राजस्थानः आतंकवाद से जुड़े मामले में 12 छात्रों को आजीवन कारावास

चरमपंथी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने के आरोप में एटीएस और एसओजी ने इन लोगों को गिरफ्तार किया था.

लाइव कवरेज

  1. देश में कोरोना की स्थिति बद से बदतर हो रही है - विनोद कुमार पाल

    कोरोना वायरस

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    भारत में कोरोना वैक्सीन वितरण के लिए बने एक्सपर्ट ग्रूप के चेयरमैन और नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पाल ने कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति बद से बदतर हो रही है.

    उन्होंने कहा कि पूरा देश आज एक बार फिर कोरोना वायरस के ख़तरे का सामना कर रहा है.

    मंगलवार को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेस में उन्होंने कहा, "बीते कुछ सप्ताह से देश में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. कुछ राज्यों में स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है."

    उन्होंने कहा, "ट्रेंड दिखा रहे हैं कि वायरस अभी भी काफी एक्टिव है और हमारे लिए बड़ा ख़तरा बन सकता है. ऐसे में इसे लेकर चिंता बढ़ रही है. एक्टिव केस कम हो गए थे लेकिन ये फिर बढ़ रहे हैं. हमें इस बात का गर्व था कि हम कोरोना से होने वाली मौतों को कम कर सके हैं."

    "हम उस स्तर तक पहुंच गए थे जब देश में एक दिन में केवल 77 मौतें हो रही थीं लेकिन अब इसमें कई गुना इजाफ़ा हो गया है. ये घातक वायरस अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है, ये अभी भी देश में है."

    विनोद कुमार पाल ने कहा कि अभी भी कोरोना को लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा, "किसी भी राज्य या जिले को इसे रोकने के लिए किसी तरह की कोताही नहीं बरतनी चाहिए. हमें ये याद रखना होगा कि अगर मामले बढ़े तो इसका दवाब स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ सकता है."

    उन्होंने कहा कि हमें वैक्सीन मिल गई है लेकिन इसका मतलब ये नहीं होना चाहिए कि मास्क की अब ज़रूरत नहीं रही. उन्होंने कहा, "हमें मास्क का इस्तेमाल करते रहना होगा और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन करना होगा."

    30 मार्च को देश में कोरोना संक्रमण के 56,211 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि इसके कारण 271 मौतें हुई हैं. अब तक देश में इस संक्रमण के कारण 1.62 लाख से अधिक मौतें हो चुकी हैं.

    भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार बीते एक दिन में अकेले महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 31,643 नए मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं पंजाब, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में भी संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

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    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक भारत में कोरोना वायरस के तीन वेरिएंट पाए गए हैं. जहां ब्रितानी कोरोना वायरस वेरिएंट के 807 मामले हैं वहीं दक्षिण अफ़्रीका वेरिएंट के 47 और ब्राज़ील वेरिएंट का 1 मामला देश में है.

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  2. आईपीएल 2021 में ऋषभ पंत होंगे दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान

    ऋषभ पंत

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    अप्रैल से शुरू हो रहे आईपीएल 2021 में ऋषभ पंत दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान होंगे.

    श्रेयस अय्यर भारत-इंग्लैंड सिरीज़ के दौरान घायल हो गए थे जिसकी वजह से उन्हें कप्तानी की ज़िम्मेदारी नहीं दी गई है.

  3. कश्मीर में आतंकी घटनाओं में काफी सुधार: सेना प्रमुख जनरल एम.एस. नरवणे

    सेना प्रमुख जनरल एम.एस. नरवणे ने दावा किया है कि कश्मीर में आतंकी घटनाओं में काफी सुधार हुआ है.

    समाचार एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में सेना प्रमुख ने कहा है कि ''कश्मीर में हाल ही में कुछ आतंकी घटनाएं हुई हैं. अभी भी घाटी में युवा आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं. हालांकि आतंकी घटनाओं में काफी सुधार हुआ है. हमारा प्रयास युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकना है.''

    सेना प्रमुख जनरल एम.एस. नरवणे

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  4. ब्रेकिंग न्यूज़, राजस्थानः सात साल पुराने आतंकवाद से जुड़े मामले में 12 छात्रों को आजीवन कारावास की सज़ा

    राजस्थान

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    सात साल पहले चरमपंथी गतिविधियों में गिरफ्तार 13 में से 12 इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को जयपुर की ज़िला अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई.

    जयपुर में मौजूद पत्रकार मोहर सिंह मीणा ने बताया कि इनमें से एक अभियुक्त जोधपुर निवासी मशरफ इकबाल पुत्र छोटू खां को बरी कर दिया गया है.

    इस मामले में 28 मार्च, 2014 को एटीएस ने मामला दर्ज किया था. इन सभी को चरमपंथी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने के आरोप में एटीएस और एसओजी ने गिरफ्तार किया था.

    चरमपंथी करार दिए गए 12 अभियुक्तों में एक बिहार, एक जयपुर, एक पाली, तीन जोधपुर और 6 सीकर के हैं. ये सभी इंजीनियरिंग के स्टूडेंट थे.

    राजस्थान

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    साल 2011 में दिल्ली में गिरफ्तार हुए मोहम्मद वकास, यासीन भटकल समेत अन्य ने जयपुर में इन्हें बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी. जिसके बाद साल 2014 में इन्हें जयपुर के प्रताप नगर और सीकर में किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया.

    इन पर आरोप था कि इन्होंने जयपुर और कई जगहों पर बम ब्लास्ट के लिए रेकी भी की थी. लेकिन इससे पहले ही इन्हें दिल्ली से मिले इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था.

    इस मामले में सात साल से कोर्ट में ट्रायल चल रहा था, इस केस में अभियोजन पक्ष ने 175 गवाह और 506 डॉक्यूमेंट एविडेंस कोर्ट में पेश किए थे.

  5. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 30 मार्च 2021, बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से

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  6. हांगकांग पर शिकंजा कसने के लिए चीन ने बदले नियम

    चीन का झंडा पकड़े लोग

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    हांगकांग पर शिकंजा कसने के लिए चीन निर्वाचन संबंधी नियमों में बदलाव किया है.

    नियमों को बदलते हुए चीन ने हांगकांग की संसद में सीधे चुनकर आने वाले सदस्यों की मौजूदा संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की कटौती की है.

    इतना ही नहीं, संभावित सांसदों के नामों पर चीन समर्थक एक समिति पहले विचार करेगी ताकि चीन के प्रति सांसदों की वफ़ादारी सुनिश्चित की जा सके.

    चीन का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य 'देशभक्तों' को आगे बढ़ाना है. लेकिन आलोचकों ने चेतावनी दी है कि इससे हांगकांग में लोकतंत्र ख़त्म होने का ख़तरा बढ़ गया है.

    आलोचकों को आशंका है इस बदलाव से हांगकांग की संसद से इस तरह विपक्ष का सफाया कर दिया जाएगा.

  7. होली के दिन दिल्ली में इतनी गर्मी पड़ी, सालों का रिकॉर्ड टूटा

    वीडियो कैप्शन, होली के दिन दिल्ली में इतनी गर्मी पड़ी, सालों का रिकॉर्ड टूटा

    होली के दिन लोगों ने खूब रंग और गुलाल खेला. इस दौरान शायद ही किसी का ध्यान बेहद ज़्यादा गर्मी पर गया हो.

    असल में होली के दिन दिल्ली का तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस था.

    साल 1945 के बाद पहली बार मार्च के महीने में इतनी ज़्यादा गर्मी पड़ी.

  8. स्वेज़ नहर में फंसे जहाज़ को निकालने और उसके भविष्य की कहानी

    वीडियो कैप्शन, स्वेज़ नहर में फंसे जहाज़ को निकालने और उसके भविष्य की कहानी

    मिस्र की स्वेज़ नहर में जाम खुल गया है.

    क़रीब एक हफ़्ते से वहां फंसे विशाल जहाज़ को बड़ी मशक्कत के बाद रास्ते से हटाया जा सका.

    टग बोट्स और ड्रेजर की मदद से 400 मीटर (1,300 फीट) लंबे 'एवर गिवेन' जहाज़ को निकाला गया.

    सैकड़ों जहाज़ भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ने वाली इस नहर से गुज़रने का इंतज़ार कर रहे हैं.

    ये दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक है.

  9. बंगाल चुनावः प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत ने कहा कांग्रेस के पास नहीं है पैसा

    वीडियो कैप्शन, बंगाल चुनावः कांग्रेस नेता अभिजीत मुखर्जी ने बताया अपनी पार्टी का हाल

    कांग्रेस नेता अभिजीत मुखर्जी का कहना है कि बंगाल में अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो राज्य की पहचान ही बदल जाएगी.

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत ने अपनी पार्टी की रणनीति पर क्या कुछ कहा, देखिए बीबीसी संवाददाता रजनीश कुमार के साथ उनकी ख़ास बातचीत.

  10. असम चुनाव: बांग्ला भाषी हिंदुओं को लगता है कोई उनकी सुध नहीं लेता

    असम विधानसभा चुनाव

    मृगेंद्र कुमार घोष (बदला हुआ नाम) की पाँच पीढ़ियां लोअर असम के बारपेटा के इलाक़े में दशकों से रहती आ रही है. अब उनकी उम्र 60 के आसपास होने वाली है. उनके परिवार में कुल मिलाकर दस सदस्य हैं.

    असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़नशिप यानी एनआरसी के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है. परिवार के सभी सदस्यों के नाम उसमें शामिल कर लिए गए हैं मगर उनके एक भाई का नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं है.

    उनके भाई को 'डी-वोटर' यानी 'डाउट्फुल-वोटर' या विवादित वोटर के रूप में चिन्हित किया गया है.

    इसका मतलब ये है कि वे अपनी नागरिकता प्रमाणित करने में कामयाब नहीं रहे या फिर नागरिकता पर विवाद के निपटारे को लेकर असम में बनाए गए ट्रिब्यूनल के अधिकारियों को अपनी नागरिकता को लेकर संतुष्ट नहीं कर पाए.

  11. नरेंद्र मोदी के दौरे पर बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया में इतनी हिंसा कैसे शुरू हुई?

    वीडियो कैप्शन, नरेंद्र मोदी के दौरे पर बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया में इतनी हिंसा कैसे शुरू हुई?

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ख़िलाफ़ हुए हिंसक प्रदर्शनों में सबसे ज़्यादा मौतें बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया ज़िले में हुई हैं.

    हालांकि, मोदी के दौरे को लेकर झड़पें ढाका के बैतूल मुकर्रम इलाक़े में शुरू हुई थीं, लेकिन ब्राह्मणबरिया में इसने सबसे हिंसक रूप ले लिया.

    जिन 12 मौतों की पुष्टि हुई है, उनमें से छह इसी ज़िले में हुई हैं. रविवार को शहर में कई सरकारी दफ़्तरों और सांस्कृतिक संस्थाओं में आगजनी की गई.

  12. सर्बानंद सोनोवाल: हार के बाद दांव पर था राजनीतिक करियर, बीजेपी में मिली सीएम की कुर्सी

    सर्बानंद सोनोवाल

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    16 मई 2009 और 24 मई 2016. यह वो दो तारीख़ें हैं जिनका सीधा ताल्लुक असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से है.

    दरअसल 16 मई 2009 के दिन सर्बानंद डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे. उस समय वे असम की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी एजीपी अर्थात असम गण परिषद के नेता थे. एजीपी ने उस चुनाव में असम की कुल 14 लोकसभा सीटों में से केवल एक सीट जीती थी.

    साल 2001 के बाद प्रदेश में क्षेत्रीय पार्टी की राजनीतिक ज़मीन तेज़ी से खिसकती जा रही थी. सर्बानंद के लिए वो हार उनके आगे के राजनीतिक भविष्य को तय करने से जुड़ी हुई थी. उस समय पार्टी नेतृत्व के साथ सर्बानंद के मतभेदों की ख़बर मीडिया में सुर्खियां बनने लगी थी.

    एजीपी के चुनावी प्रदर्शन से ऐसा नहीं लग रहा था कि यह क्षेत्रीय पार्टी फिर कभी शासन में आ पाएगी. सर्बानंद भी पार्टी में अलग-थलग पड़ने लगे थे और उनके पास कोई बड़ी ज़िम्मेदारी नहीं थी.

    ये वो दौर था जब प्रदेश की सियासत में तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और उनकी कांग्रेस सरकार में नंबर टू रहे हिमंत बिस्व सरमा की तूती बोलती थी.

    उस समय असम की राजनीति को कवर करने वाले कई वरिष्ठ पत्रकारों को यह कहते हुए सुना था कि क्षेत्रीय पार्टी में सर्बानंद का राजनीतिक करियर अब आगे बढ़ना मुश्किल है.

  13. कार्टून: कोरोना की कमजोरी

  14. नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा पर तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग में शिकायत की

    तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन

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    इमेज कैप्शन, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन

    तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा पश्चिम बंगाल के लिए लागू चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन थी.

    तृणमूल कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया है कि इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ कार्यक्रम राज्य के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों की वोटिंग को प्रभावित करने की मंशा से बनाए गए थे. 28 मार्च को लिखी गई ये चिट्ठी तृणमूल कांग्रेस को जारी की.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 और 27 मार्च को बांग्लादेश के दौरे पर थे. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की आज़ादी की 50वीं सालगिरह और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.

    तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने निर्वाचन आयोग को ये चिट्ठी लिखी है.

    उन्होंने चिट्ठी का शीर्षक दिया है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी आचार संहिता का सरासर उल्लंघन किया."

    डेरेक ओ ब्रायन ने लिखा है, "हमें प्रधानमंत्री की बांग्लादेश यात्रा और उसके आधिकारिक उद्देश्य को लेकर कोई आपत्ति नहीं हैं. आख़िरकार भारत ने बांग्लादेश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई है. हमारे बंगाली भाइयों ने पूर्वी पाकिस्तान को पश्चिमी पाकिस्तान के बर्बर शासन से आज़ादी दिलाने के लिए महान संघर्ष किया है."

    "लेकिन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को बांग्लादेश में 27 मार्च को नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर कड़ी आपत्ति है. इन कार्यक्रमों का न तो बांग्लादेश की आज़ादी की 50वीं सालगिरह और न ही बंगबंधु के जन्मशती कार्यक्रम से कोई संबंध है. इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुछ कार्यक्रम राज्य के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों की वोटिंग को प्रभावित करने की मंशा से बनाए गए थे."

    "किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने इतनी बेशर्मी से अनैतिक और अलोकतांत्रिक काम किया हो और विदेशी भूमि से अपनी पार्टी के लिए अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार करके चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन किया है."

    तृणमूल नेता ने ये आरोप भी लगाया कि मोदी की यात्रा का राजनीतिक मक़सद इस बात से साबित हो जाता है कि वे अपने साथ पश्चिम बंगाल के बीजेपी सांसद शांतनु ठाकुर को लेकर गए थे जिनके पास भारत सरकार में कोई भी आधिकारिक पद नहीं है.

  15. मेनोपॉज़: 'बॉम्बे बेगम्स' के बहाने इसकी चर्चा क्यों है ज़रूरी

    पूजा भट्ट

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    इमेज कैप्शन, बॉम्बे बेगम्स के एक सीन में पूजा भट्ट

    आमतौर पर फिल्में और वेब सीरीज़ युवाओं को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं लेकिन नेटफ्लिक्स की एक नई सीरीज़ में एक 49 साल की महिला केंद्रीय भूमिका में है.

    ये सीरीज़ अपने शरीर से जूझ रही महिलाओं की जद्दोजहद दिखा रही है और इसलिए इसकी तारीफ़ भी हो रही है.

    'बॉम्बे बेगम्स' नाम की इस सिरीज़ के एक सीन में रानी नाम की किरदार एक बोर्ड मीटिंग से अचानक बाहर चली जाती है.

    रानी की भूमिका अभिनेत्री पूजा भट्ट ने निभाई है.

    उनके सहकर्मी ये समझने की कोशिश करते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया लेकिन इसी दौरान कैमरा उन्हें ऑफ़िस के वॉशरूम में अपने चेहरे पर ठंडा पानी डालते और हैंड ड्रायर में अपनी बगलों को सुखाते हुए दिखाता है.

  16. बदरुद्दीन अजमल बोले, कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार का करेंगे समर्थन

    बदरुद्दीन अजमल

    इमेज स्रोत, BBC/DILIP SHARMA

    टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार एआईयूडीएफ़ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावों के बाद वो कांग्रेस को अपना समर्थन देंगे.

    बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि "पहले चरण की वोटिंग के बाद ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'महाजोट' ने अच्छी बढ़त ली है. दो मई को मतगणना ख़त्म होगी और हम कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को अपना समर्थन देंगे."

    अख़बार के अनुसार माना जा रहा था कि नए मुख्यमंत्री के चुनाव में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी की भूमिका बड़ी हो सकती है और इससे प्रदेश की राजनीति में प्रवासी मुसलमानों की पकड़ बढ़ सकती है.

    चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेता हिमन्त बिस्व सरमा बदरुद्दीन अजमल पर प्रदेश में कांग्रेस को नियंत्रित करने का आरोप लगा चुके हैं.

  17. मोदी के दौरे पर बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया में इतनी हिंसा कैसे शुरू हुई

    नरेंद्र मोदी-विरोधी प्रदर्शन

    इमेज स्रोत, SELIM PARVEZ

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ख़िलाफ़ हुए हिंसक प्रदर्शनों में सबसे ज़्यादा मौतें बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया ज़िले में हुई हैं.

    हालांकि, मोदी के दौरे को लेकर झड़पें ढाका के बैतूल मुकर्रम इलाक़े में शुरू हुई थीं, लेकिन ब्राह्मणबरिया में इसने सबसे हिंसक रूप ले लिया.

    जिन 12 मौतों की पुष्टि हुई है, उनमें से छह इसी ज़िले में हुई हैं. रविवार को शहर में कई सरकारी दफ़्तरों और सांस्कृतिक संस्थाओं में आगजनी की गई.

    ब्राह्मणबरिया के बनिक पारा में एक परिवार अपने घर में लगी आग में फंस गया था.

    एक गृहणी और दो बच्चों की मां अपने घर पर रविवार को हुए हमले के बारे में बताती हैं. वो कहती हैं, "हम इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं. वो आए और बोले कि बाहर निकलो. उन्होंने आग लगा दी. लेकिन हम में दरवाज़ा खोलने की हिम्मत नहीं थी. दरवाज़े के सामने आग लगी हुई थी."

    घर से बाहर निकलने में असमर्थ वो अपने पति के साथ 90 साल की सास को लेकर पांच मंज़िला इमारत की छत पर चली गईं.

    वो बताती हैं, "पूरी इमारत धुएं से काली हो गई थी. मेरा एक बच्चा शारीरिक रूप से अक्षम है. मैं बच्चों को धुएं में ढूंढ नहीं पा रही थी."

    स्थानीय पत्रकार माशूक ह्रदय ने रविवार को ब्राह्मणबरिया में हुई हिंसा की तुलना युद्ध के मैदान से की.

    उन्होंने कहा, "हमलावरों ने डर का माहौल बना दिया, जिसमें व्यापारी से लेकर वहां के घरों के लोग, हर कोई डरा हुआ था."

  18. मुसलमान युवाओं के एक तबके के लिए असदुद्दीन ओवैसी हीरो क्यों?

    ओवैसी

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    27 मार्च की सुबह. समय 5 बजकर 45 मिनट. हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर अचानक से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दस्तक दी.

    प्लेटफॉर्म पर कुछ मुस्लिम युवक गुलदस्ते लिए खड़े थे. प्लेटफॉर्म पर नारा गूँजा- 'देखो-देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया.'

    ओवैसी प्लेटफॉर्म पर हावड़ा से मुर्शिदाबाद जाने वाली ट्रेन गणदेवता एक्सप्रेस के सी-1 कोच में चुपचाप जाकर बैठ गए. ट्रेन छह बजे चल पड़ी. उस कोच में ओवैसी के कई समर्थक भी मौजूद थे. एक शख़्स ऐसा भी था, जो आने-जाने की पूरी यात्रा में ओवैसी के बगल में बिना कुछ बोले चुपचाप बैठा रहा.

    कुछ ही देर में ओवैसी ने मोबाइल पर क़ुरान पढ़ना शुरू किया. क़रीब 40 मिनट तक क़ुरान पढ़ते रहे. ओवैसी पश्चिम बंगाल चुनाव में पहली बार रैली करने मुर्शिदाबाद से सागरदीघि जा रहे थे.

    क़ुरान पढ़ने के बाद उन्होंने रैली में भाषण के लिए तैयारी की. कई तरह के डेटा वाले दस्तावेज़ निकाले और पढ़ते वक़्त अंडरलाइन करते गए.

  19. केरल चुनाव में मेट्रो मैन ई श्रीधरन बीजेपी को कितना फायदा पहुंचा पाएंगे?

    वीडियो कैप्शन, केरल चुनाव में मेट्रो मैन ई श्रीधरन बीजेपी को कितना फायदा पहुंचा पाएंगे?

    केरल में इस बार भारतीय जनता पार्टी काफी ज़ोर लगा रही है.

    इसी के तहत पार्टी ने मेट्रो मैन नाम से मशहूर इंजीनियर ई श्रीधरन को पार्टी में शामिल किया.

    ई श्रीधरन क्या बीजेपी को केरल में कामयाब करवा पाएंगे.

    देखिए ई श्रीधरन के साथ बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद की ख़ास बातचीत.

  20. म्यांमार से आए शरणार्थियों के लिए 'भोजन-रिफ़्यूजी कैंप की मनाही' वाला मणिपुर सरकार का आदेश वापस

    म्यांमार, मणिपुर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, मणिपुर सरकार ने 26 मार्च को इस बारे में एक आदेश जारी किया था

    मणिपुर सरकार ने अपना वह आदेश वापस ले लिया है जिसमें जिला प्रशासन को म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों को भोजन और रहने का इंतज़ाम करने से मना किया गया था.

    दरअसल मणिपुर सरकार के गृह विभाग में तैनात विशेष सचिव एच ज्ञान प्रकाश ने 26 मार्च को चांदेल, टेंगनौपाल, कामजोंग, उखरुल और चुराचांदपुर जिले के उपायुक्तों (जिलाधिकारियों) को एक आदेश जारी किया था. इसमें म्यांमार के नागरिकों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए मुख्य तौर पर पाँच निर्देश दिए गए थे.

    गृह विभाग ने इस निर्देश में जिला प्रशासन को म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए कोई रिफ़्यूजी कैंप नहीं खोलने की बात कही थी. इसके साथ ही सिविल सोसायटी संगठनों को भी आश्रय और भोजन प्रदान करने के लिए किसी भी तरह के शिविर खोलने की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया गया था.

    सरकार ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि जो लोग शरण लेने और प्रवेश करने का प्रयास करेंगे उन्हें विनम्रता से दूर किया जाए. हालाँकि इस निर्देश में मणिपुर सरकार ने गंभीर चोटों के मामले में मानवीय आधार पर चिकित्सा प्रदान करने की बात ज़रूर कही थी.