहचानो. आज आपकी शक्ति के सामने इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी झुक रहे हैं. (वो) समझ गए हैं कि महिला खड़ी हो रही है. पाँच सालों से क्यों नहीं की ये घोषणाएं आज क्यों कर रहे हैं, चुनाव से पहले?”
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, “क्योंकि महिलाएँ जागरूक हो गईं हैं. महिलाएँ उठ गई हैं.”
प्रियंका गांधी ने इसे कांग्रेस पार्टी के नारे का असर बताया.
उन्होंने कहा, “हमने लड़की हूँ.लड़ सकती हूँ, का नारा दिया. महिला उठ गई है. जाग गई है. कह रही हैं मेरा हक़ दो. इसलिए आज नरेंद्र मोदी जी को भी झुकना पड़ा. मैं बहुत खुश हूँ.”
इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने का आरोप
प्रियंका गांधी ने बीजेपी सरकार पर अपने बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी का भी आरोप लगाया.
उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया, “फ़ोन टैपिंग छोड़िए. मेरे बच्चों के इंस्टाग्राम के अकांउट भी हैक कर रहे हैं.सरकार के पास और कुछ काम नहीं है, बताइए?”
इसके पहले रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर फ़ोन टैपिंग का आरोप लगाया था. प्रियंका गांधी ने उस दिन भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला किया था.
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ब्रेकिंग न्यूज़, आधार को वोटिंग कार्ड से जोड़ने वाला चुनाव सुधार संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास

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विपक्ष की आपत्तियों के बीच चुनाव सुधार संशोधन विधेयक 2021 राज्यसभा ने भी पास कर दिया है. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया. कई विपक्षी पार्टियाँ से स्टैंडिंग कमेटी में भेजने की बात कर रही थी. लेकिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ये पहले ही स्टैंडिंग कमेटी में जा चुका है और फिर से इसकी मांग करना विपक्ष का दोहरा चरित्र दिखाता है.
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इस विधेयक के तहत आधार को वोटर कार्ड से जोड़ने का प्रस्ताव है. एक दिन पहले लोकसभा में भी इस पर जमकर बहस हुई थी. कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने कहा था कि आधार निवास का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं. जबकि असदउद्दीन ओवैसी ने इसे निजता का उल्लंघन बताया था. इस बिल के तहत जन प्रतिनिधि क़ानून 1950 और जन प्रतिनिधि क़ानून 1951 में बदलाव का प्रस्ताव है. सरकार का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और फ़र्जी मतदान को रोकने के लिए आधार को वोटर आईडी से जोड़ने का प्रस्ताव है. फ़िलहाल ये सभी के लिए अनिवार्य नहीं है.
