मुकेश, अनिल, नीता, टीना अंबानी पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना -आज की बड़ी ख़बरें
सेबी ने 21 साल पुराने एक मामले में अंबानी बंधुओं और उनकी पत्नियों पर बुधवार को 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. मामला रिलायंस इंडस्ट्रीज के पाँच फ़ीसदी की तय सीमा से अधिक शेयर ख़रीदने पर इसकी सूचना सेबी को न देने से जुड़ा है.
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मुकेश, अनिल, नीता, टीना अंबानी पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना
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इमेज कैप्शन, मुकेश और अनिल अंबानी
सेबी ने 21 साल पुराने एक मामले में अंबानी बंधुओं (मुकेश और अनिल) और उनकी पत्नियों (नीता और टीना अंबानी) पर बुधवार को 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. यह मामला रिलायंस
इंडस्ट्रीज के पाँच फ़ीसदी की तय सीमा से अधिक शेयर ख़रीदने पर इसकी सूचना सेबी
को न देने से जुड़ा है.
सेबी ने 85 पेज के अपने फ़ैसले में साफ़ कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के
प्रमोटर ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी के बारे में उसे सही जानकारी नहीं दी थी. इस
चलते कंपनी के प्रमोटरों में शामिल मुकेश और अनिल अंबानी के साथ उनकी पत्नियों
नीता और टीना अंबानी पर यह जुर्माना लगाया गया है.
सेबी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमोटर 2000 में 6.83 फ़ीसदी शेयर
ख़रीदने की बात उसके साथ साझा करने में नाकाम रहे. जबकि नियम के अनुसार पाँच फीसदी
से अधिक शेयर ख़रीदने पर सेबी को बताना ज़रूरी था.
हालाँकि 2005 में अंबानी बंधुओं के कारोबार का बंटवारा हो गया था. इसके
बाद पेट्रोलियम कारोबार से जुड़ी रिलांयस इंडस्ट्रीज मुकेश अंबानी के हिस्से में
चली गई. वहीं समूह के दूसरे कारोबार अनिल अंबानी को मिल गए.
कोरोना से दिल्ली में हालात बिगड़े, इस बार नौजवान और बच्चे ज़्यादा चपेट में
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दिल्ली में कोरोना वायरस की स्थिति गंभीर होती दिख रही है.
यहां के एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि पहले की तुलना में कोरोना तेज़ी से फैल रहा है और इस बार नौजवानों-बच्चों को अपनी ज़द में ले रहा है.
इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि उनकी सरकार ने बीते तीन दिनों में दो हज़ार बेड बढ़ा दिए हैं.
कूचबिहार में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर हमला, कई गाड़ियों के शीशे टूटे
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इमेज कैप्शन, हमले से घोष की कार के शीशे टूटे--हमले के बाद की तस्वीर
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के शीतलकुची में बुधवार शाम को प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर टीएमसी समर्थकों के कथित हमले में कई कारों को नुकसान पहुंचा है.
जब यह हमला हुआ तब घोष शीतलकुची सीट पर पार्टी उम्मीदवार बरेन चंद्र बर्मन के समर्थन में आयोजित रैली के बाद कूचबिहार लौट रहे थे. घोष ने टीएमसी पर इस हमले का आरोप लगाया है.
लेकिन टीएमसी ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि इस हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं है. इस हमले के बाद शीतलकुची इलाके में उत्तेजना फैल गई है. इस जिले में दस अप्रैल को मतदान होना है.
घोष ने स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में कहा, "रैली से लौटते समय हाथों में टीएमसी का झंडा लिए लोगों ने नारेबाजी करते हुए मेरे काफिले पर बांस और ईंटों से हमला किया. उन्होंने कई बम भी फेंके. इस हमले में कई लोग घायल हो गए हैं. ईंट से मेरे कंधे पर भी चोट लगी है."
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि हमले के समय पुलिस मूक दर्शक बनी रही. हमले से घोष की कार का शीशा टूट गया है और काफिले में शामिल कुछ अन्य कारों को भी नुकसान पहुंचा है.
घोष का आरोप है कि बीते लोकसभा चुनाव में हारने के बाद टीएमसी ने इलाके में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा किया है. उन लोगों ने ही हमला किया है. लेकिन इलाके के लोग हमारे साथ हैं.
उनका कहना था कि इस हमले से साफ है कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति कैसी है.
बीजेपी के महासचिव सायंतन बसु ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.
लेकिन टीएमसी ने बीजेपी के तमाम आरोपों का खंडन किया है.
पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "ममता ने कूच बिहार की अपनी रैली में ऐसा कुछ नहीं कहा था जिससे वहां उत्तेजना फैले. दिलीप घोष हमेशा भड़काऊ भाषण देते रहे हैं. यह हमला बीजेपी की अंतरकलह का नतीजा हो सकता है."
महाराष्ट्र: कोरोना के कारण 9वीं और 11वीं के बच्चे बिना इम्तेहान के होंगे प्रमोट
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महाराष्ट्र सरकार ने ये फ़ैसला किया है कि कोरोना महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नौवीं कक्षा और 11वीं क्लास के बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाएगा.
महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने समाचार एजेंसी एएनआई को ये जानकारी दी है.
कोरोना: ब्रिटेन में एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन 30 साल के कम उम्र के लोगों को नहीं दी जाएगी
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ब्रिटेन में दवाओं की नियामक संस्था एमएचआरए ने कहा है कि 30 साल के कम उम्र के लोगों को एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन नहीं दी जाएगी और उन्हें इसका कोई दूसरा विकल्प दिया जाएगा.
नियामक संस्था का कहना है कि एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन लेने के बाद ब्लड क्लॉटिंग (ख़ून का थक्का जमना) की शिकायत मिलने के बाद ऐसा किया गया है.
नियामक संस्था ने अपनी जाँच में पाया है कि मार्च के आख़िर तक यूके में जिन लोगों को भी एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन दी गई थी उनमें से 79 लोग ब्लड क्लॉटिंग के शिकार हुए थे और उनमें से 19 लोगों की मौत हो गई है.
हालांकि एमएचआरए ने कहा कि इस बात के कोई पुख़्ता सबूत नहीं हैं कि कोरोना की एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के कारण ही ब्लड क्लॉटिंग हुआ है लेकिन यह भी सच है कि ब्लड क्लॉटिंग और वैक्सीन के बीच संबंध और गहरे होते जा रहे हैं.
नियामक संस्था ने कहा कि ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट बहुत ही रेयर हैं और वैक्सीन के प्रभावी होने में कोई कमी नहीं है.
उन्होंने कहा कि ज़्यादातर लोगों के लिए इस वैक्सीन को लेने के फ़ायदे अभी भी बहुत ज़्यादा हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने भी इसका पहला डोज़ लिया है उन्हें इसका दूसरा डोज़ भी लेना चाहिए, लेकिन जो लोग ख़ून के थक्का जमने के शिकार हुए हैं उन्हें इसकी दूसरी ख़ुराक नहीं लेनी चाहिए.
नियामक संस्था की इस रिपोर्ट के बाद सरकार की सलाहकार संस्था जेसीवीई ने सिफ़ारिश की है कि 18 से 29 साल की उम्र के लोगों को एस्ट्राज़ेनेका के बजाए कोई और वैक्सीन दी जाए.
आज का कार्टून: महाराष्ट्र में कोरोना
महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना मामलों पर राज ठाकरे का बयान और आज का कार्टून.
मोदी और ममता को कोरोना की परवाह नहीं तो हम क्या कर सकते हैं?- डॉक्टरों ने लिखा चुनाव आयोग को ख़त
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"कोरोना क्या है? कोरोना कहीं नहीं है. कोरोना ख़त्म हो चुका है."
पश्चिम बंगाल में होने वाली चुनावी रैलियों में हिस्सा लेने आए बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति से अगर इसकी वजह पूछें तो उसका जवाब कमोबेश इन शब्दों में ही मिलता है.
राज्य के एक वरिष्ठ राजनेता तो नाम नहीं बताने की शर्त पर कहते हैं, "अभी हमारे सामने दूसरी लड़ाई है. कोरोना के साथ दो मई के बाद लड़ लेंगे."
इन टिप्पणियों से पता चलता है कि कोरोना के बढ़ते ख़तरों से बंगाल में लोग कितने लापरवाह हैं.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अभियान के तेज़ी पकड़ते ही इसके साथ कंधे से कंधा मिला कर कोरोना के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
विशेषज्ञों ने चेताया कि विधानसभा चुनाव ख़त्म होने पर बंगाल में कोरोना संक्रमण का नया रिकॉर्ड बन सकता है. उनका कहना है कि आठ चरणों तक चलने वाली चुनाव प्रक्रिया कोरोना के लिहाज़ से भारी साबित हो सकती है.
तमाम राजनीतिक दलों की रैलियों और चुनाव अभियान के दौरान न तो कहीं किसी के चेहरे पर मास्क नज़र आता है और न ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन हो रहा है.
बिहार: मुंगेर गोलीकांड की जांच पर पटना हाई कोर्ट ने उठाए सवाल, एसपी समेत नौ पुलिस अधिकारियों को हटाने का आदेश
वीडियो कैप्शन, बिहार के मुंगेर में क्यों भड़क रही हिंसा की आग?
नीरज प्रियदर्शी,
पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने अबतक की जांच पर नाराज़गी जताई है. कोर्ट ने सीआईडी के जरिए मामले की जांच कराने और चार हफ्तों के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
मालूम हो कि इस हिंसा में पीड़ितों ने पुलिस की ओर से बल प्रयोग के आरोप लगाए थे. हिंसा में अनुराग पोद्दार नाम के एक युवक की मौत भी हो गई थी. लेकिन पुलिस की जांच में इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया गया था.
लेकिन, आज हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मुंगेर की तत्कालीन एसपी लिपि सिंह को क्लीन चिट दिए जाने पर भी सवाल खड़े किए. कोर्ट ने कहा है कि लिपि सिंह की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.
सीआईडी की जांच प्रभावित नहीं हो, इसके लिए अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान स्थानीय पुलिस की भूमिका को संदिग्ध मानकर मुंगेर वर्तमान एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों के साथ ही आठ अन्य पुलिस अफसरों को भी तीन दिनों के अंदर हटाने का आदेश जारी कर दिया है.
मुंगेर की यह हिंसा पिछले साल दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शहर के दीन दयाल चौक के पास हुई थी. घटना के दो दिनों बाद ही मुंगेर में विधानसभा चुनाव की वोटिंग भी होनी थी. यह मामला तब सुर्खियों में रहा.
घटना से जुड़े वीडियो अभी भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध है. इन वीडियो में पुलिसकर्मी हाथों में हथियार लहराते दिखते हैं, फायरिंग की आवाजें सुनाई देती हैं, भगदड़ मचती है, प्रतिमा को पकड़ कर बैठे लोगों पर भी पुलिस लाठियां बरसाती दिखती है. हाई कोर्ट ने हिंसा में गोली लगने से मरे युवक अनुराग पोद्दार के आश्रितों को तत्काल 10 लाख रुपए मुआवजा देने को भी कहा है.
Forbes List 2021: हर 17 घंटे में एक नए अरबपति की एंट्री
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इमेज कैप्शन, इस लिस्ट में जिस नाम ने सबको आकर्षित किया है, वो हैं किम कर्दाशियां वेस्ट
एक तरफ़ जब दुनिया कोरोना महामारी से हुई तबाही से जूझ रही थी तो उसी दरम्यिां अरबपतियों की एक नई नस्ल 'कुकुरमुत्ते' की तरह पनप रही थी.
फ़ोर्ब्स मैगज़ीन की मंगलवार को जारी की गई दुनिया के सबसे दौलतमंद लोगों की सालाना लिस्ट में इन्हें शामिल किया गया है.
ये लिस्ट हमें बताती है कि टेस्ला के मालिक एलन मस्क कितनी तेज़ी से तरक़्क़ी की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं और किम कर्दाशियां ने भी इस फ़हरिस्त में जगह बनाई है.
फ़ोर्ब्स मैगज़ीन के एडिटर ए डोलान कहते हैं, "महामारी के बावजूद दुनिया के सबसे रईस लोगों के लिए ये साल एक रिकॉर्ड की तरह रहा है. इस दौर में उनकी दौलत में पाँच खरब डॉलर का इज़ाफ़ा हुआ और नए अरबपतियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई."
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.
अनिल देशमुख मामलाः सचिन वाझे से पूछताछ के लिए सीबीआई ने एनआईए कोर्ट से इजाजत मांगी
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इमेज कैप्शन, मुंबई पुलिस से सस्पेंड अधिकारी सचिन वाझे
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बुधवार को एनआईए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मुंबई पुलिस से सस्पेंड अधिकारी सचिन वाझे से पूछताछ की इजाजत मांगी है.
सीबीआई महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है और वो इसी सिलसिले में सचिन वाझे से पूछताछ करना चाहती है.
बंबई हाई कोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सीबीआई को अनिल देशमुख पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए कहा है.
शुरुआती जांच के लिए सीबीआई को हाई कोर्ट ने 15 दिनों का समय दिया है.
कोरोना वायरस: नाइट कर्फ़्यू लगाने के पीछे लॉजिक क्या है?
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"एक बात बताओ दीदी, कोरोना वायरस रात में ही सबसे ज़्यादा एक्टिव होता है क्या?"
दफ़्तर से देर रात घर लौटते हुए राशि ने मुझसे पूछा. रात के क़रीब साढ़े दस बज रहे थे. मैं खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रही थी और राशि देर शाम की नौकरी ख़त्म कर घर लौट रही थी. रास्ते में पुलिस वाले से राशि की कुछ बक-झक हो गई.
दिल्ली सरकार ने 6 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ़्यू लगाने का एलान किया है. हालांकि इसमें ज़रूरी सेवाओं को छूट दी गई है. बुधवार को पंजाब सरकार ने भी नाइट कर्फ़्यू का एलान किया. वहाँ पर नाइट कर्फ़्यू रात 9 बजे से ही शुरू हो जाएगा.
दिल्ली से पहले महाराष्ट्र सरकार ने रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक के लिए नाइट कर्फ़्यू लगाया है. देश के कई दूसरे राज्यों ने पहले भी ऐसा किया है. पिछले साल केंद्र सरकार ने भी नाइट कर्फ़्यू के आदेश जारी किए थे.
लेकिन नाइट कर्फ़्यू लगाने के पीछे लॉजिक क्या है? क्या राज्य सरकारें एक दूसरे को देख कर ऐसा कर रही हैं या केंद्र सरकार की सलाह पर, ये किसी राज्य सरकार ने नहीं बताया.
बनारसी साड़ियां और मिर्ज़ापुरी कालीन चीन को कैसे टक्कर दे रहे?
वीडियो कैप्शन, बनारसी साड़ियां और मिर्ज़ापुरी कालीन चीन को कैसे टक्कर दे रहे?
बात हुनर की हो तो भारत की दो चीज़ें दुनिया भर में फ़ेमस हैं. एक बनारसी साड़ियाँ और दूसरी बेशक़ीमती कालीनें.
लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है कि इन दोनों हस्तकलाओं को चुनौती नहीं मिली या मुश्किलें कम रहीं. ज़ाहिर है, अर्थव्यवस्था खुलने के बाद चीन से आने वाले माल ने भी मुसीबतें बढ़ाई होंगी.
फिर क्या हुआ? बीबीसी वर्कलाइफ़ इंडिया की ख़ास पेशकश.
बंगाल चुनाव में बीजेपी के लिए उत्तरी बंगाल का इलाक़ा इतना अहम क्यों हो गया?
वीडियो कैप्शन, बंगाल चुनाव में बीजेपी के लिए उत्तरी बंगाल का इलाका इतना अहम क्यों हो गया?
पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर बंगाल की तरफ़ बीजेपी काफ़ी ज़ोर लगा रही है.
उत्तर बंगाल की कूच बिहार सीट से बीजेपी ने निशिथ प्रामाणिक को मैदान में उतारा है.
निशिथ प्रामाणिक बीजेपी के सांसद भी हैं. देखिए उनके साथ बीबीसी संवाददाता भूमिका राय की ख़ास बातचीत.
रफ़ाल सौदे में भ्रष्टाचार के नए आरोप क्या हैं और किसने लगाए?
वीडियो कैप्शन, रफ़ाल सौदे में भ्रष्टाचार के नए आरोप क्या हैं और किसने लगाए?
लगभग 60,000 करोड़ रुपये वाले रफ़ाल सौदे पर हुआ विवाद एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. इसकी ख़ास वजह फ़्रांस की एक मीडिया कंपनी 'मीडियापार्ट' की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट है जिसमें दावा किया गया है कि रफ़ाल की निर्माता कंपनी डासो ने भारत के एक बिचौलिये को 10 लाख यूरो दिए जो सौदे से अलग दी गई राशि है.
इस बिचौलिये के ख़िलाफ़ ऑगस्टा हेलिकॉप्टर डील घोटाले में शामिल होने के इलज़ाम में जाँच चल रही है. किकबैक और भ्रष्टाचार पर मीडियापार्ट की तीन क़िस्तों वाली स्टोरी में रफ़ाल स्कैंडल से संबंधित कुछ नए सवाल उठाए हैं, कुछ नई जानकारी सामने आई हैं.
इस फ्रांसीसी वेबसाइट ने 'रफ़ाल लड़ाकू जेट की भारत में बिक्री: एक घोटाले को कैसे दबाया गया था' की सुर्ख़ी से चलाई अपनी स्टोरी में दावा किया कि "इस विवादास्पद सौदे के साथ, डासो ने उस बिचौलिये को 10 लाख यूरो का भुगतान किया किया जिसकी एक अलग रक्षा सौदे (ऑगस्टा हेलिकॉप्टर डील) के संबंध में भारत में जाँच की जा रही है."
बिहार: मधुबनी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी
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नीरज प्रियदर्शी,
बीबीसी हिंदी के लिए
बिहार के मधुबनी जिले के महमदपुर गांव में 29 मार्च को हुए चर्चित हत्याकांड में बिहार पुलिस ने मुख्य अभियुक्त प्रवीण झा को गिरफ्तार कर लिया है. बीबीसी से इसकी पुष्टि बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र कुमार ने की है.
उन्होंने कहा, "इस कांड में अब तक कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है."
होली के दिन हुए इस हत्याकांड में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गई थी. मामले में 35 नामजद अभियुक्त बनाए गए हैं.
मधुबनी के एसपी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर बीबीसी से कहा, "मधुबनी - दरभंगा सीमा पर स्थित बिस्फी गांव के पास से प्रवीण झा समेत कुल पांच अभियुक्तों को छापेमारी कर आज सुबह गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ जारी है, जिसके आधार पर हम बाकि अभियुक्तों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे."
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मधुबनी पुलिस ने अभी तक की जांच में हत्या की वजह दो पक्षों के बीच पुरानी आपसी रंजिश को बताया है. मामले में जाति को लेकर सियासत तेज है.
मंगलवार को मधुबनी में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर लौट आए तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि "मेरे वहां जाने से पुलिस और प्रशासन पर दबाव बना, तभी गिरफ्तारी संभव हुई. लेकिन अभी तक प्रवीण झा के करीबी नवीन झा समेत सारे अभियुक्त पकड़े नहीं गए हैं."
तेजस्वी यादव ने प्रेस वार्ता में हत्याकांड के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा, "हमारी ओर से महंथ (जिनके तीन बेटों की मौत हुई है) को एक लाख रुपये समेत कुल 11 लाख रुपए की मदद की गई है. लेकिन, बिहार सरकार की ओर से अब तक मदद करना तो दूर, पीड़ित परिवार को सुरक्षा भी नहीं मुहैया कराई है."
ब्राज़ीलः 24 घंटों में कोरोना से 4000 मौत, फिर भी लॉकडाउन में दी जा रही ढील
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ब्राज़ील में कोरोना वायरस
के संक्रमण से बीते 24 घंटों में 4,000 मौत हुई हैं, देश में वायरस के नए वैरिएंट
के कारण संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
अस्पतालों में भारी भीड़
है, कुछ शहरों में तो लोगों की इलाज के इंतज़ार में मौत हो रही है और कई इलाक़ों
में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमारा जाने की कगार पर जा पहुँची है.
देश में अब तक कोरोना से
3 लाख 37 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है और दुनिया भर में ब्राज़ील संक्रमण से मौत के मामले में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर
पर है.
लेकिन इन सब के बावजूद
राष्ट्रपति ज़ैर बोलसोनारो लॉकडाउन के ख़िलाफ़ हैं.
उनका तर्क है कि लॉकडाउन से होने वाला आर्थिक नुक़सान कोरोना से होने वाले नुक़सान से बदतर होगा. कुछ स्थानीय
प्राधिकरणों के अदालत की मदद से लगाए गए लॉकडाउन के कुछ प्रतिबंधों को भी
राष्ट्रपति पलटने की कोशिश कर चुके हैं.
मंगलवार को राष्ट्रपति
आवास के बाहर अपने समर्थकों से बात करते हुए बोलसोनारो ने क्वारंटीन के नियमों की
आलोचना की और बिना किसी पुख़्ता सबूत के इसे अवसाद से जोड़ दिया. हालांकि उन्होंने
देश में बीते 24 घंटों में हुई 4,195 मौतों पर कुछ भी नहीं कहा.
क्या हैं हालात?
स्वास्थ्य मंत्रालय के
आंकड़ों के मुताबिक़ ब्राज़ील में अब तक 1.3 करोड़ लोगों को कोरोना का संक्रमण हो
चुका है. सिर्फ़ मार्च महीने में ही 66 हज़ार
570 लोगों की मौत हो चुकी है.
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ब्राज़ील के स्वास्थ्य संस्थान फियोक्रूज़ के मुताबिक़ अधिकतर राज्यों में 90 फ़ीसद आईसीयू बेड कोरोना मरीज़ों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं.
कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन और ज़रूरी दवाओं की कमी बताई जा रही है. इतनी संकट की स्थिति होने के बावजूद कुछ शहर और राज्य जनता की गतिविधियो को रोकने वाले नियमों में ढील दे रहे हैं.
ब्राज़ील के इंस्टीट्यूट फ़ॉर हेल्थ पॉलिसी स्टडीज़ के कार्यकारी निदेशक मिगल लागो ने एसोसिएट प्रेस से बात करते हुए कहा है, ‘’ सच ये है कि राष्ट्रपति बोलसोनारो के लॉकडाउन विरोधी नैरेटिव की जीत हो गई है.‘’
‘’मेयर और गवर्नरों को राजनीतिक रूप से समाजिक दूरी की नीतियों के बारे में बात करने से रोक दिया गया है. वे भी जानते हैं कि राष्ट्रपति के समर्थक, व्यापारी इन नीतियों को नहीं मानेंगे.‘’
अति दक्षिणपंथी नेता बोलसोनारो शुरू से ही कोरोना को कम प्रभावी बताते रहे हैं, वैक्सीन पर संदेह ज़ाहिर करते रहे हैं और अप्रमाणिक दवाओं के सेवन को बढ़ावा देते रहे हैं.
लेकिन आजकल उनकी ज़ुबान इसे लेकर कुछ बदली है. आजकल वे टीकाकरण की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि साल 2021 टीकाकरण का साल होगा लेकिन देश टीकाकरण की योजना को लागू करने में संघर्ष कर रहा है.
आलोचक कहते हैं कि उनकी सरकार ने वैक्सीन की सप्लाई के लिए बातचीत में काफ़ी देरी दिखाई है. देश में अब तक सिर्फ़ आठ फ़ीसद आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली ख़ुराक़ मिली है.
छत्तीसगढ़ः सीआरपीएफ़ जवान ने बताया क्या हुआ था हमले के दिन
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"एसआई साहब थे हमारे. उनके पास ही में आकर ग्रेनेड गिरा और उसका छर्रा उनके पांव में लग गया. पैर में से ब्लीडिंग बहुत ज़्यादा होने लग गई थी और वे दर्द से चिल्ला रहे हैं कि कोई पट्टी बांधो, कुछ कीजिए ताकि ख़ून बहना रुक जाए किसी तरह से. फर्स्ट एड को बुला रहे थे लेकिन फर्स्ट एड के एसटीएफ़ के जवान पहले से ही घायल थे. उनकी मरहम पट्टी की जा रही थी. इतने में ये दर्द से बहुत चिल्ला रहे थे तो मैंने अपनी पगड़ी फाड़ी और उसकी पट्टी बना कर उनके पांव में बांध दी."
सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान बलराज सिंह की आँखों में, शनिवार को बीजापुर में हुए माओवादी हमले की जैसे सारी तस्वीरें एक साथ घूम जाती हैं.
बीजापुर के तर्रेम में हुए इस माओवादी हमले में सुरक्षाबलों के 22 जवान मारे गये थे. इसके अलावा 31 घायल जवानों को बीजापुर और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती किया गया था. इन्हीं घायल जवानों में एक हैं बलराज सिंह.
रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती बलराज सिंह के पेट में गोली लगी थी. लेकिन इलाज के बाद अब वे ख़तरे से बाहर हैं. उनकी बहादुरी के चर्चे सब तरफ़ हैं. राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक आरके विज ने अस्पताल पहुँच कर बलराम को एक पगड़ी भी भेंट की है.
पंजाब के तरनतारन से खडूर साहब रोड पर कोई साढ़े पाँच किलोमीटर दूर बाईं ओर कलेर गाँव है. बलराज सिंह इसी गाँव के रहने वाले हैं.
कोरोना के म्यूटेशन ने बढ़ाई चिंता, वैक्सीन का असर कर सकता है कम
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जापान के सरकारी टेलीविज़न चैलन एनएचके ने कहा है कि बीते महीने जापान के टोक्यो अस्पताल में कोरोना वायरस के लिए जिन लोगों का टेस्ट हुआ है उनमें से 70 फीसदी लोगों में जो कोरोना वायरस का वेरिएंट पाया गया है उसमें एक नया म्यूटेशन देखा गया है.
रिपोर्ट के अनुसार ये म्यूटेशन वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा को कम कर सकता है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार E484K नाम के इस म्यूटेशन को कई वैज्ञानिक "ईक" कह रहे हैं.
मार्च में टोक्यो मेडिकल एंड डेन्टल युनिवर्सिटी मेडिकल अस्पताल के जिन लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ है उनमें से प्रत्येक 14 में से 10 में वायरस का "ईक" म्यूटेशन पाया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों में ये म्यूटेशन देखा गया है उनमें से किसी से कोई विदेश यात्रा नहीं की है या इस म्यूटेशन वाले वेरिएंट से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए थे.
जापान में जुलाई में ओलंपिक शुरू होने वाले है जिससे पहले जापान कोरोना वायरस की एक और लहर का सामना कर रहा है. ऐसे में वायरस में आए इस नए म्यूटेशन को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यहां रविवार को संक्रमण के 2702 नए मामले दर्ज किए गए थे. जापान में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 4.82 लाख मामले दर्ज किए गए हैं. यहां कोरोना वायरस अब तक 9,221 लोगों की जान ले चुका है.
कोरोना वैक्सीन: वो बातें जो आपको जाननी चाहिए
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कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए दुनिया के कई देशों में टीकाकरण अभियान चल रहा है.
इससे जुड़ी सूचनाएं और सुझाव कई बार आपको पेचीदा लग सकते हैं, लेकिन कुछ बुनियादी तथ्य हैं जो आपकी यह समझने में मदद करेंगे कि एक वैक्सीन आख़िर काम कैसे करती हैं.
वैक्सीन क्या है?
एक वैक्सीन आपके शरीर को किसी बीमारी, वायरस या संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करती है.
वैक्सीन में किसी जीव के कुछ कमज़ोर या निष्क्रिय अंश होते हैं जो बीमारी का कारण बनते हैं.
ये शरीर के 'इम्यून सिस्टम' यानी प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण (आक्रमणकारी वायरस) की पहचान करने के लिए प्रेरित करते हैं और उनके ख़िलाफ़ शरीर में एंटीबॉडी बनाते हैं जो बाहरी हमले से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करती हैं.