प्रधानमंत्री मोदी को मिलेगा वैश्विक ऊर्जा एवं पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार
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लाइव कवरेज
न्यूज़ीलैंड में भूकंप के कई झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी
न्यूज़ीलैंड में तट के किनारे रहने
वाले लोगों को तटीय क्षेत्र से दूर चले जाने के लिए कहा गया है. एक के बाद एक तीन
शक्तिशाली भूकंप के झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है.
राष्ट्रीय आपातकालीन एजेंसी ने
सुनामी के ख़तरे की चेतावनी जारी की है.
इस क्रम में कुछ जगहों से झड़प की
भी ख़बरे हैं. ऊंचाई वाली जगहों पर पहुंचने के दौरान लोगों में झड़प की ख़बर है.
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कोरोना वायरस: फ्रांस में प्रतिबंध क्षेत्र को बढ़ाया गया, डब्ल्यूएचओ की चेतावनी
नेशनल लॉकडाउन से बचने के लिए फ़्रांस को सबकुछ करना चाहिए.
फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने यह बयान दिया.
उन्होंने कहा कि नाइस और
डनकिर्क के आस-पास के इलाक़ों में भी प्रतिबंध देश के देश के उत्तरी हिस्से कैलिस
तक बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संक्रमण के जो अब मामले आ रहे हैं वो यूके
वेरिएंट के ज़्यादा हैं. ताज़ा मामलों में से साठ प्रतिशत मामले यूके वेरिएंट के
हैं.
वहीं पूर्वी और मध्य यूरोप में कोरोना संक्रमण के मामलों में
तेज़ी आंकी गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले छह
सप्ताहों से जिस तरह मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही थी, अब वैसी स्थिति नहीं
है.
यूपीएससी: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 के लिए नोटिफ़िकेशन जारी
संघ लोक सेवा आयोग ने
गुरुवार चार मार्च को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 के लिए नोटिफ़िकेशन जारी
कर दिया है.
सिविल सेवा (प्रारंभिक)
परीक्षा 2021 के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख़ 24 मार्च शाम छह बजे तक है.
यूपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक
परीक्षा 27 जून 2021 को आयोजित की जाएगी.
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इटली ने ऑस्ट्रेलिया को निर्यात की जा रही एस्ट्राज़ेनेका ख़ुराक को रोका
इटली सरकार ने ऑस्ट्रेलिया के लिए ऑक्सफर्ड एस्ट्राज़ेनेका
वैक्सीन के निर्यात को रोक दिया है.
इटली सरकार के इस फ़ैसले से एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की
250,000 ख़ुराक पर असर पड़ेगा.
इटली यूरोपीय संघ का पहला ऐसा देश है जिसने निर्यात रोकने
के लिए गुट के नए नियमों का उपयोग किया है. इस नियम के तहत अगर कंपनी यूरोपीय संघ
के पैक्ट को पूरा करने में असफल रहती है तो निर्यात को रोकने की अनुमति होगी.
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोपीय कमीशन ने इटली
सरकार के इस क़दम का समर्थन किया है.
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टीएमसी से गठबंधन लेफ़्ट पार्टियों के लिए 'आत्महत्या' होगी: सीपीएम
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) का कहना है कि कुछ लोग इस बात की वकालत कर रहे हैं कि पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए वामपंथियों को ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन कर लेना चाहिए.
सीपीएम के अनुसार ऐसा करना वामपंथी पार्टियों के लिए आत्महत्या करने जैसा होगा और इसका मतलब होगा बीजेपी की जीत.
पश्चिम बंगाल में चुनाव के तारीख़ों की घोषणा हो गई है और बीजेपी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने की दावेदार नज़र आ रही है. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटें जीती थीं और उसके बाद से बीजेपी प्रदेश में अपना प्रभाव बढ़ाती हुई नज़र आ रही है.
इस बीच ममता के कई क़रीबी लोगों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया है.
सभी राजनीतिक पर्यवेक्षक कह रहे हैं कि इस बार ममता बनर्जी और बीजेपी में कांटे की टक्कर होने वाली है. कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं लेकिन ज़्यादातर लोगों का मानना है कि कुछ ख़ास इलाक़ों को छोड़ दें तो आख़िरकार प्रदेश स्तर पर टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर नज़र आ रही है.
प्रधानमंत्री मोदी को मिलेगा वैश्विक ऊर्जा एवं पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए 'सेरावीक कॉन्फ़्रेंस-2021' को संबोधित करेंगे.
इस दौरान उन्हें 'सेरावीक वैश्विक ऊर्जा एवं पर्यावरण नेतृत्व' पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.
यह सम्मेलन एक मार्च से चल रहा है और शुक्रवार को इसका आख़िरी दिन है.
इस सम्मेलन के वक्ताओं में पर्यावरण के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन केरी, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स, सऊदी कंपनी अरामको के सीईओ अमीन नासिर शामिल हैं.
कार्यक्रम के आयोजक आईएचएस मार्किट के उपाध्यक्ष और कॉन्फ़्रेस के अध्यक्ष डेनियल येरगिन ने कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की भूमिका पर दृष्टिकोण जानने के लिए उत्सुक हैं. देश की तथा पूरी दुनिया की भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में भारत के नेतृत्व का विस्तार करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए प्रधानमंत्री को सेरावीक वैश्विक ऊर्जा एवं पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार से सम्मानित करते हुए प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं."
मेगन मार्केल ने बकिंघम पैलेस पर 'झूठ फैलाने' का आरोप लगाया
प्रिंस हैरी की पत्नी द डचेज़ ऑफ़ ससेक्स मेगन मार्केल ने कहा है कि बकिंघम पैलेस ये उम्मीद न करे कि वो और प्रिंस हैरी चुप रहेंगे अगर पैसेल "उनके बारे में झूठ फैलाएगे."
मार्केल ने ऐसा ओपरा विन्फ्रें के एक इंटरव्यू में कहा. विन्फ्रें ने उनसे पूछा था कि उन्हें कैसा लग रहा है कि पैलेस उन्हें "अपना सच बताते हुए" सुन रहा है.
मार्केल ने कहा, "अगर ये कुछ चीज़ों को खोने के बारे में है...तो काफ़ी कुछ पहले ही खो चुका है."
ये इंटरव्यू अमेरिका में रविवार को प्रसारित किया जाएगा.
बकिंघम पैलेस मेगन द्वारा पैलेस के स्टाफ़ को बुली (परेशान) किए जाने के कथित आरोपों की जाँच कर रहा है.
इन आरोपों से जुड़ी जानकारी इंटरव्यू रिकॉर्ड किए जाने के बाद सामने आई.
प्रिंस हैरी ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ के पोते हैं. वो और उनकी पत्नी मार्केल पिछले साल से शाही परिवार से अलग स्वतंत्र रूप से रह रहे हैं.
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कोरोना के मामले सामने आने के बाद पाकिस्तान प्रीमियर लीग क्रिकेट रद्द
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इमेज कैप्शन, साल 2020 में कराची किंग्स ने पाकिस्तान प्रीमियर लीग क्रिकेट की ट्रॉफ़ी जीती थी.
कोरोना वायरस संक्रमण के सात मामले सामने आने के बाद पाकिस्तान प्रीमियर लीग ट्वेन्टी-ट्वेन्टी क्रिकेट चैंपियनशिप को रद्द कर दिया गया है.
पाकिस्तान प्रीमियर लीग ट्वेन्टी-ट्वेन्टी चैंपियनशिप को रद्द करने के फ़ैसला आयोजकों और टीम के मालिकों से बात करने के बाद लिया गया है.
क्वेटा ग्लैडिएटर्स की तरफ से खेलने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज़ टॉम बैन्टन ने कहा है कि उनकी "तबीयत ठीक है". मंगलवार को बैंन्टन कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा है कि "हिस्सा लेनेवाले सभी लोगों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा उनके लिए बेहद ज़रूरी है."
बोर्ड ने कहा, "हमारी ध्यान इस बात पर है कि कैसे सभी खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से यहां से वापिस पहुंचाया जाए." बोर्ड ने ये भी कहा है कि वो सभी खिलाड़ियों के लिए कोरोना टेस्ट करवाने, वैक्सीन और संक्रमित खिलाड़ियों को आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था कर रहा है.
इस लीग चैंपियनशिप में छह टीमें हिस्सा लेती हैं. इस साल पाकिस्तान प्रीमियर लीग 20 फरवरी को शुरू हुआ था.
बीते साल मार्च में कोरोना महामारी के कारण मैचों को प्ले-ऑफ़ स्टेज पर निलंबित कर दिया गया था. बाद में ये मैच नवंबर में खेले गए थे.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर, बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से
म्यांमार तख़्तापलट: विरोध प्रदर्शनों में 19 साल की लड़की की मौत, श्रद्धांजलि देने उमड़े हज़ारों
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म्यांमार के शहर मांडले में सैन्य शासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारी गए 19 साल की महिला क्याल सिन के जनाज़े में हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए. बुधवार को गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी.
क्याल सिन को एंजल यानी परी के नाम से पुकारा जा रहा है. विरोध प्रदर्शनों के दौरान वो एक टी-शर्ट पहने हुए थीं जिस पर लिखा था "सब कुछ ठीक हो जाएगा."
सोशल मीडिया पर भी लोग क्याल सिन को याद कर रहे हैं और उन्हें हीरो कह रहे हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार गुरुवार को क्याल सिन के जनाज़े में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए. लोगों ने वहां क्रांति के गीत गाए और सैन्य तख़्तापलट के विरोध में नारे लगाए.
विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से पहले क्याल को इस बात का अंदाज़ा था कि उनके साथ कुछ भी हो सकता है. उन्होंने फ़ेसबुक पर अपने ब्लड ग्रूप के बारे में जानकारी पोस्ट की थी और लिखा था कि अगर उन्हें कुछ हो जाए तो उनके अंग ज़रूरतमंदों को दान कर दिए जाएं.
बुधवार को विरोध प्रदर्शन में उनके साथ रही मिएत थू ने बताया कि प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग़े थे. इससे प्रभावित प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए क्याल ने पानी की एक पाइप उठा ली थी और मुंह धोने में वो लोगों की मदद करने लगीं.
वो कहती हैं, "इसी दौरान पुलिस ने गोली चला दी थी. तब उसने मुझे वहां से जाने को कहा था."
वो कहती हैं, "ये युद्ध नहीं था. लोगों पर गोलियां चलाने की कोई ज़रूरत नहीं थी."
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'ख़ूनी बुधवार' के बाद फिर सड़कों पर निकले प्रदर्शनकारी
इससे पहले बुधवार को देश में हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 38 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी. लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को देश के दो बड़े शहरों यंगून और मांडले में हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकले.
न्यूज़ वेबसाइट म्यांमार नाउ के अनुसार गुरुवार को मिनग्यान शहर में भी दसियों हज़ारों लोगों ने सैन्य तख़्तापलट का विरोध किया. यहां एक दिन पहले प्रदर्शनों के दौरान एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से मौत हो गई थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार मोन्यावा में पुलिस ने प्रदर्शनकारी पर आंसू गैस के गोलों और गोलियों का इस्तेमाल किया है.
मांडले के नागरिकों का कहना है कि गुरुवार को शहर के आसमान में पांच जेट विमानों को एक ख़ास आकार बनाकर बेहद नीचे उड़ान भरते हुए देखा गया.
बुधवार को यहां हुई मौतों के बाद संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को 'ख़ूनी बुधवार' कहा था. संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि ऐसा लगता है कि सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों के लिए असली गोलियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
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म्यांमार के लिए संयुक्त राष्ट्र के दूत क्रिस्टीन श्रैनर बर्गेनर ने कहा है कि देश में सैन्य शासन के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक पचास से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 54 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 1,700 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
बुधवार को एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में बर्गेनर ने कहा कि क़रीब 1,200 को हिरासत में लिया गया है और इनमें से कई लोगों के परिजनों को ये नहीं बताया गया है कि उन्हें कहा रखा गया है.
उन्होंने कहा कि म्यांमार की सेना के साथ हुई बातचीत में चेतावनी दी गई है कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश और सुरक्षा परिषद इसके ख़िलाफ़ 'कड़ा रुख़' अख़्तियार कर सकते हैं. उनका कहना है कि इसके उत्तर में सेना ने कहा था कि 'हमें प्रतिबंधों की आदत है, हम पहले भी प्रतिबंध झेल चुके हैं.'
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में म्यांमार को लेकर शुक्रवार को चर्चा होने वाली है.
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भारत-इंग्लैंड टेस्ट: अच्छे विकेट पर भी लड़खड़ाया इंग्लैंड
सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस मुहावरों-मुहावरों में कर रहे बात
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब उन्हीं के अंदाज़ में दिया है.
राहुल गांधी और कांग्रेस पर तंज़ कसते हुए उन्होंने दो ट्वीट किए और लिखा कि राहुल गांधी इन मुहावरों को देखें.
"पहला - सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को - आपातकाल में मीडिया की आज़ादी पर अंकुश लगाने वाली कांग्रेस का#Mediafreedomपे ज्ञान देना. दूसरा - ऊँगली पर गिने जा सकना -@INCIndiaकी मौजूदा स्तिथि और चुनाव में स्थिति, और तीसरा - रंगा सियार - सबसे सांप्रदायिक पार्टी सेकुलरिज्म का ढोंग करती; एक परिवार की पार्टी अब लोकतंत्र पढ़ा रही."
जावड़ेकर का इशारा हाल में दिए राहुल गांधी के बयान और कांग्रेस की सिमटती स्थिति की तरफ़ था.
इसी सप्ताह अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर और भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के साथ हुई ऑनलाइन बातचीत में राहुल गांधी ने कहा था कि वो मानते हैं कि "मुझे लगता है कि वह एक ग़लती थी. बिलकुल, वह एक गलती थी. और मेरी दादी (इंदिरा गांधी) ने भी ऐसा कहा था."
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इससे गुरुवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बीजेपी और केंद्र सरकार पर टिप्पणी की थी.
उन्होंने लिखा, "कुछ मुहावरे - पहला - उँगलियों पर नचाना - केंद्र सरकार इनकम टैक्स विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के साथ ये करती है. दूसरा - भीगी बिल्ली बनना- केंद्र सरकार के सामने मित्र मीडिया. तीसरा - खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे- जैसे केंद्र सरकार किसान-समर्थकों पर रेड कराती है."
इसी सप्ताह कुछ जाने-माने लोगों के घरों और दफ्तरों पर आयकर विभाग ने छापे मारे थे. इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने जो लिखा उसमें उन्होंने जिस हैशटैग का इस्तेमाल किया उसका आशय है मोदी सरकार में किसान समर्थकों के ख़िलाफ़ छापे मारे गए हैं.
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केरल में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होेंगे ई श्रीधरन
केरल के बीजेपी प्रमुख के सुरेंद्रन ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री के पद के लिए पार्टी का चेहरा ई श्रीधरन पार्टी होंगे.
89 साल के ई. श्रीधरन को 'मेट्रो मैन' के नाम से जाना जाता है. वो इसी साल पार्टी में शामिल हुए हैं. उनके पार्टी में शामिल होने के बाद से ये क़यास लगाए जा रहे थे कि वो पार्टी की तरफ़ से मुख्यमंत्री के पद के उम्मीदवार होंगे.
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ब्रेकिंग न्यूज़, म्यांमार से भागकर सीमा पार कर भारत आए तीन पुलिसकर्मी
एक भारतीय पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया है कि म्यांमार में जारी हिंसा के बीच वहां के तीन पुलिसकर्मी सैन्य शासन की बात मानने की बजाय शरण लेने के इरादे से भारत-म्यांमार सीमा पार कर मिज़ोरम आ गए हैं.
मिज़ोरम के सेरछिप ज़िले के पुलिस अधीक्षक स्टीफन लालरिनाव्मा के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने लिखा है कि बुधवार दोपहर को ये तीनों सीमा पार कर सेरछिप ज़िले के उत्तर में वनलाईफाई शहर आ गए. फ़िलहाल स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी इनकी जाँच कर रहे हैं.
लालरिनाव्मा ने कहा, “उन्होंने बताया है कि उन्हें देश के सैन्य शासन से जो आदेश मिले थे उनका वो पालन नहीं कर सकते थे इसलिए उन्होंने वहां से भागने का फ़ैसला किया. वहां फ़िलहाल सेना ने तख्तापलट कर दिया है और इसलिए ये भारत में शरण लेना चाहते हैं.”
भारत और म्यांमार के बीच 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा है.
म्यांमार में एक फ़रवरी को सेना ने तख्तापलट कर चुनी हुई सरकार को अपदस्थ कर दिया था और आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया था. सेना ने बीते साल नवंबर में हुए चुनावों में धांधली होने का आरोप लगाया है. इन चुनावों में आंग सान सू ची की पार्टी ने बहुमत हासिल किया था.
भारत ने पहले ही म्यांमार से पलायन करके आए अल्पसंख्यक चिन समुदाय और रोहिंग्या समुदाय के लोगों को शरण दी है.
बुधवार को यहां हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 38 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने इसे 'ख़ूनी बुधवार' कहा था. संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि ऐसा लगता है कि सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों के लिए असली गोलियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में म्यांमार को लेकर शुक्रवार को चर्चा होने वाली है.
दिल्ली की गर्मी में भी बॉर्डर पर डटे रहेंगे किसान, संगठन कर रहे पूरी तैयारी
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दिल्ली की सीमाओं पर नवंबर से डटे हुए किसानों ने कड़कड़ाती ठण्ड झेलने के बाद अब गर्मियों की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं.
ये किसान केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं.
किसानों का कहना है कि जब तक सरकार कृषि क़ानून वापिस नहीं लेगी, वो वापिस नहीं जायेंगे.
इस बीच, मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों ने प्रदर्शनस्थलों पर पंखे, मच्छरदानियाँ, फ़्रिज और अन्य सामान लाने शुरू कर दिये हैं.
प्रदर्शन में शामिल होने अमृतसर से दिल्ली के लिए निकले किसानों ने अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियों में मच्छरदानियाँ बांधी हुई हैं और मच्छर मारने की इलेक्ट्रिक मशीनें भी लगा रखी हैं.
किसान मज़दूर संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सर्वन सिंह पंधेर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि "दिल्ली की गर्मी को देखते हुए जो जत्था वहाँ से चला है वो पूरी तैयारी के साथ निकला है. पहले हमने ठण्ड से बचने के लिए ट्रैक्टर की ट्रॉली पर तारपोलीन चढ़ाई थी, अब उसे हटाकर मच्छरों से बचने के लिए जाली चढ़ाई है."
टिकरी बॉर्डर पर किसानों ने गर्मी से बचने के लिए एक फ़्रिज भी लगा लिया है और पानी की भी व्यवस्था की है.
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दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित गाज़ीपुर बॉर्डर में किसानों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार जब तक किसानों क बात नहीं मानेगी, किसान वापस नहीं जाएंगे.
उन्होंने कहा कि "सरकार से बातचीत की गुंजाइश नहीं है, किसानों ने लंबी तैयारी की है."
किसानों और सरकार के बीच अब तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है जो बेनतीजा रही.
झारखंडः बारूदी सुरंग के विस्फोट में तीन जवानों की मौत, दो घायल
आनंद दत्ता
राँची से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
इमेज स्रोत, आनंद दत्ता
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में
नक्सलियों ने बारूदी सुरंग से विस्फोट किया है.
डीजीपी नीरज सिन्हा के मुताबिक़, इस घटना में पुलिस के तीन जवानों की मौत हो गई है और दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
घायलों को इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से राँची लाया गया है. उनका
इलाज राँची स्थित मेडिका हॉस्पिटल में चल रहा है. सभी जवान झारखंड जगुआर के एसॉल्ट
ग्रुप-11 के हैं.
एडीजी ऑपरेशन नवीन सिंह ने बताया कि यह घटना सुबह 8.45 बजे घटी. यह विस्फोट चक्रधरपुर से सटे टोकलो थाना
के होयाहातू गाँव के लांजी जंगल में हुआ.
मरनेवाले जवानों में कांस्टेबल हार्डवर
शाह (पलामू), कांस्टेबल किरण सुरीन (सिमडेगा) और हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार पंडित
(गोड्डा) शामिल हैं.
वहीं घायलों में कांस्टेबल दीप टोपनो (खूंटी) और कांस्टेबल निक्कू उरांव (लातेहार) शामिल हैं.
डीजीपी नीरज सिन्हा ने बताया कि बीते
पाँच दिनों से सीआरपीएफ़ और झारखंड जगुआर की एक टीम लांजी पहाड़ पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन
कर रही है. एक अतिरिक्त टीम उनकी मदद करने जा रही थी. ये घायल और शहीद हुए जवान उसी अतिरिक्त टीम का हिस्सा थे.
म्यांमार: सेना के ख़िलाफ़ फिर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
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म्यांमार में बुधवार को एक दिन में 38 प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद गुरुवार को एक बार फिर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकल आए हैं.
देश के सबसे बड़े शहर यंगून में प्रदर्शनकरियों ने टायरों, कांटीले तारों के बैरीकेड्स बनाए. यहां से मिल रही ख़बरों के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दाग़े हैं और गोलियां चलाई हैं. हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं मिली है.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है यंगून के अलावा केंद्रीय शहर मोन्यावा में भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई हैं. वहीं मीडिया में आ रही रिपोर्टों के अनुसार यंगून के पश्चिम में मौजूद पाथेन शहर में भी पुलिस ने गोलियां चलाई हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता माउंग शाउंगका ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया “हमें पता है कि हमें गोली लग सकती है और हम मर सकते हैं. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हम सैन्य शासन को स्वीकार कर लें.”
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बुधवार को यहां हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 38 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने इसे 'ख़ूनी बुधवार' कहा था. संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि ऐसा लगता है कि सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों के लिए असली गोलियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में म्यांमार को लेकर कर शुक्रवार को चर्चा होने वाली है.
म्यांमार मे एक फरवरी को सेना ने तख्तापलट कर चुनी हुई सरकार को अपदस्थ कर दिया था और आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया था. सेना ने बीते साल नवंबर में हुए चुनावों में धांधली होने का आरोप लगाया है. इन चुनावों में आंग सान सू ची की पार्टी ने बहुमत हासिल किया था.
ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में 24 राज्यों में कोरोना के कारण कोई मौत नहीं
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 'बीते 24 घंटे में देश के चौबीस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना संक्रमण के कारण मौत का एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है.'
मंत्रालय के अनुसार मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, असम, लक्षद्वीप, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पुदुचेरी, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, जम्मू कश्मीर, लद्दाख गोवा, दमन और दीव, दादरा नगर हवेली में बीते चौबीस घंटों में कोरोना के कारण कौई मौत नहीं हुई है.
हालांकि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक में अभी भी कोरोना वायरस का कहर जारी है. बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 17,407 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से 85.51 फीसदी इन राज्यों में हैं.
वहीं ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ील से आए कोरोना वायरस वेरिएंट के देश में अब केवल 242 मामले बचे हैं.
पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग ने पेट्रोल पंपों पर पीएम की तस्वीर वाले पोस्टर हटाने का दिया आदेश
इमेज स्रोत, DDNews
चुनाव आयोग ने पेट्रोल पंप डीलरों से कहा कि वो पेट्रोल पंप के परिसर में केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने वाले ऐसे सभी पोस्टर्स हटाएं जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है.
आयोग के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र बुधवार देर शाम चुनाव ने सभी पेट्रोल पंप मालिकों से कहा गया है कि वो 72 घंटों के भीतर केंद्र सरकार की योजनाओं वाले सभी वो विज्ञापन हटाएं जिन पर पीएम की तस्वीर है.
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी का कहना है कि राज्य में चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद 26 फरवरी से ही आचार संहिता लागू हो गई है और इस तरह के होर्डिंग आचार संहिता का उल्लंघन हैं.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव अधिकारियों से मुलाक़ात कर कहा था कि सरकार की योजनाओं की जानकारी देने वाले होर्डिंग्स में पीएम की तस्वीर का इस्तेमाल आचार संहिता का उल्लंघन है.
प्रतिनिधिमंडल का ये भी कहना था कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कोरोना टीकाकरण के सर्टिफिकेट में पीएम की तस्वीर का इस्तेमाल भी आचार संहिता का उल्लंघन है.
पाँच साल पहले से कर रहे हैं तैयारी, 200 सीटें तो ज़रूर जीतेंगे: दिलीप घोष
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बीजेपी के पश्चिम बंगाल प्रमुख दिलीप घोष ने कहा है कि 'राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी आज से नहीं बल्कि पांच साल पहले से तैयारी कर रही है.'
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि राज्य में बीजेपी 200 सीटें तो ज़रूर जीतेगी.
उन्होंने कहा कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल में जीत का झंडा लहराने की कोशिशें काफी पहले शुरू कर दी थीं और '2019 में हाफ़ (आधा) और 2020 में साफ़' का मंत्र लेकर चरणबद्ध तरीके से चल रही है और इसके नतीजे लोकसभा चुनावों में देखने को मिला था. विधानसभा चुनावों में पार्टी 200 से ज़्यादा सीटें जीतेगी.
विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र आज दिल्ली में बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिती की एक अहम बैठक होने वाली है. माना जा रहा है कि पार्टी के कई अहम नेता इस बैठक में शामिल हो सकते हैं.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक कराए जाने हैं. मतों की गिनती 2 मई को होगी.