धन्यवाद
बीबीसी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह लाइव पेज अब यहीं बंद हो रहा है. 8 जून, मंगलवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं.
फ़ायर ब्रिगेड विभाग का कहना है कि कई मज़दूर अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है. फँसे हुए मज़दूरों को सुरक्षित निकालने के लिए फ़ैक्ट्री की दीवारों को जेसीबी से तोड़ा जा रहा है.
बीबीसी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह लाइव पेज अब यहीं बंद हो रहा है. 8 जून, मंगलवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं.

इमेज स्रोत, संजय दास
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में सोमवार शाम को तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने से कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
सरकारी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है.
राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव सांसद अभिषेक बनर्जी बुधवार और बृहस्पतिवार को मृतकों के घर जाकर परिजनों से मुलाकात करेंगे.
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि हुगली में दस, मुर्शिदाबाद में नौ, हावड़ा में दो और पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले में दो लोगों की मौत हो गई. मुर्शिदाबाद में मृतकों में एक ही परिवार के दो किशोर शामिल हैं.
अकेले जंगीपुर महकमे में ही सात लोगों को मौत हुई जबकि दो लोग बहरमपुर में मारे गए. अधिकारियों के मुताबिक़, बारिश के समय यह लोग खेतों में काम कर रहे थे. उसी समय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई. इस घटना में घायल सात लोगों को जंगीपुर अस्पताल में दाखिल कराया गया है.

इमेज स्रोत, ANI
महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक केमिकल फ़ैक्ट्री में आग लगने से कम के कम 18 मज़दूरों की मौत हो गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गँवाने वाले कर्मचारियों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हज़ार रुपये मुआवज़ा राशि का ऐलान किया है.
यह फ़ैक्ट्री पुणे के घोटावडे फाटा क्षेत्र में स्थित है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
बीबीसी मराठी सेवा के सहयोगी राहुल गायकवाड़ ने बताया कि सोमवार शाम चार बजे के लगभग जब फ़ैक्ट्री में आग लगी तब यहाँ कुल 37 मज़दूर काम कर रहे थे.
फ़ायर ब्रिगेड विभाग का कहना है कि कई मज़दूर अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.
फँसे हुए मज़दूरों को सुरक्षित निकालने के लिए फ़ैक्ट्री की दीवारों को जेसीबी से तोड़ा जा रहा है.
अभी तक आग लगने की वजह का पता नहीं चल सका है.

इमेज स्रोत, BBC Marathi

इमेज स्रोत, Reuters
चीन के परिवार नियोजन की नीति से दक्षिणी शिनजियांग क्षेत्र में 20 सालों के भीतर वीगर मुसलमानों के यहां पैदा होने वाले बच्चों की संख्या 45 लाख से घटकर 26 लाख हो सकती है.
चीन के दक्षिणी शिनजियांग क्षेत्र में अल्पसंख्यक वीगर मुसलमान रहते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक जर्मन रिसर्चर एड्रियन ज़ेंज़ के हवाले से ये रिपोर्ट दी है.
जर्मन रिसर्चर के शोध में चीन के अकादमिक जगत के लोगों और अधिकारियों की उस रिसर्च का भी जिक्र है जिसमें शिनजियांग में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बीजिंग के इरादों का जिक्र है.
रॉयटर्स के मुताबिक़ शिनजियांग में साल 2017 और 2019 के बीच जन्म दर पहले 48.7 फीसदी गिर चुकी है. ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब कुछ पश्चिमी देश इस बात की जांच की मांग कर रहे हैं कि शिनजियांग में चीन जो कुछ कर रहा है, वो नरसंहार तो नहीं. हालांकि चीन इन आरोपों को पुरजोर तरीके से खारिज करता है.

इमेज स्रोत, EPA
एड्रियन ज़ेंज़ की रिसर्च में चीन के पश्चिमी क्षेत्र में सरकारी कार्रवाई का आबादी पर दीर्घकालीन असर पर अध्ययन किया गया है.
मानवाधिकार समूहों, शोधकर्ताओं और वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि पश्चिमी क्षेत्र में अपनाई जा रही नीति में वीगर मुसलमानों के लिए बच्चे पैदा करने की सीमा निर्धारित करना भी शामिल है.
एड्रियन ज़ेंज़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "ये शोध और विश्लेषण वास्तव में बताता है कि वीगर लोगों के लिए चीन की दीर्घकालीन योजना क्या है."
चीन की सरकार ने शिनजियांग में वीगर लोगों की आबादी कम करने के किसी आधिकारिक लक्ष्य के बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा है लेकिन चीन के अकादमिक जगत से जुड़े लोगों और अधिकारियों ने जन्म संबंधित आधिकारिक आंकड़े, जनसांख्यिकीय अनुमान और नस्लीय समूहों के बारे में जो जानकारी दी है, उसके आधार पर एड्रियन ज़ेंज़ ने अनुमान लगाया है कि चीन की नीतियों की वजह से दक्षिणी शिनजियांग क्षेत्र में हान चीनी लोगों की आबादी 8.4 फीसदी से बढ़कर 25 फीसदी हो सकती है.

इमेज स्रोत, Getty Images
एड्रियन ज़ेंज़ का कहना है, "ये लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब कि वे जो कर रहे हैं, वे करते रहें. और वो है वीगर लोगों के यहां जन्म दर को बुरी तरह से नियंत्रित करना."
चीन ने इससे पहले ये कहा था कि शिनजियांग क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच जन्म दर के कम होने की वजह इस क्षेत्र में पैदा किए जा सकने वाले बच्चों के निर्धारित कोटे को पूरी तरह से लागू किया जाना था.
चीन इसकी और वजहें भी बताता है, जैसे इस क्षेत्र में हुआ विकास, प्रति व्यक्ति आमदनी का बढ़ना और परिवार नियोजन की सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच का बढ़ना.
चीन के विदेश मंत्रालय ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए अपने बयान में कहा, "इस कथित 'नरसंहार' की बात पूरी तरह से बकवास है. ये अमेरिकी और पश्चिमी देशों में चीन विरोधी ताक़तों और वे लोग जो चीन से डरे हुए रहते हैं, उनके बुरे इरादों को जतलाता है."
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि अब राज्यों के लिए भी केंद्र सरकार ही टीके ख़रीदेगी, जिसके बाद 21 जून से पूरे देश में अब कहीं भी 18 से 44 साल के लोगों को मुफ़्त वैक्सीन मिल सकेगी.
उन्होंने 80 करोड़ ग़रीब परिवारों को दिवाली तक मुफ़्त अनाज दिए जाने की घोषणा भी की है.
अपनी बात शुरू करते हुए उन्होंने कहा, "बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है. इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी."
प्रधानमंत्री ने कहा, "इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है. सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी."
"भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई. इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया, सरकार के सभी तंत्र लगे."
"आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे. विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था."

"आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं. कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता?"
"हर आशंका को दरकिनार करके भारत ने एक साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी. हमारे देश ने, वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नही है. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है."
"पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है. आज देश में 7 कंपनियाँ, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रॉडक्शन कर रही हैं. तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है."

राज्य सरकारों से मतभेद और रस्साकशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान प्रबन्धन, लॉकडाउन और वैक्सीन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की मतभिन्नता के बारे में भी अपनी राय रखी.
उन्होंने कहा, "महामारी के दौरान कई सवाल पूछे गए. जैसे- राज्य सरकारों को लॉकडाउन की छूट क्यों नहीं मिल रही? वन साइज़ डज नॉट फिट ऑल जैसी बातें भी कही गईं.''
''देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच, केंद्र सरकार के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे, भिन्न-भिन्न मांगे होने लगीं. पूछा जाने लगा कि सब कुछ भारत सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही?"
"दूसरी तरफ किसी ने कहा कि उम्र की सीमा आखिर केंद्र सरकार ही क्यों तय करे? कुछ आवाजें तो ऐसी भी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? भांति-भांति के दबाव भी बनाए गए, देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया."

"इस बीच, कई राज्य सरकारों ने फिर कहा कि वैक्सीन का काम डी-सेंट्रलाइज किया जाए और राज्यों पर छोड़ दिया जाए. तरह-तरह के स्वर उठे. जैसे कि वैक्सीनेशन के लिए आयु वर्ग क्यों बनाए गए?"
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी मतभेदों के बाद फिर कई राज्यों को लगा कि टीकाकरण जैसे कार्यक्रम को लेकर पहले वाली व्यवस्था ही सही थी.
उन्होंने कहा, "इस साल 16 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल महीने के अंत तक, भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत: केंद्र सरकार की देखरेख में ही चला. सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने के मार्ग पर देश आगे बढ़ रहा था. देश के नागरिक भी, अनुशासन का पालन करते हुए, अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवा रहे थे."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
दिवाली तक 80 करोड़ ग़रीब परिवारों को मुफ़्त अनाज
अपने सम्बोधन के आख़िरी हिस्से में प्रधानमंत्री ने दो अहम ऐलान किए. पहला ऐलान मुफ़्त वैक्सीन से जुड़ा था और दूसरा ऐलान ग़रीबों को मिलने वाले मुफ़्त राशन से.
पीएम मोदी ने कहा, "अब 21 जून से केंद्र सरकार 18 साल से ज़्यादा उम्र वाले सभी भारतीय नागरिकों को मुफ़्त वैक्सीन उपलब्ध कराएगी. राज्यों के पास 25 फ़ीसदी टीकाकरण का जो काम था, वह भी अब केंद्र सरकार करेगी."
उन्होंने कहा, ''अभी देश में बन रही वैक्सीन में से 25 फ़ीसदी डोज़ प्राइवेट हॉस्पिटल सीधे खरीद सकते हैं. यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी. ऐसे अस्पताल वैक्सीन की तय कीमत के ऊपर एक डोज़ पर अधिकतम 150 रुपये ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे. इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के पास ही रहेगा.''
वैक्सीन से जुड़ी जानकारी के अलावा पीएम मोदी ने 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' को दिवाली तक बढ़ाए जाने का ऐलान भी किया.
इस योजना के तहत देश के 80 करोड़ ग़रीब परिवारों को दिवाली तक हर महीने मुफ़्त अनाज मिलता रहेगा.
'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के अंतर्गत गरीब राशन कार्ड धारकों को पाँच किलो अतिरिक्त गेहूँ और चावल मुफ़्त में दिया जाएगा.

इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रिटेन के शाही परिवार में एक नन्ही मेहमान आई है. ड्यूक ऐंड डचेज़ ऑफ़ ससेक्स यानी प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल एक बच्ची के माता-पिता बन गए हैं.
बच्ची का नाम लिलिबेट ‘लिली’ डायना माउंटबेटेन-विंज़र रखा गया है जो हैरी की माँ प्रिसेंज़ डायना और महारानी एलिज़ाबेथ के नाम का संयुक्त रूप है.
एलिज़ाबेथ के बचपन का नाम लिलबेट है. बकिंघम पैलेस ने घोषणा की है कि महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय अपनी परपोती लिली के जन्म से ‘बेहद ख़ुश’ हैं.
बकिंघम पैलेस के बयान के मुताबिक़, “महारानी, प्रिंस ऑफ़ वेल्स और डचेस ऑफ़ कॉर्नवाल और ड्यूक-डचेस ऑफ़ कैम्ब्रिज को इस ख़बर की सूचना दी गई है और वो बेहद ख़ुश हैं.”
प्रिंस हैरी के पिता प्रिंस चार्ल्स और डचेस ऑफ़ कॉर्नवाल ने ट्वीट किया, "हैरी, मेगन और आर्ची को बेबी लिलीबेट के आगमन पर बधाई. इस ख़ास वक़्त में उन सभी को शुभकामनाएं."

इमेज स्रोत, MISAN HARRIMAN/THE DUKE AND DUCHESS OF SUSSEX
प्रिंस वेल्स और डचेस ऑफ़ कैम्ब्रिज ने कहा, "हम बेबी लिलीबेट के आगमन के शुभ समाचार से बेहद ख़ुश हैं."
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी हैरी और मेगन को "ढेरों बधाई" दी है. लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टारमर ने इस ‘ख़ूबसूरत ख़बर’ का स्वागत किया है.
प्रिंस हैरी और मेगन की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि बच्ची और माँ दोनों स्वस्थ हैं.
प्रिंस हैरी और मेगन एक बेटे आर्ची के माता-पिता भी हैं.
इससे पहले मेगन ने नवंबर में न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखे एक लेख में अपने मिसकैरिज से जुड़े दर्दनाक अनुभव के बारे में बताया था.

इमेज स्रोत, Getty Images
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हरियाणा सरकार और फरीदाबाद नगर निगम को अरावली के जंगल की ज़मीन को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया है.
अरावली के वन क्षेत्र में एक गांव के पास बने 10 हज़ार घर इस फ़ैसले से प्रभावित होंगे.
जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की अवकाश पीठ ने ये फ़ैसला सुनाते हुए राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फरीदाबाद के लकरपुर खोरी गांव के पास बने सभी अतिक्रमण को छह हफ्तों में हटाएं और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करें.
कोर्ट ने कहा, "हमारी राय में याचिकाकर्ता पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को मानने के लिए बाध्य हैं."
हालांकि बेंच ने ये भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अदालत के फ़ैसले से प्रभावित होने वाले लोगों के पुनर्वास के आवेदन पर अलग से विचार कर सकती है.
फरीदाबाद नगर निकाय की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को चुनौती देने के लिए पांच कथित अतिक्रमणकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस मामले की सुनवाई हुई.
कोर्ट ने फरीदाबाद के पुलिस उपायुक्त को अतिक्रमण हटाओ अभियान में भाग लेने वाले नगर निगम के अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है.
सुनवाई के दौरान ये दलील दी गई कि जो लोग वहां रह रहे हैं, उनके पास कोई दूसरा ठिकाना नहीं है और राज्य सरकार को ये निर्देश दिया जाए कि उन्हें हटाने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "ज़मीन पर कब्ज़ा करने वाले लोग क़ानून की शरण नहीं ले सकते हैं और न ही इंसाफ़ की बात कर सकते हैं."

इमेज स्रोत, Getty Images
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच राशन की होम डिलीवरी को लेकर जंग छिड़ गई है.
भारतीय जनता पार्टी ने केजरीवाल की 'घर-घर राशन' पहुँचाने की योजना पर रोक लगाने के केंद्र सरकार के फ़ैसले को सही ठहराते हुए यह दावा किया है कि "ऐसा कर केंद्र सरकार ने एक बड़े घोटाले को होने से रोक लिया है."
बीजेपी ने आरोप लगाया कि इस योजना के ज़रिए दिल्ली सरकार की मंशा ग़रीबों के नाम पर मिले राशन को 'डायवर्ट' कर घोटाला करने की थी.
पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' का प्रावधान केंद्र सरकार ने किया था, लेकिन दिल्ली की सरकार ने इस विषय पर आगे बढ़ने से मना कर दिया, जिस कारण हज़ारों मज़दूर आज राशन लेने से वंचित रह गए हैं.

इमेज स्रोत, Arvind Yadav/Hindustan Times via Getty Images
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में आसमान छूते संक्रमण के मामले अब कम होने लगे हैं. इसके साथ ही कई राज्यों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार समेत देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते लॉकडाउन लगाया गया था लेकिन अब अनलॉक के तहत कुछ रियायतें दी जा रही हैं.
लॉकडाउन में ये छूट सात जून से शुरू हो रही है. यहां जानते हैं कि किस राज्य में आज से कहां क्या खुल गया है और क्या बंद रहेगा.

इमेज स्रोत, Getty Images
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के एक जज ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई से अलग कर लिया.
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर ने साल 2019 में पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले दस विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए ये याचिका दायर की थी.
गोवा विधानसभा के स्पीकर राजेश पाटनेकर ने इन 10 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका को इस साल अप्रैल में खारिज कर दिया था जिसके बाद गिरीश चोडणकर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी.
गिरीश चोडणकर की तरफ़ से पैरवी कर रहे अभिजीत गोसावी ने बताया कि सोमवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस एमएस जवालकर की खंडपीठ के सामने होनी थी.
"जस्टिस सोनक ने इस मामले की सुनवाई से ये कहते हुए खुद को अलग कर लिया कि वे कुछ प्रतिवादियों की तरफ़ से पहले पैरवी कर चुके हैं. अब ये मामला एक विशेष खंडपीठ के पास जाएगा और इसके लिए याचिकाकर्ता को आवेदन देना होगा."
इस मामले में गिरीश चोडणकर की तरफ़ से कपिल सिब्बल पैरवी कर रहे हैं तो सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया तुषार मेहता गोवा विधानसभा के स्पीकर की तरफ़ से हैं.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करके बताया है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार 7 जून को शाम 5 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
हालांकि, यह संबोधन किस विषय को लेकर होगा यह अभी तक साफ़ नहीं है.

इमेज स्रोत, Getty Images
तबीयत ख़राब होने के बाद मुंबई के एक अस्पताल में इलाज करा रहे फ़िल्म अभिनेता दिलीप कुमार की तबीयत स्थिर है और वो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं.
उनके ट्विटर हैंडल से दोपहर पौने 12 बजे के क़रीब जानकारी दी गई कि वो वेंटिलेटर पर नहीं हैं बल्कि ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
दिलीप कुमार की हालत स्थिर है और उनके कुछ टेस्ट होने हैं. यह भी जानकारी दी गई है कि चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर जलील पार्कर उनका इलाज कर रहे हैं.
साथ ही उनके ट्विटर हैंडल से मीडिया से यह गुज़ारिश भी की गई है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर अफ़वाहें रोकने में वो मदद करे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
दिलीप कुमार के क़रीबी बशीर कोलोंबोवाला ने रविवार को बीबीसी की सहयोगी पत्रकार सुप्रिया सोगले को बताया था कि उन्हें सवेरे साढ़े आठ बजे के क़रीब मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
उन्होंने बताया था कि "उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी इसलिए उन्हें अस्पताल ले गए. फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है. लेकिन उनकी उम्र अधिक है और हम कोई ख़तरा नहीं लेना चाहते इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है."
दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने सुप्रिया सोगले को बताया है कि रूटीन जांच और इलाज के लिए दिलीप कुमार को नॉन-कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इमेज स्रोत, @ArvindKejriwal
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को 45 साल से अधिक आयु के लोगों के लिए ‘जहां वोट, वहां वैक्सीनेशन’ अभियान की शुरुआत की.
इसके तहत जो मतदाता जिस मतदान केंद्र पर वोट डालतें हैं वहां पर उन्हें कोरोना वायरस वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा.
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इस अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन जल्द पूरा होगा और अगर वैक्सीन की कमी नहीं हुई तो 4 हफ़्तों में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को वैक्सीन लगा दी जाएगी.
उन्होंने बताया, “बहुत से लोग अभी भी टीकाकरण केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं. बूथ लेवल अफ़सर अगले दो दिनों में हर घर पर जाएंगे और उनको टीकाकरण का स्लॉट देंगे. वो उन्हें इस बात के लिए सहमत करेंगे कि उन्हें वैक्सीन क्यों लेनी चाहिए. 70 वार्ड में यह अभियान आज से शुरू हो रहा है.”

इमेज स्रोत, Sanjay Das/BBC
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के भाई-भतीजावाद के आरोपों का जवाब देते हुए उसे तथ्यात्मक रूप से ग़लत बताया है.
उन्होंने कहा है कि ‘राजभवन के निजी स्टाफ में आफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पद पर नियुक्त छह लोगों में से कोई भी नज़दीकी रिश्तेदार नहीं है. यह लोग तीन अलग-अलग राज्यों और चार भिन्न जातियों से हैं.’
राज्यपाल ने सोमवार सुबह अपने ट्वीट में कहा, “ओएसडी के तौर पर नियुक्त लोगों में से कोई उनके करीबी परिवार का हिस्सा नहीं है और चार लोग उनकी जाति या राज्य के नहीं हैं.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
धनखड़ ने दावा किया कि यह आरोप राज्य में कानून और व्यवस्था के चिंताजनक परिदृश्य से ध्यान भटकाने की रणनीति करार दिया है.
ध्यान रहे कि महुआ ने रविवार को अपने एक ट्वीट में सूची के साथ आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने अपने छह करीबी लोगों और रिश्तेदारों को ओएसडी के तौर पर नियुक्त किया है.

इमेज स्रोत, Sanjay Das/BBC
उनकी ओर से साझा की गई सूची के मुताबिक, राज्यपाल के ओएसडी अभ्युदय शेखावत, ओएसडी-समन्वय अखिल चौधरी, ओएसडी-प्रशासन रुचि दुबे, ओएसडी-प्रोटोकॉल प्रशांत दीक्षित, ओएसडी-आईटी कौस्तव एस वलिकर और नवनियुक्त ओएसडी किशन धनखड़ का नाम था.
टीएमसी सांसद ने कहा था कि ‘शेखावत धनखड़ के बहनोई के बेटे, रुचि दुबे उनके पूर्व एडीसी मेजर गोरांग दीक्षित की पत्नी और प्रशांत दीक्षित भाई हैं. वलिकर, धनखड़ के मौजूदा एडीसी जनार्दन राव के बहनोई हैं जबकि किशन धनखड़ राज्यपाल के एक और करीबी रिश्तेदार हैं.’
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताने से संबंधित धनखड़ के ट्वीट पर भी प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “अंकलजी पश्चिम बंगाल की चिंताजनक स्थिति सुधर जाएगी अगर आप क्षमा-याचना करके वापस दिल्ली चले जाएं और कोई दूसरी नौकरी तलाश लें.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
दरअसल रविवार को राज्यपाल ने अपने ट्वीट में चुनाव बाद की हिंसा के संदर्भ में राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे.
उन्होंने मुख्य सचिव हरेकृष्ण द्विवेदी का इस मुद्दे पर सोमवार शाम राजभवन बुलाया है. उसके बाद ही महुआ ने उक्त आरोप लगाया.

इमेज स्रोत, Getty Images
10 मई के बाद दिल्ली में सोमवार को मेट्रो ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया.
कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन को अब दिल्ली सरकार धीरे-धीरे खोल रही है.
हालांकि, मेट्रो फ़िलहाल 50% यात्रियों के साथ ही चलेगी और 10 से 15 मिनट के अंतराल पर मिलेगी. वहीं, ऑड-ईवन के आधार पर भी दुकानें खुलना शुरू होंगी.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा है कि दिल्ली में कुछ गतिविधियां शुरू हो रही हैं लेकिन कोरोना से बचाव के सभी साधन अपनाना ज़रूरी है.
उन्होंने ट्वीट किया है कि कोरोना से बचना भी है और अर्थव्यवस्था पटरी पर भी लानी है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
अप्रैल में जहां दिल्ली में कोरोना संक्रमण के रोज़ाना नए मामले 10 हज़ार से भी ऊपर आ रहे थे. वहीं, रविवार को दिल्ली में संक्रमण के 381 ही नए मामले सामने आए.
वहीं सोमवार को देशभर में कोरोना संक्रमण के बीते 24 घंटों में 1,00,636 नए मामले सामने आए.

इमेज स्रोत, Getty Images
भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 1,00,636 मामले सामने आए हैं जबकि 2,427 लोगों की इसके कारण मौत हुई है.
इसके कारण भारत में कुल संक्रमण के आधिकारिक मामले 2.89 करोड़ से अधिक हो चुके हैं जबकि कुल मौतों का आंकड़ा 3.49 लाख से अधिक हो चुका है.
भारत में कुल टीकाकरण भी 23.27 करोड़ से अधिक हो चुका है.