भारत ने एक और वैक्सीन को दी आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी -आज की बड़ी ख़बरें

पाकिस्तान सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा लगाये गए 'अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन के आरोपों' को सिरे से ख़ारिज किया है.

लाइव कवरेज

  1. भारत ने एक और वैक्सीन को दी आपात मंज़ूरी

    कोवाक्सिन

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    भारत में कोरोनावायरस के लिए दूसरी वैक्सीन को भी आपात इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी दे दी गई है. शुक्रवार को भारत सरकार के विशेषज्ञों के पैनल ने ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राज़ेनेका कंपनी की वैक्सीन को मंज़ूरी दी थी.

    अब भारतीय कंपनी भारत बायोटेक की वैक्सीन को भी आपात इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी दे दी गई है. हालांकि दोनों ही वैक्सीन को अभी अंतिम अनुमति मिलना बाकी है.

    भारतीय कंपनी भरत बायोटेक की वैक्सीन कोवाक्सीन पर कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए हैं और इसके बारे में अधिक डाटा मांगा है.

    भारत इस साल जून तक तीस करोड़ लोगों को टीका लगाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए शनिवा ड्राइ रन भी किया गया था.

    इस रिहर्सल में दसियों हज़ार स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए थे.

    वहीं वैक्सीन लगाने की रेस में इसराइल सबसे आगे चल रहा है. इसराइल में 12 प्रतिशत से अधिक आबादी को कोरोनावायरस का टीका लगाया जा चुका है.

  2. पाकिस्तान ने कहा, 'भारत ख़ुद को संभाले, हमें नसीहतें ना दे'

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    पाकिस्तान सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा लगाये गये 'अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन के आरोपों' को सिरे से ख़ारिज किया है.

    शनिवार को एक बयान जारी कर पाकिस्तान सरकार ने कहा कि ‘भारत जो ख़ुद अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना नहीं जानता, वो हमें किस मुँह से सीख दे रहा है.’

    पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि ‘भारत सरकार बार-बार ऐसी कोशिशें करती रहती है.’

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान में हिन्दुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी. पाकिस्तान में ख़ैबर पख़्तूनख्वाँ क्षेत्र के करक ज़िले के एक हिन्दू मंदिर में हुई तोड़फोड़ के बाद भारत ने बयान जारी किया था.

    इसके जवाब में पाकिस्तान सरकार ने अब कहा है कि सीएए, एनआरसी, 2002 के गुजरात दंगों से लेकर 2020 के दिल्ली दंगे, 1992 का बाबरी विध्वंस और फिर उस मामले में एकतरफ़ा निर्णय, गोरक्षा के नाम पर चुनिंदा लोगों की हत्या और ना जाने क्या-क्या, यह बताने के लिए काफ़ी है कि भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा कैसे होती है.

    पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि ‘भारत ऐसी स्थिति में है कि वो हमें नसीहत नहीं दे सकता.’

  3. अखिलेश यादव के 'बीजेपी की वैक्सीन' वाले बयान पर भाजपा ने क्या कहा?

    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की टिप्पणी को बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है.

    अखिलेश यादव ने शनिवार सुबह एक प्रेस वार्ता में कहा कि ‘वे बीजेपी की वैक्सीन नहीं लेंगे.’

    इस पर बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आयी.

    बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने कहा, “अखिलेश यादव का यह बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. इसकी निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि वे टीकाकरण नहीं करायेंगे क्योंकि यह बीजेपी की वैक्सीन है. यहाँ ज़्यादा खेदजनक बात यह है कि एक युवा नेता होते हुए उन्होंने ऐसा कहा. हैरानी की बात है कि वे राजनीति और कोविड वैक्सीन को अलग नहीं रख पाये. यह दिखाती है कि वे राजनीति के ऊपर सोच ही नहीं पाते.”

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    अखिलेश यादव ने कहा था, “मैं तो नहीं लगवाऊंगा ये वैक्सीन... मैंने अपनी बात कह दी. बीजेपी लगाएगी वैक्सीन, तो उसका भरोसा करूंगा मैं? अरे जाओ भाई. अपनी सरकार आयेगी, तो सबको फ़्री वैक्सीन लगेगी. हम बीजेपी का वैक्सीन नहीं लगवा सकते.”

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    अखिलेश के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने भी टिप्पणी की है.

    उन्होंने कहा, “किसी और का तो मैं कह नहीं सकता, लेकिन जब मेरा नंबर आयेगा, तो मैं ख़ुशी-ख़ुशी कमीज़ ऊपर चढ़ाकर कोविड वैक्सीन लगवाऊंगा. इस वायरस ने कितनी उथल-पुथल की है और अगर एक वैक्सीन से चीज़ें सामान्य हो सकती हैं, तो मैं इसके लिए तैयार हूँ. जितने ज़्यादा से ज़्यादा लोग वैक्सीन लगवाएंगे, देश को उतनी जल्दी राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा. कोई वैक्सीन किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं होती, बल्कि टीके इंसानियत की हिफ़ाज़त के लिए होते हैं.”

  4. कोविशील्ड के बाद, भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' के आपातकालीन इस्तेमाल की सिफ़ारिश

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    समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि डीसीजीआई की विशेषज्ञ समिति ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन – कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश की है.

    कोवैक्सीन दूसरी कोरोना वैक्सीन होगी जिसके इस्तेमाल की सिफ़ारिश विशेषज्ञ समिति ने की है.

    कोवैक्सीन एक देसी कोरोना वैक्सीन है जिसे दवा कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी के साथ मिलकर तैयार किया है.

    हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड कोवैक्सीन से पहले पोलियो, रोटा वायरस और ज़ीका वायरस का टीका विकसित कर चुकी है.

  5. भारत में एस्ट्राजेनेका और कोविशील्ड वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी

    वीडियो कैप्शन, भारत में कोरोना की चार वैक्सीन तैयार: जावड़ेकर

    भारत ने कोरोना की वैक्सीन एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोविशील्ड को मंज़ूरी दे दी है.

    केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को इसकी जानकारी दी.

    उन्होंने बताया कि डीसीजीआई की विशेषज्ञ समिति ने इन वैक्सीन को मंज़ूरी दी है.

    एस्ट्राजेनेका और कोविशील्ड पहली कोरोना वैक्सीन है जिसे भारत में इस्तेमाल की मंज़ूरी मिली है.

    जावड़ेकर ने शनिवार को बताया कि कम से कम तीन और वैक्सीन भारत में इस्तेमाल की अनुमति मिलने का इंतज़ार कर रही हैं.

  6. कोरोना वैक्सीन क्या भारत में लोगों को फ्री मिलेगी?

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वैक्सीन क्या भारत में लोगों को फ्री मिलेगी?

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन देशभर में फ्री दी जाएगी.

    डॉ. हर्षवर्धन कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन का निरीक्षण करने जीटीबी अस्पताल पहुंचे थे. 2 जनवरी को सभी राज्यों में वैक्सीन के ड्राई रन की प्रक्रिया रखी गई है.

    कोरोना वैक्सीन का ड्राई देश के 116 ज़िलों में 259 जगहों पर होना है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोग वैक्सीन को लेकर किसी भी अफ़वाह पर ध्यान न दें.

  7. बीबीसी इंडिया बोल, 02 जनवरी 2021, नए साल का पहला इंडिया बोल कुछ ख़ास है क्योंकि इसमें किसी राजनीतिक मसले पर चर्चा नहीं बल्कि सिर्फ़ हमारी-आपकी बातें होंगी. सुनिए, संदीप सोनी के साथ.

  8. मोहन भागवत बोले- हिंदू को देशभक्त होना ही पड़ेगा

    वीडियो कैप्शन, मोहन भागवत बोले- हिंदू को देशभक्त होना ही पड़ेगा

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हिंदुओं को देशभक्त होना ही पड़ेगा.

    उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति हिंदू है तो उसमें देशभक्ति का भाव होगा ही लेकिन कई बार उनकी इस भावना को जगाने के लिए थोड़ा प्रयास करना पड़ता है.

    आरएसएस प्रमुख ने एक किताब के विमोचन के मौके पर यह कहा.

  9. हैप्पी न्यू ईयर 2021: नए साल के स्वागत का अनोखा अंदाज़

    वीडियो कैप्शन, हैप्पी न्यू ईयर 2021: नए साल के स्वागत का अनोखा अंदाज़

    स्कॉटिश हाइलैंड्स के ऊपर ये बेहतरीन नज़ारा नए साल पर देखने को मिला.

    ये चमकदार स्टैग आसमान में ड्रोन के ज़रिए बनाया गया है. स्पैन ब्रिज के सुदूर इलाके से इसे लॉन्च किया गया.

  10. अमेरिका के एक 'आदमख़ोर' पुलिसवाले की कहानी

    वीडियो कैप्शन, अमेरिका के एक 'आदमख़ोर' पुलिसवाले की कहानी

    जब से इंटरनेट हमारे घरों में दाख़िल हुआ है, एक छोटी सी बात कई घरों में बहुत से परिवारों के साथ हो रही है. कैथलीन मैंगन वैल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उनके पति इंटरनेट पर वक़्त गुज़ारा करते थे और ये बात कैथलीन को कहीं खटक रही थी.

    एक रोज़ कैथलीन का कम्प्यूटर ख़राब हो गया तो वो अपने पति का सिस्टम इस्तेमाल करने लगीं. कैथलीन को लगता था कि उनके पति का किसी दूसरी औरत के साथ चक्कर चल रहा है.

    अपने इस शक को दूर करने के लिए कैथलीन ने अपने पति के कम्प्यूटर में एक ऐसा सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल कर दिया जिससे वे उन पर नज़र रख सकती थीं.

    लेकिन इस जासूसी की वजह से जो बात उनके सामने आने वाली थी, इसका उन्हें दूर-दूर तक अंदाज़ा नहीं था.

  11. तनाव की अटकलों के बीच पुतिन ने भारत पर क्या कहा?

    वीडियो कैप्शन, तनाव की अटकलों के बीच पुतिन ने भारत पर क्या कहा?

    वैश्विक पटल पर आए बदलावों के बीच यह बात काफ़ी ज़ोर-शोर से कही जा रही है कि रूस और भारत के रिश्तों में दूरियाँ आई हैं.

    रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लवरोफ़ ने दिसंबर महीने की शुरुआत में क्वॉड गुट पर सख़्त टिप्पणी करते हुए भारत को चीन के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों की 'लगातार, आक्रामक और छलपूर्ण' नीति में एक मोहरा बताया था.

    सर्गेइ लवरोफ़ ने कहा था, "पश्चिम एकध्रुवीय विश्व बहाल करना चाहता है. मगर रूस और चीन से उसका मातहत होने की संभावना कम है. लेकिन, भारत अभी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तथाकथित क्वॉड जैसी पश्चिमी देशों की चीन-विरोधी नीति का एक मोहरा बना हुआ है."

    रूसी मंत्री ने ये भी कहा कि पश्चिमी मुल्क भारत के साथ रूस के करीबी संबंध को भी कमज़ोर करना चाहते हैं.

  12. 'चीन के जलक्षेत्र में फंसे 39 भारतीयों की मदद करें विदेश मंत्री'

    एस जयशंकर

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    बहुजन विकास अघाड़ी के विधायक क्षितिज ठाकुर ने भारत के विदेश मंत्री से चीनी जलक्षेत्र में फंसे 39 भारतीयों की मदद करने का आग्रह किया है. पिछले कई महीनों से ये भारतीय दो कार्गो जहाजों पर चीनी जलक्षेत्र में फंसे हुए हैं. इनमें से ज्यादातर महाराष्ट्र के रहने वाले हैं.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में विधायक क्षितिज ठाकुर ने कहा है कि एमवी जग आनंद और एमवी एनैस्टेसिया नाम के दो जहाजों के क्रू मेंबर में से कुछ पालघर जिले के वसाई तालुका से हैं.

    उन्होंने लिखा है कि जहाज पर फंसे भारतीय क्रू मेंबर अब हताश हो रहे हैं और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है.

    उन्होंने पत्र में लिखा है, “मैं आपसे इस मामले में कृपया तत्काल दखल दे जहाज पर फंसे भारतीयों की मदद करने का अनुरोध करता हूँ. ताकि वो अपने परिवार वालों और प्रियजनों के पास लौट सके.”

    कोरोना वायरस को लेकर लगी पाबंदियों की वजह से चीनी अधिकारियों ने इन दोनों ही जहाजों को ना ही जाने दिया है और ना ही क्रू मेंबर्स को महीनों से बदलने की इजाज़त दी है.

    एमवी जग आनंद में 23 भारतीय नाविक सवार हैं और वो हुवेई प्रांत में जिंगतांग बंदरगाह के पास 13 जून से खड़ा है तो वहीं एमवी एनैस्टेसिया पर 16 भारतीय नाविक सवार हैं और वो 20 सितंबर से कैफोडियन बंदरगाह के पास खड़ा है.

  13. दिल्ली बॉर्डर पर रामपुर के किसान ने की आत्महत्या

    कश्मीर सिंह

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    यूपी-दिल्ली के ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर शनिवार को एक किसान ने आत्महत्या कर ली.

    पत्रकार समीरात्मज मिश्र ने बताया कि साठ वर्षीय कश्मीर सिंह रामपुर के बिलासपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे और पिछले कई दिन से ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ धरना दे रहे थे.

    इससे पहले, इसी जगह शुक्रवार को एक किसान की ठंड लगने से मौत हो गई थी.

    बताया जा रहा है कि किसान कश्मीर सिंह ने शनिवार सुबह नगर निगम की ओर से धरना स्थल पर लगाए गए मोबाइल शौचालय में आत्महत्या कर ली. कश्मीर सिंह ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ रखा है जिसमें उन्होंने धरना स्थल पर ही अंतिम संस्कार करने और किसानों से उनके बलिदान को बेकार न जाने देने की अपील की है.

    कश्मीर सिंह ने अपनी आत्महत्या के लिए सरकार को ज़िम्मेदार बताते हुए लिखा है कि आख़िर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे.

    घटना के बाद मृतक किसान का शव पोस्टमार्टम के लिए रामपुर के ज़िला अस्पताल ले जाया गया जहां बड़ी संख्या में किसान और किसान नेता मौजूद हैं.

    इससे पहले ग़ाज़ीपुर सीमा पर ही शुक्रवार को एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. बाग़पत ज़िले के भगवानपुर नांगल गांव के निवासी 57 वर्षीय मोहर सिंह को धरनास्थल पर ही दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

  14. सौरव गांगुली को 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रहना होगा, अभी स्थिति बेहतर

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    सौरव गांगुली कोलकाता के वुडलेंड्स अस्पताल में भर्ती हैं. सीने में दर्द की शिक़ायत के बाद उन्हें शनिवार सुबह अस्पताल जाना पड़ा था.

    अस्पताल के डॉक्टर आफ़ताब ख़ान ने प्रेस से बातचीत में कहा है कि “गांगुली की स्थिति अब बेहतर है. उनकी एनजियोप्लास्टी हो चुकी है. 24 घंटे उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रहने की सलाह दी गई है.”

    डॉक्टर आफ़ताब ने बताया कि “सौरव गांगुली अब होश में हैं. उनके हार्ट में दो जगह ब्लॉकेज थी. यानी धमनियों में दो जगह रुकावट थी जिसकी वजह से उन्हें दिल का दौरा पड़ा. इसके लिए उन्हें इलाज कराना होगा.”

  15. भारत अकेला देश जहाँ चार कोरोना वैक्सीन मंज़ूरी के लिए तैयार: जावड़ेकर

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    केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि शुक्रवार को डीसीजीआई की विशेषज्ञ समिति ने एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की जिस वैक्सीन (कोविशील्ड) के आपातकालीन इस्तेमाल की सिफ़ारिश की थी, उसे मंज़ूरी दे दी गई है.

    एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोविशील्ड पहली कोरोना वैक्सीन है जिसे भारत में इस्तेमाल की मंज़ूरी मिली है.

    अमेरिका के बाद भारत में ही कोरोना संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किये गए हैं.

    जावड़ेकर ने शनिवार को बताया कि कम से कम तीन और वैक्सीन भारत में इस्तेमाल की अनुमति मिलने का इंतज़ार कर रही हैं.

    उन्होंने कहा, “भारत शायद अकेला देश है जहाँ चार वैक्सीन तैयार हो रही हैं. इनमें से एक वैक्सीन (कोविशील्ड) को कल (शुक्रवार) आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी मिली.”

    इस वैक्सीन का उत्पादन पुणे का सीरम इस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया कर रहा है.

  16. हम बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवा सकते: अखिलेश यादव

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    समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘वे कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे.’

    शनिवार को प्रेस से बात करते हुए अखिलेश ने कहा, “मैं तो नहीं लगवाऊंगा ये वैक्सीन... मैंने अपनी बात कह दी. बीजेपी लगाएगी वैक्सीन, तो उसका भरोसा करूंगा मैं? अरे जाओ भाई. अपनी सरकार आयेगी, तो सबको फ़्री वैक्सीन लगेगी. हम बीजेपी का वैक्सीन नहीं लगवा सकते.”

    उम्मीद की जा रही है कि डीसीजीआई से अनुमति मिलने के बाद भारत सरकार कोरोना वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम लॉन्च करेगी.

    डीसीजीआई की विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को ‘कोविशील्ड’ नामक वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की सिफ़ारिश की थी. इस वैक्सीन के उत्पादन की ज़िम्मेदारी पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के पास है जिसे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है.

  17. भारत में कोविड-19 के नए वैरिएंट के मामले 29 हुए

    कोरोना

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    भारत में अब तक कोविड-19 के नए वैरिएंट के 29 मामले सामने आ चुके हैं. कोविड-19 का यह नया वैरिएंट पिछले पांच दिनों में ब्रिटेन और दूसरे देशों में तेज़ी से फैला है.

    पांच दिनों पहले ब्रिटेन में कोविड-19 का नया वैरिएंट सार्स-कोवी-2-B.1.1.7 के संक्रमण का पहला मामला सामने आया था. कोरोना वायरस का यह वैरिएंट कहीं अधिक संक्रामक है. नए वैरिएंट के मिलने के बाद से पिछले 38 दिनों में ब्रिटेन की यात्रा करने वाले यात्रियों की कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग शुरू की जा चुकी है.

    25 नवंबर से लेकर 23 दिसंबर, 2020 के बीच कई भारतीय एयरपोर्ट्स पर ब्रिटेन से 33,000 यात्री पहुँचे हैं. इन सभी यात्रियों की ट्रैकिंग की जा रही है. इन सभी के कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जा रहा है.

    डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान, और सिंगापुर जैसे देशों में अब तक कोरोना के नए वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं.

    भारत में आए नए वैरिएंट के पहले मामले

    भारत में मंगलवार को इस वैरिएंट के पहले छह मामले सामने आए. ब्रिटेन की यात्रा कर लौटे छह यात्रियों में संक्रमण के ये मामले पाए गए थे. इसके बाद सरकार ने ऐहतियात भरे कदम उठाने शुरू किए और सह-यात्रियों की प्रमुखता से कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग शुरू की.

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज हॉस्पिटल, (बंगलुरु) में तीन सैम्पलों, सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉल्यूकलर बॉयोलॉजी, (हैदराबाद) में दो सैम्पलों और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी, (पुणे) में एक सैम्पल में ब्रिटेन में मिले इस नए वैरिएंट पाए गए हैं.

    बुधवार को मिले संक्रमण के 14 मामले

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 14 और मामले इस नए वैरिएंट के संक्रमण के मिले हैं. इसमें से चार संक्रमण के मामले दिल्ली में पाए गए हैं.

    14 नए मामलों में से आठ का पता दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल में जांच हुए सैम्पल में लगा तो चार का इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज हॉस्पिटल, (बंगलुरु) में पता चला.

    संक्रमण के एक मामले की जांच इंस्टीट्यूट ऑफ़ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली में हुई तो एक और अन्य मामले के बारे में पश्चिम बंगाल के कल्याणी में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ जिनोमिक्स में पता चला.

    गुरुवार को कुल मामले 25 हुए

    स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक गुरुवार को पांच और नए वैरिएंट के संक्रमण के मामले सामने आए. इस तरह के संक्रमण की कुल संख्या 25 हो गई.

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पांच नए मामलों में से चार का पता नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी, (पुणे) और एक का सीएसआईआर- इंस्टीट्यूट ऑफ़ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बॉयोलॉजी में चला. संक्रमितों को राज्य सरकार की ओर से किए गए बंदोबस्त के तहत आइसोलेशन में रखा गया.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार को इस नए वैरिएंट के चार नए संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अब कुल संख्या इसकी 29 तक पहुँच गई है.

  18. दिल्ली में लोगों को मुफ़्त में मिलेगी कोरोना वैक्सीन: सत्येंद्र जैन

    कोरोना

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में लोगों को कोविड 19 वैक्सीन मुफ़्त में दी जाएगी.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शनिवार को लोगों से अनुरोध किया है कि वे अफ़वाहों पर ग़ौर न करें. शनिवार को पूरे देश में कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन किया जा रहा है.

    हर्षवर्धन ने कहा है, “लोगों से मेरी अपील है कि वे अफ़वाहों पर ग़ौर न करें. वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है. पोलियो उन्मूलन के दौरान भी अलग-अलग तरह की अफ़वाहें उड़ाई गई थीं, लेकिन लोगों ने वैक्सीन ली और आज देश पोलियो मुक्त है.”

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    सरकारी अस्पताल गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) हॉस्पिटल के दौरे के बाद हर्षवर्धन ने रिपोर्टरों से बात कर रहे थे. दिल्ली में जीटीबी उन जगहों में शामिल है जिन्हें टीकाकरण के ड्राई रन के लिए चुना गया है.

    उन्होंने कहा, “चार राज्यों में हुए ड्राई रन से मिले फीडबैक को टीकाकरण की गाइडलाइंस में शामिल किया गया था और पूरे देश में हो रहा आज का ड्राई रन इन्हीं नई गाइडलाइंस के तहत किया जा रहा है. असली वैक्सीन देने को छोड़कर इस ड्रिल में पूरी प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है.”

    28 और 29 दिसंबर को आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात और पंजाब में वैक्सीन का ड्राई रन किया गया था. शनिवार को हो रही पूरे दिन की गतिविधि में देश के सभी राज्यों की राजधानियों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है.

    दिल्ली में जीटीबी हॉस्पिटल के अलावा दो और साइट्स को इस ड्राई रन के लिए चुना गया है. इनमें से एक दरियागंज प्राइमरी हेल्थ सेंटर है और दूसरी साइट एक निजी अस्पताल वेंकटेश्वर हॉस्पिटल है.

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  19. जलवायु परिवर्तन के हिसाब से कैसा होगा साल 2021?

  20. नेपाल में विरोध-प्रदर्शन को लेकर बँट गया ओली विरोधी गुट

    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, पुष्प कमल दाहल और माधव कुमार नेपाल के गुट ने 25 दिसंबर को संसद भंग करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ निर्वाचन आयोग दफ़्तर की ओर मार्च किया था.

    नेपाल में संसद भंग करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ राजनीतिक पार्टियों के संयुक्त विरोध-प्रदर्शन की योजना लटक गई है.

    पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड और माधव नेपाल की अगुवाई वाले गुट के प्रस्ताव को नेपाली कांग्रेस ने ख़ारिज कर दिया.

    दहाल-नेपाल गुट ने गुरुवार एक संयुक्त विरोध का ऐलान करने की योजना बनाई थी. इसमें नेपाली कांग्रेस के अलावा जनता समाजवादी पार्टी शामिल थी.

    लेकिन, कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिलने के चलते इन्हें इस प्लान को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा.

    नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के एक सदस्य ने कहा, “नेपाली कांग्रेस ने हमारे साथ विरोध-प्रदर्शन में न जुड़ने का फैसला किया. ऐसे में अब हम एक अलग रणनीति अपनाने के बारे में सोच रहे हैं.”

    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, 26 दिसंबर को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फ़ैसले को लेकर इस तरह प्रधानमंत्री ओली और राष्ट्रपति बिद्या देवी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था.

    तीन मुख्य पार्टियां पहले ही संसद भंग करने के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर चुकी हैं.

    रविवार को जनता समाजवादी पार्टी, सोमवार को नेपाली कांग्रेस और मंगलवार को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दहाल-नेपाल गुट ने इसका विरोध किया था.

    सीनियर कांग्रेस लीडर मिनेंद्र रिजल ने काठमांडू पोस्ट को बताया, “इस तरह के प्रस्ताव थे कि एक संयुक्त विरोध किया जाए, लेकिन फ़िलहाल हम ऐसा कोई काम नहीं करने जा रहे हैं और यह पार्टी कमिटी का लिया गया फ़ैसला है.”

    नेपाली कांग्रेस इस मसले पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने को लेकर बड़े तौर पर बँटी हुई है.

    पार्टी के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा इसके ख़िलाफ़ हैं, जबकि वरिष्ठ नेता राम चंद्र पौडल सदन को दोबारा बहाल करने की मांग कर रहे हैं.

    नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्त काजी श्रेष्ठ ने कहा, “देउबा ने हमारे नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया और इस वजह से हम संयुक्त विरोध के लिए नेपाली कांग्रेस से चर्चा नहीं कर सके.”