मॉन्टी पनेसर के फ़ैसले से पाकिस्तान को झटका

इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मॉन्टी पनेसर ने कहा है कि वो नहीं चाहते हैं कि पाकिस्तान के केपीएल में शामिल होकर भारत में मिलने वाले मौक़ों से हाथ धो लें.

लाइव कवरेज

विभुराज, सिंधुवासिनी and अपूर्व कृष्ण

  1. वोडाफोन आइडिया में अपनी हिस्सेदारी सरकार को सौंपने के लिए तैयार: कुमार मंगलम बिरला

    वोडाफोन आइडिया लिमिटेड

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    आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला ने कर्ज में डूबी कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) में अपनी हिस्सेदारी भारत सरकार को देने की पेशकश की है.

    वीआईएल में 27 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले कुमार मंगलम बिरला ने ये भी कहा है कि भारत सरकार चाहे तो उसकी हिस्सेदारी किसी ऐसे संगठन को भी देने पर विचार कर सकती है जो इस कंपनी को चलाए रखने में सक्षम हो.

    अरबपति कारोबारी कुमार मंगलम बिरला ने कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गाउबा को ये चिट्ठी जून में लिखी थी.

    वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कंपनी पर 58,254 करोड़ रुपये की देनदारी (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू लायबिलिटी) है जिसमें से वो 7854.37 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है और 50.399.63 करोड़ रुपये अभी भी कंपनी पर बाक़ी हैं.

    वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और एयरटेल ने सरकार के हिसाब किताब में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की थी लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे ठुकरा दिया.

    कुमार मंगलम बिरला

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    इमेज कैप्शन, कुमार मंगलम बिरला

    कुमार मंगलम बिरला का कहना है कि निवेशक वीआईएल में पैसा नहीं लगाने चाहते हैं क्योंकि एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू लायबिलिटी (कंपनी पर देनदारी), स्पेक्ट्रम के भुगतान की देनदारी चुकाने की मोहलत जैसी बातों को लेकर स्पष्टता नहीं है.

    सात जून को लिखी इस चिट्ठी में कुमार मंगलम बिरला ने कहा है कि जुलाई तक इन मुद्दों पर अगर सरकार का सक्रिय सहयोग नहीं मिला तो कंपनी ऐसे मुकाम पर पहुंच जाएगी जहां उसे अपने पैरों पर दोबारा खड़ा करना नामुमकिन हो जाएगा.

    बिरला ने लिखा, "वोडाफोन इंडिया लिमिटेड से जुड़े 27 करोड़ उपभोक्ताओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी की भावना से मैं ये कहता हूं कि मैं कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को किसी भी पब्लिक सेक्टर/सरकारी/घरेलू वित्तीय संस्थान या अन्य किसी को भी जिसे सरकार ये कंपनी को चलाए रखने लायक समझे, सौंपने के लिए तैयार हूं."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ आदित्य बिरला समूह या वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की तरफ़ से इस चिट्ठी को लेकर कोई प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है. और ये भी स्पष्ट नहीं है कि सात जून की चिट्ठी के बाद बिरला और सरकार के बीच कोई और संवाद हुआ है या नहीं.

  2. मॉन्टी पनेसर के फ़ैसले से पाकिस्तान को झटका

    मॉन्टी पनेसर

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    पाकिस्तान में आयोजित होने वाले कश्मीर क्रिकेट लीग यानी केपीएल 2021 से इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मॉन्टी पनेसर ने ख़ुद को अलग कर लिया है.

    मॉन्टी पनेसर ने ट्वीट कर कहा है कि केपीएल को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर तनाव बढ़ रहा था, इसलिए उन्होंने ख़ुद को अलग कर लिया.

    पाकिस्तान का आरोप है कि भारत के क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई विदेशी क्रिकेटरों के केपीएल में शामिल नहीं होने के लिए धमकी दे रहा है.

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    पाकिस्तान का कहना है कि बीसीसीआई ने विदेशी क्रिकेटरों से कह दिया है कि अगर कोई भी खिलाड़ी केपीएल में शामिल हुआ तो क्रिकेट से जुड़े किसी भी काम के लिए भारत में एंट्री नहीं मिलेगी.

    मॉन्टी पनेसर ने अपने ट्वीट में कहा है, ''मैंने केपीएल में हिस्सा नहीं लेने का फ़ैसला किया है. केपीएल को लेकर कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान में तनाव के कारण मैंने ये निर्णय लिया है. मैं इस तनाव के बीच में नहीं आना चाहता हूँ. इससे मैं ख़ुद को असहज पा रहा हूँ.''

    इसके अलावा मॉन्टी पनेसर ने स्पोर्ट्स यारी नाम के यूट्यूब चैनल से कहा है, ''हमें इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि अगर मैं केपीएल में जाऊंगा तो इसके बुरे नतीजे होंगे. मुझे बताया गया कि भारत में क्रिकेट के जो भी मौक़े हैं, वे नहीं मिलेंगे. भारत का वीज़ा नहीं मिलेगा. हमें ईसीबी से सलाह मिली है और मुझे ही फ़ैसला लेना है. मुझे लगा कि भविष्य में ऐसा हो सकता है कि केपीएल में शामिल होने वाले भारत में नहीं जा पाएंगे, इसी को देखते हुए मैंने फ़ैसला लिया है. भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का जो मुद्दा है, उसके बीच मैं नहीं आना चाहता हूँ.''

    मॉन्टी पनेसर

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    इससे पहले शनिवार को, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर हर्शल गिब्स ने ट्वीट किया था कि बीसीसीआई ने उन्हें लीग में भाग नहीं लेने की हिदायत दी है.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, "यह बिल्कुल बेवजह है कि बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ अपना राजनीतिक एजेंडा बीच में ला रहा है और मुझे कश्मीर प्रीमियर लीग में खेलने से रोकने की कोशिश कर रहा है. मुझे धमकी भी दी जा रही है कि भारत में क्रिकेट से जुड़े किसी भी काम के लिए एंट्री नहीं मिलेगी. हास्यास्पद है."

    इसे लेकर बीसीसीआई की तरफ़ से अभी कुछ नहीं कहा गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर पर विवाद लंबे समय से है. कश्मीर के नाम पर अगर कोई ऐसा आयोजन होता है, जिसमें विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे तो भारत की प्रतिक्रिया को स्वाभाविक माना जा रहा है.

    शिव सेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने हर्शल गिब्स के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा था, ''शुक्रिया बीसीसीआई. मिस्टर गिब्स यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बिल्कुल सही एजेंडा है.''

    पाकिस्तान

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  3. तालिबान ने ओसामा बिन लादेन के लिए पूरे अफ़ग़ानिस्तान को बर्बाद कर दियाः अफ़ग़ान राष्ट्रपति

    अफ़ग़ानिस्तान

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    अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रविवार को एक बार फिर पाकिस्तान पर तालिबान का समर्थन करने का आरोप लगाया और दावा किया कि तालिबान 'पंजाब के इशारे पर' अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध को लंबा खींच रहा है.

    अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण और पश्चिम में तीन प्रमुख शहरों (हेरात, लश्कर गाह और कंधार) में लड़ाई जारी है. तालिबान लड़ाके इन शहरों को सरकारी सुरक्षा बलों से छीनने की कोशिश कर रहे हैं.

    अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने तालिबान के आने की आशंका में लश्कर गाह में अपने सैकड़ों कमांडरों को तैनात कर दिया है. हेलमंद प्रांत में एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि वो हवाई हमलों की मदद से तालिबान को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं.

    लेकिन राष्ट्रपति गनी ने तालिबान पर अपने बयान में कहा, "यदि आप अफ़ग़ान हैं, तो आएं और देश के निर्माण में मिलकर काम करें और अगर आपने पंजाबियों और चरमपंथी समूहों के प्रति निष्ठा का वचन दिया है, तो अपने आप को अफ़ग़ान मत कहिए."

    गौरतलब है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस तरह के आरोपों का बार-बार खंडन किया है और कहा है कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में अमन चाहता है और पाकिस्तान अफ़ग़ान हुकूमत के ख़िलाफ़ तालिबान का समर्थन नहीं कर रहा है बल्कि सभी पक्षों के बीच बातचीत में भूमिका निभा रहा है.

    राष्ट्रपति गनी

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    राष्ट्रपति गनी ने अपने भाषण में क्या कहा?

    अफ़ग़ान राष्ट्रपति और उनकी सरकार ने तालिबान पर पहले दिन से ही पाकिस्तान का समर्थन करने का आरोप लगाया और अक्सर पाकिस्तान के बजाय पंजाब और पंजाबियों का जिक्र किया.

    राष्ट्रपति गनी ने अपने भाषण में तालिबान पर केवल एक व्यक्ति के कारण पूरे अफ़ग़ानिस्तान को युद्ध में धकेलने का आरोप लगाया.

    उन्होंने अल-कायदा नेटवर्क के नेता ओसामा बिन लादेन का नाम लिया और तालिबान से पूछा, "आपने एक आदमी की खातिर पूरे अफ़ग़ानिस्तान को क्यों बर्बाद कर दिया? एक आदमी अहम था या ढाई करोड़ अफ़ग़ान आवाम?"

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति गनी ने पूछा कि तालिबान का मुखिया मुल्ला हेबतुल्ला कहां और किस मांद में है और क्या वह जीवित है?

    राष्ट्रपति गनी ने कहा, "यदि वे जीवित हैं, तो चलिए हेरात के बाज़ारों में और काबुल को चलते हैं."

    तालिबान नेता मुल्ला हेबतुल्लाह और उनके अन्य नेता अज्ञात स्थान से तालिबान का नेतृत्व कर रहे हैं. कई अफ़ग़ान लोगों का ये दावा है कि तालिबान नेतृत्व पाकिस्तान में छिपा है,

    लेकिन खुद अफ़ग़ान तालिबान का दावा है कि उनके सभी नेता अफ़ग़ानिस्तान में ही हैं. राष्ट्रपति गनी ने कहा कि अगर तालिबान लोगों का सम्मान करता है और चुनाव में भाग लेना चाहता है, तो वे छह महीने या एक साल में नए चुनाव करा सकते हैं.

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में रक्तपात की अनुमति नहीं दी जाएगी और अफ़ग़ान आवाम के पास एक-दूसरे की जान लेने की कोई वजह नहीं है.

    तालिबान

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    अफ़ग़ान राष्ट्रपति के बयान पर तालिबान की प्रतिक्रिया

    राष्ट्रपति गनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तालिबान ने उसे 'बकवास' बताया है.

    तालिबान ने कहा कि राष्ट्रपति गनी अपनी मुश्किल स्थिति को नियंत्रित करना चाहते हैं.

    तालिबान ने कहा कि राष्ट्रपति गनी का वक़्त ख़त्म हो गया है. जंग का एलान करने, आरोप लगाने और गलतबयानी से उन्हें और मोहलत नहीं मिलेगी.

  4. अफ़ग़ानिस्तान से टीम पहुँची पाकिस्तान, राजदूत की बेटी के मामले की करेगी जाँच

    सिलसिला नबीख़ेल

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत की बेटी सिलसिला नबीख़ेल

    पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख़ रशीद ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से एक टीम पिछले दिनों अफ़ग़ान राजदूत की बेटी के साथ हुई घटना की जाँच के लिए पाकिस्तान पहुँच गई है.

    इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में शेख़ रशीद ने कहा, "अफ़ग़ान टीम इस मामले की जाँच के लिए पहुँच गई है. मैंने आईजी पुलिस को निर्देश दिया है कि वो अपनी जाँच के नतीजे और तथ्यों को अफ़ग़ान जाँच समिति को सौंप दें."

    "पुलिस से मैंने कहा है कि वो विदेश मंत्रालय से मिलकर अपनी सारी फ़ुटेज और वो सारे 11 लोग जिनमें चार टैक्सी ड्राइवर शामिल हैं. उन सब की जानकारी अफ़ग़ान टीम को सौंप दें. वो चाहें तो उन सबसे पूछताछ कर सकते हैं."

    उन्होंने कहा कि पुलिस ने जाँच पूरी कर ली है और वो अफ़ग़ान टीम के किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं.

    पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, "वो अपनी जाँच करने के लिए स्वतंत्र हैं. पाकिस्तान एक स्वतंत्र मुल्क़ है. वे विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं."

    शेख़ रशीद

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    इमेज कैप्शन, शेख़ रशीद

    शेख़ रशीद के बयानों पर भारत और अफ़ग़ानिस्तान ने जताई थी आपत्ति

    पाकिस्तानी गृह मंत्री शुरू से ही अफग़ान राजदूत की बेटी के मामले में किए गए दावों पर संदेह जताते रहे हैं और इसे लेकर अफ़ग़ानिस्तान ने नाराज़गी भी जताई थी.

    पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख़ रशीद ने दावा किया था कि इस्लामाबाद से अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत की बेटी का अपहरण नहीं हुआ था और इस घटना में भारत का हाथ है.

    इस मामले को लेकर अफ़ग़ानिस्तान और भारत दोनों ने पाकिस्तान के रवैये पर सख़्त एतराज़ जताया था.

    अफ़ग़ानिस्तान में राजदूकत नजीबुल्ला अलीख़ेल ने पिछले महीने ख़ुद ट्वीट कर बताया था कि उनकी बेटी सिलसिला अलीख़ेल को अग़वा किया गया और उनके साथ मारपीट हुई.

    लेकिन पाकिस्तान के इस घटना को लेकर संदेह जताते रहने पर अफ़ग़ान सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस तरह के पूर्व निर्धारित फ़ैसलों से आपसी अविश्वास बढ़ेगा.

    मंत्रालय ने पिछले महीने एक बयान में कहा,” जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती और लिप्त लोगों को गिरफ़्तार नहीं किया जाता, ऐसे एकतरफ़ा बयानों और ग़ैर-पेशेवर फ़ैसलों से जाँच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होंगे और आपसी अविश्वास बढ़ेगा.”

    वहीं भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ब्रीफ़िंग में इसे एक हैरान करने वाली घटना बताते हुए कहा था- "चूँकि पाकिस्तान के गृह मंत्री ने भारत को इसमें घसीटा है, तो मैं ये कहना चाहूँगा कि पाकिस्तान के अपने स्तर के हिसाब से भी, इस घटना में पीड़ित की कही बातों को ख़ारिज करना, अपने आप में एक नए तरह की नीच हरकत है."

  5. टोक्यो ओलंपिक: बेलारूस की खिलाड़ी को पोलैंड से क्यों मांगनी पड़ी पनाह

    क्रिस्टीना तिमानोवस्काया

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    टोक्यो ओलंपिक में भाग ले रहीं बेलारूस की खिलाड़ी क्रिस्टीना तिमानोवस्काया ने पोलैंड से शरण मांगी है. रिपोर्टों के मुताबिक़ क्रिस्टीना को जल्दी घर लौटने के लिए कहा गया था जिससे उन्होंने इनकार कर दिया.

    क्रिस्टीना तिमानोवस्काया ने जापानी पुलिस की सुरक्षा में बीती रात एक होटल में गुजारी. उनका कहना है कि कोच की ओलचना करने की वजह से उन्हें जबरन एयरपोर्ट पर ले जाया गया था.

    उन्होंने बेलारूस वापस लौटने पर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी. दूसरी तरफ़ बेलारूस का कहना है कि क्रिस्टीना की मानसिक स्थिति के कारण उन्हें टीम से हटा दिया गया था.

    24 वर्षीय क्रिस्टीना की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वो टोक्यो स्थित पोलैंड के दूतावास में दाखिल होते हुए दिख रही हैं. बेलारूस में खिलाड़ियों की मदद करने वाले एक विपक्षी समूह ने बीबीसी को बताया कि क्रिस्टीना ने पोलैंड से शरण मांगी है.

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    बेलारूस में लंबे समय से राष्ट्रपति पद पर काबिज़ अलेक्ज़ेंडर लुकाशेन्को के विवादित पुनर्निवाचन को लेकर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान पिछले साल 'बेलारूसीयन स्पोर्ट सॉलिडरिटी फाउंडेशन' का गठन किया गया था.

    इस संगठन का मक़सद खिलाड़ियों की मदद करना है. विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए बेलारूस के सुरक्षा बलों ने असंतुष्टों पर कड़ी कार्रवाई शुरू की.

    इस विरोध प्रदर्शन में कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल हुए थे जिनकी सरकारी फंडिंग रोक दी गई और उन्हें टीम से निकाल दिया गया. कुछ खिलाड़ी हिरासत में भी लिए गए थे.

    पोलैंड के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी मार्सिन प्रज़ीडैक्ज़ ने बताया था कि क्रिस्टीना को मानवीय आधार पर पोलैंड के वीज़ा की पेशकश की गई थी.

    क्रिस्टीना तिमानोवस्काया

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    क्रिस्टीना को सोमवार को महिलाओं की 200 मीटर रेस प्रतिस्पर्धा में भाग लेना था. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बात की शिकायत की थी कि जब कुछ खिलाड़ी 4x400 मीटर की रीले रेस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए अयोग्य पाए गए तो उनका नाम इस इवेंट में डाल दिया गया और इसके लिए उन्हें मोहलत नहीं दी गई.

    क्रिस्टीना के इस वीडियो मैसेज को लेकर बेलारूस के सरकारी मीडिया में कड़ी आलोचना हुई. एक टेलीविजन चैनल ने कहा कि क्रिस्टीना में टीम भावनी की कमी है.

    क्रिस्टीना ने बताया कि बेलारूस की टीम के अधिकारी उनके कमरे में आए और बैग पैक करने के लिए एक घंटे की मोहलत दी. उन्हें टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर उन्हें जबरन लाया गया. उनका कहना है कि टीम के अधिकारी उन पर घर वापस लौटने के लिए दबाव बना रहे थे. उन्होंने इंटरनेशनल ओलंपिक एसोसिएशन से मदद भी मांगी है.

    क्रिस्टीना तिमानोवस्काया

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    बेलारूसीयन स्पोर्ट सॉलिडरिटी फाउंडेशन के टेलीग्राम चैनल पर उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा, "वे मुझे बिना मेरी इजाजत के देश से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं."

    फाउंडेशन के एक सदस्य अनातोल कोटाउ ने रविवार को बीबीसी को बताया, "उन्हें डर है कि बेलारूस में उनके परिवार को सताया जाएगा. फिलहाल उनकी चिंता इसी बात को लेकर है."

    ऐसी रिपोर्टें हैं कि क्रिस्टीना के पति बेलारूस छोड़कर यूक्रेन चले गए हैं.

    बेलारूस की ओलंपिक कमेटी का कहना है कि क्रिस्टीना की मानसिक स्थिति के कारण उन्हें टीम से हटाया गया था.

    सोमवार को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने बताया कि आईओसी ने बेलारूस कमेटी के ख़िलाफ़ कदम उठाए हैं. आईओसी ने कुछ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जिसमें बेलारूस ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष के बेटे भी शामिल हैं.

  6. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 02 अगस्त 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ

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  7. इसराइल के तेल टैंकर पर हमले के बाद ब्रिटेन और रोमानिया ने ईरान के राजदूत को तलब किया

    मर्सर स्ट्रीट

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    ओमान के पास अरब सागर में इसराइली तेल टैंकर 'मर्सर स्ट्रीट' पर हमले का मामला शांत होता हुआ नहीं दिख रहा है. इस घटना के बाद ब्रिटेन और रोमानिया ने तेल टैंकर पर तैनात अपने नागरिकों की मौत के मुद्दे पर नाराज़गी जताते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया किया है.

    इससे पहले इसराइल ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था, फिर अमेरिकी सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि 'मर्सर स्ट्रीट' पर ड्रोन हमला हुआ था.

    ब्रिटेन और अमेरिका का मानना है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन बताया है.

    बीते गुरुवार को मर्सर स्ट्रीट पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी जिसमें एक ब्रितानी नागरिक है तो दूसरा रोमानिया का.

    रोमानिया ने भी इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है और बुखारेस्ट में उसके राजदूत को बुलाकर घटना पर तुरंत स्पष्टीकरण देने को कहा है.

    इसराइल, ब्रिटेन और अमेरिका की तरह ही रोमानिया ने भी सबूतों के हवाले से कहा है कि मर्सर स्ट्रीट को जानबूझकर निशाना बनाया गया है और इसकी साज़िश ईरान ने रची थी.

    बीबीसी की पर्सियन सर्विस के मुताबिक़ रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "नागरिकों को निशाना बनाकर जानोमाल को नुक़सान पहुंचाने को किसी भी तरह वाजिब नहीं ठहराया जा सकता है और इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना की जानी चाहिए. रोमानिया की सरकार अपने अंतरराष्ट्रीय साझीदार देशों के साथ इस घटना का उचित जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखती है."

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, कमलप्रीत कौर ओलंपिक में पदक की दौड़ से बाहर

    कमलप्रीत कौर

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    भारतीय खिलाड़ी कमलप्रीत कौर टोक्यो ओलंपिक के डिस्कस थ्रो मुक़ाबले के फ़ाइनल में पदकों की दौड़ से बाहर हो गई हैं. फ़ाइनल राउंड में कमलप्रीत छठे स्थान पर रहीं. उन्होंने 63.70 मीटर की दूरी तक डिस्कस फेंका.

    क्वालिफ़िकेशन राउंड में कमलप्रीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 64 मीटर दूर डिस्कस फेंका था और दूसरे स्थान पर रही थीं.

    शनिवार को हुए इस राउंड में दो खिलाड़ियों कमलप्रीत और अमेरिका की वैलेरी ऑलमैन को सीधे फ़ाइनल राउंड के लिए जगह मिल गई थी.

    कमलप्रीत ने इस राउंड में पिछले ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता क्रोएशिया की सांद्रा पेर्कोविक और क्यूबा की विश्व चैंपियन याइम पेरेज़ से ज़्यादा दूर डिस्कस फेंका था.

    लेकिन डिस्कस थ्रो में भारत की अनुभवी खिलाड़ी सीमा पूनिया क्वालिफ़ाइंग राउंड में छठे स्थान पर रहकर बाहर हो गई थीं.

  9. बीजेपी पर भड़की शिवसेना बोली- अंत नज़दीक; उद्धव ने कहा- ऐसा थप्पड़ मारेंगे...

    उद्धव ठाकरे

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    इमेज कैप्शन, उद्धव ठाकरे

    एक समय के पुराने सहयोगी रहे शिव सेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच कटुता लगातार बढ़ती जा रही है.

    शिवसेना ने अब बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘महाराष्ट्र में बीजेपी जिस तरह का व्यवहार कर रही है उस वजह से उसका अंत नज़दीक है’.

    पार्टी ने राज्य में बीजेपी के एक विधायक (एमएलसी) प्रसाद लाड की रविवार को एक समारोह में की गई कथित टिप्पणी पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की है जिसमें मुंबई में शिवसेना भवन को तोड़ने की बात की गई थी.

    पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा है, "शिवसेना भवन की ओर जिसने भी टेढ़ी नज़र से देखा है, उनके नेता और उनकी पार्टी वर्ली के गटर में बह गए हैं."

    संपादकीय में लिखा गया है कि कुछ लोग शिवसेना को लेकर ऐसी बातें इसलिए कर रहे हैं क्योंकि शिवसेना भवन पर बालासाहेब ठाकरे और छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्तियाँ लगी हैं और उनका भगवा ध्वज लहरा रहा है जिससे उन्हें परेशानी होती है.

    बीजेपी के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणी करते हुए सामना ने लिखा है, “बीजेपी एक समय निष्ठावान कार्यकर्ताओं की पार्टी थी, जो ज़मीन से जुड़े थे….पर अब पार्टी की असल विचारधारा वाले लोग नीच लोगों को आगे बढ़ा रहे हैं. इसलिए पार्टी का अंत निकट आ रहा है.”

    इस बीच महाराष्ट्र विधान परिषद के बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने अपने बयान को लेकर सफ़ाई दी है और माफ़ी भी माँगी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा है, “मैंने अपने भाषण में ये कहा था कि हम जब दादर-माहिम आते हैं, तो ऐसा पुलिस बंदोबस्त होता है जैसे हम शिवसेना भवन पर हमला करने जा रहे हैं. मैंने अपने बयान के लिए माफ़ी माँगी है.”

    मगर शिवसेना ने उनकी माफ़ी को ख़ारिज कर दिया है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, "ये लोग बीजेपी से नहीं हैं. वहाँ कुछ बाहरी लोग हैं, आयात-निर्यात वाले. ये लोग महाराष्ट्र में बीजेपी को ले डूबेंगे. हम इस माफ़ी को स्वीकार नहीं करते."

    रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बिना बीजेपी का नाम लिए ऐसे बयानों के ख़िलाफ़ चेतावनी दी थी.

    एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ मुंबई में एक प्रोजेक्ट की आधारशिला रखते हुए उद्धव ने दबंग फ़िल्म के चर्चित डायलॉग के अंदाज़ में कहा था, “थप्पड़ से डर नहीं लगता. किसी को भी थप्पड़ वाली भाषा नहीं बोलनी चाहिए वरना हम ऐसा कड़ा थप्पड़ लगाएँगे कि दूसरा आदमी पैर पर खड़ा नहीं हो सकेगा.”

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  10. मोदी सरकार के सहयोगी नीतीश ने भी की पेगासस मामले की जाँच की मांग

    नीतीश कुमार

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    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पेगासस मामले की जाँच की मांग की है. ऐसी मांग करने वाले वो बीजेपी की किसी सहयोगी पार्टी के पहले नेता हैं.

    आज पटना में पेगासस मामले की जाँच जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) या सुप्रीम कोर्ट से कराए जाने की मांग के संबंध में नीतीश कुमार ने कहा, "बिलकुल होना चाहिए. टेलीफोन टैपिंग की बात इतने दिनों से आ रही है. इस पर ज़रूरत बात हो जानी चाहिए."

    उन्होंने कहा कि इन सब चीज़ों पर पूरे तौर से एक-एक बात को देखकर उचित कदम उठाना चाहिए.

    उन्होंने कहा," जो कुछ भी है, उसकी पूरे तौर पर जांच करके... किसी को किस तरह से फोन को लोग अपने ढंग से सुन रहे हैं या कुछ भी कर रहे हैं या उस पर कब्ज़ा कर रहे हैं या क्या कर रहे हैं, ये पूरी बात आनी चाहिए.

    "इतने दिनों से जब लोग लगातार बोल रहे हैं, तो इसके बारे में निश्चित रूप से मेरी समझ से जांच कर लेनी चाहिए ताकि जो भी सच्चाई हो, वो सामने आ जाए और कभी भी कोई किसी को परेशान करने के लिए इस तरह का काम करता है तो ये नहीं होना चाहिए. इसके लिए ये ज़रूरी है कि सब चीज़ों पर बात हो जाए."

    इसराइली स्पाइवेयर पेगासस के ज़रिए कथित तौर पर राजनेताओं व अन्य लोगों की जासूसी के मामले पर विपक्ष लगातार मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है.

    मगर सरकार ने इस पूरी रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताकर ऐसी किसी जाँच से सीधे इनकार कर दिया है.

    लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले सप्ताह पेगासस मामले की जाँच के लिए एक आयोग गठित करने का एलान किया था.

    दो सदस्यों वाले आयोग का नेतृत्व कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य कर रहे हैं जबकि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एमबी लोकुर इसके दूसरे सदस्य हैं.

    आयोग को छह महीने के भीतर इसराइली स्पाइवेयर पेगासस के ज़रिए कथित तौर पर राजनेताओं व अन्य लोगों की जासूसी की जाँच पर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है.

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  11. पंजाब में खुले सभी कक्षाओं के स्कूल, मगर कोरोना को लेकर पूछे जा रहे सवाल

    पंजाब

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    पंजाब में कई महीनों के बाद आज से सभी कक्षाओं के स्कूल खुल गए. पंजाब सरकार ने पिछले शनिवार को सभी कक्षाओं के लिए 2 अगस्त से स्कूल खोलने की घोषणा की थी.

    पंजाब में इससे पहले इस वर्ष फ़रवरी में प्री-पाइमरी और पहली और दूसरी कक्षाओं के लिए स्कूल खोले थे.

    बाक़ी राज्यों की तरह वहाँ भी मार्च 2020 से कोरोना महामारी की वजह से सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे और फ़रवरी में पंजाब ने 10 महीने बाद स्कूल खोले थे.

    मगर इस साल मार्च-अप्रैल में दूसरी लहर के बाद स्कूलों को दोबारा बंद करना पड़ा था. पंजाब ने सभी कक्षाओं के स्कूल खोलने से पहले 26 जुलाई से 10 से 12वीं कक्षा के लिए स्कूलों को खोला गया था.

    हालाँकि, इस बार स्कूल खोलने के पंजाब सरकार के फ़ैसले को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं.

    पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस बारे में जताई जा रही चिंताओं पर स्थित स्पष्ट करने के लिए कहा है.

    नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने पूछा है कि सरकार ने डॉक्टरों और विशेषज्ञों की किस रिपोर्ट के आधार पर इतना बड़ा फ़ैसला किया है.

    पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने रविवार को कहा था कि बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावकों को लिखित अनुमति देनी होगी.

    उन्होंने साथ ही बताया कि स्कूल नहीं आने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएँ जारी रहेंगी.

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  12. आईटी ऐक्ट के हटा दिए गए सेक्शन 66ए पर राज्यों और उच्च न्यायालयों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट

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    इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी ऐक्ट के सेक्शन 66ए को ख़त्म करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इस प्रावधान के तहत लोगों पर मुक़दमे दर्ज करने को लेकर सर्वोच्च अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उच्च न्यायालयों को नोटिस जारी किया है.

    साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने आईटी ऐक्ट की इस धारा को हटाने का आदेश दिया था.

    जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस बीआर गवई की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि पुलिस राज्य का विषय है, इसलिए इस मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पार्टी बनाना बेहतर रहेगा ताकि सर्वोच्च न्यायालय एक समग्र आदेश पारित कर सके और ये मामला हमेशा के लिए सुलझ जाए.

    खंडपीठ ने कहा, "चूंकि ये मामला पुलिस और न्यायपालिका से जुड़ा है, इसलिए हम सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी करते हैं."

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सभी पार्टियों को चार हफ़्तों के भीतर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है.

    इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी ऐक्ट

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    सुनवाई के दौरान के याचिकाकर्ता एनजीओ 'पीपुल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज़' (पीयूसीएल)के सीनियर एडवोकेट संजय पारिख ने कहा कि इस मामले के दो पहलू हैं, एक पुलिस है और दूसरी न्यायपालिका, जहां इन मामलों की आज भी सुनवाई चल रही है.

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका के मामले को वो देखेगा और सभी उच्च न्यायालयों को नोटिस जारी किया जाएगा. चार हफ़्ते बाद इस मामले की फिर से सुनवाई होगी.

    सुनवाई की शुरुआत में केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार के हलफनामे पर पीयूसीएल का रिज्वॉयंडर (जवाब) उन्हें रविवार को मिला है और वे इसे देखना चाहेंगे.

    पांच जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आईटी ऐक्ट के ख़त्म कर दिए गए सेक्शन 66ए के प्रावधान के तहत लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया जाना आश्चर्य कर देने वाली है.

    इस प्रावधान के तहत इंटरनेट पर आपत्तिजनक संदेश पोस्ट करने वाले व्यक्ति को तीन साल तक की जेल और जुर्माने की सज़ा दिए जाने का प्रावधान था.

  13. लालू और मुलायम के बीच हुई चाय पर चर्चा, अखिलेश भी मौजूद

    लालू, मुलायम और अखिलेश

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    भारत में मोदी सरकार को घेरने की विपक्ष की कोशिशों के बीच बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज नेताओं लालू यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच दिल्ली में मुलाक़ात हुई है.

    चारा घोटाले में अप्रैल में ज़मानत पर रिहा होने के बाद से लालू यादव दिल्ली में अपनी बेटी और राज्य सभा सांसद मीसा भारती के घर अपनी सेहत बेहतर कर रहे हैं.

    उन्होंने पिछले दिनों अपनी पार्टी के एक समारोह में कहा था कि वो जल्दी बिहार लौटेंगे और पूरे राज्य का दौरा करेंगे. मगर बताया जाता है कि इधर उन्होंने दिल्ली में ही कुछ नेताओं के साथ मिलना शुरू किया है.

    इसी कड़ी में सोमवार को उन्होंने समाजवादी पार्टी के संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से उनके आवास पर मुलाक़ात की.

    मुलायम सिंह यादव को भी स्वास्थ्य वजहों से एक लंबे समय से सार्वजनिक जगहों पर नहीं देखा गया है.

    लालू यादव से मुलाक़ात के दौरान मुलायम सिंह के बेटे और समाजवादी प्रमुख तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौजूद थे.

    लालू यादव और अखिलेश यादव ने ट्विटर पर इस मुलाक़ात की तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें तीनों नेता चाय पीते नज़र आ रहे हैं.

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    लालू यादव ने भी मुलाक़ात के बाद ट्वीट किया है और लिखा है- " देश के वरिष्ठतम समाजवादी साथी आदरणीय श्री मुलायम सिंह जी से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। खेत-खलिहान,ग़ैर-बराबरी, अशिक्षा,किसानों, गरीबों व बेरोजगारों के लिए हमारी सांझी चिंताएं और लड़ाई है। आज देश को पूंजीवाद और सम्प्रदायवाद नहीं बल्कि लोकसमता एवं समाजवाद की अत्यंत आवश्यकता है।

    लालू यादव ने पिछले महीने 5 जुलाई को अपनी पार्टी की स्थापना की रजत जयंती पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें बहुत जल्दी अस्पताल से छुट्टी मिलेगी और वो बहुत जल्दी बिहार लौटेंगे.

    दिल्ली में अपनी बेटी के सरकारी आवास से एक लाइव वीडियो संदेश में लालू यादव ने कहा था," हम आएँगे बहुत जल्दी पटना, पटना ही नहीं, बिहार के हर ज़िला में आएँगे, हम अपनी उपस्थिति को दर्ज कराएँगे. हम आएँगे, आपलोग अपने धैर्य को रखिए. धैर्य टूटने नहीं पाए."

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  14. उत्तर प्रदेशः 16 अगस्त से खुलेंगे स्कूल, 1 सितंबर से कॉलेज

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    उत्तर प्रदेश में 16 अगस्त से इंटरमीडिएट स्कूल खोलने की इजाजत दे गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अभी केवल 50 फीसदी उपस्थिति के साथ ही स्कूल खोले जा सकेंगे.

    इसके साथ ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी भी एक सितंबर से खोले जाएंगे.

    उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को 5 अगस्त से बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है.

  15. शिल्पा शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- मीडिया ट्रायल बंद हो

    शिल्पा शेट्टी

    अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने अपने पति और व्यवसायी राज कुंद्रा की गिरफ़्तारी के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए एक बयान जारी किया है.

    उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंटों पर लिखा है कि उनके साथ मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए और उन्हें मुंबई पुलिस और न्यायपालिका में पूरा भरोसा है.

    उन्होंने लिखा है, "पिछले कुछ दिन हमारे लिए, हर मोर्चे पर चुनौती भरे रहे. बहुत सारी अफ़वाहें और आरोप लगे. मीडिया ने कफ़ी लांछन लगाए..काफ़ी ट्रोलिंग हुई, सवाल पूछे गए...केवल मुझसे नहीं बल्कि मेरे परिवार से भी."

    "मेरा इस बारे में पक्ष यही था..कि मैं कुछ नहीं बोलूँगी और इससे बचूँगी क्योंकि ये मामला अदालत में चल रहा है, इसलिए मेरी ओर से फ़र्ज़ी बयान मढ़ना बंद करें."

    उन्होंने अपनी पोस्ट में अपने परिवार और उनकी प्राइवेसी के सम्मान का वास्ता देते हुए अंत में लिखा है, "हमारे साथ मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए. कृपया क़ानून को अपना काम करने दें. सत्यमेव जयते."

    मीडिया के ख़िलाफ़ अदालत भी गई थीं शिल्पा

    शिल्पा शेट्टी ने मीडिया से अपनी शिकायत को लेकर अदालत का भी दरवाज़ा खटखटाया था मगर बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह उनके आग्रह को नामंज़ूर करते हुए कहा था कि गिरफ़्तार व्यवसायी राज कुंद्रा की पत्नी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के बारे में ख़बर देने पर रोक लगाने से प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर असर पड़ेगा.

    शिल्पा शेट्टी ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके और उनके परिवार के बारे में मानहानि करने वाले लेख प्रकाशित किए जा रहे हैं.

    लेकिन अदालत ने कहा कि शिल्पा शेट्टी ने जिन लेखों का ज़िक्र किया है उनसे मानहानि होती प्रतीत नहीं होती.

    शिल्पा शेट्टी ने अपने आवेदन में ये कहते हुए 25 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी माँग की थी कि मीडिया संगठनों और गूगल, फ़ेसबुक, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की वजह से उनकी प्रतिष्ठा को भारी नुक़सान हुआ है.

    मगर न्यायाधीश ने इसे भी अस्वीकार करते हुए कहा कि "गूगल, यूट्यूब और फ़ेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों के संपादकीय सामग्रियों को नियंत्रित करने का अनुरोध करना ख़तरनाक बात है.“

    न्यायिक हिरासत में हैं राज कुंद्रा

    शिल्पा शेट्टी के पति व व्यवसायी राज कुंद्रा को मुंबई की एक अदालत ने पिछले सप्ताह मंगलवार 27 जुलाई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

    राज कुंद्रा को 22 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था जिसके बाद वो पुलिस हिरासत में थे.

    मुंबई पुलिस ने राज कुंद्रा को पोर्नोग्राफ़िक फ़िल्में बनाने और उसे किसी ऐप के ज़रिए मुहैया कराने के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

    मुंबई पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच के पास फरवरी, 2021 में एक मामला दर्ज हुआ था. राज कुंद्रा को इसी मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है.

    पुलिस ने दावा किया है कि मामले में राज कुंद्रा के शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं.

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  16. 'सिंधु दौड़कर आई, मुझे बाँहों में भर लिया', हराने वाली ताई ने की जमकर तारीफ़

    पीवी सिंधु और ताई ज़ू यिंग

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    “सिंधु दौड़कर आई, मुझे गले लगाया और मेरा चेहरा अपने हाथों में भरकर बोली- मुझे पता है कि तुम असहज हो. तुमने बहुत अच्छा खेला लेकिन आज तुम्हारा दिन नहीं था. उसने मुझे बाँहों में भर लिया और बोली कि उसे सब मालूम है कि मुझे कैसा लग रहा होगा.”

    भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के बारे ये अनुभव चीनी ताइपे खिलाड़ी ताई ज़ू यिंग ने साझा किया है.

    वही ताई ज़ू यिंग जिन्होंने सिंधु के टोक्यो ओलंपिक के फ़ाइनल में पहुँचने का अंत किया था. ताई ने सेमी फ़ाइनल में सिंधु को हरा दिया था.

    मगर फिर ताई को फ़ाइनल में चीनी खिलाड़ी चेन यू फ़ेई के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.

    ताई ने सिल्वर मेडल तो जीता लेकिन गोल्ड जीतने का मौका खोकर वो काफ़ी दुखी थीं और तब भारत की सिंधु ने उन्हें संभाला.

    अब दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी ने ताई ने ये पूरी घटना अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है और पीवी सिंधु को शुक्रिया कहा है.

    27 वर्षीय ताई ने अपनी भावुक पोस्ट में लिखा है,“सिंधु के इस सच्चे उत्साहवर्धन ने मुझे रुला दिया था. मैं सच में बहुत दुखी थी क्यों मैंने बहुत कोशिश की थी.”

    पीवी सिंधु

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    सिंधु की खेल भावना की तारीफ़

    ताई ज़ू की इस इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोग पीवी सिंधु की खेल भावना की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं.

    ताई ज़ू का यह तीसरा ओलंपिक था जिसमें उन्होंने सिल्वर मेडल जीता. चीन की चेन यू फ़ेई ने फ़ाइनल मैच में ताई को18-21, 21-19 और 18-21 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.

    साल 2016 में रियो ओलंपिक में ताई की जगह पीवी सिंधु थीं. उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था और स्पेन की कैरोलिना मारिन ने उन्हें हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.

    ताई से हारने के बाद सिंधु ने चीन की हे बिंग जियाओ को हराकर टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत लिया था.

    सिंधु भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार दो बार ओलंपिक में व्यक्तिगत मेडल जीता है.

  17. ख़ुशी से रो पड़े हॉकी टीम के कोच, बोले- सॉरी फ़ैमिली, मैं फिर बाद में आता हूँ

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    'सॉरी फैमिली, मैं एक बार फिर देर से आ रहा हूँ.'

    ये शख़्स ओलंपिक में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच हैं. नाम है-शोर्ड मारिन.

    मारिन ने कोविड महामारी की चुनौती के बीच इन लड़कियों में वो हौसला भरा कि वो टोक्यो में 'चमत्कार' कर रही हैं.

    ऑस्ट्रेलिया पर टीम इंडिया की जीत के बाद शोर्ड मारिन ने ट्विटर पर टीम की सभी खिलाड़ियों के साथ एक हँसती-मुस्कुराती सेल्फ़ी पोस्ट की और लिखा-सॉरी फैमिली, मैं फिर बाद में आता हूँ.

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    ख़ुशी से रो पड़े टीम इंडिया के कोच

    इसके अलावा मारिन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहा है.

    इसमें देखा जा सकता है कि टीम इंडिया की जीत के बाद शोर्ड मारिन वीडियो कॉल पर किसी से बात कर रहे हैं और बात करते-करते अचानक रोने लगते हैं.

    यह पहली बार है जब भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक के सेमी फ़ाइनल में पहुँची है. भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया.

    इसी के साथ महिला टीम इतिहास रचते हुए ओलंपिक के सेमी फ़ाइनल में पहुँच गई है.

    इस मैच में भारतीय टीम ने एक गोल किया जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम एक भी गोल कर पाने में नाकाम रही.

    भारत की तरफ़ से इकलौता गोल गुरजीत कौर ने किया और इसी इकलौते गोल के दम पर टीम इंडिया ने सेमी फ़ाइनल में जगह पक्की कर ली.

  18. भारतीय महिला हॉकी टीम: शून्य को एक में बदलते देखने की खुशी ❤️, नवीन नेगी, बीबीसी संवाददाता

    कहते हैं सुबह के सपने हक़ीक़त में तब्दील हो जाते हैं. लेकिन उस हक़ीक़त को क्या कहें जो सुबह-सुबह किसी सपने जैसी लगे.

    2 अगस्त 2021 की सुबह शायद ही किसी हिंदुस्तानी ने सोचा होगा कि आज उन्हें नींद से जगने के बाद एक अद्भुत-अविश्वनीय सपना देखने को मिलेगा.

    शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि हफ्ते के पहले दिन महिला हॉकी की स्टिक उनकी धड़कनें बढ़ा रही होगी. लेकिन हिंदुस्तान से मीलों दूर टोक्यो की गहरी नीली टर्फ पर खड़ी, आसमानी नीली जर्सी पहने उन लड़कियों को आज सपनों की नहीं, बल्कि हक़ीक़त की जंग जीतने का भरोसा था.

    उन्हें विश्वास था कि घर के जिन पहरों को लांघकर वो आज यहां खड़ी हैं वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कितनी नींदें कुर्बान की. उन्हें याद था रियो ओलंपिक का वो बुरा ख़्वाब, जब अंक तालिका में उनके नाम के आगे शून्य लगा था.

    वो बीते डेढ़ साल से एक मैच तक नहीं खेल सकी थीं और उनकी कप्तान सहित 9 साथी कोरोना की मार झेल चुकी थीं.

    कुछ लोगों ने मान लिया था कि गांव और छोटी-छोटी कोठरियों से निकली इन लड़कियों का पीली जर्सी में चमकती विरोधियों को देखकर ही दम फूल जाएगा. लेकिन आज का सूरज शायद इतिहास देखने के लिए ही टोक्यो में उदय हुआ था.

    मैच की पहली सीटी से पूरे मैदान पर हर तरफ नीली जर्सी अपना दम दिखाती रही. जिन लड़कियों के नाम इस ओलंपिक में सबसे ख़राब पेनल्टी कॉर्नर का रिकॉर्ड था, आज उन्हें सिर्फ एक पेनल्टी कॉर्नर मिला और उन्होंने उस मौक़े जाने नहीं दिया.

    स्कोर बोर्ड पर जब भारत के आगे शून्य के बदले एक लिखा जा रहा था, तो वो पल अपने आप में आंखों में आंसूं भर देने वाला था. हम तीन बार की ओलंपिक चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से आगे थे.

    ये बात अगर आज से पहले कोई किसी से कहता तो इस पर ज़ोर से हँसी छूट जाती. हँसी आज भी हमारे चेहरों पर थी लेकिन उनके साथ आंखों में आंसू भी थे.

    हमने आज नींद से जगने के बाद सपना देखा था, हमने आज शून्य को एक में बदलते देखा.

  19. टोक्यो से लाइव: भारत की महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास

  20. टोक्यो ओलंपिक: भारत की महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमी फ़ाइनल में

    भारतीय महिला हॉकी टीम

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    भारत की महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया है.

    इसी के साथ महिला टीम इतिहास रचते हुए ओलंपिक के सेमी फ़ाइनल में पहुँच गई है.

    इस मैच में भारतीय टीम ने एक गोल किया जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम एक भी गोल कर पाने में नाकाम रही.

    भारत की तरफ़ से इकलौता गोल गुरजीत कौर ने किया और इसी इकलौते गोल के दम पर टीम इंडिया ने सेमी फ़ाइनल में जगह पक्की कर ली.

    यह पहली बार है जब भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक के सेमी फ़ाइनल में पहुँची है. भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया.

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