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केरल में बाढ़ से हालात गंभीर, कम से कम छह लोगों की मौत

कई जगहों पर भूस्खलन होने की ख़बरें है. स्थिति से निपटने के लिए कम से कम दो जिलों में एनडीआरएफ़ की 11 टीमों को तैनात किया गया है और सेना की मदद ली जा रही है

लाइव कवरेज

  1. केरल में बाढ़ से हालात गंभीर, कम से कम छह लोगों की मौत

    इमरान क़ुरैशी

    बेंगलुरू से, बीबीसी के लिए

    केरल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण गंभीर हालात पैदा हो गए हैं. शनिवार को राहत और बचाव कार्य के लिए वहां सेना को तैनात किया गया है.

    बाढ़ के कारण अब तक कम से कम छह लोगों के मारे जाने की ख़बर है. कई जगहों पर भूस्खलन होने की भी ख़बर है. स्थिति से निपटने के लिए कम से कम दो जिलों में एनडीआरएफ़ की 11 टीमों को तैनात किया गया है और सेना की मदद ली जा रही है

    राज्य के राजस्व मंत्री राजन के ने बीबीसी से कहा, "सेना और एनडीआरएफ़ की सभी टुकड़ियों को तिरुवनंतपुरम और कोट्टयम ज़िले में तैनात किया गया है."

    दक्षिणी एयर कमांड के तहत सभी बेस को अलर्ट पर रखा गया है और बचाव और राहत कार्यों को संचालित करने के लिए मौसम के स्थिर होने का इंतज़ार किया जा रहा है, ताकि राहत और बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टरों को भेजा जा सके.

    रक्षा जनसंपर्क कार्यालय ने कहा कि एक अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड अधिकारी और सेना के 30 अन्य रैंक के सैनिकों को पहले ही पैंगोड सैन्य स्टेशन से सभी ज़रुरी उपकरणों के साथ कोट्टयम जिले के कंजीरापल्ली भेज दिया गया है.

    कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने लिखा है कि इडूकी, पथनमथिट्टा, त्रिसूर और कोट्टयम बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाके हैं.

    विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरण ने भी कहा है कि हालात को देखते हुए एनडीआरएफ़ और सेना की मदद ली जा रही है.

    मुरलीधरण ने शनिवार को एक ट्वीट में लिखा, “तेज़ बारिश के कारण आई बाढ़ और तबाही से केरल की हालत चिंताजनक बनी हुई है. दुख की इस घड़ी में लोगों के साथ खड़ा हूं. एनडीआरएफ़ और सेना केरल सरकार की हरसंभव मदद करेगी."

    "ज़िला प्रशासन को लोगों को नीचे के इलाकों में ले जाना चाहिए. लोगों से गुज़ारिश है कि वो अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें. हम स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं.”

    मौसम विभाग का कहना है कि केरल के नज़दीक दक्षिण पूर्वी अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है जिससे कारण शनिवार को राज्य में भारी बारिश हुई.

    मौसम विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडू, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाक़ों में 17 अक्तूबर को भी भारी बारिश हो सकती है. विभाग ने मछुआरों को समंदर में न जाने की चेतावनी दी है.

    अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद पांच जिलों में रेड अलर्ट और सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

  2. आसियान के फ़ैसले पर म्यांमार का जवाब- आसियान के सिद्धांतों को कमज़ोर किया जा रहा है

    म्यांमार के सैन्य प्रमुख को आसियान के सम्मेलन में न बुलाए जाने के फ़ैसले पर म्यांमार ने कहा इस फ़ैसले से आसियान के सिद्धांतों को कमज़ोर किया जा रहा है.

    म्यांमार की सत्ता के प्रवक्ता जनरल ज़ॉ मिन टुन ने बीबीसी बर्मा सेवा से कहा कि आयिसान ने मिलजुल कर फ़ैसला लेने के अपने सिद्धांत को खुद ही बदल दिया है. साथ ही अधिक जवाब डाल कर दूसरे सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के की नीति को भी तोड़ा गया है.

    ज़ॉ मिन टुन का इशारा हाल में अमेरिका और आसियान देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक की तरफ था. साथ ही वो यूरोपीय संघ की तरफ से डाले जा रहे दवाब की बात भी कर रहे थे.

    हालांकि उन्होंने कहा कि म्यांमार इस स्थानीय संगठन से सदस्याता वापस नहीं लेगा.

    इससे पहले दक्षिण पूर्व एशिया देशों के संगठन आसियान ने जनरल मिन ऑन्ग ह्लाइंग की जगह म्यांमार से एक गैर-राजनीतिक प्रतिनिधी को न्योता भेजने पर सहमति जताई थी.

    ये एक बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि आमतौर पर दस देशों का ये समूह किसी सदस्य देश के मामलों में दखल नहीं देता है.

    आसियान का कहना है कि सेना ने म्यांमार में हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, जम्मू-कश्मीर में चरमपंथी हमले में दो मज़दूरों की मौत

    कश्मीर ज़ोन पुलिस के मुताबिक़ श्रीनगर और पुलवामा में हुए चरमपंथी हमलों में दो मज़दूरों की मौत हो गई है. दोनों मज़दूर दूसरे राज्यों से थे.

    पुलिस का कहना है कि श्रीनगर में एक चरमपंथी हमले में बिहार के बांका के अरविंद कुमार शाह की मौत हो गई और पुलवामा में यूपी के सहारनपुर के सागिर अहमद की मौत हो गई.

    कश्मीर के आईजीपी विजय कुमर के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा है कि अरविंद कुमार श्रीनगर के ईदगाह इलाक़े में गोलगप्पे बेचा करते थे.

    इलाकों को घेर लिया गया है और हमलावरों की खोज जारी है.

    हमले की निंदा करते हुए जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा, “रेहड़ी पर दुकान लगाने वाले दो लोगों की हमले में मौत की मैं निंदा करती हूं. इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं इस बात की ओर इशारा है कि बातचीत शुरू कर जम्मू-कश्मीर के लोगों तक पहुंचने की तत्काल आवश्यकता है.”

  4. बीबीसी इंडिया बोल, 16 अक्टूबर 2021, महंगाई से जनता त्रस्त, क्या करे सरकार?

  5. कोविड: पहली बार रूस में एक दिन में 1,000 मौतें

    शनिवार को एक दिन में रूस में कोविड के कारण एक हज़ार मौतें दर्ज की गईं.

    कोरोना महामारी के शुरू होने के बाद पहली बार रूस में एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत कोविड से हुई है. हालांकि देश में बीते एक सपताह से कोरोना संक्रमण का दर लगातार बढ़ रही थी.

    सरकार का कहना है कि रूसी नागरिक टीकाकरण नहीं करवा रहे हैं जिस कारण संक्रमण बढ़ रहा है. लोगों में टीके को लकेर भरोसे की कमी है. इस वजह से अब तक केवल एक तिहाई से कम लोगों को ही टीका लगाया जा सका है.

    शनिवार को रूस में कोरोना संक्रमण के 33,000 मामले दर्ज किए गए.

    अब तक रूस में कोरोना के कारण 222,000 लोगों की मौत हो चुक है. मौतों के मामले में यूरोप में रूस सबसे आगे है.

    रूस सरकार ने अब तक कोरोना के कारण सख्त पाबंदियां लगाई हैं. सरकार का कहना है कि वो अर्थव्यवस्था की गति को किसी हालत में धीमा नहीं करना चाहती.

    सरकार की कोशिश है कि वो टीकाकरण पर अधिक ध्यान दे.

    सरकारी प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, "संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और ऐसे में लोगों को ये बताना ज़रूरी है कि टीका उनके बचाव के लिए है और उन्हें टीका ज़रूर लगवाना चाहिए. अगर आप टीका न लगवाएं तो आप मौत का जोखिम ले रहे हैं."

    हालांकि सरकार का कहना है देश की स्वास्थ्य व्यवस्था अच्छी है कोरोना के बढ़ते मामलों से जूझने के लिए तैयार है.

    इधर स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा डॉक्टरों से अपील की है कि कोविड के डर के कारण जो डॉक्टर अपनी प्रैक्टिस छोड़ चुके हैं वो कोरोना का टीका लगवाएं और काम पर वापस आ जाएं.

  6. म्यांमार: तख्तापलट करने वाले सेना के जनरल आसियान सम्मेलन में नहीं होंगे शामिल

    फ़रवरी में म्यांमार में तख्तापलट करने वाले सेना के जनरल को इस महीने होने वाली दक्षिण पूर्व एशिया देशों के सम्मेलन में शामिल नहीं किया जाएगा.

    दक्षिण पूर्व एशिया देशों के संगठन आसियान ने जनरल मिन ऑन्ग ह्लाइंग की जगह म्यांमार से एक गैर-राजनीतिक प्रतिनिधी को न्योता भेजने पर सहमति जताई है.

    ये एक बड़ा कदम है क्योंकि आमतौर पर दस देशों का ये समूह किसी सदस्य देश के मामलों में दखल नहीं देता है.

    आसियान ने कहा कि सेना ने म्यांमार में हिंसा को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए.

    अगस्त में जनरल मिन ऑन्ग ह्लाइंग ने खुद को देश का प्रधानमंत्री घोषित कर दिया था और कहा था कि देश में आपातकाल जारी रहेगा क्योंकि सेना और विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है.

    आसियान ने एक बयान जारी कर कहा कि शुक्रवार को हुई विदेश मंंत्रियों के एक आपात बैठक में इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका सेना को म्यांमार का प्रतिनिधित्व करने देना चाहिए या नहीं.

    हालांकि इस सम्मेलन में म्यांमार से किसे बुलाया जाएगा, ये जानकारी अभी नहीं दी गई है.

    आसियान की बैठक 26 से 28 अक्तूबर को होनी है.

  7. अफ़ग़ानिस्तान: तुर्की ने की तालिबान नेताओं से अहम बैठक, किन मुद्दों पर हुई बातचीत

    अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी और नैटो सेनाओं की वापसी के बाद पहली बार अंकारा में तुर्की के विदेश मंत्री और तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री की अहम बैठक हुई.

    गुरुवार को हुई इस बैठक में तुर्की ने अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम तालिबान सरकार पर समावेशी सरकार बनाने के लिए ज़ोर दिया.

    बैठक के बाद तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुत चोवाशुग्लू ने बताया कि अफ़ग़ानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी बैठक में अफ़ग़ानिस्तान में समावेशी सरकार के गठन और अफ़गान महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों पर चर्चा की गई.

    समाचार एजेंसी एपी के अनुसार तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट को टालने के लिए तालिबान को समर्थन देने को तैयार है लेकिन वो उनकी सरकार को मान्यता नहीं देगा.

    विदेश मंत्री चोवाशुग्लू ने कहा, “हमने उन्हें कहा कि देश की एकता के लिए समावेशी सरकार बनाना ज़रूरी है. हमने उनसे फिर से लड़कियों व बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को कामकाज में शामिल करने को लेकर बात की.”

    अफ़ग़ान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुताक़ी कर रहे थे.

    इधर अफ़ग़ानिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल क़हर बाल्क़ी ने बताया कि इस्लामिक अमीरात के प्रतिनिधिमंडल ने राजनयिक संबंधों, मानवीय सहायता और तुर्की व अफ़ग़ानिस्तान के बीच हवाई यात्रा शुरू करने पर चर्चा की.

    प्रवासी संकट पर चर्चा

    बैठक में दोनों नेताओं के बीच संभावित 'प्रवासी संकट' को लेकर भी चर्चा हुई है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार तालिबान ने तुर्की को भरोसा दिलाया है कि वो अफ़ग़ानिस्तान से पलायन कर तुर्की में बसे अफ़ग़ानों को वापस आने में मदद करेगा.

    तुर्की पहले ही क़रीब 36 लाख प्रवासियों का ठिकाना है. इनमें से अधिकतर सीरिया से जान बचा कर निकले लोग हैं. तुर्की को आशंका है कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े के बाद वहां से प्रवासियों की एक लहर शुरू हो सकती है.

    तुर्की ने पहले ही कहा है कि वो और प्रवासियों को अपने यहां पनाह देने के लिए तैयार नहीं है.

    तुर्की नेटो देशों के समूह का सदस्य है और अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के कब्ज़े के बाद जब दुनिया के अधिकतर पश्चिमी मुल्कों ने काबुल के अपने दूतावास बंद कर दिए हैं तब भी तुर्की ने काबुल का अपना दूतावास बनाए रखा है.

    विदेश मंत्री मेव्लुत चोवाशुग्लू ने अफ़ग़ानिस्तान की वित्तीय परिसंपत्तियां बहाल करने पर ज़ोर दिया.

    उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्थी ढहनी नहीं चाहिए और जिन देशों ने अफ़ग़ान सरकार की संपत्तियों को फ्रीज़ किया है उन्हें थोड़ा लचीलापन दिखाना चाहिए.

    तुर्की पहले भी कह चुका है कि दुनिया के मुल्कों को तालिबान से चर्चा जारी रखने की ज़रूरत है.

  8. अमेरिका ने की अफ़ग़ानिस्तान में ड्रोन हमले में मारे गए लोगों के परिवार की मदद की पेशकश

    अफ़ग़ानिस्तान के क़ाबुल में अगस्त में हुए एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे एक दस लोगों के परिवार को अमेरिका की सरकार ने वित्तीय मदद देने की पेशकश की है.

    इस ड्रोन हमले में एक सहायता समूह से जुड़े कार्यकर्ता और उनके परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई थी. इनमें सात बच्चे शामिल थे .पेंटागन ने कहा है कि वो परिवार के बचे हुए लोगों को मदद पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं.

    ये हमला अमेरिकी सेना के अफ़ग़ानिस्ततान छोड़ने से कुछ दिनों पहले किया गया था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जनरल केनेथ मेकेंज़ी ने पिछले महीने बताया था कि अमेरिकी खुफ़िया विभागों ने 29 अगस्त को उस कार्यकर्ता की गाड़ी को आठ घंटे तक आईएस-के से संबंधित लड़ाके की गाड़ी समझ कर ट्रैक किया था.

  9. सोनिया गांधी ने ख़ुद को बताया पूर्णकालिक अध्यक्ष, जी-23 नेताओं को इशारों में दिया संदेश

    कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने साफ़तौर पर कहा है कि वो पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हैं.

    सोनिया गांधी ने कहा, “अगर आप मुझे कहने दें तो मैं कांग्रेस की पूर्णकालिक अध्यक्ष हूं... मैंने हमेशा स्पष्टता को सराहा है. मुझसे मीडिया के ज़रिए बात करने की ज़रूरत नहीं है.”

    दिल्ली स्थिति कांग्रेस मुख्यालय में आज कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई जिसमें सोनिया गांधी ने पार्टी में सवाल उठा रहे नेताओं को जवाब दिया है.

    इस दौरान उन्होंने पार्टी के हितों को सर्वोपरी रखने और अनुशासन बनाए रखने की सलाह भी दे डाली.

    कांग्रेस में बार-बार अध्यक्ष का मुद्दा उठता रहता है. जी-23 नेता (वे 23 नेता जिन्होंने पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी) कांग्रेस के पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव की मांग करते रहे हैं. हाल ही में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि पार्टी में फ़ैसले कौन ले रहा है ये सभी को पता भी है और नहीं भी.

    सोनिया गांधी ने कहा, “पूरा संगठन कांग्रेस को फिर से खड़ा करना चाहता है. लेकिन इसके लिए एकता की और पार्टी के हितों को सबसे ऊपर रखने की ज़रूरत है. इससे सबसे ज़्यादा स्व-नियंत्रण और अनुशासन की ज़रूरत है.’’

    ‘’मैं इस बात से भली-भांति परिचित हूं कि 2019 में जब से सीडब्ल्यूसी ने मुझे इस ज़िम्मेदारी पर वापस आने के लिए कहा है तब से मैं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष हूं. इसके बाद हम 30 जून को एक नियमित अध्यक्ष चुनने के लिए रोडमैप तैयार करने वाले थे लेकिन कोविड की दूसरी लहर के कारण इसे समयसीमा को बदलना पड़ा."

    "आज फिर से सबकुछ स्पष्ट करने का मौका है. सांगठनिक चुनाव का एक पूरा कार्यक्रम आपके सामने है. महासचिव वेणुगोपाल जी बाद में आपको इस पूरी प्रक्रिया के बारे में बता देंगे.”

    बीजेपी पर निशाना

    सोनिया गांधी ने अंत में कहा, “मैंने हमेशा स्पष्टता को सराहा है. मुझसे मीडिया के ज़रिए बात करने की ज़रूरत नहीं है. आईए, हम सब स्वतंत्र और ईमानदार चर्चा करते हैं. लेकिन, इस कमरे की चारदीवारी से बाहर क्या कहा जाएगा ये सीडब्ल्यूसी का सामूहिक निर्णय होगा.”

    इसके अलावा सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले दो सालों से हमारे सहकर्मी, खासतौर से युवा, लोगों तक पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को पहुंचाने के लिए नेतृत्व में अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं.

    अपने संबोधन में उन्होंने कृषि क़ानूनों, लखीमपुर खीरी की घटना, अर्थव्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना की.

    साथ ही आने वाले विधानसभा चुनावों पर भी बात की और कहा कि इसकी तैयारियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं. हमारे सामने कई चुनौतियां हैं लेकिन अगर हममें एकता और अनुशासन है और हम पार्टी के हित पर ध्यान दे रहे हैं तो हम ज़रूर अच्छा करेंगे.

  10. भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए पेश किया प्रस्ताव

    भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया है.

    यह मसौदा आईएसए और संयुक्त राष्ट्र के बीच नियमित सहयोग प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास को लाभ पहुँचेगा.

    यह मसौदा प्रस्ताव क़ानूनी प्रश्नों से संबंधित महासभा की छठी समिति के समक्ष पेश किया गया.

    अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से 2015 में पेरिस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (COP21) के 21वें सम्मेलन में शुरू किया था.

    आईएसए का उद्देश्य इसके सदस्य देशों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख चुनौतियों का साथ मिलकर समाधान निकलना है.

    संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरूमूर्ति ने शुक्रवार को इस मसौदे की घोषणा की.

    उन्होंने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के लिए एक और मील का पत्थर. भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए यूएनजीए में मसौदा प्रस्ताव पेश किया. मैंने कहा कि आईएसए न्यायसंगत और समान ऊर्जा समाधान की दिशा में अपने प्रयासों के माध्यम से हरित ऊर्जा कूटनीति के नए युग की शुरुआत करेगा.’’

    टीएस तिरूमूर्ति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि महासभा में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को पर्यवेक्षक का दर्जा देने से गठबंधन और संयुक्त राष्ट्र के बीच एक नियमित और अच्छी तरह से परिभाषित सहयोग प्रदान करने में मदद मिलेगी जिससे वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास को लाभ होगा.

    इस अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के करीब 80 सह प्रायोजक देश भी हैं.

  11. ईरान ने अफ़ग़ानिस्तान में मस्जिद पर हमले में शिया-सुन्नी की बात उठाई

    अफ़ग़ानिस्तान के कंधार शहर में एक शिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए धमाके की ईरान ने कड़ी निंदा की है.

    बीबी फ़ातिमा मस्जिद में हुए इस धमाके में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है. घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में ज़मीन पर लाशें बिछी पड़ी थीं और खिड़कियां टूटी हुई थीं जबकि बाक़ी लोग मदद की कोशिश कर रहे थे.

    मस्जिद में काफ़ी भीड़ थी, जब आत्मघाती हमलावरों ने यह धमाका किया. इस्लामिक स्टेट समूह ने बयान जारी करके हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

    ईरान ने हमले को लेकर बयान जारी करते हुए इसे सीधे-सीधे शिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा बताया है और अपील की है कि इसे रोका जाना चाहिए.

  12. पाकिस्तान में 10 रुपए और महंगा हुआ पेट्रोल और डीज़ल

    पाकिस्तान में एक बार फिर से पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाए गए हैं. इस बार पेट्रोल और डीज़ल में 10 रुपये से ज़्यादा की बढ़ोतरी की गई है.

    पेट्रोल के दाम में 10.49 रुपए और हाई स्पीड डीज़ल (एचएसडी) के दाम में 12.44 रुपए बढ़ाए गए हैं.

    इसके साथ ही पेट्रोल के दाम बढ़कर 137.79 रुपए और एचएसडी के 122.04 रुपए हो गए हैं.

    इस घोषणा से एक दिन पहले ही सरकार ने बिजली की कीमत में 1.39 रुपए का इज़ाफ़ा किया था जो अगले महीने से लागू होगा.

    वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक केरोसीन तेल की क़ीमत 10.95 रुपए प्रति लीटर और लाइट स्पीड डीज़ल की कीमत 8.84 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी गई है.

    बढ़ोतरी के बाद केरोसीन के दाम 110.26 रुपये और लाइट स्पीड डीज़ल के 108.35 रुपए हो गए हैं.

    अधिसूचना में लिखा है, “वर्तमान में तेल की क़ीमतें क़रीब 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं जो अक्टूबर 2018 से अब तक सबसे ज़्यादा है.”

    मंत्रालय ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों से ऊर्जा संबंधी उत्पादों की मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने से कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है.

    मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोलियम लेवी और बिक्री कर को कम से कम रखकर सरकर ने इस दबाव को खुद वहन किया है और उपभोक्ताओं को ज़्यादा से ज़्यादा राहत दी है.

  13. सऊदी अरब में अब पूरी तरह से खुलेंगी मक्का और मदीना की दो मस्जिदें

    सऊदी अरब ने मक्का और मदीना में स्थित दो मस्जिदों को रविवार तक पूरी तरह खोलने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम हटाने का फैसला किया है.

    सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक इन मस्जिदों में अब उनकी पूरी क्षमता के अनुसार लोग आ सकेंगे.

    लेकिन, वैक्सीन की दोनों डोज़ लगा चुके लोगों को ही मस्जिद में प्रवेश की अनुमति होगी. साथ ही उन्हें मास्क लगाना और उमराह ट्रैकिंग ऐप इस्तेमाल करना ज़रूरी है.

    कोरोना वायरस संक्रमण के ख़तरे को देखते हुए सऊदी अरब में धार्मिक स्थलों पर प्रवेश को लेकर कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे. लेकिन, अब इन नियमों में ढील दी जाएगी.

    सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि रविवार से कोविड-19 से जुड़े दूसरे प्रतिबंधों में भी ढील दी जाएगी. वैक्सीन की दोनों डोज़ ले चुके लोगों को सभाओं में जाने की अनुमति होगी और मास्क लगाने को लेकर कुछ ढील दी जाएगी.

    मंत्रालय के मुताबिक पूरी तरह से वैक्सीनेट हो चुके लोगों के लिए सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाना अनिवार्य नहीं होगा. हालांकि, बंद जगहों और तवाकालना ट्रेसिंग ऐप की निगरानी में ना आने वालीं जगहों पर मास्क लगाना ज़रूरी होगा.

    सोशल डिस्टेंसिंग के नियम भी हटाए जाएंगे और तवाकालना ट्रेसिंग ऐप की निगरानी में आने वालीं सार्वजनिक जगहों, वाहनों, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल और अन्य सभाओं को पूरी क्षमता के साथ चलने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, ये अनुमति पूरी तरह से वैक्सीनेट हो चुके लोगों के लिए ही होगी.

    सऊदी अरब में अब तक लगभग 67 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है.

  14. अफ़ग़ानिस्तान: कंधार की मस्जिद के अंदर बम धमाका

  15. शेख हसीना ने कहा, भारत प्रतिक्रिया को लेकर सतर्क रहे

  16. ब्रिटेन: पुलिस ने सांसद सर डेविड की हत्या को बताया आतंकवादी वारदात

    ब्रिटेन में कंज़र्वेटिव पार्टी के सांसद सर डेविड अमेस की हत्या को पुलिस ने आतंकवादी हमला बताया है.

    साउथेंड वेस्ट से सांसद सर डेविड जब ले-ऑन-सी के एक चर्च में लोगों से मुलाक़ात कर रहे थे तब उन पर एक शख़्स ने चाकू से हमला कर दिया. उन्हें चाकू से कई वार किए गए.

    मेट्रोपॉलिटिन पुलिस के बताया कि इसके इस्लामिक चरमपंथ से जुड़े होने की आशंका है.

    हत्या के संदेह में घटनास्थल से एक 25 साल के ब्रितानी शख़्स को भी गिरफ़्तार किया गया है.

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और वो इस समय लंदन के दो पतों की तलाश कर रहे हैं.

    पुलिस का मानना है कि उस शख़्स ने अकेले इस घटना को अंजाम दिया है लेकिन घटना की परिस्थितियों को लकर जांच की जा रही है.

    सरकारी सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि वो शख़्स ब्रितानी नागरिक है. शुरुआती जांच में उसके सोमाली होने का पता चला है.

    सर डेविड पर जब हमला हुआ तो वे आम लोगों से मिल रहे थे.

    पुलिस के मुताबिक़ चाकू मारने की घटना की जानकारी मिलने के कुछ ही देर बाद वो घटनास्थल पर पहुंची. लेकिन उनके पहुंचने से पहले मौक़े पर ही सर डेविड की मौत हो गई थी.

    सर डेविड की हत्या के बाद गृह मंत्री प्रीति पटेल ने पुलिस को सांसदों की सुरक्षा के इंतजामों की तुरंत समीक्षा करने के आदेश दिए.

    प्रीति पटेल ने कहा कि ये हत्या ‘‘लोकतंत्र पर एक संवेदनहीन हमला है. हमारे देश के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं.”

  17. नमस्कार! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज में आपका स्वागत है. हम आपको यहाँ दिन भर की बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 15 अक्टूबर, शुक्रवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिककर सकते हैं.