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लखीमपुर जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को सीतापुर में हिरासत में लिया गया है. वहीं, किसानों ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके प्रशासन के सामने तीन मांगें रखी हैं.
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यूपी के लखीमपुर खीरी में प्रदर्शनकारी किसानों की मौत के मामले में सोमवार सुबह किसानों ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके दावा किया है कि ‘केंद्रीय राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के बेटे ने किसानों को गोली मारी है.’
वहीं लखीमपुर जा रहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को सीतापुर में हिरासत में लिया गया है.
भारतीय किसान यूनियन नेता के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का दावा है कि उन्होंने ‘एक घायल युवा को स्वस्थ रूप से पुलिस प्रशासन को सौंपा था लेकिन बाद में उसका शव बरामद हुआ है.’
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके तीन मांगें की है.
पहली मांग में किसानों ने अजय मिश्रा को मंत्री पद से बर्ख़ास्त करने को कहा है.
दूसरी मांग में केंद्रीय मंत्री के पुत्र को गिरफ़्तार करने को कहा है.
तीसरी मांग मारे गए लोगों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवज़े देना के लिए कहा गया है.
चौथी मांग में कहा गया है कि मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि उनकी कमिटी ने यह फ़ैसला लिया है कि जब तक यह मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक मारे गए लोगों के शवों को लखीमपुर खीरी से नहीं उठाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि हर ज़िले की तहसील और मुख्यालयों में किसान प्रदर्शन के लिए तैयार हैं, अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे.
लखीमपुर खीरी में रविवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे जिस दौरान यह घटना हुई. इस घटना में पांच लोगों की मौत हुई है.
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि इस घटना के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के बेटे ज़िम्मेदार हैं जबकि केंद्रीय मंत्री का कहना है कि उनके बेटे प्रदर्शन स्थल पर ही नहीं थे.
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तुर्की और ईरान के साथ लंबे समय से चले आ रहे तल्ख रिश्तों के बीच किसी भी नई टकराव की स्थिति को बातचीत के माध्यम से संभालने की कोशिश कर रहा है.
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गार्गश ने शनिवार को एक सम्मेलन में ये बताते हुए कहा कि उनका देश कोविड-19 के बाद अपने अर्थव्यवस्था की दशा को सुधारने में लगा है.
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लेकर अमेरिकी प्रतिबद्धता और अमेरिका-चीन के मंडराते शीत युद्ध को लेकर चिंता रही है.
खाड़ी देश यूएई के चीन के साथ आर्थिक और अमेरिका के साथ मजबूत सैन्य रिश्ते रहे हैं. फिलहाल यूएई, ईरान और वैश्विक शक्तियों के बीच 2015 के परमाणु समझौते को लेकर बातचीत और अमेरिकी सेना के अफ़ग़ानिस्तान से लौट जाने के बाद तालिबान की वहां की सत्ता में वापसी पर नज़र बनाए हुए है.
अनवर गार्गश ने कहा, "हम आने वाले वक़्त में देखेंगे कि अमेरिका के क़दमों से इस क्षेत्र में वास्तव में क्या हो रहा है. मुझे नहीं लगता कि अभी हमें पता है लेकिन अफ़ग़ानिस्तान निश्चित रूप से एक चुनौती है और निश्चित रूप से यह चिंताजनक स्थिति है."
विश्व नीति सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हमें अपने क्षेत्र में बेहतर तरीक़े प्रबंधन की ज़रूरत है क्योंकि यहां ख़ालीपन है और जब भी ऐसी स्थिति पैदा होती है तो परेशानी होती है."
ईरान और तुर्की के साथ जुड़कर यूईए इस क्षेत्र में तनाव को कम करना चाहता है, जो यमन, लीबिया और इस क्षेत्र के अन्य क्षेत्रों के संघर्ष में इन देशों के प्रभाव को नियंत्रित करने की दिशा में कभी आगे बढ़ा था.
गार्गश ने कहा कि तुर्की ने हाल ही में मिस्र, ब्रदरहुड और सऊदी अरब और अन्य देशों के साथ अपनी नीतियों का पुनःपरीक्षण किया है, जो स्वागतयोग्य है और मुझे लगता है कि हम बीच रास्ते में हैं और इसे विस्तार देना बहुत ज़रूरी है.
उन्होंने कहा, "हम जो उनसे कह रहे हैं उसे लेकर तुर्की बहुत सकारात्मक है. लेकिन क्या मैं इस बात को लेकर बहुत सकारात्मक हूं कि ईरान भी अपनी स्थिति बदलेगा? तो मेरा कहना है कि हां मैं यथार्थवादी हूं. मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि ईरान भी इस ख़ालीपन और स्थिति की गंभीरता को लेकर चिंतित है."
राष्ट्रपति के सलाहकार ने कहा, "कोरोना महामारी ने ग़ैर-राजनीतिक प्राथमिकताओं को सबसे आगे रख दिया है और अब सबसे बड़ी चिंता अमेरिका और चीन को लेकर है. हम सभी मंडराते शीत युद्ध को लेकर चिंतित हैं. यह हम सब के लिए बुरी ख़बर है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में किसी एक का चुनाव करना ही समस्या है और मुझे नहीं लगता कि यह आसान होने जा रहा है."
इसराइल के सरकारी प्रसारक 'कान' के मुताबिक इसराइली प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट ने 3 अक्टूबर को कहा कि अरब समुदायों में चल रहे हिंसक अपराध "हद" को पार कर गए हैं और "बहुत ख़तरनाक स्तर " तक पहुंच गए हैं.
'कान' के मुताबिक बेनेट अरब-इजरायल शहरों में अपराध से निपटने के लिए गठित एक मंत्रिस्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.
बेनेट ने कहा, "इस समस्या को नज़रअंदाज किया गया."
उन्होंने कहा कि वह "अरब समुदाय में अपराध और हिंसा पर युद्ध में अरब समुदाय से पूर्ण सहयोग" की उम्मीद करते हैं.
बीबीसी मॉनिटरिंग के मुताबिक स्थानीय मीडिया ने हाफ़िया में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई, जो अरब हत्याकांड का सौवां शिकार है. स्थानीय मीडिया में अरब-इसराइली समुदाय में चल रही हिंसा की ख़बरें छप रही हैं.
बीबसी मराठी के पत्रकार मयंक भागवात ने जानकारी दी है कि आर्यन ख़ान और उनके साथ अरबाज़ मर्चेंट और मुममुन धमेचा को एक दिन की एनसीबी की रिमांड में भेज दिया है यानी ये तीनों अभियुक्त चार अक्तूबर तक रिमांड में रहेंगे.
कोर्ट में आर्यन ख़ान के वकील ने कहा एनसीबी को आर्यन ख़ान के पास से ड्रग्स नहीं मिले हैं.
वहीं एनसीबी का दावा है कि उनके पास से ड्रग बरामद किए गए हैं, अब एनसीबी ख़ान को सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी और कल ही उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी.
एनसीबी ने शनिवार (2 अक्टूबर) आधी रात को मुंबई में एक क्रूज पर छापा मारा था.
एनसीबी मुंबई के निदेशक समीर वानखेड़े ने जानकारी दी है कि इस मामले में आर्यन खान की जांच की जा रही है.
एनसीबी ने मामले में आर्यन खान समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है, इनमें आर्यन समेत तीन की गिरफ़्तारी की गई थी.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में विरोध प्रदर्शन के दौरान दो किसानों समेत पांच लोगों की मौत के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
उन्होंने कहा, "लखीमपुर खीरी में हुई घटना बहुत ही दुखद है. इस घटना ने सरकार के क्रूर और अलोकतांत्रिक चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है. किसान आंदोलन को दबाने के लिए सरकार किस हद तक गिर सकती है, सरकार और सरकार में बैठे लोगों ने आज फिर बता दिया. लेकिन सरकार भूल रही है कि अपने हक के लिए हम मुगलों और फिरंगियों के आगे भी नहीं झुके. सरकार किसान के र्धर्य की और परीक्षा न ले. किसान मर सकता है पर डरने वाला नहीं है. सरकार होश में आए और किसानों के हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करे."
उन्होंने कहा, "किसानों से अपील है कि शांति बनाएं रखें, जीत किसानों की ही होगी. सरकार होश में ना आई तो भाजपा के एक भी नेता को घर से नहीं निकलने दिया जाएगा."
इससे पहले लखीमपुर खीरी के ज़िलाधिकारी डॉक्टर अरविंद चौरसिया नेबीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र को पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया कि दो लोगों की गाड़ी से कुचलकर और तीन लोगों की गाड़ी पलटने से मौत हो गई.
लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का परियोजनाओं के लोकार्पण करने का कार्यक्रम था, उसके बाद गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र के पैतृक गांव में एक कार्यक्रम में उनको शामिल होना था.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पांच की मौत.
मुंबई के करीब एक क्रूज़ पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का छापा, अभिनेता शाहरूख ख़ान के बेटे आर्यन भी शिकंजे में.
पश्चिम बंगाल उपचुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी का दबदबा, भवानीपुर से सीएम ने दर्ज की बड़ी जीत.
ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियान ने 'अपने अच्छे पड़ोसी अज़रबैजान को ज़्यादा से ज़्यादा मदद' करने की पेशकश है ताकि उसे इसराइल का अखाड़ा बनने से रोका जा सके.
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए की दो अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक़ हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियान सरकारी टेलीविजन नेटवर्क वन टीवी पर हाल के हफ़्तों में ईरान और अज़रबैजान के तनावपूर्ण संबंधों पर बोल रहे थे.
ईरान और अज़रबैजान के बीच संबंधों में उस वक़्त कड़वाहट आ गई जब अज़रबैजान ने दो ईरानी ट्रक ड्राइवरों को गिरफ़्तार कर लिया. इन ट्रक ड्राइवरों पर ये आरोप लगाया गया था कि उन्होंने आर्मीनिया के कापन और गोरिस शहर को जोड़ने वाली सड़क के उस हिस्से का इस्तेमाल किया था, जिस पर अज़रबैजान का नियंत्रण है.
इस घटना के बाद ईरान ने अज़रबैजान की सीमा पर बड़े स्तर का एक सैन्य अभ्यास किया. उसने कहा कि इस युद्धाभ्यास का मक़सद इसराइली एजेंटों और इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों को संदेश भेजना था, जिनके बारे में उसका मानना है कि वे उत्तर पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में खुफिया तरीके से सक्रिय हैं.
हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियान ने कहा, "क्षेत्र के बदलते हालात को लेकर हम सतर्क हैं और ईरान ने अज़रबैजान को ईमानदारी से ये बताया है कि वे इन गतिविधियों पर एहतियात के साथ नज़र रखे हुए हैं. क्षेत्रीय सीमाओं में किसी भी किस्म का बदलाव हमारे लिए अस्वीकार्य है. ये सच है कि इन गतिविधियों के पीछे विदेशी ताक़तें, यहूदी और चरमपंथी सक्रिय हैं. वे इस क्षेत्र को अस्थिर करना चाहते हैं. हम ईरान के अच्छे पड़ोसी अज़रबैजान की ज़्यादा से ज़्यादा मदद करना चाहते हैं कि ताकि वो किसी ट्रैप में न फंसे और ये इलाका इसराइल का अखाड़ा न बन जाए. इससे अंतरराष्ट्रीय सीमा में कोई बदलाव भी नहीं होगा."
न्यूयॉर्क सिटी के क्वींस इलाक़े के 'लिटिल इंडिया' में अधिकतर दक्षिण एशियाई प्रवासी रहते हैं. यहां ये हर रोज़ की तरह एक व्यस्त दिन है. लेकिन अल नूर मीट मार्केट में थोड़ी ख़ामोशी है. ये 73वीं स्ट्रीट पर एक हलाल मीट शॉप है.
ग्राहकों के न आने की वजह कोविड नहीं बल्कि मांस के दाम हैं जो हाल के महीनों में अमेरिका में काफ़ी बढ़ चुके हैं.
दुकान पर कसाई का काम करने वाले 36 वर्षीय शकील अंजुम कहते हैं कि थोक बाज़ार में बकरे के गोश्त का दाम प्रति पौंड (453.59 ग्राम) 8 डॉलर से बढ़कर 10 डॉलर हो गया है जबकि बीफ़ का दाम 5 डॉलर से बढ़कर 6 डॉलर हो गया है.
शकील अंजुम कहते हैं, "जब दाम बढ़ते हैं तो लोग कम खाते हैं, दुकान ने अपने दाम कम रखे हैं ताकि कुछ ग्राहक आएं फिर भी काम बहुत मंदा है."
दुकान पर काम करने वाले 50 वर्षीय रज़ा जावेद कहते हैं कि बड़े मांस सप्लायर इसके लिए ज़िम्मेदार हैं.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में चल रहे किसान आंदोलन में दो किसानों समेत पांच की मौत हो गई है.
लखीमपुर के ज़िलाधिकारी डॉक्टर अरविंद चौरसिया नेबीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्रसे बातचीत में इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने बताया कि दो लोगों की गाड़ी से कुचलकर और तीन लोगों की गाड़ी पलटने से मौत हो गई.
लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का परियोजनाओं के लोकार्पण करने का कार्यक्रम था, उसके बाद गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र के पैतृक गांव में एक कार्यक्रम में उनको शामिल होना था.
ये जानकारी मिलने पर किसान नेता डिप्टी सीएम को काले झंडे दिखाने को लेकर इकट्ठा हुए थे.
पेट्रोल और डीज़ल के दाम रविवार को एक बार फिर बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए.
लेकिन सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों ने बढ़े हुए दाम का पूरा बोझ आम लोगों पर नहीं डाला है, जो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सरकार ने कहा है कि देश में कहीं भी ब्रिटेन जैसे हालात नहीं हैं, जहां कई पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी हो गई है.
पेट्रोल की कीमतें लगातार तीसरे दिन 25 पैसे बढ़ी हैं, वहीं डीज़ल की कीमतों में 30 पैसे का इज़ाफ़ा हुआ है.
इसके साथ ही दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.39 रुपये प्रति लीटर हो गई है और मुंबई में 108.43 रुपये प्रति लीटर.
डीज़ल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर दिल्ली 90.77 रुपये और मुंबई में 98.48 रुपये हो गई हैं.
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में एक मस्जिद के बाहर विस्फोट की रिपोर्टें मिल रही हैं.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, धमाके में में 'कई लोगों के मरने' की ख़बर है.
तालिबान के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने ट्विटर पर बताया कि काबुल की ईदगाह मस्जिद के प्रवेश द्वार पर ये धमाका हुआ है.
रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि मस्जिद के भीतर ज़बिहुल्लाह मुजाहिद की मां का फातिहा पढ़ा जा रहा था.
LIVE: मुंबई में एक क्रूज़ पर आधी रात को हुई छापेमारी में शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान समेत आठ लोग हिरासत में लिए गए हैं. आरोप है कि क्रूज़ पर ड्रग्स पार्टी हो रही थी. मुंबई में एनसीबी दफ़्तर से ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी मराठी सेवा के मयांक भागवत. कॅमरा - शाहिद शेख
उत्तर कोरिया ने रविवार को एक बयान जारी कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अपनी मिसाइल कार्यक्रम की आलोचना करने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है.
शुक्रवार को एक बंद कमरे में हुई आपातकालीन बैठक के दौरान, फ्रांस ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव सामने रखा था और बैलिस्टिक मिसाइल फायरिंग पर प्रतिबंध लगाने वाले परिषद के प्रस्तावों को पूरी तरह से लागू करने का आह्वान किया गया था.
रविवार को, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी, जो चोल सु ने संयुक्त राष्ट्र परिषद को चेतावनी देते हुए कहा कि "कि बेहतर होगा कि वो समझ लें कि उत्तर कोरिया की संप्रभुता पर कब्ज़े की कोशिश करने का भविष्य पर क्या असर होगा."
सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित इस बयान में संयुक्त राष्ट्र पर "दोहरे मापदंड" अपनाने का आरोप भी लगाया गया और कहा गया कि यूएन अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा किये जाने वाले ऐसे ही हथियारों के परीक्षण का मुद्दा समान रूप से नहीं उठाता.
छह महीने के अंतराल के बात उत्तर कोरिया ने सिंतबर में फिर से मिलाइल परीक्षण शुरू किए हैं.
उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण
13 सितंबर को उत्तर कोरियाई मीडिया ने कहा था कि रक्षा विज्ञान अकादमी ने 11 और 12 सितंबर को "नई प्रकार की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों" का परीक्षण किया है.
कथित तौर पर नई क्रूज मिसाइलों ने अंडाकार और आठ की आकृति के उड़ान पैटर्न में दो घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरी. सरकारी मीडिया ने दावा किया कि यह मिसाइल 1500 किमी दूर लक्ष्य को मारने में सक्षम है.
उस घोषणा के दो दिन बाद उत्तर कोरिया ने एक नई "रेलवे बोर्न मिसाइल रेजिमेंट" (ऐसी मिसाइल जो चलती हुई ट्रेन से दागी जा सके) का परीक्षण किया, जिसमें एक मोडिफ़ाइड ट्रेन से मिसाइलों को लॉन्च किया गया.
28 सितंबर को उत्तर कोरिया ने नई ह्वासोंग-8 हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया. जहां उत्तर कोरिया अपने नए मिसाइल सिस्टम का परीक्षण कर रहा है, वहीं दक्षिण कोरिया अपने स्वदेशी हथियारों पर से पर्दा हटा रहा है.
"भवानीपुर में ममता बनर्जी की जीत कोई मुद्दा नहीं थी. हमारा लक्ष्य था जीत के अंतर को बढ़ाना और भवानीपुर से पूरे देश को संदेश देना. टीएमसी को इसमें भारी कामयाबी मिली है. अब हमारा लक्ष्य वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को दिल्ली की कुर्सी से हटाना है. वही असली जीत होगी."
पहले दिन से ही भवानीपुर में ममता के चुनाव अभियान का जिम्मा संभालने वाले तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने उपचुनाव के नतीजे के एलान के बाद ये बात कही.
उधर, रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल करने के बाद ममता ने कहा, "भवानीपुर के लोगों ने नंदीग्राम की साज़िश का जवाब दे दिया है."
टीएमसी नेता की इस टिप्पणी ने पार्टी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एजेंडा साफ कर दिया है. भवानीपुर सीट पर रिकॉर्ड जीत दर्ज कर ममता ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
महज 57 फीसदी मतदान के बावजूद उन्होंने इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को करीब 59 हजार वोटों के अंतर से पराजित कर दिया है.
ताइवान ने कहा कि है शनिवार को उसके रक्षा वायु क्षेत्र में 39 चीनी सैन्य विमानों ने उड़ान भरी. ये चीन से आया अभी तक का सबसे बड़ा बेड़ा था.
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि विमान दो खेप में आए, पहले दिन में और फिर शाम में. शुक्रवार को 38 विमान इस ज़ोन में घुसे थे जिनमें परमाणु क्षमता वाले विमान भी शामिल थे. चीन ताइवान को ख़ुद से अलग हुआ हिस्सा मानता है लेकिन ताइवान खुद को एक संप्रभू राज्य मानता है.
ताइवान पिछले एक साल के चीनी विमानों के लगातार घुसपैठ की शिकायत कर रहा है. ताइवान के प्रीमियर सू-सेंग-शांग ने शनिवार को पत्रकारों से कहा, "चीन बेवजह लगातार सैन्य आक्रमण में लगा हुआ है और इलाके में शांति को नुकसान पहुंचा रहा है."
चीन की सरकार ने इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दिन में 20 चीनी एयरक्राफ्ट आए और रात में 19 विमान सीमा के अंदक घुसे.
'एयर डिफेंस आइडेंटिफ़िरकेशन ज़ोन' देश की सीमा के बाहर होता है लेकिन सुरक्षा के नज़रिएये से वहां विदेशी विमानों की पहचान कर मॉनिटर और कंट्रोल किया जाता है .
यह स्व-घोषित होता और तकनीकी रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र के अंतरगर्त आता है. शुक्रवार को ऐसी ही एक घटना ताइवान और फिलिफिंस के बीच समुद्र में भी ऐसी ही घटना हुई है. तालिबान ने अपने विमान भेजकर और मिसाइल सिस्टम को तैनात कर जवाब दिया.
असम पुलिस ने शनिवार शाम को कांग्रेस विधायक शेरमान अली अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल विधायक अहमद ने 1983 में विदेशियों के खिलाफ हुए असम आंदोलन के दौरान दरंग जिले में जान गंवाने वाले आठ असमिया युवकों के लिए कथित तौर पर 'अपमानजनक बयान' दिया था.
असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने विधायक अहमद को गुवाहाटी के दिसपुर स्थित उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार करने की बात कही है.
एक जानकारी के अनुसार विधायक के खिलाफ सभी आरोप गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किए गए है. असल में कांग्रेस विधायक अहमद एक वीडियो क्लिप में कथित तौर पर ये कहते हुए दिख रहें है कि दरंग जिले के चालखोवा में 1983 की हिंसा के दौरान मारे गए आठ लोग "शहीद" नहीं थे, बल्कि "हत्यारे" थे, क्योंकि वे मिया समुदाय के कई अन्य लोगों की मौत के लिए भी जिम्मेदार थे.
उन्होंने कथित तौर पर यहां तक कहा कि मिया समुदाय ने "खुद को बचाने" के लिए आठ असमिया युवकों की हत्या की थी. असम में बंगाली मूल के मुसलमानों को मिया कहा जाता है.
विधायक अहमद ने दरंग जिले के 3 नंबर धौलपुर गांव में 23 सितंबर को एक बेदखली अभियान के दौरान हुई हिंसा में मारे गए दो लोगों की मौत के संदर्भ में बात करते हुए यह विवादित बयान दिया था.
असम में बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के नेतृत्व 1979 से छह साल तक चले असम आंदोलन के दौरान 855 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी जिन्हें जातीय शहीद घोषित किया गया.
विधायक अहमद के इस विवादित बयान का राज्य में कड़ा विरोध करते हुए कई संगठनों ने उनके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कई प्राथमिकी दर्ज करवाई है.
उनकी अपनी पार्टी कांग्रेस ने राज्य में उप-चुनाव से पहले उनके "सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ" बयानों के लिए शुक्रवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उनसे तीन दिनों में जवाब मांगा था.
असल में असम की पांच विधानसभा सीटों के लिए इसी महीने 30 अक्टूबर को उप-चुनाव होने है. लिहाजा चुनाव से ठीक पहले विधायक अहमद के इस विवादित बयान को राजनीतिक जानकार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देख रहें है.
इससे पहले भी बरपेटा जिले के बाघबर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए अहमद कई विवादित बयान दे चुके है.
विधायक अहमद ने असम की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए बने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में नदी तटीय चर इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए "मिया संग्रहालय" स्थापित करने की बात कही थी.
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को फिर से पंजाब के पुलिस प्रमुख और महाधिवक्ता की मांग की है.
उन्होंने एक ट्वीट किया, "बेअदबी के मामलों में न्याय की मांग और नशीली दवाओं के व्यापार के मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर 2017 में हमारी सरकार चुनकर आई. पिछले सीएम को उनकी विफलता के कारण, लोगों ने हटाया. अब, एजी/डीजी की नियुक्तियां पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़क रही हैं, उन्हें बदला जाना चाहिए नहीं तो हम लोगों को अपने चेहरा नहीं दिखा पाएंगे."
सिद्धू की मांग मुख्यमंत्री से मुलाकात के दिन बाद आई है. ये इशारा है कि सिद्धू अभी भी पार्टी से खुश नहीं हैं.
सिद्धू ने इन्हीं मुद्दों को लेकर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया
था, हालांकि उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं हुआ.
तुर्की और रूस के संबंध किसी से दबे-छिपे नहीं हैं. ऐसा माना जाता है कि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन अगर ध्यान से देखें तो ये संबंध केवल व्यापार और पर्यटन में देखने को ही मिलते हैं.
इन संबंधों में हक़ीक़त ये दिखाई देती है कि कई मोर्चों पर तुर्की और रूस एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
तुर्की ने जब एस-400 मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम रूस से लेने की घोषणा की थी तो अमेरिका समेत नेटो ने उसे ऐसा न करने को कहा था.
यहाँ तक कि अमेरिका ने तुर्की के रक्षा उद्योगों पर भी कुछ पाबंदियां लगा दी थीं लेकिन तुर्की ने घोषणा की थी कि उसे ऐसा करने से कोई नहीं रोक सकता है.
तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैयप अर्दोआन ने कहा था कि कोई भी देश उनको एस-400 मिसाइल न ख़रीदने को लेकर हुक्म नहीं दे सकता है.
औरतों को हर महीने पीरियड्स होते हैं. रिप्रोडक्टिव एजग्रुप 15 से 45 साल की उम्र तक माना जाता है. कभी-कभी एक या दो साइकल ऐसे होते हैं, जो थोड़े भारी होते हैं.
हेवी पीरियड्स या मेनोरेजिया के कारण क्या होते हैं और इसका इलाज क्या है? विस्तार से बता रही हैं डॉक्टर देविका चोपड़ा.