अफ़ग़ान सीमा पर पाकिस्तानी सेना और अफ़ग़ानियों के बीच झड़प

अफ़ग़ानिस्तान से सटी सीमा पर पाकिस्तान की ओर सैकड़ों की तादाद में फंसे अफ़ग़ानियों और पाक सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के बीच गुरुवार को झड़प हो गई.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, कमलेश मठेनी, रजनीश कुमार and अपूर्व कृष्ण

  1. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान: किस बात पर एकमत हैं भारत, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका

  2. अफ़ग़ान सीमा पर पाकिस्तानी सेना और अफ़ग़ानियों के बीच झड़प

    पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर झड़प

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    अफ़ग़ानिस्तान से सटी एक अहम सीमा पर पाकिस्तान की ओर सैकड़ों की तादाद में फंसे अफ़ग़ानियों और पाक सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के बीच गुरुवार को झड़प हुई है.

    स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में जाने का इंतज़ार कर रहे एक 56 वर्षीय व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत होने के बाद गुरुवार को चमन-स्पिन बोल्डर क्रॉसिंग पर अशांति फैल गई.

    प्रदर्शनकारियों उनका शव पास के एक पाकिस्तानी अधिकारी के पास ले गए और सीमा को खोलने की मांग करने लगे.

    बताया गया है कि इसके बाद प्रदर्शनकारी पथराव करने लगे जिस पर सुरक्षा अधिकारियों ने आंसू गैस छोड़े और उन पर लाठी चार्ज भी किया गया. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

    चमन-स्पिन बोल्डक पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान आने का दूसरा सबसे व्यस्त प्रवेश द्वार है.

    इस क्रॉसिंग के अफ़ग़ानिस्तान की तरफ के हिस्से पर तालिबान ने बीते हफ़्ते क़ब्ज़ा कर लिया था.

    तालिबान ने अफ़ग़ानियों के लिए (पाकिस्तान में) वीज़ा मुक्त प्रवेश को ख़त्म करने के फ़ैसले के विरोध में यहां 6 अगस्त से प्रवेश बंद कर दिया है.

    तालिबान चाहता है कि पाकिस्तान अफ़ग़ानियों को या तो उनके अफ़ग़ानी पहचान पत्र या फिर पाकिस्तान की तरफ़ से जारी शरणार्थी कार्ड के आधार पर अपने देश में जाने की अनुमति दे.

  3. 207 दिन बाद जेल से छूटे सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जेई योंग

    सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जेई योंग

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    इमेज कैप्शन, सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जेई योंग

    दक्षिण कोरिया की सरकार ने बहुराष्ट्रीय कंपनी सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जेई योंग को पैरोल पर जेल से रिहा कर दिया है.

    दक्षिण कोरिया की एक हाई कोर्ट ने बीती जनवरी में रिश्वत से जुड़े एक मामले योंग को ढाई साल की जेल की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद से वह 207 दिनों की सज़ा काट चुके हैं.

    इस मामले में दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति पार्क गुन-हे को भी सज़ा हुई थी जो कि अभी भी जेल में हैं.

    जनवरी में आए अदालत के फ़ैसले के अनुसार, ली ने "रिश्वतें दी और राष्ट्रपति से कहा कि वो सैमसंग के प्रमुख के तौर पर उनके निर्बाध उत्तराधिकार में मदद करने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल करें."

    "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब भी राजनीतिक पावर में बदलाव होता है तो देश की शीर्ष कंपनी और दिग्गज वैश्विक इनोवेटर सैमसंग बार-बार अपराधों में शामिल होती है."

    अदालत ने ली को रिश्वत देने, गबन करने और लगभग 8.6 बिलियन डॉलर की क्रिमिनल प्रोसीड्स पर परदा डालने का दोषी पाया था.

    सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की स्थापना ली के दादा ने की थी लेकिन 2014 के बाद से ली ही इस कंपनी का कामकाज देख रहे थे.

    ली ने कंपनी का नेतृत्व तब संभाला था, जब 2014 में उनके पिता ली कुन-ही को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके पिता का पिछले साल ही निधन हुआ है. हालांकि, ली 2014 से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के वास्तविक प्रमुख रहे हैं.

    जेल से बाहर आते हुए ली ने मीडिया से कहा है, “मैंने लोगों को बहुत परेशान किया है. मैं दिल से माफ़ी मांगता हूं. मैं सभी चिंताओं, आलोचनाओं, और मुझसे रखी गयीं ऊंची अपेक्षाओं को सुन रहा हूं. मैं कड़ी मेहनत करूंगा.”

    न्याय मंत्रालय ने कहा है कि ली को रिहा करने का फ़ैसला दक्षिण कोरियाई अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाज़ारों पर महामारी के असर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

  4. चीन ने अहम पोर्ट को किया बंद, सारी दुनिया पर पड़ सकता है असर

    सामान लेकर जाता हुआ एक शिप

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    कोरोना वायरस की वजह से चीन के सबसे बड़े मालवाहक बंदरगाह में से एक निंग्बो-जूशन की आंशिक बंदी ने वैश्विक व्यापार के लिए नई चिंता को जन्म दिया है.

    बीते बुधवार निंग्बो-जूशन बंदरगाह के एक कर्मचारी के कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होने की बात सामने आने के बाद टर्मिनल पर सेवाओं को रोक दिया गया है.

    पूर्वी चीन में स्थित निंग्बो-जूशन बंदरगाह दुनिया में तीसरा सबसे व्यस्त कार्गो बंदरगाह है.

    इस बंदरगाह के आंशिक रूप से बंद होने से क्रिसमस शॉपिंग सीज़न से ठीक पहले सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ने की आशंकाएं पैदा हो गयी हैं.

    मीशान द्वीप पर अगला आदेश आने तक टर्मिनल बंद किए जाने से इस बंदरगाह की माल ढुलाई क्षमता में 25 फीसदी की कमी आई है.

    ये तब हो रहा है जब, फ्रेटोस बाल्टिक ग्लोबल कंटेनर फ्रैट इंडेक्स के मुताबिक़, चीन और दक्षिण पूर्वी एशिया से अमेरिकी ईस्ट कोस्ट के बीच शिपिंग लागत अपने सबसे उच्चतम स्तर पर है.

    और कई ब्रितानी व्यापारिक संस्थान ऊंची शिपिंग लागत का दबाव झेल रहे हैं.

    ओशन शिपिंग कंसल्टेंट से जुड़े जेसन चियांग ने बीबीसी की एशिया बिज़नेस रिपोर्ट में बताया है कि अगले कई महीनों तक वैश्विक शिपिंग उद्योग पर महामारी का असर दिख सकता है.

    वह कहते हैं, “हम अगले दो सालों तक शिपिंग क्षमता में बढ़ोतरी होने की उम्मीद नहीं रखते हैं. ऐसे में अब से लेकर दो साल तक जो भी होगा, वो इस पर निर्भर करेगा कि महामारी क्या रंग दिखाती है.”

    निंग्बो-जूशन दुनिया भर में शंघाई और सिंगापुर के बाद तीसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है.

  5. बिहार में दलित महिलाओं का बैंड बंद क्यों हो गया?

  6. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के ताबड़तोड़ हमले: आज अब तक क्या क्या हुआ?

    तालिबान

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    इमेज कैप्शन, आज ली गई इस तस्वीर में तालिबान लड़ाके हेरात में एक गाड़ी की छत पर बैठकर इलाके की निगरानी कर रहे हैं

    आप में से जो अभी हमसे जुड़ रहे हैं, उन्हें बता दें कि सुबह से लेकर शाम तक अफ़ग़ानिस्तान में आज क्या क्या हुआ.

    *तालिबान विद्रोहियों ने देश के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर नियंत्रण कर लिया है. ये शहर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और देश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है.

    *तालिबान लोगर की प्रांतीय राजधानी में भी प्रवेश कर चुके हैं. लोगार से काबुल केवल दो घंटों में पहुंचा जा सकता है.

    *अफ़ग़ानिस्तान के एक एनजीओ ने और अधिक आम लोगों के मरने की आशंका जताई है.

    *ब्रिटेन के रक्षा सचिव बेन वालेस ने चेतावनी दी है कि तालिबान के तेज़ी से बढ़ने के साथ ही देश "गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है"

    *अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मैककोनेल ने एक बयान में स्थिति की तुलना विएतनाम में हुई हार से की है.

    *अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा अपने दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या को कम करने की योजना की घोषणा के बाद, अफगानिस्तान में रूस के दूत का कहना है कि मॉस्को ऐसी किसी योजना पर काम नहीं कर रहा है.

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ

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  8. भारत ने पाकिस्तान को ख़ैबर बस हमले के आरोप का दिया जवाब, चीन भी बोला

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची

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    इमेज कैप्शन, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (फ़ाइल तस्वीर)

    भारत सरकार ने पिछले महीने पाकिस्तान में हुए एक बस हमले के लिए भारत को ज़िम्मदार ठहराने के आरोप का जवाब दिया है. पाकिस्तान ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि इस हमले में भारत और अफ़ग़ानिस्तान का हाथ है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है, "ये भारत को बदनाम कर पाकिस्तान की ख़ुद की क्षेत्रीय अस्थिरता में भूमिका और वहाँ आतंकवादियों को पनाह देने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और चाल है."

    14 जुलाई को पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वाह प्रांत में एक बस में हुए धमाके में चीन के 9 नागरिकों समेत 13 लोग मारे गए थे.

    गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि जाँच से पता चला है कि ये एक आत्मघाती हमला था जिसकी साज़िश अफ़ग़ानिस्तान में रची गई थी और धमाके में इस्तेमाल हुआ वाहन अफ़ग़ानिस्तान से तस्करी कर लाया गया था.

    क़ुरैशी ने इसके लिए भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ और अफ़ग़ानिस्तान की एजेंसी एनडीएस को ज़िम्मेदार ठहराया.

    भारत ने पहले भी पाकिस्तान के इसी आरोप को ख़ारिज किया था. पाकिस्तान सरकार इस घटना के बाद से कई बार भारत का नाम ले चुकी है.

    चीन ने भी जारी किया बयान

    हुआ चुनयिंग

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    इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग

    इस बीच चीन सरकार ने पाकिस्तान के आरोप लगाने अगले दिन कहा है कि वो किसी भी ताक़त के आतंकवाद का इस्तेमाल कर भू-राजनीतिक फ़ायदा उठाने देने का सख़्त विरोध करेगा.

    चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले अख़बार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद एक बयान जारी किया है.

    उन्होंने इसमें कहा है कि पाकिस्तान की ओर की गई जाँच में बहुत कम समय के भीतर बहुत बड़ी प्रगति हुई है.

    उन्होंने आगे कहा कि चीन "पाकिस्तान के सक्रिय प्रयासों की सराहना करता है, पाकिस्तान इस बारे में और भी जाँच कर रहा है".

    चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन और पाकिस्तान दोनों पक्षों के नेताओं के बीच हुई सहमति का पालन करेंगे, सभी तथ्यों का पता करेंगे, और क़सूरवारों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करेंगे.

    हुआ चुनयिंग ने कहा,"आतंकवाद सारी मानवता के लिए एक साझा दुश्मन है. चीन किसी भी ऐसी ताक़त का सख़्त विरोध करता है जो आतंकवाद के सहारे भूराजनैतिक लाभ उठाने की कोशिश करता है."

    चीनी प्रवक्ता ने साथ ही कहा कि दोनों देश सुरक्षा मामले में सहयोग से तय व्यवस्था को मज़बूत करते रहेंगे ताकि पाकिस्तान में चीन की परियोजनाओं, लोगों और संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

  9. हिमाचल रोडवेज़ बस के ड्राइवर ने बताया पहाड़ गिरने वाला हादसा

  10. हिमाचल के किन्नौर हादसे में अब तक 17 शव बरामद, एक और बस पर गिरे पत्थर

    किन्नौर हादसे की तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, भूस्खलन की चपेट में आए बस का हाल

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में बुधवार को हुए भूस्खलन में अब तक कुल 17 शव बरामद किए गए हैं.

    ऊंचाई से पत्थर गिरने की वजह से बचाव अभियान को रोक दिया गया है. और एक अन्य बस पर पत्थर गिरने की ख़बरें आ रही हैं

    इससे पहले बीते बुधवार रेकोंग पीव-शिमला हाइवे पर 30 सीटों वाली एक बस, ट्रक, और चार कारें भूस्खलन की चपेट में आ गयी थीं.

    इसके बाद शुरु किए गए बचाव अभियान में अब तक कुल 13 लोगों को बचाया जा सका है. और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है. हालांकि, इस हादसे में अब तक लापता हुए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है.

    इसके साथ ही शुक्रवार को बचाव दल के सदस्यों को दो शव और मिले.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, ऊंचाई से लगातार गिरते पत्थरों की वजह से बचाव अभियान में रुकावट दर्ज की गयी है.

    हालांकि, नेशनल हाइवे 5 पर आवागमन सामान्य हो गया है. और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मृतकों के परिवारीजनों को पाँच लाख रुपये देने की घोषणा की है.

    इस हादसे में ज़िंदा बचने वाले ड्राइवर ने बताया है कि उस दिन वह अपनी बस से उतरकर सड़क का हाल देख रहे थे कि तभी पत्थर गिरना शुरू हो गए और देखते ही देखते बहुत सारे पत्थर बस और कारों पर आ गिरे.

    महेंद्र पाल बताते हैं, "उस दिन किसी ने बताया कि आगे नहीं जाना है, पत्थर गिर रहे हैं. हम बस को ठीक से रोककर आराम से नीचे उतर कर देख रहे थे. गाड़ियां पीछे करवा रहे थे कि तभी अचानक बहुत सारे पत्थर बस पर आकर गिरने लगे. फिर लगा कि पूरा पहाड़ ही आकर गिर गया..."

    वीडियो में सुनिए कि हादसे के दिन क्या हुआ था...

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  11. उत्तर कोरिया में ओलंपिक ख़त्म होने के दो दिन बाद शुरू हुई खेलों की कवरेज

    टोक्यो ओलंपिक खेलों का लोगो

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    येवेट टेन

    बीबीसी न्यूज़

    उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी चैनल ने टोक्यो ओलंपिक ख़त्म होने के दो दिन बाद ओलंपिक से जुड़े वीडियो और ख़बरों का प्रसारण शुरू किया है.

    स्थानीय न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कोरियाई सेंट्रल टेलीविज़न ने इस हफ़्ते ब्रिटेन और चिली के बीच खेले गए महिलाओं के फुटबॉल मैच का 70 मिनट लंबा वीडियो प्रसारित किया है. जबकि ये मैच कई हफ़्तों पहले 21 जुलाई को खेला गया था.

    समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक़, उत्तर कोरिया ने इससे पहले भी ओलंपिक खेलों का उद्घाटन समारोह आयोजित होने के कुछ दिन बाद खेलों का प्रसारण शुरू किया था.

    बिना कमेंट्री प्रसारित किया गया मैच

    उत्तर कोरिया से जुड़ी समाचार वेबसाइट एनके न्यूज़ के मुताबिक़, महिलाओं के फुटबॉल मैच बिना कमेंट्री और लो रिज़ोल्यूशन (कमज़ोर क्वालिटी) में प्रसारित किया गया था जिससे ये स्पष्ट नहीं हो सका कि ये फुटेज़ कैसे प्राप्त की गयी.

    अमेरिकी टेक ब्लॉग नॉर्थ कोरिया टेक के मुताबिक़, इससे पहले एशिया–पैसिफिक ब्रॉडकास्टिंग यूनियन ने उत्तर कोरिया को ओलंपिक खेलों की फुटेज़ दक्षिण कोरियाई प्रसारक एसबीएस के साथ एक साझेदारी के माध्यम से उपलब्ध करवाई थी.

    हालांकि, इस बार ये स्पष्ट नहीं है कि उन्हें इस साल की फुटेज़ कैसे मिली.

    उत्तर कोरिया ने कोरोना से अपने खिलाड़ियों को बचाने की बात कहते हुए टोक्यो 2020 गेम्स में अपना दल नहीं भेजा था.

    उत्तर कोरियाई सरकार के मुताबिक़, उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी मामला नहीं है. हालांकि, विशेषज्ञ इस संभावना से इनकार करते हैं.

    मेलजोल की उम्मीदों पर फिरा पानी

    उत्तर कोरिया ने ओलंपिक खेलों में शामिल न होने का फैसला करके दक्षिण कोरिया की खेलों के माध्यम से मेलजोल बढ़ाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

    साल 2018 में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया विंटर ओलंपिक में संयुक्त टीम बनकर गयी थी जिसके बाद एक के बाद एक कई ऐतिहासिक बैठकें हुई थीं.

    इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने विंटर ओलंपिक में 22 खिलाड़ियों के साथ – साथ किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग को भी भेजा था. इस कदम से दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच डिप्लोमेसी की शुरुआत में मदद मिली थी.

    लेकिन टोक्यो ओलंपिक साल 1988 के बाद पहला मौका है जब उत्तर कोरिया ने समर ओलंपिक में भाग नहीं लिया है. साल 1988 में शीतयुद्ध के दौरान उत्तर कोरिया ने सिओल गेम्स का बॉयकॉट किया था.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, 'हेरात का शेर' अब हमारे साथ- तालिबान का बुज़ुर्ग अफ़ग़ान कमांडर के बारे में दावा

    मोहम्मद इस्माइल ख़ान

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    इमेज कैप्शन, मोहम्मद इस्माइल ख़ान

    अफ़ग़ानिस्तान के हेरात शहर के अधिकारियों का कहना है कि तालिबान ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ मोर्चे की अगुआई करनेवाले एक जाने-माने मिलिशिया कमांडर को हिरासत में ले लिया है.

    हेरात का शेर के नाम से जाने जाने वाले मोहम्मद इस्माइल ख़ान की गिनती अफ़ग़ानिस्तान के बड़े मिलिशिया नेताओ में होती है.

    सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में तालिबान के लोग उन्हें ले जाते हुए दिखाई देते हैं.

    तालिबान ने दावा किया है कि उनका गुट अब तालिबान के साथ 'मिल' गया है और 'हमने उनको भरोसा दिया है कि वो अपनी ज़िंदगी आराम और इज़्ज़त के साथ जी सकते हैं'.

    तालिबान ने उनका एक इंटरव्यू भी जारी किया है हालाँकि ये पता नहीं है कि ये उन्होंने अपनी मर्ज़ी से दिया है या दबाव में.

    इसमें उनसे पूछा जा रहा है कि तालिबान ने उनके साथ बुरा बर्ताव तो नहीं किया जिसके जवाब में वो कहते हैं कि उन्होंने अब तक उनके साथ भाई जैसा सुलूक किया है.

    उनसे फिर पूछा जाता है कि उन्हें कैसा महसूस हो रहा है. इसके जवाब में वो कहते हैं कि ये घटना अप्रत्याशित है.

    तालिबान ने एक दिन पहले हेरात पर क़ब्ज़ा कर लिया था. इस्माइल ख़ान कई हफ़्तों से तालिबान के ख़िलाफ़ सरकार समर्थक मिलिशिया की अगुआई कर रहे थे.

    तालिबान ने अपने पिछले शासन में भी उन्हें गिरफ़्तार कर कंदहार की जेल में बंद कर दिया था, मगर बाद में रिहा कर दिया.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, अफ़ग़ानिस्तानः तालिबान का काबुल से सटे लोगार प्रांत की राजधानी पर क़ब्ज़ा

    कंधार

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    इमेज कैप्शन, कंधार शहर के मुख्य चौराहे पर तालिबान सदस्य

    अफ़ग़ानिस्तान के लोगार प्रांत की परिषद के दो सदस्यों ने बीबीसी को बताया है कि तालिबान ने लोगार की राजधानी पुल-ए-आलम पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

    लोगार काबुल प्रांत से सटा है और वहाँ से एक सीधी सड़क काबुल तक जाती है.

    तालिबान ने वहाँ पुलिस मुख्यालय पर नियंत्रण कर लिया है और वहाँ भारी लड़ाई हो रही है.

    इस बीच कंधार और काबुल के बीच उरोज़्गान प्रांत के बारे में भी रिपोर्टें आ रही हैं कि तालिबान वहाँ भी क़ब्ज़ा कर चुके हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान में अब तक 34 में से 14 प्रांतों की राजधानियों पर तालिबान का क़ब्ज़ा हो चुका है.

    कम-से-कम दो अन्य प्रांत भी किसी समय उनके हाथ में जा सकते हैं.

    तालिबान ने इससे पहले शुक्रवार को अफ़ग़ानिस्तान के दूसरे बड़े शह कंधार पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

    उन्होंने साथ ही पास के एक और शहर लश्कर गाह पर भी क़ब्ज़ा कर लिया है.

  14. पीएम मोदी ने लागू की वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी, पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर मिलेगी ये छूट

    नरेंद्र मोदी ( 15 अगस्त 2020 की तस्वीर)

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    इमेज कैप्शन, नरेंद्र मोदी ( 15 अगस्त 2020 की तस्वीर)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज पॉलिसी को लागू किया है जिसमें पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करनेवालों को कुछ रियायतों का भी प्रावधान रखा गया है.

    शुक्रवार कोगुजरात के गांधीनगर में एक इन्वेस्स्टर्स समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नई नीति से देश में ऑटो सेक्टर को नई पहचान मिलेगी तथा आर्थिक विकास की प्रक्रिया बेहतर होगी व पर्यावरण के अनुकूल होगी.

    उन्होंने कहा कि ये नई नीति देश में वाहनों को आधुनिक बनाने तथा अयोग्य हो चुके वाहनों को वैज्ञानिक तरीक़े से सड़कों से दूर करने में बड़ी भूमिका अदा करेगी.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देश में 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नया निवेश होगा तथा हज़ारों नई नौकरियों का सृजन होगा.

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    चार फ़ायदे

    उन्होंने कहा कि आम परिवारों को नई नीति से चार मुख्य फ़ायदे होंगे.

    पहले फ़ायदे की बात करते हुए उन्होंने कहा- "सबसे पहला लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा. ये सर्टिफिकेट जिसके पास होगा उसे नई गाड़ी की खरीद पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा. इसके साथ ही उसे रोड टैक्स में भी कुछ छूट दी जाएगी."

    दूसरा लाभ गिनाते हुए उन्होंने कहा, "दूसरा लाभ ये होगा कि पुरानी गाड़ी की मैंटेनेंस कॉस्ट, रिपेयर कॉस्ट, ईंधन की खपत में भी बचत होगी."

    तीसरे लाभ के बारे में मोदी ने कहा- "तीसरा लाभ सीधा जीवन से जुड़ा है. पुरानी गाड़ियों, पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है, जिससे मुक्ति मिलेगी."

    और चौथे लाभ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'इससे हमारे स्वास्थ्य प्रदूषण के कारण जो असर पड़ता है, उसमें कमी आएगी'.

  15. पटियाला से Live: मालवा क्षेत्र के खेतिहर मज़दूरों का कर्ज़ माफ़ी की मांग को लेकर प्रदर्शन

    मालवा क्षेत्र के खेतिहर मज़दूरों का कर्ज़ माफ़ी की मांग को लेकर प्रदर्शन. ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता सरबजीत धालीवाल (कैमरा: गुलशन)

  16. राहुल गांधी का ट्विटर ब्लॉक होने के बाद इंस्टाग्राम पर भी ख़तरा, फ़ेसबुक को नोटिस

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी

    भारत में बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनी शीर्ष संस्था राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने अब राहुल गांधी के इंस्टाग्राम एकाउंट के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की माँग की है.

    इसी संस्था की शिकायत पर ट्विटर ने राहुल गांधी समेत कांग्रेस पार्टी और पार्टी के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं का ट्विटर एकाउंट ब्लॉक कर दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार आयोग ने अब फ़ेसबुक को चिट्ठी लिखी है जिसमें उसने कहा है कि उन्हें राहुल गांधीं के इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो मिला है जिससे एक पीड़ित बच्ची के परिवार की पहचान उजागर होती है.

    आयोग ने फ़ेसबुक से इस एकाउंट के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा पॉक्सो ऐक्ट 2012 के उल्लंघन के लिए उचित क़दम उठाने और वीडियो को हटाने के लिए कहा है.

    ट्विटर ने पिछले सप्ताह कथित रेप की शिकार नौ साल की एक बच्ची के परिवार की तस्वीर ट्वीट करने की वजह से इस बुधवार राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं का ट्विटर हैंडल ब्लॉक कर दिया है.

    पिछले सप्ताह राहुल गांधी के तस्वीरें ट्वीट की थी जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने शिकायत की थी इससे बलात्कार प्रभावित व्यक्ति की प्राइवेसी के क़ानून का उल्लंघन हुआ है.

    इसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राहुल गांधी के ट्वीट का संज्ञान लेते हुए ट्विटर को निर्देश दिया था कि वो इस बारे में कार्रवाई करे.

    राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े अन्य एकाउंटों को ब्लॉक करने पर ट्विटर ने कहा है उसके "नियमों को न्यायपूर्ण तरीक़े से और हर किसी के लिए बिना किसी भेदभाव के पालन किया जाता है" और उन्होंने "ऐसे सैकड़ों ट्वीट्स पर कार्रवाई की है जिनमें एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की गई थी जो हमारे नियमों का उल्लंघन करते हैं".

    राहुल गांधी ने अपना एकाउंट ब्लॉक करने पर शुक्रवार को यूट्यूब पर एक वीडियो जारी कर ट्विटर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि वो देश की राजनीतिक प्रक्रिया में दख़ल दे रहा है.

    इस वीडियो को कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया है.

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  17. अमेरिका अपनों को निकालने के लिए अफ़ग़ानिस्तान भेजेगा तीन हज़ार सैनिक

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की मज़बूत होती स्थिति और लगातार बदतर हो रही सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में 3000 अतिरिक्त सैनिक भेजेगा, ताकि लोगों को निकालने में मदद की जा सके.

    अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिकी सेना के कुल तीन बटालियन काबुल स्थित हामिद करज़ई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जाएंगे, जहाँ सैन्य विमान उनका इंतज़ार कर रहे हैं.

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास और वहाँ रह रहे अमेरिकी नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रहा है.

    बाइडन प्रशासन को लगता है कि अगले 30 दिनों में काबुल पर भी तालिबान का नियंत्रण हो जाएगा. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार यह अंदाज़ा बाइडन प्रशासन के अधिकारियों का है.

    किर्बी ने कहा, ''विदेश मंत्रालय ने वहाँ से नागरिकों के निकालने के लिए सैनिकों को भेजने के लिए कहा है. अमेरिकी नागरिकों के साथ अमेरिकी सेना को मदद करने वाले अनुवादकों को भी वहाँ से निकाला जाएगा. आने वाले दिनों में हम उम्मीद करते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में राजनयिक बहुत कम होंगे. अमेरिका अफ़ग़ान सरकार के साथ राजनयिक संपर्क और मदद जारी रखेगा.''

    अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन

    इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी से फ़ोन पर बात की है. अमेरिका के दोनों मंत्रियों ने कहा है कि अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान के साथ सहयोग करता रहेगा.

    ब्लिंकन और ऑस्टिन ने अशरफ़ ग़नी से ये भी कहा है कि अमेरिका काबुल में अपने नागरिकों को सुरक्षा कारणों से हटा रहा है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान से पश्चिमी देश अपने दूतावासों और मदद पहुँचाने वाली एजेंसियों से कर्मचारियों को वापस बुला रहे हैं.

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  18. चीन ने ख़ैबर बस हमले में पाकिस्तान के भारत का नाम लेने पर क्या कहा

    हुआ चुनयिंग

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    इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग

    चीन ने पाकिस्तान सरकार के एक बस हमले में भारत और अफ़ग़ानिस्तान का हाथ होने का आरोप लगाने के एक दिन बाद कहा है कि वो किसी भी ताक़त के आतंकवाद का इस्तेमाल कर भू-राजनीतिक फ़ायदा उठाने देने का सख़्त विरोध करेगा.

    14 जुलाई को पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वाह प्रांत में एक बस में हुए धमाके में चीन के 9 नागरिकों समेत 13 लोग मारे गए थे.

    गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि जाँच से पता चला है कि ये एक आत्मघाती हमला था जिसकी साज़िश अफ़ग़ानिस्तान में रची गई थी और धमाके में इस्तेमाल हुआ वाहन अफ़ग़ानिस्तान से तस्करी कर लाया गया था.

    क़ुरैशी ने इसके लिए भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ और अफ़ग़ानिस्तान की एजेंसी एनडीएस को ज़िम्मेदार ठहराया.

    भारत सरकार ने अभी इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है मगर वो पहले भी पाकिस्तान के इसी आरोप को ख़ारिज कर चुका है.

    चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले अख़बार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद एक बयान जारी किया है.

    उन्होंने इसमें कहा है कि पाकिस्तान की ओर की गई जाँच में बहुत कम समय के भीतर बहुत बड़ी प्रगति हुई है.

    उन्होंने आगे कहा कि चीन "पाकिस्तान के सक्रिय प्रयासों की सराहना करता है, पाकिस्तान इस बारे में और भी जाँच कर रहा है".

    चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन और पाकिस्तान दोनों पक्षों के नेताओं के बीच हुई सहमति का पालन करेंगे, सभी तथ्यों का पता करेंगे, और क़सूरवारों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करेंगे.

    हुआ चुनयिंग ने कहा,"आतंकवाद सारी मानवता के लिए एक साझा दुश्मन है. चीन किसी भी ऐसी ताक़त का सख़्त विरोध करता है जो आतंकवाद के सहारे भूराजनैतिक लाभ उठाने की कोशिश करता है."

    चीनी प्रवक्ता ने साथ ही कहा कि दोनों देश सुरक्षा मामले में सहयोग से तय व्यवस्था को मज़बूत करते रहेंगे ताकि पाकिस्तान में चीन की परियोजनाओं, लोगों और संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

  19. मोदी कर रहे हैं नीतीश कुमार का अपमान- तेजस्वी यादव

    तेजस्वी यादव (फ़ाइल तस्वीर)

    इमेज स्रोत, @yadavtejashwi

    राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिलने का समय न देकर उनका 'अपमान' कर रहे हैं.

    तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेन्स में कहा कि बिहार के विपक्षी दलों के सभी प्रमुख नेताओं ने नीतीश कुमार से मुलाक़ात करके जातिगत जनगणना के मुद्दे पर ज़ोर दिया था क्योंकि बिहार विधानसभा इस मामले में दो बार सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चुकी है.

    तेजस्वी यादव का कहना था कि इसके बाद "चार अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाक़ात का समय माँगा था, इस बात को एक सप्ताह से अधिक समय गुज़र गया है लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल को देखकर लगता है कि उनके पास सबसे मिलने का समय है लेकिन केवल बिहार के मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं है."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से, पंजाब के मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं लेकिन नीतीश कुमार से मिलने का समय क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं यह बात नीतिश जी को पूछनी चाहिए और ख़ुद समझना चाहिए."

    तेजस्वी यादव ने कहा कि वो जातिगत जनगणना की माँग कर जातिवाद की राजनीति नहीं कर रहे हैं बल्कि ये पिछड़ेपन की समस्या को समझने के लिए उठाया जाने वाला एक ज़रूरी क़दम है.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, राहुल गांधी ने ट्विटर पर बोला हमला, यूट्यूब पर कहा- राजनीतिक प्रक्रिया में दख़ल दे रही कंपनी

    राहुल गांधी

    इमेज स्रोत, YouTube/Rahul Gandhi

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपना एकाउंट ब्लॉक करने के लिए ट्विटर को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया है कि वो देश की राजनीतिक प्रक्रिया में दख़ल दे रहा है.

    राहुल गांधी ने यूट्यूब पर जारी किए गए अपने बयान में ट्विटर पर आरोप लगाते हुए कहा है- "एक कंपनी अपने बिज़नेस के ज़रिये हमारी राजनीति को परिभाषित कर रही है, और एक राजनेता के बतौर मुझे ये अच्छा नहीं लग रहा."

    उन्होंने कहा, "मेरे ट्विटर को बंद कर वो हमारी राजनीतिक प्रक्रियाओं में दखल दे रहे हैं. ये देश के लोकताँत्रिक ढांचे पर एक हमला है."

    "ये राहुल गांधी पर हमला नहीं है. ये केवल मुझे ख़ामोश करने की बात नहीं है. ट्विटर पर मेरे 19-20 मिलियन फॉलोअर्स हैं, आप उनके किसी विचार को जानने के अधिकार को नकार रहे हैं."

    राहुल ने ट्विटर पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कहा, "हमारे लोकतंत्र पर हमला हो रहा है. हमें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा. हमें लगा था ट्विटर एक आशा की किरण है. मगर अब ये साफ़ है कि ट्विटर एक निष्पक्ष मंच नहीं, ये एक पक्षपाती मंच है, जो उस वक़्त की सरकार की बात सुनती है."

    राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि राजनीतिक संदर्भ में पक्षपात करने का ट्विटर पर असर होगा और ये निवेशकों के लिए 'एक ख़तरनाक बात' है.

    ट्विटर ने पिछले सप्ताह कथित रेप की शिकार नौ साल की एक बच्ची के परिवार की तस्वीर ट्वीट करने की वजह से राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं का ट्विटर हैंडल ब्लॉक कर दिया है.

    पिछले सप्ताह राहुल गांधी के तस्वीरें ट्वीट की थी जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने शिकायत की थी इससे बलात्कार प्रभावित व्यक्ति की प्राइवेसी के क़ानून का उल्लंघन हुआ है.

    इसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राहुल गांधी के ट्वीट का संज्ञान लेते हुए ट्विटर को निर्देश दिया था कि वो इस बारे में कार्रवाई करे.

    राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े अन्य एकाउंटों को ब्लॉक करने पर ट्विटर ने कहा है उसके "नियमों को न्यायपूर्ण तरीक़े से और हर किसी के लिए बिना किसी भेदभाव के पालन किया जाता है" और उन्होंने "ऐसे सैकड़ों ट्वीट्स पर कार्रवाई की है जिनमें एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की गई थी जो हमारे नियमों का उल्लंघन करते हैं".