भीमा-कोरेगांव मामले में अभियुक्त सुरेंद्र गडलिंग के कंप्यूटर में फ़ाइलें प्लांट की गईं- अमेरिकी रिपोर्ट

अमेरिका की एक प्रमुख डिजिटल फॉरेंसिक कंपनी आर्सेनल कंस्लटिंग ने अपनी जांच में पाया है कि भीमा कोरेगांव मामले में अभियुक्त समाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गडलिंग के कम्यूटर में अज्ञात साइबर अटैकर ने सॉफ्टवेयर अटैक के ज़रिए सेंध लगाई और कम्यूटर के एक छिपे फ़ोल्डर में दर्जनों फ़ाइलें प्लांट कीं.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, भूमिका राय and अपूर्व कृष्ण

  1. चीन को जापान के उप प्रधानमंत्री की चेतावनी, ताइवान पर आफत आई तो...

    जापान के उपप्रधानमंत्री तारो आसो

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    जापान के उपप्रधानमंत्री ने कहा है कि अगर ताइवान पर हमला किया गया तो उनके देश को अमेरिका के साथ मिलकर ताइवान को बचाने की ज़रूरत है.

    क्योडो न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, उपप्रधानमंत्री तारो आसो ने एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान कहा, "अगर ताइवान पर कोई बड़ी आफत आती है तो ये कहना बहुत बड़ी बात नहीं होगी कि ये जापान के लिए अस्तित्व पर ख़तरे जैसी स्थिति होगी."

    उपप्रधानमंत्री तारो आसो के इस बयान से चीन नाराज़ है. चीन ताइवान को अपना भूभाग मानता है. उसने ताइवान को अपने में मिलाने के लिए बल प्रयोग के इस्तेमाल से कभी भी इनकार नहीं किया है.

    चीन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "तारो आसो की टिप्पणी से चीन-जापान रिश्तों की राजनीतिक बुनियाद को नुक़सान पहुंचाया है. चीन दृढ़ता से इसका विरोध करता है. राष्ट्रीय संप्रुभता की रक्षा करने में चीनी लोगों की काबिलियत को किसी को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए."

    ताइवान की खाड़ी में चीन द्वारा किए गए हालिया सैनिक अभ्यास से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है. ताइवान के जापान से करीबी रिश्ते रहे हैं.

    तारो आसो ने कहा कि, "अगला निशाना ओकीनावा हो सकता है."

    ईस्ट चाइना सी में जापानियों के नियंत्रण वाले एक द्वीप समूह पर चीन अपना दावा करता है. इन निर्जन द्विपों को जापान में सेंकाकु और चीन में दियाओयू कहते हैं. ये क्षेत्र जापान के ओकीनाव द्विप के पास पड़ता है.

  2. भीमा-कोरेगांव मामले में अभियुक्त सुरेंद्र गडलिंग के कंप्यूटर में फ़ाइलें प्लांट की गईं- अमेरिकी रिपोर्ट

    सांकेतिक तस्वीर

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    अमेरिका की एक प्रमुख डिजिटल फॉरेंसिक कंपनी आर्सेनल कंस्लटिंग ने अपनी जांच में पाया है कि भीमा कोरेगांव मामले में अभियुक्त समाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गडलिंग के कम्यूटर में अज्ञात साइबर अटैकर ने सॉफ्टवेयर अटैक के ज़रिए सेंध लगाई और कम्यूटर के एक छिपे फ़ोल्डर में दर्जनों फ़ाइलें प्लांट कीं.

    अमेरिकी अख़बार ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने इस फॉरेंसिक रिपोर्ट की जानकारी देते हुए लिखा है कि ‘’सुरेंद्र गडलिंग और रोना विल्सन दोनों के ही के कम्यूटर डिवाइस पर साइबर हमला करने वाला हैकर एक ही है. साथ ही रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस किया गया है.’’

    इस साल अप्रैल में ही आर्सेनल कंस्लटिंग की पहली फॉरेंसिंक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि जनवरी, 2018 में भीमा-कोरेगांव हिंसा के कुछ दिनों बाद ही सामाजिक कार्यकर्ता रोना विल्सन के कंप्यूटर में 22 फाइलें प्लांट की गई थीं जिससे उन्हें ‘फंसाया जा’ सके.

    भीमा कोरेगांव मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने समाजिक कार्यकर्ताओं के कम्यूटर में फ़ाइलों को उनके खिलाफ़ सबसे बड़ा सबूत मानते हुए गिरफ्तार किया था.

    ये रिपोर्ट ऐसे वक्‍त में सामने आई है जब भीमा-कोरेगांव मामले में विचाराधीन क़ैदी 84 साल के फादर स्टैन स्वामी का निधन न्यायिक हिरासत में हो गया है.

    फादर स्टेन स्वामी

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    भीमा-कोरेगांव मामले में सामजिक कार्यकर्ताओं, कवि और पत्रकारों को ‘सरकार विरोधी गतिविधियो और प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की ‘साजिश‘ के आरोप में यूएपीए की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है.

  3. स्टैन स्वामी की मौत पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया में क्या कहा

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    भारतीय विदेश मंत्रालय ने भीमा कोरेगाँव मामले में गिरफ़्तार किए गए स्टैन स्वामी की मौत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स के सवालों पर प्रतिक्रिया दी है.

    विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट करके लिखा है,

    "हमने फादर स्टैन स्वामी की मौत से जुड़ी ख़बरें देखी हैं.

    फादर स्टैन स्वामी को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी द्वारा क़ानून का पालन करते हुए गिरफ़्तार करके जेल भेजा गया था. उनके ख़िलाफ़ लगे कुछ विशेष आरोपों की वजह से अदालतों में उनकी जमानत याचिकाओं को ख़ारिज किया गया. भारत में अथॉरिटीज़ अधिकारों के वैधानिक इस्तेमाल के ख़िलाफ़ कदम नहीं उठाती हैं. बल्कि क़ानून के उल्लंघन पर कदम उठाती हैं. ये सभी कदम नियमानुसार हैं.

    फादर स्टैन स्वामी की तबियत को देखते हुए बॉम्बे हाइकोर्ट ने एक निजी अस्पताल में उनके इलाज़ की इजाज़त दी थी जहां पर 28 मई से हर संभव ढंग से उनकी चिकित्सकीय देखरेख की जा रही थी. उनकी सेहत और मेडिकल ट्रीटमेंट पर अदालत निगाह बनाए हुए थी. 5 जुलाई को उनकी तबियत बिगड़ने की वजह से उनकी मौत हो गई.

    भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक राजव्यवस्था एक स्वतंत्र न्यायपालिका, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के मानवाधिकार आयोग से पूरित है जो मानवाधिकारों के उल्लंघनों पर नज़र रखती है. एक स्वतंत्र मीडिया है और एकजीवंत एवं मुखर सिविल सोसाइटी है. भारत अपने सभी नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए समर्पित है."

  4. CBSE: 10वीं और 12वीं के बच्चे ध्यान दें, अगले साल ऐसे बनेगा रिपोर्ट कार्ड

    छात्रा

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    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को अकादमिक सत्र 2021-22 में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए दो बार परीक्षा कराने का फ़ैसला किया है.

    ये फैसला कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

    सीबीएसई ने सोमवार शाम इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है, जिसमें सिलेबस कम करने से लेकर इम्तिहान की प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं.

    सीबीएसई ने सोमवार शाम जारी नोटिफिकेशन में बताया है कि अकादमिक सत्र 2021-22 में परीक्षा दो बार होगी.

    इस प्रक्रिया में सिलेबस को भी दो भागों में बांटा जाएगा. साथ ही पूरे सत्र को भी दो भागों - टर्म 1 और टर्म 2 में बांटा गया है.

  5. अफ़ग़ानिस्तान से वापस लौटती विदेशी सेना और पुराने दिनों की आहट

    सुरक्षाबल

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    शीत युद्ध अपने चरम पर था. काबुल की ठिठुरती ठंड में मेरे पास एक नोट आया. ये 'अंतिम चेतावनी' थी. "मुझे आपको सलाह देनी है कि फ़िलहाल उड़ानें उपलब्ध हैं और आप बिना देर किए अफ़ग़ानिस्तान छोड़ दें."

    ये नोट ब्रिटिश चार्ज डी'एफ़ेयर की तरफ़ से आया था.

    11 दिन बाद, 30 जनवरी 1989 को अमेरिकी चार्ज डी'एफ़ेयर ने एक साधारण समारोह में अमेरिकी ध्वज नीचे उतार लिया.

    आख़िरी सोवियत सैनिकों ने बीते कुछ हफ्तों में अफ़गानिस्तान में अपना तबाही से भरा अभियान समाप्त कर दिया था. पश्चिमी मिशनों का पलायन संकटग्रस्त सोवियत समर्थित सरकार को खटकने के लिए काफ़ी था. काबुल में सोवियत समर्थित सरकार पश्चिमी देशों के इस रवैए से नर्वस हो रही थी.

    ब्रिटेन ने अपने शानदार सफेद प्लास्टर कम्पाउंड पर अपने दरवाज़े भी बंद कर दिए थे. इस इमारत को कभी 'एशिया में बेहतरीन' बताया गया था.

  6. स्टैन स्वामी: विपक्ष के दस नेताओं ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की

    फादर स्टैन स्वामी

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    इमेज कैप्शन, फादर स्टैन स्वामी

    कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गाँधी, एनसीपी नेता शरद पवार और ममता बनर्जी समेत विपक्षी दलों के दस बड़े नेताओं ने भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह सरकार को स्टैन स्वामी की मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दें.

    84 वर्षीय फादर स्टैन स्वामी भीमा कोरेगाँव मामले में न्यायिक हिरासत में थे और उनके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने का मामला चल रहा था.

    सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी ने अपने आधिकारिक अकाउंट से राष्ट्रपति को लिखे पत्र की एक प्रति जारी की है.

    येचुरी ने ट्वीट करके लिखा है, "बड़े विपक्षी दलों के नेताओं ने भारत के राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वह फादर स्टैन स्वामी की हिरासत, उनके साथ किए गए अमानवीय व्यवहार और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की ज़िम्मेदारी तय करने के लिए अपने स्तर पर दखल दें. इसके साथ ही राजनीति से प्रेरित होकर यूएपीए/राजद्रोह का दुरुपयोग करते हुए हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा किया जाए."

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  7. सऊदी अरब और यूएई में किस बात को लेकर बढ़ गई है तकरार

    सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात

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    वर्ष 2014 के बाद दुनिया भर में तेल की क़ीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर हैं. तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक प्लस के बीच उत्पादन बढ़ाने को लेकर सहमति न बन पाने की वजह से ऐसा हुआ है.

    अमेरिकी तेल की क़ीमतें तकरीबन 70 डॉलर प्रति बैरल की दर पर पहुँच गई. कोरोना महामारी के कारण पिछले साल ओपेक देशों ने तेल की आपूर्ति में कटौती की थी.

    हालाँकि अब दुनिया की अर्थव्यवस्था उबर रही है और वैश्विक स्तर पर तेल की माँग में उछाल आया है.

    लेकिन इसके बावजूद सोमवार को ओपेक और उसके सहयोगी देशों के बीच पिछले साल तेल की आपूर्ति बढ़ाने को लेकर हुई बातचीत नाकाम रही.

  8. अमेरिकी सैनिकों ने रात के अंधेरे में अफ़ग़ानिस्तान का बगराम एयरबेस क्यों छोड़ा

    अमरीकी सैनिक

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    अमेरिकी सेना ने बगराम एयरबेस रात के अंधेरे में अफ़ग़ानिस्तान को बताए बिना छोड़ दिया. बगराम एयरबेस के नए कमांडर ने ये जानकारी दी.

    जनरल असदुल्ला कोहिस्तानी ने बीबीसी को बताया कि अमेरिकियों ने शुक्रवार को सुबह तीन बजे बगराम छोड़ दिया. अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों को इसकी जानकारी कुछ घंटे बाद मिली.

    बगराम में एक जेल भी है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वहां पांच हज़ार तालिबानी क़ैद हैं.

    अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही तालिबान अफ़ग़ानिस्तान में बहुत तेज़ी से एक-एक करके इलाकों को अपने नियंत्रण में ले रहा है.

    जनरल कोहिस्तानी ने सोमवार को कहा कि अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को बगराम पर तालिबान के होने की उम्मीद थी.

  9. सोनिया गाँधी से मिलने पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह, सिद्धू पर साधी चुप्पी

    कैप्टन अमरिंदर सिंह

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    पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मंगलवार शाम कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गाँधी से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे हैं.

    सीएम अमरिंदर सिंह ने मौके पर मौजूद पत्रकारों को बताया, "मैं पंजाब के विकास और पार्टी के आंतरिक मसलों पर विचार विमार्श करने के लिए आया हूं. पंजाब को लेकर वह जो भी फ़ैसला करती हैं, हम उसके लिए तैयार हैं. हम आगामी चुनावों के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं."

    पिछले कुछ महीनों से पंजाब कांग्रेस भारी आंतरिक कलह से जूझ रही है. नवजोत सिंह सिद्धू ने खुले तौर पर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला हुआ है. हाल के दिनों में सिद्धू ने भी प्रियंका गाँधी से मुलाक़ात की है.

    लेकिन जब सीएम अमरिंदर सिंह से सिद्धू पर सवाल किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

    उन्होंने कहा, "मैं सिद्धू पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं. मैं यहां पार्टी को मजबूती देने के लिए आया हूं."

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  10. सुनिए दिनभर

  11. इमरान ख़ान का एलान- निजी कार्यक्रमों में बग़ैर दल-बल जाऊँगा

    पाक पीएम इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ऐलान किया है कि वे भविष्य में किसी भी निजी कार्यक्रम में अपने आधिकारिक दल-बल के साथ नहीं जाएंगे.

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, “करदाताओं का पैसा और आम जनता को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए मैं आगे से किसी भी निजी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और सुरक्षा के साथ नहीं जाऊंगा.

    "मैं मंत्रियों, राज्यपालों, और पीटीआई के मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल का निरीक्षण कर रहा हूं ताकि ये तय किया जा सके कि खर्च कैसे कम कर सकते हैं और जनता की होने वाली असुविधा को कैसे ख़त्म कर सकते हैं."

    इमरान ख़ान ने लिखा कि अगले हफ़्ते उनकी कैबिनेट इस बारे में एक विस्तृत नीति को लेकर फैसला करेगी.

    उन्होंने कहा कि 'हम लोगों को ताकत और दमख़म के ज़रिए अभिभूत करने की औपनिवेशिक विरासत ख़त्म करने जा रहे हैं.'

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  12. पर्यटकों की इतनी भीड़, कोरोना से कैसे बचेंगे हम?

    वीडियो कैप्शन, पर्यटकों की इतनी भीड़, कोरोना से कैसे बचेंगे हम?

    उत्तर भारत के मैदानी इलाक़ों में गर्मी बढ़ने के बीच लोग पहाड़ी ठिकानों का रुख़ कर रहे हैं. मगर इसने सरकार की चिंता बढ़ा दी है.

  13. हिल स्टेशनों पर उमड़ी भीड़ पर सरकार चिंतित, दी चेतावनी

    हिल स्टेशनों पर कोविड नियमों का उल्लंघन

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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार शाम प्रेस वार्ता के दौरान नैनीताल से लेकर शिमला और मनाली में पर्यटकों की भीड़ जमा होने, कोविड नियमों के उल्लंघन की कड़ी निंदा की.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा है कि "हिल स्टेशन की यात्रा कर रहे लोग कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए व्यवहार नहीं कर रहे हैं. अगर प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया तो हम प्रतिबंधों में दी गई ढील वापस ले सकते हैं.”

    इसके साथ ही आईसीएमआर डीजी बलराम भार्गव ने भी पर्यटकों की भीड़ जमा होने पर चिंता जताई.

    उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौती तीसरी लहर नहीं है, बल्कि ये है कि हम उसके लिए क्या करते हैं. तीसरी लहर के प्रभावों को रेखांकित किए जाने की जगह हमें कोविड को ध्यान में रखते हुए व्यवहार करना चाहिए ताकि इसके प्रसार को रोका जा सके.

    उन्होंने ये भी कहा कि हिल स्टेशन से आ रही तस्वीरें काफ़ी डरावनी हैं, लोगों को कोविड को ध्यान में रखते हुए व्यवहार करना चाहिए.

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  14. अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय दूतावास ने कहा, नहीं बंद हुए हैं कॉन्सुलेट

    तालिबान

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    अफ़ग़ानिस्तान में भारत के दूतावास ने कहा है कि भारत सरकार अफ़ग़ानिस्तान में दूतावास और काउंसलेट बंद नहीं कर रही है.

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    दूतावास ने एक ट्वीट कर ऐसी ख़बरों का खंडन किया और कहा कि कंदहार और मज़ार-ए-ए-शरीफ़ में भारत के कॉन्सुलेट या वाणिज्यिक दूतावास पूरी तरह खुले हैं और काम कर रहे हैं.

    भारतीय दूतावास ने ट्वीट में लिखा है, “अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय दूतावास और काउंसलेट्स को भारत द्वारा बंद किए जाने से जुड़ी ख़बरें ग़लत हैं. कंदहार और मज़ार में कॉन्सुलेट खुले हुए हैं और सक्रिय हैं. हालांकि, हम तेज़ी से बदलती सुरक्षा स्थिति पर नज़र बनाए हैं, ख़ास तौर पर कंदहार और मज़ार के आस-पास.”

    पिछले कुछ दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान ने बेहद आक्रामक अंदाज़ में अपने अभियान को आगे बढ़ाया है.

    लगभग दो दिन पहले लगभग 1000 अफ़ग़ान सैनिकों को अपनी जान बचाने के लिए पड़ोसी देश ताजिकिस्तान की सीमा में घुसना पड़ा था.

    ऐसे में अफ़ग़ानिस्तान में तेजी से बदलती स्थिति पर पूरी दुनिया की निगाह बनी हुई है.

  15. फ़ादर स्टैन स्वामी की मौत पर यूएन ह्यूमन राइट्स ने जताया दुख

    मानवाधिकार मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च संस्था यूएन ह्यूमन राइट्स ने भारत के मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़ादर स्टैन स्वामी की मौत पर दुख व्यक्त किया है.

    संस्था ने ट्वीट कर लिखा है, “हम बिना सुनवाई के लंबे समय तक जेल में रखे गए मानवाधिकारों के पक्षधर रहे 84 वर्षीय फ़ादर स्टैन स्वामी की मौत से दुखी और व्यथित हैं. कोविड-19 के कारण ये और ज़रूरी हो गया है कि सरकारें ऐसे सभी लोगों को रिहा कर दें जिन्हें हिरासत में रखने के पर्याप्त क़ानूनी आधार नहीं हैं.”

    भीमा कोरेगाँव मामले में न्यायिक हिरासत में रहे स्टैन स्वामी का सोमवार दोपहर मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था.

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  16. बीजेपी वाले ना भद्रता जानते हैं ना शिष्टता, ये अलग बीजेपी है- ममता बनर्जी

    ममता बनर्जी

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीेजेपी पर हमला जारी रखते हुए मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग "ना तो भद्रता जानते हैं ना शिष्टता" और इसका उदाहरण विधानसभा में राज्यपाल के भाषण के बाद हुआ हंगामा है.

    राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने 2 जुलाई को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भाषण देना शुरू किया था जिसके बाद बीजेपी विधायकों ने चुनाव के बाद राजनीति हिंसा का विरोध जताने के लिए हंगामा करते हुए सदन के बीच आकर नारेबाज़ी की.

    इस वजह से राज्यपाल ने अपना औपचारिक भाषण चार मिनट में ही समाप्त कर दिया और सदन से बाहर निकल गए.

    मंगलवार को ममता बनर्जी ने सदन में अपने भाषण में कहा कि राज्यपाल को अपना भाषण पूरा करने देना चाहिए था.

    ममता ने कहा, मैंने राजनाथ सिंह से लेकर सुषमा स्वराज जैसे बीजेपी नेताओं को देखा है, पर ये बीजेपी अलग है. वे ना संस्कृति जानते हैं, ना भद्रता, ना शिष्टाचार.

    ममता बनर्जी ने राज्यपाल के औपचारिक उद्घाटन भाषण का धन्यवाद देते हुए मंगलवार को अपने भाषण में बीजेपी पर हमला बोला.

  17. उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर लगाया बैन, शिवभक्तों को नहीं मिलेगी एंट्री

    उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष भी काँवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है.

    प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया है कि कोरोना महामारी की तीसरी संभावित लहर को ध्यान में रखते हुए इस साल भी कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया है.

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  18. ब्रेकिंग न्यूज़, मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकती है जेडीयू, नीतीश कुमार ने दिए संकेत

    नीतीश कुमार

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    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी जनता दल (यूनाईटेड) मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकती है.

    पिछले कुछ दिनों से लगातार मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर क़यास लगाए जा रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि इसी सप्ताह विस्तार किया जा सकता है.

    जेडीयू के अध्यक्ष आरसीपी सिंह इसी बीच दिल्ली के दौरे पर गए हैं जिसके बाद ये अटकलें लगने लगीं कि उनकी पार्टी को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.

    नीतीश कुमार से पटना में संवाददाताओं ने जब इसपर जानकारी माँगी तो उन्होंने इससे इनकार नहीं किया.

    नीतीश कुमार ने कहा,"हम शामिल नहीं होंगे, ऐसी कोई बात नहीं है, हमको ऐसा किसी ने नहीं कहा है".

    हालाँकि उन्होंने साथ ही कहा कि इस बारे में जो भी फ़ैसला होगा वो पार्टी अध्यक्ष आरसीपी सिंह ही बताएँगे.

    नीतीश ने कहा,"फ़ैसले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, इस बारे में हमारी पार्टी के अध्यक्ष को ही कुछ बोलने का अधिकार है. वो बातचीत कर रहे हैं, उसमें जो होना है वो होगा."

    जेडीयू एनडीए की एक महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है. 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में इसने बिहार में 16 सीटें जीती थीं.

  19. महबूबा मुफ़्ती का फ़ैसला, परिसीमन प्रक्रिया में शामिल नहीं होगी पीडीपी

    महबूबा मुफ़्ती

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    जम्मू-कश्मीर के एक प्रमुख दल पीडीपी ने मंगलवार को परिसीमन प्रक्रिया में भाग लेने से इनकार कर दिया है.

    पार्टी की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने मंगलवार को कहा कि परिसीमन आयोग के पास “संवैधानिक और क़ानूनी वैधानिकता” नहीं है और ये जम्मू-कश्मीर के लोगों को राजनीतिक रूप से अशक्त बनाने की कोशिशों का एक हिस्सा है.

    पीडीपी महासचिव गुलाम नबी लोन हांजुरा ने परिसीमन आयोग की अध्यक्षा और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर पार्टी के इस फैसले से अवगत कराया है.

    दो पेज लंबे इस पत्र में बताया गया है कि पीडीपी परिसीमन प्रक्रिया में भाग नहीं लेगी और ऐसी किसी प्रक्रिया में शामिल नहीं होगी जिसका परिणाम, जिसे आम तौर पर पूर्व–निर्धारित माना जा रहा है, हमारे लोगों की हितों को और नुकसान पहुंचाए.

    तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग को मंगलवार से राजनीतिक दलों के साथ मुलाक़ातों का दौर शुरू करना है.

    पीडीपी ने बीजेपी का नाम लिए बग़ैर आरोप लगाया कि इस तरह की आशंकाएं हैं कि इस प्रक्रिया का मकसद जम्मू-कश्मीर में एक निश्चित पार्टी के राजनीतिक सपने को पूरा करना है और दूसरी चीजों की तरह लोगों की भावनाओं को सबसे कम महत्व दिया जाएगा.

    इस पत्र में ये भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री के साथ वार्ता के दौरान मुफ़्ती ने हालातों को सामान्य बनाने के लिए कई सुझाव दिए थे. लेकिन इसके बाद भी अब तक लोगों की ज़िदंगी की समस्याएं कम करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं.

    पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद खींची गई तस्वीर

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  20. ब्रेकिंग न्यूज़, मिताली राज तीन साल बाद फिर बनीं नंबर वन क्रिकेटर

    मिताली राज

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    भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज आईसीसी की महिलाओं की वन डे रैंकिंग में एक बार फिर पहले नंबर पर पहुँच गई हैं.

    इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में शानदार प्रदर्शन की बदौलत मिताली तीन साल बाद फिर दुनिया की नंबर वन बल्लेबाज़ बन गई हैं.

    भारत ये सिरीज़ 2-1 से हार गया मगर मिताली ने तीनों मैचों में अर्धशतक लगाया.

    पहले दो मैचों में मिताली ने 72 और 59 रन बनाए हालाँकि ये मैच भारत हार गया. तीसरे मैच में उन्होंने बिना आउट हुए 75 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई.

    मिताली इससे पहले फ़रवरी 2018 में पहले स्थान पर रही थीं. हालाँकि पहली बार वो अप्रैल 2005 में पहले पायदान पर पहुँची थीं जब उन्होंने वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ एक मैच में नाबाद 91 रनों की पारी खेली थी.

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    सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली क्रिकेटर

    मिताली राज इसी महीने क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में सबसे ज़्यादा रन बनानेवाली क्रिकेटर बनी थीं.

    उन्होंने तीसरे वन डे में इंग्लैंड की शार्लट एडवर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ा.

    1999 से खेल रहीं 38 साल की मिताली ने 21 साल लंबे क्रिकेट जीवन में अब तक 217 वन डे, 11 टेस्ट और 89 वन डे मैच खेले हैं.