जामिया में गोली चलाने वाले गोपाल पर गुरुग्राम में केस, गिरफ़्तार

गोपाल पर आरोप है कि उन्होंने एक महापंचायत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया था.

लाइव कवरेज

वात्सल्य राय, अनंत प्रकाश, भूमिका राय, विभुराज and अपूर्व कृष्ण

  1. जामिया में गोली चलाने वाले गोपाल गिरफ़्तार, भड़काऊ भाषण देने का मामला

    गोपाल शर्मा
    इमेज कैप्शन, गोपाल शर्मा

    दिलनवाज़ पाशाबीबीसी संवाददाता

    हरियाणा के गुरुग्राम में भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ़्तार हिंदूवादी कार्यकर्ता गोपाल शर्मा उर्फ रामभक्त गोपाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

    गोपाल के ख़िलाफ़ पटौदी थाने में एक स्थानीय हिंदू कारोबारी की शिकायत पर आईपीसी की धारा 153ए और 295ए के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने इसी आधार पर उन्हें गिरफ़्तार किया था.

    गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता सुभाष बोकन ने गोपाल की गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए बीबीसी से कहा, 'इस मामले में एफ़आईआर दर्ज हुई है, संबंधित व्यक्ति को गिरफ़्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.'

    गोपाल शर्मा ने बीती चार जुलाई को पटौदी में हुई महापंचायत में अल्पसंख्यक मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया था.

    बीबीसी से बातचीत में अपने भाषण पर सफ़ाई देते हुए गोपाल ने कहा था, ''मेरे भाषण में कुछ शब्द थे, जिनका मैं उपयोग नहीं करना चाह रहा था, वहां ज़्यादा गर्मी और भीड़ होने के कारण अज्ञानता से मेरे मुंह से कुछ ऐसे शब्द निकल गए. मैं उठा लेने की जगह ब्याह कर लाने की बात कर रहा था.'

    गोपाल शर्मा इससे पहले दिल्ली में स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर गोली चलाने की वजह से चर्चा में आए थे. इस मामले में उन पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत एफ़आईआर दर्ज हुई थी. लेकिन उस दौरान वह नाबालिग़ थे, ऐसे में उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया था.

    रामभक्त गोपाल

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  2. मेहुल चोकसी को मिली जमानत, इलाज के बाद डोमिनिका लौटना होगा

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    डोमिनिका की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत देकर एंटिगा जाने की इजाज़त दे दी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ ये जमानत सिर्फ मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए दी गयी है और उस वक़्त तक के लिए दी गयी है जब तक वह यात्रा करने लायक नहीं हो जाते. इसके बाद उन्हें डोमिनिका लौटना होगा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी स्थानीय मीडिया के हवाले से मेहुल को जमानत मिलने की जानकारी दी है.

    मेहुल चोकसी 23 मई को एंटीगा से रहस्यमय तरीके से ग़ायब हो गए थे. बाद में उनके डोमिनिका में गिरफ़्तार होने की ख़बर आई. कोर्ट ने पहले उनकी जमानत नामंजूर कर दी थी.

  3. ब्रिटेन में 19 जुलाई से हटेंगी कोविड पाबंदी: प्रधानमंत्री जॉनसन

    ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन
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    ब्रिटेन में 19 जुलाई से कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियां हट जाएंगी.

    प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि लगभग सभी पाबंदियां हटा दी जाएंगी.

    बोरिस जॉनसन ने कहा, “महामारी अभी ख़त्म नहीं हुई है. आपके और आपके परिवार पर ख़तरा बरकरार है. इसलिए 19 जुलाई को जीवन महामारी के पहले वाली स्थिति में नहीं आएगा.”

    उन्होंने लोगों से कहा हैं कि वे अपनी सुरक्षा के लिए सावधानियां रखें.

    नाइटक्लबों से कहा गया है कि वो 19 जुलाई के बाद वैक्सीन लगा चुके लोगों को ही इजाज़त दें. सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहनना जरूरी होगा. जो लोग रेड लिस्ट वाले देशों से आएंगे उन्हें होटलों में क्वैरंटीन रहना होगा.

  4. दक्षिण अफ़्रीका: जैकब जुमा को जेल भेजे जाने पर हिंसक प्रदर्शन और लूटपाट

    दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा

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    दक्षिण अफ़्रीका में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को अदालत की अवमानना ​​से जुड़े एक मामले में जेल भेजे जाने के बाद से हिंसक विरोध और लूटपाट जारी है.

    क्वाज़़ुलु-नताल प्रांत में प्रदर्शनकारियों ने एक शॉपिंग मॉल को आग लगा दी है. सोशल मीडिया पर जलते हुए मॉल और विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हुई तस्वीरें वायरल हो रही हैं.

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    दक्षिण अफ़्रीका की सरकार ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया है. सुरक्षाबलों की ओर से सड़कें ब्लॉक की गयी हैं. और सुरक्षाबल विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहे हैं.

    इस मामले में संवैधानिक अदालत अवमानना मामले में जुमा की अपील सुन रही है. लेकिन इस दौरान भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं. अदालत इस मामले में अपने फैसले की समीक्षा कर रही है. और अदालत के आगामी फैसले में पता चलेगा कि जुमा को दी गयी सजा माफ कर दी जाएगी या उसे बरकरार रखा जाएगा.

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  5. अमेरिका के पश्चिमी क्षेत्र में भयानक गर्मी से जंगलों में लगी आग, अधिकतम तापमान 54.3 डिग्री दर्ज

    जंगलों में लगी हुई आग

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    अमेरिका के पश्चिमी तट के प्रदेशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से एक बड़े भू-भाग में फैले जंगलों में आग लगी हुई है.

    पिछले साल की तरह अमेरिकी प्रांत ओरेगन के जंगलों में एक बार फिर भयानक आग लग गयी है. यहां के फ्रेमोंट-विनेमा नेशनल फॉरेस्ट में तेज हवाओं की वजह सेलगभग 311 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आग की चपेट में आ गया है.

    वहीं, कैलिफोर्निया की डेथ वैली में बीते शुक्रवार अधिकतम तापमान 54.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अमेरिका के साथ – साथ कनाडा का पश्चिमी क्षेत्र भी भीषण गर्मी का सामना कर रहा है.

    जंगलों में लगी आग

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    सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग

    तेज़ी से फैलती आग की वजह से स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है. कई जगहों पर आग की वजह से बिजली के तार जलने की घटनाएं सामने आई हैं.

    भीषण गर्मी से बचाव के लिए लोगों से वातानुकूलित इमारतों और कमरों में रहने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन की ओर से आम लोगों के लिए वातानुकूलित कूलिंग सेंटरों की व्यवस्था की जा रही है.

    इसके साथ ही गर्मी की चपेट में आने वालों को पानी पीते रहने की सलाह दी जा रही है.

    जंगल में लगी आग

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    मुश्किल होते हालात

    इस क्षेत्र में आम लोगों को आग से बचाने से लेकर जंगलों में आग बुझाने के लिए कई टीमें काम कर रही हैं.

    लेकिन बेहद गर्मी और शुष्क वातावरण की वजह से दमकलकर्मियों के लिए आग बुझाना मुश्किल होता जा रहा है.

    दमकलकर्मियों की टीमें हवाई जहाज से पानी की बौछार करके आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं.

    लेकिन ये तरीका कारगर सिद्ध होता नहीं दिख रहा है. कई दमकलकर्मियों ने कहा है कि हवा के शुष्क होने की वजह से पानी ज़मीन पर पहुंचने से पहले ही भाप बनकर उड़ रहा है.

    इसी बीच शनिवार को दमकलकर्मियों का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से दो दमकलकर्मियों की मौत हो गयी है.

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    क्या जलवायु परिवर्तन है वजह?

    अमेरिकी प्रांत नेवाडा में बीते शनिवार अधिकतम तापमान 47.2 दर्ज किया गया है. इससे कुछ हफ़्ते पहले उत्तरी अमेरिका में एक ख़तरनाक हीटवेब दर्ज की गयी थी जिसके दौरान अचानक सैकड़ों लोगों के मरने की ख़बरें आई थीं.

    इनमें से कई लोगों की मौत को गर्मी से जोड़कर देखा जा रहा था.

    ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटना है.

    विशेषज्ञों की मानें तो जलवायु परिवर्तन की वजह से इस तरह की भीषण मौसमी घटनाएं होने की संख्या बढ़ सकती है लेकिन किसी भी एक घटना को जलवायु परिवर्तन से जोड़ना एक जटिल प्रक्रिया है.

    हालांकि, जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने वालों की मानें तो जलवायु परिवर्तन के बिना जून महीने के अंत में पश्चिमी कनाडा और अमेरिका में इतनी गर्मी पड़ना लगभग असंभव सा है.

  6. 12 सितंबर को होगी नीट परीक्षा: धर्मेंद्र प्रधान

    प्रतीकात्मक तस्वीर

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    नीट परीक्षा इस साल 12 सितंबर को होगी.

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार शाम इसकी जानकारी दी.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “आगामी 12 सितंबर को सभी कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में नीट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए कल शाम पाँच बजे के बाद से एनटीए की वेबसाइटों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी."

    "सामाजिक दूरी से जुड़े नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए वह शहर जहां परीक्षाएं आयोजित होगी, उनकी संख्या को 155 से बढ़ाकर 188 कर दिया गया है. इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों की संख्या, जो कि साल 2020 में 3862 थी, को बढ़ाया जाएगा.

    कोविड – 19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र पर सभी उम्मीदवारों को फेस मास्क दिया जाएगा. इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश और निकास के समय में अंतर करके भीड़-भाड़ की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी. और कॉन्टेक्ट लैस रजिस्ट्रेशन से लेकर साफ-सफाई और सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जाएगा."

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  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन, सुनिए संदीप सोनी से

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  8. कोई क़ानून बना देने से नहीं होगा जनसंख्या नियंत्रण: नीतीश कुमार

    नीतीश कुमार

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    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर कहा है कि कोई क़ानून बनाकर जनसंख्या को नियंत्रित करना संभव नहीं है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, “अगर आप कानून बनाकर जनसंख्या नियंत्रण करने की कोशिश करेंगे तो मेरा विचार है कि ये संभव नहीं है. आप ज़रा चीन का पता कर लीजिए. एक से दो किया...अब दो के बाद भी क्या हाल हो रहा है. आप कहीं भी किसी भी देश का हाल-चाल देख लीजिए."

    उन्होंने कहा कि इस दिशा में सबसे बड़ा फ़र्क महिलाओं की शिक्षा से आएगा क्योंकि इससे इतनी जागृति आती है कि अपने आप प्रजनन दर घटेगी.

    नीतीश ने कहा,"इससे जुड़े सर्वे और शोध में सामने आया था कि जब पति और पत्नी में से पत्नी मैट्रिक पास होती है तो देश भर की औसत प्रजनन दो थी. जब बिहार में भी ये शोध किया गया तो पता चला कि यहां भी औसत प्रजनन दर दो ही थी. लेकिन अगर महिला बारहवीं पास है तो देश भर का औसत आया 1.7 और बिहार का औसत 1.6 था."

    उन्होंने कहा कि बिहार में इस पर काम का नतीजा है कि औसत प्रजनन दर चार से घटकर तीन तक आ गई है.

    नीतीश ने उम्मीद जताते हुए कहा," 2040 आते-आते वृद्धि नहीं रहेगी और उसके बाद कमी होना शुरू हो जाएगी.”

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  9. ब्रेकिंग न्यूज़, नहीं रुक रही महँगाई, लगातार दूसरे महीने मुद्रास्फ़ीति की दर आरबीआई के लक्ष्य के पार

    भारत में खुदरा सामानों की महँगाई वृद्धि की दर यानी रिटेल मुद्रास्फ़ीति की दर में पिछले महीने के मुक़ाबले कोई अंतर नहीं आया.

    ताज़ा आँकड़ों के अनुसार जून में महँगाई बढ़ने की दर 6.26% दर्ज की गई जबकि इसके पिछले महीने में ये 6.3% थी.

    हालाँकि, उपभोक्ता सामानों की कीमत के इंडेक्स सीपीआई पर आधारित मुद्रास्फ़ीति की दर लगातार दूसरे महीने रिज़र्व बैंक के लक्ष्य से ऊपर रही.

    भारत सरकार की ओर से रिज़र्व बैंक को रिटेल क्षेत्र में महँगाई की दर को 4 प्रतिशत रखने का निर्देश है जिसमें 2 प्रतिशत ऊपर नीचे हो सकता है.

    राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आँकड़ों के मुताबिक़ खाने-पीने के सामानों की महँगाई बढ़ने की दर मई में 5.01% थी जो जून में बढ़कर 5.15% हो गई.

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  10. हिमाचल में बाढ़ से हुआ बुरा हाल, देखें वीडियो

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  11. यूपी में एटीएस के ऑपरेशन पर सपा-बसपा के सवाल, बीजेपी बोली- ‘तुष्टीकरण’

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    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती ने पुलिस के एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के एक ऑपरेशन को लेकर सवाल उठाए हैं. भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘तुष्टीकरण’ बताया है.

    एटीएस ने रविवार को अलक़ायदा से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफ़ाश करने का दावा किया था. इस मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार भी किया था. एटीएस के मुताबिक इनका संबंध ‘अंसार गजवातुल हिंद’ से है. इन दोनों को सोमवार को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

    पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने पुलिस के दावे को लेकर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “अगर दावा सही है तो यह गंभीर मामला है और उचित कार्रवाई होनी चाहिए वरना इसकी आड़ में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही है”

    मायावती ने आगे लिखा, “यूपी विधानसभा आमचुनाव के करीब आने पर ही इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के मन में संदेह पैदा करती है। अगर इस कार्रवाई के पीछे सच्चाई है तो पुलिस इतने दिनों तक क्यों बेखबर रही? यह वह सवाल है जो लोग पूछ रहे हैं। अतः सरकार ऐसी कोई कार्रवाई न करे जिससे जनता में बेचैनी और बढ़े.”

    इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए थे.

    अखिलेश यादव ने कहा था, “ मैं उत्तर प्रदेश की पुलिस पर और ख़ासकर बीजेपी की सरकार पर भरोसा नहीं कर सकता.”

    इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अखिलेश यादव पर पलटवार किया.

    बीजेपी ने कहा, “लखनऊ में एटीएस ने अलकायदा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया.इस सफलता पर गर्व करने की बजाय पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाकर उत्तर प्रदेश पुलिस को अपमानित किया है. अखिलेश जी बताएं कि उनके लिए देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण है या तुष्टीकरण की राजनीति ?”

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  12. हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश से अचानक आई बाढ़, कई गाड़ियां बहीं

    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला (मेक्लॉडगंज) इलाके में सोमवार को तेज बारिश की वजह से अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ़्लड) आने की घटना सामने आई है.

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटना पर नज़र बनाए हुए हैं.

    धर्मशाला के भगसू नाग क्षेत्र में सोमवार दोपहर तेज बारिश की वजह से आई अचानक बाढ़ में रास्ते में खड़ी कई गाड़ियां बह गयी हैं.

    इस घटना में अब तक किसी व्यक्ति के हताहत होने की ख़बर नहीं आई है.

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर ट्वीट कर कहा, “हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश की वजह से जो स्थिति पैदा हुई है, उस पर नज़र रखी जा रही है. संस्थाएं राज्य सरकारों के संपर्क में रहते हुए काम कर रही हैं. और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है. मैं प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थनारत हूं."

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    इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोगों से जोख़िम भरे इलाकों में जाने से बचने की अपील की है.

    उन्होंने कहा है, "अब तक धर्मशाला फ़्लैश फ़्लड में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं आई है. सभी डिप्टी कमिश्नरों और एसपी को सचेत रहने और पर्यटन स्थलों पर व्यवस्था संभालने के लिए कहा गया है. मैं सभी पर्यटकों से अपील करता हूं कि वे जोख़िम भरे क्षेत्रों में जाने से बचें."

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  13. ट्विटर पर अब नए आईटी राज्य मंत्री का ब्लूटिक रहा ग़ायब, बताई ये वजह

    राजीव चंद्रशेखर और नरेंद्र मोदी

    इमेज स्रोत, @RajeevChandrasekharMP

    इमेज कैप्शन, राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मंत्रिपरिषद में पिछले सप्ताह शामिल किया था

    सोमवार को ट्विटर से नए इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर के एकाउंट का ब्लूटिक कुछ देर के लिए ग़ायब हो गया. हालाँकि, कुछ घंटे बाद ये ब्लूटिक वापस आ गया.

    ब्लूटिक किसी खाताधारी के आधिकारिक एकाउंट की पुष्टि करता है.

    नए मंत्री का ये ब्लूटिक दरअसल इसलिए ग़ायब हुआ क्योंकि उन्होंने ट्विटर पर अपनेा यूज़रनेम @rajeev_mp से बदल कर @Rajeev_GoI कर लिया था.

    ट्विटर की वेरिफ़िकेशन नीति के तहत, यूज़रनेम बदलने पर ब्लूटिक अपने आप हट सकता है.

    ट्विटर ने कहा कि वो मंत्री के दफ़्तर के संपर्क में है और ब्लूटिक को बहाल करने के लिए तत्काल क़दम उठाए गए.

    ये घटना ऐसे समय हुई है जब भारत में नए सोशल मीडिया क़ानूनों को लेकर ट्विटर और सरकार के बीच रस्साकशी हो रही है.

    पिछले महीने भी ट्विटर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का ब्लूटिक हट गया था.

    तब ट्विटर ने कहा था कि नियमों के मुताबिक़ यदि कोई एकाउंट अधूरा रहता है या छह महीने तक निष्क्रिय रहता है तो उसका ब्लूटिक स्वतः हट सकता है.

  14. जॉर्डन में दो वरिष्ठ लोगों को षडयंत्र मामले में जेल, प्रिंस हमज़ा पर कोई आरोप नहीं

    अम्मान में सुरक्षाकर्मी

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    जॉर्डन में एक अदालत ने शाही अदालत के एक पूर्व प्रमुख और शाह अब्दुल्ला के एक रिश्तेदार को देशद्रोह और राजशाही के विरुद्ध भड़काने का दोषी ठहराया है और 15 साल जेल की सज़ा सुनाई है.

    बासेम अव्दल्ला और शरीफ़ हसन बिन ज़ायद आरोपों से इनकार करते हैं. दोनों को इस साल अप्रैल में हिरासत में लिया गया था जब पूर्व शहज़ादे प्रिंस हमज़ा को देश को अस्थिर करने की एक कथित साज़िश के मामले में नज़रबंद कर दिया गया था.

    शाह अब्दुल्ला के सौतेले भाई प्रिंस हमज़ा के ख़िलाफ़ कोई आरोप नहीं लगाए गए.

    शाह ने कहा कि उन्होंने इस मामले को हाशिम ख़ानदान के दायरे में रहकर सुलझाने का फ़ैसला किया है.

    उन्होंने ये क़दम प्रिंस हमज़ा के सार्वजनिक तौर पर उनके प्रति वफ़ादारी प्रकट करने के बाद उठाया.

    प्रिंस हमज़ा
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    कथित षडयंत्र का मामला

    इस कथित षडयंत्र के मामले में 18 लोगों को गिरफ़्तार किया और इनमें से 16 लोगों को अप्रैल में ही छोड़ दिया गया.

    बासेम अव्दल्ला और शरीफ़ हसन बिन ज़ायद के ख़िलाफ़ पिछले महीने मुक़दमा हुआ.

    बंद कमरे में चला मुक़दमा छह सुनवाईयों के बाद ख़त्म हो गया. बचाव पक्ष के प्रिंस हमज़ा को गवाह के तौर पर पेश करने की अपील को ठुकरा दिया गया.

    बासेम अव्दल्ला के परिवार की ओर से ठीक किए गए अमेरिका स्थित एक वकील ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि ये मुक़दमा एकदम पक्षपातपूर्ण था और उनके मुवक़्क़िल को यातना दी गई. अभियोजन पक्ष ने इससे इनकार किया है.

    किंग अब्दुल्ला और उनकी पत्नी क्वीन रानिया (सबसे दाएं) प्रिंस हमज़ा और प्रिंसेज़ नूर (बाएं) की शादी में, बीच में हमज़ा की मां क्वीन नूर

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    कौन हैं प्रिंस हमज़ा

    पूर्व क्राउन प्रिंस हमज़ा दिवंगत किंग हुसैन और उनकी पसंदीदा पत्नी क्वीन नूर के सबसे बड़े बेटे हैं.

    उन्हें 1999 में जॉर्डन का युवराज यानी क्राउन प्रिंस बनाया गया था. वो दिवंगत शाह हुसैन के चहेते थे जो उन्हें सार्वजनिक तौर पर किंग 'अपनी आंखों का सुकून' कहते थे.

    मगर शाह हुसैन की मौत के समय उत्तराधिकारी के रूप में उन्हें बेहद युवा और अनुभवहीन समझा गया और शाह अब्दुल्ला जॉर्डन के शासक बने.

    उन्होंने 2004 में हमज़ा की क्राउन प्रिंस की उपाधि को छीन लिया.

    प्रिंस हमज़ा ने 3 अप्रैल को दो वीडियो जारी किए थे जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें नज़रबंद कर दिया गया है.

    उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी को ये कहते बताया कि हमज़ा एक ऐसी मीटिंग में गए थे जहाँ शाह की आलोचना की गई थी.

    उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कुछ ग़लत किया है और वो केवल भ्रष्टाचार और बदइंतज़ामी के विरोध में बोल रहे थे.

    मगर उपप्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि वो कुछ "विदेशी लोगों से संपर्क" कर रहे थे और कुछ नेताओं को सरकार के ख़िलाफ़ एकजुट कर रहे थे.

    5 अप्रैल को प्रिंस हमज़ा ने एक चिट्ठी जारी की जिसमें उन्होंने "संविधान के प्रति वफ़ादार" रहने का संकल्प जताया.

    बाद में शाह अब्दुल्ला ने कहा कि उनके सौतेले भाई उनके परिवार के साथ महल में हैं.

  15. मिस्रः सेक्स अपराधों के लिए नया सख़्त क़ानून मंज़ूर

    मिस्र में बरसों से महिलाओं के साथ यौन अपराध होना एक सामान्य घटना बन चुकी है

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    मिस्र की संसद ने सेक्स अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक नए क़ानून के मसौदे को मंज़ूरी दे दी है.

    नए क़ानून से महिलाओं पर ऐसे किसी भी हमले को आपराधिक घटना माना जाएगा जबकि पहले कई मामलों में इसे बुरा आचरण क़रार दिया जाता था जिसके लिए मामूली सज़ा थी.

    अब नए क़ानून में ऐसे अपराधों के लिए सख़्त सज़ा का प्रावधान किया गया है.

    इसके तहत कम-से-कम पाँच साल और ऐसे अपराध जहाँ कोई हथियार भी बरामद हों, उनमें कम-से-कम सात साल जेल की सज़ा हो सकती है.

    मिस्र

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    यौन हिंसा मिस्र के लिए सामान्य बात

    मिस्र में शोध बताते हैं कि देश में हर महिला को जीवन में कम-से-कम एक बार यौन प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है.

    पिछले साल मिस्र के शहरों में महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा में तेज़ वृद्धि देखी गई थी.

    महिला राजनेताओं ने नए क़ानून को एक बड़ा क़दम बताते हुए इसका स्वागत किया है.

    मिस्र की संसद ने पिछले वर्ष भी एक क़ानून को मंज़ूरी दी थी जिसके तहत यौन हिंसा की शिकार महिलाओं को ये अधिकार था कि वो अपनी पहचान गुप्त रखकर ऐसे मामलों को दर्ज कर सकती हैं.

    मिस्र में ख़ास तौर पर महिला आंदोलनकारी सज़ाओं को सख़्त बनाने की माँग करती रही थीं क्योंकि वहाँ ऐसा समझा जाने लगा है कि मर्द बिना किसी सज़ा के डर के ऐसे अपराध करते हैं जबकि महिलाओं को शिकायत करने पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है.

  16. दिल्लीः अब जनपथ मार्केट को किया गया बंद, कोरोना नियमों का उल्लंघन

    सरोजिनी नगर के मार्केट को भी भीड़ बढ़ने के बाद कर दिया गया था

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    दिल्ली में सरकार ने अब कोविड नियमों के उल्लंघन की वजह से जनपथ मार्केट को बंद कर दिया है.

    दिल्ली आपदा प्रबंधन नियंत्रण प्राधिकरण ने इससे पहले कई और बड़े बाज़ारों के ख़िलाफ़ ऐसी कार्रवाई की थी.

    डीडीएमए ने अपने आदेश में कहा है - "जनपथ मार्केट को डीडीएमए के आदेश की अवहेलना करने और कोविड मानकों को नहीं माने के लिए अगले आदेश तक बंद किया जाता है. कनॉट प्लेस थाने के दारोगा और नई दिल्ली नगरपालिका को इसका पालन करने का आदेश दिया जाता है."

    दिल्ली सरकार ने पिछले दिनों बाज़ारों में भीड़ बढ़ने की वजह से लाजपत नगर, लक्ष्मी नगर, कमला नगर, सरोजिनी नगर और सदर बाज़ार तथा करोल बाग के कुछ इलाकों में बाज़ारों को बंद करवा दिया था.

    दिल्ली में 19 अप्रैल से 20 मई तक लॉकडाउन था. दूसरी लहर के कमज़ोर पड़ने के बाद सरकार ने 7 जून से चरणबद्ध तरीक़े से बाज़ारों को खोलने का फ़ैसला किया.

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  17. सुप्रीम कोर्ट ने सेनारी हत्याकांड पर बिहार सरकार की अपील स्वीकार की

    सेनारी हत्याकांड

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    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेनारी हत्याकांड के अभियुक्तों को बरी करने के फ़ैसले को चुनौती देने वाली बिहार सरकार की याचिका को स्वीकार कर लिया है.

    साल 1999 में प्रतिबंधित संगठन माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर के लोगों ने जहानाबाद ज़िले के सेनारी गांव में अगड़ी कही जाने वाली जातियों के 34 लोगों की हत्या के लिए ज़िला अदालत ने 13 अभियुक्तों को दोषी करार दिया था.

    पटना हाई कोर्ट ने इस मामले में जहानाबाद कोर्ट के फ़ैसले को पलट दिया था.

    सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया कि जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस कृष्ण मुरारि की खंडपीठ इस मामले में पटना हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गई है.

    इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने बरी किए गए सभी अभियुक्तों को नोटिस जारी करने के लिए कहा है.

    पटना हाई कोर्ट ने इसी साल मई महीने में निचली अदालत के फ़ैसले को पलटते हुए 13 अभियुक्तों को तुरंत रिहा करने का फ़ैसला सुनाया था.

    साल 1999 की इस घटना में जहानाबाद कोर्ट ने 18 नवंबर, 2016 को 10 अभियुक्तों को मृत्यु दंड और तीन अभियुक्तों को उम्र कैद की सज़ा सुनाई थी. कोर्ट ने 23 अभियुक्तों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, नेपालः ओली को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने संसद को किया बहाल, देउबा को पीएम बनाने का आदेश

    केपी शर्मा ओली

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    नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिनिधि सभा को भंग करने के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आदेश को रद्द कर दिया है. अदालत ने साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को प्रधानमंत्री नियुक्त करने का आदेश दिया है.

    देउबा सहित 146 लोगों ने संसद को भंग करने के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

    याचिका में संविधान के अनुच्छेद 76(5) के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री देउबा की प्रधानमंत्री पद पर नियुक्ति की मांग की गई थी.

    सुप्रीम कोर्ट के सूचना अधिकारी देवेंद्र ढकाल के अनुसार संवैधानिक न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि प्रधान मंत्री ओली को प्रतिनिधि सभा को भंग करने का कोई अधिकार नहीं है और अदालत ने उनके सभी फैसलों को पलट दिया है.

    उन्होंने बताया कि अदालत ने सात दिन के भीतर प्रतिनिधि सभा का सत्र बुलाने को कहा है.

    सुप्रीम कोर्ट के सूचना अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति कार्यालय के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री देउबा को दो दिन के भीतर नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया है क्योंकि प्रधानमंत्री पद के लिए उनके दावे पर 149 हस्ताक्षर हैं.

    नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देऊबा

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    संसद भंग और चुनाव का आदेश

    नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने 22 मई को प्रधानमंत्री ओली की सिफ़ारिश पर संसद भंग कर नवंबर में चुनाव कराने का की घोषणा की थी.

    नेपाल की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने राष्ट्रपति के इस फ़ैसले को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

    ओली 10 मई को संसद में विश्वास मत नहीं जीत पाए थे जिसके बाद राष्ट्रपति ने विपक्ष को 24 घंटे के अंदर विश्वास मत पेश करने का प्रस्ताव दिया था.

    नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देऊबा ने अपने लिए प्रधानमंत्री पद का दावा किया था और कहा था कि उनके पास 149 सांसदों का समर्थन है.

    नेपाली राष्ट्रपति ने पिछले साल दिसंबर में भी संसद भंग करने का फ़ैसला किया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फ़रवरी में इसे असंवैधानिक क़रार देते हुए संसद को बहाल कर दिया था.

  19. हेटी के राष्ट्रपति की हत्या मामले में मुख्य संदिग्ध गिरफ़्तार

    पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए संदिग्ध लोगों की तस्वीरें और वीडियो जारी किए है

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    हेटी की पुलिस का कहना है कि पिछले हफ़्ते हुई राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ की हत्या के मामले में एक डॉक्टर को गिरफ़्तार किया गया है जो इस साज़िश में प्रमुख संदिग्ध है.

    पुलिस का कहना है कि 63 वर्षीय क्रिस्टियन इमैनुएल सैनोन हेटी के नागरिक हैं. वे 'राजनीतिक मक़सद' से जून महीने की शुरुआत में प्राइवेट जेट से हेटी आए थे.

    इससे पहले पुलिस ने बताया था कि सात जुलाई को 28 विदेशी भाड़े के सैनिकों ने राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ के आवास पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी.

    इस हमले में जोवेनेल मोइज़ की पत्नी मार्टिन मोइज़ घायल हो गई हैं जिनका अमेरिका में इलाज किया जा रहा है.

    मार्टिन मोइज़ ने बाद में बताया, "हमलावरों ने आधी रात को हमारे घर पर धावा बोला था. उन्होंने मेरे पति को गोलियों से छलनी कर दिया. सबकुछ इतनी तेज़ी से हुआ कि मेरे पति एक भी शब्द नहीं कह पाए."

    हेटी के मरहूम राष्ट्रपति और उनकी पत्नी

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    हेटी के पुलिस चीफ़ लियोन चार्ल्स

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    क्रिस्टियन इमैनुएल सैनोन की गिरफ़्तारी के बारे में रविवार देर शाम राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में पुलिस ने मीडिया को बताया.

    हेटी के पुलिस चीफ़ लियोन चार्ल्स ने कहा, "ये शख़्स प्राइवेट प्लेन में बैठकर राजनीतिक मक़सद से हेटी में दाखिल हुआ था. शुरुआती योजना राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ को बंधक बनाने की थी लेकिन बाद मिशन का मक़सद बदल गया."

    हालांकि लियोन चार्ल्स ने हमलावरों की योजना के बारे में तफसील से कोई जानकारी नहीं दी.

    उन्होंने कहा, "अपराध के बाद जब पुलिस ने इन अपराधियों को घेर लिया तो हमलावरों के समूह में से एक ने जिस शख़्स को सबसे पहले संपर्क किया था, उस शख़्स का नाम क्रिस्टियन इमैनुएल सैनोन है. उन्होंने दो अन्य लोगों से संपर्क किया जिनके बारे में हमारा मानना है कि वो राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ की हत्या की साज़िश के मास्टमाइंड हो सकते हैं."

  20. क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन

    क्यूबा

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    क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के ख़िलाफ़ राजधानी हवाना और अन्य शहरों में हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है.

    कहा जा रहा है कि पिछले 30 सालों में क्यूबा में सरकार के ख़िलाफ़ इतने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन नहीं हुए थे.

    प्रदर्शनकारी आज़ादी, लोकतंत्र और कोरोना महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन की मांग कर रहे थे.

    राजधानी हवाना में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. वहां से झड़पों और गिरफ़्तारियों की रिपोर्टें भी मिल रही हैं.

    हवाना से 20 मील की दूरी पर स्थित सैन एंटोनियो डे लॉस बानोस शहर में एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि लोग बिजली और खाने-पीने की चीज़ों की किल्लत को लेकर भी नाराज़ हैं.

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    क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज़-कैनल ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "हम देश के सभी क्रांतिकारियों और सभी कम्युनिस्टों से बाहर निकलकर सड़कों पर उतरने की अपील करते हैं.... जहां कहीं भी ये विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वे वहां जाएं और उनका स्पष्टता, दृढ़ता और साहस के साथ सामना करें."

    राजधानी हवाना में सरकार के समर्थकों ने भी रैली निकाली है.

    लैटिन अमेरिका में वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक जूली चुंग ने क्यूबा की घटना पर ट्वीट किया है, "क्यूबा में लड़ाई के आह्वान को लेकर हम गहरी चिंता में हैं. हम क्यूबा के लोगों के शांतिपूर्वक सभा करने के अधिकार के साथ खड़े हैं. हम शांति की अपील करते हैं और किसी भी तरह की हिंसा की आलोचना करते हैं."

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    राष्ट्रपति मिगेल डियाज़-कैनल ने ये माना है कि बिजली की समस्या को लेकर कुछ प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं. उन्होंने कहा, "क्यूबाई मूल का एक अमेरिकी माफिया इस असंतोष को हवा दे रहा है."

    प्रदर्शनकारी देश में कोविड वैक्सीन की किल्लत का मुद्दा भी उठा रहे हैं. रविवार को कोरोना महामारी के कारण क्यूबा में 47 लोगों की मौत हो गई जबकि 7000 संक्रमण के नए मामले रिपोर्ट हुए हैं.

    महामारी की शुरुआत के बाद से क्यूबा में कोरोना महामारी के कारण 1500 लोगों की मौत हो चुकी है. शुक्रवार को क्यूबा की सरकार ने स्वदेश निर्मित कोविड वैक्सीन अब्दाला-2 को आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी दे दी थी. ये लातिन अमेरिकी में बनी पहली वैक्सीन है.