मोज़ाम्बिक: पल्मा में हुए हमले में दर्जनों की मौत, कई लोग अब भी लापता

मोज़ाम्बिक के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ओमर सारंगा ने बताया है कि देश के उत्तरी हिस्से में समुद्रतट पर मौजूद शहर पल्मा में हुए कथित इस्लामी चरमपंथियों के हमले में दर्जनों लोगों की मौत हो गई है.
ओमर सारंगा के अनुसार सात लोगों की मौत उस वक्त हो गई जब वो एक होटल से निकल कर भागने की कोशिश कर रहे थे. वो चार दिन तक इस होटल में छिपे रहे थे.
मंत्रालय का कहना है कि चरमपंथियों के चंगुल से सैंकड़ों स्थानीय और विदेशी लोगों को बचा लिया गया है.
बुधवार को इस इलाक़े पर कथित इस्लामी चरमपंथियों ने हमला किया था. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों से बचने के लिए वो छिपे हुए थे और सुरक्षाबलों का इंतज़ार कर रहे थे. उनका कहना है कि समुद्रतट पर उन्होंने कई लोगों के शव देखे जिनके सिर धड़ से अगल कर दिए गए थे.
मरीन ट्रैफिक की वेबसाइट के अनुसार पल्मा और पेम्बा बंदरगाह के नज़दीक बड़ी संख्या में नाव और यात्री जहाज़ देखे गए हैं और लोग नावों के ज़रिए पल्मा से बच कर भागने की कोशिश कर रहे हैं.
एक कॉन्ट्रैक्टर ने बीबीसी को बताया कि बच कर भागने वाले कई लोग ऐसे हैं जो होटल से बच कर भागे हैं. ये लोग शुक्रवार की रात से ही समुद्रतट पर आकर छिप गए थे. इन्हें शनिवार सवेरे सुरक्षाबलों ने बचाया.
बचाव दल से जुड़े एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफ़पी का बताया कि रविवार दोपहर को 1,400 लोगों को लेकर एक जहाज़ पल्मा से 250 किलोमीटर दूर पेम्बा बंदरगाह पहुंचा.
राहत एजेंसियों का कहना है कि लोगों को लेकर कई और छोटी-छोटी नाव पेम्बा के लिए निकल चुकी हैं और सोमवार सवेरे तक वहां पहुंच सकती हैं.
पल्मा में क्या है स्थिति?
काबो डेल्गाडो प्रांत में बसे पल्मा की आबादी क़रीब 75,000 है. चरमपंथी हमले में कितने लोगों की मौत हुई है अब तक ये स्पष्ट नहीं है. लेकिन बताया जा रहा है कि कई लोग अब भी लापता है.
मोज़ाम्बिक पुलिस की मदद कर रही डाइक एडवाइज़री ग्रूप प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी के कर्नल लायनेल डाइक कहते हैं, “पूरे शहर में शव बिखरे पड़े हैं. कई शवों के सिर धड़ से अलग किए गए हैं.”
बताया जा रहा है एक हथियारबंद गुट ने शहर को अपने कब्ज़े में ले लिया है. लेकिन पल्मा से सभी तरह के संपर्क टूट गए हैं. ऐसे में इस दावे की पुष्टि नहीं की जा सकी है.
बुधवार को जब हमला शुरू हुआ उस वक्त सबसे पहले हथियारबंद चरमपंथियों के के समूह ने सबसे पहले दुकानों, बैंकों और सेना के ठिकानों पर हमले किए.
हमले से बचने के लिए कई लोग जंगलों में भाग गए और कई आसपास के मैन्ग्रूव के जंगलों की तरफ चले गए. यहां के एक गैस प्रोजेक्ट में काम करने वाले क़रीब सौ कर्मचारियों और कई स्थानीय लोगों ने शहर के एक होटल में पनाह ली.
शुक्रवार को कई लोगों ने होटल से निकल कर समुद्रतट तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन कइयों को होटल के बाहर मार दिया गया.
अपुष्ट ख़बरों के अनुसार एक ब्रितानी नागरिक होटल में फंसे हैं. आरए इंटरनेशनल नाम की एक कंपनी ने बीबीसी को बताया कि वो ब्रितानी नागरिक के बारे में और जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं. कंपनी का कहना है कि शुक्रवार दोपहर को आख़िरी बार वो अपने कर्मचारियों से संपर्क कर सके थे.
उत्तरी मोज़ाम्बिक में साल 2017 के बाद से चरमपंथी हमले होते रहे हैं. मुख्य रूप से मुसलमान आबादी वाले काबो डेल्गाडो में कथित चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूहों के हमले होते रहे हैं. अब तक इन हमलों में 2,500 लोगों की मौत हुई है जबकि 700,000 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं.

















