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पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सौमित्र खान ने सोमवार को जंगलमहल और उसके आसपास के इलाकों को मिलाकर एक पृथक राज्य के गठन की मांग की.
विभुराज, वात्सल्य राय and मोहम्मद शाहिद
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पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सौमित्र खान ने सोमवार को जंगलमहल और उसके आसपास के इलाकों को मिलाकर एक पृथक राज्य के गठन की मांग की.
कुछ दिनों पहले बीजपी सांसद जॉन बारला ने भी उत्तरी बंगाल के ज़िलों को मिलाकर एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के गठन की मांग की थी. हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने ये स्पष्ट रूप से कहा है कि वो बंगाल के विभाजन के पक्ष में नहीं हैं.
पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने सौमित्र खान के बयान का समर्थन नहीं किया है. पार्टी ने जॉन बारला की मांग को भी खारिज किया था. बिष्णुपुर से भाजपा सांसद का कहना है कि जंगलमहल के इलाके में बहुत कम विकास हुआ है.
स्थानीय लोगों की मांगे तभी पूरी की जा सकती हैं जब इस इलाके को बंगाल से अलग करके राज्य का दर्जा दे दिया जाए.
सौमित्र खान ने कहा, "मुझे लगता है कि जंगलमहल राज्य में पुरुलिया, बांकुरा, झारग्राम, बीरभूम के कुछ हिस्से और दोनों मेदिनीपुर ज़िलों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि रोज़गार और विकास की मांग को पूरा किया जा सके. जॉन बारला ने उत्तरी बंगाल के लोगों की शिकायतें सामने रखी थीं. मैं भी अपने इलाके के लोगों के लिए यही कर रहा हूं."
उन्होंने ये बात जोर देकर कही कि उनकी मांग में अलगाववाद जैसा कुछ नहीं है. ये भारत का हिस्सा रहेगा. इस क्षेत्र को केंद्र सरकार की ओर से मुहैया कराए गए वित्तीय पैकेज से वंचित नहीं किया जाएगा जैसा कि तृणमूल के शासन में राजनीतिक वजहों से किया जा रहा है."
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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच साउंथैंपटन में खेले जा रहे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच खराब मौसम की भेंट चढ़ गया.
इस मैच का सोमवार को चौथा दिन और ये उम्मीद की जा रही थी कि अच्छा खेल देखने को मिलेगा.
इस मैच आज ये दूसरी बार हुआ कि बारिश की वजह से पूरा दिन खराब हो गया. खेल के पहले दिन भी यही हुआ था. हैंपशर में सुबह से मौसम सुधरने का नाम नहीं ले रहा था.
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सोमवार को साढ़े दस बजे (स्थानीय समयानुसार) मैच शुरू होना था लेकिन तकरीबन साढ़े चार घंटों के इंतजार के बाद अंपायर ने अपना फैसला सुना दिया.
आईसीसी ने भी इसकी औपचारिक घोषणा कर दी. खेल देखने के इंतजार में आए फैंस को भी निराश होकर लौटना पड़ा.
खेल के दो दिन अभी बाक़ी हैं और बारिश की फिलहाल कोई भविष्यवाणी नहीं है.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा के मुताबिक राष्ट्र मंच की मंगलवार को होने वाली मीटिंग को लेकर लगाए जा रहे क़यासों को लेकर वो 'गुस्से में हैं.'
सिन्हा तीन साल पहले यानी साल 2018 में गठित 'राष्ट्र मंच' के समन्वयक है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के घर मंगलवार को होने वाली जिस मीटिंग को लेकर तमाम राजनीतिक अनुमान लगाए जा रहे हैं, वो राष्ट्र मंच के बैनर तले ही हो रही है.
ट्विटर पर इस मीटिंग की जानकारी देने वाले सिन्हा ने बीबीसी से कहा, "पहले राष्ट्रमंच की मीटिंग होती थी तो कोई नोटिस नहीं लेता था."
वो कहते हैं, "ये एक साधारण सी बैठक है, बस फर्क ये है कि शरद पवार के घर पर हो रही है. तो मीडिया ने इतना चढ़ा बढ़ा के इसको पेश करने का प्रयास किया है."

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लोकप्रिय बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने सोमवार को कहा कि वे राजनीति में कभी शामिल नहीं होंगे.
सोमवार को शिमला में उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, "राजनीति में मेरे आने का सवाल ही नहीं पैदा होता है."
साल 2017 में अनुपम खेर के हिमाचल प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने की चर्चा हुई थीं.
इस पर अनुपम खेर ने कहा, "अगर आप किसी से हाथ भी मिला लें तो लोग अपनी सुविधा के अनुसार नतीजे निकालने लग जाते हैं."
अनुपम खेर देश की मौजूदा स्थिति पर अक्सर अपनी टिप्पणी दर्ज कराते रहते हैं लेकिन राजनीति में आने के सवाल को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया.
पत्नी किरण खेर की सेहत पर उन्होंने बताया कि अब वो बेहतर हैं. चंडीगढ़ से बीजेपी सांसद किरण खेर ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं.
अनुपम खेर ने बताया कि कीमोथेरेपी के कई साइड इफेक्ट्स हैं लेकिन उनकी इच्छा शक्ति बहुत मजबूत है. शिमला अनुपम खेर का होम टाउन है. पिछले कुछ दिनों से वो यहीं रह रहे थे.

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कोरोना महामारी को लेकर अमेरिका के आरोपों का सामना करते रहे चीन ने सोमवार को अमेरिका पर पलटवार करते हुए कहा है कि अमेरिका को पहले अपने यहाँ हुए मामलों की जाँच करवानी चाहिए.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान ने कहा है कि अमेरिका में 2019 के दिसंबर में कोरोना वायरस से जुड़े कुछ मामले सामने आए थे.
प्रवक्ता ने कहा,अमेरिका की सीडीसी एंड इंफ़ेक्शस डिज़ीज़ेस सोसायटी ने दिसंबर 2020 में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि 13 से 16 दिसंबर 2019 के बीच कैलिफ़ोर्निया, ओरेगॉन और वाशिंगटन राज्यों में कम-से-कम 39 ब्लड सैम्पल्स में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी मिली थी.
चाओ लिजियान ने कहा, "अमेरिका सरकार को इन शुरूआती मामलों की ढंग से और पारदर्शी जाँच करनी चाहिए."
चीनी प्रवक्ता ने अमेरिका में कोरोना महामारी से हुई त्रासदी पर सवाल उठाया.
उन्होंने कहा, "अमेरिका में महामारी को लेकर ऐसी लचर प्रतिक्रिया का ज़िम्मेदार कौन है? जिस देश में इतनी विकसित मेडिकल सुविधाएँ और टेक्नोलॉजी हो, वहाँ 3 करोड़ 30 लाख लोग संक्रमित हुए और 6 लाख लोगों की जान चली गई."
चीनी प्रवक्ता ने कहा, "वो लोग जो महामारी का शिकार हुए उन्हें कैसे सम्मान दें और जो अयोग्य अधिकारी हैं उनके साथ न्याय हो, अमेरिका को अभी ये सोचना चाहिए."
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ग़ौरतलब है कि दुनिया में सबसे पहले कोरोना वायरस का पता चीन के वुहान शहर में चला था.
मगर डेढ़ साल के बाद भी यह सवाल रहस्य बना हुआ है कि आख़िर पहली बार इसका वायरस कहां और कैसे सामने आया?
पहले यह दावा किया जा रहा था कि ये वायरस चीन की एक प्रयोगशाला से लीक हुआ है. कइयों ने इस थ्योरी को साज़िश करार दिया और कहा कि इसमें दम नहीं है.
लेकिन अब एक बार फिर इस विवादास्पद दावे को बल मिलने लगा है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान की एक प्रयोगशाला से ही लीक हुआ है.
पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक जाँच का एलान करते हुए 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया.
इसमें ये पता लगाया जाएगा कि इस वायरस की उत्पत्ति कहाँ से हुई और क्या यह चीन की वुहान प्रयोगशाला से लीक हुआ या कहीं और से?

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी की ओर से चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा?
इस सवाल को लेकर सबसे ज़्यादा प्रतिक्रिया सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की ओर से आ रही हैं. अब इस सवाल का जवाब दिया है उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने.
मौर्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘स्वाभाविक दावेदारी’ को लेकर जारी अटकलों को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि अगले मुख्यमंत्री का ‘फ़ैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा.’
उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव में भी पार्टी को बहुमत मिलेगा और कहा, “विधानसभा चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री का फ़ैसला करेगा.”
मौर्य के पहले उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा था कि आने वाले चुनाव किसके नेतृत्व में लड़े जाएंगे, इसका फ़ैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा.
साल 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान मौर्य पार्टी के उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष थे. उत्तर प्रदेश में पार्टी को बहुमत मिलने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया गया था लेकिन बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बने और मौर्य उनकी सरकार में उप मुख्यमंत्री बने.
भारतीय जनता पार्टी में बीते कुछ महीने से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर सवालिया निशान लगते रहे हैं. ख़ासकर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सरकार के कामकाज लेकर उठे सवालों के बाद से ये सिलसिला जारी है. बीजेपी के केंद्रीय नेताओं और संघ पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के नेताओं से मुलाकातें कीं तो इन अटकलों को बल मिला. मीडिया में सूत्रों के हवाले से लगातार खबरें चलाई गईं.
पार्टी के किसी नेता ने आधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन मई के आखिरी हफ़्ते और जून के शुरुआती दिनों में उत्तर प्रदेश सरकार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर क़यासों का दौर जारी रहा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 जून को दो दिन के दौरे पर दिल्ली आए. उन्होंने पहले दिन गृह मंत्री अमित शाह और दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात की.
इस दौरे को लेकर विपक्ष ने योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा, “‘पद-भिक्षा’ की ख़ातिर, देश के सबसे बड़े सूबे के सूबेदार. दुर्दिन ऐसे आए, दर-दर भटक रहे हैं वो दिल्ली के दरबार”.
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी में स्थिति संभलने का अंदाज़ा लगाया गया और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी मामले को सुलझाने के लिए एक बयान दिया. स्वतंत्र देव सिंह ने बीते हफ़्ते एटा में पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. इस बयान के बाद लगा कि पार्टी में बयानों का दौर थम जाएगा, लेकिन मौर्य के बयान ने एक बार फिर नए सिरे से बहस छेड़ दी है.
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता ये भी दावा कर रहे हैं कि पार्टी के अंदर इस मुद्दे को लेकर कोई टकराव नहीं है. पार्टी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा है कि अध्यक्ष होने के नाते स्वतंत्र देव सिंह का बयान अहम है.
श्रीवास्तव के मुताबिक,” औपचारिक तौर पर मुख्यमंत्री का नाम संसदीय बोर्ड तय करता है. केशव प्रसाद मौर्य और स्वामी प्रसाद मौर्य ने यही कहा होगा.”
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कोरोना महामारी के कारण अमरनाथ यात्रा लगातार दूसरे साल रद्द कर दी गई है.
जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया, "कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए श्री अमरनाथजी यात्रा रद्द कर दी गई है. ये निर्णय श्रीअमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सदस्यों से चर्चा के बाद लिया गया है. यात्रा केवल प्रतीकात्मक रहेगी. हालांकि पवित्र गुफा में परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक रीति रिवाज़ों का पालन किया जाएगा."

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उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में एक बुजुर्ग की पिटाई से जुड़े वायरल वीडियो मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को पत्रकार राना अय्यूब को चार हफ्तों की ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल दी है.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने राना अय्यूब पर ये आरोप लगाया है कि उन्होंने कथित रूप से एक वीडियो सर्कुलेट किया जिसमें एक बुजुर्ग मुस्लिम ये दावा कर रहे थे कि उन्हें पीटा गया और 'जय श्री राम' के नारे लगाने के लिए मजबूर किया गया.
पुलिस ने अपनी एफआईआर में लिखा है कि ये वीडियो सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मकसद से सर्कुलेट किया गया. इस सिलसिले में ग़ाज़ियाबाद के लोनी पुलिस स्टेशन में 15 जून को आईपीसी के सेक्शन 153, 153ए, 295ए और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज किया गया था.
राना अय्यूब के वकील मिहिर देसाई ने सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस पीडी नाइक की बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता एक पत्रकार हैं और उन्होंने केवल अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो फॉरवर्ड किया था.
मिहिर देसाई ने बताया, "16 जून को जब उन्हें पता चला कि वीडियो का कॉन्टेंट सही नहीं है तो उन्होंने उसी वक्त इसे डिलीट कर दिया."
उन्होंने कहा कि राना अयूब पर जिन अपराधों के आरोप लगाए गए हैं, उनमें केवल तीन साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए राना अय्यूब को उत्तर प्रदेश की सक्षम अदालत तक पहुंचने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए.
जस्टिस पीडी नाइक ने कहा कि मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राना अय्यूब को गिरफ्तारी से अस्थाई रूप से चार हफ्तों का संरक्षण दिया जाता है ताकि जहां एफआईआर दर्ज कराई गई है, राना अय्यूब वहां की अदालत से संपर्क कर सकें.
कोर्ट ने ये भी साफ़ किया कि राना अय्यूब को दी गई ये मोहलत बढ़ाई नहीं जाएगी.
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लोक जनशक्ति पार्टी में जारी तकरार के बीच चिराग पासवान गुट के सौरभ पांडेय ने राम विलास पासवान का लिखा एक पुराना पत्र जारी किया है.
राम विलास पासवान ने ये पत्र एक जनवरी 2020 को लिखा था. इस पत्र में उन्होंने चिराग की राजनीतिक प्रगति और पार्टी के लिए उनकी मेहनत का ज़िक्र किया था.
राम विलास पासवान ने पत्र में लिखा था, “ 2013 में चिराग राजनीति में प्रवेश किया और इतने कम दिनों में राजनीति के शिखर पर पहुंचना असंभव नहीं तो कठिन कार्य है और इसके पीछे कोई अदृश्य शक्ति है.”
सौरभ पांडेय ने ट्विटर पर पत्र पोस्ट करने के साथ लिखा है, “जिसने मेहनत देखी है अब वो हैं नहीं , जिसने पार्टी को आगे बढ़ाने की ज़िद देखी है अब वो हैं नहीं. आइए हम सब चिराग के नेतृत्व में चलें.”
चिराग पासवान के चाचा और राम विलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस ने बीते हफ़्ते नेतृत्व को चुनौती दी थी. पार्टी के पांच सांसदों ने पशुपति पारस को पार्टी के संसदीय दल का नेता चुना था जिसे लोकसभा में मान्यता भी मिल गई थी. इसके बाद चिराग पासवान और पशुपति पारस गुट ने पार्टी पर अधिकार का दावा किया था. ये मामला अब चुनाव आयोग के सामने है.
पशुपति पारस गुट ने चिराग के सलाहकारों पर भी सवाल उठाया था. पांडेय ने ये पत्र उसी के बाद जारी किया है.
इस पत्र में राम विलास पासवान नेपार्टी की प्रगति के लिए चिराग के साथ पांडेय की भी सराहना की. उन्होंने पत्र में लिखा, “तुम दोनों भाई ने पिछले छह साल में जितना मेहनत किया और रणनीति के तरह समयबद्ध काम किया, उसी का यह परिणाम है.”
सौरभ पांडेय ने ट्विटर पर अपना परिचय लोक जनशक्ति पार्टी के विजन डोक्यूमेंट ‘बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट’ की ड्राफ़्ट कमेटी के सदस्य के तौर पर दिया है.

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ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी ने सोमवार को कहा कि ईरान की विदेश नीति वैश्विक शक्तियों के साथ साल 2015 के परमाणु करार तक सीमित नहीं रहेगी.
शुक्रवार को चुनाव जीतने के बाद वे अपना पहला प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित कर रहे थे.
कट्टरपंथी माने जाने वाले 60 वर्षीय इब्राहीम रईसी पश्चिमी देशों के कड़े आलोचक हैं. वे अगस्त में हसन रूहानी से सत्ता संभालेंगे.
तेहरान में इब्राहीम रईसी ने कहा, "हम दुनिया से संवाद बनाएंगे. परमाणु करार की वजह से हम ईरानी लोगों के अधिकारों पर असर नहीं पड़ने देंगे."
ईरान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी पाबंदियों का गहरा असर पड़ा है और नए राष्ट्रपति के सामने ये सबसे बड़ी चुनौती साबित होने जा रही है.
जानकारों का कहना है कि रईसी की जीत से परमाणु करार को पुनर्जीवित करने को लेकर होने वाली बातचीत में ईरान की सौदेबाजी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आने वाला है.
ईरान के नीतिगत मामलों में अंतिम निर्णय सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई की मंजूरी के बाद ही लिए जाते हैं.
इब्राहीम रईसी ने ये भी कहा कि अमेरिका ने परमाणु करार का उल्लंघन किया और यूरोपीय संघ अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहा है.
उन्होंने कहा, "मैं अमेरिका से अपील करता हूं कि परमाणु करार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का वो पालन करे... ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाए जाएं."
देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ इकबाल तन्हा इन तीन छात्रों को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत दे दी.
इन तीनों ही छात्रों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम संबंधी कानून यूएपीए के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे.
दिल्ली दंगों से जुड़ी पुलिस की चार्जशीट में इन पर साजिश के आरोप लगाए गए थे.
महीनों जेल में रहने के बाद ये तीनों ही छात्र जब बाहर आए तो उनके साथ बीबीसी संवाददाता कीर्ति दूबे ने ख़ास बातचीत की.

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने पूछताछ के दौरान माना है कि उन्होंने 'पैग़ंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी की थी.'
इंडियन एक्सप्रेसके मुताबिक महंत नरसिंहानंद से ये पूछताछ दिल्ली में अप्रैल में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर की गई थी. करीब ढाई घंटे तक चली पूछताछ के दौरान महंत ने ये दावा भी किया कि लोगों ने उन्हें 'ग़लत समझा.'
यति नरसिंहानंद ग़ाज़ियाबाद स्थित डासना में एक मंदिर के महंत हैं. ये मंदिर मार्च में उस वक़्त चर्चा में आया था जब यहां नल से पानी पीने को लेकर एक मुस्लिम बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ. महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने उस वक़्त कहा था कि उन्हें इस घटना पर कोई अफ़सोस नहीं है.
इंडियन एक्सप्रेस ने महंत से हुई पूछताछ को लेकर दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया है कि प्रेस क्लब में एक अप्रैल को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का ख़ुद संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया था.

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पिछले साल नागार्नो-काराबाख़ के इलाके में हुई जंग में अज़रबैजान से मिली हार के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बावजूद आर्मीनिया के कार्यवाहक प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान ने संसदीय चुनावों में सत्ता अपने पास बरकरार रखी है.
रविवार को हुए चुनाव में निकोल पाशिनयान की सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी ने 53.92 फीसदी वोट हासिल किए. हालांकि सोमवार को अभी शुरुआती नतीजे ही जारी किए गए हैं.
पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट कोचारयान की आर्मीनिया एलायंस को 21.04 फीसदी वोट ही मिल पाए हैं.
इंटरफैक्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक रॉबर्ट कोचारयान ने चुनावी नतीजों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है.
निकोल पाशिनयान की सरकार ने इन चुनावों को देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के माहौल को खत्म करने की कोशिश करार दिया था.
नागार्नो-काराबाख़ में अपने नियंत्रण वाले इलाकों को अज़रबैजान के हाथों गंवाने के बाद से ही आर्मीनिया में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल जारी था. पिछले साल ये लड़ाई छह हफ्ते तक चली थी.

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उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में एक बुजुर्ग की पिटाई से जुड़े वायरल वीडियो की जांच के सिलसिले में ट्विटर इंडिया ने पुलिस की नोटिस का जवाब भेजा है.
ग़ाज़ियाबाद के सीनियर एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि ट्विटर इंडिया ने अपने जवाब में कहा है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ के लिए तैयार हैं.
गौरतलब है कि ग़ाज़ियाबाद की पुलिस ने ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी को इस मामले में कानूनी नोटिस भेजा था.
समाचार एजेंसी एएनआई का कहना है कि ग़ाज़ियाबाद पुलिस ट्विटर इंडिया के जवाब से संतुष्ट नहीं है और एक अन्य नोटिस भेजने पर विचार कर रही है.
सीनियर एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि ट्विटर इंडिया ने अपने जवाब में उत्तर प्रदेश पुलिस को नोटिस में कुछ बदलाव करने के लिए कहा है.
इस मामले में ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने अपने नोटिस में ट्विटर इंडिया के एमडी को अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा था.
नोटिस के अनुसार, ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी को सात दिनों के भीतर लोनी थाने आकर अपना बयान दर्ज कराना होगा.
पुलिस का आरोप है कि ट्विटर इंडिया ने उस वीडियो को वायरल हो जाने दिया. ये मामला ऐसे समय में तूल पकड़ता हुआ दिख रहा है जब ट्विटर इंडिया ने इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म के तौर पर मिला कानूनी संरक्षण गंवा दिया है.
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आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ये एलान किया कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सिख समाज से ही होगा.
पंजाब विधानसभा के लिए अगले साल चुनाव होने हैं.
अरविंद केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, "ये सिख समाज का हक है. मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में बाद में चर्चा की जाएगी. लेकिन वो जो कोई भी होगा, पंजाब को उस शख्स पर गर्व होगा."
सोमवार को ही पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अमृतसर में अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "कुंवर विजय प्रताप सिंह एक राजनेता नहीं है. वे 'आम आदमी का पुलिसवाला' कहे जाते थे. हम सभी लोग इस देश की सेवा के लिए हैं. इसी भावना से वे आज पार्टी में शामिल हुए हैं."
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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच साउथैम्पटन में खेल जा रहे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल के चौथे दिन के खेल की शुरुआत में देरी हो सकती है.
बीसीसीआई ने अब से कुछ देर पहले एक ट्वीट किया और मैदान की तस्वीर पोस्ट की. बारिश की वजह से मैदान पर कवर हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक साउथैम्पटन में रात भर बरसात हुई है. ऐसे में वक़्त पर खेल शुरू होना मुश्किल लग रहा है.
बारिश की वजह से पहले दिन एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी थी. दूसरे दिन न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीता और भारत को बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया. भारतीय टीम पहली पारी में 217 रन बनाकर आउट हो गई. जवाब में न्यूज़ीलैंड टीम दो विकेट पर 101 रन बना चुकी है.

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टोक्यो ओलंपिक में किसी खेल प्रतिस्पर्धा को देखने के लिए दस हज़ार की अधिकतम संख्या तक जापानी दर्शक आ सकेंगे.
विदेशों से खेल प्रेमियों के तोक्यो ओलंपिक के लिए जापान आने पर पहले ही रोक लगा दी गई है लेकिन अब इस बात की पुष्टि की गई है कि जापानी दर्शकों को इसकी इजाजत दी जाएगी.
दर्शकों की अधिकतम संख्या दस हज़ार तय की गई है लेकिन इसमें भी एक शर्त है कि जिस वेन्यू पर खेल हो रहा हो, वहां दर्शकों के बैठने की अधिकतम क्षमता के 50 फीसदी से ज्यादा दर्शक नहीं आ सकते हैं.
23 जुलाई से टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत होनी है जबकि पैरालंपिक इसके अगले महीने की 24 तारीख से शुरू हो जाएंगे. पैरालंपिक के लिए दर्शकों की संख्या के बारे में 16 जुलाई तक पुष्टि की जाएगी.
जापान में इस बात को लेकर आशंका जाहिर की गई है कि ओलंपिक खेलों के दौरान कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं.
यही वजह थी कि प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने पिछले हफ्ते जापान के लोगों से स्टेडियम जाने के बजाय टेलीविजन पर ओलंपिक गेम्स देखने की अपील की.
ओलंपिक खेलों की शुरुआत के पांच हफ्ते पहले इस रविवार को टोक्यो में आपातकाल खत्म कर दिया गया. जापान में कोविड के कारण आपातकाल की घोषणा अप्रैल के आखिर में की गई थी.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट AXIOS को दिया इंटरव्यू काफ़ी चर्चा में आ गया है.
यह इंटरव्यू पत्रकार जोनाथन स्वैन ने लिया था जो रविवार को एचबीओ मैक्स के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर प्रसारित हुआ था.
यह इंटरव्यू प्रसारित होने से पहले तभी चर्चा में आ गया था जब इस इंटरव्यू से जुड़ी एक क्लिप वायरल हो गई थी.
इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा था कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में किसी भी अभियान के लिए अमेरिका को अपनी ज़मीन इस्तेमाल नहीं करने देगा.
लेकिन अब इस इंटरव्यू में इमरान ख़ान की कही गई एक बात काफ़ी चर्चा में है.
समाज में महिलाओं के कपड़ों को लेकर बोले
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उनसे इंटरव्यू के दौरान पर्दा और रेप पीड़ितों पर उनके पुराने बयानों को लेकर सफ़ाई मांगी गई तो उन्होंने कहा कि ‘यह सभी बेहूदा बातें हैं मैंने सिर्फ़ पर्दा के विचार पर बात की थी. हमारे यहां न ही डिस्को हैं और न ही यहां नाइट क्लब हैं. यह बिलकुल अलग समाज है जहां पर जीने का अलग तरीक़ा है. अगर आप यहां पर प्रलोभन बढ़ाएंगे और युवाओं को कहीं जाने का मौक़ा नहीं होगा तो इसके कुछ न कुछ परिणाम होंगे. ’
इसके बाद जोनाथन ने इमरान से पूछा कि क्या वो महिलाओं के कपड़े पहनने को लेकर यह बात कर रहे हैं? तो उन्होंने कहा, “अगर यहां पर महिलाएं बहुत छोटे कपड़े पहनती हैं तो इसका असर ज़रूर पुरुषों पर पड़ेगा जब तक कि वो रोबोट न हों.”
जोनाथन ने इमरान खान से पूछा कि क्या वो यह कह रहे हैं कि कपड़े यौन हिंसा को बढ़ावा देते हैं तो इमरान ख़ान ने कहा कि यह इस चीज़ पर निर्भर करता है कि आप किस समाज में रहते हैं, अगर किसी ने किसी चीज़ को नहीं देखा है तो इसका उस पर प्रभाव ज़रूर पड़ेगा.
इमरान ख़ान की पुरानी प्लेबॉय वाली छवि पर भी सवाल

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जोनाथन ने इमरान से यह भी पूछ लिया कि जब आप क्रिकेट स्टार थे तो आपकी प्लेबॉय की छवि थी इस पर उन्होंने कहा कि ‘यह मेरी बात नहीं बल्कि मेरे समाज की बात है. मैं अपने समाज के बार में सोचता हूं कि वो कैसे व्यवहार करे जब हम यौन अपराधों के बारे में सुनते हैं तो हम चर्चाएं करते हैं कि इसको कैसे समाप्त करना है.’
पीएम इमरान ख़ान के इस बयान के बाद विपक्षी नेता, पत्रकार और आम लोग सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना कर रहे हैं.
वहीं, डिजिटल मीडिया पर पीएम के प्रमुख सलाहकार डॉक्टर अरसलान ख़ालिद का कहना है कि एक बार फिर इमरान ख़ान के बयान से इतर चुनिंदा संदर्भों पर ही ट्वीट किया जा रहा है.
अरसलान ने कहा कि पीएम इमरान ख़ा ने समाज और वहां रहने वाले लोगों की यौन निराशा पर बात की है.
हालांकि, कुछ महीनों पहले इमरान ख़ान ने पाकिस्तान में यौन हिंसा में बढ़ोतरी के लिए अश्लीलता को ज़िम्मेदार ठहराया था.