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नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने पश्चिमी गठबंधन के लिए अमेरिकी समर्थन बढ़ाने के लिए इसके सदस्य देशों से चीन के बढ़ते असर का जवाब देने को कहा है.
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सऊदी अरब के हज मंत्रालय ने घोषणा की है कि मुस्लिम महिलाएं अब मेहरम यानी पुरुष अभिभावकों के बिना वार्षिक हज यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकती हैं.
मंत्रालय ने एक इंफोग्राफिक में बताया कि, “हज करने के इच्छुक लोगों को व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण करना होगा. महिलाएं किसी अन्य महिला के साथ, मेहरम (पुरुष अभिभावक) के बगैर पंजीकरण कर सकती हैं. इसमें ये भी बताया गया है कि महिलाओं की उम्र 18 से 65 आयु वर्ग की होनी चाहिए.
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इसमें बताया गया है कि जिनकी उम्र 18-65 के बीच है और जिन्होंने वैक्सीन की सभी डोज़ लगा ली है और कम से कम 14 दिन पहले आखिरी डोज़ लिया हो और जो कोविड-19 से उबर चुके हों, उन्हें ही पंजीकरण कराने की अनुमति है.

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केवल सऊदी नागरिक ही हज में शरीक होंगे
हज के लिए पंजीकरण 13 जून से 23 जून तक कराया जा सकेगा.
इसमें बताया गया है कि हज के लिए आवेदनों के चयन की प्रक्रिया स्वास्थ्य और नियामक मानकों पर आधारित होगी और यह 25 जून से शुरू होगी.
हज यात्रा जुलाई में होगी. इस वर्ष इसमें विदेश से लोग शिरकत नहीं कर सकेंगे. इसे केवल सऊदी अरब के नागरिकों तक ही सीमित रखा गया है.
शनिवार को हज और उमरा मंत्रालय ने कोरोना वायरस महामारी के कारण इस वर्ष सऊदी अरब के निवासियों के लिए हज की यात्रा को सीमित करते हुए इसकी संख्या 60 हज़ार तक रखने का निर्णय लिया था.

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कथित फ़र्ज़ी टूलकिट मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के विरुद्ध दायर एफ़आईआर की जाँच पर रोक लगा दी है.
अदालत ने सोमवार को पात्रा और सिंह की एफ़आईआर को निरस्त करने के लिए दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उन्हें अंतरिम राहत देते हुए आदेश जारी किया.
19 मई को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के अध्यक्ष की शिकायत के बाद बिलासपुर के सिविल लाइन्स थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
इसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के एक फ़र्ज़ी लेटरहेड का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ की गई सामग्री को ये कहकर शेयर किया कि ये कांग्रेस की ओर से तैयार किया गया एक टूलकिट है.
11 जून को सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह के भीतर जवाब माँगकर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.
राज्य सरकार ने अपना जवाब सोमवार 14 अप्रैल को दिया जिसके बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देने का आदेश जारी कर दिया.
अदालत ने कहा कि इस बारे में अगली सुनवाई होने तक जाँच स्थगित रहेगी.

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नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने पश्चिमी गठबंधन के लिए अमेरिकी समर्थन बढ़ाने के लिए इसके सदस्य देशों से चीन के उदय का जवाब देने को कहा है.
बेल्जियम में शिखर सम्मेलन के बाद जारी किए गए एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि चीन का बर्ताव एक "व्यवस्थित चुनौती" है.
महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि नाटो का यह शिखर सम्मेलन बैठक गठबंधन के लिए बेहद महत्वूर्ण था.
सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन की यह पहली नाटो बैठक है.
नाटो 30 यूरोपीय और उत्तर अमेरिकी देशों के बीच एक ताक़तवर राजनीतिक और सैन्य गठबंधन है. इसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ के विस्तार के जवाब में किया गया था.
हाल के वर्षों में, इसके उद्देश्य और फंडिंग को लेकर बहस के चलते गठबंधन में तनाव देखा गया. यह तनाव अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब इसके अध्यक्ष थे उस दौरान बढ़ गया.

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अमरीका नेटो के ख़र्च का 70 फ़ीसद भार अकेले उठाता है. ट्रंप ने इसी को लेकर सवाल उठाए थे.
ट्रंप ने कहा था कि यदि किसी नेटो सदस्य देश पर हमला होता है और उसने अपने हिस्से की राशि नहीं चुकाई हो तो अमरीका उसकी मदद के लिए सामने आने से पहले सोचेगा.
लेकिन इसके विपरीत, राष्ट्रपति जो बाइडन ने 72 साल पुराने इस गठबंधन के लिए अमेरिकी समर्थन को फिर कायम करने की बात की है.
सोमवार को स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि चीन आर्थिक, सैन्य और तकनीकी क्षमताओं में नाटो के क़रीब आ रहा है.

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सोमवार को स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि चीन आर्थिक, सैन्य और तकनीकी क्षमताओं में नाटो के क़रीब आ रहा है.
यही बात ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी दोहराई. उन्होंने चीन की चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता पर बल दिया.
उन्होंने कहा, "चीन के साथ कोई भी सदस्य देश एक नए शीत युद्ध की स्थिति में नहीं आना चाहता."
बीते हफ़्ते जी7 देशों की बैठक में भी चीन के ख़िलाफ़ कुछ ऐेसे ही स्वर गूंजे थे. तब जी7 देशों के नेताओं ने कथित मानवाधिकारों के हनन पर चीन को फटकार लगाई और कोविड-19 की उत्पत्ति के मामले में पारदर्शी जांच की मांग की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सरकारी आवास पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक कर रहे हैं.
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अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पहली बरसी पर रिया चक्रवर्ती ने इंस्टग्राम पर एक पोस्ट लिख उन्हें याद किया है. पढ़िए उन्होंने क्या लिखा -
'एक भी पल ऐसा नहीं गया जब मुझे लगा हो कि तुम मेरे पास नहीं हो. लोग कहते हैं कि समय सारे घाव भर देता है, लेकिन तुम मेरा वक्त और सबकुछ थे. मैं जानती हूँ कि अब तुम मेरी देखभाल करने वाले देवदूत बन गए हो, जो दूरबीन के ज़रिए चाँद से मुझे देखता है और मेरी हिफ़ाजत करता है."
"मैं हर रोज़ तुम्हारा इंतज़ार करती हूँ कि तुम मुझे लेना आओगे, मैं तुम्हें हर जगह ढूंढती हूँ. मुझे पता है तुम यहां मेरे साथ हो. यह बात मुझे हर दिन दर्द देती है जब मैं तुम्हारी कही ये बात याद करती हूँ- तुम्हें ये मिला है, बेबू"
"ये लिखते हुए मेरा दिल दुख रहा है, कुछ महसूस करने में दर्द होता है. तुम्हारे बिना जीने का कोई मतलब नहीं है. तुम इसके होने का मतलब अपने साथ ले गए. इस खालीपन को भरा नहीं जा सकता."
"तुम्हारे बिना मैं जहाँ थी, वहीं खड़ी हूँ. मैं वादा करती हूँ कि तुम्हें हर रोज़ मालपुआ खिलाऊंगी और दुनिया में जितनी क्वांटम फिजिक्स की किताबें हैं उन्हें पढूँगी, प्लीज़ मेरे पास वापस आ जाओ."
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर ममता बनर्जी की सरकार पर तीखी टिप्पणी की है.
पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी के मुताबिक राज्यपाल ने सोमवार को कहा है कि बंगाल में ‘लोकतंत्र सांस नहीं ले पा रहा है.’
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश में एक पत्रकार की संदिग्ध मौत को लेकर राज्य सरकार पर परोक्ष हमला बोला है.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की प्रतिक्रिया सोमवार को विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद आई.
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में विपक्ष के 50 विधायकों ने राज्यपाल जयदीप धनखड़ से मुलाक़ात की थी और एक ज्ञापन भी सौंपा.
राज्यपाल ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी और बताया, “पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में विपक्ष के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाक़ात की और राज्य में क़ानून व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को लेकर ज्ञापन दिया”.
राज्यपाल ने ये भी बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने राज्य की पुलिस के ‘पक्षपात भरे बर्ताव’ को लेकर गंभीर चिंता जताई और उनसे दखल देने की मांग की. राज्यपाल के मुताबिक उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वो इससे वाकिफ हैं और इस मामले को देखेंगे.
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक पत्रकार की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर ‘परोक्ष हमला’ बोला.
ममता बनर्जी ने कहा, “ये देखकर दुख होता है कि लोकतंत्र और आज़ादी के हमारी संस्कृति का हिस्सा होने के बावजूद, हम उन लोगों की जान नहीं बचा पा रहे हैं जो सच सामने लाने के लिए बिना थके काम कर रहे हैं.”
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ही तीखी ज़ुबानी जारी है.
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद से बीजेपी नेता लगातार क़ानून व्यवस्था का सवाल उठा रहे हैं. वहीं, ममता भी केंद्र सरकार और बीजेपी के नेताओं पर हमलावर हैं
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कन्नड़ फ़िल्मों के मशहूर अभिनेता संचारी विजय का सोमवार को निधन हो गया. शनिवार को एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं.
विजय अपने मित्र नवीन के साथ बाइक पर पीछे बैठे थे जब बाइक फिसल कर एक बिजली के खंभे से टकरा गई. नवीन का पैर टूट गया लेकिन विजय को गंभीर चोटें आईं.
दुर्घटना के बाद उन्हें बेंगलुरू के अपोलो अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनका इमरजेंसी ब्रेन सर्जरी करना पड़ा लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
अपोलो अस्पताल की तरफ से जारी एक बयान में संचारी विजय के ब्रेन फेलियर की सूचना दिए जाने के बाद बताया गया कि "अभिनेता के परिजनों ने उनके अंगों को दान करने का फ़ैसला लिया है. हम अंग दान के प्रोटोकॉल के दिशानिर्देशों का पालन करेंगे."

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संचारी विजय के भाई सिद्धेश कुमार ने मीडिया को बताया, "डॉक्टरों ने हमें सूचित किया है कि उनका ब्रेन स्टेम फेल हो गया है और उनके फिर से जीवित होने की संभावनाएं बहुत कम हैं. जैसा आप सभी जानते हैं, उन्होंने समाज की बेहतरी के लिए हमेशा काम किया है. यहां तक कि कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के लिए राहत प्रयासों में उन्होंने चौबीसों घंटे काम किया. इसलिए हमने उनके अंगों को दान करने का फ़ैसला लिया है. हमें विश्वास है कि इससे उन्हें शांति मिलेगी. वे अपनी मौत के बाद भी समाज की मदद करते रहेंगे."
संचारी को उनकी फ़िल्म 'नानू अवनाल्ला अवालू' में बेहतरीन भूमिका के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया था.

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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की रविवार रात एक ईंट भट्ठे के किनारे संदिग्ध हालात में मौत हो गई. सुलभ श्रीवास्तव एबीपी न्यूज़ के संवाददाता थे.
पुलिस ने इस मौत को दुर्घटना बताया जबकि जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई.
घटना से एक दिन पहले ही यानी 12 जून को सुलभ श्रीवास्तव ने इलाहाबाद ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी.
इस मामले को लेकर राजनीति गरमाने के बाद अब पुलिस ने उनकी पत्नी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.
अब तक पुलिस सुलभ श्रीवास्तव की मौत को हादसा ही मान रही थी.

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देश के दूसरे सबसे बड़े कोरोबारी गौतम अडानी की कंपनियों को शेयर बाज़ार में सोमवार को भारी गिरावट देखनी पड़ी.
उनकी सभी कंपनियों के शेयरों ने बाज़ार में गोते लगाए. दिन के कारोबार में यह गिरावट 5 से 25 फ़ीसद तक देखने को मिली.
अडानी ग्रुप की छह कंपनियां बाज़ार में लिस्टेड हैं जिनमें सोमवार की सुबह से ही गिरावट देखने को मिले.
शुरुआती कारोबार में अडानी ग्रीन, अडानी ट्रांसमिशन और अडानी गैस में नैशनल स्टॉक एक्सचेंज में 5 फ़ीसद का लोअर सर्किट हिट कर दिया तो अडानी एंटरप्राइज ने 20 फ़ीसद की गिरावट देखने को मिली.
वहीं दिन के कारोबार के दौरान अडानी एंटरप्राइज लिमिटेड में 25 फ़ीसद तक की गिरावट आई, जबकि अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड में 19 फ़ीसद तक की गिरावट देखी गई. हालांकि बाद में ये दोनों संभल गए.
वहीं अडानी टोटल गैस लिमिटेड, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अडानी पावर लिमिटेड और अडानी ट्रांसमिशन सभी 5 फ़ीसद तक गिरे.

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अडानी समूह के शेयरों में गिरावट क्यों हुई?
दरअसल, एक अंग्रेज़ी आर्थिक अख़बार की ख़बर के अनुसार अडानी ग्रुप में निवेश करने वाले तीन एफ़पीआई के खाते के फ़्रीज़ होने के बाद बिकवाली देखने को मिली. हालांकि कंपनी ने इस ख़बर को बेबुनियाद बताया और इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है.
ख़बर के मुताबिक एनएसडीएल यानी नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी लिमिटेड ने तीन विदेशी फंड्स अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपएमएस इन्वेस्टमेंट फंड के अकाउंट्स फ़्रीज़ कर दिए हैं.

इन तीनों फंड के पास अडानी ग्रुप की चार कंपनियों के 43 हज़ार 500 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर हैं.
एनएसडीएल ने तीनों फंड पर सिक्योरिटीज के ख़रीद-फरोख्त पर रोक लगाई है.
फ़्रीज़ किए जाने की स्थिति में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (एफ़पीआई) अडानी की इन कंपनियों के न शेयर ख़रीद सकेंगे और न ही बेच पाएंगे.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्टके मुताबिक ये तीनों फंड मॉरिशस की राजधानी में एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं. इनकी कोई अपनी वेबसाइट भी नहीं है. इन फंड्स में अडानी एंटरप्राइज में 6.82 फ़ीसद, अडानी ट्रासमिशन में 8.03 फ़ीसद, अडानी टोटल गैस में 5.92 फ़ीसद और अडानी ग्रीन में 3.58 फ़ीसद हिस्सेदारी है.

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कंपनी ने कहा विदेशी फंड्स के अकाउंट्स फ़्रीज़ करने की ख़बर बेबुनियाद
तीन एफ़पीआई पर लगी रोक को लेकर अडानी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन्स की तरफ से बताया गया कि तीन विदेशी फंड्स के अकाउंट्स फ़्रीज़ करने की ख़बर बेबुनियाद है.
उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में लिखा कि, "हमें यह बताते हुए ख़ेद है कि ये रिपोर्ट स्पष्ट रूप से ग़लत है और जानबूझकर निवेशकों के समुदाय को गुमराह करने के लिए किया गया है."
"इससे बड़े पैमाने पर निवेशकों और समूह की प्रतिष्ठा को अपूरणीय आर्थिक क्षति हो रही है."
"इस ख़बर की गंभीरता और छोटे निवेशकों पर इसके प्रतिकूल परिणामों के प्रभाव को देखते हुए, हमने उपरोक्त फंड्स के डीमैट खाते की स्थिति के संबंध में रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट से अनुरोध किया और इसकी लिखित पुष्टि इसके ईमेल के ज़रिए, तारीख़ 14 जून, 2021 को प्राप्त की."
"इसमें यह स्पष्ट किया कि इन विदेशी फंड्स के जिस डीमैट अकाउंट में अडानी समूह के शेयर हैं उन्हें फ़्रीज़ नहीं किया गया है."

इस साल, शुक्रवार तक, अडानी समूह की कुछ कंपनियों के शेयरों में काफ़ी तेज़ उछाल देखने को मिली. इससे गौतम अडानी की संपति में 40 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि हुई और वे एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए.

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण ज़मीन ख़रीद से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस और सुहेलदेव समाज पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है.
कभी बीजेपी की सहयोगी रही सुहेलदेव समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने राम मंदिर को ‘बिज़नेस का माध्यम’ बना लिया है. वहीं कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.
राजभर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा है कि आरोप के घेरे में आए लोगों पर ‘कार्रवाई कब होगी?’ उन्होंने कहा, “ये मंदिर आम लोगों की आस्था का प्रतीक है लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने इसे व्यापार का ज़रिया बना लिया है.”
समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने रविवार को ज़मीन ख़रीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट ने आरोपों को ग़लत और राजनीति से प्रेरित बताया है.
उधर, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, “करोड़ों लोगों द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए दान राशि में घोर महापाप, अधर्म व घोटाला हुआ है. लेकिन प्रधानमंत्री जी, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर ट्रस्ट का गठन किया, पूरी तरह से चुप हैं.”
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने और अपनी निगरानी में जांच कराने की मांग की है.
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महाराष्ट्र में सियासी गतिविधियां तेज़ी से बदल रही हैं. अभी कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पीएम मोदी संग मुलाक़ात को लेकर कई तरह की अटकलें लगीं और अब महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है.
कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा है कि महाराष्ट्र में अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी अकेले लड़ेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी आलाकमान फ़ैसला करती है तो वह मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी बनने को तैयार हैं.
इससे कुछ दिन पूर्व ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार की राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर संग बैठक को लेकर भी अटकलें लगायी जा रही थीं.
हालांकि बाद में शिवसेना ने बयान जारी किया था कि उद्धव ठाकरे ही पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में घोषणा की है कि आम आदमी पार्टी गुजरात की सभी सीटों पर अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ेगी.
पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा कि ‘यहां के लोग (गुजरात) सोचते हैं कि जब दिल्ली में बिजली फ्री हो सकती है तो यहां क्यों नहीं हो सकती है.’
उन्होंने कहा, “उसी तरह से 70 सालों में यहां के अस्पतालों की हालत ठीक नहीं हुई है. लेकिन अब चीज़ें ठीक होंगी.”
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लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पांच सांसदों के लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखे पत्र के बाद लोजपा सांसद और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने एएनआई से बातचीत में कहा है कि वो पार्टी को बचाना चाहते हैं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखे गए पत्र में सांसदों ने मांग की है कि पशुपति कुमार पारस को संसदीय दल का नेता माना जाए. इस समय लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ही संसदीय दल के नेता हैं.
बिहार के हाजीपुर से लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “हमारी पार्टी में छहसांसद हैं.पांचसांसदों की इच्छा थी की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है इसलिए पार्टी को बचाया जाए. मैं पार्टी तोड़ा नहीं हूं पार्टी को बचाया हूं. चिराग पासवान से कोई शिकायत नहीं है. कोई आपत्ति नहीं है वे पार्टी में रहें.”
एनडीए के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा, “मैं अकेला महसूस कर रहा हूं. पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई. पार्टी के 99% कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी की इच्छा थी कि हम 2014 में एनडीएगठबंधन का हिस्सा बनें और इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा बने रहें.”
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“लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारी पार्टी में सेंध डाला और 99% कार्यकर्ताओं के भावना की अनदेखी करके गठबंधन को तोड़ दिया.”
इसके साथ ही पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि उनका संगठन बिहार में मज़बूत है और वो एनडीए में थे और गठबंधन के साथ रहेंगे.

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ग़ौरतलब है कि बीते साल अक्तूब-नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग पासवान ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था और पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था.
इस दौरान चिराग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ख़ूब आलोचना कर रहे थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार तारीफ़ कर रहे थे.
वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मिलने दिल्ली में उनके घर पहुंचे हैं.
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तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीज़ल के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए. पेट्रोल पर 29 पैसे और डीज़ल पर 30 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं
इसके बाद से देश के कई राज्यों में तेल के दाम रिकॉर्ड क़ीमत पर पहुंच चुके हैं.
राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल 107.53 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 100.37 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है.
4 मई से अब तक देश में पेट्रोल 6.01 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 6.55 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इसराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट को बधाई दी है.
पीएम मोदी ने लिखा है, “माननीय नेफ़्टाली बेनेट, इसराइल का प्रधानमंत्री बनने के लिए आपको शुभकामनाएं. अगले साल हम कूटनीतिक संबंधों के उन्नयन के 30 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. मैं आपसे मिलने और हमारे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने को लेकर उत्सुक हूं.”
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इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगला ट्वीट करके इसराइल के पूर्व प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का भी धन्यवाद किया है.
उन्होंने ट्वीट किया, “जैसा की आप इसराइल राष्ट्र के प्रधानमंत्री का सफलतापूर्ण कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, मैं आपको आपके नेतृत्व और भारत-इसराइल के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए व्यक्तिगत तौर पर ध्यान देने के लिए अपना गहरा आभार व्यक्त करता हूं.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह दोनों ट्वीट हीब्रू में भी किए हैं.
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देशभर में बीते 24 घंटों में सामने आने वाले नए कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में सोमवार को भी गिरावट दर्ज की गई.
भारत में 70,421 नए मामले पाए गए हैं जबकि इस दौरान 3,921 लोगों की मौत हुई है.
देश में इस महामारी के कुल संक्रमण मामलों की दर अब 2.95 करोड़ से अधिक है जबकि इसके कारण जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा 3.74 लाख है.
रविवार को देश में 80,834 नए मामलों का पता चला था जो कि 2 अप्रैल के बाद से सबसे कम मामले थे.

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इसराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट ने वादा किया है कि वो राष्ट्र को एक करेंगे. देश में दो साल से राजनीतिक अस्थिरता जारी थी और चार बार चुनाव हो चुके हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘सभी लोगों के लिए काम करेगी’, साथ ही उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य और लाल फ़ीताशाही में बदलाव लाने की है.
दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी नेता ने कल विभिन्न दलों का समर्थन प्राप्त कर लिया था जिसके बाद वो 12 साल से सत्ता में काबिज़ बिन्यामिन नेतन्याहू को पद पर से हटाने में सफल हुए थे.
यामिना पार्टी के नेता बेनेट सत्ता-साझेदारी सौदे के तहत सितंबर 2023 तक प्रधानमंत्री रहेंगे.
इसके बाद वो सत्ता याइर लेपिट को अगले दो सालों के लिए सौंप देंगे.
नेतन्याहू ने कहा- वापसी करेंगे

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नेतन्याहू इसराइल के सबसे लंबे समय तक रहे प्रधानमंत्री हैं. वो दक्षिणपंथी दल लिकुड पार्टी के अध्यक्ष रहेंगे और साथ ही विपक्ष के नेता भी रहेंगे.
रविवार को संसद में बहस के दौरान नेतन्याहू ने वाद किया, “हम लौटेंगे.”
नई गठबंधन सरकार पर जब सांसदों ने मुहर लगाई तो नेतन्याहू बेनेट से हाथ मिलाते हुए संसद से बाहर चले गए.
49 वर्षीय बेनेट ने अपने भाषण में कहा, “यह शोक का दिन नहीं है. लोकतंत्र में यह सरकार का एक बदलाव है. बस और कुछ नहीं.”
“हम वो सब करेंगे जो कर सकते हैं और किसी को भी डरने की ज़रूरत नहीं है. और मैं कहना चाहता हूं कि जो आज रात को जश्न मनाएंगे वे दूसरों के ग़मों पर न नाचें. हम दुश्मन नहीं हैं, हम सब एक ही लोग हैं.”

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इराक़ी प्रशासन ने रविवार को बताया कि आईएस द्वारा मारे गए 123 लोगों के अवशेष उसने पहचान के लिए एक सामूहिक क़ब्र से निकाले हैं.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, आईएस के इराक़ के एक तिहाई हिस्से पर क़ब्ज़े के बाद 2014 में उसने बादूश जेल नरसंहार को अंजाम दिया था.
उस साल जून में आईएस लड़ाकों ने उत्तर पश्चिम में जेल पर हमला किया था और सुन्नी मुसलमान साथियों को रिहा कराने के साथ-साथ 583 शिया क़ैदियों को जबरन साथ ले गए थे. इसके बाद उन्होंने उनको मार डाला था.
2017 में एक सामूहिक क़ब्र पाई गई थी जिसके बाद बीते हफ़्तों में कई परिवारों ने अपने मारे गए परिजनों के शवों की पहचान करने के लिए ख़ून के नूमने दिए हैं ताकि डीएनए से उनका मिलान किया जा सके.

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यह जेल निनेवेह प्रांत में मौजूद है वहां के गवर्नर नज्म अल-जुब्बूरी ने एएफ़पी से कहा, “हज़ारों परिवार यह जानने के इंतज़ार में हैं कि उनके परिजनों के साथ क्या हुआ था.”
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मार्च 2017 में जब इराक़ी सुरक्षाबलों ने वापस इस इलाक़े को अपने क़ब्ज़े मे लिया तो चरमपंथी समूह की बर्बरता के तौर पर उसे 200 से अधिक सामूहिक क़ब्रें मिली थीं.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन क़ब्रों में 12,000 लोगों के अवशेष हो सकते हैं. आईएस पर इसके लिए इराक़ में जनसंहार का आरोप लगता है.