पोलैंड और बेलारूस के बीच आख़िर किस बात पर विवाद है?

पूर्वी यूरोप के मुल्क पोलैंड और रूस के पड़ोसी मुल्क बेलारूस के बीच हिंसक संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है. पोलैंड ने चेतावनी दी है कि बेलारूस की ओर से सैकड़ों शरणार्थी यूरोपीय संघ में घुसने की कोशिश कर रहे हैं जिससे हालात बिगड़ सकते हैं.

लाइव कवरेज

पवन सिंह अतुल, मोहम्मद शाहिद and विभुराज

  1. AMU से LIVE: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के क्या हैं चुनावी मुद्दे? अलीगढ़ में उनसे बात कर रही हैं बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य (कैमरा: काशिफ सिद्दिकी)

  2. पोलैंड और बेलारूस के बीच आख़िर किस बात पर विवाद है?

    पोलैंड के प्रधानमंत्री मंगलवार को सीमा पर तैनात अपने देश के सैनिकों के साथ

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    पूर्वी यूरोप के मुल्क पोलैंड और रूस के पड़ोसी मुल्क बेलारूस के बीच हिंसक संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है. पोलैंड ने चेतावनी दी है कि बेलारूस की ओर से सैकड़ों शरणार्थी यूरोपीय संघ में घुसने की कोशिश कर रहे हैं जिससे हालात बिगड़ सकते हैं.

    सीमा पर ज़ीरो डिग्री से भी कम तापमान में खुले में मौजूद भीड़ ने सीमा पर लगी बाड़ को काटने की कोशिश की जिसके बाद पौलेंड ने बेलारूस से लगी सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया है. कुज़निका सीमा को बंद कर दिया गया है.

    पोलैंड के अलावा यूरोपीय संघ के दूसरे देशों लिथुआनिया, लातिविया वगैरह में भी हाल के दिनों में मध्य पूर्व और एशिया के दूसरे देशों से शरणार्थियों का रेला आ रहा है.

    कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन शरणार्थियों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. सीमा पार करने की कोशिश करनेवालों में बच्चे और औरतें भी शामिल हैं.

    कुज़निका में बोलते हुए पोलैंड के प्रधानमंत्री मैत्यूश मोरावेयत्सकी ने कहा कि सीमा पर पैदा हुई स्थिति के लिए बेलारूस के राष्ट्रपति अलेकजेंडर लुकाशेंको जिम्मेदार है, और वो हालात को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

    सीमा पर तैनात पोलैंड के सैनिक

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    उन्होंने कहा, "लुकाशेंको शासन आधुनिक युद्ध के दिनों में नागरिकों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है. हम इस नई रणनीति को देख रहे हैं. आप लोग यानी सैनिक इस नई तरह की पद्धित को हराने की आखिरी चौकी हो. हम जानते हैं कि इसकी योजना पूरी तरह से तैयार की गई है और ये हमारे मुल्क को कमज़ोर करने की कोशिश है."

    मोरावेयत्सकी ने कहा कि उन्हें यूरोपीय संघ का पूरी तरह से समर्थन हासिल है. उनका कहना था कि हमारी पूर्वी सीमा यूरोपीय संघ की सीमा भी है. बेलारूस ने इन आरोपों से इनकार किया है. उधर मॉस्को में बोलते हए रूस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव ने पूरे मामले के लिए पश्चिमी देशों को ज़िम्मेदार ठहराया.

    उन्होंने कहा, "इसके समाधान के लिए मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया जाए, साथ ही ये भी याद रखने की ज़रूरत है कि पूरी समस्य़ा शुरू कैसे हुई और कहां से. पश्चिमी देश मध्य पूर्व और अफ्रीका में अपने जीने के तौर तरीके और स्टैंडर्ड्स को थोपने की कोशिश करते रहे हैं और जब ये कामयाब नहीं हुआ है तो उन्होंने सैन्य कार्रवाईयां शुरू की हैं."

    रूस के विदेश मंत्री का कहना था क यूरोपीय संघ बेलारूस को उसी तरह की आर्थिक मदद दे जैसा उसने तुर्की को दिया था. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संस्था ने ऐसी स्थिति पर रोक लगाने की बात कही है जिसमें शरणार्थियों को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया जाए.

  3. जेनरल इलेक्ट्रिक अब तीन हिस्सों में बंट जाएगी

    जेनरल इलेक्ट्रिक अब तीन हिस्सों में बंट जाएगी

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    अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक अब तीन हिस्सों में बंट जाएगी.

    कंपनी के प्रमुख लॉरेंस गल्प ने एक बयान में कहा है कि तीनों अलग-अलग कंपनियां नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में काम करेंगी.

    जेनरल इलेक्ट्रिक की स्थाना 1800 में हुई थी और थॉमस एडिसन इसके सह-संस्थापक थे.

    साल 2007 के पहले ये अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनी हुआ करती थी.

    उसके बाद विश्लेषकों के अनुसार इसके मुनाफे में कमी आ गई है.

  4. तुलसी गौड़ा: जिन्हें लोग 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' कहते हैं

    वीडियो कैप्शन, तुलसी गौड़ा: जिन्हें लोग 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' कहते हैं

    तुलसी गौड़ा पर्यावरण को लेकर काम करती हैं. उम्र 77 बरस है. वो कर्नाटक से हैं. तुलसी गौड़ा को पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया है.

    कुछ लोग तुलसी को 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' भी कहते हैं. वजह- पौधों और जंगल की शानदार समझ.

    बीते छह दशकों से सक्रिय तुलसी 30 हज़ार से ज़्यादा पौधे लगा चुकी हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, जब तुलसी दो बरस की थीं तब उनके पिता दुनिया से चल बसे.

    मां के साथ नर्सरी में पेड़-पौधों से जुड़ा काम करने से शुरू हुआ सफ़र 70 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद भी जारी है.

    ऐसे वक्त में जब धरती बचाने के लिए दुनिया के नेता एकजुट हो रहे हैं और जानकार नेताओं की कथनी-करनी के फर्क को उजागर कर रहे हैं. तब भारत के एक गांव की तुलसी की कहानी और सम्मान, उम्मीद जगाता है.

  5. विराट कोहली ने क्यों कहा कि वे खेल नहीं पाएँगे, अगर....

    विराट कोहली

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    भारत की क्रिकेट टीम इस साल के टी-20 विश्व कप से बाहर हो गई है. भारत सेमी फ़ाइनल में भी जगह नहीं बना पाया. अपने आख़िरी ग्रुप मैच में भारत ने नामीबिया को नौ विकेट से मात दी.

    इसके साथ ही टी-20 कप्तान के रूप में विराट कोहली का सफ़र भी ख़त्म हो गया है. विश्व कप से पहले ही विराट कोहली ने घोषणा कर दी थी कि वे विश्व कप के बाद टी-20 में कप्तानी छोड़ देंगे.

    मैच के बाद विराट कोहली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टी-20 में टीम की कप्तानी छोड़ने का ये सही समय है. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कोहली ने कहा, "सबसे पहले तो राहत महसूस कर रहा हूँ. लेकिन चीज़ों को सही परिप्रेक्ष्य में रखना होगा."

    विश्व कप में भारत के सेमी फ़ाइनल में न पहुँच पाने के कारण विराट कोहली को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. वैसे तो कोहली ने अपनी कप्तानी में भारत को कई यादगार जीत दिलाई है, लेकिन वे किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में बतौर कप्तान कोई ख़िताब नहीं जीत पाए.

    कोहली ने कहा कि ये अपने काम के दबाव को मैनेज करने का सही समय है. उन्होंने कहा कि छह-सात साल से काफ़ी क्रिकेट मैच हुए है और हर बार जब आप मैदान में उतरते हैं, तो ये आपसे बहुत कुछ लेता है.

  6. गोवा: क्यों है बीजेपी के गढ़ पर ममता बनर्जी की नज़र

    ममता बनर्जी

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    महाराष्ट्र में इन दिनों राजनीतिक मुद्दों से अलग आर्यन ख़ान, समीर वानखेड़े और नवाब मलिक की वजह से ज़्यादा हलचल देखने को मिल रही है. इसके उलट महाराष्ट्र के पड़ोसी राज्य गोवा में कुछ ज़्यादा ही राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है.

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी बीते गुरुवार को ढाई दिन के दौरे पर गोवा पहुंची. उनके इस दौरे ने बीजेपी शासित इस राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. माना जा रहा है कि इसका असर निकट भविष्य की राजनीति को भी प्रभावित करेगा.

    धीरे धीरे पूरे देश का ध्यान चुनावों की हलचल पर केंद्रित हो जाएगा, क्योंकि आने वाले महीनों में देश के सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश सहित कई और राज्यों में चुनाव होने वाले हैं.

    गोवा में भी अगले साल चुनाव होने वाले हैं. इसे देखते हुए राज्य से बाहर की वो पार्टियां, जो राष्ट्रीय पार्टी होने का दावा करती हैं, वो भी यहां की राजनीति में कूद पड़ी हैं.

  7. पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोप में गिरफ़्तार कश्मीरी छात्रों का मामला कहाँ तक पहुँचा?

    भारत-पाकिस्तान क्रिकेट

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    उत्तर प्रदेश के आगरा में बीती 24 अक्टूबर को पाकिस्तान से भारत की हार का जश्न मनाने के आरोप में गिरफ़्तार तीन कश्मीरी छात्रों को अभी तक ज़मानत नहीं मिल पाई है.

    इनकी गिरफ़्तारी के बाद ख़ुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके कहा था, "पाक की जीत का जश्न मनाने वालों पर देशद्रोह लगेगा."

    गिरफ़्तार छात्र आगरा के राजा बलवंत सिंह (आरबीएस) इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं. अर्शद यूसुफ़ और इनायत अल्ताफ़ शेख़ इंजीनियरिंग के तीसरे साल के छात्र हैं और शौकत अहमद ग़नी चौथे साल के छात्र हैं.

    तीनों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153A, 505(1)(b) और आईटी एक्ट, 2008 की धारा 66F के तहत मामला दर्ज किया गया. एफ़आईआर में कहा गया है कि इन तीनों ने देश विरोधी नारे लगाए और अराजकता फैलाने की कोशिश की, जिससे माहौल ख़राब होने की आशंका पैदा हुई.

    मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद उनके ख़िलाफ़ देशद्रोह की कारवाई की जा रही है.

  8. हरेकाला हजाब्बा: पैरों में चप्पल नहीं पर हाथों में पद्मश्री सम्मान

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    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम के लिए लोगों को पद्म सम्मानों से नवाज़ा.

    2020 के लिए 119 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. इनमें से 7 लोगों को पद्मविभूषण, 10 को पद्मभूषण और 102 को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया. मंगलवार को साल 2021 के लिए 141 लोगों को पद्म पुरस्कार दिए गए.

    पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर 25 जनवरी को की जाती है. और पुरस्कार अप्रैल में दिए जाते हैं पर कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 के पुरस्कार तय समय पर नहीं दिए जा सके थे.

    इसलिए 2020 और 2021 दोनों साल के पद्म विजेताओं का एक साथ सम्मान किया गया. सोमवार को साल 2020 के लिए जिन लोगों को पद्म सम्मान दिए गए, उनमें से कइयों की पृष्ठभूमि बेहद साधारण हैं.

    लेकिन इनके हौसले और इनका काम इन्हें असाधारण लोगों की पांत में खड़ा कर देता है. ऐसे ही लोगों में से एक हैं कर्नाटक के हरेकाला हजाब्बा.

  9. बीजेपी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को ख़ास ट्रीटमेंट मिलने की वजह

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    दो साल बाद बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में रविवार को हुई. कोविड महामारी की वजह से ये बैठक 'हाइब्रिड मोड' में आयोजित की गई.

    यानी कुछ नेता दिल्ली में एक जगह एकत्रित हुए, तो कुछ नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बैठक में शामिल हुए.

    एजेंडा अगले साल की शुरुआत में पाँच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर केंद्रित था.

    लेकिन जिस तरह से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैठक के दौरान दिल्ली में मौजूद थे और कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव रखा, उससे नई चर्चा को तूल मिल रही है.

  10. भोपाल के अस्पताल में आगः परिजन का आरोप-बच्चों को छोड़ भाग गए कर्मचारी

    भोपाल के अस्पताल में लगी आग में कई नवजातों की जानें गईं

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    रेखा यादव भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल के बाहर अपने रिश्तेदारों के साथ बैठी हुई हैं. उन्हें पता चला है कि उनके पुत्र अंकुश यादव और बहु रचना यादव की जुड़वा बच्चियों में से एक की मौत हो चुकी है और दूसरी बच्ची के बचने की संभावना लगभग 10 प्रतिशत है.

    दोनों जुड़वा बच्चियों का जन्म शहर के एक निजी अस्पताल में सोमवार की सुबह हुआ था. उसके बाद उन्हें शहर के सरकारी कमला नेहरू अस्पताल में रखा गया था लेकिन देर रात उनमें से एक बच्ची की मौत अस्पताल में लगी आग की वजह से हो गई.

    रेखा यादव ने बताया, "हम लोग दरवाज़े पर खड़े थे उसी वक़्त यह आग लगी और भगदड़ मच गई. डॉक्टर मैडम वहां से फौरन चली गईं. हम अंदर घुसे लेकिन धुएं की वजह से कुछ भी नहीं दिख रहा था. देर रात हमें बताया गया कि हमारी दो बच्चियों में से एक अब इस दुनिया में नहीं रही वहीं दूसरी बच्ची के बचने की संभावना बहुत कम है."

    अंकुश यादव और रचना यादव की शादी हुए लगभग दो साल हुए थे उसके बाद उनको ये जुड़वा बच्चियां हुई थीं लेकिन उनकी खुशी 24 घंटे भी नहीं रह पाई.

    परिवार अब कमला नेहरू अस्पताल के बाहर इस बात का इंतज़ार कर रहा है कि बच्चियों को उन्हें सौंप दिया जाएगा.

  11. भारत में अफ़ग़ानिस्तान पर सिक्योरिटी डायलॉग से पहले तालिबान नेताओं का पाकिस्तान दौरा

    अजित डोभाल

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    एक तरफ़ जहां भारत में अफ़ग़ानिस्तान के मामले पर सुरक्षा सलाहकारों की बुधवार से बैठक शुरू हो रही है, वहीं तालिबान शासन के विदेश मंत्री सीनियर प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्की ने कहा है कि विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुतक्क़ी के नेतृत्व में जा रहा प्रतिनिधिमंडल रिश्तों को और बेहतर बनाने, अर्थव्यवस्था, लोगों की आवाजाही के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने और शरणार्थियों के मामलों पर बातचीत करेगा.

    दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के बाद चीन ने भी कल से दिल्ली में अफगानिस्तान को लेकर हो रही वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है.

    अब्दुल क़हर बल्क़ी के ट्वीट के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में तालिबान सरकार के वित्त और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे.

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    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पिछले सप्ताह काबुल का दौरा किया था. हालांकि पाकिस्तान ने तालिबान की सरकार को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के इस्लामाबाद स्थित दूतावास में तालिबान द्वारा नियुक्त अधिकारी तैनात हैं.

    कुछ यही स्थिति पेशावर, कराची और क्वेटा में मौजूद अफ़ग़ानिस्तान के वाणिज्य दूतावासों में भी है. पाकिस्तानी अख़बार डॉन ने एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से कहा है कि ये दौरा बहुत अहम होगा क्योंकि आमिर खान मुतक्की तालिबानी व्यवस्था में बहुत अहम स्थान रखते हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री का ये दौरा इमरान ख़ान सरकार और तहरीके तालिबान पाकिस्तान के बीच युद्धविराम को लेकर हुए समझौते के ठीक दूसरे दिन हो रहा है. इस समझौते में तालिबान के सिराजुद्दीन हक़्कानी धड़े ने बहुत अहम भूमिका अदा की थी. तहरीके तालिबान ने पुष्टि की है कि युद्ध विराम शुरुआती दिनों में एक माह के लिए लागू होगा.

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    पाकिस्तान के सूचना मंत्री फव्वाद चौधरी ने कहा है, " टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने कहा है कि बातचीत को जारी रखने के लिए वार्ता कमेटी तैयार की जाएगी. दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर शांति समझौते को आगे भी बढ़ाया जा सकता है."

    हथियार बंद प्रतिबंधित संगठन तहरीके तालिबान अफ़ग़ानिस्तान से सेट पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों में मज़बूत रहा है और उसने पाकिस्तान में सैकड़ों हमले किए हैं. इसमें साल 2014 में सेना द्वारा चलाया जानेवाला स्कूल भी शामिल था. उस हमले में 132 बच्चों की मौत हो गई थी.

    साल 2012 में मलाला युसुफज़ई पर किए गए हमले की ज़िम्मेदारी भी तहरीके तालिबान ने ली थी. हालांकि इस समझौते को लेकर पाकिस्तान में विशेषज्ञों का कहना है कि ये उसकी छवि पर ख़राब असर डालेगा और उससे पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरपंथी समूहों को बढ़ावा मिलेगा.

    भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल की अध्यक्षता में होनेवाली बैठक में अफगानिस्तान में हाल के बदले हालात और उससे उपजे सुरक्षा के हालात पर चर्चा होगी. वार्ता में चर्चा होगी कि इन चैलेंज से किस तरह निपटा जाए. बैठक में रूस और ईरान के अलावा अफगानिस्तान की सीमा से लगे पांच मध्य एशियाई देश हिस्सा ले रहे हैं.

  12. रोहित शर्मा टी-20 टीम के कप्तान, 16 खिलाड़ियों का एलान

    रोहित शर्मा

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    भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच 17 नवंबर से शुरू हो रही ट्वेंटी-20 सिरीज़ के लिए टीम का एलान कर दिया गया है.

    बीसीसीआई के मुताबिक सेलेक्टर्स ने टीम की कमान तेज़ तर्रार ओपनर रोहित शर्मा के सुपुर्द की है. वो विराट कोहली की जगह लेंगे.

    कोहली ने एलान किया था कि वो ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप के बाद इस फॉर्मेट में टीम की कप्तानी नहीं करेंगे.

    ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हार झेलनी पड़ी थी और टीम सेमी फ़ाइनल में जगह नहीं बना सकी.

    विराट कोहली को आराम दिया गया है.

    विराट कोहली

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    वर्ल्ड कप टीम में शामिल रहे रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, हार्दिक पांड्या और वरुण चक्रवर्ती को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ सिरीज़ में मौका नहीं दिया गया है.

    न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ के लिए चुनी गई टीम में रोहित शर्मा के अलावा 15 अन्य खिलाड़ियों को मौका मिला है.

    केएल राहुल टीम के उपकप्तान हैं. इनके अलावा रितुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत और ईशान किशन (विकेटकीपर), वेंकटेश अय्यर, युजवेंद्र चहल, आर अश्विन, अक्षर पटेल, अवेश ख़ान, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, हर्षल पटेल और मोहम्मद सिराज को जगह दी गई है.

    सिरीज़ का पहला मैच 17 नवंबर को जयपुर में, दूसरा मैच 19 नवंबर को रांची में और तीसरा मैच 21 नवंबर को कोलकाता में खेला जाएगा.

  13. चुनाव को हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाना चाहते हैं सपा-बीजेपी: मायावती

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    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आरोप लगाया है कि यूपी की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी आने वाले विधानसभा ‘चुनाव को हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाना चाहते हैं.’

    मायावती ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में कोई अंतर नज़र नहीं आता. उन्होंने कहा, “ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.”

    मायावती ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी की रणनीति का एलान करते हुए कहा, “बीएसपी किसी पार्टी के साथ चुनावी समझौता नहीं करेगी.”

    उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने कई छोटे दलों के साथ गठबंधन किया है.

    भारतीय जनता पार्टी ने भी कई क्षेत्रीय दलों को अपने साथ जोड़ा है. किसी दल के साथ गठजोड़ से इनकार करने वाली मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के गठबंधन किया था.

    हालांकि, चुनाव के बाद दोनों पार्टियां अलग हो गई थीं. मायावती प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर भी सरकार चला चुकी हैं.

    मायावती ने कहा, “हम समाज के सभी वर्गों के लोगों को साथ लाने के लिए उनके साथ समझौता कर रहे हैं. ये स्थाई गठजोड़ है. हम किसी पार्टी के साथ गठजोड़ नहीं करना चाहते हैं.”

    मायावती ने कहा कि चुनाव को करीब देखकर बीजेपी और दूसरे विरोधी दलों ने राज्य के लोगों को लुभाने के लिए ‘ड्रामा शुरू कर दिया है.‘

    उन्होंने कहा, “हकीकत ये है कि बीजेपी की केंद्र और प्रदेश सरकारों ने बीते डेढ़- दो महीने के दौरान परियोजनाओं की घोषणा की है और अधूरे काम का उदघाटन किया है, ये सब चुनाव तक जारी रहेगा.”

    मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव को लेकर जो वादे कर रही है, लोग उन पर आसानी से भरोसा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने अपने 50 फ़ीसदी वादे भी किए होते तो उन्हें सत्ता से बाहर नहीं होना पड़ता.

  14. रवि शास्त्री की टीस और राहुल द्रविड़ की चुनौती

    रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़

    इमेज स्रोत, Tony Marshall/Michael Steele-ICC/Getty Images

    ''मैं इस समय बड़ा सुकून महसूस कर रहा हूँ.'' यह कहना था भारत के विराट कोहली का, जब वह टी-20 विश्व कप में नामीबिया के ख़िलाफ़ टी-20 में कप्तान के रूप में अंतिम बार मैदान में उतरे.

    ठीक उसी समय कैमरा पवेलियन में बैठे भारत के हेड कोच और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री के चेहरे पर गया. वे कुछ उदास से दिखाई दिए. उनकी बग़ल में भारत के ही पूर्व कप्तान और इस विश्व कप में भारतीय टीम के मेंटॉर महेंद्र सिंह धोनी भी बैठे थे. उनका चेहरा सपाट था लेकिन शास्त्री और धोनी के चेहरे पर इस विश्व कप में सेमी फ़ाइनल में ना पहुँचने की टीस साफ़ देखी जा सकती थी.

    यह संयोग ही कहा जा सकता है कि विराट कोहली कप्तान के तौर पर टीम से विदाई ले रहे थे, तो रवि शास्त्री का कार्यकाल भी कोच के रूप में पूरा हो रहा था. उनकी जगह भारत के पूर्व कप्तान और नेशनल क्रिकेट एकेडमी के चेयरमैन रहे राहुल द्रविड़ कोच की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.

    नामीबिया के ख़िलाफ़ भारत के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया. नामीबिया ने 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 132 रन बनाए. भारत ने जीत का लक्ष्य केएल राहुल के नाबाद 54 और रोहित शर्मा के 56 रनों की मदद से 15.2 ओवर में केवल एक विकेट खोकर हासिल कर लिया. सूर्यकुमार यादव 25 रन बनाकर नाबाद लौटे.

  15. छठ पर्व के लिए दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में सरकारी छुट्टी का एलान

    छठ पूजा

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    छठ पर्व को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राज्य सरकारों ने छुट्टी का एलान किया है.

    भारत में छठ पर्व मनाया जा रहा है. मंगलवार को व्रत करने वालों ने खरना पूजा की.

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को छठ पूजा के मौके पर आम लोगों को बधाई देते हुए कहा कि ये त्योहार सूर्य देव और प्रकृति के साथ हमारे संबंधों की एक आद्वितीय अभिव्यक्ति है.

    राष्ट्रपति ने कहा कि छठ पूजा देश में मनाए जाने वाले सबसे पुराने त्योहारों में से एक है. उन्होंने कहा, "इसका महत्व डूबते सूर्य को अर्घ्य देने में है. श्रद्धालु दिन के दौरान कठोर उपवास करने के बाद त्योहार की समाप्ति पर नदियों और तालाबों के पानी में पवित्र स्नान करते हैं."

    राष्ट्रपति ने भारत और विदेशों में रहने वाले सभी देशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा, "यह त्योहार प्रकृति के साथ हमारे शाश्वत संबंधों को मजबूत करे जिससे हमें अपने पर्यावरण की रक्षा करने में मदद मिलेगी."

  16. पद्मश्री हरेकाला हजाब्बा जिन्होंने कैसे फल बेच शिक्षा की अलख जगाई

    हरेकाला हजाब्बा

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    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम के लिए लोगों को पद्म सम्मानों से नवाज़ा.

    2020 के लिए 119 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. इनमें से 7 लोगों को पद्मविभूषण, 10 को पद्मभूषण और 102 को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया. पद्म पुरस्कार देने का यह समारोह इस बार दो दिनों तक चलना है. मंगलवार को साल 2021 के लिए 141 लोगों को पद्म पुरस्कार दिए जाने हैं.

    पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर 25 जनवरी को की जाती है. और इसे अप्रैल में दिए जाते हैं पर कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 के पुरस्कार तय समय पर नहीं दिए जा सके थे. इसलिए 2020 और 2021 दोनों साल के पद्म विजेताओं का एक साथ सम्मान किया जा रहा है.

    सोमवार को साल 2020 के लिए जिन लोगों को पद्म सम्मान दिए गए, उनमें से कइयों की पृष्ठभूमि बेहद मामूली हैं. लेकिन इनके हौसले और इनका काम इन्हें असाधारण लोगों की पांत में खड़ा कर देता है. ऐसे ही लोगों में से एक हैं कर्नाटक केहरेकाला हजाब्बा.

  17. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली के साथ.

    आज के कार्यक्रम में सुनिए-

    पोलैंड और बेलारूस में हथियारबंद झड़प की स्थिति, पोलैंड की सीमा पर शून्य से कम तापमान में सैकड़ों शरणार्थी मौजूद,

    रूस ने पश्चिमी देशों को ठहराया ज़िम्मेदार अफगानिस्तान पर दिल्ली में सुरक्षा सलाहकारों की बैठक,

    उधर, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री कल होगें पाकिस्तान में.

    पाकिस्तान में क्यों कर रहे हिंदू ख़ुदकुशी

    आशा का गलियारा करतारपूर कारिडोर ने क्या तनावों को जन्म दिया है

    और मध्य प्रदेश के भोपाल में आग लगने से चार बच्चों की मौत

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  18. ताइवान: चीन कर सकता हमारे यातायात लिंक्स की नाकेबंदी, लगातार बढ़ा रहा है सैन्य क्षमता

    त्साई इंग-वेन

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    ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि चीन, ताइवान यातायात के लिंक्स, प्रमुख बंदरगाहों और हवाई अड्डों को अवरुद्ध करने में सक्षम है.

    चीन और ताइवान के बीच हाल दिनों बढ़ते तनाव के बीच ताइवान की ओर से ये आकलन आया है.

    ताइवान हमेशा ही चीनी हमले के ख़तरे में रहता है. चीन लोकतांत्रिक ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है जिसे दोबारा चीन में शामिल किया जाना है.

    चीन के मुताबिक अगर इसके लिए बल प्रयोग करना पड़े तो भी वो करेगा. त्साई इंग-वेन के ताइवान का राष्ट्रपति बनने के बाद चीन ने ताइवान पर पहले से कहीं अधिक दवाब बनाना शुरू कर दिया है.

    इसकी प्रमुख वजह ये है कि त्साई ताइवान को स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश कहती हैं. वे चीन की ‘वन चाइना पॉलिसी’ की पक्षधर नहीं हैं.

    ताइवान के रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार मंगलवार को जारी ताइवान के रक्षा मंत्रालय की द्विवार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन लगातार अपनी हवाई, समुद्री और अपनी सैन्य क्षमताओं को ताइवान के विरुद्ध इस्तेमाल करने के लिए मज़बूत कर रहा है.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि उन क्षमताओं में "हमारे महत्वपूर्ण बंदरगाहों, हवाई अड्डों और देश के बाहर जाने वाली उड़ानों के खिलाफ नाकेबंदी, संचार की हमारी हवाई और समुद्री लाइनों को काटना" भी शामिल है.

    रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि चीन बैलिस्टिक और क्रूज वेरिएंट समेत अपनी मिसाइलों से ताइवान पर हमला करने में सक्षम है.

    चीन के आक्रामक रुख़ के बाद पिछले महीने भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि चीन के साथ उनके रिश्ते बीते चार दशक में सबसे अधिक तनाव के दौर से गुज़र रहे हैं.

  19. पंजाब के एटॉर्नी जनरल का इस्तीफ़ा मंज़ूर, सिद्धू इन्हें हटाने पर अड़े थे

    चरणजीत सिंह चन्नी

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    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ऐलान किया है कि पंजाब के एटॉर्नी जनरल एपीएस देओल का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया गया है.

    पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि जब तक देओल को नहीं हटाया जाता वे पार्टी की कमान नहीं संभालेंगे.

    आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू ने एक साझा प्रेसवार्ता को संबोधित किया. इस दौरान सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि एटॉर्नी जनरल एपीएस देओल का इस्तीफ़ा स्वीकार लिया गया है.

    27 सितंबर को ठीक उस समय जब पंजाब के नए मंत्री अपने नए विभागों का कार्यभार संभाल रहे थे, नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफ़ा ट्विटर पर शेयर कर राज्य की राजनीति मे हडकंप मचा दिया था.

    दो दिन बाद उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर के इस्तीफ़ा देने के कारणों को स्पष्ट किया और बताया कि वो नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में की गई "दागी" अधिकारियों और नेताओं की नियुक्तियों से नाराज़ हैं.

    देओल भी उन लोगों में शामिल थे जिनकी नियक्ति सिद्धू को नहीं भाई थी.

  20. कार्टून: तो हो जाए एक और मैच